टीम एबीएन, रांची। राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने पारसनाथ पर्वत-सम्मेद शिखरा पर उपजे विवाद पर मंगलवार को कहा कि कुछ लोग जबरन पारसनाथ पूजा स्थल को लेकर विवाद पैदा कर रहे हैं। पारसनाथ को लेकर आदिवासियों और जैनियों के बीच कोई विवाद नहीं है। पारसनाथ में सदियों से आदिवासी और जैन धर्म के लोग मिलजुलकर पूजा-पाठ करते आए हैं। कुछ लोग जबरदस्ती विवाद पैदा करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि कोई महाजुटान जैसी बात नहीं है। उन्होंने ओड़िशा के पूर्व सांसद सालखन मुर्मू को खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि झारखंड में केवल एक ही नेता हैं, शिबू सोरेन। अगर सालखन मुर्मू इतने बड़े नेता हैं, तो उन्हें ओड़िशा जाकर नेतागिरी करनी चाहिए। उन्हें ओड़िशा का मुख्यमंत्री, विधायक- सांसद बनना चाहिए। वे झारखंड में क्या कर रहे हैं। वहां पर स्थानीय विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने सभी पक्षों के साथ बैठक कर हल निकाल लिया है। वहाम आदिवासी और जैनी दोनों अपनी-अपनी मान्यता व रीति-रिवाज के साथ पूजा-पाठ करते रहेंगे। इसके बाद वहां विवाद कहां है।
टीम एबीएन, बड़कागांव (हजारीबाग)। बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद की फॉर्च्यूनर गाड़ी को बाइक सवार ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिसके कारण अंबा प्रसाद का वाहन क्षतिग्रस्त हो गया और अंबा प्रसाद को हल्की फुल्की चोट भी लगी। वहीं टक्कर मारने वाली युवक को भी हल्की फुल्की चोट लगी है। जानकारी के अनुसार बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद हजारीबाग की ओर से पतरातू जा रही थीं।
इसी दौरान बिना हेलमेट पहने अचानक एक बाइक विधायक के कार के आगे आ गया, जिसको बचाने के उद्देश्य से ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लिया। उसी दौरान पीछे से एक बाइक सवार तेजी से आ रहा था, जिसने पीछे से अंबा प्रसाद के वाहन को जोरदार टक्कर मार दी और विधायक की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी। विधायक ने बाइक सवार को इलाज के लिए नई सराय अस्पताल भेज दिया और वह अपने कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए पतरातू की ओर चली गईं।
घटना के संबंध में अंबा प्रसाद ने बताया कि एक बाइक सवार को बचाने के क्रम में ड्राइवर ने जैसे ही ब्रेक लिया वैसे ही तेजी से पीछे आ रहे बाइक सवार ने जोरदार टक्कर मार दी। हालांकि, पीछे से आ रहा बाइक सवार हेलमेट पहने हुए था, जिसके कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बिना हेलमेट के ना चलें और शहर में वाहनों की रफ्तार को काबू में रखें ताकि किसी तरह की कोई अप्रिय घटना ना घटे।
टीम एबीएन, रांची। कर्मचारी से कर्मयोगी की प्रधानमंत्री की अवधारणा को हमें अपनाना है। प्रशासनिक सेवा में अधिकारियों की कैपेसिटी बिल्डिंग जरूरी है, ताकि ज्यादा से ज्यादा आउटपुट मिले। मिशन कर्मयोगी के तहत कर्मचारियों को कर्मयोगी बनाने पर फोकस करना है। इसके लिये उन्हें कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन द्वारा विशेष प्रकार का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों के काम करने की शैली और प्रणाली में सुधार होगा। उक्त बातें मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह ने प्रोजेक्ट भवन में कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन के सहयोग से कार्मिक विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला में कहीं।
मिशन कर्मयोगी के जरिए कर्मचारी अपने परफॉर्मेंस में सुधार और अपनी क्षमता में कर पाएंगे इजाफा
कायार्शाला में कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन के सदस्य श्री आर बालासुब्रमण्यम ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से मिशन कर्मयोगी के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। इसकी कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण और प्रशिक्षण केन्द्र के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मिशन कर्मयोगी के जरिए कर्मचारी अपने परफॉर्मेंस में सुधार कर सकेंगे और अपनी क्षमता में इजाफा कर पायेंगे। भारतीय सिविल सेवा के अफसरों को भविष्य के लिए तैयार किया जायेगा। उन्हें इस लिहाज से तैयार किया जाएगा कि वे रचनात्मक, पेशेवर, प्रोग्रेसिव और पारदर्शी तरीके से काम कर सकें। कर्मचारियों के विकास के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन का गठन किया गया है। इससे ट्रेनिंग के स्टैंडर्ड में सुधार का प्रयास किया जायेगा। इसके माध्यम से सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों का स्किल डेवलपमेंट किया जायेगा। मिशन कर्मयोगी योजना के तहत कर्मचारियों को एक विशेष ट्रेनिंग दी जायेगी। इसके लिए उन्हें आवश्यक कंटेंट प्रदान किया जायेगा।
कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों ने अपने-अपने विचार रखें साथ ही इससे जुड़े सवाल-जवाब पर चर्चा की
कार्यशाला में ये भी रहे उपस्थित
कार्यशाला में कार्मिक विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती वंदना डाडेल, प्रधान सचिव श्रीमती हिमानी पाण्डेय, प्रधान सचिव श्रीमती अराधना पटनायक, प्रधान सचिव श्री के के सोन, सचिव श्री सुनील कुमार,सचिव श्री मनोज कुमार, सचिव श्री मनीष रंजन, सचिव श्री के रवि कुमार, सचिव श्री प्रशांत कुंमार, मनरेगा आयुक्त श्रीमती राजेश्वरी बी, विभिन्न विभागों के सचिव, संयुक्त सचिव, कार्मिक विभाग के संयुक्त सचिव श्री रंजीत कुमार लाल सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।
टीम एबीएन, कोडरमा। राज्यभर में कार्यरत कार्यालय स्टाफ, सफाईकर्मी, सुपरवाइजर, ड्राइवर सहित दस हजार नगर निकाय कर्मियों ने झारखंड सरकार के नगरीय प्रशासन के सेवा निदेशक आदित्य कुमार आनंद के द्वारा यूनियन के नेताओं से नहीं मिलने और निकाय कर्मियों के प्रति जनतंत्र विरोधी रवैया के खिलाफ और दैनिक वेतन कर्मियों को स्थाई करने, आउटसोर्सिंग ठेका व्यवस्था बंद करने, दुर्घटना बीमा का लाभ देने, सामाजिक सुरक्षा के तहत सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन देने आदि चार सूत्री मांगों के समर्थन में मंगलवार को एकदिवसीय हड़ताल पर रहे। जिसके कारण कोडरमा बाजार में सफाई नहीं हुई।
हड़ताल के समर्थन में नगर पंचायत कार्यालय कोडरमा के समक्ष झारखंड लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले धरना दिया गया। जिसकी अध्यक्षता सियाराम और संचालन पवन कुमार यादव ने किया। धरना को सम्बोधित करते हुए मजदूर नेता और सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि देश के मजदूर कर्मचारियों, किसानों और बेरोजगारों को तबाह करने का मोदी सरकार का जनविरोधी एजेंडा जारी है। भारी मुनाफा देने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के कल कारखानों, उद्यमों, प्रतिष्ठानों को अपनी चहेते पूंजीपतियों को बेचने, निजीकरण करने और हमारे देश के अर्थव्यवस्था की रीढ़ रेलवे, कोयला, इस्पात और फार्मा क्षेत्र की सरकारी कंपनियों, भेल, एचएएल, एलआईसी, बैंक, बीएसएनएल और एयर इंडिया जैसे प्रतिष्ठानों को बर्बाद करने पर तुली है।
आउटसोर्सिंग और ठेका प्रथा में मजदूरों का भविष्य सुरक्षित नहीं है। कई बार सरकार से निगम कर्मियों के मांगों को लेकर वार्ता की गई और लिखित समझौता होने के बाद भी निकाय कर्मियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। विगत कई वर्षों से नगर निगम कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन करते आ रहे हैं। इस दौरान सरकार के द्वारा कई बार कर्मचारियों की मांग को पूरा करने का आश्वासन भी दिया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कर्मचारी नेता दिनेश रविदास ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का आदेश है कि लगातार दस साल से अधिक काम करने वाले कर्मचारियों को नियमित किया जाए, उसके बाद भी राज्य सरकार के द्वारा इसे लागू नहीं किया जा रहा है। सफाई कर्मियों के साथ गुलामों के जैसा व्यवहार किया जा रहा है, छुट्टी के दिन भी काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। इसके खिलाफ आवाज उठाना होगा।
धरना में अनिल कुमार, कन्हैया कुमार, सन्नी कुमार, विक्की कुमार, बिनोद डोम, सुनील डोम, अवधेश डोम, राधेश्याम दास, तुलसी दास, बालदेव दास, दिलीप राम, सौरभ कुमार दास, मुरारी मनोहर यादव, अशोक भुइयां, रवि कुमार, टुनुवा देवी, मीना देवी, बबीता देवी, लीलो देवी, छोटन भुइयां, मुकेश कुमार, राजेश कुमार, दिनेश कुमार, हिरावन भुइयां, कौशल कुमार, सूर्यकांत रजक, मनीष कुमार, अमर कुमार, परमेश्वर यादव, दीपक कुमार रजक सहित दर्जनों निकाय कर्मचारी मौजूद थे।
टीम एबीएन, पटना। जगदंबी प्रसाद यादव स्मृति संस्थान और अंतरराष्ट्रीय हिंदी परिषद के तत्वावधान में विश्व हिंदी दिवस का आयोजन पूर्वी गांधी मैदान स्थित महेश भवन में किया गया। कार्यक्रम में विधान पार्षद समीर कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रुप में तथा वरिष्ठ साहित्यकार और पूर्व प्रशासनिक अधिकारी जियालाल आर्य, गोरे लाल यादव, वरिष्ठ साहित्यकार और नई धारा के संपादक डॉ शिवनारायण, संस्थान के अध्यक्ष और विश्व हिंदी दिवस के प्रस्तावक वीरेंद्र प्रसाद यादव, महासचिव डॉ अंशु माला, लोक गायिका नीतू नवगीत, बिहार राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी दिलीप कुमार आदि ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। लोक गायिका नीतू नवगीत ने हिंदी है भारत की बोली तो अपने आप पनपने दो गीत से कार्यक्रम का प्रारंभ किया। संस्थान का वार्षिक प्रतिवेदन महासचिव डॉ अंशुमाला ने प्रस्तुत किया।
विषय प्रवर्तन करते हुए संस्थान के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि हम हिंदी के बात करते हैं पर हिंदी में नहीं करते। हम हिंदी का विकल्प अंग्रेजी में ढूंढते हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने वर्ष 1936 में भारत के हिंदी तरह राज्यों में हिंदी के प्रचार प्रसार के उद्देश्य से अपनी कर्मस्थली वर्धा में राष्ट्रभाषा प्रचार समिति की स्थापना की थी। उनके प्रयासों से पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत में भी हिंदी को स्वीकार किया गया। उन्होंने कहा कि उनके ही मूल प्रस्ताव पर 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के रूप में स्वीकार किया गया और 2006 से पूरी दुनिया में विश्व हिंदी दिवस मनाया जा रहा है।
मुख्य अतिथि डॉ समीर कुमार सिंह ने कहा कि हिंदी सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व की भाषा है। फिजी, मॉरीशस, सुरीनाम, ब्रिटेन, रूस, चीन, नेपाल, पाकिस्तान सहित अनेक देशों में हिंदी बोलने वाले लोग हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी को पूरी दुनिया में सम्मान मिलना चाहिए। नई धारा के संपादक शिवनारायण ने कहा कि हिंदी भारोपीय परिवार की एक महत्वपूर्ण भाषा है। हिंदी के विस्तार के लिए हर भारतीय को प्रयास करना चाहिए। साहित्यकार और पूर्व प्रशासक जियालाल आर्य ने कहा कि भारत में सबसे अधिक लोग हिंदी भाषा का प्रयोग करते हैं। हिंदी ज्ञान विज्ञान के साथ रोजगार की भाषा भी है। वरिष्ठ साहित्यकार और पूर्व प्रशासक गोरे लाल यादव ने कहा कि हिंदी में उच्चतर शिक्षा का माध्यम बनने का स्वाभाविक गुण है। हिंदी को प्रशासन की भाषा मान ली गई है। इसे न्याय की भाषा के रूप में भी स्वीकार किया जाना चाहिए।
हिंदी दिवस पर संगोष्ठी के बाद विश्व हिंदी दिवस पर काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गया जिसका संचालन कलानेत्री पल्लवी विश्वास ने किया। कवि गोष्ठी में डॉ कासिम खुर्शीद, शहंशाह आलम, मधुरेश कांत शरण, सिद्धेश्वर, आनंद मिश्रा, अरुण सार्दुल, कल्याणी कुसुम प्रभात, कुमार धवन, डॉ आरती कुमारी, मासूमा खातून, चितरंजन भारती, डॉ नागेंद्र शर्मा, रत्ना पुरकायस्थ, डॉ नीलिमा सिंह, राज प्रिया रानी आदि ने अपनी कविताओं का पाठ किया।
टीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में एक विशेष सभा आयोजित करके बहुआयामी प्रतिभा के धनी विद्यार्थियों को सम्मानित व प्रोत्साहित किया गया। विद्यार्थियों ने अंतर विद्यालयी प्रतियोगिताओं के साथ-साथ राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त करके विद्यालय का नाम ऊंचा किया।
चिन्मय मिशन के तत्वावधान में आयोजित गीता पाठ प्रतियोगिता में भिन्न-भिन्न वर्गों में कक्षा अष्टम की अदिति ने प्रथम, कक्षा दशम के अक्षत ओझा ने द्वितीय एवं कक्षा पंचम के सूर्यांश ने तृतीय स्थान प्राप्त करके कीर्तिमान स्थापित किया। कक्षा दशम की अभीप्सा हाजरा ने 25वें चाइल्ड राइट कांग्रेस में उत्कृष्ट प्रदर्शन करके अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
डीएवी नेशनल स्पोर्ट्स में अंडर 19 बालिकाओं के लिए आयोजित खेलकूद प्रतियोगिताओं में आकांक्षा कुमारी ने ताइक्वांडो में रजत पदक पर, स्वाति मानसी तथा अनुरानी ने कराटे में कांस्य पदक पर, प्यारी निकिता कुजूर तथा सृष्टि नायक ने बॉक्सिंग में कांस्य पदक पर कब्जा जमाकर विद्यालय का नाम रोशन किया।
विद्यालय के प्राचार्य श्री संजय कुमार मिश्रा ने सभी प्रतिभाओं और उनके मार्गदर्शकों को बधाई और शुभकामनाएं संप्रेषित हुए कहा कि ऐसे विद्यार्थी विद्यालय ही नहीं देश के लिए भी कीमती रत्न के समान हैं। अभी बाल्यावस्था से ही उन्हें अपना लक्ष्य निर्धारित करके परिश्रम करते रहना चाहिए ताकि बड़े होकर वे नये कीर्तिमान स्थापित कर सकें। राष्ट्रगान के साथ सभा समाप्त हुई।
टीम एबीएन, चतरा/ रांची। चतरा पुलिस ने माओवादियों का बम प्लानर सह कुरियर लालू यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि लालू यादव की गिरफ्तारी कुंडा थाना क्षेत्र स्थित गेरे गांव स्थित उसके घर से की गयी है। एसडीपीओ अविनाश कुमार के नेतृत्व में गठित प्रतापपुर थाना पुलिस की स्पेशल टीम को यह सफ़लता मिली है।
उसने आठ वर्ष पूर्व प्रतापपुर थाना क्षेत्र के हेसातू-दुंदु सड़क में बम प्लांट कर पेट्रोलिंग पर निकली पुलिस पार्टी को उड़ा कर सुरक्षाबलों की निर्मम हत्या और हथियार लूटने की साजिश रची थी। लेकिन पुलिस ने उसके साजिश को नाकाम कर दिया था। पुलिस गिरफ्तार नक्सली से पूछताछ कर रही है। उसकी गिरफ्तारी से नक्सलियों के एक्सप्लोसिव टीम का बड़ा झटका लगा है।
टीम एबीएन, रांची। अखिल झारखंड अधिवक्ता संघ का एक प्रतिनिधिमंडल आज आजसू सुप्रीमो सुदेश कुमार महतो से मिला एवं राज्य में कोर्ट फीस में की गयी अप्रत्याशित वृद्वि के बाद उत्पन्न स्थिति पर चर्चा की। पूर्व न्यायाधीश सह सेवानिवृत प्रधान सचिव, झारखंड पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि झारखंड सरकार ने बिना किसी चर्चा के कोर्ट फीस में कई गुना वृद्धि कर दी है।
ऐसे ही आम जनता न्याय से कोसों दूर है और ऐसी नीतियों के कारण अब स्थिति और भयावह हो जायेगी। हमारा प्रयास होना चाहिए कि आम जनता को सुलभता से न्याय मिले, लेकिन सरकार की मंशा इसके बिल्कुल विपरीत है। एक ओर बिहार, गुजरात, जम्मू कश्मीर, पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में अधिकतम कोर्ट फीस 50 हजार से 75 हजार रुपये के बीच है। वहीं झारखंड में इस अधिसूचना के जारी होने के बाद यह कोर्ट की अधिकतम राशि 50 हजार से बढकर तीन लाख तक हो गया है।
अखिल झारखंड अधिवक्ता संघ के प्रधान महासचिव भरत चन्द्र महतो ने कहा कि अखिल झारखंड अधिवक्ता संघ सरकार से यह मांग करती है कि जनहित को देखते हुए झारखंड कोर्ट फीस अमेंडमेंट एक्ट-2022 को अविलंब वापस ले, अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट अविलंब लागू करे तथा 25 सीआरपीसी के तहत सभी जिला न्यायालय में लोक अभियोजक एवं सहायक लोक अभियोजक की अविलंब नियुक्ति करे।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार कोर्ट फीस में की गयी वृद्वि वापस नहीं लेती है तो अखिल झारखंड अधिवक्ता संघ सड़क में उतर कर इसका विरोध करेगी। प्रतिनिधिमंडल में अखिल झारखंड अधिवक्ता संघ के प्रदेश प्रधान महासचिव भरत चंद्र महतो, उपाध्यक्ष दिनेश चैधरी, हाईकोर्ट अध्यक्ष मेल प्रकाश तिर्की, निरंजन राम, राजेश सिंह, मिडिया प्रभारी मृत्युंजय प्रसाद, द्रौपदी कुमारी महतो समेत कई अधिवक्ता शामिल थे।
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