एबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास (धनबाद)। बीसीसीएल गोविंदपुर एरिया 3 के अंतर्गत ब्लॉक फोर कोलियरी में शुक्रवार को कोरीडीह के निकट चल रहे अवैध उत्खनन के खिलाफ ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर ब्लॉक 4 कोलियरी का उत्पादन ठप कर दिया।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि गोविंदपुर एरिया 3 के कोरीडीह 56 नंबर में धड़ल्ले से अवैध उत्खनन प्रशासन के संरक्षण में किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कल बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा अवैध उत्खनन के खिलाफ मुहाना बंद करना चाहा, लेकिन सोनारडीह पुलिस से सहयोग नहीं मिलने के कारण मुहाना बंद नहीं कराया जा सका।
अवैध उत्खनन करने वाले लोगों ने पानी का भी पाइप तोड़ दिया, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि अवैध उत्खनन करने वाले दया निधि सिंह, बबलू सिंह, निकेश सिंह, बिट्टू सिंह आदि लोग अवैध उत्खनन का विरोध करने पर ग्रामीणों के साथ मारपीट करते हैं।
सोनारडीह ओपी प्रभारी श्री पाल ने बताया कि कल बरोरा में रोड जाम के कारण बल उपलब्ध नहीं कराया गया। सहयोग नहीं करने की बात बेबुनियाद है। अवैध उत्खनन किसी भी कीमत पर चलने नहीं दिया जायेगा। इधर, आज फिर ग्रामीणों ने परियोजना पदाधिकारी ब्लॉक 4 को एक पत्र लिखकर अवैध उत्खनन रोकने की अपील की है।
प्रदर्शन करने वालों में पिंटू महतो, सुभाष महतो, गोपाल महतो, हरि महतो, गुड्डू महतो, निरंजन महतो, राजू महतो, कैलाश महतो आदि शामिल हैं। कल से यहां अवैध उत्खनन के खिलाफ हंगामा हो रहा है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गुमला। एक भटकी हुई बच्ची को सिसई (गुमला) थाना लाकर सुपुर्द किया गया है। जिसका नाम सुलेखा उरांव उम्र करीब 6 वर्ष पिता शिमलु उरांव ग्राम हिसरी थाना बगरू जिला लोहरदगा माता का नाम सीता उरांव है।
जो व्यक्ति इस बच्ची को पहचानते हैं या जानते हैं वह सिसई थाना के एएसआई कृष्णा पासवान जिनका मोबाइल नंबर 97982 15356 से संपर्क कर लें बच्ची सिसई थाना में है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। झारखंड प्रदेश के नेता जनप्रतिनिधि जो हमेशा जनता को बेवकूफ बनाने के लिए स्थानीय एवं डोमिसाइल नीति का ढोलकी पीटते रहते हैं। उन नेताओं को शायद जानकारी नहीं होगी कि लोहरदगा के हिंडालको कंपनी में कार्यरत चतुर्थवर्गीय कर्मचारी में कुछ ही कर्मचारी स्थानीय है जिससे फाइल इधर-उधर कराना, चाय पिलाना, पानी पिलाना, चाय का जूठा गिलास उठाना आदि काम कराया जाता है।
जो तृतीय वर्ग एवं द्वितीय वर्ग के स्थानीय कर्मचारी थे, उन्हें इतना परेशान किया गया कि वे अपने नौकरी से त्याग पत्र देकर हिंडालको से हट जा रहा है। स्थानीय का प्रमोशन रोककर बाहरी लोगों का प्रमोशन होता है, जिससे स्थानीय कर्मचारी काफी आहत है। लोहरदगा में हिंडाल्को कंपनी सभी द्वितीय एवं तृतीय वर्ग के कर्मचारी के रूप में उड़ीसा के लोगों को अधिक से अधिक प्राथमिकता दी जा रही है।
कई बाहर के स्टेट के लोगों को नौकरी दी जा रही है। धीरे-धीरे कंपनी सभी बाहरी लोग को लोहरदगा में नौकरी देकर अपना उल्लू सीधा कर रही है। जबकि अगर झारखंड के लोग किसी दूसरे प्रदेश में कार्य करने जाते हैं, तो उनका विरोध किया जाता है। लेकिन वाह रे हिंडालको कंपनी आप यहां बाहरी लोग को बसा रहे हैं। पहले तो स्थानीय लोग को रैजिंग का कार्य भी दिया जाता था, लेकिन अब सभी रैजिंग करने वाले ठेकेदार बाहर से लाया गया है।
उनसे अधिकारी कमीशन लेते हैं। चूंकि स्थानीय से कमीशन लेने पर इनका भंडाफोड़ हो जायेगा, इससे बचते हुए बाहरी लोगों को ज्यादा रेजिंग कार्य दिया जा रहा है। कुछ अधिकारी जो ईमानदारी से अपना कार्य कर रहे थे वे भी तंग होकर हिंडालको छोड़कर दूसरी कंपनी में चले गये। क्योंकि कंपनी के बड़े कुर्सी में एक ऐसे अधिकारी बैठे हैं, जिनकी सोच है कि तुम भी खाओ और मुझे भी खिलाओ।
पूर्व में उड़ीसा में रेजिंग कार्य की शुरुआत करने को लेकर इस बड़े कुर्सी वाले अधिकारी की कुटाई हो चुकी है, तो कुटाई से बचने के लिए उड़ीसा के लोगों को झारखंड में लाया जा रहा है। ताकि उड़ीसा में फिर से रेजिंग शुरू किया जा सके और इस खाने खिलाने के चक्कर में भंडाफोड़ ना हो जाये। इसलिए स्थानीय को भगाओ और मस्ती से मलाई खाओ जो जनप्रतिनिधि बड़ी-बड़ी बातें करते हैं।
उन्हें रबड़ी मलाई खिलाकर उन्हें भी संतुष्ट कर दिया जा रहा है और हिंडाल्को करोड़ो का मुनाफा यहां से कर रही है। स्थानीय नीति की बात करने वाले नेता हिंडालको जाएं और वहां सर्वे करा कर देख ले कि जितने भी कर्मचारी हैं वह कहां के हैं क्या सिर्फ उड़ीसा के लोगों में योग्यता है। हमारे झारखंड के लोगों में योग्यता की कमी है। लोहरदगा में एक कंपनी पहले कार्य करती थी इंडाल जिसने स्थानीय को प्राथमिकता दिया था।
उसे भी हिंडालको हड़प कर वहां के कई स्थानीय लोगों को बेरोजगार कर चुकी है। एक जनप्रतिनिधि तो अदानी और अंबानी को पानी पी पीकर गाली बकते रहते हैं, तो थोड़ा हिंडाल्को को भी गरिया लिया जाए। ताकि स्थानीय लोगों का कुछ भला हो सके।
पर मुझे पता है ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि यह पब्लिक है सब जानती है और अगर ऐसा जनप्रतिनिधि नहीं करते हैं तो इनका स्थानीय को लेकर झूठा ढोल नगाड़ा बजाना आंख में धूल झोंकना है। जागो रे हिंडाल्को को बॉक्साइट निकालने के लिए जमीन देने वाले जमींदारों...।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिलाध्यक्ष रत्नेश कुमार ने झारखंड के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर धनबाद स्थित असर्फी हॉस्पिटल के विरुद्ध उच्चस्तरीय जांच कराने तथा अस्पताल को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री को भेजे गये पत्र में रत्नेश कुमार ने आरोप लगाया है कि असर्फी हॉस्पिटल में मरीज की मृत्यु के बाद परिजनों से अतिरिक्त राशि की मांग की जाती है और भुगतान नहीं होने पर मृतक का शव सौंपने में बाधा उत्पन्न की जाती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं और हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में भी इसी तरह के आरोप लगाये गये हैं।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि अस्पताल में निर्धारित बिल का भुगतान किये जाने के बावजूद मृतक के परिजनों को शव देने में देरी की गयी तथा अतिरिक्त राशि जमा करने का दबाव बनाया गया। किसी गरीब वर्ग के लोग बेहतर इलाज के लिए अशर्फी अस्पताल में अपना इलाज करवाते हैं, लेकिन इलाज के दौरान मृत्यु हो जाने के बाद अस्पताल अपनी मनमानी करती है और जबरन शव को रोककर रखती है।
पर जब तक पैसे का भुगतान नहीं होता, तब तक शव को परिजनों को नहीं सौंपा जाता है। इससे पूर्व भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। एक मामले में धनबाद के मेयर संजीव सिंह ने हस्तक्षेप कर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के बाद मृतक के परिजनों को शव सौंपा था।
रत्नेश कुमार ने कहा कि झारखंड सरकार और स्वास्थ्य विभाग के स्पष्ट निर्देश है कि किसी मरीज की मृत्यु होने पर अस्पताल बकाया राशि के कारण शव को नहीं रोक सकता तथा परिजनों को सम्मानपूर्वक शव सौंपना अनिवार्य है। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन पर सरकारी नियमों की अवहेलना कर रही है ओर मनमानी ढंग से अस्पताल चला रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच करायी जाये तथा अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे ब्लैकलिस्ट किया जाये। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की भी मांग की गयी है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। झारखंड पुलिस ने जमशेदपुर के भीड़भाड़ वाले साकची बाजार से अगवा की गयी तीन साल की एक बच्ची को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले से सकुशल बरामद कर लिया और एक नि:संतान दंपति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। नगर पुलिस अधीक्षक ललित मीणा ने बताया कि आरोपियों की पहचान झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली निवासी अब्दुल जसीम उर्फ लखन (42) और अफसाना बेगम (30) के रूप में हुई है।
उन्होंने बताया कि दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। तीन साल की अफरीन 26 मई को अपने माता-पिता के साथ साकची बाजार में खरीदारी करने गयी थी, तभी वह भीड़ में गुम हो गयी। ओलीडीह थाना क्षेत्र के दिमना बस्ती के हयात नगर निवासी बच्ची के पिता मोहम्मद इम्तियाज ने उसी दिन साकची थाने में शिकायत दर्ज करायी।
मीणा ने बताया कि एसएसपी पीयूष पांडेय के निर्देश पर बच्ची की तलाश और मामले की जांच के लिए एक पुलिस उपाधीक्षक की अगुवाई में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। जांच के दौरान एसआईटी ने बाजार क्षेत्र के आसपास लगे करीब 50 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी जुटायी गयी और कई संदिग्धों से पूछताछ की गयी।
एकत्र किये गये साक्ष्यों के आधार पर टीम ने पुरुलिया जिले के झालदा थाना क्षेत्र के पुस्ती गांव में छापा मारा और मंगलवार को बच्ची को बरामद कर दंपति को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा, पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि पिछले दस साल से उनकी कोई संतान नहीं है और उन्होंने भीड़ का फायदा उठाकर बच्ची को बाजार से अगवा किया था।
टीम एबीएन, रांची। अग्रवाल सभा रांची के सत्र 2026-28 की कार्यकारिणी के चुनाव को लेकर चुनावी प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अशोक कुमार नारसरिया ने बताया कि निर्धारित तिथि तक कुल 36 नामांकन-पत्र प्राप्त हुए थे।
सभी नामांकन-पत्रों की विधिवत जांच की गयी, जिसमें सभी नामांकन वैध पाये गये। उन्होंने बताया कि नामांकन-पत्र वापसी के अंतिम दिन पांच उम्मीदवारों ने स्वेच्छा से अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद चुनाव मैदान में कुल 31 उम्मीदवार शेष रह गये हैं। निर्वाचन समिति द्वारा इन सभी प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी कर दी गयी है।
जारी सूची के अनुसार चुनाव मैदान में शामिल उम्मीदवारों के नाम इस प्रकार हैं : अजय कुमार खेतान, अजय कुमार डिडवानिया, अनिल अग्रवाल, अमर अग्रवाल, अरुण भरतिया, अशोक कुमार लाठ, किशन कुमार पोद्दार, कौशल कुमार राजगढ़िया, जितेश अग्रवाल, नरेश कुमार बंका, निकुंज पोद्दार, निर्मल कुमार बुधिया, विजय कुमार खोवाल, विनोद कुमार टिबड़ेवाल, मनोज कुमार चौधरी, मनोज कुमार ढाढनिया, मुकेश जाजोदिया, राजकुमार मित्तल, रामाशंकर बगड़िया, रौनक झुनझुनवाला, विकास अग्रवाल, शारदा ड्रोलिया, सज्जन कुमार पाड़िया, संजय बजाज, संजय सर्राफ, सुनील कुमार केडिया, सुनील कुमार पोद्दार, सुभाष चंद्र पटवारी, सुरेश कुमार चौधरी, सुरेश कुमार पोद्दार एवं सौरभ बजाज।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री नारसरिया ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूर्णत: पारदर्शी एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप संपन्न कराई जा रही है। नामांकन, जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद अब आगे की तैयारियां होगी।
महाराजा अग्रसेन भवन में अंतिम सूची जारी किये जाने के अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अशोक कुमार नारसरिया के साथ निर्वाचन पदाधिकारी राजेंद्र केडिया एवं नंदकिशोर पाटोदिया भी उपस्थित थे। तीनों पदाधिकारियों ने निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित चुनाव कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी। उक्त जानकारी चुनाव के निर्वाचन पदाधिकारी राजेंद्र केडिया (9431701059) ने दी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। सिमडेगा जिले में हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले लोहरदगा के राहत नगर निवासी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत शुक्रवार को मृतकों के आवास पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढाढ़स बंधाया तथा इस कठिन समय में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
जानकारी के अनुसार राहत नगर निवासी गुलाम मुस्तफा अपनी पुत्री एवं नातियों को उनके ससुराल सिमडेगा जिले के लसिया गांव छोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान अधरमा के समीप चालक के वाहन पर से नियंत्रण खो देने के कारण वाहन सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गया। इस दर्दनाक हादसे में गुलाम मुस्तफा, उनकी पत्नी समेत पांच लोगों की मौत हो गयी थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गये थे।
दिल्ली से लौटने के तुरंत बाद सांसद सुखदेव भगत मृतक गुलाम मुस्तफा के आवास पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस दुखद घड़ी में वे पूरी तरह शोकाकुल परिवार के साथ खड़े हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि घायलों के समुचित इलाज तथा सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जाने वाली सहायता राशि दिलाने में हरसंभव प्रयास करेंगे।
इसके बाद सांसद सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने ओयना के समीप हुए एक अन्य सड़क हादसे में मृत कुरैशी मोहल्ला निवासी वासूक कुरैशी के परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना प्रकट की। इस दौरान स्थानीय लोगों ने सदर अस्पताल में चिकित्सकों की समय पर उपस्थिति नहीं होने की शिकायत सांसद के समक्ष रखी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सांसद ने अस्पताल उपाधीक्षक (डीएस) को बुलाकर चिकित्सकों की नियमित एवं समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सांसद ने लोहरदगा ब्लॉक के पीछे रहने वाले कमल सिंह थापा के निधन पर भी उनके आवास पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए परिवार को इस दुख की घड़ी में धैर्य बनाए रखने की बात कही।
बताया गया कि कमल सिंह थापा पिछले कुछ वर्षों से अस्वस्थ चल रहे थे। इस अवसर पर रऊफ अंसारी, शाहिद अहमद बेलू, आलोक कुमार साहू, साजिद अहमद चंगू, अनिल कुमार, नेसार अहमद, सोनू कुरैशी, राजू कुरैशी, मोहम्मद जिलानी, मनोज सोन तिर्की, गुलाम मुतुर्जा, मोइन अंसारी, सफीजुल अंसारी, मुमताज अंसारी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। कैरो प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सढ़ाबे पंचायत के खरता और हनहट पंचायत को जोड़ने वाली दक्षिणी कोयल नदी का पुल जो नवंबर 2025 से ही टूट चुका है, जिसके बाद हजारों ग्रामीण लोहरदगा डीसी कार्यालय पहुंचकर अपना दुखड़ा बताया कि जब तक यह पुल नहीं बनता तब तक खरता से मेलानी होकर जो सड़क जीर्णशीर्ण हालात में है उसको सुधारा जाए।
मगर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। जिसके कारण दर्जनों बच्चों का स्कूल तक बंद हो गया स्कूल वाहन का आना जाना बंद हो गया। इसके बावजूद इसी टूटी पुल से ही ग्रामीण लाचार होकर गुजरने को मजबूर है। आम जनता ही नहीं अब तो प्रशासनिक लोग भी गुजरने लगे हैं जो की बड़ी दुर्घटना को आमंत्रित कर रही है।
बात समझ नहीं आती कि तरह तरह की बाते किया जाता है, लेकिन आम जनता से जुड़ी गंभीर से गंभीर विषय पर सबकी आंख बंद क्यों रहती है। जहां जरूरत है वहां योजना नहीं और जहां जरूरत नहीं है। वहां योजना पर योजना झारखंड सरकार एवं जिला प्रशासन ग्रामीणो की सुविधा को दरकिनार करते हुए सिर्फ अपने लाभ के लिए कार्य कर रही है और खनिज संपदाओं से भरा हुआ झारखंड को बर्बाद करने में तुली हुई है।
जनता पस्त अधिकारी और जनप्रतिनिधि मस्त यही झारखंड का कानून व्यवस्था है इन सारी बिंदुओं पर झारखंड सरकार गंभीरता पूर्वक कार्रवाई नहीं करती है तो बहुत ही जल्द सभी मुद्दों को लेकर लोहरदगा में आजसू पार्टी आंदोलन की शुरुआत करेगी। उक्त जानकारी आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव सूरज अग्रवाल ने दी।
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