एबीएन सेंट्रल डेस्क (हैदराबाद)। नेशनल यूनियन आॅफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन तेलंगाना स्टेट जर्नलिस्ट यूनियन (टीएसजेयू) के तत्वावधान में हैदराबाद में भव्य रूप से आरंभ हुआ। गुरुवार को शहर के चिक्कडपल्ली स्थित होटल श्री वेदा प्रीमियम में आयोजित इस बैठक में तेलंगाना राज्य के श्रम एवं खान विभाग के मंत्री डॉ. गड्डम विवेक वेंकटस्वामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर मंत्री विवेक ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा में मीडिया चौथा स्तंभ के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देशभर के पत्रकार कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं और इन समस्याओं पर चर्चा के लिए इस तरह की राष्ट्रीय स्तर की बैठक का आयोजन एक शुभ संकेत है।
उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों से आए मीडिया प्रतिनिधि पत्रकारों की समस्याओं पर दो दिनों तक विस्तृत चर्चा करेंगे। इस बैठक में आमंत्रित किये जाने पर मंत्री ने आयोजकों का आभार व्यक्त किया।
मंत्री ने कहा कि योग्य पत्रकारों को जल्द ही तेलंगाना सरकार की ओर से एक्रिडिटेशन कार्ड जारी किए जाएंगे। साथ ही भविष्य में पत्रकारों के लिए और अधिक कल्याणकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाते हैं और उनके कल्याण के लिए कांग्रेस सरकार विशेष कदम उठा रही है।
इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की उपाध्यक्ष हनुमान्ला झांसी रेड्डी, एनयूजे (आई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव त्रियुग नारायण, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक मुखर्जी व बडे प्रभाकर पूर्व अध्यक्ष अशोक मल्लिक बलदेव प्रसाद शर्मा बलबीर ठाकुर, हरियाणा के दीपक, मध्यप्रदेश से आभा निगम उडिसा के कैलाश नायक जेटीएसजेयू के राज्य अध्यक्ष नागेश्वर एवं महासचिव पुरुषोत्तम नारगौनी और तोकला अनिल कुमार, स्कूल आॅफ जर्नलिज्म के चेयरमैन नागेश्वर राव, एनयूजे (आई) के सचिव मेरुगु चंद्रमोहन, राजू पटेल, अरुण कुमार, पावुशेट्टी श्रीनिवास, कंदिकोंडा मोहन, चिर्रगोनी उदय दीर, उप्पलांची नरेंद्र, पोचमपल्ली रजिता, नागराजु, श्रीनाथ, अवुनुरी संपत, गट्टू महेश गौड़ सहित पंद्रह राज्यों के सदस्य उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। रांची खेलगांव स्थित ओरियेंट क्राफ्ट फैशन इंडस्ट्रीज लिमिटेड में कार्यरत मजदूरों के द्वारा वेतन देरी, प्रति पीस वेतन, बकाया मजदूरी और अपमानजनक व्यवहार के खिलाफ छेड़े गये आंदोलन के परिणामस्वरूप कंपनी प्रबंधन ने आॅन द स्पोर्ट कटौती की गई मासिक वेतन राशि वापस लौटाते हुए बकाया वेतन भुगतान करने की गयी। प्रत्येक माह के 10 तारीख तक मासिक वेतन भुगतान करने की सहमति बनी।
इसके साथ साथ मजदूरों के साथ गाली-गलौज और अपमानजनक भाषा का उपयोग करने वाले अधिकारी को प्रबंधन से निष्काशित किया गया एवं मजदूरों की मुख्य माँग प्रति पीस दर वेतन पर नहीं बल्कि झारखंड सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मासिक मजदूरी के अनुसार वेतन देने की मांग भी पूरी कर ली गयी। मौके पर जेएलकेएम केन्द्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि मजदूर के साथ हो रही अन्याय बर्दास्त नहीं किया जायेगा।
आंदोलन का सार्थन देने पहुंचे जेएलकेएम आंदोलनकारी नेता देवेन्द्र नाथ महतो, महासचिव मार्शल महतो, रांची महानगर अध्यक्ष संजय महतो, विराट महतो, महिला मोर्चा उपाध्यक्ष शिल्पा महतो, युवा मोर्चा राजू महतो, जेएलकेएम रामगढ़ नेता संतोष महतो, आजसू नेता बबलू महतो के अलावा अन्य नेता उपस्थित थे। आंदोलन में हजारों की संख्या में मजदूर शामिल हुए थे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने सिजुआ क्षेत्र अंतर्गत कनकनी कोलियरी में संचालित राम अवतार आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा ओबी डंपिंग के दौरान फैल रहे प्रदूषण, हाई डंपिंग और कई अन्य अनियमितताओं को लेकर 25 अप्रैल 2026 को चक्का जाम करने का पत्र दिया गया है।
बताया जा रहा है कि 20 अप्रैल को ही इस मुद्दे को लेकर कंपनी को आगाह किया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण संघ बाध्य होकर कम्पनी का चक्का जाम किया जाएगा । रत्नेश कुमार ने कहा कि ओबी डंपिंग के दौरान अत्यधिक धूलकण उड़ रहे हैं, जिससे आसपास का वातावरण प्रदूषित हो गया है और लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।
वहीं, कंपनी पर डीजीएमएस के नियमों की अनदेखी कर मनमाने तरीके से कार्य करने का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा हाई डंपिंग के कारण क्षेत्र में बड़े हादसे की आशंका जताई जा रही है। कि उन्हें हाई कमेटी द्वारा निर्धारित वेतन नहीं दिया जा रहा है और अब तक पहचान पत्र (आई कार्ड) भी उपलब्ध नहीं कराया गया है।
मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर लापरवाही सामने आई है। उन्हें हेलमेट, जूते और अन्य आवश्यक सेफ्टी किट नहीं दिए गए हैं, साथ ही वीटीसी सेंटर का प्रशिक्षण भी नहीं कराया गया है। लोयाबाद 5 नंबर क्षेत्र में रोड क्रॉसिंग कर डंपिंग किए जाने से भी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। सड़क पर पर्याप्त लाइट की व्यवस्था नहीं होने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है।
पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है। पूर्व में लगाये गये पेड़ों के ऊपर गर्म ओबी गिराकर उन्हें नष्ट किया जा रहा है। वहीं, डंपिंग स्थल पर जमीन में आई दरारों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
संघ की ओर से बताया गया कि इस संबंध में 16 अप्रैल 2026 को कनकनी कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी को पत्र (संख्या 203/026) देकर समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में अब संघ ने साफ कर दिया है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो 25 अप्रैल को कंपनी का चक्का जाम कर आंदोलन किया जायेगा।
टीम एबीएन, रांची। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एसआईआर पर झारखंड के मतदाताओं को दिग्भ्रमित और गुमराह कर अपनी राजनीति रोटी सेंकने का काम कर रहे हैं। गरीब गुरबा, आदिवासी, मूलवासी का नाम लेकर मुख्यमंत्री अपने हिडन एजेंडा को साध रहे हैं।
श्री साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के उस बयान को पूरी तरह भ्रामक और आधारहीन बतलाया है जिसमें उन्होंने बीजेपी पर एसआईआर की आड़ में आदिवासी, मूलवासी, पिछड़ों को उनके मताधिकार एवं राशन और पेंशन से वंचित करने की बात कही है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री पूरी तरह बौखला गये हैं। अपने कार्यकाल में फर्जी तरीके से बसाए गए मतदाताओं का पत्ता साफ हो जाने के ख्याल मात्र से ही उनकी नींद उड़ी हुई है। इसलिए वे अनाप शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। श्री साहू ने कहा कि देश में एसआईआर कोई पहली बार नहीं हो रहा है। देश की चुनाव सुधार प्रक्रिया में एसआईआर एक पार्ट है।
जो देश की आजादी के बाद से अब तक 13 बार किया जा चुका है। अंतिम बार 2004 में किया गया है। मोदी सरकार तो 2014 में बनी। इसके पूर्व जितने बार एसआईआर हुए, एक बार को छोड़कर सदैव देश में कांग्रेस या उनकी गठबंधन की सरकार रही। तब इस नियमित एसआईआर पर किसी ने कभी आपत्ति नहीं जताई।
आखिर अब केंद्र में मोदी सरकार के दौरान प्रक्रिया पर किसी को आपत्ति क्यों? उस पर भी यह पूरी तरह चुनाव आयोग का काम है, इसमें किसी राजनीतिक पार्टी का कोई भी दखल नहीं होता। चुनाव आयोग इस गहन पुनरीक्षण के तहत यह सुनिश्चित करता है कि देश में कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं और कोई भी अपात्र मतदाता, इस में सूची में फर्जीवाड़ा कर अपना नाम नहीं शामिल कर सके।
इसके लिए मतदाता सूची में 18 साल पूरा करने वाले मतदाताओं का नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6, नाम हटवाने के लिए फॉर्म 7 तथा सुधार अथवा करेक्शन के लिए फॉर्म 8 भरना आवश्यक किया गया है। श्री साहू ने कहा कि बिहार और बंगाल में विपक्षी दलों द्वारा भ्रामक बयान की सारी कलई खुल चुकी है। इन राज्यों में किसी वास्तविक व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से नहीं कटा।
स्वाभाविक है कि झारखंड में भी किसी वास्तविक वोटर का नहीं कटेगा। जो वास्तविक वोटर हैं, जो देश की नागरिकता होने की अहर्ता रखते हैं उनमें कहीं कोई घबराहट नहीं है। सारा भ्रम विपक्षी पार्टियां फैला रही हैं। श्री साहू ने कहा कि दरअसल हेमंत सोरेन की बेचैनी और चिंता अपने कथित कोर घुसपैठिए वोटर को लेकर है जो इनके कार्यकाल में फर्जी तरीके से बसाए गए हैं।
यह किसी से छिपा नहीं है कि इस सरकार के कार्यकाल में पूरे झारखंड की डेमोग्राफी चेंज हुई है। विपक्ष ने अपने वोट बैंक के लिए इन घुसपैठियों को देश और राज्य के विभिन्न हिस्सों में बसाया, लेकिन अब एसआईआर उनकी पहचान कर रहा है तो कांग्रेस, झामुमो, राजद सहित अन्य विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं, क्योंकि इससे उनका वोट बैंक दांव पर है। हेमंत सोरेन इसी कारण भयभीत हैं कि अब उनकी पोल पट्टी खुलने वाली है।
राज्य में जो लोग अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर फर्जी वोटर बने हुए हैं और वास्तविक लाभुकों की हकमारी कर रहे हैं। उन्हें ही फिल्टर कर हटाना तो एसआईआर का उद्देश्य है। श्री साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पहले भी कहा है कि हेमंत सरकार बांग्लादेशी, रोहंगिया को बसा रही है। अपने वोट बैंक की खातिर यहां के आदिवासी मूलवासी का हक इन्हें दे रही है।
साल 2014 से 2019 के बीच देश भर में मतदाताओं में 9.3% की वृद्धि के मुकाबले झारखंड में 6.2 प्रतिशत की वृद्धि होती है। जबकि 2019 से 2024 के बीच देश में मत प्रतिशत में 10.1% वृद्धि के मुकाबले झारखंड में यह वृद्धि 16.7% होती है। इस दौरान झारखंड में राष्ट्रीय ग्रोथ से भी अधिक मत प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह बतलाने की जरूरत नहीं कि 2019 से 2024 के बीच यहां किसकी सरकार थी।
भाजपा के शासनकाल में अवैध घुसपैठियों के लिए कोई जगह होती। जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में फर्जी लोगों को वोटर बनाकर बसाया जा रहा है। श्री साहू ने कहा कि एक और उदाहरण देखिए कि झारखंड के घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के हैदरजोड़ी पंचायत में एक भी मुस्लिम आबादी नहीं है। लेकिन यहां मंईयां सम्मान योजना के तहत 174 मुस्लिम महिलाओं के नाम पर 2500 रुपए की राशि दी गयी।
इसी प्रकार पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया स्थित एक गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता, फिर भी वहां 3000 मुस्लिम बच्चों का आधार कार्ड बन जाता है। कहने का तात्पर्य यह है कि किस बेदर्दी तरीके से हेमंत सरकार आदिवासियों मूलवासियों का हक बांग्लादेशी घुसपैठियों पर लूटा रही है। इसलिए प्रदेश में एसआईआर रूपी फिल्टर होना आवश्यक है।
अब घुसपैठियों को पालने पोसने वाले ऐसे दलों की बैचेनी को साफ समझा जा सकता है। यह एक ऐसा फिल्टर है जो हर राज्य में होना जरूरी है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और भी मजबूत बनाने के लिए यह बहुत ही आवश्यक है। एसआईआर से यहां के वास्तविक अल्पसंख्यक भी खुश हैं क्योंकि उनके हिस्से का लाभ बांग्लादेशी, रोहंगिया जो अब तक डकारते रहे हैं, उस पर लगाम लगेगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने इस पूरे मामले में चल रही जांच प्रक्रिया और सरकार द्वारा दिये जा रहे आश्वासनों पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे जनता को गुमराह करने की कोशिश बताया है।
अजय साह ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अब तक सीआईडी जांच शुरू नहीं होना अपने आप में कई संदेह पैदा करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस एजेंसी को जांच सौंपी जानी है, उसकी निष्पक्षता पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है।
उनके अनुसार, यह घोटाला शुरूआत में करीब 3.5 करोड़ रुपये का था, जो धीरे-धीरे 14 जिलों में फैलते हुए आधिकारिक रूप से 350 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। उन्होंने आशंका जतायी कि जिस तेजी से यह आंकड़ा बढ़ रहा है, वह भविष्य में हजारों करोड़ के घोटाले का रूप ले सकता है और यह स्थिति कहीं न कहीं चारा घोटाले के दूसरे संस्करण जैसी प्रतीत हो रही है।
भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि इस महाघोटाले की जांच झारखंड पुलिस के बजाय सीआईडी को इसलिए सौंपी जानी है ताकि एक निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित की जा सके। लेकिन वर्तमान परिस्थितियां इस उद्देश्य के विपरीत नजर आती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अनुराग गुप्ता मॉडल के तहत सीआईडी और झारखंड पुलिस की कमान एक ही अधिकारी के हाथों में केंद्रित कर दी गई है। वर्तमान में एडीजी सीआईडी मनोज कौशिक को एडीजी मुख्यालय और रांची के आईजी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है, जिससे निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
अजय साह ने यह भी बताया कि ट्रेजरी घोटाला मूल रूप से पुलिस ट्रेजरी से जुड़ा मामला है, जिसकी जवाबदेही डीडीओ यानी संबंधित जिलों के एसपी पर होती है। उन्होंने उल्लेख किया कि मनोज कौशिक वर्ष 2012 से 2014 के बीच हजारीबाग के एसपी (डीडीओ) रह चुके हैं।
ऐसे में यदि वही अधिकारी इस मामले की जांच का नेतृत्व करते हैं, तो यह हितों के टकराव और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन होगा। साथ ही, जिन जिलों में यह घोटाला संदिग्ध है, वे वर्तमान में भी उनके अधिकार क्षेत्र में आते हैं, जिससे निष्पक्ष जांच की संभावना और भी कम हो जाती है।
भाजपा ने मांग की है कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए मनोज कौशिक को सीआईडी प्रमुख के पद से हटाकर किसी ऐसे अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाए, जिसका इन जिलों या ट्रेजरी मामलों से पूर्व में कोई प्रत्यक्ष संबंध न रहा हो।
अंत में अजय साह ने दोहराया कि यदि राज्य सरकार वास्तव में इस मामले को लेकर गंभीर है, तो उसे तुरंत न्यायिक जांच के आदेश देने चाहिए या फिर इस पूरे प्रकरण को सीबीआई को सौंप देना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, बोकारो। जिले के पेटरवार थाना क्षेत्र के फोरलेन रजरप्पा मोड़ के समीप तेज रफ्तार तेल टैंकर और मिनी ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे की चपेट में एक आॅटो भी आ गया और 2 लोगों की मौत हो गयी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दुर्घटना में ट्रक चालक और आॅटो चालक की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि आॅटो समेत तीनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।सूचना मिलते ही पेटरवार थाना प्रभारी राजू कुमार मुंडा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा झारखंड अलग आंदोलन व पुनर्गठन में योगदान देने वाले चिन्हित आंदोलनकारीयों के सम्मान व अधिकार को लेकर लगातार सक्रिय है। मोर्चा का इकाई आज धनबाद उपायुक्त से मुलाकात की।
आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों के देनिय स्थिति से अवगत कराया। गृह कारा व आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी 38 वीं संपुष्टि सूची के आलोक में शीघ्र सम्मान शिविर आयोजित कर प्रशस्ति-पत्र वितरण करने की मांग की ।
मोर्चा के केंद्रीय प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने लिखित आवेदन में कहा की विभाग द्वारा दो दिसंबर 2025 को कुल 304 चिन्हित आंदोलनकारीयों की सूची जिला कार्यालय सौंप दिया गया है।
जारी कई चिह्नित आंदोलनकारी वृद्धावस्था एवं भारी शारीरिक अस्वस्थता से जुझ रहे हैं। संपुष्टि सूची जिला कार्यालय को सोंपें हुए चार महीनों से अधिक समयावधि गुजर जाने के बाद भी अब तक जिला प्रशासन का उदासीनता बरकरार है।
38 वीं सम्पुष्टि सूची के प्रशस्ति-पत्र का वितरण नहीं हो सकता है। उपायुक्त आदित्य रंजन ने आंदोलनकारीयों के बातों को गंभीरता पूर्वक संज्ञान में लेते हुए शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। अपर बाजार (गुदरी) ठकुराइन तालाब में जिस व्यक्ति ने छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। उसकी पहचान बिट्टू सिंह उम्र 28 वर्ष पिता संतोष सिंह ग्राम कुंडू (हाता टोली) थाना कुंडू जिला लोहरदगा के रुप हुई।
बताया जाता है कि लोहरदगा में शारदा हार्ड वेयर में काम करता था और वहीं अगल-बगल में कहीं रहता था। परिवार के लोगों एवं कुडू के आजसू नेता लाल गुडडू नाथ शाहदेव से जानकारी मिली कि वह कर्ज में डूबा हुआ था।
कई जगह से कर्ज ले चुका था। जिससे मानसिक तनाव में रहता था भगवान मृत आत्मा को शांति प्रदान करें साथ ही इस दुख के घड़ी में परिवार के सदस्यों को भगवान धैर्य प्रदान करें यह कामना आजसू के केंद्रीय सचिव सूरज अग्रवाल ने की।
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