एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा और गुमला जिला सीमा पर स्थित लोहरदगा पेशरार प्रखंड के रोरद पंचायत अंतर्गत कोटारी गांव में निवास करने वाले समाज के अंतिम घर और व्यक्ति से आत्मीय जुड़ाव के उद्देश्य को लेकर गुरुकुल शांति आश्रम लोहरदगा के आचार्य शरच्चंद्र आर्य के नेतृत्व में आश्रम आठ सदस्य टीम रविवार को पूरा दिन गांव के गरीबों और जरूरतमंदों के बीच अपना समय बिताया। इस अवसर पर समरसता यज्ञ का आयोजन किया गया। आश्रम के आचार्य शरच्चंद्र आर्य के आचार्यत्व में यज्ञ में तमाम ग्रामीणों ने आहुतियां दी। आश्रम की ओर से ग्रामीणों की सेवा की गई । यह आश्रम के परोपकार और मानवीय मूल्यों को दर्शाता है।
गुरुकुल शांति आश्रम और आर्य समाज संस्था ने ग्रामीणों के बीच कंबल का वितरण किया। सामूहिक भोजन में तमाम ग्रामीण शामिल हुए। गांव के तमाम बच्चों को शैक्षणिक सामग्रियां दी गई। बच्चों के लिए खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में श्रेष्ठ रहे प्रतिभागी बच्चों को सम्मानित किया गया।
मौके पर शरच्चंद्र आर्य ने कहा कि यज्ञ सनातन संस्कृति के साथ प्रकृति से जुड़ा हुआ कार्यक्रम है। आदिवासी समाज प्रकृति पूजक है। यज्ञ- हवन विशुद्ध रूप से प्रकृति की पूजा है। हवन सामग्री जड़ी बूटियां से युक्त होता है। जल और गोरस से प्राप्त घी का हम उपयोग कर वातावरण को शुद्ध बनाते हैं। यज्ञ से हमारी संस्कृति सशक्त होती है। लोग निरोग बनते हैं। बच्चों में संस्कार आता है। इससे सनातन संस्कृति को और बल मिलता है। सदियों से यह परंपरा गुरुकुलों के माध्यम से चल रहा है।
मौनी अमावस्या का दिन गरीबों और जरूरतमंदों के बीच दान पूर्ण करने का अवसर आज कोटारी गांव में मिला है। लोहरदगा से 55 किलोमीटर दूर पुतरार- कोटारी गांव में आकर ग्रामीण का प्रेम और कार्यक्रम में सहभागिता करना निश्चित रूप से संबल प्रदान करने वाला है। इस गांव में लगभग 40 घर है। और इसकी आबादी तकरीबन 325 है। यहां तीन आंगनबाड़ी केंद्र है। प्राइमरी स्कूल है।
नल जल योजना एक यूनिट लम्बे समय से खराब पड़ा हुआ है। गांव के दो चापाकल भी खराब पड़े हैं। सड़क नाम का कोई चीज ही नहीं है। अच्छी बात यह है की लोहरदगा से इतनी दूर पर स्थित इस गांव में एक रेलवे, एक आर्मी, और एक सहायक पुलिस के पद पर कार्यरत है। अभी भी गांव में शिक्षा का आभाव है। ऐसे गांव में गुरुकुल परिवार का पहुंचना, उनके बीच एक दिन बिताना, निश्चित रूप से ग्रामीणों को मनोबल को बढ़ाता है।
आश्रम के भूषण प्रसाद ने कहा कि हम चाहते हैं की इस सुदूरवर्ती गांव में शिक्षा-स्वास्थ्य सहायता मिले। आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण देना जैसे कार्य हो, इससे जरूरतमंदों को तत्काल राहत मिलती है। इससे ग्रामीण सशक्त बनते हैं। इसे ही सेवा या धर्म का सार कहा जाता है। इस कार्यक्रम में ठंड से पीड़ित लगभग 75 जरूरतमंदों के बीच कंबल दिया गया।
गुरुकुल शांति आश्रम की शिक्षिका ज्योति कुमारी ने शिक्षा और कौशल विकास ,बच्चों को शिक्षा देना, युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण देने पर बोल दिया।नीरज कुमार ने कहा कि आजीविका सहायता छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए सहायता, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने पर कई स्तर पर लाभ मिलते हैं।
उन्होंने कहा कि गुरुकुल शांति आश्रम का सामाजिक जुड़ाव के तहत गरीबों के साथ समय बिताना, उनकी समस्याओं को सुनना और उन्हें भावनात्मक समर्थन देना। मानवीय कर्तव्य जरूरतमंदों की मदद करना सबसे बड़ा धर्म है, यह धार्मिक और नैतिक कर्तव्य माना जाता है। ग्रामीणों का सशक्तिकरण, सिर्फ दान नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करना है जैसा आश्रम के द्वारा किया जा रहा है।
सामाजिक समरसता यज्ञ के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को जोड़ना और उनमें एकता लाना यह गुरुकुल का उद्देश्य है।
गुरुकुल का समाज के कमजोर वर्गों के प्रति निभाए जाने वाले उत्तरदायित्वों को दर्शाता है, जो उन्हें गरीबी और कठिनाइयों से उबारने में मदद करता है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सुखनाथ नगेसिया, चांदमुनी उरांव, बिपता उरांव, बालमती उरांव, चमन खेरवार जिरमनिया देवी, सीतामुनि उरांव, लक्ष्मण उरांव, धनलाल उरांव मनराम उरांव , सुकरा उरांव, बिहार उरांव, विनोद उरांव, फूलदेव उरांव, पर्वतीया उरांव, विरसो उरांव, जमुना उरांव, देवनाथ, उरांव कंदरा उरांव, बिनेश्वर उरांव आदि ने महत्वपूर्ण योगदान किया।
टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय सैनिक संस्था रांची महानगर के तत्वावधान में आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाषचंद्र बोस जी की जयंती रांची देवी मंडप रोड हेसल सरोवर नगर रांची में मनायी गयी। मौके पर राष्ट्रीय सैनिक संस्था युवा कमांड झारखंड प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार उर्फ पुटू ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस जी के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलित किया।
वहां उपस्थित सभी लोगों ने नेताजी के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। पुट्टू ने बताया कि आजादी हमें खैराती में नहीं मिली है। इसके लिए कितने लोगों ने अपनी जान गवां दी और वतन के लिए मर मिटे। हमें उनकी शहादत को नहीं भूलना चाहिए।
उनमें से एक क्रांतिकारी नेताजी भी थे जिन्होंने आजाद हिंद फौज की स्थापना की और इसकी मदद से अंग्रेजों के खिलाफ जोरदार संघर्ष किया। नेता जी का व्यक्तित्व एवं उनके विचार हम सब के लिए अनुकरणीय है। देश की आजादी में उनके द्वारा दिये गये योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। जय हिंद का नारा उन्होंने दिया था यह नारा हमेशा हमें नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है।
खास करके युवाओं से कहा कि वह अपने विचार, व्यवहार, कार्य के प्रति अच्छी सोच रखें। समाज एवं देश को कोई एक व्यक्ति नहीं बदल सकता है। इसके लिए हम सभी को अपनी-अपनी जिम्मेवारी निभानी चाहिए। पढ़ाई करके नौकरी पाना ही जीवन का सार नहीं है।समाज,राष्ट्र के प्रति भी हमें अपनी जिम्मेवारी को निभाना है।
उन्होंने सभी के माता-पिता से विशेषकर आग्रह किया कि अपने बच्चों में बचपन से ही देश भक्ति के साथ-साथ संस्कार देने का कार्य करें। ताकि आप भी अपने बेटे बेटियों पर गर्व कर सके और देश और समाज को भी उनपर नाज हो क्योंकि ये बच्चे ही कल का भविष्य है।आज की युवा शक्ति ही कल की राष्ट्र शक्ति है।
इस अवसर पर देश भक्ति गीत गाये। इस अवसर पर छोटे छोटे बच्चे एवं युवा उपस्थित थे। इस अवसर पर छोटे छोटे बच्चे युवा भारत माता की जय, जय हिंद, नेता जी सुभाषचन्द्र बोस अमर रहे, आज का युवा कैसा हो सुभाषचंद्र बोस जैसा हो, हम सब भारतीय एक है नारा के साथ सरोवरनगर से बैंक कॉलोनी प्रभात फेरी निकाला गया। इस अवसर पर सभी लोग सामूहिक रूप से देश भक्ति गीत गाये।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सैनिक संस्था युवा कमांड झारखंड प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार पुटू, मुन्ना कुमार, कृष कुमार, हर्षराज, आमोद सिंह, अमृतेश पाठक, अमित कुमार पाठक, आयुष कुमार, ऋषभ कुमार, प्रवीण कुमार, राष्ट्रीय सैनिक संस्था महिला विंग प्रेरणा कुमारी, अनुषा कुमारी, सिंप्पी कुमारी, अर्चना पाठक एवं छोटे बच्चे उपस्थित थे। उक्त जानकारी राष्ट्रीय सैनिक संस्था युवा कमांड के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार पुटू ने दी।
टीम एबीएन, रांची। रांची में बसंत पंचमी के अवसर पर झारखंड भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने शुक्रवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में विधिवत रूप से अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण किया। पदभार संभालने से पूर्व उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-पूजन किया और संगठन की मजबूती तथा राज्य के कल्याण की कामना की।
प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचने पर आदित्य साहू का भव्य स्वागत किया गया। कार्यालय परिसर भाजपा के झंडों और नारों से गूंज उठा। उन्हें बधाई देने के लिए सैकड़ों कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक मौजूद रहे। इस दौरान सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।
पदभार ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में भाजपा संगठन को जमीनी स्तर तक और अधिक सशक्त व धारदार बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता भाजपा की असली ताकत है और सभी को साथ लेकर राज्य की जनविरोधी सरकार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जायेगी।
टीम एबीएन, रांची। रांची के कांके रोड स्थित तिरुपति अपार्टमेंट में बसंत पंचमी एवं सरस्वती पूजा का पावन पर्व हर्षोल्लास, श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण के साथ मनाया गया। ज्ञान, विद्या और कला की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की आराधना हेतु प्रात: काल विधिवत रूप से उनकी प्रतिमा की स्थापना की गयी। प्रतिमा को सुंदर पुष्पों से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर बसंती रंग और आध्यात्मिक आभा से सुशोभित हो उठा।
पूजा-अनुष्ठान की शुरूआत पंडित जी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना से हुई। तत्पश्चात सामूहिक आरती का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से भाग लिया। पूजा के दौरान मां सरस्वती को प्रसाद स्वरूप बुंदिया, फल एवं अन्य पूजन सामग्री का भोग अर्पित किया गया। भोग अर्पण के उपरांत प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे सभी श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं प्रसन्नता के साथ ग्रहण किया।
इस पावन अवसर पर तिरुपति सोसाइटी की अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष एवं बच्चे उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर पूजा-अर्चना में सहभागिता निभायी, जिससे सामाजिक समरसता और सामूहिक भक्ति का सुंदर दृश्य देखने को मिला। बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला, वहीं महिलाओं ने पूजा व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभायी।
इस अवसर पर तिरुपति सोसाइटी के पूर्व सचिव संजय सर्राफ ने उपस्थित सभी सदस्यों एवं श्रद्धालुओं को बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बसंत पंचमी का पर्व ज्ञान, विवेक और सकारात्मक सोच का प्रतीक है। मां सरस्वती की कृपा से जीवन में शिक्षा, संस्कार और सद्बुद्धि का विकास होता है।
उन्होंने सभी से इस पर्व के संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करने का आग्रह किया।समूचा आयोजन शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। बसंत पंचमी के इस पावन पर्व पर तिरुपति अपार्टमेंट में आयोजित सरस्वती पूजा ने सभी के मन में आध्यात्मिक उल्लास, सौहार्द और आनंद का संचार किया।
टीम एबीएन, रांची। नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती एवं विद्या, कला और ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की आराधना के पावन पर्व बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर झारखंड कला सांस्कृतिक शोध संस्थान, रंगमंडल एवं नाट्य अकादमी के तत्वावधान में पटेल भवन, हरमू स्थित सभागार में एक भव्य एवं प्रेरणादायी चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
यह प्रतियोगिता दोपहर 12 से 3 बजे तक सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसमें कुल 70 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता को आयु वर्ग के अनुसार दो श्रेणियों में विभाजित किया गया था। जूनियर वर्ग (5 से 8 वर्ष) के बच्चों के लिए मुक्त विषय रखा गया। सीनियर वर्ग (9 से 16 वर्ष) के प्रतिभागियों के लिए मेरा प्रेरणा स्रोत सुभाष चंद्र बोस एवं सरस्वती पूजा जैसे प्रेरणादायी विषय निर्धारित किये गये।
संस्था के सचिव सह निदेशक ने प्रतियोगिता के प्रति बच्चों और अभिभावकों में अत्यंत उत्साह देखने को मिला, जो यह दर्शाता है कि आज की पीढ़ी रचनात्मकता एवं राष्ट्रप्रेम से जुड़ने को उत्सुक है। प्रतियोगिता के परिणाम जूनियर वर्ग में प्रथम स्थान काव्या गुप्ता, द्वितीय स्थान सोहिनी सान्याल एवं विपुल वैभव टोप्पो, तृतीय स्थान विहान जायसवाल एवं आरिल दीप पूर्ति, सीनियर वर्ग में प्रथम स्थान हृदय लकड़ा, द्वितीय स्थान वाणी वैष्णवी एवं अक्षया, तृतीय स्थान हिमांशु रजक एवं इलाक्षी कर्ण।
प्रतियोगिता के समापन के मौके पर प्रत्येक वर्ग में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार एवं मेडल प्रदान किये गये। साथ ही सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। मौके पर संस्था के निदेशक एवं वरिष्ठ रंगकर्मी-साहित्यकार प्रो. डॉ. दीपक प्रसाद ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों का मूल उद्देश्य बच्चों में रचनात्मक सोच, सांस्कृतिक चेतना, आत्मविश्वास तथा राष्ट्रप्रेम की भावना को विकसित करना है।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे महान क्रांतिकारी का जीवन बच्चों के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है। कला के माध्यम से यदि बच्चे राष्ट्र, संस्कृति और समाज से जुड़ते हैं, तो यह समाज के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने आगे कहा कि झारखंड कला सांस्कृतिक शोध संस्थान भविष्य में भी शिक्षा, कला, संस्कृति, शोध एवं स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में निरंतर कार्य करता रहेगा तथा बच्चों के लिए जागरूकता कार्यक्रम, व्यक्तित्व विकास कार्यशालाएं, कला प्रशिक्षण एवं सामाजिक चेतना से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में आर्ट कनेक्शन ड्राइंग क्लास के बच्चों की सराहनीय सहभागिता रही। साथ ही प्रीति गुप्ता, प्रीतिका जायसवाल एवं ज्योति मिश्रा के विशेष सहयोग के लिए संस्था ने आभार व्यक्त किया। प्रतियोगिता में जूरी जज के रूप में संप्रीति पाल, दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. मंजूषा पूर्ति (बिरसा कॉलेज) तथा प्रो. डॉ. दीपक प्रसाद उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में सभी प्रतिभागियों के माता-पिता एवं अभिभावकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिसके लिए संस्था ने सभी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, चाईबासा/ जमशेदपुर। झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच गोलीबारी शुक्रवार को भी जारी रही। एक दिन पहले यहीं पर सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में 16 विद्रोहियों को मार गिराया था। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि पतिराम मांझी उर्फ अनल दा, जिस पर कुल मिलाकर 2.35 करोड़ रुपये का इनाम था, गुरुवार को जंगल के किरीबुरु इलाके में मारे गये 16 माओवादियों में शामिल था। अधिकारियों ने बताया कि झारखंड ने उस पर एक करोड़ रुपये, ओडिशा ने 1.2 करोड़ रुपये और आतंकवाद विरोधी एजेंसी एनआईए ने 15 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कोबरा इकाई और राज्य पुलिस द्वारा चलाये गये इस अभियान में मारे गये लोगों में पांच महिलाएं भी शामिल थीं। देश में वामपंथी उग्रवाद को समाप्त करने के लिए केंद्र द्वारा निर्धारित 31 मार्च की समय सीमा नजदीक आने के साथ ही लगभग 1,500 सुरक्षाकर्मी इस अभियान में लगे हुए हैं।
पुलिस महानिरीक्षक (आपरेशन) माइकल राज एस ने बताया कि सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच गोलीबारी जारी है। हमने उस इलाके को अपने कब्जे में ले रखा है। राज्य पुलिस के प्रवक्ता राज ने कहा कि यह राज्य में नक्सल विरोधी सबसे बड़े अभियानों में से एक है।
यह अभियान सारंडा जंगल में अनल और उसके गिरोह की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद मंगलवार को शुरू किया गया था। इससे एक दिन पूर्व सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने रणनीति तैयार करने के लिए जिला मुख्यालय चाईबासा में वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार सुबह दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद गोलीबारी शुरू हुई।
सुरक्षा बल दशकों से प्रतिबंधित सशस्त्र समूह के केंद्रीय समिति सदस्य अनल की तलाश कर रहे थे जो 1987 से सक्रिय था। वह तीन मार्च, 2006 को बोकारो में सीआईएसएफ शिविर पर हुए हमले में शामिल था, जिसमें पांच जवान मारे गये और दो घायल हुए थे। वह जून 2019 में सरायकेला-खरसावां जिले के कुकरू हाट में पांच सुरक्षाकर्मियों की हत्या और मई 2025 में ओडिशा में खनन के लिए रखे गए पांच टन विस्फोटक की लूट में भी शामिल था।
अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में मारा गया एक अन्य शीर्ष माओवादी बिहार-झारखंड विशेष क्षेत्र समिति (बीजेएसी) का सदस्य अनमोल उर्फ सुशांत था जो 149 मामलों में वांछित था और उस पर कुल 90 लाख रुपये का इनाम था।
इस अभियान में मारे गये अन्य माओवादियों में क्षेत्रीय समिति का सदस्य अमित मुंडा शामिल जिस पर 62 लाख रुपये का इनाम था और वो 96 मामलों में वांछित था। उप-क्षेत्रीय समिति का सदस्य पिंटू लोहार 47 मामलों में वांछित था और उस पर पांच लाख रुपये का इनाम था तथा लालजीत उर्फ लालू पर भी पांच लाख रुपये का इनाम था।
अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्रीय समिति के सदस्य राजेश मुंडा, बुलबुल अल्दा, बबीता और पूर्णिमा भी मारे गये। झारखंड में कोल्हान और सारंडा को माओवादियों का अंतिम गढ़ माना जाता है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल तक राज्य में 11,000 से अधिक माओवादियों को गिरफ्तार किया गया, लगभग 250 मारे गए और 350 से अधिक ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जिले के कतरास थाना क्षेत्र के कांको मोड़ पर गुरुवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गयी, जब दर्जनों हथियारबंद बदमाशों ने एक निजी होटल में घुसकर जमकर तोड़फोड़ और लूटपाट की। इस दौरान होटल संचालक पर जानलेवा हमला भी किया गया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गयी है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।
हमले में होटल संचालक अंबुज मंडल गंभीर रूप से घायल हो गये। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अंबुज मंडल ने पुलिस को दिये आवेदन में बताया कि 15 से 20 की संख्या में आए बदमाश लाठी-डंडे और अवैध हथियारों से लैस थे।
पीड़ित ने बताया कि मंगलवार को कुछ लोग होटल में खाना खाने आये थे। खाना खाने के बाद उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया और होटल संचालक को धमकाने लगे। इसके बाद गुरुवार को वही लोग अपने कई साथियों के साथ दोबारा होटल पहुंचे और सुनियोजित तरीके से होटल में घुसकर तोड़फोड़ शुरू कर दी।
विरोध करने पर बदमाशों ने अंबुज मंडल के साथ बेरहमी से मारपीट की और उनके गले से करीब 1.40 लाख रुपये की सोने की चेन छीन ली। इसके अलावा होटल काउंटर से 75 हजार रुपये नकद भी लूट लिये गये। अंबुज मंडल ने दावा किया है कि पूरी घटना होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है, जिसे पुलिस को साक्ष्य के तौर पर सौंपा जायेगा। सूचना मिलते ही कतरास थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
पुलिस का कहना है कि पीड़ित के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस घटना के बाद से इलाके के दुकानदारों और स्थानीय लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत शुक्रवार को शोक की घड़ी में पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे और दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने शोकसंतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढाढ़स बंधाया और अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। सांसद सुखदेव भगत सबसे पहले छतर बगीचा, लोहरदगा स्थित नेतरहाट स्कूल के पूर्व शिक्षक स्वर्गीय अवध बिहारी दुबे के आवास पहुंचे।
वहां उन्होंने स्वर्गीय दुबे के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शोकाकुल परिवार के सदस्यों से मिलकर इस अपूरणीय क्षति पर गहरा दु:ख व्यक्त किया। सांसद ने कहा कि स्वर्गीय अवध बिहारी दुबे एक अनुशासित, कर्तव्यनिष्ठ और आदर्श शिक्षक थे, जिनका शिक्षा जगत में अतुलनीय योगदान रहा है। उनका निधन न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए एक बड़ी क्षति है।
इसके पश्चात सांसद सुखदेव भगत कोर्ट रोड स्थित बलदेव साहू महाविद्यालय के पूर्व डेमोन्स्ट्रेटर स्वर्गीय गोपाल प्रसाद गुप्ता के आवास पहुंचे। वहां भी उन्होंने स्वर्गीय गोपाल प्रसाद गुप्ता के पार्थिव शरीर को नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की। सांसद ने कहा कि स्वर्गीय गुप्ता अपने सरल स्वभाव, कर्मठता और शैक्षणिक सेवाओं के लिए सदैव स्मरण किए जाएंगे।
उनका जाना शिक्षा जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। इस अवसर पर सांसद सुखदेव भगत ने दोनों परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन देते हुए कहा कि दु:ख की इस घड़ी में वे और उनका परिवार शोकाकुल परिजनों के साथ खड़े हैं। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिवारों को इस दु:ख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। मुलाकात के दौरान सांसद के निजि सचिव आलोक साहू सहित स्थानीय गणमान्य लोग, शिक्षक समुदाय के सदस्य एवं क्षेत्र के कई लोग उपस्थित थे।
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