टीम एबीएन, रांची। झारखंड में एक बार फिर सर्दी का असर बढ़ता नजर आ रहा है। इसकी मुख्य वजह उत्तरी भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) है, जिसका प्रभाव 29 जनवरी की सुबह से ही राज्य में महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार ठंडी हवाओं का यह दौर 1 फरवरी तक जारी रह सकता है, जबकि आगे चलकर हल्की बारिश और बूंदाबांदी से ठंड का असर और बढ़ने की संभावना है।
रांची मौसम केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों में राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 8 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। विशेष रूप से पलामू, चतरा, लातेहार, कोडरमा जैसे इलाकों में सुबह और रात के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जायेगा।
हालांकि दिन में धूप निकलने से अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, जिससे दोपहर में हल्की गर्मी का एहसास होगा, लेकिन शाम ढलते ही ठंडी हवाओं के चलते तापमान में फिर गिरावट आयेगी। मौसम विभाग ने यह भी संभावना जताई है कि अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय कोहरा छाया रह सकता है। इससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
खासकर सुबह और देर रात यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पूर्वानुमान के अनुसार 2 फरवरी से न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। मौसम विभाग ने 5 और 6 फरवरी के बीच हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जतायी है, जिससे ठंड एक बार फिर बढ़ सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत से ठंडी हवाएं झारखंड तक पहुंच रही हैं। इसके चलते बादल छाने, हल्की बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव जैसी स्थितियां बन रही हैं। यही वजह है कि दिन और रात के तापमान में साफ अंतर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय गति सीमित रखें और फॉग लाइट का प्रयोग करें। बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाने की सलाह दी गई है। बदलते मौसम में सर्दी-खांसी और वायरल संक्रमण से बचाव के लिए भी विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में शराब की बिक्री से चालू वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार को रिकॉर्ड राजस्व मिलने की उम्मीद है। उत्पाद विभाग के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में शराब बिक्री से सरकार को 3885 करोड़ रुपये से अधिक की आमदनी हो सकती है।
फिलहाल राज्य सरकार 3400 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व पहले ही हासिल कर चुकी है। उत्पाद विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने दावा किया है कि वित्तीय वर्ष के अंत तक तय राजस्व लक्ष्य पूरी तरह हासिल कर लिया जायेगा।
विभाग का मानना है कि बीते वर्षों की तुलना में इस बार शराब से होने वाली कमाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो राज्य के राजस्व के लिए अहम साबित होगी। राजस्व में बढ़ोतरी के साथ-साथ सरकार अवैध शराब कारोबार पर भी सख्ती करने की तैयारी में है। उत्पाद विभाग ने अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए हाई-टेक मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने का फैसला लिया है।
इसके तहत झारखंड के 32 एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर बड़े स्तर पर बदलाव किए जाएंगे। मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो के मुताबिक इन स्थानों पर हाई-टेक स्कैनिंग कैमरे, आधुनिक चेक पोस्ट और मजबूत बैरिकेडिंग सिस्टम लगाए जाएंगे, जिससे शराब की अवैध ढुलाई करने वाले वाहनों की पहचान तुरंत की जा सके।
विभाग का कहना है कि इस तकनीक के जरिए तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। इसके अलावा राज्य के बॉटलिंग प्लांट्स पर भी निगरानी और सख्त की जायेगी। उत्पादन से लेकर वितरण तक हर स्तर पर टेक्नोलॉजी आधारित मॉनिटरिंग की योजना है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी के सहयोगी राकेश सेंगर ने शिष्टाचार भेंट की।
इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री को कैलाश सत्यार्थी की आत्मकथा और नयी पुस्तक करुणा द पावर आफ कंप्लशन तथा बाल ग्राम का 2025- 2026 का वार्षिक प्रतिवेदन सप्रेम भेंट किया।
उन्होंने कैलाश सत्यार्थी की संस्था बचपन बचाओ आंदोलन द्वारा झारखंड में बाल अधिकारों के संरक्षण तथा बाल मजदूरी के खिलाफ किये जा रहे कार्यों, गतिविधियों और कार्यक्रमों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गुमला/ लोहरदगा। गुमला जिले के भरनो प्रखंड अंतर्गत अमलीया छापरटोली गांव के पास 16 जंगली हाथियों का एक बड़ा झुंड पहुंचने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। हाथियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए, जिससे खतरा और बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार, हाथियों का यह झुंड लोहरदगा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र से होते हुए गुमला जिले के भरनो प्रखंड के अमलीया जंगल क्षेत्र में प्रवेश किया है। हाथियों के जंगल में पहुंचते ही आसपास के गांवों में डर का माहौल बन गया।
हाथियों की सूचना मिलते ही कई ग्रामीण उन्हें देखने के लिए जंगल की ओर निकल पड़े। कुछ लोग हाथियों के पीछे-पीछे दौड़ते हुए भी देखे गये, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। इस तरह की भीड़ न केवल ग्रामीणों के लिए, बल्कि हाथियों के लिए भी खतरा बन रही है।
हाथियों के आने की सूचना वन विभाग गुमला और भरनो थाना की पुलिस को दे दी गयी है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सतर्क हो गयी है और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वन कर्मियों द्वारा ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वे हाथियों के पास न जाएं और सुरक्षित दूरी बनाये रखें।
वन विभाग के अनुसार, जंगली हाथी भोजन और पानी की तलाश में अक्सर एक जिले से दूसरे जिले की ओर चले जाते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। ग्रामीणों को रात के समय खेतों और जंगल की ओर न जाने, शोर-शराबा या पटाखे न जलाने और हाथियों को परेशान न करने की सलाह दी गयी है।
प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाये हुए है। यदि हाथियों का झुंड आबादी की ओर बढ़ता है तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जायेंगे। फिलहाल, अमलीया और आसपास के गांवों में हाथियों की मौजूदगी को लेकर डर के साथ-साथ लोगों में उत्सुकता भी बनी हुई है।
टीम एबीएन, रांची। उपायुक्त सह अध्यक्ष, जिला संचालन समिति की अध्यक्षता में खेलकूद से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गयी।
बैठक का मुख्य उद्देश्य रांची जिले में खेल अवसंरचना को मजबूत करना, अवैध अतिक्रमण रोकना, सुविधाओं की मरम्मत सुनिश्चित करना तथा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण को उच्च स्तर पर ले जाना रहा।
बैठक में, उप विकास आयुक्त, रांची सौरभ भुवनिया, जिला कल्याण पदाधिकारी, रांची संजय भगत, जिला शिक्षा पदाधिकारी, रांची विनय कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक, रांची बादल राज, सदस्य सचिव, जिला खेल पदाधिकारी, रांची शिवेंद्र कुमार सिंह, मनोहर टोपनो (पूर्व ओलंपियन) एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
जिले के उन प्रखंडों में जहां अभी तक प्रखंड स्तरीय स्टेडियम का निर्माण नहीं हुआ है, वहां से संबंधित प्रस्ताव, भूमि विवरणी एवं अन्य आवश्यक प्रतिवेदन तत्काल प्राप्त करने का आदेश दिया गया। उपायुक्त द्वारा जिला खेल पदाधिकारी, रांची को निर्देश दिया गया कि वे संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी/अंचल अधिकारी से उक्त विवरण शीघ्र संकलित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इंडोर बैडमिंटन स्टेडियम, मंदिर मैदान मोराबादी के परिसर में मौजूद अवैध कब्जा तत्काल हटाने का आदेश जारी किया गया। साथ ही, किसी भी स्टेडियम/खेल परिसर में नशा-पान, धूम्रपान या अन्य अनुशासनहीन गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये।
इंडोर बैडमिंटन स्टेडियम, मंदिर मैदान मोराहाबादी की टूटी-फूटी चारदीवारी की मरम्मत शीघ्र कराने के निर्देश दिये गये।
उपायुक्त ने प्रखंड सिल्ली स्थित सिल्ली स्टेडियम के परिसर तथा छात्रावास में चारदीवारी निर्माण एवं आवश्यक मरम्मत कार्य तत्काल शुरू करने का निर्देश दिया गया।
जिले में पहले से निर्मित सभी स्टेडियमों/खेल परिसरों की विस्तृत जांच कराने तथा जहां आवश्यक हो, वहां मरम्मत कार्य कराने का आदेश दिया गया। जिला खेल पदाधिकारी को इस संबंध में समयबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
जिला के सभी प्रशिक्षकों को अपने-अपने प्रशिक्षण केंद्रों में नियमित एवं अनुशासित रूप से प्रशिक्षण संचालित करने का सख्त निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि खिलाड़ियों की नियमित तैयारी ही उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिला सकती है।
आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों में भोजन एवं अन्य सुविधाओं की व्यवस्था जिलांतर्गत संचालित सभी आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों में भोजन, रसद आदि की आपूर्ति संबंधी स्थिति की रिपोर्ट तत्काल मंगवाने के निर्देश दिये गये।
जिलांतर्गत संचालित सभी आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों में भोजन, रसद आदि की आपूर्ति संबंधी स्थिति की रिपोर्ट तत्काल मंगवाने का आदेश दिया गया। मार्च 2026 के प्रथम सप्ताह तक निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर आपूर्ति व्यवस्था सुचारू करने के निर्देश दिये गये।
उपायुक्त ने बैठक में खेल गतिविधियों के अन्य कई बिंदुओं जैसे प्रशिक्षण सामग्री, उपकरणों की उपलब्धता, आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारी आदि पर भी विस्तृत चर्चा हुई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। जिले में खेल सुविधाओं को मजबूत बनाने, मौजूदा ढांचे की मरम्मत एवं नये निर्माण पर तेजी लाने को लेकर कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।
उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि खेल अवसंरचना (स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर) का विकास रांची जिले के युवाओं के सर्वांगीण विकास, स्वास्थ्य संवर्धन तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा प्रदर्शन के लिए अत्यंत आवश्यक है। उपायुक्त ने बैठक में दिए गए निदेर्शों के माध्यम से जिले में खेल सुविधाओं को मजबूत बनाने, मौजूदा ढांचे की मरम्मत एवं नए निर्माण पर तेजी लाने को लेकर कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
उपायुक्त ने बैठक में कहा कि खेल युवाओं के चरित्र निर्माण, स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय गौरव का महत्वपूर्ण साधन है। सभी संबंधित पदाधिकारियों से अपेक्षा की गई कि दिए गए सभी निर्देशों का पूर्ण एवं समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाये, ताकि रांची जिला खेल के क्षेत्र में प्रदेश का अग्रणी जिला बन सके।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। झारखंड में नगर निकाय चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गयी हैं। धनबाद नगर निगम चुनाव-2026 को लेकर भी नेताओं में दावेदारी शुरू हो चुकी है। इसी कड़ी में झारखंड विधानसभा के पूर्व सदस्य संजीव सिंह ने मेयर पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है।
संजीव सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को पत्र लिखकर धनबाद नगर निगम से मेयर उम्मीदवार बनाये जाने की इच्छा जतायी है। चिट्ठी में उन्होंने खुद को पार्टी का निष्ठावान और अनुशासित कार्यकर्ता बताया है।
अपने पत्र में संजीव सिंह ने कहा है कि यदि पार्टी उन्हें मौका देती है, तो वे धनबाद के सर्वांगीण विकास और जनता के कल्याण के लिए पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करेंगे। उन्होंने संगठन और पार्टी की विचारधारा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहरायी है।
संजीव सिंह ने अपने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि उनका परिवार लंबे समय से राजनीति और समाजसेवा से जुड़ा रहा है। उनके पिता स्वर्गीय सूर्यदेव सिंह चार बार विधायक रह चुके थे। उनकी मां कुंती देवी भी दो बार विधायक रही हैं। वहीं उनकी पत्नी रागिनी सिंह वर्तमान में झरिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
संजीव सिंह ने यह भी बताया कि वे बीसीसीएल से जुड़े श्रमिक संगठनों के माध्यम से मजदूरों के अधिकार और कल्याण के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इससे उन्हें आम लोगों और मजदूरों की समस्याओं की गहरी समझ मिली है। पत्र के अंत में उन्होंने पार्टी नेतृत्व से मार्गदर्शन और समर्थन की अपील की है। साथ ही यह भी कहा है कि वे पार्टी के हर निर्णय का सम्मान करेंगे और संगठन के निदेर्शों का पालन करेंगे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड नगर निकाय चुनाव की मतगणना को लेकर रांची में स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पायी है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पंडरा बाजार स्थित मतगणना केंद्र पर रोक लगने से जिला प्रशासन सतर्क हो गया है और वैकल्पिक स्थलों की तैयारी शुरू कर दी है।
आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित और उपयुक्त स्थानों का चयन जरूरी पंडरा बाजार स्थित मतगणना केंद्र पर हाईकोर्ट की रोक के बाद रांची जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पांच वैकल्पिक भवनों की पहचान की है। इन भवनों को मतगणना केंद्र और बज्रगृह (स्ट्रॉन्ग रूम) के संभावित स्थान के रूप में देखा जा रहा है।
इस संबंध में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त रांची ने संबंधित विभागों को पत्र भेजकर इन सभी भवनों का भौतिक निरीक्षण करने और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। प्रशासन का कहना है कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित और उपयुक्त स्थानों का चयन जरूरी है।
वहीं इस पूरे मामले पर राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पंडरा बाजार को ही मतगणना केंद्र मानकर तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से अभी तक किसी वैकल्पिक स्थल का कोई प्रस्ताव राज्य निर्वाचन आयोग को नहीं मिला है।
कुल मिलाकर, हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन जहां विकल्पों पर काम कर रहा है, वहीं राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारी अभी पंडरा बाजार को केंद्र में रखकर ही चल रही है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट आने के बाद आने वाले दिनों में स्थिति और साफ होने की उम्मीद है।
टीम एबीएन, रांची। राज्य में नगर निकाय चुनाव की घोषणा होते ही जिले में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गयी हैं। भले ही यह चुनाव गैर दलीय हो, लेकिन नगर में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए भाजपा, कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। प्रत्याशी चयन और चुनावी रणनीति को लेकर सभी दलों में बैठकों का दौर जारी है।
नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव को लेकर सबसे ज्यादा सक्रियता भारतीय जनता पार्टी में देखी जा रही है। झुमरी तिलैया नगर परिषद, डोमचांच और कोडरमा नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए भाजपा लगातार संगठनात्मक बैठकें कर रही है। पार्टी वार्ड स्तर से लेकर जिला स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर रही है, ताकि एक मजबूत और सर्वमान्य उम्मीदवार उतारा जा सके।
भाजपा में इस पद के लिए रमेश हर्षधर, पंकज वर्णवाल, रवि मोदी, सुषमा सुमन, विशाल भदानी और देवनारायण मोदी जैसे नामों की चर्चा है। भाजपा जिलाध्यक्ष अनूप जोशी ने बताया कि सभी दावेदारों के नामों पर संगठन में विचार-विमर्श किया जायेगा। इसके बाद सूची प्रदेश समिति को भेजी जायेगी, जहां अंतिम निर्णय लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रत्याशी को पार्टी का समर्थन मिलेगा, भाजपा पूरी ताकत के साथ उसके पक्ष में चुनाव लड़ेगी।
वहीं कांग्रेस भी अपने पारंपरिक जनाधार को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाने में जुटी है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश रजक ने कहा कि पार्टी किसी योग्य और सक्रिय कार्यकर्ता को समर्थन देकर मजबूती से चुनाव लड़ेगी। उम्मीदवार का चयन आपसी विचार-विमर्श के बाद किया जाएगा। कांग्रेस का फोकस उन इलाकों पर है, जहां संगठन की स्थिति मजबूत है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा भी चुनाव को गंभीरता से ले रही है। झामुमो जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय ने बताया कि पार्टी जल्द ही अपने उम्मीदवार का नाम तय कर आधिकारिक समर्थन देगी। पार्टी नगर क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से चुनाव को एक अवसर के रूप में देख रही है। इसके अलावा नगर परिषद चुनाव में कई स्थानीय और स्वतंत्र उम्मीदवारों के नाम भी सामने आ रहे हैं।
इनमें राजेंद्र जायसवाल, नारायण वर्णवाल, मिलन शाहबादी और मुकेश भदानी जैसे नाम शामिल हैं। सभी संभावित उम्मीदवार अपने-अपने समीकरण बनाने में जुटे हुए हैं। कुल मिलाकर, भले ही नगर निकाय चुनाव गैर दलीय हो, लेकिन राजनीतिक दलों की बढ़ती सक्रियता से सियासी माहौल पूरी तरह गर्म हो गया है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे प्रत्याशियों के नाम सामने आएंगे, नगर की राजनीति और भी दिलचस्प होती जाएगी।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse