झारखंड

View All
Published / 2026-02-25 23:42:57
एयर एंबुलेंस क्रैश में नये खुलासे से हैरानी

  • रेडबर्ड एयरवेज के बीचक्राफ्ट में नहीं था ब्लैक बॉक्स, घटनास्थल पहुंची AAIB टीम

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के चतरा जिले में हुए दर्दनाक विमान हादसे में सात लोगों की जान चली गई। यह विमान  रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड का  बीचक्राफ्ट C90 (पंजीकरण VT-AJV) था, जो रांची से दिल्ली के लिए मेडिकल इवैक्यूएशन उड़ान पर था।

इन विमानों को FDR की जरूरत नहीं

सूत्रों के अनुसार, विमान में ब्लैक बॉक्स मौजूद नहीं था क्योंकि इसका अधिकतम टेकऑफ वजन 5,700 किलोग्राम से कम है। नागरिक उड्डयन नियमों के तहत इस श्रेणी के विमानों में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) अनिवार्य नहीं होते।

विमान ने रांची से भरा था उड़ान

विमान ने शाम 7:11 बजे रांची से उड़ान भरी थी। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, वाराणसी से लगभग 100 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व में इसका रडार और संचार संपर्क टूट गया। इसके कुछ समय बाद यह सिमरिया ब्लॉक के कसारिया पंचायत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

घटनास्थल पर पहुंची टीम

हादसे के बाद एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) की टीमें मौके पर पहुंचीं। जांच अधिकारियों ने मलबे से महत्वपूर्ण साक्ष्य और दस्तावेज एकत्र किये।

2-3 सेकंड के भीतर जमीन पर गिर गया था विमान

उप-विभागीय पुलिस अधिकारी शुभम खंडेलवाल के अनुसार, स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि विमान अचानक संतुलन खो बैठा और 2-3 सेकंड के भीतर जमीन पर गिर गया। सभी शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। 

फिलहाल हादसे के कारणों की विस्तृत जांच जारी है। ब्लैक बॉक्स न होने के कारण जांच एजेंसियां मलबे, तकनीकी रिकॉर्ड और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर दुर्घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही हैं।

Published / 2026-02-25 23:35:08
वंदे भारत ने पूरे परिवार को उजाड़ डाला

  • वंदे भारत की चपेट में आकर पूरे परिवार की मौत
  • पैदल ही घर जा रहे थे; पति-पत्नी और बेटी की गई जान

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पाकुड़। झारखंड के पाकुड़ जिले से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां एक झटके में एक हंसता खेलता परिवार खत्म हो गया। मांता-पिता और उनकी बेटी की वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। 

इस हादसे से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद मौके पर पहुंची आरपीएफ और जीआरपी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एक साथ तीन लोगों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। चंदन, पत्नी और बेटी के साथ विक्रमपुर स्थित अपनी बहन के घर से पैदल लौट रहे थे। 

इसी बीच नगरनबी रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय तेज रफ्तार वंदे भारत ट्रेन ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बुरी तरह से कट गए और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों का शव क्षत-विक्षत हालात में रेलवे ट्रैक से आरपीएफ और जीआरपी टीम ने बरामद कर लिया है। साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी गई है। 

एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से इलाके में शोक की लहर है। जानकारी के अनुसार, यह घटना पाकुड़-रामपुरहाट रेलखंड पर नगरनबी स्टेशन के पास पोल संख्या 47/40 और 47/38 के बीच की बताई जा रही है। हादसे के वक्त वंदे भारत ट्रेन न्यू जलपाईगुड़ी से हावड़ा की तरफ से जा रही थी। इसी की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई।

Published / 2026-02-25 23:25:20
लीज नवीनीकरण नहीं होने से एचईसी के कर्मचारी चिंतित

  • एचईसी आवासों की लीज नवीनीकरण में देरी से बढ़ी चिंता, प्रबंधन को सौंपा गया ज्ञापन

टीम एबीएन,रांची। हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचईसी), धुर्वा, रांची के आवासीय कॉलोनियों में रहने वाले कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों के बीच इन दिनों असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। दीर्घकालीन लीज पर दिए गए आवासों के नवीनीकरण में हो रही देरी को लेकर सैकड़ों परिवार अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

इस मुद्दे को लेकर एक ज्ञापन एचईसी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को भाजपा नेता विनय जायसवाल के नेतृत्व में एचईसी कर्मचारी संघ के द्वारा सौंपा गया। जिसमें लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया अविलंब शुरू करने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि एचईसी पिछले कई वर्षों से आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है, जिसका असर न केवल संस्थान के कामकाज पर पड़ा है, बल्कि कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के जीवन पर भी दिखाई दे रहा है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 1996-97 के दौरान एचईसी प्रबंधन ने जिन आवासों का निर्माण कराया था, उन्हें कर्मचारियों को दीर्घकालीन आधार पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया था। उस समय 90 वर्षों की लीज की व्यवस्था की गई थी, जिसे 30-30 वर्षों के अंतराल पर तीन बार नवीनीकरण की शर्त के साथ लागू किया गया। इस योजना का उद्देश्य एक ओर संस्थान को आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराना था, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों को स्थायी आवासीय सुरक्षा प्रदान करना भी था।

बताया गया है कि प्रथम 30 वर्षों की अवधि पूरी होने के बाद भी लीज नवीनीकरण को लेकर प्रबंधन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इससे कर्मचारियों और उनके परिजनों में असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कई परिवारों को आशंका है कि नवीनीकरण में देरी उनके आवासीय अधिकारों को प्रभावित कर सकती है।

यह भी कहा गया है कि एचईसी परिसर में वर्तमान में कई आवास अनुपयोगी पड़े हुए हैं, जिनसे संस्थान को किसी प्रकार की आय नहीं हो रही है। यदि प्रबंधन लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित ढंग से आगे बढ़ाए, तो इससे संस्थान को आर्थिक लाभ मिल सकता है। साथ ही कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों का विश्वास भी बहाल होगा।

ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि दीर्घकालीन लीज पर दिए गए आवासों के नवीनीकरण के लिए शीघ्र आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। कर्मचारियों का मानना है कि समय रहते सकारात्मक निर्णय लिया गया तो न केवल एचईसी की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी, बल्कि सैकड़ों परिवारों की आवासीय सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी। फिलहाल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Published / 2026-02-25 21:58:47
झारखंड : विधानसभा में बजट को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तकरार

झारखंड विधानसभा में बजट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस, जानें किसने क्या कहा? 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन बुधवार को सदन में प्रस्तुत बजट को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक देखने को मिली। सत्तापक्ष ने बजट को जनहितकारी और विकासोन्मुखी बताया, जबकि विपक्ष ने इसे पूरी तरह भ्रामक और झूठ का पुलिंदा करार दिया। हालांकि सदन के भीतर और बाहर विपक्ष की ओर से कोई बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को नहीं मिला। 

सत्ता पक्ष ने बताया ने बजट को बताया जन-उपयोगी 

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले मीडिया से बातचीत में कांग्रेस विधायक सुरेश बैठा ने बजट को जन-उपयोगी बताते हुए कहा कि इसमें समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने विशेष रूप से मंईयां सम्मान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और महिला कल्याण के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किये गये हैं। 

मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने कहा कि बजट दूरदर्शिता के साथ तैयार किया गया है और विपक्ष इसे समझ नहीं पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रिम्स-2 के निर्माण में भाजपा बाधा डाल रही है, जिससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नुकसान हो रहा है। 

ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने दिल्ली में आयोजित एआई सम्मेलन के दौरान यूथ कांग्रेस नेताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की निंदा करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। वहीं मंत्री शुद्धिव्य कुमार सोनू ने एयर एंबुलेंस क्रैश मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया। 

बजट केवल कागजी योजनाओं का दस्तावेज 

विपक्ष की ओर से मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने नगर निकाय चुनाव में धांधली और रिम्स के बर्न वार्ड की बदहाल स्थिति को लेकर सरकार को घेरा। भाजपा विधायक शत्रुघ्न महतो ने सरकार पर जनता के पैसे के दुरुपयोग का आरोप लगाया, जबकि अमित यादव और आजसू विधायक तिवारी महतो ने बजट को केवल कागजी योजनाओं का दस्तावेज बताया।

Published / 2026-02-25 21:57:46
चंपई के पोते के निधन से दुखी हैं सीएम हेमंत सोरेन

सीएम हेमंत ने चंपई सोरन के पोते के निधन पर जताया दुख, कहा- इस दुखद घड़ी में हम उनके साथ हैं 

टीम एबीएन, रांची। हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पोते वीर सोरेन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी। उनका शव मनाली के सिमसा क्षेत्र स्थित एक होम स्टे में मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 

इस दुखद घड़ी में हम उनके साथ हैं 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वीर सोरेन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिवार को इस दु:ख को सहन करने की शक्ति की कामना की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, आदरणीय चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन का कुल्लू में आकस्मिक निधन का अत्यंत मर्माहत करने वाला समाचार मिला। 

मरांग बुरु दिवगंत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिजनों को दु:ख की घड़ी सहन करने की शक्ति दे। इस दुखद घड़ी में हम उनके साथ हैं। जानकारी के अनुसार, वीर सोरेन अपने दो दोस्तों के साथ 22 फरवरी को मनाली घूमने आये थे और सिमसा के होम स्टे में रुके थे। 23 फरवरी को सभी ने सोलंग घाटी और सेथन गांव घूमकर दिन बिताया। 

24 फरवरी को वीर ने दोस्तों के साथ बाहर जाने से मना किया और कहा कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है। दोपहर में जब दोस्तों ने उसे बिस्तर पर देखा तो वह सिर दर्द की शिकायत कर रहा था। दोस्तों ने उसे दवा दी और वह सो गया। करीब 2 बजे कमरे से जोरदार गिरने की आवाज आयी। कमरे में जाकर दोस्तों ने देखा कि वीर बिस्तर से गिरा हुआ है। 

वे उसे तुरंत उठाकर अस्पताल ले गये। रास्ते में वीर के मुंह से झाग निकलने लगा। मनाली सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने सीपीआर कर हर संभव प्रयास किया, लेकिन वीर को बचाया नहीं जा सका और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और दोस्तों, होम स्टे कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।

Published / 2026-02-25 21:50:21
श्याम प्रभु का फाल्गुन मेला महोत्सव आस्था, समर्पण और भक्ति का महापर्व

श्री श्याम प्रभु का उत्सव समाज में समर्पण, त्याग, परोपकार और सच्ची भक्ति का है प्रतीक: संजय सर्राफ 

टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट एवं श्री श्याम ध्वजा पदयात्रा समिति के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि हिंदू धर्म में श्रद्धा और विश्वास का अद्भुत केंद्र माने जाने वाले श्री खाटू श्याम जी का फाल्गुन मेला महोत्सव देशभर में अत्यंत धूमधाम से मनाया जाता है। इस वर्ष यह पावन उत्सव 21 फरवरी से 28 फरवरी तक मनाया जा रहा है, तथा फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी 27 फरवरी एवं द्वादशी 28 फरवरी के दौरान विशेष रूप से मनाया जायेगा। 

राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम मंदिर में इस अवसर पर विशाल मेले का आयोजन होता है, जहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु श्याम प्रभु के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्री श्याम प्रभु महाभारत काल के वीर बर्बरीक थे, जो घटोत्कच के पुत्र और भीम के पौत्र थे। उन्होंने युद्ध में हारने वाले पक्ष का साथ देने का संकल्प लिया था। उनकी शक्ति से चिंतित होकर भगवान श्रीकृष्ण ने उनका शीश दान में मांगा। 

बर्बरीक ने सहर्ष अपना शीश अर्पित कर दिया। उनकी अद्वितीय वीरता और त्याग से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें श्याम नाम देकर कलियुग में अपने नाम से पूजे जाने का वरदान दिया। ऐसी मान्यता है कि फाल्गुन शुक्ल एकादशी के दिन खाटू धाम में उनका प्राकट्य हुआ था, इसी कारण इस तिथि को विशेष उत्सव मनाया जाता है। यह महोत्सव त्याग, बलिदान और सच्ची भक्ति का प्रतीक है। 

फाल्गुन मेला महोत्सव  केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति का महासागर है।मंदिर को भव्य रूप से फूलों और रोशनी से सजाया जाता है। निशान यात्रा (ध्वज यात्रा) का विशेष महत्व होता है, जिसमें भक्त पैदल यात्रा कर ध्वज अर्पित करते हैं। अखंड कीर्तन, भजन संध्या और रात्रि जागरण का आयोजन होता है। लाखों श्रद्धालु हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा के जयघोष के साथ प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

राजस्थान के अलावा दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों में भी श्याम भक्त मंडलियों द्वारा भव्य शोभायात्राएं और भजन संध्याएं आयोजित की जाती हैं। श्री श्याम प्रभु का फाल्गुन मेला उत्सव समाज में समर्पण, त्याग और परोपकार की भावना जागृत करता है। यह पर्व सिखाता है कि सच्ची भक्ति में अहंकार का स्थान नहीं होता। बाबा श्याम को हारे का सहारा कहा जाता है, क्योंकि वे दुखी, निराश और पीड़ित जनों के संरक्षक माने जाते हैं।

समाज में आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना, आपसी प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देना तथा सेवा भावना को प्रोत्साहित करना है। फाल्गुन मेला महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का विराट संगम है। इस वर्ष भी यह पावन पर्व श्रद्धालुओं के लिए नई ऊर्जा, आशा और सकारात्मकता लेकर आयेगा। श्री श्याम प्रभु का यह संदेश सदैव प्रेरित करता है कि जीवन में सच्ची निष्ठा, त्याग और विश्वास ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। जय श्री श्याम के उद्घोष के साथ यह महापर्व पूरे देश में भक्ति और उत्साह का वातावरण निर्मित करता है। 

Published / 2026-02-25 08:16:01
सवालों के घेरे में एयर एंबुलेंस विमान हादसा

टीम एबीएन, रांची। क़रीब एक महीने पहले की बात है। संथाल परगना क्षेत्र की एक महिला बोरसी तापने के दौरान जल गई थीं। बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची के देवकमल अस्पताल में भर्ती किया गया। लेकिन कुछ राहत नहीं मिली। वे लगभग 70 प्रतिशत जल चुकी थीं। फ़ैसला हुआ कि एम्स दिल्ली लेकर जाया जायेगा। सवाल उठा कि कैसे? तब एयर एंबुलेंस की बात सामने आई। 

बताया गया कि झारखंड सरकार 50% सब्सिडी में एयर एंबुलेंस देती है क्यों नहीं उसके लिए प्रयास किया जाए। टॉल फ्री नंबर पर बात करने पर बताया गया कि बर्न केस में 30% प्रतिशत से अधिक जल जाने पर हमलोग एयर लिफ्ट नहीं करते। फिर प्राइवेट एयरलाइंस से बात हुई और वे 7.5 लाख में ले जाने को तैयार हुए। पैसा क़रीब तीन बजे ही जमा लिया गया और शाम क़रीब सात बजे मरीज़ को एयरलिफ़्ट करके एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया गया।

अब आते हैं मरीज़ संजय कुमार के केस में। जिस विमान का हादसा हुआ वह रेडबर्ड एयर लाइंस का ही था। झारखंड सरकार जो एयर एंबुलेंस की सुविधा 50 फ़ीसदी सब्सिडी के साथ देती है उसका संचालन भी एयर बर्ड एयर लाइंस ही करता है। परिवार वालों ने जैसी जानकारी दी उसके अनुसार कर्ज लेकर 7.5 लाख जुटाया और एयर एंबुलेंस के लिए दिया। तो यहां सवाल उठता है कि आख़िर मरीज़ संजय को सरकार की सब्सिडी वाला एयर एंबुलेंस क्यों नहीं मिला ? जैसी जानकारी है उसके अनुसार संजय भी 65% प्रतिशत जल चुके थे। 

तो सवाल है कि जो रेड बर्ड कंपनी प्रतिशत का आंकड़ा दिखाकर सरकारी व्यवस्था के तहत मरीज़ को ले जाने से मना कर देती है वही कंपनी वही जगह से पूरा पैसा लेकर उसी विमान से कैसे लेकर जाती है? क्या इसमें कोई बड़ा खेल है? जानकारी तो यह भी मिली है कि रेड बर्ड कंपनी के जिस Beechcraft King Air BE9L का हादसा हुआ वह क़रीब 39 साल पुराना विमान था। पूरे मामले की कठोर जांच की ज़रूरत है।

Published / 2026-02-24 23:09:44
पलामू : वन्दे मातरम् राष्ट्रीय चेतना और मातृभूमि के प्रति समर्पण का अमर मंत्र

  • वन्दे मातरम् राष्ट्रीय चेतना और मातृभूमि के प्रति समर्पण का अमर मंत्र
  • वन्दे मातरम् के 150 वर्ष स्मरणोत्सव पर मेदिनीनगर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
  • एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधरोपण, सामूहिक स्वच्छता शपथ

एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के केन्द्रीय संचार ब्यूरो, डालटनगंज की ओर से वर्ष भर चलने वाले वन्दे मातरम् के गौरवपूर्ण 150 वर्ष के स्मरणोत्सव, एक पेड़ मां के नाम एवं स्वच्छ भारत अभियान विषय पर आज राजकीयकृत ब्राह्मण प्लस टू उच्च विद्यालय, मेदिनीनगर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। 

कार्यक्रम की शुरुआत एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण के संकल्प तथा कन्या पूजन के साथ हुई। इसके उपरांत क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी श्री गौरव कुमार पुष्कर ने अतिथियों का परिचय कराते हुए विषय प्रवेश कराया। 

उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम् राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने और मातृभूमि के प्रति समर्पण भाव को सशक्त करने वाला अमर मंत्र है। बतौर अतिथि उपस्थित पर्यावरणविद् एवं वनराखी मूवमेंट के प्रणेता कौशल किशोर जायसवाल ने वृक्षों की अंधाधुंध कटाई से बिगड़ते पर्यावरण संतुलन पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने पर्यावरण धर्म के आठ मूल मंत्रों की जानकारी देते हुए प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने का आह्वान किया।

वरिष्ठ पत्रकार प्रभात मिश्र सुमन ने वन्दे मातरम् के पलामू से ऐतिहासिक जुड़ाव पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वन्दे मातरम् के रचयिता बंकिम चन्द्र चटर्जी के बड़े भाई संजीव चट्टोपाध्याय, जो पलामू में मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात थे, ने पलामू नाम से बांग्ला में एक प्रसिद्ध यात्रा-वृत्तांत लिखा था।

पत्रकार सतीश चंद्र मिश्र सुमन ने कहा कि वन्दे मातरम् हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने सेल्फी बूथ पर फोटो खिंचाकर वन्दे मातरम् का सामूहिक गान करते हुए भारत माता को नमन किया। इस अवसर पर सामूहिक स्वच्छता शपथ भी दिलाई गई।

छात्राओं ने प्रस्तुत किए सांस्कृतिक कार्यक्रम

विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने वातावरण को राष्ट्रभावना और ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के शिक्षक संतोष कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के प्राचार्य डॉ. सतीश कुमार दुबे ने किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रचार सहायक मनोज कुमार सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

बच्चों को मिले पुरस्कार

जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित निबंध, रंगोली एवं पेंटिंग प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

Page 7 of 1564

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse