एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। 14 भी 2026 कों केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे के धनबाद आगमन पर झरिया विधायक रागिनी सिंह एवं धनबाद महापौर संजीव सिंह द्वारा अपने स्टील गेट आवास सिंह मेंशन में उनका भब्य स्वागत किया। इस शिष्टाचार एवं आत्मीय भेंट के दौरान झरिया समेत पूरे कोयलांचल की वस्तुस्थिति एवं जनसमस्याओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई।
वहीं केंदुआडीह क्षेत्र में भू-धंसान से प्रभावित सड़क की गंभीर समस्या को केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा गया। क्षेत्रवासियों की सुरक्षा एवं सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की गई। साथ ही झरिया क्षेत्र में आग, भू-धंसान, विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
झरिया विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि कोयलांचल की समस्याएं वर्षों पुरानी हैं और प्रभावित लोगों को सुरक्षित जीवन उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई कर राहत पहुंचाने का आग्रह किया।
धनबाद महापौर संजीव सिंह ने कहा कि कोयलांचल की वास्तविक स्थिति को केंद्र सरकार तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्रीय मंत्री के प्रयासों से क्षेत्र की आधारभूत समस्याओं के समाधान में तेजी आएगी।
केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि कोयलांचल क्षेत्र की समस्याओं की गंभीरता को समझते हुए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे! ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
टीम एबीएन, रांची। रांची शहर की ट्रैफिक व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गयी, जब बोरिया-चिरौंदी रोड पर जाम के बीच रांची डीसी और एसएसपी का काफिला ही फंस गया। बताया जा रहा है कि सड़क पर भारी जाम के कारण अधिकारियों की गाड़ियां काफी देर तक आगे नहीं बढ़ सकीं। लगातार सायरन बजने के बावजूद रास्ता खाली नहीं हो पा रहा था।
करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने किसी तरह रास्ता क्लियर कराया, तब जाकर काफिला आगे बढ़ सका। इस दौरान आम लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बोरिया-चिरौंदी रोड पर जाम लगना अब रोज की समस्या बन चुकी है। सड़क संकरी होने, जगह-जगह अतिक्रमण, सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों और बढ़ते ट्रैफिक दबाव के कारण यहां दिनभर वाहन रेंगते नजर आते हैं। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
आज जब खुद प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियां जाम में फंस गयीं, तब इलाके में यह चर्चा तेज हो गयी कि क्या अब इस समस्या पर प्रशासन सख्त कदम उठायेगा या फिर यह मामला भी कुछ दिनों बाद ठंडे बस्ते में चला जायेगा।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार में नाबालिग बच्चियों के शोषण में लिप्त आर्केस्ट्रा समूहों के खिलाफ जारी कार्रवाई के तहत सारण जिले में रातभर चले अभियान में 13 आर्केस्ट्रा समूहों से सात नेपाली लड़कियों समेत 21 बच्चियों को मुक्त कराया गया। इस दौरान 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन (एवीए) की सूचना पर सारण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार के नेतृत्व में की गयी।
अभियान में सारण पुलिस, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू), कई थानों की पुलिस टीमों के साथ एवीए और नारायणी सेवा संस्थान भी शामिल थे। दोनों संगठन बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी हैं। मुक्त करायी गयी बच्चियों की उम्र 15 से 17 वर्ष के बीच है। इन्हें नेपाल, असम, पश्चिम बंगाल, ओड़ीशा, झारखंड और मध्य प्रदेश से ट्रैफिकिंग के जरिए लाया गया था।
प्रारंभिक काउंसलिंग के दौरान कई बच्चियों ने बताया कि उन्हें अच्छी नौकरी, चमकदार जिंदगी और आकर्षक कमाई का लालच देकर फंसाया गया। जाल में फंसने के बाद उन्हें शादियों और अन्य आयोजनों में घंटों तक अश्लील भोजपुरी गीतों पर प्रस्तुति देने के लिए मजबूर किया जाता था। इस दौरान कई बच्चियों को दर्शकों की ओर से यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार का भी सामना करना पड़ा।
मुक्त करायी गयी झारखंड की एक अनाथ बच्ची ने बताया कि करीब 15 वर्ष की उम्र में एक व्यक्ति ने बेहतर जीवन का सपना दिखाकर उससे शादी कर ली, लेकिन कुछ ही समय बाद उसे छोड़ दिया। उसी व्यक्ति ने उसकी मुलाकात एक महिला से करायी, जिसने नौकरी और बेहतर भविष्य का भरोसा देकर उसे अपने साथ आने के लिए राजी किया।
बाद में उस महिला ने उसे गोलू नाम के व्यक्ति को बेच दिया, जिसे इस अभियान के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। काउंसलिंग के दौरान बच्ची फूट-फूटकर रो पड़ी। उसने कहा कि पिछले तीन वर्षों से वह निराशा में जी रही थी और उसे उम्मीद नहीं थी कि वह इस जाल से बाहर निकल पायेगी।
राज्यों और सीमाओं के पार संचालित आर्केस्ट्रा समूहों और बच्चों की ट्रैफिकिंग के गहरे गठजोड़ पर जोर देते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के कार्यकारी निदेशक धनंजय टिंगल ने कहा, भारत बच्चों की ट्रैफिकिंग के खिलाफ लड़ाई में अग्रिम पंक्ति में खड़ा है, लेकिन इस अपराध को समाप्त करने के लिए पूरे समाज और पूरी शासन व्यवस्था को मिलकर काम करना होगा।
देशभर में बच्चों को यौन शोषण और ट्रैफिकिंग जैसे उत्पीड़न से सुरक्षित करना जरूरी है। बच्चों को मुक्त कराने और ट्रैफिकिंग गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई में सरकार और पुलिस जो उल्लेखनीय काम कर रही है, उसे अब फास्ट-ट्रैक अदालतों में त्वरित सुनवाई और अदालतों से मुआवजे की रकम जल्द जारी कर मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।
एवीए की टीम की ओर से एक महीने तक की गई गहन पड़ताल के बाद छापे की यह कार्रवाई की गयी। टीम ने उन आर्केस्ट्रा समूहों की पहचान की, जहां नाबालिग बच्चियों के होने की आशंका थी। सदस्यों ने ग्राहक बनकर वहां जानकारी जुटायी और कई बार जाकर स्थिति की पुष्टि की। पुष्टि होने के बाद यह सूचना सारण पुलिस के साथ साझा की गयी, जिसके आधार पर यह रेस्क्यू अभियान चलाया गया।
जवाबदेही और त्वरित कार्रवाई की जरूरत पर जोर देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, यह बेहद चिंताजनक है कि संगठित ट्रैफिकिंग नेटवर्क राज्यों और सीमाओं के पार से संचालित आर्केस्ट्रा समूहों के जरिए बच्चों का शोषण कर रहे हैं।
यह कोई अलग-थलग अपराध नहीं, बल्कि मांग, कानूनों पर अमल में ढिलाई और बच्चों की असुरक्षा पर टिका एक संगठित आपराधिक तंत्र है। बिहार पुलिस की हालिया कार्रवाइयां इन अपराधों के प्रति बढ़ती गंभीरता को दिखाती हैं, लेकिन इस तरह के नेटवर्क को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए राज्यों के बीच मजबूत समन्वय, कड़ी निगरानी और शोषण की पूरी श्रृंखला में शामिल हर व्यक्ति की जवाबदेही तय करना जरूरी होगा।
बताते चलें कि दो दिन पहले गोपालगंज जिले में भी एवीए, नारायणी सेवा संस्थान, पुलिस और एएचटीयू की संयुक्त टीम ने रातभर चले अभियान में 15 आर्केस्ट्रा समूहों से 44 नाबालिग बच्चियों को मुक्त कराया था। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क करें।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, हजारीबाग। आज हजारीबाग स्थित सर्किट हाउस हजारीबाग में आजसू छात्र संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक एवं विचार-मंथन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिवम मिश्रा ने की, जबकि संचालन सत्यम सिंह ने किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आजसू छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश सचिव डॉ. सौरभ शर्मा, हजारीबाग जिला अध्यक्ष परमेश्वर महतो, चतरा जिला अध्यक्ष शिवलाल दांगी, महिला मोर्चा केंद्रीय सचिव संगीता बरला, केंद्रीय सचिव विजय वर्मा, केंद्रीय सदस्य भोला महतो एवं केंद्रीय सदस्य संदीप सिंह शामिल हुए।
यह बैठक आजसू छात्र संघ द्वारा छात्र हित में लगातार किए जा रहे आंदोलन एवं विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्र संघ चुनाव कराने के आश्वासन के बाद आयोजित की गयी। बैठक में हजारीबाग, कोडरमा, चतरा, रामगढ़ एवं गिरिडीह जिले के विभिन्न महाविद्यालयों से आजसू छात्र संघ के छात्र नेता एवं मदर विंग के अभिभावकगण भी शामिल हुए।
बैठक में विनोबा भावे विश्वविद्यालय अंतर्गत सभी कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव कराने को लेकर व्यापक चर्चा की गयी। उपस्थित नेताओं एवं प्रतिनिधियों ने कहा कि छात्र संघ चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे विद्यार्थियों को नेतृत्व क्षमता विकसित करने तथा छात्र हितों की आवाज मजबूती से उठाने का अवसर मिलता है।
बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द से जल्द छात्र संघ चुनाव की तिथि घोषित करने की मांग की गयी, ताकि सभी महाविद्यालयों में निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराया जा सके।
इस अवसर पर छात्र हित, शिक्षा व्यवस्था में सुधार एवं युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही सभी जिलों में छात्र-छात्राओं को संगठित कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में मनोज महतो, बिशु राजवार, अरुण दांगी, मंजीत सिंह भोक्ता, धीरज कुमार, राजेंद्र कुमार, भूणेश्वर महतो, अजय मंडल, आकाश कुमार एवं विशेश्वर बेदिया सहित सभी जिलों से आये आजसू छात्र संघ के पदाधिकारी, छात्र नेता एवं मदर विंग के वरिष्ठ अभिभावकगण उपस्थित थे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा के प्रख्यात समाजसेवी एवं आदिवासी भाषा-संस्कृति के संवाहक स्वर्गीय अमरनाथ लकड़ा के निधन पर पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। उनके निधन की सूचना मिलते ही लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत लूथरन कंपाउंड स्थित उनके आवास पहुंचे और पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सांसद सुखदेव भगत ने स्वर्गीय अमरनाथ लकड़ा को याद करते हुए कहा कि वे केवल एक समाजसेवी ही नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और अधिकारों के मजबूत प्रहरी थे।
उन्होंने कहा कि लोहरदगा में विश्व आदिवासी दिवस मनाने की परंपरा की शुरुआत स्वर्गीय अमरनाथ लकड़ा, फादर नेम्हस और उनके संयुक्त प्रयासों से हुई थी, जो आज एक व्यापक सामाजिक और सांस्कृतिक आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय लकड़ा ने अपने पूरे जीवनकाल में कासा संस्था के माध्यम से गरीबों, जरूरतमंदों और वंचित लोगों की सेवा को प्राथमिकता दी।
समाज के कमजोर वर्गों को सहयोग पहुंचाने, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता फैलाने के साथ-साथ आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा। सांसद ने कहा कि पेसा कानून और आदिवासी अधिकारों को गांव-गांव तक पहुंचाने में स्वर्गीय अमरनाथ लकड़ा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वे लगातार जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करते रहे।
सामाजिक सरोकारों से जुड़ी उनकी सक्रियता और सरल व्यक्तित्व हमेशा लोगों को प्रेरित करता रहेगा। श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों ने भी स्वर्गीय अमरनाथ लकड़ा के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका निधन लोहरदगा के सामाजिक और सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
मौके पर सांसद के साथ आलोक साहू, शाहिद अहमद वेलू, कुणाल अभिषेक एवं सत्यजीत सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे और सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किये।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। जिला के किस्को मध्य विद्यालय मैदान में आगामी 30 मई को छोटानागपुर बॉक्साइड एंड कोल वर्कर्स यूनियन का भव्य महाधिवेशन आयोजित किया जायेगा। इस विशाल आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में मजदूरों एवं यूनियन कार्यकर्ताओं के बीच भारी उत्साह का माहौल है।
यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार महाधिवेशन में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से लाखों मजदूरों की भागीदारी होने की संभावना है, जिससे यह कार्यक्रम श्रमिक एकता का ऐतिहासिक उदाहरण बनेगा।
महाधिवेशन का आयोजन यूनियन के पूर्व सांसद सह महासचिव धीरज प्रसाद साहू के नेतृत्व में किया जा रहा है। कार्यक्रम में बॉक्साइड एवं कोल क्षेत्रों से जुड़े मजदूरों की समस्याओं, रोजगार सुरक्षा, श्रमिक अधिकार, सामाजिक सुरक्षा एवं क्षेत्रीय विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जायेगी। इसके साथ ही मजदूर हितों को लेकर संगठन की आगामी रणनीति भी तय की जायेगी।
पूर्व सांसद सह महासचिव धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि मजदूरों की मेहनत से ही उद्योग और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के अधिकार, सम्मान और भविष्य की सुरक्षा के लिए यूनियन हमेशा संघर्षरत रही है और आगे भी मजबूती के साथ लड़ाई जारी रखेगी।
उन्होंने कहा कि 30 मई का यह महाधिवेशन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मजदूरों की एकता, संघर्ष और स्वाभिमान का महापर्व होगा। उन्होंने सभी मजदूर भाइयों एवं युवाओं से बड़ी संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने की अपील की।
यूनियन के अध्यक्ष निशीथ जायसवाल ने कहा कि किस्को की धरती पर होने वाला यह महाधिवेशन मजदूर आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि लाखों मजदूरों की उपस्थिति संगठन की मजबूती और एकता का प्रमाण होगी। उन्होंने कहा कि मजदूरों के हक, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए यूनियन सदैव प्रतिबद्ध है तथा हर परिस्थिति में श्रमिकों की आवाज बनकर खड़ी रहेगी।
महाधिवेशन को सफल बनाने हेतु आयोजन समिति व्यापक तैयारी कर रही हैं। कार्यक्रम स्थल पर विशाल पंडाल, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा एवं स्वागत की विशेष तैयारी की जा रही है। यूनियन के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर मजदूरों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। पूरे क्षेत्र में महाधिवेशन को लेकर उत्साह, उमंग एवं जोश का माहौल बना हुआ है।
टीम एबीएन, रांची। स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी सहभागिता निभाने वाले स्वतंत्रता सेनानी, समाजसेवी, लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत के पिता स्वर्गीय गंधर्व भगत की 18वीं पुण्यतिथि पर 15 मई को सांसद के लोहरदगा आवास में है। 11 बजे श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है, जिसमें आप सभी सादर आमंत्रित हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा-गुमला ट्रक आॅनर एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल रांची स्थित आवास में एसोसिएशन के संरक्षक सह पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू से मिला। संरक्षक को एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि हेसल साइडिंग बंद होने के कारण प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रूप से लगभग 40 से 50000 लोग प्रभावित हो रहे हैं और हजारों ट्रक पिछले कई दिनों से खड़े हैं।
हेसल साइडिंग में बाक्साइड रखने की जगह नहीं है, क्योंकि वहां माल शिफ्टिंग का कार्य बंद है। संरक्षक से अपील की गयी है कि यथाशीघ्र कंपनी को कहकर ट्रकों का परिचालन शुरू कराने की कृपा करें और कंपनी के पास अगर जगह नहीं है तो लोहरदगा साइडिंग में ही कंपनी ट्रकों का बॉक्साइट अनलोडिंग शुरू करने की प्रक्रिया शुरू करें।
इस पर संरक्षक ने कहा कि कंपनी और ग्रामीणों से मेरी वार्ता चल रही है। शीघ्र ही इसका समाधान हो जायेगा, पर आप लोग भी कंपनी और ग्रामीणों के साथ अपनी वार्ता को जारी रखें। शीघ्र ही आप सभी का ट्रकों का परिचालन शुरू हो जायेगा। आज के प्रतिनिधि मंडल में एसोसिएशन के अध्यक्ष कवलजीत सिंह सचिव मुद्रिका यादव, कोषाध्यक्ष अभय सिंह, सहसचिव मोहम्मद रहमत अंसारी, मीडिया प्रभारी तारीख खान शामिल थे।
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