एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोकसभा सांसद सुखदेव भगत गुमला पहुंचकर क्रिसमस के अवसर पर गुमला धर्म प्रांत के बिशप लिनु पिंगल सहित विभिन्न चर्च, मिशनरीज संस्थाओं, विद्यालयों और कलीसिया समुदाय के लोगों से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं एवं सौहार्द, भाईचारे और समग्र विकास का भी संदेश दिया।
सांसद सबसे पहले गुमला धर्मपरांत पहुंचे जहां उन्होंने बिशप से मुलाकात कर बुके और केक भेंट किया। मौके पर अल्पसंख्यक समुदाय की देश और राज्य के विकास में भूमिका पर चर्चा हुई। सांसद ने कहा कि झारखंड की विविधता ही उसकी ताकत है और यहां सभी समुदाय मिलकर विकास की दिशा तय करते हैं।
इसके बाद सांसद उर्सु लाइन कान्वेंट स्कूल पहुंचे जहां प्राचार्य सिस्टर हरमिला लकड़ा ने उनका स्वागत किया। सांसद ने शिक्षा के क्षेत्र में धर्म बहनों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें क्रिसमस एवं नव वर्ष की शुभकामनाएं दी। सांसद संत इग्नासियुस हाई स्कूल भी गए जहां रेक्टर फादर फ्लोरेंस और फादर मनोहर खोया ने उनका अभिनंदन किया।
इसके अलावा सांसद रायडीह माझा टोली और लोहरदगा रोड स्थित जीईएल चर्च समेत कई मिशनरी संस्थानों में पहुंचकर पुरोहितों और कलीसिया समुदाय को क्रिसमस की बधाई दी। मौके पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजनील तिग्गा, पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष दीप नारायण उरांव, इंटक अध्यक्ष आलोक कुमार साहू, अनिरुद्ध चौबे, जय सिंह, सन्नी सहित अनेक कांग्रेसी उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष संजय सर्राफ ने कहा है कि वीर बाल दिवस प्रतिवर्ष 26 दिसंबर को मनाया जाता है। यह दिवस सिख इतिहास के उन अमर बाल वीरों-साहिबजादे जोरावर सिंह और साहिबजादे फतेह सिंह-की शहादत की स्मृति में समर्पित है, जिन्होंने धर्म, सत्य और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अत्यंत कम आयु में अद्वितीय साहस का परिचय दिया।
भारत सरकार ने वर्ष 2022 में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की, ताकि देश की युवा पीढ़ी इन प्रेरक आदर्शों से परिचित हो सके।साहिबजादे जोरावर सिंह (आयु लगभग 9 वर्ष) और फतेह सिंह (आयु लगभग 6 वर्ष) सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी के सुपुत्र थे। सन् 1705 में कठिन परिस्थितियों के बीच वे अपने परिवार से बिछुड़ गये और अंतत: उन्हें सरहिंद में बंदी बनाया गया।
उनसे अपने धर्म और सिद्धांतों से विचलित होने का दबाव डाला गया, किंतु बाल साहिबजादों ने सत्य और आस्था से समझौता करने से इंकार कर दिया। उनके इसी अडिग साहस और बलिदान की स्मृति में वीर बाल दिवस मनाया जाता है। गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन त्याग, संगठन और न्याय की स्थापना के लिए समर्पित था। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना कर समानता, साहस और सेवा के मूल्यों को सुदृढ़ किया साहिब जादे इन्हीं आदर्शों में पले-बढ़े।
अत्यंत कम आयु होने के बावजूद उनमें अदम्य, आत्मबल, नैतिक दृढ़ता और कर्तव्यनिष्ठा स्पष्ट दिखाई देती है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि उम्र नहीं, बल्कि चरित्र और विश्वास ही सच्ची शक्ति होते हैं।वीर बाल दिवस केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए प्रेरणा है। यह दिवस बच्चों और युवाओं में नैतिक साहस, धार्मिक सहिष्णुता, न्याय के प्रति प्रतिबद्धता और राष्ट्रप्रेम के भाव को जाग्रत करता है।
यह हमें बताता है कि कठिन परिस्थितियों में भी सत्य का मार्ग चुनना ही सच्ची वीरता है। विद्यालयों, सामाजिक संस्थानों और समुदायों में इस दिन संगोष्ठियां, भाषण, निबंध प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर इन मूल्यों को आगे बढ़ाया जाता है। आज जब समाज अनेक चुनौतियों से गुजर रहा है, वीर बाल दिवस हमें ईमानदारी, साहस और मानवीय मूल्यों की रक्षा का संकल्प दिलाता है।
साहिबजादों का जीवन यह सिखाता है कि अन्याय के सामने झुकना नहीं, बल्कि शांत दृढ़ता के साथ सत्य पर अडिग रहना ही वास्तविक विजय है। वीर बाल दिवस भारत की सांस्कृतिक और नैतिक विरासत का उज्ज्वल अध्याय है। यह दिवस हमें उन बाल वीरों को नमन करने का अवसर देता है, जिनका बलिदान सदियों तक प्रेरणा देता रहेगा। उनके आदर्शों को अपनाकर ही हम एक न्यायपूर्ण, साहसी और संवेदनशील समाज का निर्माण कर सकते हैं।
टीम एबीएन, रांची। रांची मेन रोड स्थित रोस्पा टॉवर का स्वामित्व जीईएल चर्च को मिलने के बाद दुकानदारों से नये किराया एग्रीमेंट (जिसमें किराया वृद्धि सहित कई नई शर्तें लगायी जा रही है) की मांग की जा रही है और दुकानदारों द्वारा इसे अस्वीकार करने पर कानूनी कार्रवाई और दुकान खाली करने की कार्रवाई की बात की जा रही है।
फेडरेशन आफ आल व्यापार संगठन की लॉ एंड आॅर्डर कमिटी ने आज माननीय मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप, मध्यस्थता एवं राहत की मांग की है। संगठन के अध्यक्ष दीपेश निराला, उपाध्यक्ष उमाशंकर सिंह, उपाध्यक्ष रेणुका तिवारी, महासचिव सत्येंद्र प्रसाद सिंह, कोषाध्यक्ष बिनोद बेगवानी, कार्यकारिणी सदस्य हरीश नागपाल, शाहिद आलम एवं अन्य ने तत्काल एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर निष्पक्ष जांच करवाकर समुचित कार्रवाई की मांग की है।
टीम एबीएन, रांची। रांची के जगन्नाथपुर मंदिर का स्थापना दिवस 25 दिसंबर को होगा। इस दिन विष्णु लक्षार्चना वार्षिक पूजा होगी, सुबह पांच बजे से ही भगवान जगन्नाथ के दर्शन सुलभ होंगे, सुबह छह बजे आरती होगी, सुबह 8 बजे से 8:30 बजे तक कलश पूजा और विष्णु पूजा होगी।
इसके बाद सुबह 8:30 बजे से 9:15 बजे गणपति हवन और विष्णु गायत्री हवन होगा। सुबह 9:16 बजे से 10 बजे तक पूजा के लिए श्रद्धालुओं के बीच पत्तल एवं फुल वितरण होगा 10 बजे से 11:30 बजे तक विष्णु सहस्त्रनाम पूजा होगी।
दिन के 11:31 बजे से अर्चित फूल भगवान को समर्पित किया जायेगा, दोपहर 12 बजे महाप्रभु को अन्न भोग लगाया जायेगा, दोपहर 12:10 बजे महाप्रभु दर्शन पट बंद कर दिया जायेगा। दोपहर 12:30 बजे से अन्न भोग श्रद्धालुओं के बीच निशुल्क वितरण किया जायेगा।
इसके बाद अपराहन 3 बजे पुन: पट खुलेगा, यह जानकारी जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति ने दी। समिति की ओर से कहा गया है कि विष्णु सहस्त्रनाम अनुष्ठान में भाग लेने के लिए महिलाओं को साड़ी और पुरुषों को धोती पहन कर आना अनिवार्य है, अन्य किसी परिधान में होने से अनुष्ठान में नहीं बैठ सकते हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने क्रिसमस के अवसर पर राज्य की महिलाओं को खास तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत रांची जिले की लाखों महिलाओं के बैक खाते में राशि ट्रांसफर कर दी गई है। रांची डीसी ने ट्वीट कर जानकारी दी है।
रांची डीसी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि क्रिसमस के पावन अवसर पर राज्य सरकार ने झारखंड की महिलाओं को विशेष उपहार स्वरूप मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना अंतर्गत नवंबर माह की सम्मान राशि का भुगतान कर रही है।
इस योजना के तहत रांची जिले की कुल 03 लाख 93 हजार 84 महिलाओं के बैंक खातों में आधार बेस्ड डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 2500 रुपये प्रति लाभुक की दर से कुल 98 करोड़ 27 लाख 10 हजार रुपये की राशि का भुगतान कर दिया गया है।
रांची डीसी ने आगे लिखा कि क्रिसमस का पर्व प्रेम, सेवा और खुशियां बांटने का संदेश देता है। इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के अंतर्गत महिलाओं को सम्मान राशि का भुगतान राज्य सरकार की ओर से एक स्नेहपूर्ण उपहार है। यह सहायता महिलाओं को न केवल आर्थिक संबल देती है, बल्कि उनके जीवन में आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना भी सुदृढ़ करती है।
टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट ने श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवा धाम श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर पुंदाग में 20 दिसंबर से रोजाना खिचड़ी भोग प्रसाद का वितरण प्रारंभ किया। ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल और प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि श्री राधा कृष्ण मंदिर में प्रत्येक दिन अन्नपूर्णा वेजिटेबल खिचड़ी भोग का वितरण दोपहर 12:30 बजे से 2 बजे तक किया जायेगा।
प्रतिदिन खिचड़ी प्रसाद का विधिवत भोग मंदिर के पुजारी पंडित अरविंद पांडे मंदिर में दोपहर 12 बजे लगायेंगे। तत्पश्चात श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी भोग बांटी जायेगी। ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ बताया कि ट्रस्ट के संस्थापक स्वामी डॉ सदानंद जी महाराज के सान्निध्य में प्रतिदिन मंदिर परिसर में अन्नपूर्णा खिचड़ी भोग सेवा चलायी जा रही है। जहां प्रतिदिन लगभग 400 लोग वेजिटेबल खिचड़ी भोग ग्रहण कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ट्रस्ट विगत 5 वर्षों से मंदिर में प्रत्येक रविवार को श्री कृष्णा प्रणामी अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद भंडारा का आयोजन करता है। मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक रांची स्थित श्री राम जानकी तपोवन मंदिर में मंदिर के नव निर्माण कार्य को लेकर एक महत्वपूर्ण चरण की शुरुआत मंगलवार को की गई। विशेष तौर पर जयपुर के मकराना से आए नक्काशीदार मार्बल ब्लॉकों का विधि विधान से पूजन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर मकराना से आए कारीगरों का भी विधिवत पूजन किया गया, जो अब प्रतिदिन मंदिर परिसर में नक्काशी और निर्माण कार्य करेंगे। पूजन के साथ ही कार्य को गति प्रदान की गई, जिससे मंदिर के नव-निर्माण को नई ऊर्जा मिली है।कार्यक्रम का आयोजन राम जानकी तपोवन मंदिर के महंत ओम प्रकाश शरण जी के नेतृत्व में संपन्न हुआ। गुजरात से पधारे उधव सोनपुराजी एवं उनके साथ आए सभी सहकर्मियों की उपस्थिति में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए।
इस मौके पर मंदिर नव-निर्माण समिति के सचिव प्रणय कुमार, रमेश धरणीधर, प्रसून रायपत, विधायक सी.पी. सिंह, जय सिंह यादव, रमेश सिंह, वीरेंद्र त्रिपाठी, ज्ञानप्रकाश, लवलीन तिवारी, रंजीत छाबड़ा, जग्गी नरेश, अयोध्या दास, रामविलास जी, गोपाल उपाध्याय, आचार्य अमर त्रिपाठी सहित मंदिर समिति के सभी सदस्य और बड़ी संख्या में राम भक्तगण उपस्थित रहे।
मौके पर महंत ओम प्रकाश शरण ने कहा कि मकराना मार्बल से होने वाला यह नक्काशी कार्य मंदिर की भव्यता और आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक बढ़ाएगा। उन्होंने सभी कारीगरों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए निर्माण कार्य के सफल और शीघ्र पूर्ण होने की कामना की।कार्यक्रम में धार्मिक वातावरण और भक्तिमय उल्लास देखने को मिला, जिससे पूरे परिसर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहा। उक्त जानकारी श्रीराम जानकी तपोवन मंदिर के महंत ओम प्रकाश शरण ने दी।
टीम एबीएन, रांची। हेमंत सरकार की कैबिनेट बैठक खत्म हो गयी है। आज की बैठक कुल 39 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। जिनमें सबसे महत्वपूर्ण पेसा कानून को मंजूरी मिली है। झारखंड में पेसा कानून को लागू करने की मांग लंबे समय से हो रही थी। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दे दी गयी है। इसके अलावा अन्य 39 प्रस्तावों को कैबिनेट में मंजूरी मिली है।
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