झारखंड

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Published / 2024-03-28 13:16:07
गुमला : सड़क दुर्घटना में एक की मौत

  • सड़क जाम कर रहे लोगों के साथ पुलिस की झड़प

एबीएन न्यूज नेटवर्क, गुमला। गुमला जिले के भरनो में मंगलवार की देर शाम एक सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गयी। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया। 

जाम हटवाने पहुंची पुलिस के साथ ग्रामीणों की झड़प हो गयी। आक्रोशितों ने भरनो थाना के थानेदार को जख्मी कर दिया है। कड़ी मशक्कत के बाद प्रशासन ग्रामीणों को शांत करवाने में सफल रही।

Published / 2024-03-28 13:14:01
पलामू : पारिवारिक विवाद में एक की हत्या

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव में भाई ने अपने ही चचरे भाई की गोली मारने के बाद गला रेत कर उसकी हत्या कर दी। मृतक का नाम मनोज है। घटना मंगलवार की रात 10:40 बजे के करीब की है। 

जानकारी के मुताबिक दो दिन पूर्व मृतक मनोज चौधरी ने अपने चचेरे भाई के साथ गाली गलौज की थी। जिसके प्रतिशोध में घटना को अंजाम दिया गया है। मृतक पर पहले से ही कई आपराधिक थाने में दर्ज हैं।

Published / 2024-03-28 12:48:12
पहले पिलायी शराब, फिर मार दी गोली

होली में खून खराबा

  • होली में पहले पिलायी शराब, फिर कर दी गोली मारकर हत्या

टीम एबीएन, पलामू। जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के कल्याणपुर में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गयी है। युवक को पहले शराब पिलायी गयी। 

उसके बाद तेज धारदार हथियार से हमला किया गया और बाद में उसकी गोली मार कर हत्या कर दी गयी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस पूरे मामले में छानबीन कर रही है और कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।

मृतक मनोज कुमार चौधरी पलामू के चैनपुर थाना क्षेत्र के कल्याणपुर का रहने वाला था और उसका आपराधिक इतिहास रहा है। मनोज चौधरी गढ़वा के अनराज घाटी में लूटपाट और अपहरण का आरोपी था। 

मिली जानकारी के अनुसार मनोज चौधरी का होली से पहले अपने गोतिया में विवाद हुआ था। होली के मौके पर मंगलवार की देर रात वह अपने गोतिया और परिवार के साथ बैठकर शराब पी रहा था।

शराब पीने के दौरान ही विवाद हुआ था और बहस हुई थी। इसी बहस के दौरान आरोपियों ने पहले तेज धारदार हथियार से मनोज चौधरी पर हमला किया और उसे जख्मी कर दिया। 

बाद में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गयी। मनोज चौधरी के शरीर में दो गोली मारी गयी थी। घटना के बाद मनोज चौधरी को परिजन मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ले गये, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया।

घटना की जानकारी मिलने के बाद चैनपुर थाना प्रभारी सोनू कुमार चौधरी मौके पर पहुंचे हैं और पूरे मामले की छानबीन की। मेदनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल में मृतक के शव का पोस्टमार्टम किया गया। 

थाना प्रभारी सोनू कुमार चौधरी ने बताया कि पुलिस पूरे मामले में छानबीन कर रही है। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। आपसी विवाद में हत्या हुई है और मृतक का आपराधिक इतिहास रहा है।

Published / 2024-03-27 23:54:00
कल्पना उस दिन होली मनायेंगी, जिस दिन...

  • होली के मौके पर कल्पना सोरेन हुईं इमोशनल, पर लिखा- मैं होली उसी दिन मनाऊंगी जब...

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जमीन घोटाला मामले में जब से जेल गए हैं तब से उनकी पत्नी कल्पना सोरेन उनका सोशल मीडिया अकाउंट एक्स हैंडल कर रहीं हैं। वह लगातार एक्स पर ट्वीट करती रहती हैं। वहीं, होली के मौके पर कल्पना मुर्मू सोरेन ने एक्स पर पोस्ट कर सभी देशवासियों को बधाई दी।
कल्पना ने लिखा कि रंगों के त्योहार होली और बाहा पोरोब की आप सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई और जोहार। 

शादी के बाद आज पहली बार मैं हेमंत जी के बिना होली के पर्व में अपने ससुराल नेमरा स्थित घर पर हूं। कल्पना सोरेन ने आगे लिखा कि तानाशाही शक्तियों ने झूठे केस मुकदमों में फंसा आज हेमंत जी को भले ही राज्यवासियों, मुझसे, परिवार और बच्चों से दूर कर रखा है, लेकिन तानाशाही शक्तियां ये दमन ज्यादा दिन कर नहीं पायेंगी। भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं।

कल्पना ने लिखा कि मैं होली उसी दिन मनाऊंगी जब हेमंत जी वापस हमारे बीच होंगे। उन्होंने यह भी लिखा कि आज गांव में हेमंत जी की अनुपस्थिति में राज्यवासियों के कल्याण की कामना करते हुए बाहा पर्व से संबंधित अनुष्ठान को किया गया। आज हम उदास जरूर हैं पर दृढ़ विश्वास है कि कोई भी तानाशाही ताकत हेमंत जी के हौसले को कमजोर नहीं कर सकती। 

कल्पना ने लिखा कि बाहा पर्व हमें पर्यावरण संरक्षण और भविष्य के लिए संतुलित अनुशासन की महत्वपूर्णता को समझने के लिए प्रेरित करता है। जलवायु परिवर्तन के इस दौर में जब हम प्रकृति पर्व को मनाते हैं तो प्राकृतिक संसाधन और समाज के संरक्षण के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उसे आगामी पीढ़ी के लिए संरक्षित करने का संकल्प भी लेते हैं।

Published / 2024-03-27 23:52:12
अब लीजिये... पलामू डीसी का बन गया फर्जी फेसबुक अकाउंट

  • पलामू डीसी के नाम पर बना फर्जी फेसबुक अकाउंट

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। जिले के डीसी नाम पर किसी ने फर्जी अकाउंट बनाया है। इस अकाउंट से कई लोग जुड़ गये हैं, हालांकि प्रशासन को जब इसकी जानकारी मिली तो इसे बंद करवाने की दिशा में जुट चुकी है। 

साथ ही लोगों से अपील की गयी है कि इस अकाउंट से भेजे जा रहे किसी भी संदेश पर प्रतिक्रिया न दें। ज्ञात हो की इससे पहले भी पलामू उपायुक्त के नाम पर फर्जी फेसबुक अकाउंट बना यूजर्स को दिग्भ्रमित करने का प्रयास किया गया था।

Published / 2024-03-27 23:50:41
रांची लोकसभा : भाजपा-कांग्रेस में सीधी टक्कर

  • रांची लोकसभा सीट पर भाजपा और कांग्रेस के बीच टक्कर 

टीम एबीएन, रांची। रांची लोकसभा सीट को लेकर एक धारणा बन गयी है कि यहां से भाजपा प्रत्याशी की जीत तय है। क्योंकि इसे भाजपा के गढ़ की भी संज्ञा दी जाने लगी है। लेकिन ऐसा नहीं है। इस सीट पर कांग्रेस का भी दबदबा रहा है। अलग बात है कि 2014 में नरेंद्र मोदी के पीएम कैंडिडेट घोषित किये जाने के बाद से अबतक हुए दो चुनावों में भाजपा प्रत्याशी की जीत होती आ रही है। वर्तमान में संजय सेठ रांची से भाजपा के सांसद हैं। इस बार भी पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया है। लेकिन थोड़ा पीछे मुड़कर देखेंगे तो पता चलेगा कि सुबोधकांत सहाय ने यहां से दो बार चुनाव जीतकर मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में कई मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी।

समीकरण और परिस्थिति में है अंतर

सच यह है कि रांची में कांग्रेस के पास सुबोधकांत सहाय के अलावा कोई दूसरा चेहरा नहीं है। इस बार भी उन्हीं के दावेदारी की चर्चा है। सुबोधकांत सक्रिय भी हो गये हैं। रांची लोकसभा क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में जनता के बीच जा रहे हैं। उनके पास इसबार एचईसी का मुद्दा है, जहां के कर्मी हाशिए पर चले गये हैं और सड़कों पर आंदोलनरत हैं। वैसे विधानसभावार रांची सीट का आंकलन करने पर कुछ और ही तस्वीर नजर आती है।

रांची लोकसभा क्षेत्र में हटिया, खिजरी, रांची, कांके, सिल्ली और ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इन छह विधानसभा सीटों में से रांची, हटिया, कांके पर भाजपा और सहयोगी दल आजसू का सिल्ली सीट पर कब्जा है। शेष दो सीटों में ईचागढ़ में झामुमो और खिजरी में कांग्रेस की जीत हुई थी। जाहिर है कि एनडीए का पलड़ा भारी है। लेकिन ख्याल रखना चाहिए कि संजय सेठ का सामना एंटी इनकम्बेंसी से भी हो सकता है। महंगाई को कांग्रेस ने बड़ा मुद्दा बनाया है। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने न्याय यात्रा निकालकर पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाई है।

रांची में कांटे की टक्कर के आसार

वरिष्ठ पत्रकार शंभू नाथ चौधरी ने संजय सेठ और सुबोधकांत के बीच के प्लस और माइनस फैक्टर पर अपनी राय दी है। उनके मुताबिक संजय सेठ सांसद बनने के बाद लगातार सक्रिय हैं। सहज तौर पर उपलब्ध हैं। मोदी का चेहरा और भाजपा के साथ शहरी कोर वोटर उनकी जीत का कारण रहा है। उनके साथ ओबीसी वोट खासकर वैश्य वोट बैंक है। कमजोरी के रुप में एंटी इनकम्बेंसी एक स्वाभिक फैक्टर है। गैर भाजपाई वोटरों की गोलबंदी की तीव्रता की संभावना है।

वरिष्ठ पत्रकार शंभू नाथ चौधरी के मुताबिक सुबोधकांत भी सहज रूप से उपलब्ध रहते हैं। जनता के बीच सक्रिय रहते हैं। इनकी जनता के बीच पुरानी पकड़ है। कांग्रेस से अलग निजी संगठनों के साथ उनका अच्छा तालमेल रहता है। पार्टी में उनके नाम पर कोई विरोध नहीं है। उनके सामने कोई दावेदार नहीं हैं। अगर ट्राइबल इलाकों में कल्पना सोरेन वोट मांगती हैं तो सुबोधकांत सहाय को मजबूती मिलेगी। जहां तक कमजोरी की बात है तो हिन्दुत्ववादी वोटरों को सुबोधकांत नहीं भाते हैं। लगातार दो बार हारने से राजनीतिक प्रभाव कम हुआ है। इसकी वजह से धमक कमजोर हुई है।

एक बात तो सही है कि कांग्रेस में लोकप्रिय चेहरों की कमी है। बंधु तिर्की के जुड़ने से कांग्रेस मजबूत जरुर हुई है। इस दिशा में काम करने से कांग्रेस चूकती आ रही है। रांची सीट से बन्ना गुप्ता के नाम की भी चर्चा हुई है। लेकिन रांची में बन्ना गुप्ता का कोई जनाधार नहीं है। अगर सुबोधकांत को झामुमो नेताओं का समर्थन मिलता है तो उनका पक्ष मजबूत हो सकता है। लिहाजा, रांची सीट पर इसबार एकतरफा जीत की बात नहीं की जा सकती है।

Published / 2024-03-27 22:54:45
कहीं कांग्रेस में जाने की तैयारी में तो नहीं हैं रामटहल चौधरी और रविन्द्र पाण्डेय

  • दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं से मिले रांची के पूर्व सांसद रामटहल चौधरी और रवींद्र पांडेय
  • धनबाद सीट को लेकर कांग्रेस फूंक-फूंक कर रख रही है कदम
  • ढुल्लू की मजबूत घेराबंदी करने में जुटा है पार्टी नेतृत्व

टीम एबीएन, रांची। रांची के पूर्व सांसद रामटहल चौधरी और गिरिडीह के पूर्व सांसद रवींद्र पांडेय दिल्ली में कांग्रेस के बड़े नेताओं से मिले। चौधरी जहां झारखंड प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव गुलाम अहमद मीर से, वहीं रवींद्र पांडेय मुकुल वासनिक से मिले। दोनों नेता अब भी दिल्ली में जमे हुए हैं। 

रांची से भाजपा के पूर्व सांसद रहे रामटहल चौधरी कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन रांची से टिकट मिलने की शर्त पर। लेकिन कांग्रेस ने उनसे कोई वादा नहीं किया। पार्टी की ओर से स्पष्ट कर दिया है कि बिना शर्त आना चाहते हैं, तो स्वागत हैं। लेकिन रांची से प्रत्याशी बनाने का वादा नहीं किया जा सकता है। 

इसके पीछे का बड़ा तर्क यह दिया जा रहा है कि चूंकि कांग्रेस पहले से एक कुरमी चेहरा जेपी पटेल को हजारीबाग से उतारने जा रही है। ऐसे में दूसरे कुरमी को टिकट दे पाना मुश्किल लग रहा है। चर्चा यह भी है कि चौधरी अपने बेटे रंधीर चौधरी का राजनीतिक भविष्य तलाशने के प्रयास में हैं। यह राजनीतिक भविष्य लोकसभा को लेकर होगी या विधानसभा को लेकर, यह देखने वाली बात होगी। 

रही बात रवींद्र पांडेय की, तो उन्हें भी गिरिडीह से टिकट मिल पाना मुश्किल बताया जा रहा है, क्योंकि गिरिडीह सीट झामुमो के खाते में गयी है। यदि आनेवाले दिनों में बढ़ती राजनीतिक तपिश के बीच झामुमो-कांग्रेस के बीच कोई बड़ा खेल या डील हो जाए और सीटों की अदला-बदली हो जाए, तो कोई अचरज वाली बात नहीं हो सकती है।

कुणाल षाडंगी भी कांग्रेस नेतृत्व के संपर्क में

कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी भी कांग्रेस नेताओं से संपर्क बनाए हुए हैं। गत विधानसभा चुनाव में वे झामुमो छोड़कर भाजपा में चले गए, मगर वे बहरगोड़ा से झामुमो प्रत्याशी समीर मोहंती से चुनाव हार गए। इसके पूर्व षाडंगी ने टिकट के लिए झामुमो से संपर्क साधा। वे जमशेदपुर लोकसभा से झामुमो का टिकट चाहते थे। 

मगर झामुमो ने साफ तौर पर मना कर दिया। हां झामुमो ने षाडंगी को इतना आश्वासत किया कि अगर वे झामुमो में आते हैं, तो विधानसभा चुनाव में उन्हें एडजस्ट किया जायेगा। इसके बाद षाडंगी कांग्रेस नेताओं से संपर्क बनाए हुए हैं। मगर कांग्रेस में भी वही पेंच है. क्योंकि जमशेदपुर सीट झामुमो के खाते में गयी है। अब आगे इनको लेकर क्या होता है, यह भी देखने वाली बात होगी।

राज पलिवार का एपिसोड अभी समाप्त नहीं हुआ है

पिछले सप्ताह कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता पवन खेड़ा के राज पलिवार को लेकर जारी सोशल मीडिया पोस्ट के बाद उठे बवंडर का खुद पलिवार ने खंडन कर शांत करने का प्रयास किया। आठ घंटे बाद पलिवार के खंडन के बाद खेड़ा ने अपना पोस्ट हटा लिया। अब कोई राष्ट्रीय पदाधिकारी अगर किसी के शामिल होने का पोस्ट सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहा है तो बात कहीं न कहीं कुछ तो होगी। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि राज पलिवार एपिसोड अभी खत्म नहीं हुआ है। इंतजार करने की जरूरत है। देखते जाइये, आगे-आगे होता है क्या?

धनबाद को लेकर कांग्रेस फूंक-फूंक कर रख रही कदम

धनबाद सीट पर भले ही भाजपा ने ढुल्लू महतो को प्रत्याशी बना दिया है। पर उनके लिए यह सीट निकालकर भाजपा की झोली में डालना आसान नहीं होगा। इसलिए धनबाद को लेकर कांग्रेस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। 

धनबाद को लेकर कांग्रेस हड़बड़ी के मूड में नहीं है। कांग्रेस ढुल्लू महतो की मजबूत घेराबंदी की तैयारी में जुटी है। कांग्रेस धनबाद में राजपूत लॉबी को भुनाने के मूड में है। कांग्रेस पीएन सिंह का टिकट कटने का दर्द को हवा देने की फिराक में है। अब देखना है कि कांग्रेस धनबाद से किसे उतारती है। कोयलांचलवासियों को भी इसका बेसब्री से इंतजार है।

Published / 2024-03-26 23:10:31
जेपी पटेल और सीता सोरेन के इस्तीफे पर क्या निर्णय लेंगे स्पीकर

टीम एबीएन, रांची। चुनावी समर में नेताओं का पाला बदलने का दौर जारी है। इन सबके बीच हाल ही में सत्तापक्ष और विपक्ष के दो विधायक सार्वजनिक रुप से पाला बदल चुके हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा से नाराज होकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने वाली जामा विधायक सीता सोरेन और बीजेपी से कांग्रेस में शामिल हुए मांडू विधायक जेपी पटेल को लेकर अब तक कोई एक्शन विधानसभा की ओर से नहीं हुआ है।

सीता सोरेन ने 19 मार्च को स्पीकर को ई-मेल के जरिए इस्तीफा भेजा था जबकि जेपी पटेल ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है। जेपी पटेल के कांग्रेस में जाने के बाद नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने आपत्ति जताते हुए विधानसभा से दल बदल के तहत कार्रवाई करने की मांग पिछले दिनों की थी मगर लिखित रुप से अब तक कोई स्पीकर न्यायाधीकरण में केस नहीं दर्ज हो पाया है।

प्रावधान के अनुसार इस तरह के मामले में सदन में बीजेपी के विधायक दल के नेता होने के नाते सबसे पहले उन्हें लिखित शिकायत करनी होगी। उसके बाद मुख्य सचेतक और फिर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की ओर से लिखित शिकायत हो सकती है।

स्पीकर के समक्ष लंबित है सीता सोरेन का इस्तीफा

जामा विधायक सीता सोरेन के द्वारा स्पीकर के समक्ष विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिए हुए एक सप्ताह हो चुके हैं मगर अब तक कोई निर्णय नहीं हो सका है। विधानसभा के संयुक्त सचिव मधुकर भारद्वाज कहते हैं कि विधानसभा कार्य संचालन नियमावली 316 के अनुसार विधानसभाध्यक्ष को किसी सदस्य के इस्तीफा पर विवेकाधिकार निर्णय लेने का अधिकार है। इसके लिए विधानसभा के कोई भी निर्वाचित सदस्य फैक्स, ईमेल या लिखित कॉपी स्पीकर को सौंप सकते हैं।

इन सबके बीच सीता सोरेन को बीजेपी ने दुमका सीट से लोकसभा के लिए सुनील सोरेन की छुट्टी करते हुए प्रत्याशी बनाने की घोषणा की है। ऐसे में सीता सोरेन के इस्तीफा लंबित होने से सवाल उठने शुरू हो गए हैं। आपको बता दें कि गांडेय से जेएमएम विधायक सरफराज अहमद का इस्तीफा रविवार होने के बाबजूद कुछ घंटे के अंदर स्वीकार कर अधिसूचना जारी कर दी गई थी।

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