एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिलाध्यक्ष रत्नेश कुमार ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता सह समाजसेवी राज कुमार महतो एवं असलम मंसूरी का नाम बेवजह घसीटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी द्वारा दोनों समाजसेवियों पर लगाये जा रहे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।
रत्नेश कुमार ने कहा कि रजनी रवानी अपना वर्चस्व कायम करने के लिए आजसू पार्टी के कुछ लोगों के साथ मिलकर बांसजोड़ा मर पीट की घटना को अंजाम दिये और ये घटना में पूरी तरह आजसू पार्टी के लोग जिम्मेवार है और अनसब पर प्रशासन से आग्रह है कि आजसू पार्टी के लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
रत्नेश कुमार ने कहा कि राज कुमार महतो एवं असलम मंसूरी वर्षों से लोयाबाद क्षेत्र में समाज सेवा करते आ रहे हैं और गरीब, मजदूर तथा जरूरतमंद लोगों की हर संभव मदद करते हैं। क्षेत्र में किसी भी वर्ग का व्यक्ति अपनी समस्या लेकर इनके पास पहुंचता है तो उसका समाधान करने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने कहा कि लोयाबाद में समाजसेवा के क्षेत्र में दोनों का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया एवं कुछ समाचार माध्यमों से देखा जा रहा है कि आजसू पार्टी द्वारा दोनों समाज सेवी नेताओं की छवि को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है।
आजसू पार्टी उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर झूठे आरोप लगा रही है। अवैध कोयला कारोबार से जुड़े आरोपों को भी उन्होंने निराधार बताया। रत्नेश कुमार ने जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करायी जाये, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। न्यूज चैनलों और अखबारों के माध्यम से हमें पता चला कि सांसद सुखदेव भगत एवं विधायक रामेश्वर उरांव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपनी राय व्यक्त किया है कि भाजपा एवं आरएसएस आदिवासी का सम्मान नहीं करते और इन्हें वनवासी पुकारकर इनका अपमान करते हैं।
सबसे पहले सांसद के अधकचरे ज्ञान को ठीक करना अतिआवश्यक है क्योंकि इन्होंने बहुत ही गर्व पूर्वक अपने प्रोफाइल में पूर्व डेप्यूटी कलेक्टर लिखते हैं और ज्ञान में बहुत कमजोर हैं। बोलते हैं 1857 के युद्ध में कांग्रेस का बड़ी सहभागिता रही है और 1858 में राज्य पुनर्गठन आयोग की वैधानिक गठन हुआ था।
बता दें कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस का गठन 1885 में हुआ था तो 1857 की लड़ाई में कांग्रेस कहां से टपक पड़ी, जिसका जन्म ही नही हुआ था? वहीं राज्य पुनर्गठन आयोग का स्थापना सन 1856 में की गयी थी ना कि 1858 में। सांसद आप सच में जे पी एस सी उतीर्ण कर नौकरी में आये थे या उस समय के कांग्रेस सत्ता में व्याप्त भ्रष्टाचार का प्रभाव था।
साथ ही विधायक रामेश्वर में भी उम्र का प्रभाव दिखने लगा है, अन्यथा एक ओर विधायक जी खुलेआम कहते हैं कि आदिवासी हिंदू नहीं है और दूसरी ओर वे स्वयं रामनवमी में झंडा पूजा किये बिना अन्न जल ग्रहण नहीं करते जबकि विधायक की प्रशासनिक पदाधिकारी पुत्री निशा उरांव गला फाड़कर बोल रही है कि कुछ तुच्छ लोग राजनीतिक लाभ के लिए सरना सनातन को तोड़ने का षड्यंत्र के तहत सरना हिन्दू नहीं है जैसा दुष्प्रचार कर रहे हैं।
जबकि गाहे बगाहे विधायक पुत्र रोहित उरांव भी अपने आप को सदैव हिन्दू ही कहा है और माना है। मंदिरों में जाना और पूजा पाठ करना इनके लिए रोजमर्रा की जिंदगी है। आगे या तो रामेश्वर उरांव जिंदगी भर खुद कन्फ्यूज रहे हैं कि वे हिन्दू हैं अथवा नहीं या फिर अपने बच्चों को संस्कार और धर्म की जानकारी देने में गलती कर गये हैं।
एक ऐसा व्यक्ति जो आईपीएस रहा हो, जो राष्ट्रीय जनजातीय आयोग का चैयरमेन रहा हो वह व्यक्ति के मुंह से सार्वजनिक बयान आता है कि सरना हिन्दू नहीं है! यह बहुत ही हास्यास्पद और दिमागी दिवालियापन की निशानी है। शायद अब ये 80 वर्षीय आयु के व्यक्ति हैं, तो उम्र का भी प्रभाव में गलत सलत बयान निकल जा रहा है। सांसद सुखदेव भगत आप बाबा कार्तिक उरांव और डेविड मुनरो के मुकदमे का रेफरेंस लेते हुए बोलते हैं कि जो आदिवासी धर्म परिवर्तन कर लिया है वह भी जनजातीय आरक्षण का लाभ ले सकता है। इसका मतलब आप धर्म परिवर्तन को जायज बताते हुए इसे बढ़ावा दे रहे हैं।
जबकि भारतीय संविधान के जानकार बताते हैं कि समय अनुसार परिस्थितियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट भी पूर्व के फैसलों से अलग फैसला दे सकते हैं और समय की मांग अनुसार इसे बदलने का भी अधिकार सुप्रीम कोर्ट को पूर्ण रूप से है। हमारा प्रश्न केवल एक है यदि सरना, सनातन से अलग है तो वह कैसे है इतिहास का उदाहरण देते हुए इसे परिभाषित कर हम सभी सरना सनातनी भाई बहन को अवश्य बतायें।
टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार द्वारा जारी हिट वेव एडवाइजरी के अनुपालन हेतु श्रम विभाग, झारखंड सरकार के अधिकारियों एवं फेडरेशन आॅफ झारखंड चैम्बर आॅफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आज चैम्बर भवन में हुई। बैठक में उपस्थित श्रम अधीक्षक, रांची एतवारी महतो ने भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निदेर्शों एवं सलाहों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी एवं लू के प्रभाव से बचाव हेतु सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों, दुकानों, कपड़ा व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, होटल एवं अन्य संस्थानों को आवश्यक सावधानियां अपनानी चाहिए। बैठक में सभी प्रतिष्ठानों में ठंडे पेयजल, ओआरएस, ग्लूकोज, नींबू पानी आदि की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया, ताकि श्रमिकों, कर्मचारियों एवं आमजनों को गर्मी से राहत मिल सके।
साथ ही विभिन्न व्यावसायिक संगठनों एवं चैम्बर आॅफ कॉमर्स से अपनी ओर से भी जन-जागरूकता हेतु अपील जारी करने का आग्रह किया गया। बैठक में भारत सरकार द्वारा जारी सलाह पर विस्तार से चर्चा की गयी। साथ ही एनजीओ एवं सामुदायिक समूहों को सार्वजनिक स्थलों पर पानी, छाछ एवं अन्य राहत पेय पदार्थों के स्टॉल लगाने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
इसके अतिरिक्त लू से प्रभावित व्यक्तियों के प्राथमिक उपचार एवं त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के उपायों पर भी चर्चा की गयी। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने आमजनों से अपील की कि वे अत्यधिक धूप में निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें तथा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों का पालन करें।
झारखंड चैम्बर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि भीषण गर्मी एवं हिट वेव की स्थिति को देखते हुए सभी औद्योगिक एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की सामाजिक जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने कर्मचारियों, श्रमिकों एवं ग्राहकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने राज्य के सभी उद्योगों, व्यवसायियों एवं व्यापारिक संगठनों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों में हिट वेव से बचाव को लेकर जागरूकता बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभायें।
चैम्बर के श्रम उप समिति के चेयरमैन प्रमोद सारस्वत ने कहा कि चैम्बर समाज के विभिन्न संगठनों, एनजीओ के साथ मिलकर आमजनों को राहत पहुंचाने एवं जागरूकता अभियान चलाने में सहयोग करेगा, ताकि भीषण गर्मी के दौरान जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सके।
बैठक में चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, सह सचिव नवजोत अलंग, कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल, अमित शर्मा, श्रम एवं ईएसआईसी उप समिति चेयरमैन प्रमोद सारस्वत, सदस्य राजीव चौधरी, सतीश कुमार, श्रम विभाग के पदाधिकारी अनंत कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। उक्त जानकारी फेडरेशन के सह सचिव नवजोत अलंग ने दी।
टीम एबीएन, रांची। रांची में एक 38 वर्षीय सेना के जवान को कॉलेज छात्रा से कथित छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह घटना शुक्रवार को लालपुर थाना क्षेत्र में हुई, जब 23 वर्षीय छात्रा कॉलेज से अपने घर लौट रही थी।
लालपुर थाना प्रभारी रूपेश कुमार ने बताया कि आरोपी सेना के जवान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पीड़िता के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गयी है। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी जवान हरियाणा का रहने वाला है और उसकी पोस्टिंग नामकुम में थी। मामले की आगे जांच जारी है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में गर्मी अब लोगों की सहनशक्ति की परीक्षा लेने लगी है। सुबह होते ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा जैसा माहौल देखने को मिल रहा है। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
शुक्रवार को रांची का अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में तापमान में 0.3 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है।
राज्य में सबसे अधिक तापमान मेदिनीनगर में रिकॉर्ड किया गया, जहां पारा 44.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। हालांकि यहां तापमान में 0.8 डिग्री की हल्की गिरावट दर्ज की गयी, लेकिन गर्म हवाओं का असर लगातार बना हुआ है। वहीं बोकारो में 41.5 डिग्री, चाईबासा में 39.4 डिग्री और जमशेदपुर में 38.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची स्थित गेल (इंडिया) लिमिटेड के क्षेत्रीय कार्यालय में शहर में पाइपलाइन के माध्यम से गैस आपूर्ति (पीएनजी) एवं सिटी गैस वितरण परियोजनाओं की प्रगति को लेकर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने आज समीक्षा बैठक की।
बैठक में उन्होंने अधिकारियों से परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, कार्यों की गति एवं भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिये ।
रक्षा राज्य मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि रांची शहर के अधिक से अधिक घरों तक पाइपलाइन से गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
टीम एबीएन, रांची । सदर थाना क्षेत्र स्थित दून टेंट हाउस में शुक्रवार की सुबह आग लग गई। आग की वजह से पूरा टेंट हाउस जल कर राख हो गया। दमकल के आधा दर्जन वाहनों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर आंशिक रूप से काबू पाया है।
राजधानी रांची के चेशायर होम क्षेत्र में स्थित दून टेंट हाउस के गोदाम में शुक्रवार तड़के सुबह आग लगने से हड़कंप मच गया। अचानक भयानक धुआं और लपटें उठते ही आस-पास के लोग सहम गए और मौके पर भगदड़ सी मच गई।
सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम और स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर आंशिक रूप से काबू पाया। सुबह के 11 बजे तक भी टेंट हाउस में लगी आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था।
सदर थाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि आग सुबह लगी थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस के द्वारा ही दमकल के वाहनों को सूचना दी गई। दमकल के वाहन मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने की कोशिश करने लगे।
इस दौरान 6 दमकल के पानी खत्म हो गए, लेकिन आग पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका। सदर थाना प्रभारी ने बताया कि फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है। पूरी तरह से आग को बुझाने के लिए दमकल के वाहन अपने काम में लगे हुए हैं।
बता दें कि दून टेंट हाउस का गोदाम चेशायर होम इलाके में स्थित है और इसमें शादी-समारोह और आयोजनों में उपयोग होने वाले बड़े पैमाने पर टेंट, साज-सज्जा का समान, कुर्सी-मेज, पंडाल के कपड़े और अन्य सजावटी समान रखे हुए थे। आग लगने की वजह से सब कुछ जलकर राख हो गया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पाकुड़। जिले में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की कथित तौर पर पत्थर से कुचलकर और अपनी बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह घटना बुधवार रात महेशपुर थाना क्षेत्र में हुई।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपनी 40 वर्षीय पत्नी की कथित तौर पर पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी, क्योंकि उसे शक था कि उसका किसी और के साथ अवैध संबंध है।
उसने बताया कि आरोपी ने अपनी 12 वर्षीय बेटी की भी गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनुदीप सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम गांव पहुंची और घर के आंगन से लड़की का शव बरामद किया।
एसपी ने बताया कि बच्ची का शव बरामद होने के बाद, उस व्यक्ति ने कथित तौर पर पुलिस को सूचित किया कि उसकी पत्नी लापता है, जिसके बाद उसकी तलाश के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया।
पुलिस ने बताया कि एसआईटी ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ आरोपी से भी पूछताछ की। उसने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी पत्नी की हत्या करने और शव को दफनाने की बात कबूल कर ली। उन्होंने बताया कि बाद में मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में शव को खोद कर निकाला गया।
पुलिस ने गड्ढा खोदने में इस्तेमाल किया गया फावड़ा, वहां से मिट्टी के नमूने एकत्र करने के साथ ही खून से सना हुआ गमछा भी बरामद किया। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि कथित अवैध संबंध के संदेह के कारण उसने हत्याएं कीं।
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