झारखंड

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Published / 2026-08-05 21:46:36
परीक्षा प्रकरण के पूरे मामले मामले की हो सीबीआई जांच : बाबूलाल मरांडी

बाबूलाल मरांडी ने आंदोलनरत छात्रों से की मुलाकात, कहा- पूरे मामले की हो सीबीआई जांच 

टीम एबीएन, रांची। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा के विधायकों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम जाकर आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात की। इस दौरान भाजपा नेताओं एवं छात्रों के बीच 15 मिनट से अधिक समय तक की वार्ता हुई। 

बाबूलाल मरांडी छात्रों की मांगें सहित आंदोलन से जुड़े सारे पहलुओं से अवगत हुए।  मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी में जिस प्रकार गड़बड़ियां हुई हैं, छात्रों की मांग इन परीक्षाओं को रद्द करते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की है। 

इससे कम मांग पर छात्र मानने को कतई तैयार नहीं हैं। छात्रों की सारी मांगें बिल्कुल जायज और वाजिब हैं। भाजपा छात्रों के मुद्दे पर उनके साथ सड़क से सदन तक खड़ी है। इस मामले को विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाया जायेगा। उन्होंने कहा कि झारखंड में पेपर लीक का मामला ही नहीं है बल्कि यहां जेपीएससी और जेएसएससी के द्वारा खुलेआम नौकरियां बेची गयी हैं। 

केवल 14वीं जेपीएससी परीक्षा गड़बड़ी का ही मामला नहीं है बल्कि जेएसएससी सीजीएल, उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा सहित तमाम परीक्षा में धांधली एवं अनियमितता सामने आयी है। उत्पाद सिपाही भर्ती में सवालों को तमाड़ में चुने हुए छात्रों को रटवाया गया था। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी जेएसएससी के द्वारा वैसे अभ्यर्थी, जिनसे पैसा लिया गया था उन्हें बिहार, नेपाल और रांची में 120 प्रश्नों के उत्तर रटवाये गये थे और वे सारे सवाल हु-ब-हु पूछे गये थे।

जेपीएससी की परीक्षा के कट आफ मार्क्स जारी नहीं किया गया था, परिणाम पार्ट-पार्ट में निकाला गया था। जब हाइकोर्ट की डांट पड़ी तो कट आॅफ मार्क्स जारी किये गये तो यह पाया गया कि जिन अभ्यर्थियों का चयन हुआ था उनसे कहीं अधिक मार्क्स वैसे बच्चे लाये थे जिनका चयन ही नहीं हुआ था। इसलिए अब तक पिछले 6 वर्षों में जितनी भी परीक्षायें जेपीएससी ने आयोजित किया है उन सबमें गड़बड़ी है। अत: इस सबकी जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए। 

उन्होंने कहा कि झारखंड को करप्शन के दलदल से बचाना हम सबों का दायित्व है। छात्रों के भविष्य के साथ-साथ झारखंड के भविष्य को भी बचाने की जरूरत है। इस गड़बड़ी के माध्यम से जो लोग अफसर, बाबू बनेंगे, जो लोग आज पैसे देकर नौकरी खरीदेंगे, वो अगले 30 साल तक झारखंड में करप्शन का रायता फैलायेंगे। वे इस राज्य को लूटकर पूरी तरह खोखला कर देंगे। इस परिपाटी को खत्म करना होगा। 

उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में राज्य को करप्शन से बचाना है, जेपीएससी और जेएसएससी संस्थान को भ्रष्टाचार मुक्त करना है तो इसके अध्यक्ष, परीक्षा नियंत्रक और सचिव को तुरंत बर्खास्त करते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच आवश्यक है। साथ ही इन सभी दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर इनकी अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित करना भी जरूरी है। उन्होंने राज्य सरकार की संवेदनशीलता पर भी सवाल उठाया। 

बारिश के मौसम में इस विषम परिस्थिति में छात्र आंदोलन में डंटे हुए हैं, ये अपना वाजिब हक-अधिकार मांग रहे हैं परंतु झारखंड सरकार और प्रशासन ने थोड़ी भी मानवीय संवेदना नहीं दिखायी। उल्टा नियम कायदों की आड़ में छात्रों को परेशान किया गया, यह कहीं से भी उचित नहीं है।  

इस दौरान भाजपा विधायक सीपी सिंह, नवीन जायसवाल, मनोज यादव, नागेंद्र महतो, डॉ नीरा यादव, आलोक चौरसिया, देवेंद्र कुंवर, अमित यादव, शत्रुघ्न महतो, उज्ज्वल दास, मंजू कुमारी, प्रदीप प्रसाद, पूर्णिमा साहू, आजसू विधायक निर्मल महतो, प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, रांची महानगर अध्यक्ष वरुण साहू सहित अन्य नेता मौजूद रहे।

Published / 2026-08-05 21:44:33
हर मोर्चे पर विद्यार्थियों के साथ खड़े हैं : भानु प्रताप शाही

छात्रों के समर्थन में हम खुलकर हैं बस इसका राजनीतीकरण नहीं हो होना चाहिए : भानु प्रताप शाही 

टीम एबीएन, रांची। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने एबीएन न्यूज 24 से खास बातचीत करते हुए जेपीएससी जेएसएससी को लेकर कहा कि छात्रों के समर्थन में हम खुलकर हैं बस इसका राजनीतिकरण नहीं हो होना चाहिए। इसलिए हम सभी सामने नहीं आ रहे थे, हमारा नैतिक समर्थन शुरू से ही रहा है। 

पूरी भाजपा छात्रों के साथ खड़ी है  

वहीं उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर मंतर से यहां का आंदोलन काफी अलग है, यहां छात्र शांतिपूर्ण एवं मर्यादित तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन हेमंत सरकार की नाक, कान, आंख सब बंद है। यहां तक कि हाथ भी बंधे हैं।  

भानु प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री मगरमच्छ के समान हैं। आखिर अभय तिवारी कौन है, जो इतनी परीक्षाएं पास की है। 14वीं जेपीएससी से लेकर जेएसएससी तक की सेटिंग वही करता था। 

क्या वह हेमंत सोरेन का भाई है, क्या वह कल्पना सोरेन का देवर है। भानु प्रताप शाही ने कहा कि हर हाल में सीबीआई जांच करानी होगी।  परीक्षा रद्द करनी होगी अन्यथा मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना होगा।

Published / 2026-08-05 21:43:37
महुदा में कथित अवैध बालू उठाव के दौरान ट्रैक्टर पलटा, चालक की मौत

रत्नेश कुमार ने सरकार और पुलिस से कार्रवाई की मांग की 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  ट्विटर के माध्यम से झारखंड सरकार, विधायक सरयू राय, झारखंड पुलिस एवं धनबाद पुलिस को टैग करते हुए महुदा क्षेत्र में कथित अवैध बालू तस्करी पर रोक लगाने की मांग की है। 

रत्नेश कुमार ने अपने ट्वीट में लिखा है कि महुदा क्षेत्र के अंधारी स्थित नदी से कथित अवैध बालू उठाव के दौरान एक ट्रैक्टर पलट जाने से चालक की दबकर मौत हो गयी। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गयी तथा कथित तौर पर बालू कारोबार से जुड़े लोगों ने शव को घटनास्थल से हटाकर एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले को दबाने और मैनेज करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा मिलने में भी बाधा आ सकती है। रत्नेश कुमार ने सवाल उठाया कि जब राज्य में अवैध बालू खनन और तस्करी पर रोक है, तब आखिर तो खुलेआम कथित रूप से अवैध बालू का कारोबार किसके संरक्षण में चलाया जा रहा है यही नहीं बालू तस्करो हमारे धनबाद के एसएसपी की भी छवि धूमिल करने में लगे हुए हैं।

धनबाद एसएसपी में हमेशा अवैध कारोबार पर रोक लगाते आ रहे है लेकिन कुछ बालू माफिया आंखों में धूल झोंककर अवैध बालू तस्करी कर रहे है, धनबाद में ऐसे ही ईमानदार एसएसपी की जरूरत है जो अवैध कारोबार पर लगाम लगा के रख सके इनके आने से धनबाद में अपराध से लेकर अवैध कारोबार पर रोक लगा है धनबाद एसएसपी से अनुरोध है कि अपने स्तर से बालू तस्करी पर भी रोक लगाने की कृपा करेंगे । 

रत्नेश कुमार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने, अवैध बालू तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने तथा मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा एवं न्याय दिलाने की मांग की है।

Published / 2026-08-05 19:52:34
छात्र आंदोलन को रांची सिटीजन फोरम और हमर अधिकारी मंच का समर्थन

  • रांची सिटीजन फोरम और हमर अधिकार मंच के साथ विभिन्न संगठनों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलनरत छात्रों के अनशन को दिया अपना नैतिक समर्थन 
  • पूरे मामले की उच्च स्तरीय स्वतंत्र न्यायिक जांच या सीबीआई जांच करवाने से पूर्ण मामला स्पष्ट हो पायेगा 
  • अनशनकारी छात्रों से मिले अध्यक्ष दीपेश निराला अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ और उनका हाल-चाल जाना 

टीम एबीएन, रांची। पिछले 12 दिनों से लगातार मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितता की जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर आमरण-अनशन पर बैठे छात्रों से रांची सिटीजन फोरम, हमर अधिकार मंच, श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट और अखिल भारतीय संत समिति के सदस्यों ने मुलाकात की और उनका हाल-चाल लिया तथा उनके इन मांगो और अनशन को अपना नैतिक समर्थन दिया। 

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह पढ़े-लिखे छात्रों का आंदोलन है और वह अपनी पूर्व में हुए 14वीं जेपीएससी की प्रारंभिक (पीटी) परीक्षा को रद्द करते हुए अन्य मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अनुशासन के साथ सत्याग्रह कर रहे हैं, जिसका समर्थन करते हैं।  

अध्यक्ष दीपेश निराला ने बताया कि उक्त परीक्षा एजेंसियों के विभिन्न मामले झारखंड उच्च न्यायालय में लंबित रहे हैं और कई मामले पूर्व में देखने को मिले हैं, यदि परीक्षाओं में गड़बड़ी नहीं है तो फिर इन सब दर्जनों मामलों पर बार-बार क्यों सवाल उठ रहे हैं, छात्रों के समर्थन में तुरंत इसकी उच्च स्तरीय स्वतंत्र न्यायिक जांच और सीबीआई जांच करवानी चाहिए, ताकि दूध का दूध एवं पानी का पानी स्पष्ट हो सके।

यह आंदोलनकारी छात्र झारखंड के ही बच्चे हैं, जो झारखंड का भविष्य हैं, जो आने वाले समय में व्यवस्था में विभिन्न विभागों के तहत अपनी सेवा देंगे, इसलिए सरकार को चाहिए कि इनसे वार्ता करके इनके मांगों को स्पष्ट रूप से स्वीकारते हुए इस आमरण अनशन को समाप्त कराए। 

प्रतिनिधि मंडल में दीपेश निराला, उमाशंकर सिंह, रेणुका तिवारी, स्वामी दिव्यानंद, दीनबंधु कुमार, सुजीत कुमार पांडेय, मनीष बक्शी, संजय सर्राफ, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, कुमार अभिषेक दुबे, आशीष कुमार जायसवाल, शेखर कुमार, वंदना झा, डॉ. पार्थ तिवारी, इत्यादि सम्मिलित हुए।

Published / 2026-08-05 19:50:35
लोहरदगा : पूर्व पार्षद कमलेश कुमारी की भाभी का निधन, शोक

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा नगर के पूर्व वार्ड पार्षद कमलेश कुमार की भाभी शीला देवी (67, पति स्वर्गीय मिथिलेश कुमार) का ब्रेन हेमरेज होने के कारण रांची के राज हॉस्पिटल में निधन हो गया। 

8 माह पूर्व इनके बड़े पुत्र मनीष कांत का भी देहांत हो चुका है। उनके आकस्मिक निधन पर आजसू पार्टी शोक संवेदना प्रकट करते हुए भगवान से उनके आत्मा की शांति की कामना करती है। 

कल दिनांक 6/8/26 को सुबह 10  बजे मैंना बगीचा स्थित उनके आवास से लोहरदगा भक्सो मुक्तिधाम के लिए अंतिम यात्रा निकाली जायेगी। उक्त जानकारी आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव सूरज अग्रवाल ने दी।

Published / 2026-08-05 19:50:03
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है झारखंड की शिक्षा व्यवस्था : सूरज अग्रवाल

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव सूरज अग्रवाल ने झारखंड की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि आज जंतर मंतर से लेकर झारखंड के मोराबादी मैदान तक शिक्षित बेरोजगार युवा अपने और अपने परिवार के भविष्य को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और झारखंड के भ्रष्टाचारियों कर्मचारी नेता करोड़ों रुपये का उगाही कर चैन की नींद सो रहे हैं। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। एक ओर शिक्षित युवा चिंतन मंथन कर रहे हैं और दूसरी ओर जितने भी सरकारी स्कूल है वहां पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। 

प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय (कक्षा 1 से 5 तक) में प्रति 30 बच्चे के ऊपर एक शिक्षक या शिक्षिका होना चाहिए और उच्च विद्यालय में (कक्षा 6 से 10 तक) 35 बच्चों के ऊपर एक शिक्षक या शिक्षिका होना चाहिए। लेकिन पूरे झारखंड का सर्वे करा लिया जाए, यह व्यवस्था आज तक लागू नहीं हुई है। कुछ शिक्षक विद्यालय में पढ़ाई कम और नेतागिरी करने में ज्यादा व्यस्त है। जैसे लगता है उन्हें भविष्य में विधायक या सांसद का चुनाव लड़ना हो। 

वह अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाएंगे, परंतु जिस विद्यालय की जिम्मेवारी इन्हें सौपी गयी है उस विद्यालय का भविष्य खराब किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था तो खराब है ही, लेकिन शहरी क्षेत्र में कुछ शिक्षक शिक्षिका को छोड़कर अधिकतम शिक्षक अपने कर्तव्यों का सही से निर्वाह नहीं कर रहे हैं। कई शिक्षक-शिक्षिका सरकारी तंत्र में मोटा चढ़ावा चढ़ाकर शहर के विद्यालयों में डिप्टेशन में रहकर शिक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। 

जबकि अगर यह ईमानदार शिक्षक शिक्षिका है, तो इन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर स्वच्छ शिक्षा का माहौल बनाना चाहिए था। शिक्षा विभाग के कई अधिकारी विद्यालयों में जांच करने जाते हैं और जांच के नाम पर हजारों लाखों उगाही करके अपने कार्यालय में लौट जाते हैं। सभी विद्यालयों का आॅडिट कराया जाता है। आॅडिट के नाम पर भी झोल-झाल किया जाता है। क्या कभी ऐसा हो सकता है कि झारखंड के हजारों विद्यालय में कोई गलतियां हुआ ही ना हो? लेकिन आॅडिट करने वाले अधिकारी पैसे के दम पर सरकारी विद्यालयों को क्लीन चिट देते हैं। 

अब जरा आप ही सोचिए कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था से हम क्या उम्मीद कर सकते हैं? आज इसी सरकारी शिक्षा व्यवस्था के कारण दो दशकों से प्राइवेट स्कूलों का बोलबाला बढ़ा है। बात कड़वा है लेकिन सच है। आज विद्यालय में गरीब आदिवासी मूलवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए एक योजना लाया गया था मध्याह्न भोजन, ताकि गरीब का बच्चा कम से कम भोजन के नाम पर विद्यालय आवे और शिक्षा प्राप्त करे। लेकिन सरकारी तंत्र एवं शिक्षकों की लापरवाही के कारण यह व्यवस्था भी धराशाई हो चुकी है। 

आज विद्यालय में मुफ्त सुविधा के नाम पर मध्याह्न भोजन, साइकिल वितरण, ड्रेस वितरण, जूता मौज वितरण, बैग वितरण, कॉपी किताब वितरण आदि कई व्यवस्था मे टैक्स भरने वाले लोगों का करोड़ों रुपये लग रही है। लेकिन क्या सरकार इन विद्यालयों में उच्च शिक्षा स्वच्छ शिक्षा दे पा रही है। यह सरकार को खुद अपने आप में सोचना चाहिए एक नारा दिया गया था (पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया) तो क्या हम सभी अच्छी शिक्षा व्यवस्था बहाल कर पा रहे हैं। यह आज के शिक्षक और शिक्षिका को चिंतन और आत्म मंथन करने की आवश्यकता है कि हम देश के भविष्य को बढ़ा रहे हैं या बर्बाद कर रहे हैं।

Published / 2026-08-05 19:48:15
झारखंड : नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आंदोलन को दिया सशरीर समर्थन

छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने श्री मरांडी को सौंपा मांग-पत्र 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष श्री बाबूलाल मरांडी आज आंदोलन स्थल पर पहुंचे और जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती महाभियान के तहत चल रहे सत्याग्रह एवं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को अपना सशरीर समर्थन दिया। 

इस दौरान उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा आंदोलन की पृष्ठभूमि एवं छात्रों की मांगों पर विस्तृत चर्चा की। श्री मरांडी ने छात्रों की मांगों को न्यायोचित बताते हुए सरकार से शीघ्र सकारात्मक पहल करने की अपेक्षा व्यक्त की। 

मौके पर उपस्थित छात्र प्रतिनिधिमंडल ने बाबूलाल मरांडी को अपनी प्रमुख मांगों से संबंधित मांग-पत्र भी सौंपा तथा जेपीएससी-जेएसएससी की नियुक्ति प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं, विवादित परीक्षा एजेंसी एवं भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांगों से उन्हें अवगत कराया।

Published / 2026-08-05 19:47:34
उल्टा चोर कोतवाल को डांटे... छात्रों से माफी मांगें पीएम मोदी और अमित शाह : सुखदेव भगत

पेपर लीक मामले पर केंद्र सरकार को घेरा, बोले; धर्मेंद्र प्रधान को ग्लानि नहीं, गर्व था; सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। पेपर लीक प्रकरण और छात्रों के मुद्दे पर लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कठघरे में खड़ा किया। सांसद ने कहा कि छात्रों से माफी मांगने की जरूरत सरकार को है, क्योंकि युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मामलों में सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही है। 

उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसे मामलों में जवाबदेही तय करने के बजाय सरकार जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है। सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार युवाओं और छात्रों के मुद्दों को उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि छात्रों को माफ कर देना चाहिए, लेकिन राहुल गांधी कह रहे हैं कि माफी तो प्रधानमंत्री और अमित शाह को छात्रों से मांगनी चाहिए। 

यहां तो स्थिति ऐसी हो गई है कि उल्टा चोर कोतवाल को डांटे। प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह को अपने कृत्यों के लिए देश के छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। पेपर लीक मामले पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए सांसद ने कहा कि किसी भी माफी में ग्लानि और जिम्मेदारी का भाव होना चाहिए, लेकिन इस पूरे प्रकरण में ऐसा बिल्कुल नहीं दिखा। 

उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान के चेहरे पर पश्चाताप के बजाय गर्व का भाव दिखाई दे रहा था, मानो कोई बड़ी उपलब्धि हासिल की गयी हो। उन्होंने इसे बेहद विरोधाभासी और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। सांसद ने कहा कि आज भी पूरी केंद्र सरकार, केंद्रीय मंत्रिमंडल और स्वयं प्रधानमंत्री इस गंभीर मुद्दे पर अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने से बच रहे हैं। 

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न केवल जवाबदेही से भाग रही है, बल्कि संसद में भी इस विषय पर चर्चा से बचने का प्रयास कर रही है। सांसद ने कहा कि देश का युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित है और सरकार को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय जवाबदेही निभाते हुए छात्रों का विश्वास बहाल करना चाहिए।

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