टीम एबीएन, कोडरमा। गर्मी का कहर बुधवार को भी जारी रहा। अगले दो-तीन दिनों तक राहत की उम्मीद नहीं है। गर्म हवा और झुलसा देने वाली धूप से लोग परेशान हो रहे हैं। आसमान से बरस रहे आग ने जीना मुहाल कर दिया है। स्थिति यह है कि सुबह 9 बजे के बाद नलों में गर्म पानी आ रहा है। इधर, कोडरमा स्टेशन, बस स्टैंड में ट्रेन और बस पकड़ने वाले यात्रियों के हाल भी बेहाल हैं।
वहीं फुटपाथ पर सब्जी, फल एवं अन्य सामग्री बेचने वाले लोगों के हाल बुरे हो चुके हैं। पापी पेट के सवाल को लेकर यह दुकानदार दिनभर इस धूप में ग्राहकों के इंतजार में बैठे हैं। इधर, दो पहिया वाहनों की टंकी और सीट गर्म हो जा रही है जिससे वाहन चलाने वालों को भी खासी परेशानी हो रही है। गर्मी से झुमरी तिलैया सहित जिले के विभिन्न इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
दिन भर लोग घरों में दुबकने को विवश हैं। दिनों दिन बढ़ रहे तापमान के बीच शरीर को झुलसा देने वाले भीषण गर्मी सुबह 8 बजे से ही अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर देती है। लोग गर्मी से बचाव के उपाय ढूंढ रहे हैं। पहले सड़कों के किनारे राहगीरों के लिए पेड़ भी नजर आते थे लेकिन ऐसा की कुछ देर छांव में आराम कर सके। सड़कें भी 11 बजे से शाम के 6 तक सुनसान रह रही है।
वैसे ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं जिन्हें सरकारी और बैंकों के कार्य निपटाना हैं। गर्म हवा के थप्पड़ों के साथ लोग अपने बचाव के लिए दिनचर्या को भी बदला है। सुबह शाम लोग घरों से निकल रहे हैं और कई प्रतिष्ठान दोपहर में 1:30 से 4:00 बजे तक बंद हो जा रहे हैं। जो दुकान खुली भी रह रही हैं उसमें इक्का दुक्का ही ग्राहक पहुंच रहे हैं। बहरहाल, गर्मी ने मनुष्य के साथ-साथ पशु पक्षियों का भी जीना मुहाल कर दिया है।
वहीं बिजली रानी के नखरे भी पिछले 36 घंटे से परेशान की हुई है। झुमरी तिलैया में 36 घंटे में 10 घंटे ही बिजली आपूर्ति हो पाई है। कई इलाकों में ट्रांसफार्मर भी अत्यधिक लोड और गर्मी के कारण उड़ जा रहे हैं या खराब हो जा रहे हैं। ऐसे में कई गली मोहल्ले में बिजली भी प्रभावित हो रही है।
लोड शेडिंग भी बढ़ी है और बिजली की आपूर्ति सही से नहीं होने से पेय जलापूर्ति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। बिजली रानी के नखरे की वजह से इनवर्टर और मोबाइल भी पूरी तरह से चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। एसी, कूलर, पंखा भी साथ नहीं दे रहे हैं। फ्रिज का ठंडा पानी के बजाय बिजली नहीं रहने की वजह से घरों के पानी का इस्तेमाल हो रहा है।
टीम एबीएन, झुमरी तिलैया। कोडरमा जिले के डीवीसी बड़ाकर नदी मे दामोदर वेल्ली कारपोरेशन (डीवीसी) एवं एनटीपीसी के संयुक्त तत्वाधान मे लगभग 250 करोड़ से ऊपर की लागत से बनाने वाले 155 मेगावाट सोलर प्लांट का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। डैम में तैरते हुए बिजली का निर्माण सोलर एनर्जी का निर्माण सूर्य की किरणें प्राप्त कर सोलर पैनल की मदद से किया जायेगा। पिछले कुछ समय से भारत मे सोलर एनर्जी का उपयोग तेजी से बढ़ा है। पर्यावरण की दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बन रहा है।
बिजली के क्षेत्र में आत्म निर्भर बनाने की कवायद की जा रही है, जिसमें कोडरमा थर्मल पवार प्रोजेक्ट भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अप्रैल माह के पहले सप्ताह में 10 मेगावाट सोलर बिजली का उत्पादन शुरू कर दिया है, जिसे ग्रिड से भी जोड़ कर बिजली उपभोक्ताओं को दी जा रही है। इसमें लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च लगा।
इधर, केटीपीएस के परियोजना प्रमुख दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि तिलैया डेम में 155 मेगावाट सोलर प्लांट मार्च 2026 तक बन कर तैयार हो जायेगा और इसकी बिजली भी ग्रिड के जरिये ही उपलब्ध होगी। उन्होंने ये भी बताया कि केटीपीएस मे हीरोडीह स्टेशन से प्रतिदिन 3 से 4 रैक कोयला की आपूर्ति होती है।
लगभग 12 किलोमीटर का यह फासला अभी 30 मिनट में पहुंचती है वर्तमान में इसकी गति सीमा 15 किलोमीटर प्रति घंटा है। जो बढ़कर 30 किलोमीटर हो जायेगी और रैक 1 जुलाई से प्लांट में 15 मिनट मे पहुंचने लगेगा। वहीं पिपराडीह साइडिंग से एसपोंड की ढुलाई की शुरुआत होगी। रेलवे बोर्ड से अनुमति मिलने के बाद यह कार्य शुरू हो जायेगा।
केटीपीएस में 14 हजार करोड़ की लागत से 800-800 मेगावाट की दो नयी परियोजना लगेगी, परियोजना शुरू होने के लगभग 50 महीने में कार्य पूरा हो जायेगा। वर्तमान में यहां 500-500 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। केटीपीएस की अधिगरिहित भूमि का प्लांट के मौजूदा परिसर में 463.96 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है। पानी की अवश्यकता के लिए 1,67,423 केएलडी अवश्यकता होगी, जो बढ़ाकर नदी तिलैया डैम बांध से पूरी की जायेगी।
एबीएन न्यूज । रांची से करीब 270 किलोमीटर दूर गढ़वा में सैकड़ों चमगादड़ों की मौत हो गई है। इससे पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि भीषण गर्मी की वजह से सभी चमगादड़ों की मौत हुई है. अधिकारी घटना की जांच कर रहे हैं। दरअसल, गढ़वा के कांडी प्रखंड के सुरीपुर और कासंप गांव के इलाके में मंगलवार रात और बुधवार सुबह सैकड़ों चमगादड़ों की मौत हो गई. प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच जांच में जुट गए हैं।
मामले की जांच की जा रही है और पता लगाया जा रहा है कि चमगादड़ों की मौत कैसे हुई - आफताब आलम, प्रखंड विकास पदाधिकारी, कांडी
ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों गांवों में चमगादड़ पेड़ पर रहते थे. सभी पेड़ सोन नदी के तटीय इलाके में हैं। बुधवार को जब स्थानीय ग्रामीण इलाके में गए तो देखा कि कुछ चमगादड़ मर चुके थे और वे पेड़ से नीचे गिरे हुए थे. कुछ देर बाद अचानक पेड़ से चमगादड़ों के शव नीचे गिरने लगे। चमगादड़ों की मौत के बाद ग्रामीण दहशत में हैं।
आशंका जताई जा रही है कि चमगादड़ों की मौत गर्मी की वजह से हुई है। मंगलवार को पलामू प्रमंडल में रिकॉर्ड तापमान के आंकड़े दर्ज किए गए. 47 साल बाद पलामू में 47.8 डिग्री सेल्सियस जबकि गढ़वा में 47.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। 1978 के बाद यह सबसे अधिक तापमान का आंकड़ा रहा. स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी के कारण चमगादड़ों की मौत हो रही है।
टीम एबीएन, रांची। रांची लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार संजय सेठ ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में अपनी हार स्वीकार कर ली। उन्होंने कहा कि रांची लोकसभा क्षेत्र में लगभग एक लाख भाजपा समर्थक मतदाताओं को वोट डालने से वंचित रखा गया। यह सब प्रशासनिक हेर फेर के कारण हुआ है। उन्होंने कहा कि बीएलओ द्वारा भाजपा समर्थकों को पर्ची नहीं दिया गया, जिससे वे मतदान करने से वंचित रह गए। श्री सेठ द्वारा ऐसा कहा जाना उनकी हार को स्वीकार करने के जैसा है।
रांची जिला राजद के अध्यक्ष धर्मेंद्र महतो ने कहा कि ऐसे भी ईचागढ़ और सिल्ली में कांग्रेस पहले नंबर पर है। हटिया में भी कमोबेश यही स्थिति है और यहां एच ई सी का मुद्दा गरमाया रहा। खिजरी तो कांग्रेस का और ईचागढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा का सीट रहा है। वहां भी कांग्रेस को अच्छा खासा वोट मिला है। केवल रांची विधानसभा सीट में बीजेपी कांग्रेस से आगे रह सकती है।
लगभग हर 6 विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की स्थिति बहुत ही अच्छी है और यह सीट यशस्विनी सहाय लगभग जीत चुकी है। केवल चार जून को मतगणना का इंतजार है। श्री महतो ने रांची लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं के प्रति आभार प्रकट किया, जिन्होंने कड़ी धूप में भी निकल कर मतदान किया और सांप्रदायिक ताकत को हारने का काम किया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। प्रमंडलीय आयुक्त श्री बाल किशुन मुंडा ने भीषण गर्मी को देखते हुए प्रमंडलवासियों से हीटवेव यानी लू से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे लू से बचाव के लिए जरूरी प्रबंध रखें। छोटे बच्चों व बुजुर्गों का भी विशेष देखभाल जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मौसम विभाग के अनुसार पलामू में आगामी कुछ दिन और अधिक गर्मी होने के साथ लू चलेगी। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग की एडवाईजरी के अनुरूप कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, दौरे जैसे हीट स्ट्रोक, हीट रैश के संकेतों को पहचाने। यदि आप बेहोशी या बीमार महसूस कर रहे हैं तो डॉक्टर को दिखायें।
लू से बचने के लिए पानी पीएं। धूप में बाहर जाते समय चश्मे, छाता, टोपी, जूते या चप्पल का प्रयोग करें। ओआरएस, घर पर बने पेय जैसे लस्सी, नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी आदि का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि स्वयं के साथ पशु-पक्षियों का भी ध्यान रखें।
टीम एबीएन, रांची। बिरसा समाधि स्थल के सामने लालपुर थाना क्षेत्र डिस्टलरी पुल के पास स्थित रिवरसाइड कॉलोनी में रहने वाले हजारों लोग पिछले 20 दिनों से पेयजल आपूर्ति की सुविधा से पूर्णत: वंचित हैं। एक ओर जहां मोदी सरकार घर-घर तक नाल पहुंचने की बात करते हैं।
वहीं दूसरी ओर घरों में नल होने के बावजूद इस भीषण गर्मी में पिछले 20 दिनों से रिवरसाइड कॉलोनी के लोग 1000 या एक बाल्टी पानी के लिए दूसरे दूर-दूर मोहल्ले में दौड़ लगाने को विवश हैं। इस मोहल्ले में कुछ लोगों के घर में बोरिंग है लेकिन उसमें भी पानी नहीं एक छोटा सा कुआं है।
यह कुआं भी इस रिवर साइड कॉलोनी के डेढ़ सौ घरों में रहने वाले हजारों की आबादी को पानी मुहैया कराने में अक्षम है। रात दिन लोग इसी कुएं में पानी खींचते नजर आते हैं। जल की समस्या को दूर करने के लिए रिवरसाइड कॉलोनी की महिलाएं बच्चे और पुरुष स्कूटी में साइकिल में जार या बाल्टी लेकर दूसरे मोहल्लों से पानी लाने को विवश हैं।
पानी की किल्लत से ग्रस्त रिवरसाइड कॉलोनी के लोगों ने बरियातू बूटी स्थित पीएचईडी कार्यालय में जाकर अधिकारियों से मुलाकात की तथा स्थानीय लोगों के जल संकट की समस्या से समस्या से अवगत लगाते हुए उसके निदान की गुहार लगायी। बदले में अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी समस्याओं का निदान कर दिया जायेगा। लेकिन आज तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मंगलवार को रिवरसाइड कॉलोनी के स्थानीय लोगों से का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल (राजेंद्र कुमार राणा, कल्लू लाहा, पिंटू राणा, हरेंद्र दुबे, सुनील साव) पुन: बरियातू बूटी स्थित पीएचईडी कार्यालय जाकर समस्याओं के निदान की गुहार लगायी। इस पर अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिया कि वह आज ही संबंधित कार्यकर्ताओं को भेज कर उनकी समस्याओं का निदान कर देंगे।
टीम एबीएन, रांची। जय श्रीराम समिति आज भंडरा प्रखंड के पजरी के पास रांची जाने के क्रम में एक गाड़ी दुर्घटना होकर पलट गयी, जिसमें पति-पत्नी और एक छोटी बच्ची थी। दुर्घटना में घायल को किसी ने आगे आकर मदद करने की कोशिश नहीं की। इसी बीच धार्मिक एवं सामाजिक संगठन जय श्रीराम समिति के ललित महतो ने घायलों को देख तुरंत अपनी गाड़ी रोकी और दुर्घटना में घायल लोगों को अपनी गाड़ी में बैठाकर सदर अस्पताल लोहरदगा लाया।
जहां जय श्रीराम समिति के जिला पदाधिकारियों की मौजूदगी में डॉक्टर ने घायलों का उपचार किया। घायल अंशु प्रिया, पति आनंद साहू का एक पैर फ्रैक्चर कर गया है। पत्नी और बच्चे को हल्की चोट लगी है। बेहतर उपचार के लिए अंशु प्रिया को रिम्स रेफर किया गया है। दुर्घटना में घायल लोग घाघरा जिला गुमला के डॉक्टर शिव प्रसाद साहू की बेटी दामाद हैं, जिन्हें आज रांची से होते हुए कोलकाता जाना था।
जिला संचालन समिति सदस्य ओम महतो ने कहा- दुर्घटना में घायल पीड़ितों की सेवा पहली प्राथमिकता है। घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए समिति के सभी सदस्यों व सदर अस्पताल के डॉक्टर वहां के कर्मचारी सभी का आभार व्यक्त करता हूं। मानवता जिंदा है और जिंदा रहेगा। मौके पर जिला संरक्षक अजय सोनी, ललित महतो, जिला संचालन समिति सदस्य ओम महतो, बलराम कुमार, संदीप समेत अन्य सदस्यगण मौजूद थे।
टीम एबीएन, रांची। रांची एयरपोर्ट के पास स्थित एक सरना स्थल को हटाने का विरोध शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों को जैसा ही पता चला कि प्रशासन ने सरना स्थल को स्टेट हैंगर के पास से हटा दिया है, वह आक्रोशित हो गये और रांची एयरपोर्ट जाने वाले रास्ते को पूरी तरह से जाम कर दिया। सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर बैठ गये।
रांची एयरपोर्ट रोड को जाम कर देने की वजह से जिन यात्रियों को फ्लाइट पकड़ने के लिए एयरपोर्ट पहुंचना था उनकी मुसीबत बढ़ गयी। कई यात्री पैदल ही भागे-भागे एयरपोर्ट की तरफ दौड़ रहे थे ताकि उनकी फ्लाइट ना छूटे। वहीं दूसरी तरफ एयरपोर्ट पुलिस और एयरपोर्ट प्रशासन आम लोगों को समझाकर किसी तरह से जाम हटाने की जुगत में लगे रहे बाद में एडीएम लॉ एंड आर्डर में आश्वासन के बाद जाम हटाया गया।
6 जून को रांची एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ बैठक आयोजित की गयी है, जिसमें नया सरना स्थल बनाने की मांग फैसला होगा। एडीएम लॉ एंड आर्डर राजेश्वरी नाथ आलोक ने बताया कि ग्रामीणों को समझा बूझकर जाम क्लियर करवा लिया गया है। जाम की वजह से फ्लाइट पकड़ने के लिए जाने वाली यात्रियों को थोड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ा है। अभी तक ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है कि जिसमें यह पता चले कि किसी यात्री का फ्लाइट छूट गया हो।
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