एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। कोल्हान में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने आज पार्टी की प्राथमिक सदस्य से इस्तीफा दे दिया है। बाबूलाल मरांडी को लिखें अपने इस्तीफा पत्र में कुणाल षाड़ंगी ने पार्टी की नीति और सिद्धांतों पर कई तरह के सवाल उठाते हुए लिखा है कि वह भाजपा में रहकर अपने उन उद्देश्यों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं जिसके लिए वह राजनीति में आये हैं।
कुणाल ने अपने पत्र में लिखा है कि सिंहभूम के लोगों की समस्याओं को वह दूर करने में अपनी भूमिका नहीं निभा पा रहे हैं। बाबूलाल मरांडी को लिखे इस्तीफे की कॉपी कुणाल षाड़ंगी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, बीएल संतोष और कर्मवीर सिंह को भी भेज दी है। इससे पहले कुणाल षाड़ंगी ने भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया था।
कुणाल षाड़ंगी ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि पिछले कई महीने से यह लग रहा था कि वह पूर्वी सिंहभूम जिले की बुनियादी समस्याओं से जुड़े विषयों और संगठन से जुड़े विषयों को पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाया परन्तु पार्टी उदासीन ही रही। कुणाल षाड़ंगी ने अपने इस्तीफे में यह भी लिखा है कि प्रवक्ता पद से इस्तीफा दिया था तब यह लगा था कि पार्टी उनकी बातों पर संज्ञान लेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
टीम एबीएन, रांची। रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार (7 जुलाई) को पत्नी कल्पना सोरेन और अपने एक बेटे के साथ रथ यात्रा में भाग लिया। रस्साबंधन के बाद उन्होंने रथ भी खींचा। इसके पहले 3 बजे से ही श्री विष्णुसहस्रनामर्चना शुरू हो गयी। इसमें पुरुष और महिला दोनों ने भाग लिया।
रथ यात्रा में रांची के सांसद संजय सेठ, झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर, हेमंत सोरेन की पत्नी और गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन, उनका एक बेटा, कांग्रेस नेता सुबोध कांत सहाय, हटिया के विधायक नवीन जायसवाल भी रथ यात्रा में शामिल हुए।
5:11 बजे रथ से सीढ़ी को हटा दिया गया। इसके बाद रस्साबंधन हुआ और मुख्यमंत्री ने थोड़ी देर के लिए रथ खींचा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 4:30 बजे जगन्नाथपुर पहुंच गये। 5:10 मिनट पर पूजा-अर्चना खत्म हुई। इसके बाद रथ में रस्साबंधन हुआ और मुख्यमंत्री ने भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचा।
हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर इसकी जानकारी दी। एक वीडियो ट्वीट कर उन्होंने लिखा- रांची में महाप्रभु की ऐतिहासिक रथ यात्रा में शामिल होने का परम सौभाग्य मिला। जय जय जगन्नाथ स्वामी! मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथ यात्रा महोत्सव में शामिल हुआ।
पूजन-अनुष्ठान में शामिल होकर महाप्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना कर राज्यवासियों की सुख-शांति, समृद्धि एवं उन्नति की कामना की। मुख्यमंत्री ने राज्य की समस्त जनता को रथ यात्रा की बधाई और शुभकामनाएं दी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में हाल ही में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला है। 28 जून को हेमंत सोरेन जेल से बाहर निकले और इसके बाद चंपई सोरेन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद विपक्षी गठबंधन की बैठक में हेमंत सोरेन को विधायक दल का नेता चुन लिया गया।
बैठक के ठीक अगले दिन चार जुलाई को हेमंत सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री बने। अब कल यानी आठ जुलाई को झारखंड में मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। राजभवन में गुरुवार को केवल हेमंत सोरेन को सीएम पद की शपथ दिलाई गई। मंत्रिमंडल में विस्तार के बाद अन्य सहयोगियों को शपथ दिलायी जायेगी।
झारखंड का मुख्यमंत्री बनने के बाद हेमंत सोरेन ने कहा था- 2019 से ही वर्तमान महागठबंधन सरकार ने झारखंड की जनता के हित को देखते हुए ही सभी काम किए हैं। राजनीतिक उतार-चढ़ाव के दौरान चंपई सोरेन ने उन्हीं पहलों को आगे बढ़ाया। अब कोर्ट के आदेश के बाद मैं बाहर आ सका हूं।
उधर झारखंड के कांग्रेस नेता अजय कुमार का कहना है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता हेमंत सोरेन, इस वर्ष राज्य में होने वाले वाले विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन (इंडिया) का चेहरा होंगे। अजय कुमार कहा कि हेमंत सोरेन को बिना किसी सबूत के पांच महीने तक जेल में रखा गया। इस वजह से दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों में नाराजगी है।
आपको बता दें कि 28 जून को हेमंत सोरेन उच्च न्यायालय से जमानत मिली थी। इसके बाद उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। उन पर जमीन घोटाले से जुड़े एक मामले में धनशोधन का आरोप था। प्रवर्तन निदेशालय ने हेमंत सोरेन को 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था और इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
टीम एबीएन, रांची। रांची में पूर्व पार्षद को अपराधियों ने गोली मार दी है जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। धुर्वा थाना क्षेत्र में अपराधियों ने ये दुस्साहस की है। अपराधियों ने पूर्व पार्षद वेद सिंह को सरेशाम गोली मार दी। वेद सिंह पर अपराधियों ने उस वक्त हमला किया जब वे रविवार की शाम धुर्वा बस स्टैंड के पास स्थित एक चाय दुकान में बैठे हुए थे।
इसी दौरान तीन हमलावर मौके पर पहुंचे और ताबड़तोड़ गोलियां चलाना शुरू कर दिया। अपराधियों के द्वारा की गई गोलीबारी में वेद सिंह को तीन गोली लगने की सूचना है। स्थानीय लोगों के द्वारा वेद सिंह को नजदीक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
गोलीबारी के समय चाय दुकान में भगदड़ मच गई, इसी क्रम में गोली मारने वाले अपराधी का पिस्टल भी मौके पर गिर गया। मौके पर पहुची पुलिस ने पिस्टल को जब्त कर लिया है। वेद सिंह धुर्वा के जाने माने व्यक्ति हैं, वह हर रोज शाम में समय में बस स्टैंड स्थित चाय दुकान पर आकर बैठा करते थे।
वेद सिंह पर हमला करने के लिए अपराधियों ने रेकी की थी, अपराधी जानते थे की वेद सिंह हर दिन चाय दुकान पर आते हैं, इसीलिए वहीं पर उन पर हमला किया गया। पूर्व पार्षद व्यक्ति के ऊपर हुए हमले की जानकारी जैसे-जैसे लोगों को मिली अस्पताल में भीड़ जुटनी शुरू हो गयी।
मौके पर भीड़ ने पुलिस वालों पर अपना गुस्सा भी जाहिर किया और अस्पताल में जमकर हंगामा किया। अस्पताल पहुंचे रांची के सीनियर एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने आम लोगों को समझाया कि अपराधी जल्द पकड़े जाएंगे उसके बाद लोग शांत हुए।
वहीं, दूसरी तरफ मामले की जानकारी मिलने के बाद हटिया डीएसपी सहित कई पुलिस अफसर अपराधियों के घर पकड़ के लिए प्रयास कर रहे हैं। पूरे शहर की नाकेबंदी कर, सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। हटिया डीएसपी प्रमोद मिश्रा ने बताया कि घायल वेद सिंह का इलाज चल रहा है। फायरिंग में शामिल अपराधी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है।
टीम एबीएन, रांची। रविवार को श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा राँची (औघड़ भगवान राम आश्रम, अघोर पथ, लेक रोड पश्चिम, राँची) के द्वारा श्री जगन्नाथपुर राँची में रथ यात्रा के पुनीत दिन में एक दिवसीय सेवा शिविर लगाया गया।
सेवा शिविर का शुभारम्भ परम पूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु के विधिवत आरती पूजन के साथ की गई। सेवा शिविर में हर वर्ष की तरह निःशुल्क प्याऊ कि व्यवस्था की गई जिसमें दर्शनार्थियों को पीने के लिए शुद्ध पेय जल का वितरण किया गया।
सेवा शिविर में प्राथमिक उपचार एवं होमियोपैथ चिकित्सा की भी सुविधा की गई थी। होमियोपैथ चिकित्सक डॉ. उत्पल एवं श्री पवन कुमार ने चिकित्सा सेवा प्रदान किया जिसमे 75 जरूरतमंद लोगों को चिकित्सा लाभ मिला।
ज्ञात हो कि विगत 40 वर्षों से श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा राँची द्वारा जगन्नाथ रथ यात्रा के दिन यह सेवा शिविर लगाया जा रहा है एवं समस्त दर्शनार्थियों को सेवा प्रदान किया जा रहा है। जगन्नाथपुर राँची स्थित मौसी बाड़ी के बायीं ओर यह सेवा शिविर लगाया गया था जिसे संध्या 7.00 बजे सम्पन्न किया गया।
श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा राँची के ओर से हेमन्त नाथ शाहदेव, नवल किशोर सिंह, डॉ. उत्पल, पवन कुमार, संजीव कुमार सिंह, उमानाथ शाहदेव, राजेन्द्र कुमार, गुरुचरण नाथ शाहदेव, सुनील कुमार, बाबागुरु नाथ शाहदेव, सोमेश्वर नाथ शाहदेव, मानवेन्द्र नाथ शाहदेव, गंगाधर नाथ शाहदेव, गिरेन्द्र नाथ शाहदेव, प्रताप आदित्य नाथ शाहदेव, सुनील साहु, आलोक नाथ शाहदेव, नागदमनी नाथ शाहदेव, बद्रीनाथ शाहदेव, कीर्तिमान नाथ शाहदेव, यदुनाथ शाहदेव के साथ लगभग 30 श्रद्धालु-सदस्यगण शामिल हुए।
टीम एबीएन, रांची। गायत्री परिवार रांची जिला समन्वय तथा कांके प्रखंड समन्वय के संयुक्त समिति के युवा प्रकोष्ठ सदस्य गण एवं निष्ठावान साधक-शिष्य एवं भाई-बहन वृक्षारोपण में शामिल थे।
टीम एबीएन, रांची। रांची गायत्री युगतीर्थ शक्तिपीठ सेक्टर टू धूर्वा के सदस्यों,जिला समन्वय समिति तथा कांके प्रखंड समन्वय समिति व सप्त सूत्रीय अभियान युवा प्रकोष्ठ के सक्रिय श्रद्धावान निष्ठावान, कार्यकर्त्ता गणों द्वारा शक्तिपीठ सेक्टर-2 धुर्वा के सानिध्य में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजन किया गया।
व्यवस्थापक ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी वृक्ष गंगा अभियान के अंतर्गत 2500 से अधिक की संख्या में वृक्षों का आरोपण करने का लक्ष्य इस वर्षा ऋतु में निर्धारित किया गया है।
इस अभियान के अंतर्गत गायत्री शक्तिपीठ सेक्टर-2 धुर्वा ने रविवार को सुबह 11 बजे से 3 बजे तक फायरिंग रेंज बरियातू (रिम्स मेडिकल के रास्ते में) के पास वन विभाग के देख-रेख वाले पहाड़ पर आज सैकड़ों पौधों का आरोपण करने का कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
पौधरोपण कार्यक्रम स्थल पर जाने के लिए गायत्री शक्तिपीठ सेक्टर-2 धुर्वा द्वारा बस की व्यवस्था थी। कुछ परिजन अपनी निजी वाहन से पहुंच कर इस पावन-पुण्य कार्य में शानदार योगदान किये। रांची जिला समन्वय समिति सदस्यों के साथ कांके प्रखंड के नवगठित समन्वय के सक्रिय समर्पित श्रद्धावान साधक सदस्य भाई-बहन गण भी इसमें जोरदार व शानदार प्रदर्शन किये।
कार्यक्रम गायत्री महामंत्र का सस्वर पाठ, स्वस्तिवाचन, गुरु-ईश नमन वंदन पाठ तथा सभी सदस्यगणों का चन्दन तिलक व अक्षत पुष्प से अभिनंदन कर किये गये। फिर पौधों को उपयुक्त वैदिक विधान से पवित्रीकरण अभिसिंचन सहित पूजन कर पौधरोपण किए गए। साथ ही पौधरोपण के कई शानदार जयघोष किये गये।
जटाशंकर झा ने कहा कि वृक्षारोपण बहुत ही श्रेष्ठ व सत्परिणाम उत्पन्न करने वाला सराहनीय कार्य है। जेएनपी ने कहा कि पौधरोपण युग धर्म है। वृक्षारोपण अभियान चलाएं, अधिकाधिक वृक्ष लगाएं, वृक्ष वनस्पतियों के उगाने, पौध तैयार करने, बढ़ाने की अधिकाधिक विकसित करना आवश्यक है।
युवा प्रकोष्ठ इकाई के सदस्यों ने संयुक्त रूप से कहा कि इन दिनों बढ़ते प्रदूषण से बचने के कारगर उपचार में वनस्पति संवर्धन सरंक्षण रूप में श्रद्धा संवर्धन का निमित्त कारण बनना अपेक्षित है। उक्त जानकारी गायत्री शक्तिपीठ सेक्टर-2 धुर्वा रांची झारखंड के रांची जिला समन्वयक जय नारायण प्रसाद और जटाशंकर झा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, देवघर। शहर में रविवार (7 जुलाई) को सुबह-सुबह बड़ा हादसा हो गया। एक 3 मंजिली इमारत गिर गई, जिसमें 10-12 लोग फंसे गये।
सीता होटल के पास गिरी इमारत के मलबे से अब तक 2 लोगों को निकाला गया है। इनमें से एक मनीष दत्त द्वारी की मृत्यु हो गयी। जेसीबी और मजदूरों को बुलाकर गिरी हुई इमारत का मालवा हटवाया जा रहा है। पहला रेस्क्यू सुबह 8:30 बजे हुआ। एनडीआरएफ टीम ने अनुपमा देवी को बाहर निकाला. दूसरा रेस्क्यू 9:35 बजे हुआ।
अनुपमा के पति मनीष दत्त द्वारी को निकालकर एनडीआरएफ टीम ने सदर अस्पताल भेजा, जहां ऑन ड्यूटी डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीता होटल के समीप बमबम बाबा पथ हंसकुप मुहल्ले में जिस वक्त हादसा हुआ, भवन में 3 परिवार की 3 महिला समेत 9 लोग अंदर थे।
मुहल्ले वालों ने 2 लड़कियों सुभानी कुमारी और पीहू कुमारी को निकाला, लेकिन 3 महिला सहित 7 लोग फंसे रह गये। दिनेश वर्णवाल, दिनेश की पत्नी अनुपमा देवी, सुनील कुमार यादव, सुनील की पत्नी सोनी देवी व सुनील का पुत्र सत्यम कुमार मलबे में फंसा है।
सभी को निकालने में एनडीआरएफ की टीम जुटी है।इस हादसे की सूचना मिलते ही गोड्डा के सांसद डॉ निशिकांत दुबे घटनास्थल पर पहुंच गये। उन्होंने कहा कि सुबह 6 बजे सूचना मिली कि एक इमारत गिर गई है। लोग परेशान हैं।
सभी लोग आ गये, लेकिन रेस्क्यू टीम 1 घंटे बाद पहुंची। प्रशासन के लोग देर से पहुंचे। डॉ दुबे ने कहा कि 10-12 साल पहले देवघर में एक बड़ी दुर्घटना हुई थी, तब केंद्र सरकार ने एनडीआरएफ की एक स्थायी टीम को देवघर में तैनात किया था। इस टीम ने ही रोप-वे हादसे के समय लोगों की जान बचाई थी।
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