टीम एबीएन, रांची। वोटिंग की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में लोग समय पूरा होने से पहले तक वोट करके उत्साहित दिखे।
टीम एबीएन, रांची। वार्ड नंबर 16 के सबसे सेंसिटिव बूथ पर एसडीएम खुद संभालते दिखे मोर्चा, कर्बला चौक बूथ पर 5 बजे एसडीएम ने खुद बंद कराया गेट। मतदान के बाद 27 फरवरी को वोटों की गिनती की जायेगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड नगर निकाय चुनाव के लिए आज मतदान हो रहा है। राज्य के 48 नगर निकाय क्षेत्रों में 43 लाख 33 हजार 574 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। खास बात यह है कि इस बार का चुनाव गैर दलीय आधार पर हो रहा है। हालांकि, सभी पार्टियों ने किसी न किसी उम्मीदवार को अपना समर्थन जरूर देंगे।
आज सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक वोटिंग होगी।जिसमें कुल 43 लाख 33 हजार 574 मतदाता अपने वोट डालेंगे। जिसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 22 लाख 07 हजार 203 है जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 21 लाख 26 हजार 227 है, थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 144 है। खास बात ये भी है इस चुनाव को बैलेट पेपर के माध्यम से कराई जा रही है, मेयर के लिए गुलाबी और पार्षद के लिए सफेद रंग का बैलेट पेपर रखा गया है।
कई बूथों में काफी उत्साह के साथ लोग पहुंच रहे हैं तो कई बूथों पर से लोग नाराजगी के साथ लौट रहें हैं। वजह इस बार की निकाय चुनाव में बूथ एवं वार्ड संख्या बदल जाने के कारण, साथ ही लोगों कहना है कि हम जिन्हें 20,25 वर्षो से जिस पार्षद को जान रहें हैं, आज उनका वार्ड संख्या बदल गया है।
झारखण्ड में कुल 48 नगर निकाय हैं, जिसमें 09 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत शामिल हैं।जहां एक ही दिन में बैलेट पेपर के जरिए वोटिंग कराई जा रही है।इस चुनाव में 1087 वार्डों के 4304 बूथों पर मतदान हो रहा है। इस चुनाव में नोटा का इस्तेमाल नहीं किया जायेगा।
टीम एबीएन, रांची। जिले के एटीइआई बिल्डिंग में लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सा लेते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अपना मतदान किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे अवश्य अपने मताधिकार का प्रयोग करें।
राज्यपाल ने कहा कि मतदाता यह स्वयं तय करें कि किसे वोट देना है, लेकिन स्थानीय नगर निकायों में मतदान करके यह हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम ऐसे प्रतिनिधियों का चुनाव करें जो हमारे क्षेत्र और प्रदेश के विकास और भलाई की चिंता करें।
टीम एबीएन, रांची। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए झारखंड का बजट मंगलवार 24 फरवरी को झारखंड विधानसभा में पेश किया जायेगा। हालांकि बजट कैसा होगा, कितने का होगा और किन किन सेक्टर पर फोकस होगा। यह जानने की उत्कंठा हर किसी में बनी रहती है तो सरकार की ओर से इसे सदन के समक्ष प्रस्तुत करने तक पूरी तरह गोपनीय रखा जाता है। इस सबके बीच आर्थिक मामलों और बजट के जानकार यह अनुमान लगा लेते हैं कि इस बार का बजट आकार क्या होगा और पिछले वित्तीय वर्ष में आर्थिक मामलों में झारखंड का प्रदर्शन कैसा रहा है।
कांग्रेस के नेता और आर्थिक मामलों के जानकार सूर्यकांत शुक्ला ने बताया कि इस बार राज्य का बजट एक लाख इकसठ हजार पांच सौ करोड़ का हो सकता है। सूर्यकांत शुक्ला ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट राज्य के विकास, रोजगार, कर्ज प्रबंधन और जीडीपी के संबंध में आनेवाले बजट को समझना आसान बनाता है। क्योंकि उन्होंने सदन में पेश किए गए झारखंड में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट और पिछले तीन वर्षों के बजट से जुड़े तमाम पहलुओं का गहन अध्ययन के बाद ही ऐसा अनुमान लगा पा रहे हैं।
सूर्यकांत शुक्ला राज्य की आर्थिक स्थिति को देश के कई राज्यों से बेहतर बताते हुए कहा कि झारखंड अपने व्यय अनुशासन, कुशल कर्ज प्रबंधन और वित्तीय विवेक से राजकोषीय क्षमता का वर्धन कर रहा है। झारखंड में जीडीपी ग्रोथ के साथ साथ रोजगार भी सृजन की बात बताते हुए सूर्यकांत शुक्ला ने कहा कि पीरियॉडिक लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट का जो डेटा सांख्यिकी मंत्रालय ने 10 फरवरी 2026 को जारी किया उसके अनुसार गुजरात और कर्नाटक के बाद झारखंड देश का तीसरा सबसे कम बेरोजगारी दर वाला राज्य है।
झारखंड में बेरोजगारी की दर 3.2% रही है, जबकि कर्ज और जीएसडीपी अनुपात में भी गिरावट आई है और यह 25.3%की अच्छी स्थिति में आ गया है जो पहले 27.5% था। झारखंड के हर वर्ष के बजट और रेवेन्यू रिसीट पर नजदीकी नजर रखने वाले सूर्यकांत शुक्ला ने कहा कि ब्याज बोझ बहुत ही कम यानी रेवेन्यू रिसिप्ट के मुकाबले 06% है। इसका मतलब यह हुआ कि झारखंड में उधारी सर्विसिंग की लागत भी बहुत किफायती है।
वित्तीय और बजटीय मामले में राज्य की कई अच्छाई बताने के साथ-साथ बातचीत में सूर्यकांत शुक्ला बजट कुछ वैसे आंकड़ों को रेखांकित कर चिंता जताते हैं। उन्होंने कहा कि अभी-भी राज्य के राजस्व का 51% भाग बाह्य सोर्स से आता है राज्य का अपना सोर्स रेवेन्यू में 49% का ही योगदान कर पाता है। उन्होंने कहा कि राज्य अपने बजट में नन टैक्स रेवेन्यू संग्रहण के लिए बजट के अनुमानों से वास्तविक संग्रह 20-22% तक कम रह जाता है।
सूर्यकांत शुक्ला के अनुसार वर्ष 2021-22 में 13500 करोड़ का राजस्व संग्रहण का अनुमान था लेकिन संग्रह हुआ मात्र 3470 करोड़(अनुमान से 26% कम)। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2022-23 में 13762 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह का अनुमान था लेकिन वास्तविक संग्रहण 12830 करोड़ रुपये (अनुमान से 07% कम) का हुआ।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में स्टेट का अपना नन टैक्स रेवेन्यू जेनरेट के लिए लक्ष्य 17259 करोड़ का लक्ष्य रखा गया था लेकिन वास्तविक राजस्व संग्रह 13425 करोड़ (सामान्य से 22% कम) हुआ। वित्तीय वर्ष 2024-25 में लक्ष्य 19300 करोड़ का था लेकिन वास्तविक राजस्व संग्रहण 14231 करोड़ होने का ही अनुमान है यानी लक्ष्य से 26% कम।
सूर्यकांत शुक्ला बताते हैं कि राज्य में अच्छे वित्तीय प्रबंधन के बावजूद ये आंकड़ें इस ओर इशारा करते हैं कि या तो हम स्टेट में राजस्व संग्रहण का अनुमानित आंकड़ा काफी बढ़ा कर रखते हैं या तंत्र की कमजोरियों से हम राजस्व वसूली में पिछड़ जाते हैं। क्रेडिट डिपोजिट रेशियो मानक से काफी कम है। उन्होंने बताया कि राज्य में अगर कैपेक्स, वेलफेयर और स्थापना खर्च में अच्छा संतुलन कायम रख पाएं तो झारखंड की राजकोषीय सुदृढ़ता और बेहतर हो सकेगा।
टीम एबीएन, रांची। रांची से प्रेम संबंध में एक युवक की हत्या का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। 15 वर्षो तक चली प्रेम कहानी का खौफनाक अंत हो गया। दरअसल, प्रेमी आसिफ अंसारी की हरकतों से परेशान होकर उसकी ही शादीशुदा प्रेमिका बिउला टोप्पो के पति जॉनसन मिंज ने अपने दोस्तों को 8 लाख रुपये की सुपारी देकर उसकी हत्या करायी थी।
रांची पुलिस ने इस मामले का खुलासा कर दिया है। अवैध प्रेम संबंधों के कारण आसिफ अंसारी नामक युवक की रांची के खेलगांव थाना क्षेत्र में पिछले दिनों हुए हत्याकांड मामले का रांची पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में आसिफ की शादीशुदा प्रेमिका बिउला टोप्पो, उसके पति जॉनसन मिंज, दीपक अग्रवाल प्रिंस कुमार और प्रेम लकड़ा को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के पास से एक देसी कट्टा और हत्याकांड में इस्तेमाल की गयी बाइक- स्कूटी सहित कई अन्य सामग्री जब्त की है। हत्याकांड मामले का उद्वेदन करते हुए रांची के सदर डीएसपी संजीव बेसरा ने बताया कि मृतक आसिफ अंसारी का जॉनसन मिंज की पत्नी बिउला टोप्पो के साथ पिछले 15 वर्षों से प्रेम संबंध था। अक्सर दोनों जॉनसन मेंस की गैर हाजिरी में अनैतिक संबंध स्थापित करते थे।
पत्नी बिउला टोप्पो और उसके प्रेमी आसिफ अंसारी के अवैध संबंधों की भनक पति जॉनसन मिंज को लग गई थी। जिसके बाद से वो दोनों के अवैध संबंधों का विरोध करता था। बावजूद इसके आसिफ अंसारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था और लगातार उसकी पत्नी के साथ जबरन अवैध संबंध बनाता था।
आसिफ अंसारी की इन्हीं हरकतों से नाराज प्रेमिका के पति जॉनसन मिंज नहीं अपने दोस्त दीपक अग्रवाल से मिलकर आसिफ अंसारी की हत्या की साजिश रची और 8 लाख रुपये की सुपारी दी गयी। जॉनसन मेंस ने प्रिंस कुमार को 1.60 लाख जबकि प्रेम लकड़ा को 2. 40 लाख रुपये, जबकि अपने मित्र दीपक अग्रवाल को उसने 4 लाख रुपये दिये थे।
आरोपियों ने सुनियोजित साजिश के तहत 19 फरवरी को आसिफ जब अपनी शादीशुदा प्रेमिका बिउला टोप्पो से मिलने गया था। उसी दौरान खेलगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत आनंद विहार नामक मोहल्ले में उसकी हत्या कर दी थी। हत्या के उपरांत पहचान छुपाने के उद्देश्य से पत्थर से चेहरे सहित शरीर के अन्य हिस्सों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।
टीम एबीएन, रांची। रांची। राज्य की 48 शहरी निकाय चुनाव में वार्ड पार्षद, मेयर और अध्यक्ष के चुनाव के लिए वोट डाले जा रहे हैं। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी विधायक पत्नी कल्पना सोरेन के साथ रांची के संत कुलदीप हाई स्कूल में वार्ड संख्या 26 के मतदान केंद्र संख्या 07 पर अपने मताधिकार का उपयोग किया।
सुरक्षा के चाक चौबंद व्यवस्था के बीच मतदान केंद्र पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि निकाय चुनाव भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक हिस्सा है। उन्होंने राज्यवासियों से आग्रह किया कि लोग अपने अपने घरों से निकलें और मताधिकार का प्रयोग करें और लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी सहभागिता निभाएं।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं उनकी धर्मपत्नी विधायक कल्पना सोरेन आज संत कुलदीप हाई स्कूल, हरमू स्थित मतदान केंद्र (वार्ड संख्या-26, बूथ संख्या-07) पहुंचकर झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026 के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गोड्डा। जिले के ललमटिया थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक हाइवा अनियंत्रित होकर रेलवे ट्रैक पर गिर गया। इस हादसे में हाइवा का चालक लालू कुमार और उपचालक मनीष कुमार घायल हो गये। दोनों को तुरंत रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, हाइवा महागामा-ललमटिया मार्ग से गुजर रहा था। इसी दौरान वाहन सड़क से लगभग 40 फीट नीचे एनटीपीसी की डाउनलाइन एमजीआर रेलवे ट्रैक पर गिर गया, जिससे रेल यातायात भी बाधित हो गया। घटना के समय ट्रैक पर कोयला लेने के लिए एक रैक गुजर रही थी।
हादसे में चालक लालू कुमार ट्रेन के एक डिब्बे के नीचे फंस गये, जबकि उपचालक मनीष कुमार हाइवा के केबिन में ही फंसे रहे। राहगीरों ने चीख सुनकर पुलिस को सूचना दी। ललमटिया थाना प्रभारी रौशन कुमार सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे और चालक को ट्रेन के नीचे से निकालकर अस्पताल भेजा।
रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गयी।
उपचालक को निकालने में पुलिस और एनटीपीसी की रेस्क्यू टीम को करीब आधा घंटा मेहनत करनी पड़ी। टीम के प्रमुख सुभाशीष बनर्जी ने बताया कि सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गयी थी और सुरक्षित तरीके से उपचालक को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया। दोनों घायल हैं और उनका इलाज अस्पताल में जारी है।
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