एबीएन न्यूज नेटवर्क, गुमला। जिले में जहरीले सांप का कहर जारी है। बारिश के कारण बिल से निकलकर सांप लोगों को निशाना बना रहे हैं। 24 घंटे में सांप ने चार लोगों को डंसा है। जिसमें बसिया व घाघरा में एक-एक लोगों की मौत हो गयी। इन लोगों की मौत की वजह सांप डंसने के बाद झाड़ फूंक कराना है। झाड़ फूंक के चक्कर में मरीज को अस्पताल देर से लेकर पहुंचे। जिस कारण दोनों की मौत हो गयी। जबकि घाघरा व रायडीह में सांप डंसने से दो लोग गंभीर हैं। जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
बसिया प्रखंड के गंगड़ा निवासी रोशन सुरीन की छह वर्षीय पुत्री अनुष्का सुरीन को बुधवार की रात को नगर सिसई स्थित उसके मौसी के घर मे जहरीले सांप ने डंस लिया। जिस कारण उसकी मौत हो गयी। अनुष्का सुरीन की मां दिल्ली में काम करती है। जिस कारण अनुष्का को उसके मौसी ने अपने घर नगर में लेकर रखी थी। रात को खाना खाने के बाद सभी सोने गये। इसी क्रम में जहरीले सांप ने अनुष्का को डंस लिया। सांप डंसने के बाद लोग उसका झाड़ फूंक कराने लगे। इलाज में देरी से मौत हो गयी।
घाघरा प्रखंड के टोटांबी गांव निवासी विकेश उरांव (18) की सांप डंसने से मौत हो गयी। सांप डंसने के बाद परिजन उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। विकेश उरांव अपने कुछ दोस्तो के साथ कोलपारा घट्टा मेहमानी के लिए गया था। जहां वह जमीन में सोया था। उसी बीच रात के 12 बजे उसे एक जहरीले सांप ने हाथ में डंस लिया। जिससे वह गंभीर हो गया। अस्पताल लाने के क्रम में उसकी मौत रास्ते में हो गयी।
गुमला के दो अलग अलग स्थानों में सांप डंसने से दो लोग गंभीर है। जिसमें घाघरा निवासी तेतरू उरांव (28) व रायडीह के सुषमा केरकेट्टा (18) है। दोनों घायलों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। पहली घटना में तेतरू उरांव अपने खेत में काम के दौरान उसे एक जहरीले सांप ने डंस लिया। जिससे वह गंभीर हो गया। वहीं दूसरी घटना में सुषमा केरकेट्टा बुधवार की रात अपने घर में जमीन में सोयी थी। इसी बीच उसे एक जहरीले सांप डंसने से गंभीर हो गयी।
टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद झारखंड सेवा विभाग एवं राष्ट्रीय सनातन एकता मंच के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रहे नरसंहार, मंदिरों, गुरुद्वारों एवं सभी धार्मिक स्थलों मे हो रही तोड़फोड़ हिंसा की घटना की तीव्र निंदा की है। तथा उन्होंने केंद्र सरकार से अतिशीघ्र बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि हिंसा, हिंदू नरसंहार, विचित्र अनिश्चितता अराजकता के बीच अशांत बांग्लादेश में हिंदुओं का जीवन भयभीत एवं असुरक्षित है। जो कि सनातन हिंदू समाज के लिए बहुत ही चिंतनीय एवं सोचनीय विषय है। वहां पीड़ित अल्पसंख्यकों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। ऐसे में विश्व समुदाय की यह जिम्मेदारी है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा एवं मानवाधिकारों की रक्षा के लिए तुरंत प्रभावी कार्रवाई करें।
केंद्र सरकार बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कड़े पहल करें। पूरे बांग्लादेश में हिंदू नरसंहार तथा हिंदुओं के प्रतिष्ठानों, घरों, मंदिरों, गुरुद्वारों, मे कट्टरपंथियों द्वारा तोड़फोड़, लूटपाट की जा रही है। तथा बांग्लादेश में शायद ही कोई ऐसा जिला बचा हो जो इनकी हिंसा एवं आतंक का निशाना न बना हो। बांग्लादेश में 32 प्रतिशत से अब 8 प्रतिशत बचे हिंदू लगातार जिहादी उत्पीड़न के शिकार हो रहे हैं।
टीम एबीएन, रांची। गायत्री परिवार युगतीर्थ शक्तिपीठ सेक्टर टू धूर्वा रांची में महिला मंडल प्रतिनिधित्व में बहनों ने गुरूवार को देव संस्कृति की विरासत व विशेषता विषय पर स्वाध्याय पाठ हुआ। बताया गया कि आज के सांस्कृतिक संक्रमण के दौर से गुजर रहे काल में भारतीय संस्कृति पर चर्चा आवश्यक हो जाती है।
भारी संकट से गुजर रहे इन पलों में भारतीय संस्कृति से विशेष आशाएं हैं, क्योंकि मानवीय जीवन, अस्तित्व एवं सृष्टि का जितना गहरा एवं समग्र चिंतन इसमें मिलता है, वह अन्यत्र दुर्लभ है। आज के व्यक्ति, परिवार, समाज एवं विश्व की समस्याओं के समाधान सूत्र इसमें निहित हैं।अपनी इन्हीं विशेषताओं के कारण इसे विभिन्न नामों से जाना जाता रहा है।
वेदों में उसका आदि उद्भव हुआ, अत: इसे वैदिक संस्कृति कहा गया। मानवीय प्रकृति एवं सृष्टि के मर्मज्ञ ऋषियों द्वारा इसका सूत्रपात हुआ, अत: इसे ऋषि संस्कृति कहा गया। इसमें निहित मूल्य एवं समाधान किसी भी कालखंड तक सीमित न होकर सार्वभौम हैं, शाश्वत हैं।अत: इसे सनातन संस्कृति भी कहा जाता है, जिसका फलक विश्वव्यापी है।
पूरी मानवता इसके दायरे में आती है, इस कारण इसे विश्व संस्कृति, मानव संस्कृति भी कहा गया और भारतवर्ष में इसका आदि उद्भव हुआ, अत: इसे भारतीय संस्कृति कहा गया तथा भौगोलिक दृष्टि से कभी सिंधु के नीचे के भूखंड में इसके पुष्पित पल्लवित होने के कारण इसे हिंदू संस्कृति भी कहा गया।
यह विश्व की सबसे प्राचीन संस्कृति है, इस कारण इसे आदि संस्कृति भी कहा गया। वैदिक ऋषियों का उद्घोष सा प्रथमा संस्कृतिर्विश्ववारा इसी महान तथ्य की पुष्टि करता है। इस संस्कृति के कुछ आधारभूत तत्त्व हैं, जो इसे विशिष्ट बनाते हैं और इसकी सामयिक उपयोगिता को भी सिद्ध करते हैं।
आगे बताया गया कि गायत्री एवं यज्ञ को देव संस्कृति की धुरी माना जाता है। गायत्री जहां सद्बुद्धि एवं ऋतंभरा प्रज्ञा की प्रतीक है, तो वहीं यज्ञ श्रेष्ठतम कर्म का प्रतीक है।गायत्री-यज्ञ के युग्म को भारतीय संस्कृति के माता-पिता की संज्ञा दी गई है।
यज्ञ के साथ संस्कार-प्रणाली वैदिक संस्कृति की अपनी विशिष्ट पहचान है, जिन्हें षोडश संस्कारों के रूप में जाना जाता है। दीदी ने बताया कि देव संस्कृति में मानवीय जीवन को समग्रता की दृष्टि से देखा गया है। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक सह प्रचार-प्रसार प्रमुख जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची में बसों के लिए तय पार्किंग (बस स्टैंड) के बदले अन्यत्र यात्री बसों की पार्किंग की जा रही है। जिससे सरकार को आर्थिक नुकसान तो हो ही रहा है। साथ ही आमजन भी इससे परेशानी का दंश झेल रहे हैं।
बताते चलें कि करमटोली तालाब के बगल आइएमए बिल्डिंग के ठीक सामने यात्री बसों की अवैध पार्किंग की जा रही है। इन बसों के संचालक बूटी मोड़ से ही ट्रैफिक पुलिस की मिलीभगत से अपनी बसें पास करवाते हैं। स्कूल बस के रंग में ही रहने के कारण इन्हें शहर में प्रवेश करने में बहुत परेशानी नहीं होती।
लेकिन अवैध पार्किंग से कभी एंबुलेंस तो कभी अन्य वाहन इससे प्रभावित हो जाते हैं। पैसेंजर के चक्कर में आटो और ई रिक्शा वाहन भी वहां भीड़ लगा देते हैं। जिससे जाम की समस्या खड़ी हो जाती है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में बड़ा हादसा होते-होते रह गया। धनबाद रेल मंडल के प्रधानखंता-रक्षितपुर स्टेशनों के बीच बीते मंगलवार की दोपहर 08678 धनबाद-बांकुड़ा मेमू और मालगाड़ी आमने-सामने एक ही ट्रैक पर आ गयी, जिससे बड़ा हादसा होने ही वाला था, लेकिन रेलकर्मियों के शोर मचाने पर मेमू के चालक ने होम सिग्नल पार कर ट्रेन रोकी।
बताया जा रहा है कि धनबाद-बांकुड़ा मेमू दोपहर 2:25 पर धनबाद से खुली थी जबकि सिंदरी से डीएसटीपी मालगाड़ी रवाना हुई थी। मालगाड़ी को रक्षितपुर से प्रधानखंता होकर धनबाद-हावड़ा मेन लाइन पर आना था तो वहीं धनबाद-बांकुड़ा मेमू को होम सिग्नल पर खड़ा होना था, लेकिन ट्रेन होम सिग्नल को पार कर सामने आ रही मालगाड़ी के ट्रैक पर चली गई।
इस दौरान रेल कर्मियों के शोर मचाने पर मेमू के चालक ने होम सिग्नल पार कर ट्रेन रोक ली। वहीं, वरीय अधिकारियों के निर्देश पर मेमू के चालक व गार्ड को रक्षितपुर में उतार कर तत्काल निलंबित कर दिया गया है। दोनों के विरुद्ध मेजर चार्जशीट पेनाल्टी की गयी है।
गौरतलब है कि झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में कुछ दिन पहले तड़के मुंबई-हावड़ा मेल के कम से कम 18 डिब्बे पटरी से उतर गये थे। इस हादसे में 2 लोगों की मौत हुई थी। वहीं कई लोग घायल हुए थे। हादसे के दौरान मेल एक्सप्रेस के टकराते ही ट्रेन के चालक ने ब्रेक लगा दी थी।
ब्रेक लगते ही ट्रेन से तेज आवाज करने लगी। तेज रफ्तार में होने के कारण मेल एक्सप्रेस के कोच एक-एक कर पटरियों से नीचे उतरने लगे और यात्री एक दूसरे एक ऊपर गिरने लगे। कुछ ही पल में वहां चीख-पुकार मच गयी। वहीं, रेलवे ने झारखंड में ट्रेन दुर्घटना में मारे गये प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को 10 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 7/8/2024 को अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के रामलखन सिंह यादव, कॉलेज (आरएलएसवाई) के कमेटी के अध्यक्ष अमर गुप्ता के नेतृत्व में द्व कॉलेज के नये प्रभारी प्रिंसिपल डॉक्टर प्रिय पुरुषोत्तम आशुतोष सर को बुके देकर स्वागत एवं बधाई दिया गया।
मौके पर प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा, अमर गुप्ता, पल्लवी कुमारी, निधि कुमारी, मंजुला बागे इत्यादि लोग उपस्थित थे। उक्त जानकारी रामलखन सिंह यादव कॉलेज के अध्यक्ष अमर गुप्ता ने दी।
टीम एबीएन, रांची। माहेश्वरी महिला संगठन रांची सदस्य ने हरियाली तीज के अवसर पर आम्रेश्वर धाम गये। पूजा अर्चना, दर्शन कर घर परिवार के लिए कुशल मंगल, सौभाग्य की प्राथना की। हरियाली तीज से ही शुरू हो जाता है।
हर घर में झूला, मेहंदी सिंधारा घर में या सोसाइटी वालों के साथ मौज मस्ती कर सावन, भादो तीज का आनंद उठाते हैं। इसी क्रम में आम्रेश्वर धाम में सदस्य ने वन भोजन का आनंद लिया।
अध्यक्ष भारती चितलांगिया, निवर्तमान अध्यक्ष विजयश्री साबू, उपाध्यक्ष अनीता साबू एवं वंदन मारू, कोषाध्यक्ष सरला चितलांगिया, सरोज राठी, शारदा लड्डा, ममता डागा, शिखा बिरला, मंजू मंत्री, लक्ष्मी चितलांगिया आदि सदस्य उपस्थित रही। उक्त जानकारी माहेश्वरी महिला समिति रांची की मीडिया प्रभारी रश्मि कोठारीमालपानी ने दी।
टीम एबीएन, हजारीबाग। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के लाखे के पास मंगलवार देर शाम अपराधियों ने नर्सिंग होम के संचालक की गोली मारकर हत्या कर दी।
मृतक की पहचान चतरा जिले के पत्थलगड़ा प्रखंड के नोनगांव निवासी परशुराम प्रसाद उर्फ पीआर प्रसाद के रूप में हुई है। बताया जाता है कि मृतक परशुराम विष्णुगढ़ में नर्सिंग होम चलाते थे। वह वापस हजारीबाग आ रहे थे।
इसी बीच अज्ञात अपराधियों ने पीछा करते हुए शहर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के लाखे के पास सिर में गोली मारकर जख्मी कर दिया। वहीं स्थानीय लोगों के सहयोग से उन्हें सदर अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी।
इधर घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल पुलिस मामले की जांच में जुट गई। बताया जा रहा है कि पूर्व में भी अपराधियों ने डॉक्टर परशुराम को विष्णुगढ़ के आसपास गोली मारकर घायल कर दिया था।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse