एबीएन न्यूज नेटवर्क, साहिबगंज। जिले में उत्पाद सिपाही की बहाली में पहुंचे रांची के युवक की मौत हो गयी। युवक की पहचान रांची के नामकुम निवासी 22 वर्षीय विकास लिंडा के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, शनिवार को दौड़ के दौरान विकास लिंडा बेहोश हो गया।
जिसके बाद पुलिस के जवान और स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे जिला सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा था। लेकिन रात में अचानक उसकी मौत हो गयी। मौत की खबर सुनते ही जिरवाबाड़ी थाने की पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जिरवाबाड़ी थाना प्रभारी अनीश पांडेय ने बताया कि मौत की खबर मिलते ही वे अस्पताल पहुंचे और युवक की पहचान कर उसके परिजनों को सूचना दी। परिजनों के आने पर पोस्टमार्टम के बाद शव सौंप दिया जायेगा।
बता दें कि जैप 9 में उत्पाद विभाग में सिपाही पद के लिए शारीरिक जांच की जा रही है। यह भर्ती 22 अगस्त से 3 सितंबर तक चलेगी। इस भर्ती में करीब 7 हजार युवक-युवतियों के भाग लेने की संभावना है।
झारखंड और बिहार के हर जिले से युवा पहुंच रहे हैं। इस बीच चिलचिलाती धूप में 10 किलोमीटर का चक्कर लगाना युवाओं के लिए काफी महंगा साबित हो रहा है। हर दिन युवा बेहोश हो रहे हैं। इससे पहले भी दौड़ में पलामू में दो युवकों की मौत हो चुकी है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गिरिडीह। अपनी मांगों को लेकर वनरक्षियों की हड़ताल जारी है। हड़ताल के 17वें दिन वनरक्षियों ने धरना दिया। हजारीबाग पूर्वी वन प्रमंडल के वनरक्षी हजारीबाग मुख्यालय में धरना दे रहे हैं। इस दौरान गिरिडीह जिले के बगोदर एवं सरिया प्रखंड क्षेत्र के सभी वनरक्षी भी धरना में शामिल हुए।
इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गयी। साथ ही मांगों को पूरा करने की मांग दोहरायी गयी। हड़ताल पर बैठे वनरक्षियों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल एवं धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। वनरक्षियों के शत-प्रतिशत प्रोन्नति वाले पदों पर सीधी नियुक्ति करने तथा उप वन क्षेत्र कर्मचारी संवर्ग नियमावली 2014 में हानिकारक संशोधन कर वनरक्षियों के 1315 पदों में कटौती कर वनरक्षियों की प्रोन्नति का अवसर छीनने के लिए 2024 का नया नियम बनाने के निर्णय के खिलाफ वनरक्षियों ने हड़ताल किया है। इसके साथ ही वनरक्षी भर्ती नियम 2014 में किये गये अलाभकारी संशोधन को तत्काल वापस लेने और वनरक्षियों की संख्या में कटौती न करने की मांग की जा रही है।
इस हड़ताल और विरोध प्रदर्शन में महिला वनरक्षी भी शामिल हैं। वनरक्षियों के हड़ताल पर चले जाने से लकड़ी माफिया की नजर जंगलों पर है। कई लोगों का कहना है कि वनरक्षियों के हड़ताल पर चले जाने से लकड़ी माफिया भी चोरी-छिपे जंगलों से कीमती लकड़ियां काट रहे हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गुमला। जिले के बसिया प्रखंड के कोनबीर में स्थित एसबीआई बैंक के एटीएम से 25 लाख रुपये की चोरी कर ली गयी। चोरों ने गैस कटर मशीन से एटीएम मशीन को काटकर घटना को अंजाम दिया। इसके बाद उसमें आग लगा दी। हालांकि वे उस पैसे को लेकर भागने में असफल रहे। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार चोरों ने पहले बसिया प्रखंड निवासी संजय चौधरी के मालवाहक ट्रक की चोरी की। इसके बाद उसी ट्रक से कोनबीर स्थित एसबीआई बैंक के एटीएम आये और 25 लाख रुपये की चोरी कर ली। फिर उसी ट्रक से सभी लोग फरार हो गये।
इस दौरान चोरी की गयी ट्रक कामडारा प्रखंड के बाकूटोली मोड़ के पास शॉर्ट सर्किट हो गयी और स्टार्ट बंद गया। पकड़े जाने के डर से सभी लोग चोरी के पैसे को उसी ट्रक में छोड़कर फरार गये। सुबह जब लोगों ने एटीएम का ताला टूटा हुआ देखा तो इसकी सूचना बसिया थाने को दी गयी।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ नजीर अख्तर, थाना प्रभारी सुनील रविदास दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की तहकीकात में जुट गये। इस घटना के बाद आसपास के लोग सकते में आ गये हैं। आरोपियों की धर पकड़ के लिए पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है।
टीम एबीएन, रांची। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा ने झारखंड पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा नेता चंपई सोरेन से मुलाकात की। मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत के क्रम में हिमंत विश्व सरमा ने कहा कि यह एक औपचारिक मुलाकात रही। कुछ भी राजनीतिक नहीं था।
हिमंत विश्व सरमा ने कहा कि चंपई सोरेन भाजपा में शामिल हुए इसलिए मैंने सोचा मुझे जाना चाहिए और बधाई देनी चाहिए। तभी मैं यहां आया और उनसे बातचीत की। सामान्य बातचीत की। मैंने उन्हें असम आने के लिए न्योता दिया है।
इसके अलावा, सोरेन को मां कामाख्या मंदिर में मत्था टेकने और मेरे घर भोजन करने के लिए भी आमंत्रित किया है। वहीं, चंपई सोरेन ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक्स पर बताया कि असम के माननीय मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा एवं झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी आज मिलने आये।
उन्होंने मुझे गुवाहाटी (असम) स्थित मां कामाख्या देवी मंदिर का दर्शन करने हेतु आमंत्रण दिया। सूत्रों के मुताबिक चंपई सोरेन को प्रदेश भाजपा में बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी हो रही है। भाजपा को भरोसा है कि चंपई सोरेन के आने से कोल्हान में पार्टी कई सीटें निकालने में सफल होगी।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय परिसर में राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंची पोषण सखी दीदियों ने मुलाकात कर मुख्यमंत्री के प्रति सहृदय आभार प्रकट किया।
मुख्यमंत्री से मिलकर पोषण सखी दीदियों ने विगत 29 अगस्त 2024 को मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य सरकार द्वारा पूर्व में कार्यरत अतिरिक्त आंगनबाड़ी सेविका-सह-पोषण परामर्शी (पोषण सखी) के पुनर्बहाली की स्वीकृति दिये जाने के निर्णय को लेकर मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। पोषण सखी दीदियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष कहा कि राज्य सरकार द्वारा लिये गये इस निर्णय से हम सभी पोषण सखी काफी हर्षित और उत्साहित हैं।
पोषण सखी दीदियों ने मुख्यमंत्री से कहा कि आपके कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार समस्त राज्य वासियों को उनका हक-अधिकार देने का काम निरंतर कर रही है। राज्य सरकार द्वारा जनहित में लिया गया हर निर्णय सराहनीय है। धन्यवाद मुख्यमंत्री जी!
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पोषण सखी दीदियों से कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में उनकी सरकार राज्यहित में कई अहम निर्णय लिए हैं। राज्य सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण नीति का निर्धारण भी किया गया है, जिसका लाभ राज्यवासियों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी वर्ग-समुदायों को उनका हक-अधिकार उपलब्ध कराने के साथ-साथ राज्य की नारी शक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए उनकी सरकार समर्पित रही है।
राज्य सरकार द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी योजनाओं को गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंडवासियों की उम्मीदों, आकांक्षाओं और विश्वास के अनुरूप योजनाओं को धरातल पर उतारा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार आने वाले दिनों में भी जनहित का कार्य निरंतर करती रहेगी।
मौके पर मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर, मंत्री बेबी देवी, मंत्री दीपक बिरुआ, विधायक सुखराम उरांव, विधायक दशरथ गागराई, विधायक समीर मोहंती, विधायक संजीव सरदार, विधायक मंगल कालिंदी, विधायक निरल पूर्ति, विधायक कल्पना सोरेन, विभिन्न जिलों से पहुंची पोषण सखी दीदियों में प्रमिला कुमारी, रुबिया खातून, अंजनी कुमारी, तारा गुप्ता, सुषमा कुमारी, मनोरमा कुमारी, सोनी कुमारी, डॉली कुमारी, मुसर्रत आरा, ज्योति कुमारी, रीता दास, किरण कुमारी, रेखा कुमारी, प्रमिला देवी, सीमा कुमारी, ज्योति दास, शबनम बानो, प्रिया कुमारी, आलम आरा, मनीषा टुडू , सोनिया हंसदा सहित अन्य उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। श्री राम लला पूजा समिति, रांची के सान्निध्य में पुराना विधानसभा मैदान में अयोध्या के नवनिर्मित श्री राम मंदिर का प्रारूप बनाया जा रहा है। पंडाल का निर्माण करीबन दो माह से कोलकाता के कारीगरों के द्वारा कलकत्ता में ही निरंतर चल रहा था। 200 से ज्यादा पंडाल कारीगर निर्माण कार्य में लगे थे। मंदिर के प्रारूप के स्तंभ, शिखर एवं अन्य डिजाइनों का निर्माण कार्य बंगाल में ही किया जा रहा था। जिसे कल रांची लाया गया है।
यह पंडाल पूरे रूप से अयोध्या धाम के श्री राम लला के श्री राम मंदिर जैसा दिखेगा। पंडाल में भक्त श्री राम लला के दर्शन भी कर पायेंगे साथ ही मैदान में 26 फीट ऊंची श्री बजरंगबली की विशाल 4डी प्रारूप आकर्षण का केंद्र रहेगी। आगामी नवरात्र में पंडाल के गर्भगृह में मां भवानी का दर्शन भी श्रद्धालु कर सकेंगे।
दशहरे में 2 अक्टूबर से लेकर 12 अक्टूबर विजयादशमी तक लोग यहां दर्शन कर सकेंगे। मैदान परिसर में मेला और फूड स्टॉल भी लगाया जायेगा। जिसमें शुद्ध व्यंजन का स्वाद और आनंद लोग उठा सकेंगे। अध्यक्ष अशोक चौधरी ने बताया कि पंडाल की लंबाई 170 फीट और चौड़ाई 120 फीट होगी जबकि पंडाल 100 फीट ऊंचा उठेगा। भव्य मां का दरबार भी बनेगा अभूतपूर्व लाइटिंग भी देश अन्य स्थानों से मंगायी जा रही है जो पंडाल के अंदर रंग बिरंगी साज सज्जा को ओर भी सुंदर दिखायेगी।
मां की मूर्ति विशाल, अद्भुत, अलौकिक होगी प्रभु श्री राम की प्रतिमा सिलिकॉन की बनी होगी, जो प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष रूप से अयोध्या में स्थापित भगवान श्री राम की प्रतिमा जैसी रहेगी जिसका भक्तजन दर्शन करेंगे।
समिति के महासचिव कुणाल अजमानी ने कहा कि इस बार का पूजा पंडाल पूरे झारखंड में अब तक का सबसे बड़ा पंडाल होगा और श्रद्धालु भक्तों के लिए एक आकर्षण का केंद्र भी रहेगा। ज्यादा से ज्यादा लोग पंडाल में आकर श्री अयोध्या धाम के श्री राम जन्म भूमि के श्री राम मंदिर के प्रारूप का दर्शन प्रतिपदा से पूरे नवरात्र में लगातार कर सकेंगे। वही श्री हनुमान जी की 4डी प्रारूप फाइबर की रहेगी जो 26 फीट ऊंची बनेगी ।
श्री राम लला की प्रतिमा 8 फीट ऊंची होगी , मां दुर्गा की प्रतिमा 32 फीट चौड़ी और 19 फीट ऊंची होगी साथ ही उन्होंने कहा की लगभग 98 लाख रुपए की लागत से पूजा पंडाल का निर्माण किया जा रहा है।
मौके पर पूजा पंडाल के निर्माण हेतु खूंटी पूजन (भूमि पूजन) समिति के अध्यक्ष अशोक चौधरी, महासचिव कुणाल अजवानी, समिति के सैकड़ों सदस्यों सहित कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में आचार्य अनूप दाधीच के सान्निध्य में संपन्न हुआ। खूंटी पूजा में अध्यक्ष अशोक चौधरी, महासचिव कुणाल आजमानी, प्रकाश धेलिया, राजू पोद्दार, रोहित अग्रवाल, निर्मल जालान, प्रवक्ता प्रमोद सारस्वत, दीपक चौधरी, उमेश यादव, अमर प्रसाद, नवजोत अलंग, पूर्व पार्षद कृष्णा महतो, राजू टांटिया, सुजीत वर्मा, विनोद जैन, शंभू प्रसाद, अनिल अग्रवाल, पवन पोद्दार, ललित पोद्दार, पवन शर्मा, रोहित अग्रवाल, मनोज बजाज, विकास रंजन, मनीष लोधा, धीरज तनेजा, बंटी भाटिया, अनिल जालान, अशोक धानुका, संजीत यादव, विकास चौधरी, सागर, रोहित सारदा, दिलीप स्वर्णकार, बादल कुमार सहित काफी संख्या में शहर के गणमान्य लोग उपस्थित थे। उक्त जानकारी अशोक चौधरी (अध्यक्ष), कुणाल आजमानी (महासचिव) और प्रमोद सारस्वत (प्रवक्ता) ने दी।
टीम एबीएन, रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के तत्वाधान में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सभी विधानसभा क्षेत्र के आरओ एवं 140 से अधिक एआरओ के पहले चरण के पांच दिवसीय प्रशिक्षण सह प्रमाणन कार्यक्रम का आयोजन 27 से 31 अगस्त तक किया गया। इस हेतु विभिन्न बैचों में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के सभागार एवं जेसीईआरटी रातु में पदाधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये गये।
पांच दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के दौरान भारत निर्वाचन आयोग, ओडिशा, हरियाणा, बिहार, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित झारखंड के राष्ट्रीय स्तर के मुख्य प्रशिक्षकों ने विभिन्न सत्रों में पदाधिकारियों को निर्वाचन से संबंधित विषयों का क्रमवार प्रशिक्षण दिया। वहीं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने सभी प्रशिक्षुओं के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में निर्वाचन संबंधी अप्रत्याशित कुछ सामान्य गलतियों तथा उनके निराकरण के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान सभी विधानसभा क्षेत्र के आरओ एवं एआरओ को निर्वाचन संबंधी विषयों यथा उम्मीदवारों की योग्यता एवं अयोग्यता, चुनाव चिह्न आबंटन, नामांकन संबंधित निर्देश, आपराधिक पूर्ववृत्त, ई रोल, वल्नरेबलिटी मैपिंग, ईवीएम एवं वीवीपैट का प्रशिक्षण, आदर्श आचार संहिता, व्यय प्रबंधन, स्वीप, पोलिंग पार्टी का व्यवस्थापन, पोस्टल बैलट, पेड न्यूज, एमसीएमसी, मतगणना आदि विषयों पर बिंदुवार प्रशिक्षण दिये गये।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारत निर्वाचन आयोग के वरीय प्रधान सचिव एनएन बूटोलिया, सचिव विनोद कुमार, अवर सचिव राकेश कुमार सैनी, हरियाणा के एनएलएमटी पंकज सेतिया, छत्तीसगढ़ के एनएलएमटी केआरआर सिंह, सुनील कुमार शर्मा, प्रणव सिंह, ओडिशा के एनएलएमटी देवी प्रसाद मोहंती, मध्य प्रदेश के एनएलएमटी पी एन सनेसर, बिहार के एनएलएमटी यशलोक रंजन वहीं झारखंड के एनएलएमटी राजेश वर्मा, गीता चौबे, देव दास दत्ता, एस एन जमील, सुनील कुमार ने अपने संबंधित विषयों पर पदाधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया।
टीम एबीएन, कोडरमा। झारखंड राज्य जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष सह कोडरमा जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष शालिनी गुप्ता ने कोडरमा जिला के सभी महाविद्यालयों को विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से हटाकर नवनिर्मित सर जेसी बोस विश्वविद्यालय, गिरिडीह में सम्मिलित किये जाने के निर्णय का कड़ा विरोध किया है।
इस संबंध में राज्य सरकार से अपील की है कि वह इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर जगन्नाथ जैन कॉलेज को गिरिडीह के सर जेसी बॉसी मे जोड़ने के बजाय जे जे कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाये, ताकि कोडरमा के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने की जरूरत न पड़े और वे अपने ही जिले में बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकें।
कोडरमा जिला के सभी महाविद्यालयों को विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से हटाकर नवनिर्मित सर जेसी बोस विश्वविद्यालय, गिरिडीह में सम्मिलित किये जाने से छात्रों और शिक्षकों की परेशानियां बढ़ जायेंगी। गिरिडीह विश्वविद्यालय की दूरी के कारण प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी यात्रा करनी पड़ेगी, जिससे समय और धन की अतिरिक्त बर्बादी होगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह निर्णय कोडरमा के शैक्षिक विकास के लिए एक बाधा साबित हो सकता है और सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि जगन्नाथ जैन कॉलेज को गिरिडीह के विश्वविद्यालय में सम्मिलित करने के बजाय इस कॉलेज को ही विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाना चाहिए।
शालिनी गुप्ता ने अपने बयान में कहा कि जगन्नाथ जैन कॉलेज सभी आवश्यक मापदंडों को पूरा करता है जो एक विश्वविद्यालय बनने के लिए जरूरी होते हैं। यहां पर वर्तमान में विभिन्न संकायों में लगभग 8000 से 10000 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके अलावा, डोमचांच में निर्मित महिला डिग्री कॉलेज की पढ़ाई भी फिलहाल जगन्नाथ जैन कॉलेज में ही संचालित हो रही है, क्योंकि डोमचांच महिला कॉलेज की बिल्डिंग तो बनकर तैयार है, लेकिन प्रोफेसर और कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हो पायी है।
शालिनी गुप्ता ने कहा कि हाल ही में रांची कॉलेज को श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है। इसी तरह कोडरमा के जगन्नाथ जैन कॉलेज को भी विश्वविद्यालय का दर्जा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोडरमा जिला एक भौगोलिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है जहां की सड़क और रेल नेटवर्क से जगन्नाथ जैन कॉलेज पहुंचना बेहद आसान है। ऐसे में अगर इस कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाता है, तो हजारीबाग, गिरिडीह, और कोडरमा क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को विशेष लाभ मिलेगा।
उन्होंने आगे कहा कि कोडरमा के सुदूर इलाकों जैसे सतगावा और मरकच्चो के छात्र-छात्राओं को भी इस फैसले से काफी लाभ मिलेगा और उन्हें पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। 1960 में कोडरमा के पिछड़े क्षेत्र में सामाजिक और शैक्षणिक विकास के लिए जगन्नाथ जैन कॉलेज की स्थापना की गयी थी। यह कॉलेज 1977 में रांची विश्वविद्यालय की एक घटक इकाई बना और 1983 में यूजीसी से पंजीकृत हुआ।
शालिनी गुप्ता ने यह भी बताया कि 1992 में रांची विश्वविद्यालय से अलग होकर विनोबा भावे विश्वविद्यालय का गठन हुआ था। इसके बाद, एक दशक पहले, कोयलांचल के धनबाद में बिनोद बिहारी विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी। अब उसी तर्ज पर, अभ्रकांचल क्षेत्र के कोडरमा जिले में स्थित जगन्नाथ जैन कॉलेज को भी विश्वविद्यालय का दर्जा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोडरमा जिला शिक्षा के क्षेत्र में पहले से ही एक हब के रूप में विकसित हो रहा है, और इस कदम से इसे और अधिक मजबूती मिलेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि जगन्नाथ जैन कॉलेज को सरकार द्वारा भी प्रीमियम कॉलेज के रूप में मान्यता दी जा चुकी है। कॉलेज के आधुनिकीकरण के लिए कैबिनेट में डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) भी भेजी जा चुकी है। इस योजना के तहत लगभग 80 से 90 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित है, जिसमें नये भवनों का निर्माण, आॅडिटोरियम, कैंटीन, इंडोर और आउटडोर स्टेडियम जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
शालिनी गुप्ता ने जोर देकर कहा कि सरकार को जल्द से जल्द इस प्रस्ताव को पारित कर निविदा निकालनी चाहिए, जिससे कोडरमा जिले के छात्रों को हजारीबाग जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें अपने ही जिले में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि कोडरमा पहले से ही शिक्षा के क्षेत्र में एक हब के रूप में विकसित हो चुका है, जहां राज्य का एकमात्र सैनिक स्कूल तिलैया डैम में संचालित हो रहा है।
कोडरमा जिले की रेल सुविधाएं और डीवीसी की केटीपीएस इकाई, जो देश के विभिन्न राज्यों में बिजली की आपूर्ति करती है, भी जिले की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत करती हैं। ऐसे में जगन्नाथ जैन कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा मिलना न केवल कोडरमा, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
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