एबीएन न्यूज नेटवर्क, फुटबॉल मैदान, ललपनिया, गोमियां, बोकारो। आज हमारी सरकार गांव-गांव पहुंच रही है । आपकी समस्याओं के समाधान के लिए आपके दरवाजे पर पूरा सरकारी तंत्र मौजूद है। आप आगे आएं और राज्य सरकार की योजनाओं से जुड़कर अपने को सशक्त बनाएं। आपकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव हमारी प्राथमिकता है। आप अपना आशीर्वाद बनाए रखें । हम आगे भी आपके बीच कई नई कल्याणकारी योजनाओं को लेकर आएंगे। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज बोकारो जिला अंतर्गत गोमिया प्रखंड के ललपनिया स्थित फुटबॉल मैदान में आयोजित आपकी योजना- आपकी सरकार- आपके द्वार कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक वैसा भी वक्त था, जब आपको सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए सरकारी दफ्तरों का बार-बार चक्कर लगाना पड़ता था। दलालों के चक्कर में पड़कर आप अपना पैसा भी गंवाते थे और योजना का लाभ भी नहीं मिलता था। लेकिन, हमारी सरकार ने इस तरह से नीतियां और योजनाओं को लागू करने का काम किया है, जिससे आपको ना तो बार-बार ब्लॉक आफिस जाना पड़ता है और ना ही दलालों के आगे- पीछे घूमना पड़ता है। अधिकारियों का दल आपके घर पहुंच रहा है, ताकि आपकी समस्याओं का पूरी संवेदनशीलता के साथ समाधान हो सके। इतना ही नहीं, आपकी बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से राशि का हस्तांतरण हो रहा है, ताकि आपके पैसे का कोई दुरुपयोग ना कर सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी आबादी के सशक्तिकरण की दिशा में झारखंड मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना लागू करने का हमारी सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस योजना के तहत 18 से 50 वर्ष तक की लगभग 48 लाख महिलाओं को वर्ष में 12 हजार रुपए सम्मान राशि के रूप में दिए जाएंगे। इसकी पहली जारी हो चुकी है और आज करम पर्व की पूर्व संध्या पर दूसरी किस्त की राशि हस्तांतरित करने की प्रक्रिया पूरी हो रही है। इतना ही नहीं अगले 5 वर्षों के दौरान हर घर में 1 लाख रुपए हर वर्ष पहुंचाने का भी काम हमारी सरकार करेगी, ताकि महिलाएं अपने पैरों पर खड़ा होकर अपने घर- परिवार को मजबूत बना सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लोगों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार ने यूनिवर्सल पेंशन स्कीम लागू किया है। इसका परिणाम है कि आज कोई भी बूढ़ा- बुजुर्ग पेंशन से वंचित नहीं है। अब पेंशन योजना से जुड़ने के लिए आपको इंतजार नहीं करना पड़ता है। जैसे ही आपकी उम्र पेंशन पाने की योग्य हो जाती है, आपको उसका लाभ मिलना प्रारंभ हो जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार आज आपको 200 बिजली फ्री दे रही है, वहीं बकाया बिजली बिल को माफ करने का भी निर्णय हमारी सरकार ने लिया है। जिसका फायदा इस राज्य के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को रहा है। हमारी कोशिश राज्य की जनता को ज्यादा से ज्यादा सहूलियत और सुविधा देना है, ताकि वे प्रगति की राह पर आगे बढ़ सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले झारखंड प्रदेश में किसानों और पशुपालकों को सशक्त बनाने के लिए सरकार कई योजनाएं लेकर आई हैं। एक तरफ किसानों के दो लाख रुपए तक का लोन माफ करने का निर्णय हमारी सरकार ने लिया है तो दूसरी तरफ बिरसा हरित ग्राम योजना, मुख्यमंत्री पशुधन योजना और दीदी बाड़ी योजना जैसी अनेकों योजनाओं के जरिए किसानों को वैकल्पिक कृषि के साथ उनके आय में बढ़ोतरी के लिए प्रयास हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे किसान सशक्त बनेंगे तभी हमारा राज्य मजबूत बनेगा। इसी बात को ध्यान में रखकर हमारी सरकार गांव और देहात से चल रही है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बना सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभाने वाले सभी श्रेणी के सरकारी कर्मियों की लंबित समस्याओं का समाधान करने का कार्य हमारी सरकार कर रही है। चाहे सरकारी कर्मियों को पुरानी पेंशन योजना देना हो या फिर जल सहिया, आंगनबाड़ी सेविका- सहायिका जैसे सरकार से जुड़े अन्य कर्मियों की मांगों को पूरा कर हम उनके चेहरे पर मुस्कान लाने का भी काम कर रहे हैं। आज हमारे द्वारा लिए जा रहे निर्णयों से हर किसी के चेहरे पर खुशी देखने को मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बच्चियों की पढ़ाई लिखाई से लेकर उनके भविष्य निर्माण तक का जिम्मा उठा रही है। अब अभिभावकों को अपने बच्चियों के पढ़ाई की चिंता नहीं करनी पड़ रही है। सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना से अब तक 10 लाख से ज्यादा बच्चियों को जोड़ा जा चुका है। हमारे बच्चे- बच्चियां डॉक्टर, इंजीनियर और अफसर बनें, इसके लिए उन्हें गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 15 लाख रुपए तक का शिक्षा लोन बिना किसी गारंटी के देने की व्यवस्था की गयी है। वहीं, हमारे बच्चे विदेशों में अच्छी शिक्षा ग्रहण कर सके, उसका भी पूरा खर्च सरकार वहन कर रही है। इसके साथ जो स्वरोजगार करने के इच्छुक हैं उनके लिए मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत 25 लाख रुपए तक की राशि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। हमारा प्रयास युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर से बेहतर अवसर प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री ने आपकी योजना- आपकी सरकार- आपके द्वार कार्यक्रम में बोकारो एवं रामगढ़ जिले को लगभग 753 करोड़ 44 लाख हजार रुपये की 733 योजनाओं का तोहफा दिया। इसमें रामगढ़ जिला अंतर्गत 40872.20 लाख रूपए की 431 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास शामिल है, जबकि बोकारो जिला अंतर्गत 52594.26 लाख रूपए की 302 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास संपन्न हुआ। वहीं, दोनों जिलों के हजारों लाभुकों के बीच लगभग 342 करोड़ 90 लाख रुपए की परिसंपत्तियों का वितरण हुआ।
इस कार्यक्रम में मंत्री सत्यानन्द भोक्ता, मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री बेबी देवी, विधायक लम्बोदर महतो, विधायक कुमार जयमंगल सिंह, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष योगेंद्र महतो, झारखंड राज्य समन्वय समिति के सदस्य फागु बेसरा, पूर्व विधायक ममता देवी, जिला परिषद अध्यक्ष सुनीता देवी, आईजी, कोयला प्रक्षेत्र डॉ एस माइकल राज, डीआईजी सुरेन्द्र कुमार झा के अलावा रामगढ़ एवं बोकारो जिले के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक समेत जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद थे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, फुटबॉल मैदान, ललपनिया, गोमियां, बोकारो। आज हमारी सरकार गांव-गांव पहुंच रही है । आपकी समस्याओं के समाधान के लिए आपके दरवाजे पर पूरा सरकारी तंत्र मौजूद है। आप आगे आएं और राज्य सरकार की योजनाओं से जुड़कर अपने को सशक्त बनाएं। आपकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव हमारी प्राथमिकता है। आप अपना आशीर्वाद बनाए रखें । हम आगे भी आपके बीच कई नई कल्याणकारी योजनाओं को लेकर आएंगे। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज बोकारो जिला अंतर्गत गोमिया प्रखंड के ललपनिया स्थित फुटबॉल मैदान में आयोजित आपकी योजना- आपकी सरकार- आपके द्वार कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक वैसा भी वक्त था, जब आपको सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए सरकारी दफ्तरों का बार-बार चक्कर लगाना पड़ता था। दलालों के चक्कर में पड़कर आप अपना पैसा भी गंवाते थे और योजना का लाभ भी नहीं मिलता था। लेकिन, हमारी सरकार ने इस तरह से नीतियां और योजनाओं को लागू करने का काम किया है, जिससे आपको ना तो बार-बार ब्लॉक आफिस जाना पड़ता है और ना ही दलालों के आगे- पीछे घूमना पड़ता है। अधिकारियों का दल आपके घर पहुंच रहा है, ताकि आपकी समस्याओं का पूरी संवेदनशीलता के साथ समाधान हो सके। इतना ही नहीं, आपकी बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से राशि का हस्तांतरण हो रहा है, ताकि आपके पैसे का कोई दुरुपयोग ना कर सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी आबादी के सशक्तिकरण की दिशा में झारखंड मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना लागू करने का हमारी सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस योजना के तहत 18 से 50 वर्ष तक की लगभग 48 लाख महिलाओं को वर्ष में 12 हजार रुपए सम्मान राशि के रूप में दिए जाएंगे। इसकी पहली जारी हो चुकी है और आज करम पर्व की पूर्व संध्या पर दूसरी किस्त की राशि हस्तांतरित करने की प्रक्रिया पूरी हो रही है। इतना ही नहीं अगले 5 वर्षों के दौरान हर घर में 1 लाख रुपए हर वर्ष पहुंचाने का भी काम हमारी सरकार करेगी, ताकि महिलाएं अपने पैरों पर खड़ा होकर अपने घर- परिवार को मजबूत बना सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लोगों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार ने यूनिवर्सल पेंशन स्कीम लागू किया है। इसका परिणाम है कि आज कोई भी बूढ़ा- बुजुर्ग पेंशन से वंचित नहीं है। अब पेंशन योजना से जुड़ने के लिए आपको इंतजार नहीं करना पड़ता है। जैसे ही आपकी उम्र पेंशन पाने की योग्य हो जाती है, आपको उसका लाभ मिलना प्रारंभ हो जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार आज आपको 200 बिजली फ्री दे रही है, वहीं बकाया बिजली बिल को माफ करने का भी निर्णय हमारी सरकार ने लिया है। जिसका फायदा इस राज्य के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को रहा है। हमारी कोशिश राज्य की जनता को ज्यादा से ज्यादा सहूलियत और सुविधा देना है, ताकि वे प्रगति की राह पर आगे बढ़ सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले झारखंड प्रदेश में किसानों और पशुपालकों को सशक्त बनाने के लिए सरकार कई योजनाएं लेकर आई हैं। एक तरफ किसानों के दो लाख रुपए तक का लोन माफ करने का निर्णय हमारी सरकार ने लिया है तो दूसरी तरफ बिरसा हरित ग्राम योजना, मुख्यमंत्री पशुधन योजना और दीदी बाड़ी योजना जैसी अनेकों योजनाओं के जरिए किसानों को वैकल्पिक कृषि के साथ उनके आय में बढ़ोतरी के लिए प्रयास हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे किसान सशक्त बनेंगे तभी हमारा राज्य मजबूत बनेगा। इसी बात को ध्यान में रखकर हमारी सरकार गांव और देहात से चल रही है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बना सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभाने वाले सभी श्रेणी के सरकारी कर्मियों की लंबित समस्याओं का समाधान करने का कार्य हमारी सरकार कर रही है। चाहे सरकारी कर्मियों को पुरानी पेंशन योजना देना हो या फिर जल सहिया, आंगनबाड़ी सेविका- सहायिका जैसे सरकार से जुड़े अन्य कर्मियों की मांगों को पूरा कर हम उनके चेहरे पर मुस्कान लाने का भी काम कर रहे हैं। आज हमारे द्वारा लिए जा रहे निर्णयों से हर किसी के चेहरे पर खुशी देखने को मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बच्चियों की पढ़ाई लिखाई से लेकर उनके भविष्य निर्माण तक का जिम्मा उठा रही है। अब अभिभावकों को अपने बच्चियों के पढ़ाई की चिंता नहीं करनी पड़ रही है। सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना से अब तक 10 लाख से ज्यादा बच्चियों को जोड़ा जा चुका है। हमारे बच्चे- बच्चियां डॉक्टर, इंजीनियर और अफसर बनें, इसके लिए उन्हें गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 15 लाख रुपए तक का शिक्षा लोन बिना किसी गारंटी के देने की व्यवस्था की गयी है। वहीं, हमारे बच्चे विदेशों में अच्छी शिक्षा ग्रहण कर सके, उसका भी पूरा खर्च सरकार वहन कर रही है। इसके साथ जो स्वरोजगार करने के इच्छुक हैं उनके लिए मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत 25 लाख रुपए तक की राशि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। हमारा प्रयास युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर से बेहतर अवसर प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री ने आपकी योजना- आपकी सरकार- आपके द्वार कार्यक्रम में बोकारो एवं रामगढ़ जिले को लगभग 753 करोड़ 44 लाख हजार रुपये की 733 योजनाओं का तोहफा दिया। इसमें रामगढ़ जिला अंतर्गत 40872.20 लाख रूपए की 431 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास शामिल है, जबकि बोकारो जिला अंतर्गत 52594.26 लाख रूपए की 302 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास संपन्न हुआ। वहीं, दोनों जिलों के हजारों लाभुकों के बीच लगभग 342 करोड़ 90 लाख रुपए की परिसंपत्तियों का वितरण हुआ।
इस कार्यक्रम में मंत्री सत्यानन्द भोक्ता, मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री बेबी देवी, विधायक लम्बोदर महतो, विधायक कुमार जयमंगल सिंह, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष योगेंद्र महतो, झारखंड राज्य समन्वय समिति के सदस्य फागु बेसरा, पूर्व विधायक ममता देवी, जिला परिषद अध्यक्ष सुनीता देवी, आईजी, कोयला प्रक्षेत्र डॉ एस माइकल राज, डीआईजी सुरेन्द्र कुमार झा के अलावा रामगढ़ एवं बोकारो जिले के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक समेत जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद थे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पाकुड़/ रांची। झारखंड के संथाल परगना प्रमंडल में बांग्लादेशियों की घुसपैठ का मुद्दा गरमा गया है। पाकुड़ जिले के कुछ गांवों में हाल में आदिवासियों और हिंदुओं पर हमले की घटनाओं के बाद लोग गुस्से में हैं। आदिवासी समाज के लोग अब घुसपैठ के खिलाफ आंदोलन के लिए गोलबंद हो रहे हैं। आदिवासी समाज ने इस मुद्दे पर 16 सितंबर को पाकुड़ जिले के हिरणपुर में पारंपरिक आदिवासी स्वशासन व्यवस्था के तहत ग्राम प्रधानों का महासम्मेलन बुलाया है।
मांझी परगना महासम्मेलन के नाम से होने वाले इस आयोजन में झारखंड के पूर्व सीएम और भाजपा नेता चंपई सोरेन खास तौर पर शिरकत करेंगे। चंपई सोरेन ने कहा है कि इस महासम्मेलन में हम लोग समाज के पारंपरिक ग्राम प्रधानों एवं अन्य मार्गदर्शकों के साथ बैठ कर घुसपैठ और अपनी ही जमीन से बेदखल होते आदिवासियों की समस्या का कारण समझने तथा समाधान तलाशने पर मंथन करेंगे।
उन्होंने कहा कि पाकुड़ ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ विद्रोह करने वाले वीर शहीदों की धरती है। अब इसी धरती से पूरे संथाल-परगना को बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ संघर्ष का ऐलान होगा। चंपई सोरेन ने बांग्लादेशी घुसपैठ को गंभीर समस्या बताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शुक्रवार को एक लंबा पोस्ट लिखा है।
उन्होंने कहा, वोट बैंक के लिए कुछ राजनीतिक दल भले ही आंकड़े छिपाने का प्रयास करें, लेकिन शुतुरमुर्ग की तरह रेत में सिर गाड़ लेने से सच्चाई नहीं बदल जाती। वोटर लिस्ट पर नजर डालने से यह स्पष्ट हो जाता है कि हमारी माटी, हमारी जन्मभूमि से हमें ही बेदखल करने में बांग्लादेशी घुसपैठिए काफी हद तक सफल हो गये हैं।
पाकुड़ के जिकरहट्टी स्थित संथाली टोला और मालपहाड़िया गांव का उदाहरण देते हुए उन्होंने आगे कहा कि यहां अब आदिम जनजाति का कोई सदस्य नहीं बचा है। तो आखिर वहां के भूमिपुत्र कहां गये? उनकी जमीनों, उनके घरों पर अब किसका कब्जा है? इसके साथ-साथ वहां के दर्जनों अन्य गांवों-टोलों को जमाई टोला में कौन बदल रहा है?
टीम एबीएन, रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 तारीख को जमशेदपुर आने वाले हैं और उनके आगमन को लेकर शहर में तैयारियां जोरों पर हैं। प्रधानमंत्री यहां तीन महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे और इसके साथ ही रोड शो भी करेंगे। इस अवसर को विशेष बनाने के लिए जमशेदपुर को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। पूरे शहर में सफाई अभियान चलाया गया है और दीवारों पर पेंटिंग के जरिए झारखंड की समृद्ध कला और संस्कृति को प्रदर्शित किया जा रहा है।
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री के दौरे को ध्यान में रखते हुए शहर की सभी दीवारों को नए रंग-रूप में सजाया जा रहा है। खासतौर पर टाटा नगर रेलवे स्टेशन से बिष्टुपुर जाने वाली सड़कों के किनारे की दीवारों पर भी पेंटिंग की जा रही है। इन पेंटिंग्स के माध्यम से झारखंड की पारंपरिक संस्कृति और विरासत को बखूबी दिखाया जा रहा है। सरकारी अधिकारियों से लेकर निजी कंपनियां तक प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं।
पूरे इलाके में सफाई अभियान युद्ध स्तर पर चल रहा है ताकि जब प्रधानमंत्री शहर से गुजरें तो जमशेदपुर की साफ-सफाई और स्वच्छता उन्हें स्पष्ट रूप से नजर आए। वहीं आपको बता दें कि टाटा नगर रेलवे स्टेशन परिसर को भी खास तरीके से सजाया गया है। स्टेशन से बिष्टुपुर तक की सड़क के किनारे की दीवारों पर भी पेंटिंग की गई हैं, जिसमें झारखंड की कला, संस्कृति, और ग्रामीण जीवन को खूबसूरती से उकेरा गया है।
प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर रेलवे स्टेशन परिसर और उसके आस-पास के इलाके की सफाई भी की जा रही है। दीवारों पर बनी पेंटिंग्स के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर प्रधानमंत्री की नजर में आए और राज्य की खूबसूरती को नए आयाम मिले। साथ ही आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दौरान उनका रोड शो भी प्रमुख आकर्षण रहेगा।
इस रोड शो के लिए जमशेदपुर की सड़कों को विशेष रूप से तैयार किया गया है। शहर के हर कोने को नए सिरे से संवारा गया है ताकि प्रधानमंत्री के गुजरने पर पूरा शहर एक अनोखी छवि प्रस्तुत कर सके। इसके अलावा, प्रधानमंत्री तीन प्रमुख कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे, जिनमें विकास योजनाओं का उद्घाटन और विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा शामिल है।
इसके अलावा आपको बता दें कि प्रधानमंत्री के इस महत्वपूर्ण दौरे को लेकर सभी सरकारी और निजी अधिकारी अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। शहर की साफ-सफाई से लेकर पेंटिंग और सजावट तक, हर एक पहलू को ध्यान में रखा जा रहा है। जमशेदपुर को प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि प्रधानमंत्री के इस दौरे से जमशेदपुर और झारखंड की विकास योजनाओं को और गति मिलेगी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, बोकारो। राज्य सरकार ने बोकारो के ललपनिया में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंईयां सम्मान योजना की दूसरी किस्त के तहत 3 अरब 22 करोड़ राशि ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने करम पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपके खाते में आज से दूसरी किस्त मिलनी शुरू हो जाएगी। उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनायी और विपक्ष पर निशाना साधा।
खास बात है कि सीएम ने मंच पर बनाए पोडियम पर आकर टहलते हुए भाषण दिया। उन्होंने मंईयां सम्मान योजना का लाभ लेने पहुंचीं महिलाओं से पूछा कि आपलोग का आशीर्वाद हम लोग पर है ना। आशीर्वाद रहेगा? आगे हमको याद रखिएगा कि नहीं।सीएम कोरोना महामारी के दौरान उपजे हालात का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कोरोना ने दुनिया को रोक दिया था।
सब कुछ बंद हो गया था। लेकिन हमने सबको बचाया। सबको दूसरे प्रदेशों से लाया। दो साल परेशान रहे। सरकार सोयी नहीं। पड़ोसी राज्यों में तो लोगों को जलाने के लिए लकड़ी खत्म हो गई। चील, कौए, कुत्ते शव खाते थे। लेकिन हमारे राज्य में कोरोना कैसे आया और कैसे गया, इसका पता नहीं लगने दिया। इसके लिए कीमत भी चुकानी पड़ी। हमारे दो-दो मंत्री को कोरोना खा गया।
सीएम ने आगाह किया कि चुनाव आने वाला है। ये लोग आपके बीच आएंगे। हिन्दू मुस्लिम की बातें करेंगे। इनसे बचकर रहना है। सीएम ने कहा कि फिर ऐसी पटखनी देंगे कि ये लोग दोबारा झारखंड में खड़ा नहीं हो पायेंगे। सीएम ने कहा कि अधिकार मांगते हैं तो जेल भेज देता है। हम जेल और गोलियों से नहीं डरते हैं। आये दिन ऐसी चीजें सामने आयेंगी लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे।
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि जिस घर में तीन बेटियां और मां-बाप हैं, उस घर में हर साल 60 हजार रु सरकार पहुंचा रही है। एक-एक हजार रु के हिसाब से एक साल में साठ हजार रु दिए जा रहे हैं। उन्होंने फिर कहा कि आने वाले पांच वर्षों में उनकी सरकार हर परिवार को एक-एक लाख रु देगी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, विष्णुगढ़/ हजारीबाग। अंचल कार्यालय विष्णुगढ़ में प्रभारी प्रधान लिपिक धन्मेंद्र कुमार द्वारा गैरकानूनी तरीके से राजस्व कागजात पंजी 2 से छेड़छाड़ करने के आरोप में उपायुक्त नैंसी सहाय ने तत्काल उक्त कर्मी को निलंबित कर दिया है।
धन्मेंद्र कुमार द्वारा राजस्व कागजात पंजी 2 में एक नया पृष्ठ रखकर (मौजा: बादी खरना, थाना संख्या:227 अंर्तगत खाता संख्या: 21, प्लॉट नं:576, रकबा: 43डी पर गैरकानूनी तरीके से नई जमाबंदी कायम करने का प्रयास किया जा रहा था। अंचल कार्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज में धन्मेंद्र कुमार के साथ अन्य दो व्यक्तियों जिनकी पहचान शैलेंद्र कुमार सिंह एवं विजेंद्र कुमार सिंह के रुप में उजागर हुई है साथ ही इनकी संलिप्तता पायी गयी है।
उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच दल गठित करते हुए विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। उच्चवर्गीय लिपिक,अंचल कार्यालय विष्णुगढ़ पर प्रथम दृष्टया में आरोपी पाए जाने के आधार पर झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2016 के नियम 9 (1) (क) (ग) के तहत इन्हें विष्णुगढ़ अंचल कार्यालय से तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए प्रखंड कार्यालय चलकुशा मुख्यालय निर्धारित किया गया है।
एबीएन एडिटोरियल डेस्क। करम परब यानी प्राकृतिक लोक परब हमारी संस्कृति की महत्वपूर्ण और अनमोल धरोहर है। यह प्राकृतिक के साथ साथ सामाजिक एकता, सहभागिता, सामूहिकता और भाईचारे का भी परिचायक है। करम परब प्रकृति को संरक्षित और समृद्ध करने के साथ साथ जीवन को गति देने वाला त्योहार है। प्रकृति के प्रति लोगों का यही प्रेम, सम्मान और समर्पण यहां चलने को नृत्य और बोलने को संगीत बना देता है।
बहनें अपने भाई के लिए करम एकादश करती है ताकि भाई बहन का प्रेम बना रहे, करम एकादश के दिन बहनें भाई का लंबी उम्र का कामना करती है, भादो शुरू होते ही करम परब का तैयारियां शुरू कर दिया जाता है, खेतों में काम समाप्त होने के बाद बहनें उत्साहित होकर व्रत करती हैं कि अब अनाज की कोई कमी नहीं होगी।
भादो मास शुक्ल पक्ष के एकादशी के नौ दिन पूर्व स्थानीय नदी, नाला, तालाब, जोरिया आदि जलाशय से नया बांस की डाली में साफ बालू उठाकर उसमें धान, चना, जौ, कुरथी, मकई, मूंग, उरद सहित नौ प्रकार के कृषि उत्पादित बीजों को बोकर जावा उठाती है, जिसे बाली उठा कहा जाता है। जावा उठाकर घर के अंदर साफ व स्वच्छ जगह पर अनुष्ठित करने वाली बालाओं को जावा की स्वच्छता के लिए कठोर नियम का पालन करना पड़ता है।
स्वयं के खानपान, रहन-सहन पर विशेष ध्यान रखती है, जावा डाली पर बोये गये बीजों को अंकुरित करने के लिए प्रकृति की शुद्ध वातावरण के साथ आवश्यकता के अनुरूप धूप दिखाना, हल्दी पानी पटवाना आदि इन युवतियों के जिम्मे होती है। बाद में जब अंकुरित होता है जिसे जावा कहते हैं । जावा के अंकुरण को सृजन का प्रतीक माना जाता है।
भादो एकादश के दिन गांव के पाहन करम के प्रतीक करम डाली को अखरा के मध्य लगाता है। वहीं करमइतियां भाई बहन अखरा को सजाते हैं। युवतियां भादो दशमी को संजोत कर दूसरे दिन एकादशी को निर्जला उपवास रहकर करम डाली के समक्ष जावा की आराधना करते हैं। इसके बाद रात भर डाली को जगाया जाता है। दूसरे दिन डाली जावा का विसर्जन किया जाता है, विसर्जन के पश्चात् पारना कर अन्न ग्रहण किया जाता है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, बोकारो। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज बोकारो जिला अंतर्गत ललपनिया स्थित धार्मिक स्थल लुगुबुरु घांटाबाड़ी धोरोमगाढ़ में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्य वासियों की उन्नति, सुख -शांति एवं खुशहाल तथा स्वस्थ जीवन की कामना की।
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