झारखंड

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Published / 2024-10-10 21:01:21
रतन टाटा का शव न जलाया जायेगा न दफनाया जायेगा, तो जानें क्या होगा...

पारसी धर्म से थे रतन टाटा, अनोखा होता अंतिम संस्कार! 3,000 साल पुरानी परंपरा, न शव को जलाया जाता न दफनाया जाता 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत के प्रमुख कारोबारी रतन टाटा का निधन मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में 86 वर्ष की आयु में हुआ। उनके योगदान और उपलब्धियों के लिए उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, पद्म भूषण (2000) और पद्म विभूषण (2008) से सम्मानित किया गया था। रतन टाटा पारसी समुदाय से थे और उनका अंतिम संस्कार पारसी परंपरा के अनुसार किया जायेगा। फिलहाल  रटन टाटा के पार्थिव शरीर को सुबह करीब 10.30 बजे एनसीपीए लॉन में ले जाया जायेगा, ताकि लोग दिवंगत आत्मा को अंतिम श्रद्धांजलि दे सकें।  

अंतिम संस्कार की जानकारी

रतन टाटा पारसी समुदाय से आते हैं लेकिन उनका अंतिम संस्कार पारसी रीति रिवाजों की जगह हिन्दू परंपराओं के अनुसार किया जायेगा। उनके पार्थिव शरीर को शाम 4 बजे मुंबई के वर्ली स्थित इलेक्ट्रिक अग्निदाह में रखा जायेगा। यहां करीब 45 मिनट तक प्रेयर होगी, इसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जायेगी। रतन टाटा का पार्थिव शरीर कोलाबा स्थित उनके घर ले जाया गया है। 

गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार वर्ली के श्मशान घाट में किया जायेगा। सुबह करीब 10:30 बजे उनके पार्थिव शरीर को एनसीपीए लॉन में रखा जायेगा, ताकि लोग दिवंगत आत्मा को अंतिम श्रद्धांजलि दे सकें। बाद में, शाम 4 बजे, पार्थिव शरीर नरीमन पॉइंट से वर्ली श्मशान प्रार्थना हॉल के लिए अंतिम यात्रा पर निकलेगा। परिवार के अनुसार, श्मशान घाट पर उनके पार्थिव शरीर को राष्ट्रीय ध्वज में लपेटा जायेगा और पुलिस की बंदूक की सलामी दी जायेगी। इसके बाद पारसी रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार संपन्न होगा।

पारसी अंतिम संस्कार की परंपरा

पारसी समुदाय का अंतिम संस्कार हिंदू, मुस्लिम और ईसाई परंपराओं से काफी अलग है। पारसी अपने मृतकों को जलाते नहीं हैं और न ही दफनाते हैं। उनकी परंपरा लगभग 3,000 साल पुरानी है, जिसमें शवों को टावर आॅफ साइलेंस या दखमा में रखा जाता है। 

टावर आफ साइलेंस क्या है?

जब किसी पारसी व्यक्ति का निधन होता है, तो उनके शव को शुद्ध करने की प्रक्रिया के बाद टावर आॅफ साइलेंस में खुले में छोड़ दिया जाता है। इसे दोखमेनाशिनी कहा जाता है, जिसमें शव को सूरज और मांसाहारी पक्षियों के लिए छोड़ दिया जाता है। इस प्रक्रिया को आकाश में दफनाने के रूप में भी देखा जा सकता है। बौद्ध धर्म में भी इस तरह का अंतिम संस्कार किया जाता है, जहां शवों को गिद्धों के हवाले किया जाता है। 

रतन टाटा का अंतिम संस्कार न केवल उनके परिवार और प्रियजनों के लिए एक व्यक्तिगत क्षति है, बल्कि उनके द्वारा स्थापित मूल्यों और परंपराओं की भी याद दिलाता है। पारसी अंतिम संस्कार की यह अद्वितीय प्रक्रिया उनके जीवन के प्रति उनके दृष्टिकोण को दर्शाती है। 

पारसी लोग अपने अंतिम संस्कार के तरीकों में बदलाव करने के लिए मजबूर

दरअसल, पारसी समुदाय, जो कभी मौजूदा ईरान यानी फारस को आबाद करता था, अब पूरी दुनिया में केवल कुछ ही बचे हैं। 2021 में हुए एक सर्वे के अनुसार, दुनिया में पारसियों की संख्या 2 लाख से भी कम है। इस समुदाय को अपनी अनोखी अंतिम संस्कार परंपरा के कारण कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। टावर आॅफ साइलेंस के लिए उपयुक्त स्थान की कमी और चील व गिद्ध जैसे मांसाहारी पक्षियों की घटती संख्या के कारण पिछले कुछ वर्षों में पारसी लोग अपने अंतिम संस्कार के तरीकों में बदलाव करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

Published / 2024-10-10 20:59:27
109 करोड़ की फर्जी निकासी एक सोची समझी साजिश : बाबूलाल मरांडी

झारखंड बिजली विभाग के खाते से निकाली गयी राशि 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने आज राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा है। मरांडी ने राज्य के मुख्यमंत्री सह ऊर्जा मंत्री को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि हेमंत सरकार में झारखंड ऊर्जा उत्पाद निगम लिमिटेड के खाते से 109 करोड़ की फर्जी निकासी हुई है जो गंभीर आर्थिक अपराध है। 

मरांडी ने कहा कि कुछ अधिकारियों पर केस दर्ज करा कर राज्य सरकार फर्जी निकासी मामले में सीआईडी जांच करने का नाटक कर रही है। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार में सीआईडी जांच की विश्वसनीयता हमेशा शक- सवालों के घेरे में रही है। सीआईडी जांच करा कर सरकार क्या बड़ी मछलियों को बचाने का प्रयास कर रही है। मरांडी ने कहा कि अरबों रुपये की धोखाधड़ी एवं इसके तार दूसरे राज्यों से जुड़े होने के उद्भेदन हेतु राज्य सरकार अविलंब उक्त मामले की जांच सीबीआई को सौंपे। 

मरांडी ने कहा कि राज्य में बैंक कर्मियों और अधिकारियों के साथ मिलकर भ्रष्टाचारियों ने बड़े पैमाने पर बिजली विभाग में सुनियोजित तरीके से भ्रष्टाचार को अंजाम दिया है। झारखंड में यह नया मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले भी मिड-डे मील योजना में ठीक इसी तरह का घोटाला सामने आ चुका है। मरांडी ने कहा कि अनौपचारिक रूप से अधिकारियों से हुई बातचीत में यह पता चल रहा है कि करीब 500 करोड़ रुपए से अधिक की सरकारी संपत्ति का गबन घोटालेबाजों एवं भ्रष्टाचारियों द्वारा किए जाने की संभावना है, जो राज्य सरकार की भ्रष्ट नीतियों और लचर प्रशासन का परिणाम है। 

मरांडी ने कहा कि पूरी घटना को क्रमबद्ध तरीके से देखें तो यह बात स्पष्ट होती है कि झारखंड के दूसरे विभागों में भी इस तरह की घोटाले हुए होंगे जो सामने आने बाकी हैं। इसमें बैंक अधिकारी, कर्मचारी तथा दूसरे राज्य के लोग भी मिले हुए हैं इसलिए इसकी जांच सीआईडी या झारखंड पुलिस के बस की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग के मंत्री होने के नाते मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारियों से भाग नहीं सकते। मरांडी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस मामले की तुरंत सीबीआई से जांच नहीं कराई तो यह स्पष्ट होगा कि सरकार खुद इस घोटाले को दबाने और दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है। 

मरांडी ने कहा कि बिना विलंब किये इस मामले की जांच सीबीआई को हस्तांतरित करना चाहिए ताकि घोटाले में घोटाले बाजों के साथ इस षड्यंत्र में शामिल लोगों का खुलासा हो सके। उन्होंने कहा कि यह भी साफ पता चल रहा है कि ये मनी लांड्रिंग का भी मामला है। इसलिए ईडी के निदेशक से अनुरोध है कि इस मामले को हाथ में लेकर तुरंत जांच शुरू करें।

Published / 2024-10-10 20:58:18
सुप्रसिद्ध उद्योगपति रतन नवल टाटा के निधन पर शोक व्यक्त

देश के आर्थिक जगत का एक युग हुआ समाप्त

टीम एबीएन रांची। देश के जाने-माने सुप्रसिद्ध उद्योगपति, समाजसेवी, भारत के अनमोल रत्न रतन नवल टाटा के आकस्मिक निधन पर रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन, अग्रवाल सभा एवं मारवाड़ी सहायक समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने गहरा शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। 

रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सरल, मिलनसार, मृदुभाषी, समाजसेवी रतन टाटा एक असाधारण व्यक्तित्व के स्वामी थे। उन्होंने अपनी अतुलनीय संकल्प एवं क्षमता से टाटा समूह को आसमान पर बिठाया और भारत के आर्थिक ढांचे को भी ठोस आकार दिया।  उनकी शालीनता, स्पष्टवादिता, सरलता और समाज के प्रति समर्पण पूरा राष्ट्र हमेशा याद रखेगा। देश ने रतन टाटा के रूप में एक अनमोल रत्न को खो दिया तथा देश के आर्थिक जगत का एक युग का समाप्त हो गया। उनके निधन से पूरे राष्ट्र को अपूरणीय क्षति हुई है। 

शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष ललित कुमार पोद्दार, महामंत्री विनोद कुमार जैन, अग्रवाल सभा के अध्यक्ष प्रमोद कुमार अग्रवाल, मंत्री अनिल अग्रवाल, मारवाड़ी सहायक समिति के अध्यक्ष मनोज चौधरी, सचिव रमण वोडा, सुरेश चंद्र अग्रवाल, सज्जन पाड़िया, पवन शर्मा, पवन पोद्दार, नंदकिशोर पाटोदिया, अशोक नारसरिया, कौशल राजगढ़िया, कमल कुमार केडिया, कमलेश संचेती, अजय डीडवानिया, विजय खोवाल, प्रमोद सारस्वत, किशन पोद्दार, नरेश बंका, कमल खेतावत, सुनील पोद्दार, कमल जैन, प्रमोद बगड़िया, राजकुमार मित्तल, रतन मोर, निर्मल बुधिया, किशन साबू, अनिल कुमार अग्रवाल, मनोज बजाज, जितेश अग्रवाल, बबलू हारित, मुकेश काबरा, अमर अग्रवाल, सौरभ बजाज,मनीष लोधा, अमित चौधरी, अंजय सरावगी, सुनील केडिया,सरवन अग्रवाल, अजय खेतान, राजेश कौशिक, किशन अग्रवाल, दीपेश निराला, आशीष अग्रवाल, विशाल पाड़िया, विकास अग्रवाल, रमाशंकर बगड़िया, मनोज रूईया, बिनोद कुमार टिबडेवाल, सुरेश पोद्दार, शिवभावसिका मनीष टांटिया, ललित पोद्दार, संजय सर्राफ आदि शामिल है। उक्त जानकारी रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी।

Published / 2024-10-10 20:56:25
रांची विवि : अतिथि शिक्षकों की जेब खाली, कैसे पूजी जायेंगी मां शेरावाली

टीम एबीएन, रांची। रांची विश्वविद्यालय के अतिथि शिक्षकों को पिछले 17 महीनों से बकाया मानदेय नहीं मिलने की वजह से वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण ये शिक्षक वित्तीय कठिनाइयों में हैं, यहां तक कि त्योहारों पर भी उन्हें कर्ज लेने की जरूरत महसूस हो रही है। संघ के अध्यक्ष अरविंद प्रसाद ने कहा कि इस बार दुर्गा पूजा घर में ही मनानी पड़ेगी क्योंकि धरना और आंदोलन के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

झारखंड प्रदेश अतिथि शिक्षक संघ के संयोजक सह वरिष्ठ नेता डॉ धीरज सिंह सूर्यवंशी ने चेतावनी दी है कि पूजा के बाद अतिथि शिक्षक उग्र आंदोलन करेंगे, जिसमें अर्थी जुलूस, तालाबंदी, पुतला दहन, भूख हड़ताल, और आमरण अनशन जैसे कदम शामिल होंगे। डॉ धीरज ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और सूबे की सरकार को इस समस्या का अविलंब समाधान करना होगा।

डॉ अशीष कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में बयान दिया कि यह सरकार सुनने वाली है, लेकिन शिक्षकों की समस्याओं को अनसुना किया जा रहा है। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें मुलाकात का मौका नहीं मिला। अतिथि शिक्षकों की बहाली 2015 से 2023 के बीच उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेर्शानुसार हुई थी, लेकिन 17 महीनों से उनका मानदेय बकाया है और वे अब संघर्ष के रास्ते पर हैं।

अतिथि शिक्षकों की इस बैठक में डॉ चक्षु पाठक, शुभम सौरभ, राजू हजम, शिवकुमार, सतीश तिर्की, कृष्णकांत और विकास कुमार सहित कई शिक्षक उपस्थित थे। उक्त जानकारी अतिथि शिक्षक संघ अध्यक्ष अरविंद प्रसाद ने दी।

Published / 2024-10-10 11:20:02
रतन टाटा देश के अनमोल रत्न थे: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

टीम एबीएन, रांची। रांची:दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा के निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। साथ ही मुख्यमंत्री ने गुरुवार (10 अक्टूबर) को एक दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है।
           मुख्यमंत्री ने दु:ख एवं संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि रतन टाटा देश के अनमोल रत्न थे। उन्होंने उद्योग जगत के साथ-साथ समाजसेवा एवं परोपकार के क्षेत्र में देश और दुनिया में अपनी अमिट छाप छोड़ी है, जिसे कभी भुलाया नही जा सकता है। वे एक सच्चे राष्ट्रवादी थे उनका जीवन उपलब्धियों से भरा रहा है। रतन टाटा एक-एक देशवासियों के दिलों में राज करते थे। इनका निधन राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर इस पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। ॐ शांति, ॐ शांति! विनय

सीएम हेमंत सोरेन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, झारखंड जैसे पिछड़े राज्य को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने वाले टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन और पद्म विभूषण रतन टाटा के निधन पर एक दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की गई है।

 

Published / 2024-10-10 10:40:57
मौसम : 10 और 11 अक्टूबर को भारी बारिश

टीम एबीएन, रांची। मौसम में बदलाव के कारण दुर्गोत्सव के बीच लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी राजधानी रांची समेत राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश हुई वहीं, नमी के कारण कई स्थानों पर वज्रपात भी हुआ

 पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा 48 मिमी बारिश अड़की में दर्ज की गयी है. जबकि, राजधानी रांची के शहरी क्षेत्र में ओलावृष्टि के साथ 30 मिमी बारिश हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र का पूर्वानुमान है कि 10 और 11 अक्तूबर को भी रांची समेत आसपास के जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। 

हालांकि, यह बहुत तेज नहीं होगी मौसम केंद्र के प्रभारी अभिषेक आनंद ने बताया कि 12 अक्तूबर यानी दशहरा के दिन से मौसम साफ होने की उम्मीद है केवल कोल्हान वाले इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है

Published / 2024-10-09 23:05:28
आंदोलनकारी देवेंद्रनाथ महतो को मिला रांची कोर्ट से मिली बड़ी राहत

टीम एबीएन, रांची। सदैव हक अधिकार का आवाज को बुलंद करने वाले सक्रीय आंदोलनकारी JLKM केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो को मुख्यमंत्री आवास घेराव मामले पर 19/07/2024 को लालपुर थाना में दर्ज एफआईआर कांड संख्या 185/24 पर आज 9/10/2024 को रांची जिला कोर्ट से जमानत मिली।

इस कांड पर पांच गैर जमानती समेत कुल 14 गंभीर धारा लगाया गया था। अधिकारी पदाधिकारी को हाफ मर्डर, पुलिस को जानलेवा हमला, पुलिस से हथियार लूटना जैसे गंभीर आरोप लगाया गया था, उक्त जानकारी वरीय अधिवक्ता  षष्टी रंजन महतो ने दिया। 

साथ ही उन्होंने बताया कि आज जमानत मिलने वाला आंदोलन राज्यभर में सुर्खियों में था, झारखंड के इतिहास में पहली बार  देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में आंदोलन मुख्यमंत्री आवास के मुख्य द्वार तक पहुंचा, पुलिसिया लाठीचार्ज से देवेंद्र नाथ महतो आंदोलन स्थल में ही बेहोश हो गया था।

कड़ी सुरक्षा निगरानी में राज्य के सबसे बड़ा अस्पताल रिम्स में सात दिन भर्ती थे फिर बेहतर ईलाज के दिल्ली में ईलाज कराया गया, घटना का निंदा आक्रोशित जेएलकेएम के कार्यकर्ता संपूर्ण झारखंड  के प्रखंड मुख्यालय में मशाल जुलूस और मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया था।

Published / 2024-10-09 21:10:12
कांके विधायक ने किया पूजा पंडाल का उद्घाटन

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 9 /10/24 को श्री श्री दुर्गा पूजा कमेटी कांके रोड पूजा पंडाल का उद्घाटन विधायक कांके समरी लाल, महाप्रबंधक सीएमपीडीआई  ट्रस्टी जयंत नाथ शाहदेव, एके महापात्रा की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। यह पूजा पंडाल आजादी के साल से अनवरत जारी है। 

इस पूजा पंडाल की मुख्य विशेषता पारंपरिक पूजा और भोग वितरण रहा है। आज के उद्घाटन समारोह में सचिव नकुल तिर्की, रमेंद्र कुमार, राजेश रजक रमेश सिंह, विश्वनाथ सरकार, प्रदीप लकड़ा, विवेक गर्ग, विनय कुमार, राजीव वर्मा समेत हजारों की संख्या में भक्त उपस्थित थे।

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