टीम एबीएन, जमशेदपुर। जमशेदपुर में एक स्कूल वाहन चालक की अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी गयी। घटना किताडीह इलाके में हुई। एक पुलिस अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि मृतक की पहचान रोहित कुमार सिंह (25 वर्षीय) के रूप में हुई है। रोहित बागबेड़ा थाना क्षेत्र में अपने घर के सामने सो रहा था। तभी हमलावरों ने करीब से उसे गोली मार दी। पुलिस ने बताया कि मामले में एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। पुलिस इस मामले में जांच कर रही थी।
हालांकि मृतक के परिजनों ने दावा किया कि रोहित ने कुछ दिन पहले इलाके में झगड़ा कर रहे दो लोगों को शांत कराने की कोशिश की थी। इनमें से एक युवक ने उसे गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। पीड़ित के परिवार के सदस्यों ने आज सुबह उसे खून से लथपथ हालत में पाया और उसे अस्पताल ले गये। लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस आरोपियों की पहचान करने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। वहीं, एक अन्य घटना में रविवार सुबह बिस्तुपुर इलाके में मोटरसाइकिल की मामूली टक्कर को लेकर अज्ञात युवकों के एक समूह एक युवक विवाद हो गया। जिसके बाद युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गयी।
पुलिस ने कहा कि पीड़ित देवराज पिल्लई (21 वर्षीय) अपने चार दोस्तों के साथ रातभर दुर्गा पूजा पंडालों का दौरा करने के बाद रविवार सुबह करीब 3.45 बजे घर लौट रहे थे, तभी उनकी मोटरसाइकिल ने एक समूह की बाइक को टक्कर मार दी। जिसके बाद विवाद हुआ और चाकूबाजी हुई। पुलिस ने कहा कि सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान की जा रही है।
टीम एबीएन, रांची। पश्चिम बंगाल में 7 अक्टूबर से भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारी डॉक्टरों की स्थिति बहुत चिंताजनक है। लगातार हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों की हालत बिगड़ने की वजह से फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) और देश भर के विभिन्न चिकित्सा संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक राष्ट्रीय स्तर की बैठक हुई। इस बैठक में पश्चिम बंगाल में चिकित्सकों के विरोध प्रदर्शन के समर्थन के संदर्भ में देश भर के चिकित्सकों के पास उपलब्ध सभी विकल्पों पर चर्चा की गयी।
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन की ऑनलाइन बैठक में सर्वसम्मति से यह सहमति बनी कि प्रदर्शनकारी डॉक्टरों द्वारा किये गये सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, पश्चिम बंगाल सरकार अभी भी चिंतित नहीं दिख रही है। जिसके कारण उन्हें फिर से ऐसा कदम उठाना पड़ रहा है। अभया के लिए न्याय बुनियादी मांग है, जिसके कारण 2 महीने पहले देशव्यापी आंदोलन शुरू हुआ था।
अभी भी न्याय सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है। सीबीआई और सुप्रीाम कोर्ट के हस्तक्षेप के बावजूद ऐसा लगता है कि अभया को इंसाफ दिलाने में हम पिछड़ गये हैं। इसलिए एक बार फिर चिकित्सक समुदाय में आग भड़क गयी है। ऐसे में आंदोलन को और तेज करने का ही रास्ता बचता है। फाइमा ने देशभर में वैकल्पिक सेवाएं बंद करने की घोषणा की है। ऐसे में रिम्स रांची इस आह्वान पर अमल करेगा।
रिम्स जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के डॉ अभिषेक ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि यदि सरकार पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर फेडरेशन के साथ समझौता करने में विफल रहती है, तो रिम्स जेडीए पेन डाउन आंदोलन शुरू करेगा। जिसके तहत 15 अक्टूबर से सभी वैकल्पिक और गैर-आपातकालीन सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। इस दौरान अस्पताल की सभी आपातकालीन सेवाएं चालू रहेंगी और उनमें समुचित स्टाफ रहेंगे। इसके साथ ही उन विभागों में डॉक्टरों की संख्या बढ़ायी जायेगी ताकि मानव सेवा के मूल मार्ग पर चलकर रिम्स के चिकित्सक अभया को इंसाफ दिलाने की लड़ाई में अपनी भागीदारी निभा सके।
टीम एबीएन, रांची। विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले झारखंड सरकार के द्वारा सौगातों की बौछार जारी है। इसी के तहत आज 14 अक्टूबर को झारखंड मंत्रालय में एक साथ कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के द्वारा मुंबई के नवी मुंबई में सात मंजिला झारखंड भवन का आधारशिला ऑनलाइन रूप में रखा गया।
इसके अलावा मुख्यमंत्री के द्वारा पकरीबरवाडीह में 220/33 केवी ग्रिड सब-स्टेशन के निर्माण कार्य का ऑनलाइन शिलान्यास किया गया। इस सब-स्टेशन के बनने से पकरीबरवाडीह और इसके आसपास के क्षेत्र डेमाटांड़, बरकागांव, ललकीमाटी केरेडारी और टंडवा के क्षेत्र को डीवीसी पर आत्मनिर्भरता समाप्त हो जायेगी।
झारखंड मंत्रालय में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के 498 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी यानी सीएचओ को नियुक्ति पत्र सौंपा। इस कार्यक्रम के दौरान सीएम के द्वारा सांकेतिक रूप से 5 नव चयनित को पदाधिकारी को नियुक्ति पत्र दिया गया।
मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में रांची स्मार्ट सिटी में अपोलो हॉस्पिटल का निर्माण और इटकी में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से बड़ा हॉस्पिटल का निर्माण कराया जा रहा है। सरकार की सोच है कि किसी भी जनता को गंभीर रोग का इलाज करने के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़े इसके लिए स्वास्थ्य उपकेंद्र से लेकर बड़े अस्पतालों में सारी सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं।
अब सरकार ने नर्सिंग कार्य के लिए महिलाओं के साथ-साथ पुरुष को भी नर्स की ट्रेनिंग देकर बहाल करने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार के द्वारा एयर एंबुलेंस की सुविधा के बारे में जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कम पैसे में राज्य की जनता को यह उपलब्ध कराई जा रही है, जिसका लाभ कई परिजनों ने अपने बीमार लोगों को बाहर इलाज के लिए ले जाने के लिए किया है।
कार्यक्रम के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड मंत्रालय का यह सभागार नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का गवाह रहा है और हर महीने यहां किसी न किसी तरह से नियुक्ति पत्र वितरित की जाती रही है। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने संबोधित करते हुए राज्य सरकार के द्वारा किये जा रहे कार्यों की उपलब्धि की गिनायी। इस कार्यक्रम में मंत्री मिथिलेश ठाकुर, स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
सीएम द्वारा नियुक्ति पत्र पाकर लाभार्थी की खुशी देखते बन रही थी। धनबाद की अंकिता रजक कहती हैं कि 2023 से वो इस पल का इंतजार कर रही थीं जो विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें मिला। एक अन्य लाभार्थी अंकिता उपाध्याय का मानना है कि लंबे इंतजार के बाद आखिरकार नियुक्ति पत्र मिला जो बेहद ही खुशियों से भरा है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में सबकी नजर चुनाव आयोग की ओर लगी हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 15 अक्टूबर यानी मंगलवार को विधानसभा चुनाव की घोषणा चुनाव आयोग कर सकता है। इसका सबसे बड़ा कारण झारखंड और महाराष्ट्र का चुनाव एक साथ होना बताया जा रहा है।
महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल दिसबंर में समाप्त हो रहा है, जिस कारण अक्टूबर में चुनाव की घोषणा आवश्यक है। वहीं जनवरी में झारखंड विधानसभा का कार्यकाल पूरा हो रहा है। हरियाणा में जीत से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी झारखंड और महाराष्ट्र में हरियाणा जीत के सकारात्मक असर को लेकर चुनाव में जाना चाह रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी उभरे उत्साह को वोट में बदलने का पूरा प्रयास करेगी। महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव तीन चरणों में होने की संभावना बतायी जा रही है। अभी तक भाजपा और राजग सहित सत्तारुढ़ इंडिया गठबंधन ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। चुनाव की घोषणा होते ही राज्य में आचार संहिता लागू हो जायेगी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर। राजनीति उलटफेर का खेल है। कब बाजी किसके हाथ में चली जाये इसके बारे में कुछ कहा नही जा सकता। बात यदि पलामू की करे तो कभी इंदर सिंह नामधारी और राधाकृष्ण किशोर राजनीतिक के केंद्र बिंदु हुआ करते थे। हालांकि इंदर सिंह नामधारी वर्ष 2014 में ही सक्रिय राजनीतिक से सन्यास ले चुके हैं।
किशोर अभी भी राजनीति में सक्रियता के साथ लगें है। लेकिन राजनीति में इनका कोई परमानेंट एड्रेंस नहीं है। किशोर का छत्तरपुर विस क्षेत्र से चुनाव लड़ना तय बताया जा रहा है। लेकिन यह तय नही है वह किसी दल से लड़ेगे। लोकसभा चुनाव के पहले तक वह राजद में थे। चूंकि उनके बहनोई बीडी राम भाजपा से पलामू संसदीय क्षेत्र का चुनाव लड़ रहे थे तो राजद छोड़कर किशोर ने चुनाव में उनकी मदद की, पर फिलहाल भाजपा में इंट्री की गुजाइंश का सीन नहीं बन पाने के कारण किशोर की फिर से राजद की वापसी की चर्चा जोरो पर चल रही है।
हालांकि वापसी के चर्चा के साथ दल के अंदर विरोध के स्वर भी उठने लगे।नामधारी और किशोर ने सन 1980 में एक साथ ही पहली बार बिहार विधानसभा में कदम रखा था। दोनों अलग अलग दल में रहे, कुछ दिनों तक एक दल में साथ भी रहे, मगर दोनों में एक समानता रही कि किसी एक दल के खूंटे में बंध कर नहीं रहे। कांग्रेस से राजनीतिक कैरियर से शुरुआत करने वाले किशोर जदयू और भाजपा के टिकट पर भी छत्तरपुर विधानभा से चुनाव जीता 2019 में भाजपा ने टिकट नही दिया तो आजसू में शामिल हो कर चुनाव लड़े।
2024 में अभी तक दल का निर्धारण नही है। एक चर्चा इस बात को लेकर है कि किशोर फिर से जदयू में जाने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। वह इन संभावनाओं को देख रहे है कि गठबंधन के दावे को भाजपा किस हद तक स्वीकार करता है।वहीं नामधारी के साथ दूसरी स्थिति है। वह खुद सक्रिय राजनीति से दूर हैं, पर उनकी चाहत अपने पुत्र दिलीप सिंह नामधारी को राजनीतिक में स्थापित करने की है। वर्ष 2009 मे दिलीप सिंह नामधारी भाजपा के टिकट और 2014 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में डालटनगंज विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं।
2019 का चुनाव स्वास्थ्य कारणों से नही लडा था। 2024 में दिलीप नामधारी का चुनाव लड़ना तय है पर निर्दलीय या किसी दल से इसे लेकर फिलहाल पत्ता नही खुला है। इंदर सिंह नामधारी अविभाजीत बिहार में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। झारखंड गठन के बाद जदयू के प्रदेश अध्यक्ष रहे।स्थिति यह थी कि जब नामधारी बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे तो उस वक्त वर्तमान में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हुआ करता थे।
टिकट से लेकर पार्टी के महत्वपूर्ण फैसलों में उनकी भूमिका होती थी। जब वह बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हुआ करते थे, तो यह नारा गूंजता था देश में अटल बिहारी, बिहार में इंदर सिंह नामधारी।पर आज नामधारी हो या किशोर दोनों की परिस्थिति एक हो गयी है। जो कभी दूसरे को टिकट दिलाने की क्षमता रखते थे, जो कभी सिंबल का वितरण करते थें वैसे राजनीतिक की शख्सियत आज राजनीतिक के बर्थ में महज एक टिकट कंफर्म होने की आस में है। इसे समय का फेरा कहा जाये या राजनीतिक का असली रंग ? (वरिष्ठ पत्रकार अजित मिश्रा जी के फेसबुक वॉल से साभार)
टीम एबीएन, रांची। श्रीश्री सार्वजनिक बंगाली दुर्गा पूजा समिति, धुर्वा थाना के पीछे बस स्टैंड में आयोजित दुर्गा पूजा पंडाल में पारंपरिक रीति रिवाज के साथ मां दुर्गा को विदाई दी गयी। मौके पर महिलाओं ने सिंदूर खेला भी किया, जिसमें मां दुर्गा को सिंदूर लगाने के पश्चात एक दूसरे को भी सिंदूर लगाकर अखंड सौभाग्य की कामना की गयी।
साथ ही साथ महिलाओं की शंख ध्वनि से पूरा धुर्वा क्षेत्र गुंजायमान रहा। नवरात्रि के मौके पर नौ दिनों तक मां की सेवा के बाद विदाई करते सभी भक्तों की आंखें नम हो गयीं। परंतु परंपरा के मुताबिक विदाई भी अनिवार्य है।
जिस कारण श्रद्धालुओं ने नाम आंखों से मां दुर्गा को विदाई दी। साथ ही अगले वर्ष आने का निमंत्रण दिया। मौके पर धुर्वा से सटे आसपास के टोले-मोहल्लों के लोगों की भारी भीड़ जुटी थी। लोगों के पांव भक्ति गीतों पर थिरकते नजर आ रहे थे।
टीम एबीएन, रांची। श्री श्री दुर्गा पूजा समिति काँके रोड में आज महिला भक्तों ने सिंदूर खेला कर माता को विदा किया। सिंदूर एक दूसरे की मांग में भरकर सुहागन अपनी सौभाग्य की रक्षा और घर परिवार के स्वस्थ रखने की कामना माँ दुर्गा से माँगती हैं।
इस तरह से माता की विदाई आज हो रही है। माता की आंखें भक्तों के उमंग से भरा है। पुनः अगले वर्ष आने की विनम्र निवेदन कर माता को विदाई दी गयी। आज प्रांगण में दुर्गोत्सव मूर्ति विसर्जन के साथ संपन्न होगा।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मनिका। थाना क्षेत्र अंतर्गत करमही मोड़ के निकट रविवार को यात्री बस, कार और टेम्पो में टक्कर हो गयी। इस घटना में कार पर सवार एक व्यक्ति की मौत हो गयी। जबकि 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। वहीं कई अन्य लोगो को भी मामूली चोट आयी।
मृतक की पहचान पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के पीए छोटू अंसारी के भाई सफदर अंसारी (40) के रूप में हुई है। जबकि इन्हीं के परिवार के पांच अन्य लोग घायल हो गये। घायलों में अनिक अंसारी, ज्यान गजनफर, आहिया अंसारी, इबाद अंसारी शामिल हैं।सभी रांची नामकुम के रहने वाले हैं। वही टेंपो पर सवार लातेहार निवासी अमित कुमार भी घायल हो गये।
सभी को लातेहार में प्राथमिक इलाज करने के बाद बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के पीए छोटू अंसारी अपने परिवार के साथ बेतला पार्क घूमने गए थे। रविवार को सभी लोग वापस लौट रहे थे। गाड़ी उनका भाई चल रहा था।
इसी दौरान करमाही मोड़ के पास सामने से आ रहे यात्री बस से उनकी गाड़ी की टक्कर हो गयी। वहीं पीछे से आ रहे हैं ऑटो भी दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। घटना के बाद एसपी कुमार गौरव के निर्देश पर पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी घायल को लातेहार सदर अस्पताल पहुँचाया, जहां चिकित्स ने जांच के बाद सफदर अंसारी को मृत घोषित कर दिया।
वहीं अन्य घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद बेहतर इलाज के लिए रांची रिम्स रेफर कर दिया गया है। घायलों का इलाज कर रहे डॉक्टर विद्यार्थी ने कहा कि घायलों में तीन की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। जबकि दो अन्य घायल की स्थिति थोड़ी ठीक है। घटना में घायल एक अन्य महिला को मामूली चोट आयी है।
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