टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के शपथ ग्रहण करने और विधानसभा की तारीख तय होने के साथ ही इस बात की चर्चा तेज हो गयी है कि आखिर हेमंत मंत्रिमंडल का विस्तार कब तक होगा। हालांकि इस बात की भी संभावना जतायी जा रही है कि एक दो दिन में मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है।
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर झारखंड कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष मणिशंकर ने बताया कि पिछली सरकार में जैसा था, उसी तरह इस बार भी कांग्रेस कोटे से चार मंत्री बनेंगे। मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा है कि सत्र से पहले कुछ विस्तार हो या फिर 12 के बाद मंत्रिमंडल विस्तार हो, कांग्रेस से चार मंत्री होंगे। कांग्रेस कोटे से कौन-कौन से चेहरे मंत्री होंगे, ये कांग्रेस आलाकमान तय करेगा।
जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि सीएम ने कहा है कि दो तीन दिनों के अंदर मंत्रिमंडल विस्तार हो जायेगा, हम भी उम्मीद करते हैं। दो-तीन दिन में सब कुछ स्पष्ट रहेगा। तब तक मंत्रिमंडल की घोषणा हो जायेगी। सभी दलों ने नेताओं से विचार विमर्श के साथ ही सभी को समावेश करते हुए प्रतिनिधित्व देने को लेकर विचार विमर्श की आवश्यकता है।
लोजपा विधायक जनार्दन पासवान ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कहा कि सब लोग गठबंधन में मंत्रिमंडल को लेकर खींचा तानी में लगे हैं। सब अपने-अपने तरीके से दावेदारी कर रहे हैं। कोई दांव पेच होगा।मंत्रिमंडल विस्तार जितना जल्दी हो सके करना चाहिए।
सीएम हेमंत सोरेन को राज्य के विकास पर चिंता करनी चाहिए। बता दें कि सरकार के आकार लेने के साथ ही विधानसभा सत्र की तारीख सामने आ चुकी है। ऐसे में इस बात की संभावना तेज हो गयी है कि एक दो दिन में मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, खूंटी। जिला के खूंटी-सिमडेगा मुख्य पथ पर एक यात्री बस ने ट्रक को पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में बस में बैठे दर्जनों यात्री घायल हो गये। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को उपचार के लिए तोरपा और खूंटी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस हादसे में घायलों में अधिकतर लोग सिमडेगा जिला के निवासी हैं। इनमें 55 वर्षीय विनीता कुमारी, 29 वर्षीय वनिका केरकेटा, 42 वर्षीय सुषमा टेटे और 60 वर्षीय कैथरीना बोदरा सहित कई यात्री शामिल हैं। तोरपा थाना क्षेत्र के केतारी मोड़ के पास बस द्वारा ट्रक को टक्कर मारने से ये हादसा हुआ है।
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार सिमडेगा से चंद्रलोक नामक एक बस यात्रियों को लेकर रांची जा रही थी। तोरपा में कुछ यात्री उतरे और कुछ यात्री रांची के लिए चढ़े और बस रांची के लिए रवाना हुई। बाबा आमरेश्वर धाम पहुंचने से पहले केतारी मोड़ के पास एक ट्रक को ओवरटेक करने के दौरान बस ने ट्रक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
इस टक्कर से यात्री बस के अंदर ही इधर-उधर गिर गये, जिसके कारण कई यात्रियों को चोट लगी है। इस हादसे की सूचना मिलते ही तोरपा पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस से घायलों को तोरपा स्थित रेफरल अस्पताल भेज दिया। वहीं गंभीर रूप से घायलों को सदर अस्पताल भेजा गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
तोरपा के सर्किल इंस्पेक्टर अशोक सिंह ने बताया कि उन्हें स्थानीय लोगों द्वारा सूचना मिली थी कि केतारी मोड़ के पास एक यात्री बस दुर्घटनाग्रस्त हुई है। इस सूचना पर इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी प्रभात रंजन पांडेय ने सबसे पहले एंबुलेंस को सूचना देकर घटनास्थल के लिए रवाना हुए और कुछ ही देर बाद स्थानीय की मदद से घायलों को अस्पताल भेज दिया गया।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के सबसे युवा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का सियासी करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा है, जिसमें उन्हें कानूनी लड़ाई से लेकर पार्टी में आंतरिक कलह तक का सामना करना पड़ा है। हालांकि, सोरेन (49) राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में मजबूती से उभरे हैं और खुद को आदिवासी अधिकारों के प्रबल पैरोकार के रूप में स्थापित किया है, लेकिन सत्ता में उनका आना बिल्कुल भी आसान नहीं था।
अपने कंधों पर आदिवासी उम्मीदों और आकांक्षाओं का भार लेकर, सोरेन को एक मुश्किल लड़ाई का सामना करना पड़ा। उन्हें पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह, बाहरी दबाव और अथक विपक्षी ताकतों से निपटना पड़ा। उनकी कहानी दृढ़ इरादों, धैर्य और अटूट संकल्प की कहानी है- एक ऐसे नेता की गाथा, जिसने हर लड़ाई लड़ी, न केवल सत्ता के लिए, बल्कि अपने लोगों के सम्मान के लिए।
सोरेन ने बीते गुरुवार को यहां एक भव्य समारोह में राज्य के 14वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। झामुमो नेता रिकॉर्ड चौथी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं। हाल में हुए चुनाव में हेमंत सोरेन ने अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ पिछले दो महीनों में लगभग 200 चुनावी रैलियों को संबोधित किया।
सोरेन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-नीत केंद्र सरकार पर उनके प्रशासन को अस्थिर करने का प्रयास करने का आरोप लगाते रहे हैं। दस अगस्त 1975 को हजारीबाग के निकट नेमरा गांव में जन्मे हेमंत सोरेन के शुरुआती जीवन पर उनके पिता एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के सह-संस्थापक शिबू सोरेन की राजनीतिक विरासत का प्रभाव रहा। हालांकि, हेमंत को शुरुआत में अपने पिता के उत्तराधिकारी के तौर पर नहीं देखा जाता था।
उनके बड़े भाई दुर्गा झारखंड की राजनीति में शिबू सोरेन के नामित उत्तराधिकारी थे, लेकिन 2009 में उनकी असामयिक मौत के बाद हेमंत ने राज्य में पार्टी की कमान संभाली। हेमंत ने पटना हाईस्कूल से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा में दाखिला लिया, लेकिन पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी।
हेमंत ने 2009 में राज्यसभा सदस्य के रूप में अपनी सियासी पारी की शुरुआत की। हालांकि, 2010 में अर्जुन मुंडा के नेतृत्व वाली तत्कालीन भाजपा-झामुमो सरकार में उपमुख्यमंत्री बनने के लिए उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। वर्ष 2012 में भाजपा और झामुमो की राहें जुदा होने के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया। वर्ष 2013 में हेमंत ने कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के समर्थन से 38 साल की उम्र में झारखंड के सबसे युवा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। हालांकि, उनका पहला कार्यकाल बहुत छोटा था।
दिसंबर 2014 में भाजपा ने झारखंड की सत्ता में वापसी की और हेमंत विधानसभा में विपक्ष के नेता बने। वर्ष 2016 में हेमंत के सियासी करियर में उस वक्त एक अहम मोड़ आया, जब भाजपा-नीत सरकार ने आदिवासी भूमि की रक्षा करने वाले कानूनों, मसलन- छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम और संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम, में संशोधन की कोशिश की।
हेमंत सोरेन ने आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए एक बड़े आंदोलन का नेतृत्व किया, जिससे न केवल उन्हें व्यापक समर्थन मिला, बल्कि सत्ता में उनकी वापसी का मंच भी तैयार हुआ। हेमंत दिसंबर 2019 में कांग्रेस और राजद के सहयोग से एक बार फिर मुख्यमंत्री पद पर काबिज हुए।
उनकी पार्टी ने झारखंड विधानसभा चुनाव में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 81 सीट में से 30 पर कब्जा जमाया, जो उनके नेतृत्व की बढ़ती लोकप्रियता की तरफ भी इशारा करता था। हालांकि, हेमंत का कार्यकाल विवादों से घिरा रहा है। वर्ष 2023 की शुरुआत में भूमि घोटाले से जुड़े कथित धनशोधन मामले में उनका नाम उछला।
इस साल 31 जनवरी को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के कुछ देर बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। झारखंड उच्च न्यायालय ने जून में यह कहते हुए हेमंत की जमानत अर्जी मंजूर कर ली कि उनके अपराध करने की कोई संभावना नहीं थी। हेमंत लगातार कहते आए हैं कि उनकी गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित थी और वह उनकी सरकार को गिराने की साजिश का शिकार हुए।
इन चुनौतियों के बावजूद राज्य की आदिवासी आबादी के हक के लिए उनकी मुखर आवाज ने उनकी राजनीतिक पहचान को मजबूती दी। हेमंत ने कई ऐसी पहल की है, जिनका मकसद आदिवासियों को सशक्त बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें राज्य की आर्थिक वृद्धि का फायदा मिले।
उनके नेतृत्व में राज्य सरकार ने आपके अधिकार, आपकी सरकार, आपके द्वार योजना शुरू की, जिससे सरकारी सेवाएं लोगों के दरवाजे तक पहुंच गयीं। इसके अलावा, राज्य की पेंशन योजना के विस्तार और मुख्यमंत्री मईया सम्मान योजना ने उनकी सरकार को और मजबूत किया। इस योजना के तहत 18 साल से 51 साल की महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
हेमंत ने दावा किया कि सामाजिक कल्याण के प्रति उनकी सरकार की प्रतिबद्धता 2023 में घोषित किसान ऋण माफी से स्पष्ट है, जिसका उद्देश्य 1.75 लाख से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाना है। इसके अलावा, उनकी सरकार ने बकाया बिजली बिल माफ कर दिया है और 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करने वाली योजना शुरू की है।
अपने पूरे सियासी सफर में हेमंत को भाजपा के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा है और उन्होंने केंद्र सरकार पर बिना उचित क्षतिपूर्ति के बार-बार झारखंड के संसाधनों का दोहन करने का आरोप लगाया है। हेमंत ने केंद्र पर 1.36 लाख करोड़ रुपये के कोयला खनन बकाये का भुगतान न करने का आरोप लगाया है।
हेमंत को अपने सियासी सफर में झामुमो में आंतरिक कलह की मार भी झेलनी पड़ी। वर्ष 2022 में अवैध खनन पट्टे से जुड़े आरोपों के कारण वह विधायक के रूप में अयोग्य ठहराए जाने से बाल-बाल बचे और मुख्यमंत्री के रूप में अपना पद बरकरार रखने में भी कामयाब रहे।
टीम एबीएन, रांची। आदिवासी नेता बिरसा मुंडा के परपोते मंगल मुंडा की शुक्रवार को हृदय गति रुकने से मौत हो गयी। अस्पताल के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। मुंडा 45 वर्ष के थे। उन्होंने राज्य के शीर्ष अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में रात साढ़े 12 बजे अंतिम सांस ली।
दरअसल, मंगल मुंडा एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे और यहां एक अस्पताल में उनका इलाज हो रहा था। मंगल मुंडा को मंगलवार को खूंटी सदर अस्पताल से रिम्स रेफर किया गया था। खूंटी जिले में 25 नवंबर को एक यात्री वाहन की छत से गिरने के कारण मुंडा के सिर में गंभीर चोट आयी थी। उनके सिर में खून के थक्के जमा हो गये थे।
रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ हिरेन बिरुआ ने कहा- बिरसा मुंडा के रिश्तेदार मंगल मुंडा की रात करीब साढ़े 12 बजे हृदय गति रुकने से मौत हो गयी। गंभीर रूप से घायल मंगल मुंडा को वेंटिलेटर पर रखा गया था। हमने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन असफल रहे।
वहीं, प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जी के वंशज मंगल मुंडा जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उनका जाना उनके परिवार के साथ ही झारखंड के जनजातीय समाज के लिए भी अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में ईश्वर उनके परिजनों को संबल प्रदान करे।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष गंगवार ने मंगल मुंडा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। सोरेन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट किया- रिम्स में इलाजरत, भगवान बिरसा मुंडा के वंशज मंगल मुंडा के निधन की खबर से अत्यंत दुखी हूं। मरांग बुरु दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिवारजनों को दुःख की यह विकट घड़ी सहन करने की शक्ति दें।
राज्यपाल गंगवार ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर एक संदेश में कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के वंशज मंगल मुंडा के निधन की खबर अत्यंत दुखद है। शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर शोक संतप्त परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
उधर, भगवान बिरसा मुंडा के वंशज मंगल मुंडा को श्रद्धांजलि देने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रिम्स पहुंचे हैं। उन्होंने पुष्प चक्र अर्पित कर मंगल मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने मंगल मुंडा के परिजनों से मुलाकात की है। उनका दुख बांटा।
टीम एबीएन, रांची। हेमंत सोरेन के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए रांची पहुंचे समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव में जीत से नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) गठबंधन को मजबूती मिली है और वह आदिवासियों के अधिकारों एवं रोजगार के लिए लड़ाई जारी रखेगा।
सपा प्रमुख ने यहां बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर कहा कि झारखंड चुनाव के नतीजों ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। लोगों ने अपनी सूझबूझ और लोकतांत्रिक निर्णयों से एक प्रगतिशील सरकार चुनी। उन्होंने हेमंत सोरेन और इंडिया गठबंधन को झारखंड को समृद्धि, विकास तथा प्रगति के रास्ते पर लाने का एक और मौका दिया।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में इंडिया गठबंधन और मजबूत होगा। बेरोजगारी, महंगाई और आदिवासियों तथा किसानों के अधिकारों को लेकर हमारी लड़ाई जारी रहेगी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला करते हुए अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा को अदालतों, संविधान और संवैधानिक निकायों पर भरोसा नहीं है।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में हेमंत सोरेन सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने हेमंत सोरेन को झारखंड के 14वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलायी। उन्होंने चौथी बार सीएम पद की शपथ ली। इस मौके पर मंच पर हेमंत सोरेन के पिता और दिशोम गुरु शिबू सोरेन, मां रूपी सोरेन, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई दिग्गज मौजूद रहे।
आज गुरुवार को हेमंत सोरेन ने फिर झारखंड की बागडोर संभाल ली। राज्य में फिर हेमंत सोरेन की सरकार है। शपथ ग्रहण समारोह में सिर्फ उन्होंने ही मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। हालांकि पहले कांग्रेस और राजद कोटे से एक-एक मंत्री के शपथ लेने की चर्चा थी, लेकिन इंडिया गठबंधन में इस पर कोई निर्णय नहीं हो सका था।
यही वजह रही कि हेमंत सोरेन ने अकेले ही शपथ ली। अबुआ सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होनेवाले नेताओं को राजकीय अतिथि का दर्जा प्राप्त था। देश के विभिन्न राज्यों से अतिथि रांची पहुंचे।
कांग्रेस, राजद और भाकपा माले के वरिष्ठ नेता समारोह में शामिल हुए। हेमंत सोरेन सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदय स्टालिन, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन, कल्पना सोरेन, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, लोकसभा सांसद पप्पू यादव, राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा समेत सहित कई दिग्गज मौजूद थे।
टीम एबीएन, रांची। रांची-खूंटी मुख्य मार्ग स्थित दसमाईल चौक के समीप भीषण सड़क हादसा हुआ। इस हादसे में रांची पुलिस का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। जवान की पहचान खूंटी थाना क्षेत्र के अजय भेंगरा के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार जवान अजय भेंगरा रांची से खूंटी जा रहा था, इसी दौरान एक आटो खूंटी की तरफ जा रहा था।
ओवरटेक के दौरान बाइक सवार जवान आॅटो में जोरदार टक्कर मार दी। जिसके चलते विपरीत दिशा से आ रहा चिप्स से लदे हाइवा के नीचे फंस गया। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग जुटे और घायल को तुपुदाना स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है।
बताया जा रहा है कि जवान अजय भेंगरा का एक पैर पूरी तरह से डैमेज हो गया और शरीर पर कई जगहों पर गंभीर चोटें आयी है। सूचना पर खरसीदाग थाना प्रभारी भावेश भारती दल बल के साथ पहुंचे और टेंपो, हाइवा और बाइक को जब्त कर थाने ले गये।
थाना प्रभारी ने बताया कि जांच में पता चला कि घायल युवक रांची पुलिस का जवान है, जो खूंटी जिले का निवासी है। उन्होंने बताया कि जवान का इलाज चल रहा है। परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गयी है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद हेमंत सोरेन ने कैबिनेट की बैठक की। इसमें 8 फैसलों पर मुहर लगायी गयी।
गुरुवार (28 नवंबर) को हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई बैठक मंत्रिपरिषद की बैठक में दिसंबर 2024 से झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों को 2500 रुपये प्रति माह भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।
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