टीम एबीएन, रांची। रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल फेसबुक पर एक पोस्ट जारी कर आम लोगों के समस्याओं के सामाधान के लिए नयी पहल शुरू की है। इसके जरिये राजधानीवासी अपनी शिकायत और समस्याएं सीधे व्हाट्सएप पर दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए एक नंबर 9430328080 जारी किया गया है। इस नंबर पर लोग अपनी समस्याओं को अबुआ साथी के तहत भेज सकते हैं।
रांची प्रशासन के इस नयी व्यवस्था से आम लोगों के शिकायतों के सामाधान में तेजी आयेगी। साथ ही किसी भी नागरिक को अपनी समस्याएं बताने के लिए किसी जनता दरबार में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा ये पहल जनता से जुड़ाव बढ़ाने में मददगार साबित होगी। रांची जिला प्रशासन का कहना है कि व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी शिकायतें भेजने वाले नागरिक अपनी समस्याओं का पूरा विवरण भेज सकते हैं।
साथ ही अपना नाम और संपर्क का पता भी देना अनिवार्य है। ताकि कार्रवाई के बाद आपके साथ जानकारी साझा की जा सके। प्रशासन का उद्देश्य शिकायतों के निवारण में पारदर्शिता लाना और नागरिकों को बेहतर सेवा प्रदान करना है। प्रशासन की इस पहल से नागरिकों को अपनी समस्याओं का समाधान जल्द और प्रभावी तरीके से मिल सकेगा।
टीम एबीएन, नामकुम (रांची)। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने रांची के नामकुम स्थित ट्रेनिंग ग्राउंड में आयोजित झारखंड मुख्यमंत्री मंईयाँ सम्मान योजना के राज्य स्तरीय समारोह में 56 लाख 61 हजार 791 बहन बेटियों के बैंक खाते में 1415 करोड़ 44 लाख 77 हजार रुपए डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित कर राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री ने समारोह को संबोधित करते हुए महिलाओं से कहा कि हमने आपसे वादा किया था कि मुख्यमंत्री मंइयाँ सम्मान योजना के तहत हर माह एक हजार रुपए की सम्मान राशि को दिसंबर माह से 25 सौ रुपए करेंगे, इसे पूरा कर रहे हैं । आज आप सभी के बैंक खाते में बढ़ी हुई राशि की पहली किस्त के रूप में 25 सौ रुपए का हस्तांतरण हो चुका है। मुझे पूरी उम्मीद है कि अब आप सभी अपनी पूरी क्षमता और ताकत के साथ इस राज्य के विकास में अपनी भागीदारी निभायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने आधी आबादी को सशक्त बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री मंइयाँ सम्मान योजना की परिकल्पना को जिस मजबूती के साथ धरातल पर उतारा है, उसकी चर्चा पूरे देश मे हो रही है। हमारी इस महत्वाकांक्षी योजना को कई अन्य राज्य रोल मॉडल के रूप में देखते हुए उसे अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मैं पूरे यकीन के साथ कर सकता हूं कि महिलाओं को आगे ले जाने में यह योजना निर्णायक साबित होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने हमें जो आशीर्वाद और सम्मान दिया है, उससे हमें एक नई ऊर्जा और ताकत मिली है। हमारी सरकार महिलाओं के मान -सम्मान स्वाभिमान और हक अधिकार देने के साथ उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आपने आगे बढ़ने का जो सपना देखा है, उसे पूरा करने के मकसद से हमने इस योजना को लागू किया है। हमारे इस कदम से आप अपने घर परिवार के साथ राज्य और देश को मजबूती देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक महिला- पुरुष कदम से कदम मिलाकर नहीं चलेंगे, यह राज्य और देश आगे नहीं बढ़ेगा। लेकिन, अफसोस इस बात का है कि इस देश में कई नीतियां, कार्यक्रम और योजनाएं बनीं, फिर भी आधी आबादी आज भी विकास से कोसों दूर है। महिलाओं को वह ताकत नहीं मिला, जिसके माध्यम से वे खुद और अपने घर परिवार के साथ राज्य और देश के विकास का हिस्सा बन सके। इसी बात को ध्यान में रखकर हमने महिलाओं को आगे बढ़ने का संकल्प लिया। इस दिशा में मुख्यमंत्री मंइयाँ सम्मान योजना के माध्यम से कदम बढ़ाने का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना के माध्यम से हमारी सरकार ने एक ऐसी व्यवस्था आपको दी है , जिसमें आपके सपनों को पूरा करने की पूरी क्षमता होगी। आप इस पैसे से ना सिर्फ अपनी जरूर को पूरा कर सकेंगे बल्कि उसके माध्यम से अपने बच्चों के बेहतर पठन-पाठन के साथ अपनी आमदनी को बढ़ाने का भी मौका मिलेगा। यह सिर्फ एक योजना मात्र नहीं है बल्कि आपको आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने का एक सशक्त माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं घर परिवार भी चलाती हैं और कामकाज भी करती है । ऐसे में पैसे का महत्व उनसे बेहतर कोई नहीं समझ सकता है। यही वजह है कि हमारी सरकार घर- परिवार चलाने वाली महिलाओं पर राज्य को आगे ले जाने का जिम्मा भी सौंप रही है । अब महिलाओं के जरिए राज्य की अर्थव्यवस्था का पहिया घुमाने का प्रयास हो रहा है, क्योंकि इस राज्य को विकसित राज्यों की श्रेणी में खड़ा करने में आधी आबादी की अहम भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य की बहन -बेटियों को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने बहुत बड़ा कदम उठाया है। हमारी सरकार समय-समय पर गांव- और देहातों का भ्रमण भी करेगी और यह जानने की कोशिश करेगी कि आर्थिक समृद्धि के लिए आपके द्वारा किन-किन गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है। इस दिशा में सरकार के द्वारा आपको आगे भी पूरा सहयोग मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य के संसाधनों के जरिए दूसरे राज्य रोशन हो रहे हैं। लेकिन, वर्षों से यहां के लोग अभाव की जिंदगी जीने को मजबूर हैं। पिछड़ापन,गरीबी, बेरोजगारी, शोषण कुपोषण और पलायन जैसी समस्याएं आज भी इस राज्य के विकास में सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। यहां के नीति -निर्धारकों की नजर में यह राज्य हमेशा हाशिये पर रहता आया है। लेकिन, अब ऐसा नहीं चलेगा। इस राज्य को पिछड़ापन और गरीबी से मुक्ति दिलाएंगे और अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के प्रति बैंकों का रुख बहुत अच्छा नहीं है। यहां के गरीब लोग बैंकों में जो पैसा जमा करते हैं, उसका इस्तेमाल कहीं और होता है। यहां के लोगों को बैंकों से जो मदद मिलनी चाहिए वह नहीं मिलती है, लेकिन अब बैंकों को अपना रुख बदलना होगा और इस राज्य और यहां के लोगों की जरूरत के अनुरूप उन्हें कार्य करना होगा।
इस समारोह में मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मंत्री चमरा लिंडा, मंत्री संजय प्रसाद यादव, मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री हफीजुल हसन, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री योगेंद्र प्रसाद, मंत्री सुदिव्य कुमार, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, सांसद जोबा मांझी, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, सभी विधायकगण, अन्य गणमान्य अतिथिगण, राज्य सरकार के वरीय अधिकारीगण एवं सभी जिलों से बड़ी संख्या में पहुंचे मंईयां सम्मान योजना के लाभुक महिलाएं उपस्थित रहे।
टीम एबीएन, रांची। योगदा सत्संग सोसाइटी आॅफ इंडिया (वाईएसएस), रांची ने बीते रविवार को अपने संस्थापक परमहंस योगानंद जी का 132वां जन्मोत्सव मनाया। उत्सव प्रात: विशेष सामूहिक ध्यान और स्वामी श्रद्धानंद गिरि द्वारा दिये गये परमहंस योगानंद जी का विश्व परिवर्तक मिशन पर प्रवचन के साथ आरंभ हुआ।
तत्पश्चात शिव मंदिर में ब्रह्मचारी शांभवानंद और कैवल्यानंद द्वारा आनंदपूर्ण भजन-गान के साथ, गुरु पूजन और यज्ञ का आयोजन किया गया। दिन का मुख्य आकर्षण था भक्तों और रांची शहर तथा आसपास के गांवों के लोगों के लिए आयोजित भंडारा। शाम को विशेष ध्यान के साथ समारोह का समापन हुआ। योगानंद जी द्वारा स्थापित यह आध्यात्मिक संस्था, हर साल ध्यान, कीर्तन और भंडारे के साथ उनके जन्मोत्सव को मनाती है।
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी भंडारे ने स्थानीय लोगों और अन्य आगंतुकों को अत्यंत आकर्षित किया और जिन्हें भी मौखिक रूप से इसके बारे में पता चला, उन सभी ने बड़े पैमाने पर भाग लिया। यह आयोजन दोपहर 12 बजे शुरू हुआ और देर अपराह्न तक चलता रहा। आश्रम के गेट पर लंबी कतारें लगनी शुरू हो गयीं और आश्रम के विशाल मैदान में वाईएसएस के सैकड़ों भक्तों ने, अतिथियों को उत्साहपूर्वक खिचड़ी, चटनी और लड्डू का प्रसाद परोसा। लगभग 11000 व्यक्तियों को इस भंडारा के माध्यम से गुरु प्रसाद परोसा गया।
3 जनवरी को, गुरुदेव के सम्मान में, आश्रम ने सेवा गतिविधियां भी आयोजित की, जिसमे रांची के कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के लिए कॉलोनी में गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन कराया गया और आगामी 10 जनवरी को उसी कॉलोनी में कंबल भी वितरित किए जायेंगे। परमहंस योगानंदजी ने 1917 में वाईएसएस की स्थापना भारत और पड़ोसी देशों में, क्रिया योग - एक पवित्र आध्यात्मिक विज्ञान जिसका उद्भव सहस्राब्दियों पूर्व भारत में हुआ था, की सार्वभौमिक शिक्षाओं को उपलब्ध कराने के लिए की थी।
टीम एबएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने महिलाओं के बैंक अकाउंट में सोमवार को 2500-2500 रुपए ट्रांसफर किये। नामकुम के खोजाटोली के ट्रेनिंग ग्राउंड में आयोजित राज्यस्तरीय मंईयां सम्मान कार्यक्रम में जैसे ही बटन दबाकर मंईयां सम्मान योजना की लाभुकों के खाते में पैसे ट्रांसफर किये, महिलाएं खुशी से झूम उठीं।
सरकार ने झारखंड की आधी आबादी को सशक्त बनाने के उद्देश्य इस अभियान की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री ने राज्य की 56,61,791 महिलाओं के बैंक अकाउंट में 1415 करोड़ 44 लाख 77 हजार रुपये डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजे। हेमंत सोरेन ने महिलाओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि आपने चुनाव में कमाल कर दिया। आपने हमें जो आशीर्वाद और सम्मान दिया, उससे हम अभिभूत हैं।
हमने वादा किया था कि राज्य की आधी आबादी को उनका हक-अधिकार दिलायेंगे। उनके सपनों को पूरा करने में हम मदद करेंगे। आपको स्वावलंबी बनाने का भी हमने संकल्प लिया था। इसी क्रम में आज हमने इतना बड़ा कदम उठाया है। हेमंत सोरेन ने कहा कि आप पर घर-परिवार की जिम्मेदारी तो होती ही है। अब राज्य के विकास में आप सभी की बहुत बड़ी भूमिका होने वाली है।
टीम एबीएन, गुमला/ रांची। इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर टीचर एजुकेशन, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी द्वारा 9 एवं 10 जनवरी 2025 को विजन 2047 के अनुसार उच्च शिक्षा में मूल्यांकन दृष्टिकोण में परिवर्तन विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जा रही है।
इस महत्वपूर्ण संगोष्ठी में रांची विश्वविद्यालय रांची का अंगीभूत महाविद्यालय कार्तिक उरांव महाविद्यालय, गुमला शिक्षा संकाय के सहायक आचार्य डॉ दीपक प्रसाद को अपना व्याख्यान प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया है। डॉ दीपक इस संगोष्ठी में उच्च शिक्षा में मूल्यांकन की पारंपरिक पद्धतियों को बदलने और भविष्य की शिक्षा प्रणाली में नवाचारों को शामिल करने की आवश्यकता पर अपने विचार साझा करेंगे।
उनका व्याख्यान विजन 2047 के तहत शिक्षा में बदलाव के महत्व पर केंद्रित होगा। यह राष्ट्रीय संगोष्ठी देशभर के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं को एक मंच प्रदान करेगी, जहां वे उच्च शिक्षा के मूल्यांकन दृष्टिकोण में सुधार और नवीन उपायों पर विचार-विमर्श करेंगे।
डॉ प्रसाद का चयन उनके शैक्षणिक अनुभव और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए किया गया है। डॉ दीपक पिछले 25 वर्षों से रंगकर्म क्षेत्र से जुड़े हैं। साथ ही साथ उनका शिक्षा के प्रति योगदान लेखक एवं चिंतक के रूप में भी होता है। यह न केवल गुमला जिले के लिए गर्व का विषय है, बल्कि उनके शिक्षण संस्थान के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची के मोराबादी स्थित होटल पार्क प्राइम में एनयूजे (आई) की संबद्ध झारखंड राज्य इकाई जेएसजेयू कोर कमेटी की बैठक हुई। इसमें छत्तीसगढ़ में बस्तर जिला से पत्रकारिता के कर्तव्यनिष्ठ, निर्भीक, साहसिक और ईमानदार पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या की कड़ी निंदा की गयी। चंद्राकर अपने निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के माध्यम से बस्तर जैसे नक्सली इलाके में भ्रष्टाचार की जमीनी हकीकत को अपने लेखनीय के माध्यम से समाज के रख रहे थे।
33 वर्षीय युवा पत्रकार साथी मुकेश चंद्राकर की निर्मम हत्या की जेएसजेयु घोर निंदा की है। कोर कमेटी के बैठक में दो मिनट मौन रखकर हुतात्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गयी। कमेटी ने निंदा प्रस्ताव पारित कर छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय और केंद्रीय श्रम मंत्री को पत्र लिखकर मुकेश चंद्राकर को समुचित न्याय दिलाने के लिए इनके आश्रित को सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है साथ ही देश भर के पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग सरकारों से की गयी है।
छत्तीसगढ़ सरकार से मुकेश चंद्राकर के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। प्रस्ताव में कहा गया है कि मुकेश चंद्राकार को न्याय नहीं मिलता है, तबतक यूनियन उनके आश्रितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करते हुए इसे राष्ट्रव्यापी आंदोलन के रूप में परिवर्तित करने के लिए संघर्ष करेगी।
यूनियन के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बलदेव शर्मा ने कहा कि इस तरह की घटना से झारखंड भी अछूता नहीं है। आये दिन देश के विभिन्न इलाकों में पत्रकारों पर हमले, पत्रकारों को प्रताड़ित किया जाना आम हो गया है। इसलिए पत्रकारों की हितों की रक्षा के लिए यूनियन वचनबद्ध है। हमेशा पत्रकारों की सुरक्षा की मांग समय समय पर करते आ रहा है।
एनयुजे (आई) के वरीय राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक मुखर्जी ने कहा कि झारखंड सरकार को भी पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। बीमा और पेंशन देने के लिए सूचना जनसंपर्क निदेशालय से पहल करवाने की मांग की, ताकि राज्य के पत्रकारों को उनका समुचित हक अधिकार मिल सके।
मांगों को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जेएसजेयु का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र मिलकर उनका राज्य के पत्रकारों की स्थिति से अवगत करायेगी। बैठक में कोर कमेटी के सदस्य एनके मुरलीधर, मनोज शर्मा, स्वामी दिव्यज्ञान, राजीव कुकरेजा, शशि भूषण कुमार और सुमित कुमार रोहित थे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आज हिंडालको द्वारा संचालित लोहरदगा अनलोडिंग परिसर में ट्रक अनलोडर मजदूर संघ का एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता अनिल उरांव ने किया। इस कार्यक्रम में लोहरदगा लोकसभा सांसद सह कोयला, इस्पात एवं खनन मंत्रालय लोकसभा के स्थायी समिति के सदस्य सुखदेव भगत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
मौके पर मजदूरों ने अपनी समस्याओं से सांसद को अवगत कराते हुए उन्हें न्याय दिलाने एवं मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। मौके पर उपस्थित मजदूरों को संबोधित करते हुए सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि वह मजदूरों के द्वारा आयोजित आंदोलन में वह उनके साथ हैं क्योंकि हिंडालको कंपनी ने दोहरे चरित्र को अपनाते हुए मजदूरों के ऊपर शोषण करने का काम किया है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
सांसद ने कहा कि सैकड़ो ट्रक अनलोडर मजदूर विगत 17 वर्षों से यहां काम करते आ रहे हैं और हिंडाल्को कंपनी बिन मजदूरों को सूचना दिये एवं रोजगार उपलब्ध कराये बगैर दो माह से अलोडिंग स्टेशन को बंद कर दिया है जिसके कारण हजारों मजदूर प्रभावित हुए हैं। मजदूरों के समझ भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। मजदूर अपने बच्चों की फीस की राशि नहीं दे पा रहे हैं। देश के निर्माण में मजदूरों का बहुत बड़ा योगदान होता है और हिंडाल्को मजदूरों के साथ अन्याय कर रही है जो न्याय संगत नहीं है।
कंपनी प्रदूषण को लेकर अगर ट्रकों का परिचालन बंद किया है तो रोपवे से भी प्रदूषण होगा। हिंडाल्को के दोहरे नीति से हजारों मजदूरों का रोजगार समाप्त हो गया। कंपनी को हर हाल में मजदूर का वैकल्पिक व्यवस्था कर ही अनलोडिंग स्टेशन को बंद करना चाहिए था। किसी भी कंपनी को रोजगार उपलब्ध कराना होता है न कि रोजगार छिनना। सांसद ने कहा कि पीठ में लात मारोगे तो चलेगा लेकिन पेट में लात मारोगे तो बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
सांसद ने मजदूरों को भरोसा दिलाया कि वे आपके आंदोलन एवं सुख-दुख में आपके साथ हैं और हिंडाल्को कंपनी से वे रोजगार दिलवाने का प्रयास करेंगे और अगर जरूरत पड़ा तो मुख्यमंत्री एवं श्रम मंत्री से भी वार्ता करेंगे। सांसद मजदूरों के साथ रोपवे स्थल पर ग्ये जहां 10 दिन पूर्व रोपवे का 22 ट्रॉली गिर गया था। सांसद ने रोपवे का निरीक्षण करते हुए कहा कि लोहरदगा जिलावासी सौभाग्यशाली रहे कि हादसा में किसी के जान माल का नुकसान नहीं हुआ।
हिंडालको प्रशासन के लापरवाही से यह घटना घटी है क्योंकि इसे अब चलाने के लिए प्राइवेट कंपनी को दे दिया गया है। इस घटना का दोषीवर हिंडालको कंपनी है और जिला प्रशासन का लापरवाही है जो इस मामला को संज्ञान में लेकर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं किया है।
मौके पर सांसद ने एसडीओ को निर्देश दिया कि जिला प्रशासन एवं हिंडालको कंपनी कोआर्डिनेशन कर पूर्ण रूप से संतुष्ट होने के बाद ही रोपवे को चालू करेंगे और इसकी जानकारी मुझे देंगे। बिना संतुष्ट हुए अगर रोपवे को चालू किया जाता है और इस बीच कोई हादसा होता है तो हिंडालको एवं जिला प्रशासन इसका दोषी वार होगा ।मौके पर मजदूरों ने कहा कि हिंडालको कंपनी हमें रोजगार उपलब्ध नहीं करती है तो अगला कार्यक्रम हिंडालको मुख्यालय का घेराव और उसके आगे चक्का जाम भी संवैधानिक प्रक्रिया के तहत मजदूर करेंगे।
मौके पर प्रेमचंद महतो, मनोज सोन तिर्की, विनोद उरांव, रवि महली, प्रदीप उरांव, बुद्धिमान टोप्पो, ननका अंसारी, रूपा उरांव, फूलमनी उरांव, सुधा उरांव, बिमला उरांव, धर्मदेव उरांव, आलोक साहू, शाहिद अहमद बेलू, अनिल कुमार, साजिद अहमद, कुणाल अभिषेक, रवि रोशन बेक, राजू कुरैशी, अनवर अंसारी, रितेश सिंह सहित सैकड़ों मजदूर उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची (झारखंड)। आज पूर्व सूचना के अनुसार भारतीय किसान संघ झारखंड प्रदेश की बैठक विकास भारती आरोग्य भवन, बारियातू रांची में प्रातः 11:00 से भारतीय किसान संघ झारखंड के प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमान अनिल शर्मा जी की अध्यक्षता में किया गया।
नियम के अनुसार कोरम पुरा रहा अध्यक्ष की अनुमति से सभा की कार्रवाई प्रारंभ की गई। इस बैठक में कई प्रस्ताव पारित किए गए जैसे भारतीय किसान संघ के विस्तार हेतु जिस किसी भी जिले में जो सदस्यता रसीद और राशि बचा हुआ है उसे 26 जनवरी तक प्रदेश में जमा कर दिया जाएगा।
आने वाला 21, 22 और 23 फरवरी को अखिल भारतीय अधिवेशन होना है जिसमें झारखंड प्रांत के कार्यकर्ताओं को उस अधिवेशन में भी भाग लेना है जिसके निमित्त जिला से पांच कार्यकर्ता और प्रदेश कार्यकारिणी के सभी कार्यकर्ता सम्मिलित होंगे।
मुख्य अतिथि के तौर पर क्षेत्र संगठन मंत्री श्रीमान प्रकाश नारायण तिवारी जी का भी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ उन्होंने बताया कि अधिवेशन के उपरांत पूरे क्षेत्र, प्रांत एवं जिले में प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन तीन स्तर पर होंगे पहला क्षेत्र स्तर पर दूसरा प्रदेश स्तर पर और तीसरा जिले स्तर पर किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सभी दायित्व धारी कार्यकर्ताओं को एक-एक ग्राम समिति का प्रभारी होने सुनिश्चित किया जाए, ताकि संगठन को एकदम निचले स्तर तक पहुंचाया जा सके, जिससे किसान संघ की मजबूती सुदृढ़ की जाए।
भारतीय किसान संघ झारखंड के प्रदेश महामंत्री दीपक उरांव जी ने बताया कि झारखंड के कई जिलों में धान क्रय में अवैध तरीके से दलाल ओर क्रय केंद्र के अधिकारी मिल कर किसान के धान का msp मूल्य पर खरीदारी नही कर रहे है। इसका समाधान सरकार तुरंत करें अन्यथा किसान संघ पूरे राज्य में आंदोलन करेगा।
प्रदेश मंत्री श्री राम पांडे जी ने चतरा जिला में स्टोन माइंस और बिना नियम पूरा किए हुए क्रशर चलाए जा रहे हैं जिसकी रोकथाम करने हेतु भारतीय किसान संघ अपना कमर कस चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों के हित में बहुत जल्द ही भारतीय किसान संघ झारखंड कई जिलों में आंदोलन करने को तैयार है। इस बैठक में प्रदेश के सभी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
जिसमें प्रदेश संगठन मंत्री श्रीमान अंचल जी ने बैठक में सभी विषयों को लेकर एक बार जिलों में बैठक कर किसानो से पूर्ण जानकारी लेकर जिला स्तर पर कार्यक्रम तय करने की अपील की इसके लिए जिले के प्रभारी बनाए गए।प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल शर्मा जी ने बैठक में लिए गए निर्णय को लेकर कहा कि इस बार जो भी कार्यक्रम तय किया है। सारे पदाधिकारी समय पर पूर्ण करेंगे ।
मौके पर प्रदेश छत्रधारी महतो जी, प्रदेश महामंत्री दीपक उरांव प्रदेश प्रचार प्रमुख प्रकाश सिंह जी, कोषाध्यक्ष धीरेंद्र अग्रवाल, विजय वर्मा जी, मंदिरान महतो जी, शिव कुमार साहू अशोक कुमार, बबन मांझी, एवं रांची जिला के अध्यक्ष शशि सिंह जिला के सभी कार्यकर्ता का गण उपस्थित रहे।
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