एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। नई दिल्ली में चल रहे संसद के बजट सत्र में केंद्रीय बजट वर्ष 2025-26 के लिए रेल मंत्रालय के लिए लाये गए अनुदानों की मांगों पर चर्चा में भाग लेकर अपनी बातों को प्रमुखता से रखते हुए लोहरदगा लोकसभा के माननीय सांसद श्री सुखदेव भगत ने कहा कि लोहरदगा संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत लांसनायक परमवीर अल्बर्ट एक्का के जन्मस्थली जिला गुमला है जहां आजादी के इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक यहां रेलवे लाइन नहीं बना है।
गुमला जिला में भगवान हनुमान का जन्म स्थान है, आदिवासियों को सबसे बड़ा धार्मिक स्थल सिरा सीता नाला है, महादेव का प्राचीन मंदिर टांगीनाथ है। यह क्षेत्र पांचवी अनुसूचित में भी आता है इसलिए लोहरदगा से गुमला होते हुए कोरबा तक नई रेलवे लाइन इसी वित्तीय वर्ष में बनाने की मांग को सांसद ने संसद में प्रमुखता से रखें।
साथ ही रांची के इटकी में सबसे बड़ा यक्ष्मा आरोग्यशाला (ट्यूबरक्लोसिस) का अस्पताल है यहां के स्टेशन का फाटक को बंद कर दिया गया है जिससे जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है इसलिए इटकी में फूट ओवरब्रिज बनाया जाए। लोहरदगा जिला के नागजुआ, आकाशी स्टेशन में एक्सप्रेस ट्रेन पहले रूकता था। कोरोना काल में इसे बंद कर दिया गया था उसे फिर से चालू किया जाए। इसके अलावा सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि मोदी सरकार रेल में फेल है। 10 साल में 638 रेल दुर्घटनाएं हुई है ।रेलवे में वर्कफोर्स की भारी कमी है।
रेलवे में लाखों पद अभी भी खाली है बेहद अफसोस की बात है कि मोदी सरकार में रेलवे में रोजगार के अवसर को सीमित कर दी जा रही है। कैग (CAG) की रिपोर्ट में बताया गया कि मोदी सरकार राष्ट्रीय रेल संरक्षा कोष का पैसा फुट मसाज, क्रॉकरी और फर्नीचर जैसे चीजों में खर्च किया जा रहा है। सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि छात्रों, सीनियर सिटीजन, खिलाड़ियों को पहले की तरह रेलवे में मिलने वाली सुविधा दिया जाए।
टीम एबीएन, रांची। मंगलवार को भी झारखंड के अधिकतर जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। इससे अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट संभव है। न्यूनतम तापमान में भी 2 डिग्री की गिरावट संभव है। इससे दिन और रात में हल्की ठंड का एहसास होगा और गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। मौसम विभाग के मुताबिक झारखंड में मौसम का मिजाज बदलने वाला है।
नॉर्थ छत्तीसगढ़ के पास बने टर्फ, अरब सागर से आ रही नमी और हवाओं के टकराव से मौसम बदलेगा। इस प्रभाव से आंशिक रूप से राज्य के उत्तर और उससे सटे मध्य भाग में आसमान पर बादल बनने की वजह से वज्रपात और मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होनी की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक झारखंड के कुछ जिले जैसे पलामू, लातेहार, गढ़वा, देवघर, जामताड़ा, दुमका, लोहरदगा, लातेहार, रांची, धनबाद, बोकारो, पश्चिमी व पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला खरसावां व खूंटी में अच्छी खासी बारिश हो सकती है। वहीं, अन्य जिलों में हल्की या फिर बूंदाबांदी बारिश की संभावना है। अधिकतम तापमान 36 से 30 डिग्री रह सकता है।
न्यूनतम तापमान 16 डिग्री तक जा सकता है। कल यानी 19 मार्च को राज्य के उत्तर पश्चिमी, दक्षिणी और निकटवर्ती मध्य भागों में कहीं-कहीं पर गरज के साथ वज्रपात की आशंका है। 20 मार्च को उत्तरी, दक्षिणी और निकटवर्ती मध्य भागों में कहीं-कहीं पर ओलावृष्टि, गरज के साथ तेज हवाओं के झोंके चल सकते हैं।
वज्रपात की भी आशंका है। 21 मार्च को उत्तरी, दक्षिणी और निकटवर्ती मध्य भागों में कहीं-कहीं पर ओलावृष्टि, गरज के साथ तेज हवाओं के झोंके चल सकते हैं। वज्रपात भी हो सकता है। मौसम विभाग ने इस बाबत येलो अलर्ट जारी किया है और सुरक्षित रहने की अपील की है।
झारखंड में बीते 24 घंटे में मौसम काफी सुहावना रहा। राजधानी रांची की बात करें तो यहां दिनभर आंशिक बादल छाए रहे। इससे अधिकतम तापमान में गिरावट आई और कड़ी धूप से लोगों को राहत मिली। वहीं, बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, लोहरदगा व लातेहार जैसे जिलों में हल्की बारिश से मौसम थोड़ा ठंडा रहा।
एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। रंगपंचमी भारतीय संस्कृति में रंगों के महत्व को दर्शाता है तथा रंग हमारे जीवन में खुशी, उत्साह और सकारात्मकता लाते हैं। योगाचार्य महेश पाल बताते है कि रंग पंचमी को सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिकता का प्रतीक माना जाता है।
रंग पंचमी को देव पंचमी,श्री पंचमी के नाम से भी जाना जाता है,धार्मिक मान्यता के अनुसार, रंगपंचमी के दिन देवी-देवता भी होली खेलते हैं इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी ने होली खेली थी और स्वर्ग से देवी-देवताओं ने पुष्प वर्षा की थी। यही कारण है कि इस दिन अबीर-गुलाल उड़ाने की परंपरा है।
इस दिन देवताओं की पूजा की जाती है और उन्हें रंग अर्पित किए जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन रंग खेलने से देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।यह त्योहार हमें प्रकृति के साथ जुड़ने और जीवन में खुशियां लाने का संदेश देता है।पौराणिक कथाओं एवं धार्मिक मान्यता के अनुसार, रंग पंचमी का दिन देवी-देवताओं को समर्पित होता है।
ऐसा कहा जाता है कि इस दिन रंगों का प्रयोग करने से एवं रंगो को आसमान की ओर उड़ाते हैं। ऐसा करने से देवी-देवता आकर्षित होकर अपनी कृपा बरसाते हैं,रंग पंचमी को पांच मूलभूत तत्वों - वायु, आकाश, जल, पृथ्वी और अग्नि - को सक्रिय करने वाला माना जाता है, जो ब्रह्मांड का निर्माण करते हैं।
योग आयुर्वेद के अनुसार, मानव शरीर भी इन्हीं तत्वों से बना है। इस त्यौहार को इन तत्वों को आह्वान करने, जीवन में संतुलन बहाल करने और आध्यात्मिक विकास में सहायता करने के अवसर के रूप में देखा जाता है,रंगपंचमी केवल एक रंगों का त्योहार ही नहीं है बल्कि यह आध्यात्मिक और वैज्ञानिक, दृष्टियों से भी महत्वपूर्ण पर्व है।
इस दिन रंगों का उपयोग वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए किया जाता है। योग आयुर्वेद के अनुसार, प्राकृतिक रंगों में चिकित्सीय गुण होते हैं, जो हमारे शरीर और मन को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। रंगों का खेल मानसिक तनाव को कम करने और खुशी बढ़ाने में मदद करता है। यह पर्व हमें तनावमुक्त और आनंदित रहने का अवसर प्रदान करता है।
वैज्ञानिक दृष्टि से भी देखा जाए तो वसंत ऋतु के दौरान मौसम परिवर्तनशील रहता है और वातावरण में हानिकारक जीवाणु अधिक होते हैं। रंगों में मौजूद प्राकृतिक तत्व इन जीवाणुओं को नष्ट करने में सहायक होते हैं। मान्यता है कि रंग पंचमी के दिन वातावरण में फैली सभी नकारात्मक शक्तियां समाप्त हो जाती हैं और वातावरण शुद्ध हो जाता है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, कोडरमा। झुमरीतिलैया के असनाबाद स्थित चाइल्ड प्रोग्रेसिव स्कूल के विद्यार्थियों ने गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार एवं गायत्री शक्तिपीठ झुमरीतिलैया कोडरमा द्वारा आयोजित शताब्दी वर्ष कार्य योजना जिला स्तरीय संगोष्ठी एवं भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय एवं जिले का नाम रोशन किया।
इस प्रतियोगिता में कोडरमा जिले के हजारों विद्यार्थियों ने भाग लिया। पहले चरण में, विद्यार्थियों ने अपने-अपने विद्यालयों में परीक्षा देकर बेहतर अंक प्राप्त किये, जिसके बाद गायत्री शक्तिपीठ परिवार ने उनके विद्यालय जाकर उन्हें सम्मानित किया।
इसके बाद जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और उनके विद्यालयों को प्रखंड एवं जिला स्तरीय पुरस्कारों से नवाजा गया। इस परीक्षा में चाइल्ड प्रोग्रेसिव स्कूल के विद्यार्थियों ने प्रखंड एवं जिला स्तर पर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। वर्ग नवम (कक्षा 9) में अंशिका राज ने द्वितीय स्थान और नेहा कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वर्ग सप्तम (कक्षा 7) में पलक गोस्वामी ने द्वितीय स्थान हासिल किया।
वर्ग छठी (कक्षा 6) में आलिया फिरदौस ने तृतीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय, अभिभावकों और पूरे जिले को गौरवान्वित किया। इस अवसर पर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव एवं विशिष्ट अतिथि राम प्रकाश पांडे, तौफीक हुसैन, सुनील कुमार, आचार्य गुरु, शीला बर्णवाल ने सफल विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विद्यालय के प्रबंधक तौफीक हुसैन ने कहा कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा देशभर के विभिन्न राज्यों में आयोजित की जाती है। यह प्रतियोगिता न केवल विद्यार्थियों में ज्ञान और उत्सुकता को बढ़ावा देती है, बल्कि भारतीय सभ्यता, संस्कृति और संस्कारों को भी सशक्त करती है। ऐसे आयोजनों से समाज को जागरूक करने में मदद मिलती है। उन्होंने इस आयोजन के लिए गायत्री शक्तिपीठ परिवार एवं गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार का आभार व्यक्त किया।
विद्यालय परिवार की ओर से ट्रस्टी अध्यक्ष ताहिर हुसैन, प्रबंधक तौफीक हुसैन, प्राचार्य हिना कौसर सहित सभी शिक्षकगण, शिक्षकेतर एवं सहायक कर्मियों ने विजेता विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस प्रतियोगिता में मिली सफलता से छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ा है और विद्यालय ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में भाग लेने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कोडरमा। झारखण्ड के पंचायती राज व्यवस्था का कमान संभाल रहे, जिला परिषद अध्यक्ष केरल के पंचायती राज व्यवस्था का शैक्षणिक भ्रमण कर जानकारी ग्रहण करेंगे।
केरल में तीन दिवसीय आवासीय शैक्षणिक भ्रमण के लिए झारखण्ड के 17 जिलों के जिला परिषद अध्यक्ष केरल के लिए रवाना हो गए है। कोडरमा से जिला परिषद अध्यक्ष रामधन यादव भी भ्रमण टीम में शामिल है।उन्होंने जानकारी दी कि पंचायती राज व्यवस्था का केरल मॉडल है।
केरल में पंचायती राज व्यवस्था काफी बेहतर है और वहाँ के जनप्रतिनिधियों को योजनाओं का क्रियान्वयन से लेकर योजना निर्माण और फंड का इस्तेमाल में तकनीकी और भौतिक रूप कोई कठिनाई नही होती है। श्री रामधन ने बताया कि केरल इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल एडमिनिस्ट्रेशन (KILA) के जरिये 3 दिनों तक शैक्षणिक भ्रमण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि झारखण्ड के जनप्रतिनिधियों केरल के एक ग्राम पंचायत और जिला परिषद का दौरा भी करेंगे।इसमे जिला परिषद अंतर्गत फंड,फंक्शन और फंक्शनरीज के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। इस शैक्षणिक भ्रमण से झारखण्ड के पंचायती राज व्यवस्था के जिले में कमान संभाल रहे जिला परिषद अध्यक्ष तकनीकी रूप से केरल मॉडल का लाभ अपने इलाके में भी पहुंचा पाएंगे।
उन्होंने बताया कि शैक्षणिक भ्रमण में झारखण्ड के 17 जिला परिषद अध्यक्ष में राँची, खूँटी, गुमला, लोहरदग्गा, बोकारो, रामगढ़, धनबाद, कोडरमा, हज़ारीबाग, दक्षिण सिंघभूम, सरायकेला खरसावां, लातेहार, गढ़वा, गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़ के जिला परिषद अध्यक्ष शामिल है।
19 मार्च को अपराह्न 1:30 बजे से समाहरणालय सभागार में होगी बैठक
निर्वाचन आयोग के स्तर से निर्गत महत्वपूर्ण दिशा-निदेशों से कराया जाएगा अवगत, महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर भी होगा विचार-विमर्श
कानूनी ढांचे के भीतर चुनावी प्रक्रियाओं को और मजबूत करने के लिए मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दल एवं मान्यता प्राप्त राज्य राजनीतिक दल के अध्यक्ष/सचिव को विचार-विमर्श के लिए आमंत्रित किया गया है। निर्वाचन आयोग के निदेश के आलोक में पलामू के जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह- उपायुक्त शशि रंजन द्वारा 19 मार्च 2025 को अपराह्न 01:30 बजे से समाहरणालय के ब्लॉक ए के सभाकक्ष में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दल एवं मान्यता प्राप्त राज्य राजनीतिक दल के अध्यक्ष/सचिव के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के स्तर से निर्गत महत्वपूर्ण दिशा-निदेशों से अवगत कराया जायेगा। साथ ही महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विचार-विमर्श होगा।
विदित हो कि भारत के चुनाव आयोग ने सभी राष्ट्रीय और राज्य राजनीतिक दलों से 30 अप्रैल 2025 तक ERO, DEO या CEO के स्तर पर किसी भी अनसुलझे मुद्दे के लिए सुझाव आमंत्रित किए हैं। राजनीतिक दलों को जारी एक व्यक्तिगत पत्र में आयोग ने स्थापित कानून के अनुसार चुनावी प्रक्रियाओं को और मजबूत करने के लिए, पारस्परिक रूप से सुविधाजनक समय पर पार्टी अध्यक्षों और पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों के साथ बातचीत की परिकल्पना की है। उक्त निदेश के आलोक में पलामू के जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह- उपायुक्त शशि रंजन द्वारा बैठक आयोजित की जा रही है।
इससे पहले 4 एवं 5 मार्च 2025 को भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों के सम्मेलन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त, भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली ने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सीईओ, डीईओ और ईआरओएस को राजनीतिक दलों के साथ नियमित बातचीत करने, ऐसी बैठकों में प्राप्त किसी भी सुझाव को पहले से मौजूद कानूनी ढांचे के भीतर सख्ती से हल करने का निर्देश दिया है।
आयोग ने राजनीतिक दलों से विकेंद्रीकृत जुड़ाव के इस तंत्र का सक्रिय रूप से उपयोग करने का भी आग्रह किया है। राजनीतिक दल संविधान और चुनावी प्रक्रियाओं के सभी पहलुओं को कवर करने वाले वैधानिक ढांचे के अनुसार आयोग द्वारा पहचाने गए 28 हितधारकों में से एक प्रमुख हितधारक हैं।
राजनीतिक दलों को लिखे अपने पत्र में आयोग ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951; मतदाताओं का पंजीकरण नियम, 1960; चुनाव संचालन नियम, 1961; माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और भारत के चुनाव आयोग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश, मैनुअल और हैंडबुक (ईसीआई वेबसाइट पर उपलब्ध) ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए एक विकेंद्रीकृत, मजबूत और पारदर्शी कानूनी ढांचा स्थापित किया है।
*प्रेस विज्ञप्ति*
*राम कथा के पहले दिन की भव्यता: एक दिव्य यात्रा*
*301 महिलाओं ने निकाली भव्य कलश यात्रा*
रांची गौशाला न्यास के हुटुप गौशाला धाम परिसर में 17 मार्च से 25 मार्च तक सुप्रसिद्ध कथा व्यास कथा वाचक सुश्री संगीता किशोरी द्वारा नौ दिवसीय श्री राम कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। पहले दिन की शुरुआत 301 महिलाओं द्वारा भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसने पूरे आयोजन में एक दिव्य और आध्यात्मिक माहौल का निर्माण किया। महिलाएं रुक्का डैम से जल उठाकर पूरे क्षेत्र का भ्रमण करते हुए विशेष रूप से भक्तिरस से अभिभूत होकर हाथों में जल से भरे कलश लेकर सुमधुर भजनों का आनंद लेते हुए श्रद्धा और प्रेम के साथ कथा स्थल तक पहुंची, यह दृश्य देखते ही बनता था और सबके दिलों में राम के प्रति प्रेम और आस्था का संचार कर रहा था। पूरा वातावरण श्री राम के जयकारों से गुंजायमान हो गया। कथा की शुरुआत में सुश्री संगीता किशोरी ने भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि श्रीराम न केवल एक महान योद्धा थे, बल्कि उनके जीवन में सत्य, धर्म, न्याय, और श्रद्धा का जो उदाहरण प्रस्तुत किया, वह आज भी मानवता के लिए एक प्रेरणा है। कथा के पहले दिन का विषय भगवान श्रीराम के जन्म और उनके बाल्यकाल पर केंद्रित था, जिसमें उन्होंने भगवान के जन्म से लेकर उनकी लीलाओं का बहुत ही सुंदर और सरल तरीके से वर्णन किया। कथावाचक ने रामायण के प्रसंगों को इतने आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया कि श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गए। विशेष रूप से उनकी वाणी में जो ताजगी और भव्यता थी, वह श्रोताओं के हृदय में राम के प्रति एक नई श्रद्धा और भक्ति का संचार कर रही थी। पहले दिन की कथा में भगवान श्रीराम के चरित्र का जो बखान किया गया, वह न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि मानवता के संदर्भ में भी अत्यंत प्रेरणादायक था। कलश यात्रा और कथा के इस अद्भुत संगम ने एक अलौकिक वातावरण का निर्माण किया, जिसमें हर व्यक्ति ने अपने भीतर श्रीराम की भक्ति और आस्था को महसूस किया। सुश्री संगीता किशोरी की कथा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण थी, बल्कि यह समाज के हर वर्ग के लिए एक अमूल्य धरोहर के रूप में प्रस्तुत हुई। इस नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन निश्चित रूप से श्रोताओं को आध्यात्मिक उन्नति की ओर प्रेरित करेगा और सभी को भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा देगा। हर दिन के साथ यह कथा और भी भव्य होती जाएगी, ऐसा विश्वास सभी श्रद्धालुओं में है। श्री राम कथा के मुख्य यजमान भाला परिवार है। आज के कार्यक्रम में संयोजक वासुदेव भाला, मुकेश काबरा, पुनीत पोद्दार, रतन जालान, प्रदीप राजगढ़िया,राम बांगड़, राम मंगल, उदय शर्मा राहुल सिंह, बनवारी लाल, विजय काबरा, अशोक सुधानी, अमित चौधरी, मनीष लोधा, आशीष भाला, गोवर्धन भाला, शत्रुघ्न गुप्ता, रवि नारसरिया, वेद बागला, विजय सरायका, संजय सर्राफ, अनिल कुमार, सहित अन्य सदस्य सहयोग कर रहे हैं। उक्त जानकारी कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी। उक्त जानकारी
एबीएन न्यूज नेटवर्क, चाईबासा / रांची। चाईबासा जिले में एक मकान के पास घास के ढेर में आग लगने से चार बच्चों की मौत हो गयी। समाचार एजेंसी पीटीआई ने संबंधित अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी है।
बताया गया कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में सोमवार को एक मकान के पास भूसे के ढेर में आग लग गयी। चार मासूम इसकी चपेट में आ गए। बुरी तरह से झुलस जाने की वजह उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक, घटना चाईबासा के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के गितिलिपि गांव में पूर्वाह्न करीब 11 बजे हुई।
पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने बताया कि घटना की विस्तृत जांच के लिए एक टीम मौके पर भेजी गई है। उन्होंने बताया कि जब आग लगी तब बच्चे भूसे के ढेर के पास खेल रहे थे। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है।
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