टीम एबीएन, रांची। आदिवासी संगठनों का राजधानी रांची बंद असरदार रहा। शनिवार को आदिवासी धार्मिक सरना स्थल पर फ्लाईओवर निर्माण के विरोध पर लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाया, सड़क पर सरना झंडे के साथ बांस का बैरियर लगाया। रांची को बाहरी इलाके क्षेत्र से जोड़ने वाले रास्ते को अवरुद्ध किया गया।
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने इस आंदोलन का समर्थन देते हुए अपने कार्यकर्ताओं के साथ सशरीर सड़क पर उतरे। राजधानी मुख्य मार्ग पर प्रदर्शनकारियों के साथ जम रहे। बारिश होते रहने के बाद भी भिंगते हुए बैनर और तख्ती साथ हिनु चौक और सिरमटोली चौक पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए देर शाम तक डंटे रहे।
बताते चलें बंदी के पूर्व शुक्रवार संध्या को जयपाल सिंह स्टेडियम से लेकर अल्बर्ट एक्का चौक तक भव्य मसाल जूलूस निकला गया था। श्री महतो ने अपने जेएलकेएम संगठन की ओर से मीडिया वार्ता में कहा कि यह राज्य आदिवासी मूलवासी बहुल राज्य है। उनके मांगों पर राज्य सरकार को गंभीर होना चाहिए। केवल विकास के नाम पर केंद्रीय सरना स्थल सिरमटोली को प्रभावित नहीं होना चाहिए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। ट्विटर की नीली चिड़िया का लोगो कभी सोशल मीडिया की दुनिया में पहचान का प्रतीक था, लेकिन जब से एलन मस्क ने ट्विटर का अधिग्रहण किया, उन्होंने इस प्लेटफॉर्म में कई बड़े बदलाव किये हैं। सबसे बड़ा बदलाव तो यह था कि उन्होंने ट्विटर का नाम बदलकर एक्स कर दिया। अब अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित ट्विटर के हेडक्वार्टर पर लगा नीली चिड़िया का आइकॉनिक लोगो भी नीलामी में बेचा गया है।
नीलामी करने वाली कंपनी के पीआर के मुताबिक, इस नीली चिड़िया को 34,375 डॉलर (लगभग 30 लाख रुपये) में नीलाम किया गया है। यह चिड़िया करीब 254 किलो वजनी है और इसका आकार 12 फीट लंबा और 9 फीट चौड़ा है। हालांकि, इस चिड़िया के नये मालिक की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गयी है।
नीली चिड़िया के अलावा एपल-1 कंप्यूटर को करीब 3.22 करोड़ रुपये (3.75 लाख डॉलर) में नीलाम किया गया है। इसके अलावा स्टिव जॉब्स द्वारा साइन किया गया एपल का एक चेक भी करीब 96.3 लाख रुपये (1,12,054 डॉलर) में नीलाम किया गया है।
नीली चिड़िया के अलावा एपल-1 कंप्यूटर को करीब 3.22 करोड़ रुपये (3.75 लाख डॉलर) में नीलाम किया गया है। इसके अलावा स्टिव जॉब्स द्वारा साइन किया गया एपल का एक चेक भी करीब 96.3 लाख रुपये (1,12,054 डॉलर) में नीलाम किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। रांची बंद को सफल बनाने के लिए आजसू पार्टी के कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतरे। पार्टी ने हेमंत सरकार के खिलाफ आयोजित बंद को पूर्णतया सफल बताया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत एवं झारखंड आंदोलनकारी प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि आज के सफल बंद ने साबित कर दिया कि हेमंत सरकार की आदिवासी विरोधी नीतियों के खिलाफ जनता जाग चुकी है।
आदिवासी आस्था और विश्वास के साथ खिलवाड़ नहीं करने दिया जायेगा। आदिवासी संस्कृति और अस्मिता को कुचलने की साजिश नाकाम कर दी जायेगी। आजसू कार्यकर्ताओं ने रांची महानगर तथा कांके के इलाकों में बंद को सफल बनाने में सहयोग किया।
आजसू पार्टी के झारखंड आंदोलनकारी कुमुद बर्मा, छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम बर्मा, सुरेंद्र लिंडा, महादेव मुंडा एवं अन्य सैकड़ों कार्यकर्ता बंदी करवाने में शामिल हुए तथा हेमंत सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांके इलाके में आजसू नेता संजय मेहता अपने कार्यकतार्ओं के साथ सड़कों पर उतरे।
टीम एबीएन, रांची। हुटुप गौशाला धाम में चल रही श्री राम कथा के छठे दिन सुप्रसिद्ध कथा वाचिका सुश्री संगीता किशोरी जी ने वन गमन एवं केवट प्रसंग पर एक मार्मिक और गहन कथा प्रस्तुत की, जिसे श्रद्धालु श्रद्धा और भावुकता के साथ सुन रहे थे। संगीता किशोरी जी ने रामायण के इस महत्वपूर्ण प्रसंग को अत्यंत विस्तार से और भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया, जिससे श्रोताओं के हृदय को गहरी छाप मिली।
वन गमन का प्रसंग में संगीता किशोरी जी ने राम के वन गमन की कथा को भावनाओं और त्याग के साथ जोड़ा। जब राजा दशरथ ने राम को अयोध्या का राजा बनाने का निर्णय लिया, तो यह रानी कैकयी की द्वार से उपजी प्रतिज्ञा के कारण राम को अपने परिवार और घर को छोड़कर वनवास जाना पड़ा।
किशोरी जी ने इस प्रसंग के माध्यम से यह बताया कि राम का वनवास केवल एक भौतिक यात्रा नहीं थी, बल्कि यह एक महान आत्मिक तपस्वी जीवन का हिस्सा था। राम का वनवास सत्य, धर्म और कर्तव्य के प्रति अडिग समर्पण का प्रतीक था। उनके वन गमन ने यह सिद्ध किया कि संसारिक सुख और पद-प्रतिष्ठा से कहीं बड़ा है धर्म और आत्मिक शांति। केवट प्रसंग कथा में केवट के राम से मिलन को भी अत्यधिक मार्मिक रूप से प्रस्तुत किया गया।
जब राम और लक्ष्मण गंगा के किनारे पहुंचे और केवट ने उन्हें नाव में बैठाकर पार करने का प्रस्ताव रखा, तो संगीता किशोरी जी ने केवट की भक्ति को बेहद सजीव तरीके से चित्रित किया। केवट की भक्ति केवल बाह्य रूप से नहीं, बल्कि उसके हृदय की गहराई में बसी हुई थी। उसने राम से कहा कि वह उनकी सेवा करने के लिए तैयार है, लेकिन उसे उनका चरणामृत प्राप्त करने की इच्छा है।
यह प्रसंग यह सिद्ध करता है कि भगवान की भक्ति किसी भी रूप और स्थान से हो सकती है और भगवान अपने भक्तों के प्रेम को सर्वोच्च स्थान देते हैं। सुश्री संगीता किशोरी जी की कथा में हर प्रसंग जीवन के गहरे अर्थ को उजागर करता है। वन गमन और केवट प्रसंग ने हमें यह सिखाया कि जीवन में कठिनाइयां, त्याग और समर्पण के बावजूद सच्चे कर्तव्य का पालन करना चाहिए।
श्रीराम के आदर्शों का पालन करके हम अपने जीवन को पवित्र और सार्थक बना सकते हैं। इस दिन की कथा ने सभी श्रोताओं को जीवन के सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।यह श्रीराम कथा न केवल धार्मिक ज्ञान का भंडार है, बल्कि हमारे जीवन को सन्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती है। कथा के दौरान जीवंत झांकियां देखकर उपस्थित श्रद्धालु भाव विभोर हो गये। छठे दिन भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि इस अवसर पर-कार्यक्रम के संयोजक बासुदेव भाला एवं मुकेश काबरा, किशन साबू, प्रदीप राजगढ़िया, महेश्वर सिंह, अनिल साबू, किरण साबू, प्रेमलता काबरा, रेणु फ्लोर, सूची राजगढ़, सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से महिलाएं पुरुष उपस्थित थे। 23 मार्च रविवार को श्री राम कथा में शबरी प्रसंग पर कथा होगी, तथा अपराह्न- 11:30 बजे से कथा स्थल में महाप्रसाद का आयोजन किया गया है। उक्त जानकारी संजय सर्राफ और मुकेश काबरा ने दी।
टीम एबीएन, रांची। सिरम टोली फ्लाईओवर को लेकर सरना समिति द्वारा बुलाए गए रांची बंद के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
सुबह से ही शहर के विभिन्न इलाकों में आगजनी और जाम की स्थिति बनी हुई है। सरना समिति के समर्थकों ने कई स्थानों पर टायर जलाकर सड़कों को अवरुद्ध कर दिया है, जिसमें लोवाडीह क्षेत्र भी शामिल है। मौके पर मौजूद पुलिस बल यातायात को सुचारू करने में जुटी हुई है।
बंद को देखते हुए पुलिस न केवल सतर्कता बरत रही है, बल्कि बंद समर्थकों को सख्त चेतावनी भी दी गई है कि अगर किसी ने गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम दिया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पूरे शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
जहां-जहां बंद समर्थक पहुंच रहे हैं, उनकी वीडियोग्राफी भी करवाई जा रही है।
रांची बंद को देखते हुए सबसे ज्यादा सुरक्षा व्यवस्था सिरम टोली फ्लाईओवर के पास लगाई गई है। सिरम टोली के पास वज्र वाहन के साथ-साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद / रांची। बाघमारा अनुमंडल के तेतूलमारी थाना क्षेत्र में चल रहे अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ सीआईएसएफ और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सीआईएसएफ के जवानों ने खास सिजुआ छापेमारी कर 22 टन अवैध कोयला जब्त की है!
इस छापेमारी के बाद अवैध कोयला कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया। सीआईएसएफ ने बस्ती में चल रहे अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने की बात कही और अवैध कोयला कारोबारियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रखने की चेतावनी दी है।
यह कार्रवाई पुलिस और सीआईएसएफ के संयुक्त प्रयास से की गई है, जिससे स्थानीय प्रशासन ने अवैध कोयला कारोबार पर नकेल कसने की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाया है। क्षेत्र के लोगों ने इस कदम की सराहना की और उम्मीद जताई कि आगे भी ऐसे कदम उठाए जाएंगे ताकि अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके।
टीम एबीएन, रांची। सिविल कोर्ट रांची की अदालत ने आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े सात साल पुराने मामले में आरोपी आजसू सुप्रीमो सह पूर्व मंत्री सुदेश महतो को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। एमपी/एलएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सार्थक शर्मा की अदालत ने मामले में सुदेश महतो को बरी किया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता भरत चंद्र महतो ने बताया कि मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाहों को प्रस्तुत किया गया था। लेकिन घटना को साबित नहीं किया जा सका। जिसका लाभ उन्हें मिला। यह मामला बिना सबूत के आधार पर दर्ज किया गया था।
मामले को लेकर 7 मई 2018 को कोतवाली थाने में सुदेश महतो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। सिल्ली उपचुनाव में नामांकन-पत्र दाखिल करने में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप था।
7 मई 2018 को सुदेश आजसू पार्टी के उम्मीदवार के रूप में सिल्ली उपचुनाव में नामांकन-पत्र दाखिल करने रांची समाहरणालय पहुंचे थे। वे पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय के बाहर पहुंचे थे। जबकि, आदर्श आचार संहिता के तहत ड्रॉप गेट तक ही वे और उनके 5 व्यक्तियों को प्रवेश करने की अनुमति थी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा में बजट सत्र जारी है। तमाम मुद्दों को लेकर पक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। इसी बीच झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने पूर्व सीएम चंपाई सोरेन का नाम लेते हुए भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल आदिवासी नेताओं के साथ सही व्यवहार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के संदर्भ में कहा कि भाजपा उनके साथ ठीक नहीं कर रही।
रामदास सोरेन ने कहा, हम यही सुझाव देना चाहेंगे कि जिस सोच के साथ आप भाजपा में शामिल हुए थे, वह यही थी कि आपको मुख्यमंत्री बनाया जायेगा। लेकिन, हालात वैसे नहीं रहे, तो भी उन्हें किसी राज्य का राज्यपाल तो बना ही सकते थे। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि भाजपा आदिवासियों के साथ कैसा व्यवहार करती है।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा में जितने भी आदिवासी नेता हैं, सबको केकड़ा बना के रख दिया गया है। चंपई दादा को मुख्यमंत्री बनाने और उनके बेटे को मंत्री बनाने की बात हुई थी, लेकिन अब उन्हें उचित सम्मान नहीं दिया जा रहा है।
पत्रकारों ने जब सवाल किया कि क्या चंपाई सोरेन के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के दरवाजे खुले हैं, तो शिक्षा मंत्री ने कहा, झामुमो के दरवाजे हमेशा खुले हैं। पार्टी निर्णय लेती है कि किसे आना है और किसे नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि जेएमएम ने चंपाई सोरेन को जितना सम्मान दिया, उतना किसी और को नहीं मिला।
उन्होंने मामूली कार्यकर्ता से लेकर मुख्यमंत्री तक का सफर तय किया, लेकिन अब वे कई आरोप लगाकर बीजेपी में चले गए हैं, और वहां भी उन्हें उचित सम्मान नहीं मिल रहा है। रामदास सोरेन के इस बयान से झारखंड की राजनीति में हलचल मच गयी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी और चंपाई सोरेन इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
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