झारखंड

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Published / 2025-03-24 20:04:04
कोडरमा : सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने बिखेरा जलवा

समाज के उत्थान का प्रतीक बना महोत्सव

स्वजातीय एकता का प्रतीक बन चुका है यह महोत्सव : प्रदीप भदानी

टीम एबीएन, कोडरमा। झुमरी तिलैया मां मथुरासिनी महोत्सव के अंतिम दिन भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के बच्चों ने शानदार नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। महोत्सव ने एक बार फिर समाज की एकजुटता, संस्कृति और समृद्धि का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में समाज के 22 बच्चों ने एक से बढ़कर एक नृत्य प्रस्तुत किये। अदविका एकघरा ने झूठ बोले कौआ पर धमाकेदार प्रस्तुति दी, वहीं आरिनी भदानी ने ठुमकेश्वरी गीत पर मंच पर जलवा बिखेरा। आरव भदानी ने हट जा बाजू, आने दे हवा, मुस्कान भदानी ने लंदन ठुमका दे और श्रीसा भदानी ने उई अम्मा पर जबरदस्त प्रस्तुति दी। 

समृद्धि सेठ, सताक्षी कुमारी, तनमय पहाड़ी, रिद्धिया लोहानी सहित सभी बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया।नृत्य के बाद सन्नी ने अपनी मिमिक्री से दर्शकों को हंसी से लोटपोट कर दिया। उनकी शानदार प्रस्तुति ने हर उम्र के लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों और समिति के पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया। पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ता को मण्डल उपाध्यक्ष पप्पू भदानी के नेतृत्व में सम्मानित किया गया। समाज के डोनर परिवार से प्रदीप भदानी को भी समिति ने विशेष रूप से सम्मानित किया। 

सम्मान ग्रहण करते हुए प्रदीप भदानी ने कहा कि जल्द हीं मां मथुरासिनी मंदिर का निर्माण होगा साथ हीं उन्होंने बताया कि मां मथुरासिनी महोत्सव हमारी कुलदेवी हैं और सिरही पूजा से जुड़ा हुआ है। अब यह समाज की गौरवशाली परंपरा, जातीय एकता और समृद्धि का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने बताया कि आज माहुरी समाज के लोग इसे भारत के विभिन्न महानगरों में भी बड़े स्तर पर मना रहे हैं, जिनमें कोलकाता, दुर्गापुर, रानीगंज, रायरंगपुर, अहमदाबाद, पुणे, उल्हासनगर (मुंबई), सूरत, बेंगलुरु और दिल्ली एनसीआर शामिल हैं। 

महामंडल उपाध्यक्ष रवि कपसीमे ने जानकारी देते हुए बताया कि मां मथुरासिनी महोत्सव की शुरुआत श्री फकीरचंद्र राम जी द्वारा बोकारो में की गयी थी। इसके बाद यह परंपरा आगे बढ़ती गयी। झुमरी तिलैया में वर्ष 2001 में  सदानंद प्रसाद भदानी, कालीचरण राम तरवे, रामचंद्र सेठ, दर्शन राम कपसीमे, दमोधर प्रसाद भदानी और बनमाली राम भदानी ने इसे आगे बढ़ाया। शुरुआत में यह एक दिवसीय महोत्सव था। फिर कुछ वर्षों बाद यह दो दिवसीय हुआ और साल 2005 से इसे तीन दिवसीय महोत्सव के रूप में मनाया जाने लगा।

महोत्सव में मंडल अध्यक्ष अरुण सेठ, सचिव सुनील भदानी और महोत्सव संयोजक अभिषेक रंजन, उपाध्यक्ष पप्पू भदानी ने भी सभा को संबोधित किया और समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के परीयोजना निर्देशक राजेश भदानी और अंजना भदानी को सफल संचालन के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन नेहा बड़गवे ने किया, जिसमें गौतम वैशकीयार ने सहयोगी की भूमिका निभायी।

मां मथुरासिनी महोत्सव अब केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह समाज की एकता और समृद्धि का प्रतीक बन चुका है। यह महोत्सव नयी पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने और समाज को मजबूत करने का कार्य कर रहा है। हर वर्ष यह आयोजन समाज के लिए प्रेरणा और गर्व का विषय बनता जा रहा है। 

मौके पर महोत्सव संयोजक अभिषेक रंजन, मंडल अध्यक्ष अरुण सेठ, सचिव सुनील भदानी, प्रतीक कुमार, केंद्रीय महिला समिति उपाध्यक्ष सुनीता सेठ, उदय बड़गवे, सुनील ब्रहपुरिया, प्रभाकर भदानी, नवीन आर्य, संदीप लोहानी, नरेश गुप्ता, अजय लोहानी, गौतम वैशकियार, रवि लोहानी, शुभम कप्सिमे, दिलीप ब्रहपुरिया, नितेश कुमार, दिलीप लोहानी, बंटू पहाड़ी, उचित अठघरा, विकास वैशकियार, महेंद्र लोहानी, मुकेश ब्रहपुरिया, सोनू लोहानी, वेद प्रकाश भदानी, विजय कप्सिमे, प्रदीप कंडवे, अंकित एकघरा, रोबिन्स एकघरा, रुपेश लोहानी, रेनू बड़गवे, पूर्णिमा सेठ, शिवांगी कुमारी सहित सैकड़ों की संख्या में समाज के लोगों शामिल हुए।

Published / 2025-03-23 21:53:48
धर्मांतरण करने वालों और दूसरे धर्म में शादी करने वालों का आरक्षण रद्द हो : चम्पाई सोरेन

बांग्लादेशी घुसपैठियों और धर्मांतरण के ख़िलाफ़ पूर्व सीएम चम्पाई सोरेन ने मोर्चा खोला

संथाल परगना की धरती पर गरजे चम्पाई सोरेन - आदिवासियत को बचाने के लिए किसी भी हद तक जायेंगे


  • एबीएन न्यूज नेटवर्क, जामताड़ा / रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने बांग्लादेशी घुसपैठियों एवं धर्मांतरण के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ने का संकल्प दुहराया है। वे खचाखच भरे जामताड़ा टाउन हॉल में सामाजिक संस्था एसेका द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि संथाल परगना के पाकुड़ एवं साहिबगंज समेत कई हिस्सों में आज आदिवासी समाज अल्पसंख्यक हो चुका है, जबकि बांग्लादेशी घुसपैठिए हमारे समाज की जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज की जो बेटियाँ बाहर शादी कर रही हैं, उन्हें संविधान द्वारा मिले आरक्षण में अतिक्रमण करने का कोई अधिकार नहीं है।

धर्मांतरण करने वाले लोगों को आड़े हाथों लेते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि जो भी व्यक्ति हमारी परंपराओं एवं रूढ़िवादी व्यवस्था ने बाहर निकल चुका है, उसे आरक्षण नहीं मिलना चाहिए। नवंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए एक फैसले से यह तय हो चुका है कि धर्म बदलने वालों को आरक्षण से बाहर किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि झारखंड में हमारा आदिवासी समाज दोतरफा मार झेल रहा है। एक ओर बांग्लादेशी घुसपैठिये भूमिपुत्रों की जमीनें लूट रहे हैं, हमारे समाज की बेटियों से विवाह कर पिछले दरवाजे से संविधान द्वारा दिए गये अधिकारों में अतिक्रमण कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, कुछ लोग भोले-भाले आदिवासियों को ठग कर, उन्हें लालच देकर अथवा उनकी मजबूरी का फायदा उठा कर उनका धर्मांतरण कर रहे हैं। बेहतर शिक्षा का अवसर पाकर ये धर्मांतरित लोग आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों पर कब्जा करते जा रहे हैं।

उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरना आदिवासी समाज के बच्चे इस रेस में पिछड़ते जा रहे हैं। आदिवासी समाज को यह सोचना होगा कि इसमें किसका नुकसान है? जब संविधान कहता है कि धर्म परिवर्तन करने वालों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए तो फिर ऐसा क्यों हो रहा है? जो लोग हमारी संस्कृति को भूल कर एक विदेशी धर्म के पीछे भाग रहे हैं, क्या उन्हें संविधान द्वारा हमारे समाज को दिये गये अधिकारों को हड़पने का कोई हक है?

तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्होंने संथाल परगना समेत पूरे झारखंड में आदिवासियत की लड़ाई को मुकाम तक पहुँचाने का रोडमैप साझा करते हुए कहा कि कुछ महीनों में आदिवासी सांवता सुसार अखाड़ा द्वारा एक महाधिवेशन बुलाया जायेगा, जिसमें 10 लाख से अधिक आदिवासी समाज के लोग शामिल होंगे। इस महाधिवेशन में झारखंड, ओडिशा, असम, बंगाल, बिहार समेत देश-विदेश के लोग जुटेंगे, तथा आदिवासी समाज के अस्तित्व समेत विभिन्न मुद्दों पर निर्णायक प्रस्ताव पारित करेंगे।

ओलचिकी लिपि की वकालत करते हुए पूर्व सीएम चम्पाई सोरेन ने इसे एक वैज्ञानिक तौर पर सफल लिपि बताया। उन्होंने आदिवासी सभ्यता, संस्कृति, कलाओं एवं भाषाओं को संरक्षित करने तथा उसके प्रति अगली पीढ़ी को जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस कार्यक्रम में सिदो-कान्हू के वंशज मंडल मुर्मू, एसेका के शंकर सोरेन समेत सैकड़ों की संख्या में साहित्यकार, लेखक, बुद्धिजीवी एवं हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग मौजूद थे।

Published / 2025-03-23 21:33:50
सेवा भारती, झारखंड को किया गया सम्मानित



टीम एबीएन, रांची। विचार मंच सम्मान समारोह के 38 वें वर्ष के अवसर पर कोलकाता के मां करणी ऑडिटोरियम में सेवा भारती, झारखंड को कान कंवरी पारख ग्राम्य सेवा सम्मान प्रदान किया गया। 

सम्मान समारोह के अध्यक्ष न्यायमूर्ति असीम कुमार बनर्जी, कोलकाता उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश व मुख्य अतिथि  सचिन रांका, प्रख्यात उद्योपति व समाजसेवी के कर कमलों से यह सम्मान सेवा भारती,झारखंड के सचिव ऋषि पाण्डेय ने हस्तगत किया।

Published / 2025-03-23 21:01:49
लोहरदगा : भीषण सड़क हादसे में तीन की मौत

  • लोहरदगा में भीषण सड़क हादसा, ट्रक की चपेट में आने से तीन की मौत

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। जिले के सदर थाना क्षेत्र में रविवार को बड़ा हादसा हुआ है। सड़क हादसे में तीन युवकों की जान चली गयी है। कैमो महुआ टोली के समीप बॉक्साइट लदे ट्रक की चपेट में आने से तीन युवकों की मौत हो गयी। 

स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उन्हें नहीं बचाया जा सका। सदर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंची और जांच में जुट गयी है।

Published / 2025-03-23 20:59:34
लद्दाख में सिमडेगा का लाल शहीद

  • पैतृक गांव में नम आंखों से दी गई अंतिम सलामी

एबीएन न्यूज नेटवर्क, सिमडेगा। लद्दाख में लैंड स्लाइड की चपेट में आकर सिमडेगा के वीर सपूत हवलदार किशोर बाड़ा शहीद हो गए। आज सेना द्वारा हवलदार किशोर बाड़ा का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव ननेसेरा तुरतुरी पानी लाया गया। उनका पार्थिव शरीर पहुंचते ही पूरे इलाके का माहौल गमगीन हो गया। सैकड़ों लोग नम आंखों से उन्हें देखने उनके गांव पहुंचे।

दरअसल, सिमडेगा के ननेसेरा गांव निवासी किशोर बाड़ा सेना की 699 टाट्रा बटालियन में हवलदार के पद पर लद्दाख में तैनात थे। 20 मार्च को लद्दाख में वाहन से जाते समय किशोर बाड़ा और उनके एक साथी लैंड स्लाइड की चपेट में आ गए। जिससे किशोर और उनके दूसरे साथी की मौत हो गई। रविवार को रांची मिलिट्री स्टेशन की टुकड़ी ने शहीद किशोर बाड़ा को तिरंगे में लपेटकर उनके पैतृक गांव ननेसेरा पहुंचाया।

किशोर का पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही हर तरफ चीख पुकार मच गई। गांव के लाल की एक झलक पाने के लिए सैकड़ों लोग उमड़ पड़े। पैतृक गांव में धार्मिक सामूहिक समारोह के बाद शहीद जवान को रांची मिलिट्री स्टेशन के जवानों ने अंतिम सलामी दी। शहीद किशोर बाड़ा बिना मां के बड़े हुए।

किशोर बाड़ा तीन बड़ी और एक छोटी बहनों के बीच इकलौते भाई थे। वर्ष 2000 में किशोर की शादी संहिता मिंज से हुई थी। शहीद जवान किशोर अपने पीछे पत्नी संहिता मिंज और तीन बेटियों अनीशा बाड़ा, एंजल बाड़ा और एंजेलिना बाड़ा को छोड़ गए हैं। अंतिम संस्कार से पहले तीनों बेटियों ने अपने पिता को आखिरी सलामी दी।

Published / 2025-03-23 20:44:00
अखंड ज्योत, छप्पन भोग व सवामणि भोग के संग श्री हनुमान मंडल ,रांची का 47 वां वार्षिक महोत्सव सम्पन्न

*प्रेस प्रकाशनार्थ*
                      23/3/2025
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प्रातः 7:00 बजे महाराजा अग्रसेन भवन के सभागार में गणेश पूजन के साथ वार्षिक उत्सव प्रारंभ
भजन सागर पुस्तिका का विमोचन रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के निवर्तमान अध्यक्ष सुरेश चंद अग्रवाल द्वारा किया गया । इस भजन पुस्तिका में भजनों के नए कलेक्शन मौजूद है। भजन पुस्तिका के संपादक रमन बगड़िया है।

रांची की धार्मिक संस्था श्री हनुमान मंडल ,रांची द्वारा रविवार को महाराजा अग्रसेन भवन के सभागार में 47 वा वार्षिक महोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया ।
एक दिवसीय महोत्सव में प्रातः 7:00 बजे नवल टिबड़ेवाल ने सपत्नी गणेश पूजन कर बालाजी की अखण्ड ज्योत जगाई ।
महोत्सव स्थल पर प्रातः 8:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक रांची के सुप्रसिद्ध सुंदरकांड वाचक सुरेश बजाज के सानिध्य में 500 से भी अधिक श्रद्धालु महिलाओ सहित पुरषो के द्वारा भक्तों के द्वारा सामूहिक संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन सम्पन्न हुआ।
प्रातः 9 बजे से श्री बालाजी महाराज को  छप्पन भोग व सवामणि का भोग श्रद्धालु भक्तों के द्वारा लगाया गया।महोत्सव स्थल पर श्रीबालाजी महाराज का दिब्य व भव्य दरबार  भगवान के सुंदर नयनाभिराम झांकी के दर्शन भक्तगनो ने किया। 
दोपहर 1:00 बजे से स्थानीय  धार्मिक संस्था  श्री श्याम मंडल ,श्री श्याम परिवार के सदस्यों द्वारा भजनो की अमृत वर्षा की गई।
इस अवसर पर सुप्रसिद्ध भजन गायिका राउलकेला की स्वर्णरेखा संग जमशेदपुर की प्रीति शर्मा व पाखी शर्मा के द्वारा भजनों की गंगा प्रवाह की गयी । राजस्थान के सूरजगढ़ से हमारे बीच महोत्सव में भजनों के आमंत्रित कलाकार संजय सेन ने अपने भेजनो से महोत्सव स्थल बालाजी मय कर दिया।
भेजनो के बोल संजय सेन ने भजनो से सभी को झूमा दिया
भजन मुरली वाले आजा तेरी याद सताए
तेरा ये भरोसा कही टूट नही जावे
जाने वाले तेरी याद सताए

सवारियों बैठो है जो लेनो है सो मांग लो
रात्रि 9:00 बजे तक भव्य संकीर्तन के द्वारा उत्सव में शामिल श्रद्धालु भक्तगण के बीच  श्री बालाजी महाराज के भजनो की अमृत वर्षा की गयी।
दोपहर 1:00 बजे से सवामणि के भोग में हजारों लोगों ने बालाजी का प्रसाद प्राप्त किया।
महोत्सव स्थल पर भगवान की नयनाभिराम झांकी के अद्भुत दर्शन संग अखंड ज्योत भी श्रद्धालु भक्तों ने आशीर्वाद के रूप में लिया । रात्रि 9:00 बजे  आरती के साथ लोगों के बीच प्रसाद का भी वितरण किया गया। महोत्सव का समापन किया गया।
महोत्सव में अध्यक्ष सज्जन पाड़िया ,मंत्री श्रवण अग्रवाल, कोषाध्यक्ष शिव भावसिंहका,महोत्सव संयोजक प्रवीण मोदी, प्रेमचंद श्रीवास्तव ,हनुमान बेड़िया,नरेंद्र डीडवानिया,प्रशांत सरावगी, नारायण अग्रवाल,बाल किशन जी,महेश,विजय खोवाल, प्रकाश ढेलिया, विष्णु सोनी ,रवि जोशी ,विभोर डागा, रमन बगड़िया, अरुण बाजोरिया, प्रशांत सरावगी, नितिन भावसिंहका ,प्रमोद सारस्वत सहित काफी संख्या में लोगो ने सहयोग दिया।

Published / 2025-03-23 19:50:37
श्री राधा- कृष्ण सेवा धाम मंदिर में हुआ 199 वाँ अन्नपूर्णा महाप्रसाद का आयोजन

  • 2500 से भी अधिक श्रद्धालुओं ने किया प्रसाद ग्रहण
  • भजन- कीर्तन में खूब झूमे श्रद्धालु

टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित पुंदाग मे श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवा धाम में 199 वाँ श्री कृष्ण प्रणामी अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद का आयोजन किया गया है। ट्रस्ट ने समाज सेवी वरिष्ठ सदस्य चुक्की देवी गाडोदिया उनके पौत्र राहुल गाडोदिया विभोर गाडोदिया एवं उनके परिवार के सौजन्य से तथा श्री कृष्ण प्रणामी के सदस्यों के द्वारा अन्नपूर्णा ‌महाप्रसाद भंडारे में आज पूड़ी- आलू चना टमाटर मिश्रित सब्जी, केसरिया खीर, वेजिटेबल पुलाव एवं केसरिया जलेबी  का वितरण किया गया। 

अन्नपूर्णा महाप्रसाद 2500 से भी अधिक श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया। अन्नपूर्णा महाप्रसाद का विधिवत भोग पुजारी अरविंद पांडे द्वारा लगाया गया। तत्पश्चात भव्य भजन संकीर्तन का संजीवनी सखी ग्रुप के द्वारा आयोजन हुआ। 

भजन गायन में संजीवनी सखी ग्रुप की संस्थापिका  पूनम बाला, रागिनी जयसवाल, शिवानी सिंह ढोलक बजाने मे धर्मेन्द्र  राय एवं निर्मल जालान ने अपने मनमोहक सुमधुर भजनों की अमृत गंगा का रसपान कराते हुए श्रोताओं को खूब झुमाया। तथा पूरे वातावरण को कृष्णमय एवं भक्तिमय बना दिया। 

गुरु महाराज की जन सेवा को समर्पित जीवन के स्वर्णिम 53 वर्ष पूरे होने उपलक्ष्य में एवं परमहंस डॉ संत सदानंद महाराज के शिष्यों ने आज ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल उपाध्यक्ष निर्मल जालान एवं राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल की देखरेख में जरूरतमंदों अभावग्रस्त ग्रामीणों एवं मंदिर के आसपास रहने वाले श्रद्धालुओं को अन्नापूर्णा भंडारे का भोजन कराकरनसेवा की गई। 

ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि संस्था द्वारा श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम श्री राधा कृष्ण मंदिर परिसर मे आज 199 वें अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद का आयोजन था।आज सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। तथा भगवान श्री राधा कृष्ण मंदिर मे लगभग 5 हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। 

इस अवसर पर- डुंगरमल अग्रवाल, निर्मल जालान, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, आलोक तुलस्यान, सुरेश अग्रवाल, पूरणमल सर्राफ, नन्द किशोर चौधरी, निर्मल छावनिका, शिव भगवान अग्रवाल चिरंजीलाल खण्डेलवाल, महेश पोद्दार, अंजनी अग्रवाल, मधु जाजोदिया, विजय अग्रवाल, विष्णु सोनी,पवन पोद्दार, विधा देवी अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल, शोभा जालान, प्रमिला पुरोहित, सरोज पोद्दार, ज्ञान प्रकाश शर्मा, परमेश्वर साहू, धीरज कुमार गुप्ता, महेश वर्मा, चन्द्रदीप साहु, हरीश कुमार, अशोक ठाकुर सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष उपस्थित थे।

Published / 2025-03-23 19:44:27
हुटुप गौशाला धाम में श्रीराम कथा सातवें दिन शबरी प्रसंग पर मार्मिक कथा

  • सच्ची भक्ति और निष्ठा का कोई मूल्य नहीं, न ही जात-पात का कोई भेद : किशोरी जी

टीम एबीएन, रांची। हुटुप गौशाला धाम में चल रही नौ दिवसीय श्री राम कथा के सातवें दिन प्रसिद्ध कथावाचक सुश्री संगीता किशोरी ने शबरी प्रसंग पर एक अत्यंत मार्मिक और सुंदर कथा का वाचन किया। इस प्रसंग ने सभी श्रद्धालुओं के दिलों में श्रीराम के प्रति असीम श्रद्धा और भक्ति का संचार किया। 

शबरी की कथा, जो भगवान श्रीराम के जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है, ने सभी को न केवल धार्मिक दृष्टि से प्रेरित किया, बल्कि यह जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य और संस्कारों की भी सीख दी। कथा के दौरान संगीता किशोरी ने शबरी के जीवन के संघर्ष, उनकी साधना और भगवान श्रीराम के प्रति उनकी अपार श्रद्धा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। शबरी, जो एक वनवासी महिला थीं, ने वर्षों तक बिनती की थी कि भगवान श्रीराम उनके घर आएं। 

उनके जीवन में एक दृढ़ विश्वास था कि जो राम के दरबार में सच दिल से भक्ति करता है, वह अवश्य श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त करता है। अपनी कठोर साधना और भक्ति से शबरी ने भगवान श्रीराम के प्रति अपने प्रेम और समर्पण को साबित किया। कथा के दौरान यह बात विशेष रूप से उल्लेखनीय रही कि श्रीराम ने शबरी के साथ जो प्रेम और स्नेह व्यक्त किया, वह समाज में व्याप्त जातिवाद और भेदभाव से ऊपर था। 

भगवान श्रीराम ने शबरी के झूठे बेर भी आनंदपूर्वक खाए और यह संदेश दिया कि सच्ची भक्ति और निष्ठा का कोई मूल्य नहीं, न ही जात-पात का कोई भेद। शबरी के प्रति श्रीराम का यह आचरण सभी के लिए एक अमूल्य शिक्षा है कि ईश्वर के दरबार में सभी समान हैं। इस सुंदर कथा के साथ ही आज भंडारा महाप्रसाद का आयोजन भी किया गया, जिसमें 2500 से भी अधिक श्रद्धाल शामिल हुए। महाप्रसाद में भगवान श्रीराम की महिमा का गुणगान करते हुए सभी भक्तों के बीच शाम 5 बजे तक प्रसाद वितरित किया गया। 

यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का संदेश देने वाला भी था। कुल मिलाकर इस कथा ने सभी भक्तों को न केवल श्रीराम के जीवन के आदर्शों से परिचित कराया, बल्कि यह भी समझाया कि वास्तविक भक्ति न किसी संपत्ति से जुड़ी होती है, न किसी जाति से। शबरी के जीवन से प्रेरित होकर हमें भी अपनी भक्ति और कर्म में सच्चाई और समर्पण को सर्वोपरि रखना चाहिए। आज कथा में भारी भीड़ उमड़ी।

कार्यक्रम की मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक वासुदेव भाला, मुकेश काबरा, पुनीत पोद्दार, अजय मारू, महावीर सोमानी, बिल्लू सोमानी, मुरारी अग्रवाल, नारायण चौधरी, प्रेम प्रकाश अग्रवाल, शत्रुघ्न गुप्ता, प्रेम चौधरी, प्रकाश काबरा, विष्णु जालान, भगवती प्रसाद, सुरेश शारदा, इत्यादि के अलावे हजारों ग्रामीणों ने कथा का श्रवण किया। 24 मार्च को आठवें दिन श्री राम कथा में श्री राम राज्याभिषेक पर प्रसंग होगा।

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