झारखंड

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Published / 2025-03-28 18:17:15
गणगौर पर्व आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम

  • गणगौर पर्व भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का एक अद्भुत उदाहरण : संजय सर्राफ

टीम एबीएन, रांची। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि हिंदू धर्म में आस्था का पर्व गणगौर पर्व विशेष महत्व है। गणगौर व्रत चैत माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष 1 अप्रैल को गणगौर पर्व मनाया जायेगा। 

गणगौर शब्द गण और गौर दो शब्दों से मिलकर बना है। जहां गण का अर्थ शिव और गौर का अर्थ माता पार्वती से है। दरअसल, गणगौर पूजा शिव-पार्वती को समर्पित है। इसलिए इस दिन महिलाओं द्वारा भगवान शिव और माता पार्वती की मिट्टी की मूर्तियां बनाकर उनकी पूजा की जाती है। 

इसे गौरी तृतीया के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से महिलाओं को अखण्ड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। भगवान शिव जैसा पति प्राप्त करने के लिए अविवाहित कन्याएं भी यह व्रत करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती भगवान शिव के साथ सुहागन महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद देने के लिए भ्रमण करती हैं। 

महिलाएं परिवार में सुख-समृद्धि और सुहाग की रक्षा की कामना करते हुए पूजा करती हैं। गणगौर का त्यौहार फाल्गुन माह की पूर्णिमा (होली) के दिन से शुरू होता है, जो अगले 17 दिनों तक चलता है। तथा हर रोज भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति बनाई जाती है और पूजा व गीत गाये जाते हैं।

इसके बाद चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करके व्रत और पूजा करती हैं और शाम के समय गणगौर की कथा सुनते हैं। तथा गणगौर की मूर्तियों का नदी व तालाबों में पूरे विधि विधान से विसर्जन करती है।यह पर्व खासकर महिलाओं के लिए अत्यधिक महत्व रखता है और पूरे देश में बड़े श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। 

गणगौर पर्व का मुख्य उद्देश्य गोर या पार्वती जी की पूजा करना है, जो अपने पति भगवान शिव के साथ संपूर्ण विश्व के पालनहार माने जाते हैं। इस दिन महिलाएं विशेष रूप से अपने पति के स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए व्रत करती हैं। साथ ही वे अपने परिवार की खुशहाली और खुशियों की कामना भी करती हैं। 

इस पर्व का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष गणराज यानी भगवान गणेश की पूजा है, जो इस दिन आशीर्वाद देने के लिए पूजे जाते हैं। गणगौर पूजा की शुरुआत महिलाएं घरों में ईश्वर की मूर्तियां स्थापित करके करती हैं। महिलाएं विशेष रूप से इस दिन रंग-बिरंगे वस्त्र पहनती हैं और पूजा की सामग्री जैसे- दूब, फल, फूल, पानी, व्रत सामग्री आदि तैयार करती हैं। 

पूजा के दौरान, महिलाएं गाने-गाने और नृत्य करते हुए गणगौर की मूर्तियों को सजाती हैं। इस दिन खासकर महिलाएं अपने पति के नाम से व्रत रखकर उनका कल्याण करने की प्रार्थना करती हैं। गणगौर के व्रत में महिलाओं को सुहागिन होने का विशेष महत्व होता है। गणगौर पर्व राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर का एक अहम हिस्सा है। 

मारवाड़ी समाज की महिलाएं इस पर्व को अपनी पारंपरिक वेशभूषा में मनाते हैं। महिलाएं अपने हाथों में रंग-बिरंगे चूड़ियां एवं मेहंदी, झुमके और गहने पहनकर इस पर्व को बहुत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाती हैं। गणगौर पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह समाज में महिलाओं की स्थिति को भी दर्शाता है। 

यह पर्व महिलाओं को अपनी आस्था, समर्पण और परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभाने की प्रेरणा देता है। वहीं, समाज में आपसी प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देता है। इस दिन महिलाएं न सिर्फ अपने घर-परिवार के लिए प्रार्थना करती हैं, बल्कि एक-दूसरे के साथ मिलकर खुशी और सुख-संपत्ति की कामना करती हैं। 

गणगौर पर्व भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का एक अद्भुत उदाहरण है, जो हमें जीवन में आस्था, प्रेम, और सौहार्द की महत्वपूर्ण बातें सिखाता है। यह पर्व महिलाओं के लिए विशेष रूप से अपनी आस्था और समर्पण को प्रकट करने का एक अवसर प्रदान करता है। गणगौर की पूजा और परंपराएं न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह भारतीय समाज में सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सौहार्द बढ़ाने में भी योगदान देती हैं।

Published / 2025-03-28 18:13:11
सांसद सुखदेव भगत ने संसद में The immigration and foreigners bill को (जेपीसी) में भेजने की मांग की

एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। लोहरदगा लोकसभा के माननीय सांसद श्री सुखदेव भगत सदन में The immigration and foreigners bill (विदेशियों के लिए अप्रवासन) पर चर्चा करते हुए  कहा की सदन में The immigration and foreigners bill  पर बहुत गंभीर चर्चा हो रही है।

यह बहुत ही संवेदनशील विषय है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ मसाला भी है। सत्ता पक्ष के लोगों ने चर्चा के दौरान ऐतिहासिक और सांस्कृतिक वाक्यों का प्रयोग किया और वसुधैव कुटुम्बकम की बात की, लेकिन ये बातें सिर्फ बातें ही हैं। इसके व्यवहार में क्या है- आकाश से गिरे खजूर में अटके।

मेरा मानना है कि यह बहुत गंभीर मसला है इस बिल पर चर्चा के समय राजनीति कम हो और गंभीरता से विचार हो। इस बिल के बारे में दावा किया गया है कि यह बिल अच्छा है लेकिन इसे लागू करने वाले कितने सच्चे हैं?  इस बिल को लेकर मेरी मांगहै कि इसे जेपीसी में भेजा जाए। इसमें बिंदुवार तरीका से हर मुद्दे- नागरिक की सुरक्षा, राष्ट्र की संप्रभुता सुरक्षा -पर चर्चा हो।

Published / 2025-03-28 10:16:52
हजारीबाग कोर्ट ने आतंकियों को पनाह देने के आरोप में बंद नासिर को किया बरी

  • कोर्ट में 23 साल की लड़ाई के बाद जमालुद्दीन उर्फ नासिर को मिली राहत
  • आतंकवाद से जुड़ा हाई-प्रोफाइल मामला खत्म!

टीम एबीएन, हजारीबाग। 23 साल... 12 गवाह... 1 हाई-प्रोफाइल केस... और आखिरकार, इंसाफ! हजारीबाग के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार की अदालत ने जमालुद्दीन उर्फ नासिर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। वर्ष 2002 में नासिर पर लश्कर-ए-तैयबा के दो खूंखार आतंकियों को शरण देने का आरोप लगा था। 

उन पर हजारीबाग के खिरगांव इलाके में आतंकियों को किराए पर कमरा दिलाने का आरोप था। मगर 23 साल चली इस कानूनी जंग के बाद अब अदालत ने नासिर को निर्दोष करार दे दिया है। कोर्ट के फैसले के बाद उनके परिवार ने राहत की सांस ली और खुशी जाहिर की।

कैसे हिला था हजारीबाग और कोलकाता?

यह कहानी 22 जनवरी 2002 से शुरू होती है, जब कोलकाता के अमेरिकन इंफॉर्मेशन सेंटर पर आतंकी हमला हुआ। इस हमले को अंजाम देने के बाद दो आतंकी हजारीबाग के खिरगांव इलाके में आकर छिप गए। मगर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने उनकी लोकेशन ट्रैक कर ली। इसके बाद, दिल्ली पुलिस और हजारीबाग पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके को घेर लिया। 

पुलिस को देखते ही आतंकियों ने गोलियां चलानी शुरू कर दी। लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में दोनों आतंकी मारे गए। मारे गए आतंकियों की पहचान मो. इदरीस उर्फ वाजिद उर्फ जाहिद (पुत्र अब्दुल मजीद) और सलीम के रूप में हुई थी। इस केस में जांच के दौरान नासिर का नाम सामने आया, जिन पर इन आतंकियों को पनाह देने का आरोप लगा।

23 साल की सुनवाई और ऐतिहासिक फैसला

सदर थाना प्रभारी कौशल्यानंद चौधरी के बयान पर आईपीसी की धारा 121, 121A, 186, 353, 307, 120B और आर्म्स एक्ट की धारा 25B, 26, 27 तथा विदेशी अधिनियम की धारा 13 और 14 के तहत मामला दर्ज किया गया। मुकदमे के दौरान 12 गवाहों के बयान दर्ज हुए। 

इस दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता अजीत कुमार ने अदालत में दलील दी कि नासिर के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है और यह मामला सिर्फ संदेह के आधार पर खड़ा किया गया था। अंततः, 23 साल की लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने साक्ष्य के अभाव में नासिर को बरी कर दिया। 

फिलहाल, नासिर 2015 से कोलकाता की एक जेल में बंद हैं, लेकिन अब इस फैसले के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। इस फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर नासिर निर्दोष थे, तो उन्हें 23 साल तक जेल में क्यों रखा गया? क्या इस लंबी कानूनी प्रक्रिया ने उनकी ज़िंदगी के अमूल्य वर्षों को बेवजह छीन लिया? या फिर ये न्याय की जीत है, भले ही देर से मिला हो? जो भी हो, इस फैसले ने हजारीबाग की फिज़ा में एक नई बहस छेड़ दी है।

Published / 2025-03-27 21:02:36
निर्धारित समयावधि में शत प्रतिशत करें धान अधिप्राप्ति : डीडीसी

धान का ससमय उठाव होने से अधिक-से-अधिक किसान होंगे लाभान्वित : डीएसओ 

उप विकास आयुक्त ने धान अधिप्राप्ति योजना से संबंधित की समीक्षा 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। उप विकास आयुक्त शब्बीर अहमद की अध्यक्षता में आज समाहरणालय के ब्लॉक सी स्थित सभागार में धान अधिप्राप्ति योजना से संबंधित समीक्षा की गयी। इस दौरान उप विकास आयुक्त खरीफ विपणन मौसम 2024-25 अंतर्गत धान अधिप्राप्ति योजना अंतर्गत जिले को निर्धारित लक्ष्य, केन्द्रवार निर्धारित लक्ष्य, ई-उपार्जन पोर्टल पर निबंधित किसानों की संख्या, किसानों को भेजे गये एसएमएस, अबतक धान बिक्री करने वाले किसान, अबतक क्रय किये गये धान, मिल को प्रेषित धान, पैक्स गोदामों में अवशेष बचे धान, किसानों को प्रथम एवं किस्त की राशि भुगतान पूर्ण होने आदि की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही राईस मिलवार लंबित एवं जमा एडवांस सीएमआर से संबंधित बिंदुओं की समीक्षा की।  

उप विकास आयुक्त ने निर्धारित समयावधि में धान अधिप्राति हेतु निर्धारित लक्ष्य को शत प्रतिशत पूर्ण करने का निदेश दिया। साथ ही प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित करते हुए 10 अप्रैल तक सभी मिलरों को सीएमआर जमा करने एवं सभी मिलर को पैकस से धान का उठाव करने का भी निदेश दिया, ताकि किसानों को द्वितीय किस्त की राशि भुगतान की जा सके। 

जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रीति किस्कू ने कहा कि किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान अधिप्राप्ति किए जाने हेतु 15 अप्रैल तक की तिथि निर्धारित है। इस अवधि में शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना सुनिश्चित करें।  

उन्होंने कहा कि धान का ससमय उठाव होने से अधिक-से-अधिक किसान लाभान्वित होंगे।  बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रीति किस्कू, सहकारिता पदाधिकारी उमेश कुमार सिन्हा सहित राइस मिलर, पैक्स अध्यक्ष, क्रय पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

Published / 2025-03-27 21:01:41
213 व्यक्तियों को चिकित्सा अनुदान और 186 युवाओं को ऋण देने की स्वीकृति

स्वरोजगार एवं उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को मिलेगा ऋण, योग्य लाभुकों का हुआ चयन  

उपायुक्त के निदेश पर उप विकास आयुक्त ने की बैठक 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। कल्याण विभाग की ओर से संचालित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना एवं मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना अंतर्गत योग्य लाभुकों के चयन हेतु उपायुक्त सह जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष के निदेश पर उप विकास आयुक्त सह जिला स्तरीय समिति के उपाध्यक्ष शब्बीर अहमद समाहरणालय सभागार में बैठक की। 

इस दौरान अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से संचालित अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग हेतु संचालित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना तथा अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांग वर्ग के युवाओं को ऋण-सह-अनुदान उपलब्ध कराने को लेकर योग्य लाभुकों का चयन किया गया। 

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 213 व्यक्तियों का चयन करते हुए चिकित्सा अनुदान देने एवं मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना अंतर्गत अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग के 186 युवाओं का चयन करते हुए ऋण-सह-अनुदान राषि उपलब्ध कराने की स्वीकृति प्रदान की गयी। 

जिला स्तरीय समिति में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत अनुसूचित जनजाति जाति के 110, अनुसूचित जाति के 45 एवं पिछड़ा वर्ग के 58 लाभुक व्यक्तियों को 145000 रुपये देने का निर्णय लिया गया।  

वहीं मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना अंतर्गत पलामू जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार एवं उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने हेतु अनुसूचित जनजाति के 7 लाभुकों को 6825470, अनुसूचित जाति के 97 लाभुकों को 59431557, पिछड़ा वर्ग के 52 लाभुकों के बीच 46590443 तथा अल्पसंख्यक के 30 युवाओं को 37377552 रुपये का ऋण सह अनुदान पारित किया गया।  बैठक में जिला कल्याण पदाधिकारी सेवा राम साहू सहित माननीय विधायकगण के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

Published / 2025-03-27 20:59:49
अनिल टाइगर की निर्मम हत्या की उच्चस्तरीय जांच हो : विहिप

टीम एबीएन, रांची। विहिप-बजरंग दल की एक प्रतिनिधिमंडल ने धार्मिक, राजनैतिक व सामाजिक कार्यकर्ता दिवंगत अनिल महतो उर्फ अनिल टाइगर की निर्मम हत्या हो जाने पर सरकार एवं प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कांके प्रखंड स्थित उनके पैतृक गाँव खटंगा में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की एवं उनके अंत्येष्टि क्रियाक्रम में सम्मिलित हुए। 

श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए विश्व हिंदू परिषद झारखंड-बिहार के सहमंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु व बजरंग दल के प्रांत संयोजक रंगनाथ महतो ने संयुक्त रूप से कहा कि अनिल टाइगर एक कर्मठ युवा, धार्मिक, सामाजिक एवं राजनैतिक कार्यकर्ता थे। इनकी निर्मम हत्या सरकार एवं प्रशासन की लचर व्यवस्था व विफलता है। सरकार इस हत्याकांड का उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दे। 

विश्व हिंदू परिषद गोरक्षा प्रांत उपाध्यक्ष गिरिजा शंकर पांडे, रांची विभाग सहमंत्री रोबिन कुमार महतो, रौशन चौधरी, रांची ग्रामीण जिला उपाध्यक्ष विनय कुमार गुप्ता, सुशील पांडेय आदि ने भी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उक्त जानकारी रांची के विभाग सहमंत्री रोबिन कुमार महतो (80511 58574) ने दी।

Published / 2025-03-27 20:59:13
आउटसोर्सिंग बंद, लेकिन मुदिडीह से तेतुलमारी जा रहा कोयला, आखिर कैसे...

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद/ रांची। मुदिडीह कोलीयरी का कोयला तेतुलमारी कोलीयरी कॉल डंप में भेजा जा रहा है जब आउटसोर्सिंग बंद है तो कोयला उत्पादन कब हुआ है जो जांच का विषय है। 

अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिलाध्यक्ष रत्नेश कुमार ने कोयला मंत्री भारत सरकार से जांच की मांग करते हुए लिखा कि सिजुआ क्षेत्र के मुदिडीह कोलियरी का कोयला तेतुलमारी कोलियरी कॉल डंप में भेजा जा रहा था। जब 26/3/2025 को शाम में तेतुलमारी कोलियरी में आउटसोर्सिंग बंद है तो कोयला उत्पादन कब हुआ है सी सी टी वी कैमरा में देखा जाय की तेतुलमारी कॉल डंप का कल शाम का सीसीटीवी कैमरा चेक किया जाय कि तेतुलमारी कोलियरी प्रबंधक अपने फंसते हुए गर्दन को बचाने के लिए ऐसा कार्य किये हैं। 

इस कृत्य मे मुदिडीह प्रबंधन ओर तेतुलमारी प्रबधन कि संलिप्ता से इनकार नहीं किया जा सकता है जो जांच का बिषय है अगर जब आउटसोर्सिग बंद है तो कोयला उत्पादन कैसे हुए ओर मुदिडीह कोलीयरी का कोयला तेतुलमारी कोलीयरी कॉल डंप मे क्यों भेजा जा रहा था इस खेल के पीछे आखिर है कौन अगर इसकी जांच करायी जाए तो सारी सच्चाई सामने आ सकती है।

Published / 2025-03-27 20:56:05
चतरा : कोयला मंत्री ने आम्रपाली जीएम को किया सम्मानित

एबीएन न्यूज नेटवर्क, टंडवा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक हजार बिलियन टन कोयला उत्पादन अभियान में अहम योगदान देने के लिए आम्रपाली कोल परियोजना के महाप्रबंधक अमरेश कुमार को सम्मानित किया गया। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला मंत्री ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। 

जानकारी के अनुसार, इस अभियान के तहत आम्रपाली कोल परियोजना ने 24 मिलियन टन कोयला उत्पादन कर महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। इस उपलब्धि के लिए सीसीएल की ओर से अमरेश कुमार को यह सम्मान मिला।

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