टीम एबीएन, रांची। मंईयां सम्मान योजना की राशि न मिलने से परेशान महिलाओं को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि बैंक में नहीं बल्कि पोस्ट आफिस में मंईयां सम्मान योजना की राशि आयी है। यह बात पता लगने के बाद भारी संख्या में महिलाओं की भीड़ पोस्ट आॅफिस में लग गयी। महिलाओं का कहना है कि पोस्ट आफिस में पैसा आया है।
महिलाओं ने दर्द साझा करते हुए कहा कि हम सब को पता ही नहीं था कि पोस्ट आफिस में पैसे आयेंगे। हम सब रोज बैंक जाकर बैलेंस चेक कराते -कराते थक चुके थे। इस बीच सूचना मिली कि पोस्ट आफिस में पैसा आया है तो हम सब मंईयां सम्मान योजना के 7500 रुपये लेने के लिए पोस्ट आफिस में आये हुए हैं। वहीं, अधिकारियों ने कहा कि एक बार जरूर खाता की जांच करा लें, उन पोस्ट आफिस खाताओं में मंईयां सम्मान के 7500 रुपये आये हुए हैं।
बता दें कि मंईयां सम्मान योजना की राशि न मिलने पर काफी दिनों से महिलाएं परेशान हो रही थी। महिलाएं लगातार कभी बैंक तो कभी कार्यालयों के चक्कर लगा रही थी। इस बीच महिलाओं ने कार्यालय में हंगामा भी किया था। कार्यालय का घेराव कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान महिलाओं ने कहा था कि हेमंत सरकार अपने चुनाव के वादे के तहत राज्य के माता-बहनों को गुमराह करके वोट की राजनीति करने का काम किया है जिसका नतीजा है कि आज महिलाओं को अपने हक अधिकार और सम्मान के पैसे के लिए रोजाना पंचायत और प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। रामनवमी पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाये जाने हेतु जिले में विभिन्न प्रखंडों में आज फ्लैग मार्च निकाला गया। उपायुक्त शशि रंजन एवं पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन के निदेश पर फ्लैग मार्च में जिला स्तरीय प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारी भी शामिल रहे।
उपायुक्त शशि रंजन एवं पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने जिलेवासियों से शांतिपूर्ण तरीके से रामनवमी पर्व मनाने की अपील की है।
उपायुक्त शशि रंजन ने कहा कि रामनवमी पर्व को लेकर पूरे जिले में व्यापक तैयारी की गयी है। ड्रोन के माध्यम से नजर रखी जा रही है। वहीं जुलूस मार्गों पर सीसीटीवी अधिष्ठापित कर प्रशासन द्वारा नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि अराजक व असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी की है। ऐसे में शांति व्यवस्था बनाये रखने में सभी प्रशासन को सहयोग करें। अंतराज्यीय सीमाओं पर भी विशेष नजर रखी जा रही है।
उन्होंने डिजिटल व इंटरनेट मीडिया पर तकनीकी टीम द्वारा नजर रखे जाने की बातें कही। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया व इंटरनेट मीडिया पर तकनीकी टीम द्वारा कड़ी निगरानी की जा रही है। किसी भी भ्रामक और अपुष्ट सूचनाओं के प्रसारण पर संबंधितों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
उन्होंने कहा कि आने वाली सूचनाओं का सत्यापन करके ही प्रसारण या प्रकाशन करना सुनिश्चित करें, ताकि शांतिपूर्ण पर्व संपन्न कराया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जिससे पल-पल का अपडेट लिया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने रामनवमी का जुलूस निर्धारित मार्ग से ही निकालने की अपील की। प्रशासन की टीम को शांति व्यवस्था बनाये रखने में पूरा सहयोग करें। उन्होंने कहा कि रामनवमी पर्व को लेकर प्रशासन की ओर से दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी व जवानों की प्रतिनियुक्ति की गयी है। असामाजिक व अराजक तत्वों पर नजर रखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि ड्रोन के माध्यम से घर के छतों की भी लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति उत्पन्न होने के पूर्व तैयारी दुरूस्त किया जा सके और संबंधित संदिग्धों, अराजक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।
उंटारी रोड, मोहम्मदगंज, हैदरनगर प्रखंड क्षेत्र व देवी धाम क्षेत्र, हुसैनाबाद, छतरपुर एवं हरिहरगंज के विभिन्न मार्गों में निकाले गये फ्लैग मार्च का नेतृत्व उप विकास आयुक्त शब्बीर अहमद व अपर समाहर्ता कुंदन कुमार ने किया। फ्लैग मार्च के माध्यम से प्रशासन ने रामनवमी पर्व को लेकर शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाये रखने की अपील की।
उप विकास आयुक्त शब्बीर अहमद ने सभी से विधि व्यवस्था संधारण में प्रशासन को मदद करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि रामनवमी देश का महत्वपूर्ण पर्व है। इस पर्व में लोगों की बड़ी आस्था होती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पर्व को उत्साह, उमंग व हर्षोल्लास मनाते हैं। रामनवमी को लेकर विधि व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से तैयारी की समीक्षा की गयी है।
श्रद्धालुओं की व्यवस्था एवं सुविधाओं का आकलन किया गया है, ताकि समय रहते कमियों को दूर किया जा सके। साथ ही फ्लैग मार्च के माध्यम से शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व मनाने की अपील की गयी। उन्होंने कहा कि खुशियों के साथ पर्व संपन्न हो, इसके लिए शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाना सभी की जिम्मेवारी है।
अपर समाहर्ता कुंदन कुमार ने भी शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में उत्साहपूर्वक पर्व मनाने की अपील की। उन्होंने किसी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और सोषल मीडिया के दुरूपयोग से बचने की बातें कही।
फ्लैग मार्च के साथ-साथ संबंधित क्षेत्रों में रामनवमी को लेकर विधि व्यवस्था संधारण एवं अबतक की गयी तैयारियों की भी समीक्षा की गयी। वहीं रामनवमी का जुलूस निकलने एवं विसर्जन मार्ग का भ्रमण कर तैयारियों का जायजा लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया गया।
अधिकारियों ने हैदरनगर देवी धाम मंदिर व मेला क्षेत्र का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। साथ ही माता मंदिर में मत्था टेका। देवी धाम मंदिर समिति की ओर से अधिकारियों को चुनरी ओढ़ाकर स्वागत किया गया।
साथ ही मंदिर समिति के सदस्यों ने देवी धाम मंदिर रिसर में शौचालय, बिजली, पेयजल आदि सुविधाएं व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराने की मांग की। उप विकास आयुक्त ने देवी धाम की व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने का आश्वासन दिया। फ्लैग मार्च में जिला स्तरीय, अनुमंडल, प्रखंड, अंचल एवं थाना स्तरीय पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं जवान शामिल रहे।
टीम एबीएन, रांची। प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता और निर्देशक मनोज कुमार के आकस्मिक निधन पर झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन एवं विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने गहरा शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि उनका निधन भारतीय सिनेमा जगत के लिए एक बड़ी अपूरणीय क्षति है।
वे हिंदी सिनेमा के एक महान हस्ताक्षर थे जिनका योगदान हमेशा याद किया जाता रहेगा, मनोज कुमार ने अपनी अभिनय क्षमता से लाखों दर्शकों का दिल जीता और उन्होंने अपनी फिल्मों के माध्यम से देशभक्ति और मानवता के महत्वपूर्ण संदेश दिये।
उन्हें भारत कुमार के नाम से भी पुकारा जाता था, उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपने करियर की शुरुआत 1957 में की थी, लेकिन उनकी असली पहचान 1960 के दशक में बनी। उनकी प्रमुख फिल्मों में भारत माता की जय, उपकार, पूरब और पश्चिम, लव एंड ग़म और क्रांति जैसी फिल्में शामिल हैं।
उनकी फिल्में न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफल रहीं, बल्कि उन्होंने भारतीय समाज की नब्ज को भी दर्शाया। मनोज कुमार को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, जिनमें पद्मश्री और पद्मभूषण जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार शामिल हैं। उनके निधन से भारतीय सिनेमा ने एक महान कृति को खो दिया है। उनका योगदान हमेशा याद रहेगा।
टीम एबीएन, रांची। श्री महावीर मंडल पूर्वी क्षेत्र के अध्यक्ष रमेश सिंह और श्री महावीर मंडल लालपुर के अध्यक्ष बजरंग वर्मा एवं मुख्य संरक्षक बसंत दास के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल डीजीपी अनुराग गुप्ता से मिला और उन्हें चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया। प्रतिनिधिमंडल की ओर से डीजीपी को श्री रामनवमी शोभायात्रा की तैयारी और व्यवस्था के बारे में बताया गया।
डीजीपी अनुराग गुप्ता ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि आप सभी मिलकर रामनवमी का त्यौहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनायें। रामनवमी पर्व के दौरान विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। किसी भी तरीके की परेशानी होने पर आप लोग जिला पुलिस के अधिकारियों या मुझ से सीधा संपर्क कर सकते हैं। पुलिस की ओर से पूरा सहयोग किया जायेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी को बताया कि दिवंगत अनिल टाइगर समिति के संरक्षक हुआ करते थे। उनकी हत्या से सभी सदस्य मर्माहत हैं। अनिल टाइगर की हत्या में शामिल एक हत्यारा तो पकड़ा गया है, पुलिस दूसरे हत्यारे को भी जल्द गिरफ्तार कर मामले की साजिश को देने का करें। जिस पर डीजीपी ने कहा कि अपराधियों किसी भी हाल में बक्सा नहीं जायेगा।
अपराधी जहां भी होंगे उसे गिरफ्तार कर जेल के सलाखों के पीछे डाला जाएगा। इस मामले में पुलिस अपना काम सक्रियता से कर रही है। प्रतिनिधिमंडल में अजय गुप्ता, राजू राम, नवीन सिंह पोली और रणजीत सिंह सहित अन्य शामिल थे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। रामनवमी पर्व को शांतिपूर्ण ढंग मनाये जाने को लेकर जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन की ओर से आज मेदिनीनगर के शहरी क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला गया।
नगर आयुक्त जावेद हुसैन, उप विकास आयुक्त शब्बीर अहमद व सदर अनुमंडल सुलोचना मीणा के नेतृत्व में फ्लैग मार्च शहर के छह मुहान से निकलकर थाना रोड होते हुए पंच मुहान चौक, कन्नी राम चौक, नदी किनारे आदि विभिन्न मार्गों से होते हुए पुन: छह मुहान पहुंचकर समाप्त हुई। नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त व अनुमंडल पदाधिकारी ने सभी से शांतिपूर्ण व सौहार्द्र तरीके से रामनवमी मनाने की अपील की।
फ्लैग मार्च में अंचल अधिकारी अमरजीत बल्होत्रा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मणि भूषण प्रसाद, शहर थाना प्रभारी देवव्रत पोद्दार, यातायात प्रभारी समाल अहमद सहित जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के अन्य पदाधिकारी व कई जवान शामिल थे।
टीम एबीएन, रांची। 1 अप्रैल को सरहुल शोभा यात्रा के दौरान राजधानी के अलग-अलग इलाकों में 5 से 10 घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहने के मामले में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रौशन की खंडपीठ ने स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई की।
खंडपीठ ने कहा कि बिजली एक अनिवार्य सेवा है। इसको बाधित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने बिजली निगम से जानना चाहा कि सरहुल के दिन घंटों बिजली आपूर्ति बाधित क्यों रही। इससे होने वाली परेशानी को ध्यान में क्यों नहीं रखा गया। यह जानकारी झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता धीरज कुमार ने दी है।
जवाब में महाधिवक्ता ने बताया कि साल 2000 में एक बड़ा हादसा हुआ था। जिसमें बिजली के तार की चपेट में आने से 29 लोगों की मौत हो गई थी। भविष्य में ऐसी घटना ना हो, इसको ध्यान में रखकर जुलूस के दौरान बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। इसपर खंडपीठ ने कहा कि अनिवार्य सेवा को बाधित नहीं किया जा सकता। लिहाजा, सरकार को सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित कराना चाहिए।
सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने खंडपीठ को बताया कि 6 अप्रैल को रामनवमी और 6 जुलाई को मुहर्रम जुलूस के मद्देनजर बिजली सप्लाई रोकने की फिर जरुरत पड़ेगी। इसपर खंडपीठ ने आदेश दिया कि कोई हादसा ना हो, इसके उपाय सुनिश्चित कराएं। लेकिन बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। इस मामले में 9 अप्रैल को विस्तृत सुनवाई होगी।
टीम एबीएन, रांची। भीषण गर्मी को देखते हुए यात्रियों को शुद्ध एवं ठंडे पेयजल की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से मारवाड़ी युवा मंच रांची शाखा के प्रतिनिधियों ने आज रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक शुचि सिंह से मुलाकात की। बैठक के दौरान रांची पिसका और नामकुम स्टेशन परिसर में एक स्थायी प्याऊ स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिससे यात्रियों एवं अन्य जरूरतमंद लोगों को नि:शुल्क जल सेवा उपलब्ध करायी जा सके।
संस्था की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि प्याऊ की स्थापना, रखरखाव एवं स्वच्छता की पूरी जिम्मेदारी वह स्वयं वहन करेगी। रेलवे अधिकारी ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की और जल्द ही स्थान निर्धारण एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने का आश्वासन दिया।
मंच के अध्यक्ष नीरज अग्रवाल ने कहा कि यह पहल यात्रियों के लिए राहतकारी साबित होगी और समाज सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम होगी।
मंच ने रेलवे प्रशासन का आभार व्यक्त किया और आशा जताई कि यह प्याऊ जल्द ही यात्रियों की सेवा में समर्पित होगा। उपरोक्त जानकारी प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी ने दी।
प्रतिनिधिमंडल मे मंच के अध्यक्ष नीरज अग्रवाल, सचिव निकुंज पोद्दार, अमृत धारा के प्रभारी यश सुरेखा, अनीश सरावगी,अमित शर्मा व अन्य सदस्य मौजूद थे। उक्त जानकारी मारवाड़ी युवा मंच रांची शाखा के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी राघव जालान ने दी।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 3 अप्रैल को रांची जीपीओ में नेशनल कॉर्डिशन कमेटी आॅफ पेंशनर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय आह्वान पर वित्त विधेयक के माध्यम से 1972 के पेंशन अधिनियम में संशोधन कर आठवें वेतन आयोग के लाभ से वर्तमान केंद्रीय पेंशनर्स को वंचित किये जाने की साजिश के खिलाफ धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए राज्य सचिव एम जेड खान ने कहा कि केंद्र सरकार ने 25 मार्च को संसद में विपक्षी दलों के विरोध के पश्चात फाइनेंस बिल के माध्यम से 1972/ 2021 के पेंशन अधिनियम में संशोधन पारित कर 31. 12. 2025 तक रिटायर होने वाले केंद्रीय कर्मियों को 8 वें वेतन आयोग के लाभ से वंचित कर दिया गया है। केवल जनवरी 26 या उसके बाद से रिटायर होने वाले कर्मचारियों को 8 वें वेतन आयोग का लाभ मिल पाएगा।
केंद्र सरकार पेंशनर्स के साथ भेद भाव का रवैया अपना कर संविधान की धारा 19 का उल्लंघन कर रही है। सरकार पेंशनर्स को जनवरी 2026 से पहले और जनवरी 2026 के बाद खाने में वगीर्कृत कर संशोधित पेंशन अधिनियम के तहत वेतन आयोग के लाभ से वंचित कर देना चाहती है।
माननीय सुप्रीम कोर्ट ने सिविल अपील संख्या 10857/ 2016 में अपने फैसले में स्पष्ट रूप से निर्णय दिया कि संशोधित पेंशन निर्धारण के उद्देश्य से पेंशनभोगियों को दो श्रेणियां बनाने का कोई वैध औचित्य नहीं है।
ज्ञात हो कि 7वें वेतन आयोग ने 1.1. 2016 से पहले सेवानिवृत हुए पेंशनर्स और 1.1.2016 के बाद सेवानिवृत हुए पेंशनभोगियों के बीच समानता की सिफारिश की थी जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार करते हुए लागू किया था।
पेंशनर्स के साथ सेवा निवृति की तारीख की बुनियाद पर भेदभाव करना असंवैधानिक है तथा वित विधेयक में संशोधन वेतन आयोग को अख्तियार देता है कि वह वर्तमान पेंशनर्स को लाभ से वंचित कर दे और 2026 के बाद रिटायर होने वाले को वेतन आयोग का लाभ दे।
पेंशन अधिनियम में संशोधन को लेकर आज के दिन पूरे देश में विरोध- प्रदर्शन किया जा रहा है और सरकार से मांग की जा रही है कि इस अहितकारी एवं कर्मचारी / पेंशनर्स विरोधी कानून को अविलंब वापस लिया जाये। झारखंड के जिलों में भी प्रदर्शन किया जा रहा है। आज के धरना सभा को के डी राय, साधन कुमार सिन्हा, जय नारायण प्रसाद, रमेश सिंह, गणेश डे, रंग नाथ पांडेय आदि ने संबोधित किया।
आज के धरना-प्रदर्शन में त्रिलोकीनाथ साहू, रमेश दुबे, सुखदेव राम, बी बारा, हसीना तिग्गा, अमिता मिंज, भवन बारला, राजेंद्र महतो, मन रखन महतो, बी एन मिश्रा, देव चरण महतो,जयराम प्रसाद, विल्सन, आदि उपस्थित थे। इससे संबंधित जानकारी माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार को ईमेल एवं स्पीड पोस्ट के माध्यम से पेंशन अधिनियम में संशोधन को लेकर एसोसिएशन की ओर से आपत्ति जताते हुए चिट्ठी प्रेषित की गयी है। उक्त जानकारी आल इंडिया पोस्टल/आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन झारखंड के राज्य सचिव एम जेड खान (6201143329) ने दी।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse