टीम एबीएन, रांची।सिरमटोली रैंप विवाद को लेकर आज आदिवासी संगठनों ने बंद का ऐलान किया है। इसका राजधानी रांची, लातेहार और गुमला सहित कई जिलों में मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है।
संगठन के लोग हाथ में सरना झंडा और पोस्टर लेकर सड़क पर उतरे हैं। बुधवार सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बंद का आह्वान किया गया है। केवल आवश्यक सेवाओं को बंद से छूट दी गयी है।
सफल बनाने के लिए बंद समर्थकों ने रांची के कई इलाकों में सड़क जाम कर दिया है। इस वजह से सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। दुकानें और संस्थान भी बंद हैं। हालांकि, बंद के दौरान किसी भी तरह के उपद्रव या हिंसा से निपटने के लिए पुलिस अलर्ट मोड पर है।
बंद समर्थकों ने सड़क पर बांस लगाकर रास्ता बंद कर दिया है। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। इस दौरान कई लोग हाथों में सरना धर्म कोड लागू करो, आदिवासी जमीन की लूट और सादा पट्टा पर रोक लगाने की मांग सहित कई अन्य मांगों के पोस्टर लिए भी दिख रहे हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, सतबरवा/ पलामू। पलामू डीएसपी मणिभूषण प्रसाद ने मंगलवार को सतबरवा थाना परिसर में प्रेस वार्ता करते हुए पत्रकारों को बताया कि बीते 2 जून को सतबरवा थाना क्षेत्र के पोलपोल स्थित पलामू ढाबा के समीप चेकिंग अभियान के दौरान हरियाणा नंबर के एक ट्रक से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब जप्त किया गया है।
उन्होंने बताया कि पलामू पुलिस अधीक्षक रेश्मा रमिशन को गुप्त सूचना मिली थी कि गढ़वा होते हुए रांची की ओर हरियाणा नंबर का एक ट्रक अवैध अंग्रेजी शराब लेकर जा रही है। सूचना मिलते ही सतबरवा थाना प्रभारी विश्वनाथ कुमार राणा के नेतृत्व में एक टीम गठित कर पोलपोल पलामू ढाबा के समीप चेकिंग अभियान लगाया गया, जिसमें ट्रक (एच आर 69 डी 3182) को गहनता से जांच की गयी, जिसमें भूसी की बोरी के नीचे 503 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद किया गया।
ट्रक में छुपा कर रखे गये रायल स्टैग 23 पेंटी, रायल चैलेंज 21 पेटी व इंपीरियल ब्लू 459 पेटी आरसी,आर एस, आइबी ब्रांड के क्वार्टर, हाफ व फुल की 14, 580 बोतलों के अलावा तीन मोबाइल जब्त किया है। बरामद शराब का अनुमानित मूल्य 40 लाख रुपये बताया जा रहा है। डीएसपी श्री प्रसाद ने बताया कि जब्त किया गया शराब असली है या नकली इसकी जांच करायी जायेगी।
इस घटना की जानकारी उत्पाद विभाग को दे दी गई है। उन्होंने बताया कि इस मामले में ट्रक चालक देवेंद्र कुमार पिता पेमाराम ग्राम मातासर भुर्टिया, थाना नगना, जिला बाड़मेर तथा लालचंद पिता रतन राम, ग्राम मुनियों कातला, थाना गीडा़, बढ़िया स्पीड जिला बालोतरा (दोनो राजस्थान) को ट्रक के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों व्यक्ति को जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
श्री प्रसाद ने बताया कि इतनी भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब पकड़े जाने से पलामू पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। इस अभियान में थाना प्रभारी विश्वनाथ कुमार राणा के अलावा एएसआई संतोष कुमार साहू, सुबोध कुमार, बसंत कुमार दुबे, हवलदार रामस्वरूप यादव के अलावा पुलिस बल के राज रंजन सिंह, मोहम्मद इरशाद आलम शामिल थे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा केन्द्रीय वरीय उपाध्यक्ष आंदोलनकारी देवेन्द्र नाथ महतो सामूहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधन करते हुए कहा कि आदिवासी बचाओ मोर्चा द्वारा आहूत 4 जून के झारखंड बंदी को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा नैतिक समर्थन करती है।
साथ ही उनके सभी मांगो को पूरी करने का झारखंड सरकार से मांग करती है। झारखंड अलग राज्य आंदोलन में बड़ी संख्या में आदिवासी शहादत हुए है, वर्तमान में आदिवासी मुख्यमंत्री हैं उनके सभी मांगों को पूरा करें।
साथ ही देवेन्द्र नाथ महतो ने जानकारी दी कि विगत 15 मई को दुमका से खतियानी पदयात्रा की शुरुआत की गयी है, जो विभिन्न क्षेत्र होते हुए 570 किमी दूरी तय करते हुए 5 जून को रांची राजभवन पहुंचेगी।
अंतिम दिन 5 जून को राजभवन के समक्ष खतियानी महाधरना का आयोजन किया जायेगा। मौके पर देवेन्द्र नाथ महतो महाधरना में संपूर्ण झारखंड विशेषकर रांची जिला और रांची लोकसभा क्षेत्र से ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल होने की अपील की।
मौके पर उन्होंने कहा कि झारखंडियों की पहचान खतियान आधारित स्थानीय नीति झारखंडियों के अधिकार खतियान आधारित नियोजन नीति, उद्योग नीति, विस्थापन नीति, पुनर्वास नीति लागू कर अबुआ राज स्थापित होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा केन्द्रीय वरीय उपाध्यक्ष आंदोलनकारी देवेन्द्र नाथ महतो सामूहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधन करते हुए कहा कि आदिवासी बचाओ मोर्चा द्वारा आहूत 4 जून के झारखंड बंदी को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा नैतिक समर्थन करती है।
साथ ही उनके सभी मांगो को पूरी करने का झारखंड सरकार से मांग करती है। झारखंड अलग राज्य आंदोलन में बड़ी संख्या में आदिवासी शहादत हुए है, वर्तमान में आदिवासी मुख्यमंत्री हैं उनके सभी मांगों को पूरा करें।
साथ ही देवेन्द्र नाथ महतो ने जानकारी दी कि विगत 15 मई को दुमका से खतियानी पदयात्रा की शुरुआत की गयी है, जो विभिन्न क्षेत्र होते हुए 570 किमी दूरी तय करते हुए 5 जून को रांची राजभवन पहुंचेगी।
अंतिम दिन 5 जून को राजभवन के समक्ष खतियानी महाधरना का आयोजन किया जायेगा। मौके पर देवेन्द्र नाथ महतो महाधरना में संपूर्ण झारखंड विशेषकर रांची जिला और रांची लोकसभा क्षेत्र से ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल होने की अपील की।
मौके पर उन्होंने कहा कि झारखंडियों की पहचान खतियान आधारित स्थानीय नीति झारखंडियों के अधिकार खतियान आधारित नियोजन नीति, उद्योग नीति, विस्थापन नीति, पुनर्वास नीति लागू कर अबुआ राज स्थापित होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची स्थित रेडिसन ब्लू होटल में आज आयोजित एएचपीवाई कॉन्क्लेव में राज्यभर के निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि, प्रबंधक एवं चिकित्सक शामिल हुए। यह कॉन्क्लेव आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के अंतर्गत सरकारी देय बिलों के लंबित भुगतान से संबंधित मुद्दों को लेकर बुलाया गया था।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने सभी अस्पताल प्रबंधकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और इस पर सख्त रुख अपनाते हुए विभाग को एक दिन के भीतर लंबित बकाया बिलों के भुगतान का निर्देश जारी किया।
मंत्री डॉ अंसारी ने कहा कि मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि गरीबों के आयुष्मान कार्ड को एटीएम समझने की भूल न करें। कुछ अस्पताल कार्ड को स्वाइप कर पूरा पैसा निकाल लेते हैं और मरीज को रिम्स रांची रेफर कर देते हैं, यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। गरीबों को उनके हक का इलाज मिलना चाहिए और योजना का पूरा लाभ भी। ऐसा कोई भी व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
उन्होंने आगे कहा कि मैं पहले एक डॉक्टर हूं, फिर मंत्री। हमारा पहला कर्तव्य है : सेवा। स्वास्थ्य व्यवस्था को व्यवसाय बनने नहीं दूंगा। जो भी सही दिशा में कार्य करेगा, उसे सरकार का पूर्ण सहयोग मिलेगा। परंतु किसी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
आईएचपीआई कॉन्क्लेव में संस्थापक अध्यक्ष योगेश गंभीर ने कहा कि सरकार और निजी अस्पतालों के बीच कम्युनिकेशन गैप को भरने के लिए ऐसे कार्यक्रम बेहद अहम हैं। इसका उद्देश्य दोनों पक्षों में समन्वय स्थापित कर अंतिम व्यक्ति तक इलाज पहुंचाना है। आईएचपीआई ने आयुष्मान एग्रीमेंट के तहत 15 दिन में भुगतान या विलंब पर 1% ब्याज जैसी मांगें रखीं।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि राज्य की नवजात और मातृ मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से थोड़ी कम है और हम कई राज्यों से बेहतर हैं। राज्य में सरकारी और निजी क्षेत्र में कुल लगभग 15,500 बेड हैं। सरकार हर साल 2,000-3,000 नये बेड जोड़ने की दिशा में काम कर रही है, ताकि एक लाख बेड का लक्ष्य जल्द पूरा हो सके।
एनआरएचएम के एमडी अबू इमरान ने कहा कि मातृ और शिशु मृत्यु दर को लेकर सरकार गंभीर है। राज्य के 85% लोगों को हेल्थ इंश्योरेंस कवर मिल चुका है। झारखंड पहला राज्य है जहां कर्मचारियों को असीमित बीमा कवर दिया जा रहा है। राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा, मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना और आयुष्मान भारत योजना मिलकर राज्यवासियों को मजबूत स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही हैं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में विभागीय सचिव अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक आबू इमरान, डॉ गिरधर ज्ञानी, डॉ योगेश गंभीर, डॉ राजेश कुमार, सैयद अहमद अंसारी, डॉ सतीश ठाकुर, डॉ अनंत सिन्हा, डॉ अजय सिंह, डॉ शंभू, डॉ प्रदीप सिंह, मंजूर अंसारी, अनवर अहमद अंसारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं चिकित्सकगण मौजूद रहे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, हुसैनाबाद / पलामू। स्थानीय लोगो द्वारा बिजली विभाग को आवेदन दिए एक महीना बीतने को है लेकिन बिजली विभाग मौन है। पलामू जिला के हुसैनाबाद नगर पंचायत अंतर्गत रेलवे ओवरब्रिज जपला छतरपुर मुख्य पथ पर विगत एक माह से टूटा हुआ बिजली का खंभा आज तक नही बदला जा सका है।
जबकि विगत 8 मई 2025 को ही आस पास के नागरिकों ने अवर विद्युत प्रमंडल जपला के सहायक अभियंता को ज्ञापन देकर टूटे हुए बिजली के खंभे को बदलने का आग्रह किया है। एक माह होने को है। आज तक बिजली का टूटा हुआ खंभा नही बदला गया।
भीड़ भाड़ का इलाका होने की वजह कभी भी बड़ी दुर्घटना होने की संभावना है। नागरिकों ने बताया कि अज्ञात हाइवा ने बिजली के खंभे में टक्कर मार कर फरार हो गया था। जब लोगो ने देखा तो तत्काल बिजली विभाग को सूचना दियादी थी।
उन्होंने आरोप लगाया है की बिजली विभाग के ऐसी लापरवाही के वजह से कभी भी टूट हुआ बिजली कि खंभा सड़क पर गिर सकती है, जिससे जानमाल का नुकसान भी हो सकता है, उन्होंने कहा है की अगर बिजली के टूटे हुए खंभे की वजह कोई घटना घटती है तो उसकी जवाबदेही बिजली विभाग की होगी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, बोकारो। बोकारो स्टील प्लांट में देर रात एक बड़ा हादसा हुआ है। प्लांट के स्टील मेल्टिंग शॉप 2 में हॉट मेटल गिरने से पांच मजदूर झुलस गये। सभी जख्मी मजदूरों को प्लांट के अस्पताल में ले जाया गया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद बोकारो जनरल अस्पताल रेफर कर दिया गया। बोकारो के सीटी डीएसपी आलोक रंजन ने इसकी पुष्टि की है।
मिली जानकारी के अनुसार सभी घायल एक निजी कंपनी के कर्मचारी है। मजदूर SMS-2 में कार्य कर रहे थे कि इसी दौरान हॉट मेटल गिर गया, जिसमें पांच मजदूर इसकी चपेट में आ गये और गंभीर रूप से झुलस गये। फिलहाल सभी मजदूरों का BGH में इलाज चल रहा है।
घायलों में समर कुमार, छोटेलाल मांझी, रुपलाल गोराई, नंदकिशोर और आंनद मडंल शामिल है। SMS-2 में इस दुर्घटना से हड़कंप मच गया। सभी मजदूर हंगामा करने लगे। लोगों का कहना है कि हमेशा ही कुछ न कुछ घटना हो रही है, लेकिन बीएसएल प्रबंधन कुछ नहीं कर रही है।
हालांकि घटना के बाद बीएसएल के अधिकारी मौके पर पहुंच गये। लोगो को समझा बुझाकर शांत कराया गया। वहीं, BGH के डॉक्टरों को बेहतर इलाज का निर्देश दिया गया है। इस मामले को लेकर बोकारो के सीटी डीएसपी आलोक रंजन ने कहा कि यह इंडस्ट्रियल मामला है।
लॉ एंड ऑर्डर से जुड़ा हुआ मामला नहीं है। इसलिए इसमें औपचारिक रूप से हम कुछ नहीं कर सकते हैं. लेकिन घटना हुई है इन लोगों का इलाज बोकारो जनरल अस्पताल में चल रहा है। हम लोग नजर बनाए हुए हैं, अगर कोई कानून व्यवस्था का मामला होगा तो पुलिस जरूर इस पर निगरानी रखेगी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, केरेडारी/ हजारीबाग। हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र के कंडाबेर गांव स्थित अवैध कोयला खदान में 21 मई को खावा नदी का पानी घुसने से 3 मजदूर फंस गए थे। वहीं अब सोमवार (2 जून 2025) को 13 दिनों बाद उन तीनों मजदूरों के शव बरामद हुए है। जानकारी के अनुसार, मृतक मजदूरों की पहचान 45 वर्षीय प्रमोद साव, 25 वर्षीय उमेश कुमार और नौशाद आलम के रूप में हुई है।
घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि तीनों मजदूर 21 मई यानी बुधवार को किसी काम से खदान के अंदर गए थे। तभी जोरदार बारिश हुई। जिससे खावा नदी का जलस्तर बढ़ गया और पानी खदान के अंदर चला गया। तीनों अंदर ही फंस गए और उनकी जान चली गयी।
वहीं सोमवार को खदान में जैसे ही पानी का स्तर कम हुआ, ग्रामीण खोजबीन के लिए अंदर गए। तभी उन्हें तीन मजदूरों के शव दिखाई दिए। जिसके बाद अंचलाधिकारी रामरतन कुमार वर्णवाल को सूचना दी और तीनों मजदूरों के शव निकलवाए। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया।
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