एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर, (पलामू)। प्रमंडलीय आयुक्त कुमुद सहाय आज पलामू के जिला परिवहन कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। उन्होंने राजस्व संग्रह, लंबित मामलों के निष्पादन, आम जनता को दी जा रही सुविधाओं तथा कार्यालय व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया।
आयुक्त ने राजस्व वसूली में तेजी लाने, राजस्व संग्रहण में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने, बालू की अवैध ढुलाई की प्रभावी रोकथाम, वाहन निबंधन, कर वसूली, फिटनेस जांच एवं ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित कार्यों में तेजी लाने तथा लंबित मामलों को शीघ्र निष्पादित करने का निर्देश दिया। आयुक्त ने बकायेदार वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने सहित परिवहन कार्यालय की ओर से दी जाने वाली सेवाओं को सुदृढ़ करने एवं कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर बल दिया।
उन्होंने कार्यालय की व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए साफ- सफाई, अभिलेखों का संधारण एवं नागरिक सुविधाओं को और बेहतर बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम लोगों को सरल, सुलभ एवं समयबद्ध सेवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने सड़क सुरक्षा के मद्देनजर बिना हेलमेट, ओवरलोडिंग, बिना फिटनेस, स्पीड चेकर के माध्यम से ओवर स्पीड की जांच करने एवं बिना वैध कागजात वाले वाहनों के विरुद्ध नियमित जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। साथ ही आमजन में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाने पर बल दिया।
आयुक्त ने हिट एंड रन, गुड सेमेरिटन, निलाम पत्र वाद, मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के तहत संचालित हो रहे वाहनों की स्थिति, ड्राइविंग लाइसेंस को स्मार्ट कार्ड में परिवर्तन आदि की भी गहण समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिन वाहनों का परमिट जिस रूट के लिए निर्धारित है, उसका परिचालन संबंधित मार्गों से ही कराना सुनिश्चित कराएं।
आयुक्त ने कहा कि एमवीआई को अब समन की शक्ति प्राप्त हो गयी है। ऐसे में उन्हें राजस्व वृद्धि संबंधी कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता है। आयुक्त ने मेदिनीनगर के शहरी क्षेत्र में आटो एवं टोटो को मुख्य सड़क से खाली रखवाने, सड़क पर ही सवारी नहीं बैठाने देने का सख्त निर्देश दिया, ताकि सड़क जाम की स्थिति से निजात मिले। आयुक्त द्वारा निरीक्षण के दौरान आयुक्त के सचिव बिजय वर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, हुसैनाबाद, पलामू। हिन्दू सनातन वर्ष कलेण्डर के अनुसार चैत प्रथम तिथि व राजा विक्रम संवत वर्ष 2083 के आगमन के शुभ अवसर पर जपला शहर के सरस्वती शिशु विधा मंदिर परिवार के भैया-बहनों के द्वारा पथ संचलन का आयोजन किया गया जिसका नेतृत्व विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. शिव प्रसाद मेहता एवं प्रधानाचार्य कुशजी पांडेय ने किया। कार्यक्रम की सुरुआरत जपला नहर मोड़ स्थित विद्यालय से किया गया।
इस दौरान स्कूल के भैया बहनों ने भगवान श्री राम लक्ष्मण व माता सीता एवं राजा विक्रमादित्य व आरएसएस के संथापक डॉ हेडगेवार की आकर्षक झांकी निकली। साथ ही सभी के हाथों में भगवा ध्वज व नव वर्ष मंगल मय हो ,हिन्दू नव वर्ष की जय हो,आदि के नारा को बुलंद किया पूरा शहर में हिन्दू वर्ष की मंगलमय कामनाओं से गूंज उठा।
पथ संचलन जपला छतरपुर रोड से मुख्य बाजार, गांधी चौक होते हुए पूरा शहर का भ्रमन किया गया। मौके पर अध्यक्ष डॉ शिव प्रसाद मेहता ने कहा यह दिन हिंदुओ के लिए प्रथम दिन हैं साथ उन्होंने यह भी कहा कि यह माह केवल हिंदुओ के लिए नही बल्कि प्राकृतिक से नया माना गया पेड़ पौधा,पशु पंक्षी सबके लिए यह शुभ दिन हैं।
वहीं प्रधानाचार्य यह महान वर्ष प्रतिपदा से हम सबो के लिए संस्कार व संस्कृति की रक्षा व देश भक्ति की प्रेरणा देती हैं पूरे सनातन के लिए यह गर्व का विषय हैं।मौके शशि कुमार मृत्युंजय प्रसाद, राजकुमार सिंह नितीश सर धर्मेन्द्र जी दीपक पांडेय, हर्षदा दीदी छाया दीदी तथा अन्य आचार्य/आचार्या दीदी के साथ पूरा विद्यालय परिवार शामिल था।
एबीएन न्यूज़ नेटवर्क, हुसैनाबाद, पलामू। पूर्व निर्धारित समय अनुसार गुरुवार रामनवमी,ईद को लेकर हुसैनाबाद थाना परिसर में शांति समिति की बैठक किया गया, जिसकी अध्यक्षता अनुमण्डल पदाधिकारी गौरांग महतो एवं अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी एस मोहम्मद याकूब ने संयुक्त रूप से किया।
जबकि संचालन थाना प्रभारी चंदन कुमार ने की बैठक में गणमान्य उपस्थिति में जिला परिषद उपाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह,एवं नगर पंचायत अध्यक्ष अजय कुमार भारती, उपाध्यक्ष सुनील कुमार चौधरी,एवं अंचलाधिकारी पंकज कुमार, बीडीओ सुनील कुमार वर्मा शामिल हुए। बैठक में बारी बारी से सभी बिंदुओं पर चर्चा की गयी।
कई अखाड़ा प्रमुख व जुलूस के लाइसेंस धारियों ने अपनी अपनी समस्याओ से अधिकारियों को अवगत कराया, जिसमे शहर में साफ सफाई,बिजली पानी व स्वास्थ्य व्यवस्था अग्निशमन को जुलूस व पर्व के दौरान रहने की जबाबदेही को तय किया गया। वंही ईद व रामनवमी नवरात्र में सुरक्षा व्यवस्था के लिए थाना प्रभारी को जिम्मेदारी सौंपी गई।वंही एसडीओ ने कहा कि पर्व त्यौहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न में मनाने से क्षेत्र में उत्साह बढ़ता है लोगो मे एक बेहतर सन्देश जाता है।
साथ ही प्रशासन व पब्लिक की समन्वय और मजबूत होता हैं। उन्होंने यह भी कहा अनुमण्डल प्रशासन आपके लिए हर स्थिति में मदद के लिए तैयार हैं आपका सहयोग चाहिए लेकिन उन्होंने कहा समाज मे विधि व्यवस्था खराब करने वालो को कभी बक्सा नही जाएगा,डीजे प्रतिबंधित हैं।
एसडीपीओ ने कहा कि पुलिस मोबाईल मीडिया पर खाश निगरानी रखेगी किसी तरह के अफवाहों को वारयल नही कीजिये आस पास के लोगो को भी बताइए। सभी गणमान्य व्यक्तियों ने ईद व रामनवमी पर प्रशासन का सहयोग करने व आपसी प्रेम समाजिक सौहार्द को बने रहने पर बल दिया।
मौके पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष शशि कुमार, ऊषा देवी, उपाध्यक्ष गयासुद्दीन सिद्दीकी, कार्यपालक पदाधिकारी शशि शेखर सुमन, अनुमण्डल उपाधीक्षक डॉ एस के रवि, महिला थाना प्रभारी पुअनि पार्वती कुमारी, बबलू कुमार, सोनू कुमार गुप्ता,सौरभ कुमार, के के पाण्डे, मुकेश कुमार के अलावा रामनवमी महासमिति के मुख्य संयोजक लोकनाथ केशरी, मुखिया अमरेंद्र ठाकुर, वार्ड पार्षद उमा देवी, राजेंद्र पाल, सरवरी बीबी, अनिता साह, शम्भु कुमार के अलावा भारी संख्या में हिन्दू व मुस्लिम समुदाय के गणमान्य सदस्य उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। रांची कांके रोड स्थित तिरुपति अपार्टमेंट में चैत्र नवरात्रि की भक्ति और आस्था से परिपूर्ण शुरुआत हुई। परिसर में स्थित श्री दुर्गा मंदिर में विधिवत कलश स्थापना के साथ नवरात्रि के प्रथम दिन का पूजन प्रारंभ किया गया। इस अवसर पर मंदिर का वातावरण मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और भक्तिमय भजनों से गूंज उठा, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।
मंदिर में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा का अलौकिक और आकर्षक श्रृंगार किया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। फूलों, चुनरी और पारंपरिक आभूषणों से सुसज्जित मां का दिव्य स्वरूप भक्तों को भावविभोर कर रहा था।
मंदिर के पुजारी ने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न करायी। वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ कलश स्थापना कर नौ दिवसीय अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। आयोजकों के अनुसार, नवरात्रि के नौ दिनों तक विशेष पूजन, आरती, कीर्तन का आयोजन किया जायेगा, जिसमें श्रद्धालु बढ़-चढ़कर भाग लेंगे।
इस पावन अवसर पर तिरुपति अपार्टमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर भक्ति भाव से पूजा में सहभागिता निभायी और वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
नवरात्रि का यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश भी देता है। तिरुपति अपार्टमेंट में आयोजित यह आयोजन श्रद्धा, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। उक्त जानकारी तिरुपति अपार्टमेंट सोसाइटी के पूर्व सचिव संजय सर्राफ ने दी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने ईरान-इजरायल के बीच जारी तनावपूर्ण हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि युद्ध किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शांति, संयम और संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। सांसद भगत ने अपने बयान में ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए इरान-इराक वार का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह युद्ध लंबे समय तक चला और इससे दोनों देशों को भारी नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन अंतत: कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।
यह इतिहास हमें सिखाता है कि हिंसा और टकराव केवल विनाश की ओर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ईरान और इजरायल के बीच जो हालात बन रहे हैं, वे न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक शांति के लिए भी खतरा पैदा कर सकते हैं। ऐसे समय में सभी पक्षों को संयम बरतते हुए बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए।
सुखदेव भगत ने भारत की विदेश नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत हमेशा से शांति, सह-अस्तित्व और आपसी समझ का पक्षधर रहा है। भारत का मानना है कि किसी भी प्रकार के मतभेद, अविश्वास या कड़वाहट को संवाद के माध्यम से दूर किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि संघर्ष और हमलों का सिलसिला कभी स्थायी समाधान तक नहीं पहुंचता, बल्कि इससे स्थिति और अधिक जटिल हो जाती है।
इसलिए सभी देशों को चाहिए कि वे कूटनीतिक प्रयासों को प्राथमिकता दें और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ें।अंत में सांसद भगत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि वे इस संवेदनशील मुद्दे पर सक्रिय भूमिका निभायें और दोनों देशों के बीच संवाद स्थापित कराने में सहयोग करें, ताकि क्षेत्र में स्थिरता और शांति कायम रहे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, सिमडेगा। जिले में पुलिस ने गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर लोगों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है। पुलिस की इस पहल से दर्जनों लोगों को बड़ी राहत मिली है।
सिमडेगा पुलिस ने गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कुल 81 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए। इस काम के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) के निर्देश पर एक विशेष टीम बनायी गयी थी।
इस टीम ने तकनीकी मदद और लगातार प्रयासों से मोबाइल फोन को ट्रेस कर बरामद किया। बाद में एसपी कार्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित कर इन सभी मोबाइल फोन को उनके मालिकों को सौंपा गया। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आयी।
कई लोगों ने बताया कि उन्होंने मोबाइल मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन पुलिस की कोशिश से उन्हें अपना फोन वापस मिल गया। मौके पर एसपी ने कहा कि लोगों की सुरक्षा और उनकी समस्याओं का जल्दी समाधान करना पुलिस की पहली जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि आज के समय में मोबाइल फोन लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है, इसलिए इसके खोने पर होने वाली परेशानी को पुलिस समझती है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर उनका मोबाइल गुम या चोरी हो जाए तो तुरंत नजदीकी थाना में शिकायत दर्ज करायें। इससे मोबाइल को ट्रेस करने में मदद मिलती है और उसका गलत इस्तेमाल होने से भी रोका जा सकता है।
टीम एबीएन, रांची। रांची का सदर अस्पताल गरीबों के लिए बड़ी राहत माना जाता है। यहां आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज मिलता है, लेकिन अब अस्पताल की आहार कैंटीन भी महंगाई की मार झेल रही है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ सकती है।
रांची के सदर अस्पताल में कई सालों से आहार कैंटीन चल रही है। यहां हर दिन करीब 300 लोग खाना खाते हैं। मरीज, उनके परिजन, डॉक्टर और अस्पताल के कर्मचारी सभी के लिए यहां सस्ते दर पर भोजन मिलता है।
इस कैंटीन को चलाने वाली एजेंसी की जिम्मेदारी है कि कम कीमत में लोगों को खाना उपलब्ध कराए। लेकिन अब एलपीजी गैस के दाम बढ़ने से कैंटीन चलाना मुश्किल हो गया है। गैस एजेंसियां कमर्शियल सिलेंडर महंगे दाम पर दे रही हैं, जिससे खर्च बढ़ गया है।
इसी वजह से कैंटीन में खाने के दाम बढ़ा दिये गये हैं। पहले 10 में मिलने वाला समोसा अब 12 का हो गया है। वहीं चावल की कीमत भी 10 रुपये बढ़ गयी है। इससे सबसे ज्यादा असर गरीब मरीजों और उनके परिवार पर पड़ रहा है।
कैंटीन संचालक मुकेश कुमार का कहना है कि बढ़ती लागत के कारण कैंटीन चलाना कठिन हो गया है। अगर यही स्थिति रही तो कैंटीन बंद करने की नौबत भी आ सकती है। वहीं अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह ने भी चिंता जतायी है।
उन्होंने गैस एजेंसी से बात की, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। ऐसे में सवाल यह है कि गरीब मरीजों को सस्ता खाना कैसे मिलेगा। फिलहाल लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति सुधरेगी और खाने के दाम फिर से कम होंगे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर। सरकार जनता को बेहतर सुविधाएं देने के नाम पर हर साल लाखों-करोड़ो रुपए पानी की तरह बहा रही है, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके उलट है। मामूली रखरखाव के अभाव में सरकारी संपत्तियां सफेद हाथी साबित हो रही हैं। ताजा मामला पलामू के पड़वा प्रखण्ड कार्यालय का है, जहां स्वच्छता अभियानों की धज्जियां उड़ती साफ देखी जा सकती हैं।
स्वच्छता का नारा तामझाम के साथ दिया जाता हैं ,लेकिन प्रखंड कार्यालय के सभागार के बगल में बना बाथरूम देख-रेख के अभाव में इस कदर बदहाल है कि वह उपयोग के लायक ही नहीं बचा।जो स्वच्छता अभियान पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा हैं ।बताया गया कि बुधवार को प्रखण्ड कार्यालय के सभागार में जल सहिया और मुखियाओं की बैठक चल रही थी।
इसी बीच एक महिला मुखिया शौचालय का उपयोग करने पहुंचीं। जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला, अंदर की गंदगी और असहनीय बदबू देख वे उल्टे पांव (बैरंग) वापस लौट आईं। मुखिया ने जब बैठक में आकर शौचालय की नारकीय स्थिति बताई, तो अन्य जनप्रतिनिधि भी वहां पहुंचे। नजारा देख हर कोई दंग रह गया।
मुखिया का कहना था कि स्वच्छता की बातें सिर्फ कागजों पर मुखिया ने रोष जताते हुए कहा कि एक तरफ पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम हेमंत सोरेन स्वच्छता को लेकर बड़ी-बड़ी योजनाएं चला रहे हैं, बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। लेकिन जब प्रखण्ड मुख्यालय जैसे महत्वपूर्ण कार्यालय का यह हाल है, तो गांवों की स्थिति क्या होगी? महिला जनप्रतिनिधियों के लिए यहां न्यूनतम सुविधा तक नहीं है।
लोगों ने सिस्टम पर सवाल किया पूछा आखिर पैसा जा कहां रहा है? हैरानी की बात यह है कि जिस कार्यालय से पूरे प्रखंड की स्वच्छता और विकास की मॉनिटरिंग होती है, वहीं का सिस्टम फेल है। शौचालय की बदहाली यह बताने के लिए काफी है कि सरकारी पैसे का सदुपयोग करने में अधिकारी कितने गंभीर हैं। जब सभागार के बगल वाले बाथरूम में गंदगी का अंबार, दरवाजे और पाइपलाइन जर्जर हो तो इसे क्या कहा जाये?
लापरवाही का आलम यह है कि नियमित सफाई के लिए किसी कर्मचारी की तैनाती नही हैं, ऐसे में बैठक में आने वाली महिला सहिया और मुखियाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं लोगों का कहना हैं कि स्वच्छता केवल नारों से नहीं, नीयत से आयेगी। अगर प्रखण्ड स्तर पर ही शौचालय उपयोग के लायक नहीं हैं, तो आम जनता से स्वच्छ भारत की उम्मीद करना बेमानी है।
क्या कहती है महिला मुखिया
कजरी पंचायत की मुखिया सह मुखिया संघ के प्रखंड अध्यक्ष रंजना कुमारी सिंह व लोहड़ा पंचायत की मुखिया सुमित्रा देवी ने कहा कि प्रखंड कार्यालय में स्थित शौचालय में गंदगी के कारण काफी परेशानी हो रही है। मुखिया ने बताया कि पिछले बैठक में एक मुखिया व एक पंचायत समिति सदस्य मजबूरीवश शौचालय में चली गयी थी, दोनों बीमार हो गयी है।
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