एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। उपायुक्त समीरा एस. आज समाहरणालय सभागार में जनता दरबार का आयोजन किया। इस जनता दरबार में पलामू जिले के विभिन्न प्रखंडों के 45 से अधिक लोग पहुंचे। अपनी समस्याओं को उपायुक्त के समक्ष रखा और उससे संबंधित आवेदन देकर समस्या निराकरण का अनुरोध किया। उपायुक्त ने अवादेकों ने सुनायी और आवेदन पत्र की गंभीरता को देखते हुए उसे संबंधित पदाधिकारी को स्थानांतरित कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
जनता दरबार में पति की मृत्यु के उपरांत पत्नी ने खुद को काम दिलाने की मांग की। डाल्टनगंज मुस्लिम नगर की गुलशन प्रवीण ने उपायुक्त को आवेदन देकर काम दिलाने की मांग की। इसपर उपायुक्त ने नियोजन पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिया है। वहीं भूमि पर जबरन मिट्टी एवं चिप्स डालकर सड़क निर्माण करने को लेकर आवेदक ने अपनी पीड़ा बताई और इससे संबंधित आवेदन दिया।
मेदिनीनगर की पूनम गिरी ने मंईयां सम्मान योजना की राशि भुगतान करने की मांग की है। चैनपुर थाना क्षेत्र के अयोध्या कोल्हुआ निवासी गोपाल राम ने रास्ता बंद एवं रोकने के संबंध में अपनी पीड़ा बताते हुए रास्ता खोलने की मांग की है। वहीं सतबरवा के बकोरिया निवासी रामसेवक प्रसाद ने भूदान में मिली जमीन की आॅनलाइन रसीद निर्गत करने का अनुरोध किया।
उन्होंने बताया कि भूदान यज्ञ कमेटी से उन्हें भूमि प्राप्त है, इसका नया पुराना खाता से आफलाइन रसीद कटते आ रहा है, लेकिन आनलाइन रसीद नहीं कट रहा है। इसके अलावा जनता दरबार में प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण नहीं बनने देने, पुस्तैनी जमीन पर जोर जबरदस्ती कब्जा करने, यात्रा भत्ता भुगतान करने सहित 45 से अधिक आवेदकों ने अपनी समस्याएं रखीं और उससे संबंधित आवेदन जमा किए। उपायुक्त ने इन आवेदनों को गंभीरता पूर्वक अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। पलामू जिले में एक ड्रग स्टोर एवं दवा की 5 थोक विक्रेताओं की औषधि अनुज्ञप्ति रद्द एवं निलंबित किये जाने की कार्रवाई को औषधि निरीक्षक ने नियमानुकूल बताया है। उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए नौडीहा बाजार के मेसर्स रौशन ड्रग स्टोर की अनुज्ञप्ति रद्द किए जाने एवं 5 थोक विक्रेता संस्थानों को स्पष्टीकरण पूछते हुए औषधि अनुज्ञप्ति निलंबित किये जाने की बातें कही है।
औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों के निलंबन से आक्रोशित दवा दुकानदारों द्वारा असंवैधानिक रूप से कार्यालय में हंगामा एवं निलंबन का विरोध किए जाने से संबंधित दिनांक 17 जुलाई 2025 को समाचार पत्रों में छपी खबर पर उपायुक्त समीरा एस. द्वारा संज्ञान लिये जाने एवं इसकी गंभीरता को देखते हुए जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (डीपीआरओ) द्वारा औषधि निरीक्षक को समाचार एवं उससे संबंंधित पत्र भेजे जाने पर औषधि निरीक्षक ने जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड के उप सचिव के पत्र के आलोक में मेसर्स रौशन ड्रग स्टोर नौडीहा बाजार में प्रतिनियुक्ति दंडाधिकारी एवं पुलिस बल के साथ छापेमारी की गई।
इसमें पाया गया कि संस्थान को प्रपत्र 20 ए एवं 21 ए में अनुज्ञप्ति प्राप्त है। इस प्रपत्र में जो लाइसेंस निर्गत की जाती है, इन संस्थानों में रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट नियुक्त नहीं रहते हैं, जिनके कारण फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में एससीएच, सी, सीवन, एच, एचवन, जी, एक्स की औषधियों का क्रय- विक्रय नहीं की जा सकती है।
परंतु निरीक्षण के समय पाया गया कि संस्थान द्वारा वैसी औषधियों का भी क्रय कर संचयन किया गया है, जिसके लिए वे प्राधिकृत नहीं थे, क्योंकि ऐसी औषधियों का क्रय-विक्रय एवं संचयन हेतु उन्हें वैध अनुज्ञप्ति प्राप्त नहीं था। निरीक्षण के समय नियमानुकूल विहित प्रपत्र-16 में वैसी औषधियों एवं उसके क्रय-विपत्र संबंधित विपत्रों को भी जब्त किया गया, जिसके लिए वह स्टोर प्राधिकृत नहीं थे। इस आलोक में ड्रग स्टोर की अनुज्ञप्ति को रद्द की गयी है।
औषधि निरीक्षक ने कहा है कि बिना वैधानिक औषधि अनुज्ञप्ति प्राप्त 5 थोक विक्रेताओं द्वारा औषधियों की आपूर्ति की गयी थी, जो औषधि एवं अंगराग अधिनियम का उल्लंघन है। साथ ही दंडनीय भी है। इन संस्थानों से स्पष्टीकरण पूछते हुए इन संस्थाओं की औषधि अनुज्ञप्ति निलंबित की गई है।
सभी पांच थोक विक्रेताओं को 60 दिनों के लिए अनुज्ञप्ति निलंबित की गयी है। जिन संस्थाओं को निलंबित किया गया है, उनमें सभी डालटनगंज के हैं। इन संस्थानों में अमित मेडिकल एजेंसी, श्री भवानी फार्मा, मेसर्स अन्विका डिस्ट्रीब्यूटर, मेसर्स सिद्धार्थ मेडिकल एजेंसी एवं मेसर्स सुमित्रा मेडिकल एजेंसी शामिल हैं।
विदित हो कि पलामू केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन द्वारा आंदोलन करते हुए औषधि निरीक्षक का कार्यालय में ज्ञापन देकर संस्थानों के निलंबन के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गयी। औषधि निरीक्षक द्वारा बताया गया कि फेडरेशन द्वारा इस प्रकार का धरना प्रदर्शन संस्थान के औषधि अनुज्ञप्ति निलंबन के कारण की गयी है, जो न्यायसंगत नहीं है।
औषधि नियंत्रण प्रशासन द्वारा की गयी कार्रवाई औषधि एवं अंगराग अधिनियम एवं नियमावली के तहत प्रदत शक्तियों के नियमानुकूल की गयी है। निलंबन के विरूद्ध संस्थान द्वारा अपीलीय प्राधिकारी स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव के यहां अपील दायर किया जा सकता है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जिले के बाघमारा के केसरगढ़ में अवैध खनन की चाल धंसने से कितने मजदूरों की मौत की सूचना है। अगर जांच हो तो सारा खुलासा हो जायेगज्ञ अंदर 30 लोगों की दबने की आशंका है। अवैध मुहाने को जल्दबाजी में बंद कर दिया गया है।
लाश को छिपाया जा रहा है। जिला प्रशासन से अनुरोध है कि बंद किये गये मुहाने को खोलकर लाश को निकालने की दिशा में काम करे। साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाये। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी माहौल बन गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार चुनचुन और सुधीर के संरक्षण में अवैध खनन हो रहा था। आखिर ये दोनों कौन हैं? ये जांच का विषय है। जिसको लेकर अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिलाध्यक्ष रत्नेश कुमार ने ट्वीट कर जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
एबीएन सोशल डेस्क। रांची पहाड़ी मंदिर के प्रवेश द्वार के सामने कांवरिया भक्तों के लिए लायंस क्लब के सदस्यों ने नींबू शरबत और चना का प्रसाद बांटा। तत्पश्चात उन्हें स्मृति चिह्न के रूप मे उपहार स्वरूप भोले बाबा का एक लाकेट भी दिया गया।
कार्यक्रम के चेयरपर्सन लायन रविन्द्र कुमार बर्नवाल ने अन्य सदस्यों के सहयोग से काफी सफल आयोजन किया। कार्यक्रम में अन्य लायन सदस्यों में लायन वी पी जायसवाल, लायन राजेश मोर, लायन मंजुला जायसवाल, लायन रजनी मोर, लायन सुनीता चौधरी, लायन सुबोध कुमार वर्मा, लायन बीना अग्रवाल ने भी इस धार्मिक कार्यक्रम में अपना भरपूर सहयोग किया।
लायन धीरज ग्रोवर की भूमिका भी सराहनीय रही। कार्यक्रम में क्लब के सचिव लायन अनिल कुमार गोयल ने सभी सहयोगियों तथा सदस्यों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उक्त जानकारी निर्मल मानपुरिया (9470179300) ने दी।
टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर पुंदाग रांची में एक दिव्य और भव्य धार्मिक आयोजन 27 जुलाई से 31 जुलाई तक मंदिर परिसर में पांच दिवसीय श्रीकृष्ण बीतक कथा का आयोजन करेगा, जो आध्यात्मिक श्रद्धालुओं के लिए एक अनुपम अवसर होगा।
ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि इस आयोजन में कथा वाचन का सौभाग्य विदुषी साध्वी मीणा महाराज एवं विदुषी साध्वी पूर्णा महाराज को प्राप्त होगा। दोनों साध्वीगण अपनी मधुर वाणी, गहन आध्यात्मिक अनुभव और श्रद्धा से परिपूर्ण भावों के माध्यम से श्रीकृष्ण लीला, रासोत्सव, भक्ति योग एवं जीवन दर्शन की व्याख्या करेंगी।
श्रीकृष्ण बीतक कथा, केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह आत्मा के शुद्धिकरण, मन की शांति और सामाजिक समरसता का संदेश देने वाला एक महायज्ञ है। इस कथा में भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल, युवावस्था, गीता ज्ञान, रासलीला एवं उनके अद्भुत चरित्र की व्याख्या की जायेगी। विशेषकर आज के युग में श्रीकृष्ण के उपदेश, धर्म के प्रति उनका समर्पण और निष्काम कर्म की भावना युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।
कथा प्रत्येक दिन अपराह्न 2.30 बजे से संध्या 5 बजे तक होगा और अंत में सामूहिक आरती व प्रसाद वितरण किया जायेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गयी हैं। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं, भक्तों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस आध्यात्मिक महोत्सव में सपरिवार पधारकर पुण्य लाभ अर्जित करें और भक्ति रस में सराबोर हों।
यह कथा न केवल धार्मिक उन्नति का माध्यम है, बल्कि जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का भी श्रेष्ठ अवसर है। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।
टीम एबीएन, रांची। जगदीप धनखड़ द्वारा भारत के उप राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने की बात विपक्ष को हजम नहीं हो रही। पहले कांग्रेस और अब झारखंड की झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भी इसपर हैरानी जतायी है। JMM सांसद महुआ माजी ने कहा, ये सबके लिए आश्चर्यजनक है। जब वे सदन में आए तो ऐसा नहीं लगा कि उनकी तबीयत इस्तीफा देने लायक खराब है।
महुआ माजी ने कहा, इसके पहले भी तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने केवल कुछ दिनों की छुट्टी ली फिर वे वापस आ गये। ये सत्र भी पूरा हो सकता था। उसके बाद वे इस्तीफा दे सकते थे, लेकिन पहले दिन आकर रात में इस्तीफा देना और दिन भर किसी को भनक तक ना लगने देना, इसको लेकर अटकलों का बाजार गर्म है. लोग तरह-तरह के क्यास लगा रहे हैं।
महुआ माजी ने आगे कहा, आज दोपहर में एडवाइजरी कमेटी के साथ उनकी कोई मीटिंग भी होने वाली थी। हो सकता है सच में उनका स्वास्थ्य ही सही कारण हो, क्योंकि उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी है। हम उनके स्वस्थ होने की कामना करते हैं। हालांकि, यह सच में हैरान करने वाला है कि सदन के पहले ही दिन जगदीप धनखड़ आए और इस्तीफा दे दिया। पता नहीं सच क्या है?
झामुमो सांसद ने कहा, बिहार का चुनाव बेहद नजदीक है और इससे पहले लोग चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष ने यह प्रोटेस्ट किया है. इसको लेकर चुनाव आयोग को सावधान रहना चाहिए। चुनाव आयोग की छवि तटस्थ और निष्पक्ष संस्थान होने की थी, यह अभी भी कायम रहना चाहिए। अगर लोग इस संस्था पर संदेह कर रहे हैं तो उन्हें अपनी पारदर्शिता बढ़ानी चाहिए।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भगवान सिंह एवं महासचिव गुरुचरण सिंह बिला के खिलाफ कोर्ट में एक संदिग्ध चरित्रवाली तथाकथित महिला द्वारा शिकायतवाद दर्ज कराये जाने के विरोध में सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यालय से हजारों लोगों का जन सैलाब सड़कों पर उतर पड़ा। जिसमें सभी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के प्रतिनिधि, सेंट्रल से स्त्री सत्संग सभा, सेंट्रल नौजवान सभा, अकाली दल जमशेदपुर समाज का बुद्धिजीवी वर्ग, सिख समुदाय के अलावा अन्य समुदाय से जुड़े संगठन के लोग भी शामिल थे।
लोगों का हुजूम मेन रोड होते हुए सीधा उपायुक्त कार्यालय पहुंचा और उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंप कर इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया गया कि तथाकथित चार-पांच लोग सिख समाज के असामाजिक तत्वों को आगे कर षड्यंत्र के तहत इस महिला को मोहरा बनाकर सम्मानित लोगों को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। वैसे आरोप लगाने वाली इस तथाकथित महिला के खिलाफ भी शिकायत दर्ज करने का जिक्र है। जिला प्रशासन से मांग की गयी कि जांच कर इस पूरे मामले के पीछे शामिल षड्यंत्रकारियों का पता लगाकर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाय। सिख समुदाय और सभी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों एवं संस्थाओं ने भगवान सिंह एवं गुरचरण सिंह को पूर तरह से निर्देश व सिख समाज का सम्मानित व्यक्ति बताया, जुलूस में शामिल समाज का जनसैलाव इसकी गवाही दे रहा था।
जुलूस में शामिल भारी संख्या में महिलायें अपने-अपने हाथों में तख्तिया और बैनर ली हुई थी। जिसमें भगवान सिंह एवं गुरचरण सिंह के समर्थन में स्लोगन लिखे हुए थे। इस जुलूस में सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भगवान सिंह के अलावा पटना साहिब के महासचिव इंद्रजीत सिंह, चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह, वरीय उपाध्यक्ष नरेंद्र पाल सिंह, चंचल सिंह, जोगिंदर सिंह जोगी, अजीत सिंह गंभीर, महासचिव अमरजीत सिंह, गुरचरण सिंह बिल्ला, कोषाध्यक्ष गुरनाम सिंह बेदी समेत जमशेदपुर की लगभग सभी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के प्रधान व पदाधिकारी मौजूद थे।
मुख्य सलाहकार हरदीप सिंह भाटिया, सुखविंदर सिंह राजू, सुखदेव सिंह बिट्टू, सरबजीत ग्रेवाल, जसवंत सिंह, जसु गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान स्टेशन रोड के प्रधान महेंद्र पाल सिंह, महासचिव कमलजीत सिंह, गौरी शंकर रोड के प्रधान अमरजीत सिंह गांधी, महासचिव हरदीप सिंह कीताड़ी, गुरुद्वारा के प्रधान जगजीत सिंह गांधी गुरमेल सिंह, बिष्टुपुर के प्रधान प्रकाश सिंह नवतेज सिंह, जसपाल सिंह, बागबेड़ा के महासचिव बलकार सिंह, कदमा गुरुद्वारा के ट्रस्टी त ताजवीर कलसी प्रधान, बलदेव सिंह, तीन प्लेट गुरुद्वारा के प्रधान सुरजीत सिंह, खुशीपुर साकची गुरुद्वारा के प्रधान हरविंदर सिंह मंटू, टेल्को गुरुद्वारा के प्रधान बलविंदर सिंह, महासचिव गुरु शरण सिंह, रिफ्यूजी कॉलोनी के प्रधान गुरप्रीत सिंह राजू, चेयरमैन हरमिंदर सिंह मिदी, जेमको गुरुद्वारा के प्रधान जरनैल सिंह, चेयरमैन जागीर सिंह, नामदा बस्ती गुरुद्वारा के प्रधान दलजीत सिंह, गुरदीप सिंह, संत कुटिया के प्रधान जसवीर सिंह संधू, महासचिव गुरु चरण सिंह शेखर, मनी फीट के प्रधान अमरीक सिंह, सुरजीत सिंह, प्रकाश नगर के महासचिव सिंघाड़ा सिंह, अकाली दल के प्रधान सुखदेव सिंह खालसा, रविंद्र सिंह, सीताराम डेरा गुरुद्वारा के प्रधान सुखविंदर सिंह, महासचिव अविनाश सिंह, बारीडीह के प्रधान अवतार सिंह, अमरजीत सिंह बमराह, बिरसानगर के प्रधान परमजीत सिंह रोशन, अमरजीत सिंह, गोल पहाड़ी के प्रधान लखविंदर सिंह टायला, दुगरी के प्रधान सतबीर सिंह सत्, ट्रस्टी रणजीत सिंह, सुंदर नगर के प्रधान मलकीत सिंह, परसुडी के प्रधान रणजीत सिंह माथारू, होम पाइप के दलबीर सिंह, गुरनाम सिंह बेदी, मनजीत सिंह, बर्मा माइंस के चेयरमैन गुरदयाल सिंह, महासचिव जोगां सिंह, गम्हरिया गुरुद्वारा के प्रधान इंद्रजीत सिंह, पतवंत सिंह, सेंट्रल नौजवान सभा के प्रधान अमरीक सिंह, महासचिव सुखवंत सिंह सुक्कू, पूर्वी भारत सिख स्टूडेंट फेडरेशन के अध्यक्ष सतनाम सिंह गंभीर, झारखंड मुक्ति मोर्चा नेता कमलजीत गिल, सेंट्रल सिख स्त्री सत्संग सभा की प्रधान रविंदर कौर, चेयरमैन कमलजीत कौर, संरक्षक दलबीर कौर, महासचिव सुखवंत कौर, परमजीत कौर, माता गुरमीत कौर, महाराजा रणजीत सिंह, सेवादल प्रधान अमृतपाल सिंह, सिख संगठनों के अलावा एन समुदाय के संगठनों के प्रमुख सुमित मदन, मोहन सोरेन, सुनील हेंब्रम, राजू लोहार, राजू भाभी, लड्डू हो, दीपक, रंजीत विष्णु, हराधन प्रमाणिक, जितेंद्र यादव, सागर पाल, अजीत तिर्की, पिंकी खुशबू आदि हजारों लोग शामिल थे।
टीम एबीएन, लोहरदगा। लोहरदगा जिले के किस्को प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत हिसरी में स्थित सरकारी उर्दू मध्य विद्यालय के हेडमास्टर देवीचरण उरांव के द्वारा विद्यालय के बच्चे को डंडे से पीटकर हाथ को तोड़ डालने का मामला प्रकाश में आया है।
विद्यार्थी के और परिजन के मुताबिक ड्रेस नहीं पहनकर विद्यालय जाने पर प्रधानाध्यापक द्वारा मार-पीट किया गया है। जबकि प्रधानाध्यापक देवीचरण उरांव से दूरभाष पर बात की गई तो उनका कहना है कि प्रार्थना के समय क्लास रूम में उक्त बच्चे के अलावा तीन चार अन्य बच्चे थे, जिन्हें प्रार्थना में शामिल करने हेतु बुलाने गये थे, इसी दौरान बच्चे नहीं आ रहे थे तो छड़ी से शरीर के पिछले हिस्से में हल्की चलाया था।
इस बीच विद्यार्थी द्वारा हाथ से रोकने के दौरान हल्का चोट लगी है। इधर पूरे मामले पर उपायुक्त डॉ ताराचंद ने कहा कि जांच में मामला सत्य पाए जाने पर शिक्षक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी। उपायुक्त डॉ ताराचंद ने मामले को गंभीरता पूर्वक संज्ञान में लेते हुए फौरन डीईईओ और डीएसई को जांच पड़ताल कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
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