झारखंड

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Published / 2025-07-25 23:19:14
धनबाद : जमुनिया में अवैध कोयला खदान ढहने से कई लोगों के दबे होने की आशंका

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जिले में जमुनिया के पास खदान के ढहने की खबर से हड़कंप मच गया है। दावा किया जा रहा है कि अवैध खनन के दौरान कई मजदूर खदान में फंस गये हैं, लेकिन अब तक घटनास्थल की पुष्टि नहीं हो सकी है, जिससे राष्ट्रीय आपदा मोचन बल बचाव कार्य शुरू नहीं कर पाया। गिरिडीह सांसद सीपी चौधरी और पूर्व मंत्री सरयू राय सहित कई नेताओं ने घटना को गंभीर बताते हुए मौतों की आशंका जताई है, वहीं जिला प्रशासन और बीसीसीएल ने घटना से इनकार किया है।

सीपी चौधरी ने बुधवार (24 जुलाई) को बाघमारा थाने के बाहर धरना दिया और घटना में नौ मजदूरों की मौत का दावा किया है। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने घटना को सबूत नष्ट करने के लिए ताजी मिट्टी से ढकने की साजिश बताया और कहा कि करीब 15 मजदूरों की मौत छिपाई जा रही है। श्री राय ने आरोप लगाया कि खनन माफिया, बीसीसीएल और पुलिस की मिलीभगत से अवैध खनन जारी है। सांसद चौधरी ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने मृतकों को निकालने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी। 

बचाव कार्य अटका, प्रशासन ने दी सफाई 

NDRF अधिकारी ने पीटीआई को दिए बयान में बताया कि काफी समय तक दुर्घटनास्थल की सही जानकारी नहीं मिल पाई है, इसलिए कोई राहत कार्य शुरू नहीं किया जा सका था। इसके बाद धनबाद के डीसी आदित्य रंजन ने पुष्टि की कि बताये गये स्थान पर एनडीआरएफ भेजी गई है, लेकिन वहां किसी खदान ढहने के साक्ष्य नहीं मिले। 

बता दें कि मौके पर राहत कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल यानी एनडीआरएफ की 33 सदस्यीय टीम तैनात की गई है, जिसका नेतृत्व अधिकारी संतोष पठानिया कर रहे हैं। इसके साथ ही बीसीसीएल की माइंस रेस्क्यू टीम भी मौके पर मौजूद है और संयुक्त आॅपरेशन के लिए तैयार है। 

लापता मजदूरों के परिवारों की चिंता

इस बीच, गिरिडीह के ताराटांड इलाके से चार मजदूर लापता हैं जो बाघमारा के लिए रवाना हुए थे। 35 वर्षीय अजीज अंसारी, अफजल अंसारी, 32 वर्षीय दिलीप साहब और 30 वर्षीय जमशेद अंसारी की पहचान हुई है। परिजनों का कहना है कि वे खदानों में काम करते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें घटनास्थल पर जाने नहीं दिया।

विवाद गहराया, विपक्ष ने उठाये सवाल

ऑल झारखंड स्टूडेंट मूवमेंट सांसद ने आरोप लगाया कि जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो प्रशासन की मौजूदगी में कोयला माफिया ने उनका विरोध किया।  उन्होंने आरोप लगाया, जब एक जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम आदमी के साथ क्या होता होगा, यह अकल्पनीय है। यह भी जानकारी मिली है कि खदान का मुहाना माफिया द्वारा रातोंरात बंद कर दिया गया था, ताकि मामले को दबाया जा सके।

जदयू नेता सरयू राय ने कहा कि कोयला क्षेत्र में NDRF की भारी तैनाती के बावजूद अवैध खनन चिंताजनक है। साथ ही बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि प्रशासन हादसे को दबाने की कोशिश कर रहा है। तो वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता बिजय झा ने दावा किया कि रास्ते को रातोंरात माफियाओं ने बंद कर दिया ताकि किसी को अंदर जाने से रोका जा सके।

Published / 2025-07-25 21:24:30
बाल विवाह की रोकथाम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी : डीडीसी

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ पर कार्यक्रम आयोजित 

बाल विवाह मुक्त भारत का निर्माण के लिए दिलाई गयी शपथ 

बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ, बाल विवाह, नशा मुक्ति, साइबर अपराध पर किया गया मंथन 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। उप विकास आयुक्त जावेद हुसैन ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बाल विवाह, स्कूलों में बच्चियों का ड्राप आउट आदि विषयों पर काफी दिनों से चर्चा हो रही है। बाल विवाह एवं स्कूलों से बच्चियों का ड्राप आउट होना काफी चिंताजनक है। ड्राप आउट होने का अर्थ है कि हमसभी बच्चियों को प्रोत्साहित नहीं कर पाते हैं। 

इसकी रोकथाम समाज के सभी लोगों की सामूहिक जिम्मेदारी है। बाल विवाह की रोकथाम में सभी की सहयोग आवश्यक है। उन्होंने सभी से उम्मीद जताया कि कार्यक्रम के तहत हुए विचार विमर्श का समाज पर सकारात्मक परिणाम आए। उप विकास आयुक्त जावेद हुसैन बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के वार्षिक कार्य योजना के अनुसार आज समाहरणालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के अंतर्गत बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बाल विवाह, नशा की रोकथाम पर मंथन किया गया। साथ ही साईबर अपराध से समाज को सावधान रहने हेतु जागरूक करने के बिंदु पर विचार-विमर्श किया गया।  

उन्होंने कुपोषण के चक्र को तोड़ने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बेटियां आर्थिक रूप से संबल प्रदान कर सकती हैं। समाज में संतुलन बनाये रखते हुए बेटियों को सुरक्षित माहौल देना आवश्यक है। उप विकास आयुक्त ने सभी को बाल विवाह मुक्त भारत के लिए शपथ दिलाई। सदर अनुमंडल पदाधिकारी सुलोचना मीना ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, साइबर अपराध से सावधानी तथा बाल विवाह एवं नशा की रोकथाम विषय पर जानकारी दी।  

कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर कार्य चल रहा है। समाज को इसके लिए जागरूक किया जा रहा है। इसमें सभी की सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने कहा बाल विवाह की रोकथाम पर बल देते हुए कहा कि इस वर्ष बाल विवाह के 13 मामले आए थे, जिसे समय पर रोके जाने मे सफलता मिली है। 

उन्होंने धार्मिक स्थलों पर हो रहे शादी के दौरान उम्र संबंधी प्रमाण पत्र लिया जाए, ताकि निर्धारित आयुवर्ग से कम आयु की स्थिति में अर्थात बाल विवाह को रोकने में मदद मिले। उन्होंने समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। साइबर थाना प्रभारी/साइबर विशेषज्ञ विश्राम उरांव साइबर अपराध से सावधान रहने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल साक्षरता ही इसका बचाव है। 

कार्यक्रम में राज्य स्तर से अधिकृत नोडल पदाधिकारी शालिनी बोराल ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के तहत मंदिर/ मस्जिद/ गुरुद्वारा/ गिरजाघर एवं अन्य धार्मिक स्थलों पर बाल विवाह न होने के संबंध में स्वघोषणा पत्र, विवाह संबंधित पंजी का संधारण करने, सामुदायिक भवन/ मैरेज हॉल/ विवाह भवन, कैटरर, विवाह कार्ड प्रिंटिंग प्रेस, बैंड पार्टी द्वारा बाल विवाह में अपनी सेवाएं नहीं देने हेतु स्वघोषणा पत्र एवं पंजी हेतु प्रपत्र प्रदान करते हुए इसके संबंध में वृहद जानकारी दी गई।  

कार्यक्रम में गुरूद्वारा समिति के ग्रंथी अवतार सिंह, शहर काजी शाह रजी अहमद एवं पांकी रामजानकी मंदिर के पुजारी राहुल कुमार पाठक ने अपने सुझाव दिए। मौके पर विभिन्न धार्मिक संस्थानों के प्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधिगणों ने अपने-अपने विचारों एवं अनुभवों को साझा किया।कार्यक्रम में जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, साइबर विशेषज्ञ सहित विभिन्न समाजसेवी संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Published / 2025-07-25 21:22:38
8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन में अप्रत्याशित विलंब को लेकर बनी मानव श्रृंखला

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 25 जुलाई को  शहीद चौक पर आॅल इंडिया फोरम आॅफ सिविल पेंशनर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय आह्वान पर पेंशन अधिनियम में ड्राकोनियन संशोधन एवं 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन में अप्रत्याशित विलंब को लेकर मानव श्रृंखला के माध्यम से विरोध प्रदर्शित किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में पोस्टल एवं आर एम एस के पेंशनर्स प्रतिनिधियों सहित बैंक, बी एस एन एल,केंद्रीय पेंशनर्स के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। 

उपस्थित वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि  वित्त विधेयक के माध्यम से  1972 / 2021 के पेंशन अधिनियम में संशोधन कर आठवें वेतन आयोग के लाभ से वर्तमान केंद्रीय पेंशनर्स को वंचित किये जाने की साजिश रची जा रही है तथा इन्हें सेवानिवृति की तिथि से विभाजित किया जा रहा है जो संविधान के आर्टिकल 14 की आत्मा के विपरीत है। सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा तथा सरकार की मंजूरी के पश्चात  वर्तमान और भविष्य के पेंशनर्स में किसी किस्म का भेदभाव नहीं किया गया था बल्कि पेंशन के पुनरीक्षण में समानता रखी गई थी। इसकी भी आशंका है कि केंद्र सरकार वेतन आयोग की अनुशंसा के उपरांत भी पेंशनर्स को देय लाभ से वंचित कर दे। 

सभा को  संबोधित  करते  हुए राज्य सचिव एम जेड खान ने कहा कि  केंद्र सरकार ने 25 मार्च को संसद में विपक्षी दलों के  विरोध के पश्चात  फाइनेंस बिल के माध्यम से 1972/ 2021 के पेंशन अधिनियम में संशोधन पारित कर  31. 12. 2025 तक रिटायर होने वाले केंद्रीय कर्मियों को 8 वें वेतन आयोग के लाभ से वंचित कर दिया गया है। केवल जनवरी 26 या उसके बाद से रिटायर होने वाले कर्मचारियों को 8 वें वेतन आयोग का लाभ मिल पाएगा। केंद्र सरकार पेंशनर्स के साथ भेद भाव का रवैया अपना कर संविधान की धारा 14 का उल्लंघन कर रही है । 

सरकार पेंशनर्स को जनवरी 2026 से पहले और जनवरी 2026 के बाद  खाने में वगीर्कृत कर संशोधित पेंशन अधिनियम के तहत वेतन आयोग के लाभ से वंचित कर देना चाहती है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने सिविल अपील संख्या 10857/ 2016 में अपने  फैसले  में स्पष्ट रूप से निर्णय दिया कि  संशोधित पेंशन    निर्धारण के उद्देश्य से पेंशनभोगियों की दो श्रेणियां बनाने का कोई वैध औचित्य नहीं है। ज्ञात हो कि 7वें वेतन आयोग ने 1.1. 2016 से पहले सेवानिवृत हुए पेंशनर्स और 1.1.2016 के बाद सेवानिवृत हुए पेंशनभोगियों के बीच समानता की सिफारिश की थी जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार करते हुए लागू किया था। 

पेंशनर्स के साथ  सेवा निवृति की तारीख की बुनियाद पर भेदभाव करना असंवैधानिक है तथा  वित विधेयक में संशोधन  वेतन आयोग को अख्तियार देता है कि वह वर्तमान पेंशनर्स को लाभ से वंचित कर दे और 2026 के बाद रिटायर होने वाले को वेतन आयोग का लाभ दे। पेंशन अधिनियम में संशोधन को लेकर आज के दिन पूरे देश में  मानव श्रृंखला के माध्यम से विरोध- प्रदर्शन किया जा रहा है और सरकार  से मांग की जा रही है कि इस अहितकारी एवं कर्मचारी / पेंशनर्स विरोधी कानून को अविलंब वापस लिया जाए। 

सभा को बैंक पेंशनर्स एसोसिएशन के एम एल सिंह, बीएस एन एल के नरेश लाल, विनोद कुमार और के डी राय व्यथित ने भी संबोधित किया। बैंक के प्रतिनिधि एम एल सिंह ने अपने संबोधन में सिविल पेंशनर्स को एक जुट होने का आह्वान किया तथा पेंशनर्स को इस पेंशनर्स विरोधी संशोधन से जागरूक किए  जाने पर विशेष बल दिया। बी एस एन एल के नरेश लाल ने आक्रामक आंदोलन की बात कही।

आज की मानव श्रृंखला में मुख्य रुप से गणेश डे, रंग नाथ पांडेय, रामनरेश पांडे, सुशील कुमार, फाल्गुनी पाढ़ी, हसीना तिग्गा, गयो देवी, इकबाल हुसैन, गौतम विश्वास, बिपिन चौधरी,  चंदेश्वर राम, मो रफी, त्रिलोकीनाथ साहू, सुखदेव राम, राजेंद्र महतो, आर बी बैठा, देव चरण साहू, जयराम प्रसाद, रामचंद्र प्रसाद, हरिराम तिवारी, धनेश्वर गोस्वामी, अभिजीत मालिक, कनक चौधरी के अलावा बड़ी संख्या में पोस्टल, आर एम एस,बैंक एवं बी एस एन एल के पेंशनर्स शामिल हुए।  

इन मुद्दों को लेकर अगस्त में राज्य स्तरीय कन्वेंशन  का आयोजन किया जाएगा तथा राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा। सितंबर में स्थानीय सांसदों से भेंट कर उन्हें भी ज्ञापन दिया जाएगा। 10 अक्टूबर को दिल्ली में धरना दिया जाएगा और माननीय प्रधान मंत्री,राष्ट्रपति तथा सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उक्त जानकारी आॅल इंडिया पोस्टल/आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन, झारखंड के राज्य सचिव एम जेड खान ने दी।

Published / 2025-07-24 22:07:15
झारखंड की सड़कों पर जल्द दौड़ेंगी चार्जिंग बसें

रांची में जल्द दौड़ेंगी फ्लैश चार्जिंग बस, 135 यात्री एक साथ कर सकेंगे यात्रा 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची को फ्लैश चार्जिंग बस की सौगात जल्द मिलने वाली है। इसे लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने डीपीआर बनाने का निर्देश जारी कर दिया है। 

बताया जा रहा है कि फ्लैश चार्जिंग बस में 135 यात्री एक साथ यात्रा कर सकेंगे। यह फ्लैश चार्जिंग वाली बस रांची से जमशेदपुर के बीच चलेगी और रांची शहर में भी इसका संचालन होगा। इस बस में दिव्यांगों के लिए भी सीट आरक्षित रहेगी। 

यह बस 15 सेकेंड चार्ज होने के बाद 40 किलोमीटर तक चलेगी। यह बस रांची से जमशेदपुर के बीच चलेगी। इस बस का किराया अन्य बसों से कम होगा।

Published / 2025-07-24 21:21:45
साहिबगंज : आसमान बिजली से दो महिलाओं की मौत

पोखर में नहाने के दौरान हुआ हादसा 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, साहिबगंज। झारखंड के साहिबगंज में आकाशीय बिजली गिरने से 2 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गयी। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है। 

मामला जिले के कोटालपोखर थाना क्षेत्र के मयूरकोला पंचायत स्थित बधईटांड़ गांव का है। बताया जा रहा है कि 2 महिलाएं गांव के पास स्थित एक पोखर में नहाने गयी थीं। इसी दौरान अचानक तेज बारिश और वज्रपात हुआ, जिससे वे इसकी चपेट में आ गयीं। आनन-फानन में दोनों को अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। 

मृतकों की पहचान बधईटांड़ गांव के बीशु घोष की पत्नी मानती देवी (55) और फुल चुआ गांव के गोला घोष की पत्नी उर्मिला देवी (35) के रूप में हुई है। वहीं, बता दें कि मौसम विभाग द्वारा बार-बार कहा जाता है कि वज्रपात के दौरान अपने घरों से बाहर न निकलें। बावजूद इसके कुछ लोग अपनी जान की परवाह किये बिना घर से बाहर निकल जाते हैं जिससे उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ जाती है।

Published / 2025-07-24 21:10:30
केसरगढ़ के दोषियों पर हो कठोर कार्रवाई : रत्नेश कुमार

केसरगढ़ में अवैध खनन के दौरान चल धंसने से हुई हादसा में कई लोगों की मौत, जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की संबंध में 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिलाध्यक्ष रत्नेश कुमार ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने धनबाद जिले के केसरगढ़ की घटना के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि बाघमारा क्षेत्र अंतर्गत केसरगढ़ के जमुनिया नदी पुल के पास स्थित शिव मंदिर निकट अवैध ढंग से सुरंग बनाकर अवैध कोयला खनन चलाया जा रहा था, जहां चाल धंसने के कई लोगों की मौत हो गयी। 

कई लोग अंदर ही दबे रह गये जिसके बाद कोयला माफियाओं ने जल्द बाजी में अवैध मुहाने को बंद कर दिया। लाश को छुपाया दिया गया। हादसे में किसी ने अपना बेटा खोया तो किसे ने अपना पति लेकिन गरीब मजदूरों के परिवार को उनका डेथबॉडी तक नहीं दिया गया। आखिरी बार देखने का भी मौका नहीं मिला ओर न ही मुहाने खोलकर लाश को निकलने की कोशिश किया गया। सिर्फ जांच के नाम पर खानापूर्ति की गयी है। 

कोयला माफियाओं ने पैसे के बल पर हरेक जांच को प्रभावित करने का प्रयास करते आ रहे है। हादसे में गरीब मजदूरों की मौत हुई है उनके घर वाले को उचित मुआवजा तक नहीं मिला। उनके परिवार को अंतिम संस्कार करने का मौका तक नहीं मिला। ये गरीब मजदूरों अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए इतना जोखिम काम करते हैं। लेकिन उसके बदले उनको अपना जान गंवाना पड़ा है। 

बदलने न तो उनके परिवार वाले को उचित मुआवजा दिया जाता है न ही अंतिम संस्कार का मैया ये देश में क्या हो रहा है आए दिन बड़े बड़े हादसे घट रहे है जिसको लेकर में कड़ी निंदा करता हूं। हमेशा इस प्रकार की घटना घट रही है जिसमें गरीब मजदूरों की जान चल जा रही है जिसको लेकर में हमेशा पत्र के माध्यम से आपके तक अवगत करते आ रहा हु और में हमेशा गरीबी के लिया आवाज उठाते आ रहा हु इसलिए अपने अनुरोध है कि अपने स्तर के सीबीआई से निष्पक्ष जांच करा कर दोषियों पर कड़ी कार्यवाई करने की कृपा करेंगे।

Published / 2025-07-23 20:52:20
देवेंद्रनाथ महतो ने एक सप्ताह के समय के साथ दिया वृहद आंदोलन का अल्टीमेटम

धरना उपरांत चलते वार्ता में पीछे हटे काउंसिल रजिस्ट्रार 

फार्मेसी काउंसिल सदस्यों के चयन अनियमितता को लेकर हुआ आंदोलन 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल में रजिस्ट्रार समेत मनोनीत एवं इलेक्ट सदस्यों के चयन का विवाद लगातार बढ़ते जा रहा है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा ने आज काउंसिल गेट के समक्ष जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। काफी देरी तक धरना-प्रदर्शन में डटे रहे। स्थानीय पुलिस थाना बरियातू दल-बल के साथ पहुंचे। 

आंदोलन कारीयो ने शहिद महापुरुषों का जयघोष करते हुए धरना में चार घंटों तक डटे रहे। अंतत: प्रशासन के पहल से काउंसिल मेंबर के विवादित रजिस्ट्रार प्रशांत कुमार पांडे से सबों के बीच वार्ता चली। आंदोलनकारियों के तीखे सवालों से काउंसिल निबंधक सह सचिव पीछे हटे। निबंधक प्रशांत पांडे चलती वार्ता के बीच से उठ कर निकल पड़े। 

आंदोलन के नेतृत्व कर्ता देवेंद्रनाथ महतो ने काउंसिल प्रबंधक को अपना लिखित ज्ञापन सौंपते हुए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया और कहा राज्य के मुल वासीयों के अधिकार के लिए हमारा संगठन कटिबंध है। काउंसिल गैर सरकारी व गैर झारखंडियों के कब्जे में मनमानी तरीके से संचालित हो रही है। तमाम विसंगतियों को दूर करने के लिए हमारा आंदोलन जारी रहेगा। 13 अप्रैल 2025 को ही वर्तमान ओपबंधिक रजिस्ट्रार सह सचिव का कार्यकाल समाप्त हो गया है।  

काउंसिल के वर्तमान इलेक्टेड मेंबर को फर्जी पत्रचार के माध्यम से चयनित कर लिया गया है।  साथ ही श्री महतो ने वर्तमान इलेक्ट एवं मनोनीत सदस्यों के चयन प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच एवं विवादित निबंधक प्रशांत पांडे के सर्विस रिकॉर्ड को जांच करने का मांग किया। 

आज के एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन के दौरान देवेंद्रनाथ महतो, दमयंती मुंडा, फुलेश्वर बैठा, विनोद संवासी, सूरज कुमार साहू, लीलावती देवी, संजय महतो, सूरज सिंह, रतिया गंझू, जयंती देवी, अयुब अली, राजु चेडी, आरसद अली, सहबाज आलम, महावीर साहू आदि हजारों पदाधिकारी व जनसाधारण मौजूद रहे।

Published / 2025-07-23 20:46:14
विश्व आदिवासी दिवस पर शमां बांधेंगे बॉलीवुड के टॉप सिंगर्स

रांची में विश्व आदिवासी दिवस पर मचेगा धमाल, बॉलीवुड के टॉप सिंगर्स बांधेंगे समां! 

टीम एबीएन, रांची। रांची में इस साल विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर धमाल मचने वाला है। आयोजन के दौरान गौरवशाली आदिवासी संस्कृति, प्रकृति और जीवन शैली की झलकियों के साथ-साथ बॉलीवुड का भी तड़का डालने की तैयारी है। इस बार महोत्सव के आयोजन की जिम्मेदारी सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को सौंपी गयी है। 

फिलहाल, इवेंट एजेंसी के चयन की प्रक्रिया चल रही है। आयोजन की तारीख पर भी फाइनल मुहर लगना बाकी है। दरअसल, आदिवासी दिवस का आयोजन 9 अगस्त को होता है। अब तय होना है कि तीन दिवसीय कार्यक्रम को 7 अगस्त से शुरू कर 9 अगस्त को समापन कराया जाये या 8 अगस्त से 10 अगस्त तक रखा जाये। कार्यक्रम स्थल को लेकर भी समीक्षाओं का दौर जारी है। 

इस बात पर मंथन चल रहा है कि बॉलीवुड कलाकारों के शो में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए मोरहाबादी मैदान में कार्यक्रम कराया जाये या प्रभात तारा मैदान में। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री की हरी झंडी मिलते ही तैयारी शुरू कर दी जायेगी।

खास बात है कि इस साल महोत्सव के आयोजन की जिम्मेदारी अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के बजाय सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को सौंपी गयी है। इस दिवस को यादगार बनाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर साल 2023 में पहली बार कल्याण विभाग की ओर से मोरहाबादी मैदान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। 

इस पर करीब 6 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। दूसरी बार साल 2024 में इसका आयोजन बिरसा मुंडा स्मृति उद्यान में किया गया था। तब करीब 8 करोड़ रुपये खर्च किये गये थे। लेकिन इस बार इसको और भव्य बनाने की तैयारी है। झारखंड के राजकीय कार्यक्रम में पहली बार बॉलीवुड के मशहूर गायकों को बुलाने की तैयारी चल रही है। तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान हर दिन अलग-अलग इवेंट होंगे। 

आदिवासी नायकों का इतिहास दिखाया जायेगा। शो के दौरान ग्रीन पटाखों से जबरदस्त आतिशबाजी की तैयारी है। 32 जनजातीय समुदाय का ट्राइबल फैशन शो होगा। देश के अलग-अलग राज्यों के कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। मंच का संचालन हिंदी के साथ-साथ ट्राइबल भाषाओं में भी होगा।

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