टीम एबीएन, रांची। झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल में भारी अनियमितता व भ्रष्टाचार से व्याप्त संचालित का मामला तुल पकड़ते जा रहा है, मामला आज राजभवन तक पहुंचा। जेएलकेएम केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो राज्यपाल संतोष गंगवार जी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
मौके पर देवेन्द्र नाथ महतो ने बताया कि झारखंड राज्य फार्मेसी काउंसिल में अनियमितता और भ्रष्टाचार से व्याप्त संचालित हो रही है इसका उजागर एवं समुचित कार्रवाई हेतु हमारे संगठन द्वारा 19 जुलाई 2025 को झारखंड सरकार स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह को लिखित ज्ञापन सौंपते हुए विस्तृत जानकारी साझा किया गया है।
23 जुलाई 2025 को पूर्व विभागीय व प्रशासनिक सूचनार्थ के तहत झारखंड राज्य फार्मेसी काउंसिल के समक्ष धरना प्रदर्शन हुए। इसके अलावा हमारे संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष व डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो ने मुख्यमंत्री को सीधा पत्राचार करते हुए बजट सत्र के शुन्य काल दौरान चलती सदन में उक्त मामला को संज्ञान में लाया।
लेकिन अब तक सुधार व समाधान हेतु कोई विभागीय ठोस कार्रवाई नहीं किया गया है। इसलिए राज्यपाल से मुलाकात निम्न मांगों पर कार्रवाई करने की मांग की। जो प्रमुख निम्न हैं -
मुख्य सचिव झारखंड सरकार, अपर मुख्य सचिव स्वा० चि० शि० एवं प० कल्याण विभाग, झारखंड सरकार। अध्यक्ष, फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया नई दिल्ली। महानिदेशक,एंटी करप्शन ब्यूरो रांची झारखंड। सचिव, सेंट्रल विजलेंस कमिश्नर, नई दिल्ली को दिया गया।
राज्यपाल मामला को गंभीरता से लेते हुए उचित कारवाई करने का आश्वासन दिया। राज्यपाल से मुलाकाती में छ सदस्य प्रतिनिधिमंडल देवेन्द्र नाथ महतो, रविन्द्र नाथ महतो, लक्की रामू राज, गुलाम सरवर, विनय कुमार, आशीष चौधरी, पंकज कुमार उपस्थित थे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। बाघमारा क्षेत्र अंतर्गत केसरगढ़ा में चल धसने से हुई मजदूरों की मौत को लेकर जांच के नाम पर किया जा रहा सिर्फ खानापूर्ति, कोयला माफिया चुनचुन के संरक्षण में चल रहा है कोयला का अवैध खनन।
अखिर ये चुनचुन कोयला माफिया है कौन जिस पर अभी तक ना ही कोई कार्रवाई हुई ना ही एफआईआर दर्ज, अखिर इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी जाँच के नाम पर खानापूर्ति किया जा रहा है फिर ठंडा बस्तर में डाल दिया जाएगा।
उन्होंने अपने स्तर से कार्रवाई कर गरीबों को इंसाफ दिलाने का कृपा करेंगे जिसको लेकर अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने ट्वीट कर किया जाँच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट व विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि सावन मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर मनाया जाने वाला पवित्र पर्व नाग पंचमी इसवर्ष 29 जुलाई दिन मंगलवार को मनाया जाएगा। नाग पंचमी की पूजा की पौराणिक जड़ महाभारत से जुड़ी है।
राजा परीक्षित की मृत्यु के बाद उनके पुत्र जनमेजय ने सर्प-यज्ञ आरंभ किया था, जिससे समस्त नाग जाति अग्नि में जलने लगी। तब ऋषि आस्तिक ने यज्ञ रोक दिया और इसी पंचमी तिथि को नाग जाति की रक्षा की गयी। तब से यह दिन सर्पों की पूजा के रूप में मनाया जाता है। इसके अतिरिक्त, इस दिन भगवान श्रीकृष्ण द्वारा कालिया नाग को पराजित करने की कथा भी जुड़ी हुई है, जो पवित्र ऊर्जा एवं अहंकार विनाश का प्रतीक है।
नाग देवता को हिंदू धर्म में पशु नहीं, कभी-कभी दिव्य शक्तियों के रूप में पूजा जाता है। माना जाता है कि उनकी पूजा से कालसर्प दोष, पितृ दोष, सर्प काटने का भय, तथा अन्य ग्रह दोषों का निवारण संभव है। साथ ही नागों को वर्षा, उर्वरता और प्राकृतिक संतुलन से जोड़ा जाता है, इसलिए उनकी पूजा से धन-धान्य, स्वास्थ्य और परिवारिक शांति की कामना की जाती है।
इस पर्व की एक गहरी सामाजिक शिक्षा भी है, प्रकृति के साथ सह अस्तित्व। संसाधन सतत रहने के लिए खेतों की खुदाई न करने की परंपरा, सांपों को नुकसान न पहुँचाने का संदेश और ग्रामीण जीवन में जीव-जन्तु के प्रति संवेदनशीलता का सम्मान इस पर्व के मूल में है। नाग पंचमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके व्रत का संकल्प लें।
घर की दीवारों पर हल्दी‑कुमकुम से नाग चित्र बनाएं या मिट्टी, धातु व चित्ररूप नाग प्रतिमा स्थापित करें। नाग देवता की पूजा दूध, अक्षत, दूर्वा, पुष्प, घी‑दीप, चंदन से पूजा करें। विशेष रूप से शेष, वासुकी, तक्षक, कर्कोटक, अनन्त, पद्म, शंखपाल, कालिया, अन्य अष्टानागों की पूजा की जाती है।ओम नमः शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी किया जाता है।
सेवई, दूध‑चावल का प्रसाद अर्पित करें और व्रत के बाद कथा श्रवण करें। व्रती संधिकाल पर फलाहार या पारण कर सकते हैं। इस दिन घर‑के खेतों में खुदाई, तेज़ वस्तुओं का प्रयोग या जानवरों को नुकसान पहुँचाना वर्जित माना जाता है, बिहार, उत्तर प्रदेश घर-आँगन में नाग चित्र और मिट्टी के सांप, ग्रामीण क्षेत्रों में साँप मेला आयोजित होता है।
समस्तीपुर बिहार में जीवंत सांप साथ लेकर जुलूस निकाला जाता है, जिसे सांस्कृतिक श्रद्धा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।महाराष्ट्र, कर्नाटक मे महिलाएं नाग कुएँ पर दूध चढ़ाती हैं, नाग मंदिरों में दीप जलाती हैं। शिव योग और सिद्ध योग के शुभ संयोग बनते हैं।दक्षिण भारत में नाग कलों और पथरी वाले नागाश्रय पर पूजा‑अभिषेक संपन्न होता है, साथ ही अन्नदान व फूसाई जाती है।
नाग पंचमी सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह प्रकृति, जीव‑जंतुओं, पर्यावरणीय संतुलन और सांस्कृतिक सद्भाव का संदेश देती है। इस पर्व पर श्रद्धा, अनुशासन और नैतिकता का सम्मिलन देखने को मिलता है। 29 जुलाई को सुबह के शुभ मुहूर्त में विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करके हम न केवल नाग देवताओं के आशीर्वाद प्राप्त करते हैं, बल्कि न्याय, सहिष्णुता और सांस्कृतिक विविधता के मूल्यों को भी संजोते हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गुमला। झारखंड के गुमला जिले में सुरक्षा बलों की प्रतिबंधित संगठन झारखंड जन्म मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के नक्सलियों साथ मुठभेड़ हो गयी। इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने जेजेएमपी के सब जोनल कमांडर दिलीप लोहरा समेत तीन उग्रवादियों को मार गिराया है। नक्सलमुक्त और उग्रवादमुक्त झारखंड बनाने की दिशा में प्रदेश की पुलिस लगातार काम कर रही है। लगातार झारखंड के विभिन्न उग्रवाद और नक्सलवाद से ग्रसित क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में आज झारखंड के गुमला जिले के अंतर्गत घाघरा थाना क्षेत्र के लावा दाग जंगल में सर्च अभियान चलाया गया। इस दौरान सुरक्षा बलों की प्रतिबंधित संगठन झारखंड जन्म मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के नक्सलियों साथ मुठभेड़ हो गई। सुरक्षा बलों की टीम को देख जेजेएमपी के नक्सलियों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ में जेजेएमपी के कुख्यात सब जोनल कमांडर दिलीप लोहरा समेत तीन नकस्ली ढेर हो गए हैं।
इसके साथ ही मारे गए नक्सलियों के पास से सुरक्षा बलों की टीम ने एक ऐके-47 , दो इंसास राइफलों के साथ-साथ बड़ी मात्रा में गोलियां सहित अन्य सामग्री बरामद की है। दरअसल, गुमला जिले के एसपी हरीश बिन जमा को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि जेजेएमपी का सब जोनल कमांडर दिलीप लोहरा अपने संगठन के दस्ते के साथ गुमला जिले के घाघरा क्षेत्र के जंगलों में घूम रहा है।
इसी सूचना के बाद जिले की घाघरा, बिशनपुर और गुमला थाना पुलिस के साथ-साथ झारखंड जगुआर के जवानों के द्वारा संयुक्त आॅपरेशन चलाया गया। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों की घाघरा थाना क्षेत्र के लावा दाग जंगल में जेजेएमपी के नक्सलियों साथ भीषण मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों की टीम ने जेजेएमपी के सब जोनल कमांडर दिलीप लोहरा समेत तीन नक्सलियों को मार गिराया।
बता दें कि गुमला जिले की इस मुठभेड़ से महज 10 दिन पहले 16 जुलाई को झारखंड के बोकारो के गोमिया के जागेश्वर विहार थाना अंतर्गत बिरहोरडेरा के जंगल में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में 5 लाख के इनामी कुख्यात नक्सली कुंवर मांझी समेत दो नक्सली ढेर हुए थे। इस मुठभेड़ के दौरान सीआरपीएफ कोबरा 209 बटालियन के जवान परनेश्वर कोच शहीद हो गए थे।
टीम एबीएन, रांची। भाजपा ने शनिवार को हटिया के विधायक नवीन जायसवाल को झारखंड विधानसभा में पार्टी का मुख्य सचेतक नियुक्त किया है। इसके अलावा, धनबाद के विधायक राज सिन्हा और बगोदर के विधायक नगेन्द्र महतो को सचेतक बनाया गया है। विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने इनके नामों की घोषणा करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
नवीन जायसवाल ने कहा कि वे पार्टी नेतृत्व की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं विधानसभा में पार्टी और जनता की आवाज को मजबूती से उठाऊंगा। आगामी मानसून सत्र के दौरान मैं युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाऊंगा।
बता दें कि विधानसभा का मानसून सत्र 1 अगस्त से 7 अगस्त तक चलेगा, जिसमें कुल पांच कार्यदिवस होंगे। पूर्व विपक्ष के नेता अमर कुमार बावरी ने भी जायसवाल को बधाई दी और कहा कि वे आगामी विधानसभा सत्र में जनता की आवाज के रूप में शानदार ढंग से काम करेंगे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार द्वारा अटल मोहल्ला क्लीनिक का नाम बदलकर मदर टेरेसा के नाम पर किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि झारखंड में एकदम निचले स्तर की राजनीति चल रही है।
श्री मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से यह पूछा है कि इसे कृतघ्नता कहा जाए या नैतिक पतन, कि राज्य सरकार ने मोहल्ला क्लिनिक के नाम से अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम हटाने का निर्णय लिया है? मरांडी ने कहा कि झारखंड राज्य के निर्माण में वाजपेयी जी का योगदान किसी परिचय का मोहताज नहीं है।
1999 में अटल जी ने झारखंड की धरती से जनता से वादा किया था कि यदि केंद्र में उनकी सरकार बनी तो झारखंड के लोगों को एक अलग राज्य का उपहार दिया जाएगा और जैसे ही उनकी सरकार बनी, उन्होंने अपना यह वादा निभाया। मरांडी ने कहा कि झारखंडवासियों को उनका अधिकार दिलाने में और आदिवासी अस्मिता को अलग पहचान देने में अटल जी के अटल इरादों की निर्णायक भूमिका रही है, लेकिन हेमंत सरकार ने राजनीति के निम्नतम स्तर को छूते हुए उनके योगदान को अनदेखा कर दिया।
मरांडी ने कहा कि क्या सरकार यह स्पष्ट कर सकती है कि कैबिनेट के इस निर्णय से स्वास्थ्य व्यवस्था में वास्तविक सुधार होगा? एम्बुलेंस समय पर पहुंचने लगेगी? क्लिनिक में बेहतर इलाज उपलब्ध होगा? कहा कि यदि सरकार को वास्तव में मदर टेरेसा का सम्मान करना था, तो उनके नाम पर कोई नई योजना लाती, ऐसी योजना जो मरीजों को सहारा और सेवा प्रदान करती, जो स्वयं मदर टेरेसा के जीवन का उद्देश्य था।
किन्तु ऐसा न कर सरकार ने यहां भी केवल राजनीतिक हित साधने का प्रयास किया है। मरांडी ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी बदहाल है कि गर्भवती महिलाओं को एम्बुलेंस न मिलने के कारण रास्ते में ही प्रसव कराना पड़ रहा है। वृद्ध महिलाओं को खाट पर अस्पताल ले जाया जा रहा है और शवों को ले जाने तक के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं है। परन्तु इन बुनियादी समस्याओं को दूर करने के बजाय, सरकार नाम बदलने में व्यस्त है।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची के महात्मा गांधी (मेन रोड) मार्ग स्थित पीसी ज्वेलर्स में शनिवार को हरियाली तीज को लेकर कई कार्यक्रम किये। जिसमें करीब 100 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। मौके पर मेहंदी लगाओ प्रतियोगिता, म्यूजिक चेयर रेस, रैंप वाक और मिसेस सावन को लेकर डांस कपीटिशन भी आयोजित किया गया। जिसमें म्यूजिक चेयर रेस में आशा देवी, रैंप वाक में पूनम वर्मा और मिसेस सावन कंपीटिशन की विजेता सुनीता वर्मा रहीं।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं का आनंद लिया। जहां विजेता समेत सभी महिलाओं को आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रबंधक कृपाशंकर सिंह, उप प्रबंधक प्रकाश सेठ, प्रतिमा कुमारी, कविता कुमारी, ईशा कुमारी, संध्या कुमारी, रमेश प्रसाद, रीथ कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बताते चलें कि पीसी जौहरी, मेन रोड रांची एक प्रमुख आभूषण रिटेलर है, जो अपने बहुप्रतीक्षित सावन क्वीन इवेंट के लॉन्च की घोषणा करने को रोमांचित है। यह असाधारणता तेजस्वी आभूषण के टुकड़ों का एक खजाना होने का वादा करता है। जहां सावधानी से हर महिला को रॉयल्टी की तरह महसूस करने के लिए क्यूरेट किया जाता है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। कतरास केसरगढ़ में कोयला माफिया चुनचुन के संरक्षण में चलाया जा रहा था कोयला का अवैध खनन। जिसमें चल धंसने से कई मजदूरों की मौत हो गयी। सीबीआई से जांच करा कर कोयला माफियाओं पर कड़ी कार्यवाई करने की जरूरत थी। जो आजतक नहीं हो पायी।
क्योंकि कोयला माफिया चुनचुन पैसे के बल पर सारी जांच को प्रभावित करने का प्रयास करते आ रहे हैं। अभी तक मजदूरों को नहीं मिला इंसाफ नहीं मिला। उनके परिवार को लाश तक नहीं मिल सका। आखिर इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी कोयला माफिया पर क्यों नहीं कोई कार्रवाई हो पा रही है।
जिसको लेकर अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने ट्वीट कर किया केसरगढ़ में हुई हादसा को लेकर जांच कर कोयला माफिया पर कार्यवाई की मांग की ।
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