टीम एबीएन, हजारीबाग। रांची-पटना नेशनल हाईवे पर टोल प्लाजा और सिरसी गांव के बीच दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इलाज के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल जा रहे पति-पत्नी और नवजात बच्चा सड़क दुर्घटना के शिकार हो गए। इस हादसे में मां और नवजात की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि पिता गंभीर रूप से घायल हैं।
घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने रांची-पटना मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। सैकड़ों गाड़ियां और यात्री जाम में फंस गए। जाम की वजह से एक एंबुलेंस भी फंस गयी। एंबुलेंस चालक ने बताया कि वह बरकट्ठा से हेड इंजरी वाले गंभीर मरीज को लेकर आ रहे थे, लेकिन जाम में फंसे रहने से मरीज की स्थिति और भी नाजुक हो गयी।
घटना के बाबत बताया गया कि परिवार हजारीबाग शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल इलाज करने के लिए आ रहा था। इस दौरान विपरीत दिशा से आ रही गाड़ी ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। जिससे घटनास्थल पर ही दोनों की मौत हो गयी। गाड़ी दुर्घटना को अंजाम देकर फरार हो गयी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सीसीटीवी कैमरे की मदद से गाड़ी को पकड़ा जाए और चालक पर उचित कार्रवाई की जाये।
टीम एबीएन, रांची। हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र छोटा तालाब में एक युवक के डूबने से मौत हो गयी। उसका शव स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद बुधवार की दोपहर बरामद हुआ है। एनडीआरएफ की टीम को नहीं बुलाने को लेकर स्थानीय लोगों ने हिंदपीढ़ी थाना का घेराव किया।
उल्लेखनीय है कि बुधवार की सुबह से ही स्थानीय लोग पानी में उतर कर युवक की खोजबीन कर रहे थे, और मौके पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी।
वहीं दूसरी तरफ काफी खोजबीन करने के बाद जब युवक का कोई पता नहीं चला तो, लोग एनडीआरएफ की टीम को बुलाने का मांग कर रहे थे। जिस वजह से स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर बड़ा तालाब के पास सड़क को जाम कर दिया था। जिस वजह से यातायात बाधित हो गया था।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। दिनांक 19.08.2025 को रात्रि 20:35 बजे पुलिस अधीक्षक महोदया, पलामू को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि एक लाल रंग का संदिग्ध जाइलो वाहन डालटनगंज से पांकी की ओर जा रहा है। सूचना के आलोक में थाना प्रभारी पांकी राजेश रंजन द्वारा सशस्त्र बल के साथ घेराबंदी कर जांच अभियान चलाया गया।
अभियान के क्रम में ग्राम तेतराई बलियारी मोड़ के पास उक्त संदिग्ध लाल रंग की जाइलो गाड़ी (सीजी14 बी- 5999) खड़ी पाई गई। आसपास पूछताछ करने पर स्थानीय लोगों ने बताया कि गाड़ी काफी देर से वहीं खड़ी है, किन्तु किसी व्यक्ति को नहीं देखा गया।
गाड़ी लॉक स्थिति में थी। तत्पश्चात गाड़ी को टोचन कर थाना लाया गया। आज दिनांक 20.08.2025 को पुलिस निरीक्षक पांकी अंचल की उपस्थिति में गाड़ी का लॉक तोड़कर तलाशी ली गयी। तलाशी के क्रम में गाड़ी की बीच की सीट के नीचे एक झोले में रखे गये विभिन्न प्लास्टिक पैकेटों में नगद रुपये की गड्डियां बरामद हुईं।
बरामदगी की प्रक्रिया वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी कराते हुए की गयी। सीएसपी पांकी से नोट गिनने की मशीन मंगवाकर गिनती की गयी, जिसमें कुल 46,19,900/- (छयालीस लाख उन्नीस हजार नौ सौ रुपये मात्र) पाया गया। गाड़ी की आगे की डिक्की से वाहन का इंश्योरेंस एवं आरसी कार्ड भी बरामद किया गया है। इस संबंध में आवश्यक अग्रतर कार्रवाई की जा रही है।
टीम एबीएन, रांची। राजेंद्र इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स), रांची में पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) की पढ़ाई पूरी कर चुके छात्र आज वरीय रेजिडेंट के रूप में नियुक्ति न हो पाने से परेशान हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि विभाग द्वारा एक वर्ष पूर्व ही वरीय रेजिडेंट की नियुक्ति हेतु आवश्यक प्रक्रिया करते हुए रिम्स को रोस्टर उपलब्ध करा दिया गया था, परंतु रिम्स द्वारा वरीय रेजिडेंट के पद पर कोई नियुक्ति नहीं की गयी।
साथ ही इसी वर्ष स्वास्थ्य विभाग द्वारा रिम्स से पीजी की पढ़ाई कर चुके छात्र, जिन्हें बांड के अधीन अनिवार्य रूप से राज्य सरकार के संस्थानों में 3 वर्षों की सेवा देनी होती है के टॉप 20 प्रतिशत छात्रों को एम्स देवघर या रिम्स में वरीय रेजिडेंट के पद पर नियुक्त करने क प्रावधान किया गया है। एम्स देवघर द्वारा वरीय रेजिडेंट के पद पर इस प्रावधान के आधार पर नियुक्ति कर ली गयी है जबकि रिम्स में वरीय रेजिडेंट की नियुक्ति का मामला अधर में है।
छात्रों में इस बात को लेकर रोष है। छात्रों का मानना है कि निदेशक स्थानीय छात्रों की अनदेखी कर रहे हैं और जानबूझकर सरकार के नियमों को लागू नहीं कर रहे हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि रिम्स प्रशासन स्थानीय छात्रों को अपने संस्थान में रखना ही नहीं चाहता। कई छात्रों ने रिम्स प्रशासन पर पक्षपात और लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अगर सरकार के आदेशों को ही संस्थान नहीं मानेगा तो फिर नीति बनाकर क्या फायदा?
वहीं स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि कई बार रिम्स निदेशक से सुपर स्पेशियलिटी की परीक्षा उतीर्ण छात्रों की सूची मांगी गयी, ताकि उनकी बांड पोस्टिंग की जा सके और उनकी विशेषज्ञता का लाभ झारखंड की जनता को मिल सके। लेकिन विभाग को अब तक कोई सूची रिम्स द्वारा नहीं भेजी गई है। यह रुख न केवल जनविरोधी है, बल्कि सरकारी आदेश की सीधी अनदेखी भी है।
टीम एबीएन, रांची। रातू रोड स्थित श्रद्धानंद सेवाश्रम स्कूल से जुड़े कथित शिक्षक उत्पीड़न प्रकरण पर झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने गंभीरता से पहल की है। श्री राय ने बुधवार को विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य अनुज कुमार सिंह से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी हासिल की।
प्रभारी प्राचार्य अनुज कुमार सिंह ने बातचीत में बताया कि अब तक विद्यालय के किसी भी छात्रा की ओर से इस संदर्भ में कोई लिखित शिकायत विद्यालय प्रशासन को प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस शिक्षक पर आरोप लगाये गये हैं। उस संबंध में पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया है।
प्राचार्य के अनुसार, शिक्षक की पत्नी की शिकायत को ही आगे बढ़ाया गया है और इसे विद्यालय का अंदरूनी मामला नहीं माना जा सकता। इस पूरे संदर्भ में झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि चूँकि यह मामला बच्चों की सुरक्षा और बाल अधिकारों से जुड़ा हुआ है, अत: सच्चाई सामने आना आवश्यक है।
उन्होंने इस प्रकरण को लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, नई दिल्ली के अध्यक्ष को ईमेल के माध्यम से पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। श्री राय ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी पर कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं, यदि यह मामला पारिवारिक विवाद का हिस्सा है, तो इसकी भी सच्चाई स्पष्ट की जानी चाहिए ताकि विद्यालय की छवि और बच्चों के भविष्य पर कोई आंच न आए। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने आयोग से आग्रह किया है कि निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित कर इस संवेदनशील मामले में अभिभावकों व छात्राओं के बीच विश्वास बहाल किया जाए। उक्त जानकारी झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सरार्फ ने दी है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रदेश किसान कांग्रेस कमेटी ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के 81वें जन्म दिवस पर वाईएमसीए धुर्वा में पौधरोपण सह रक्तदान शिविर का आयोजन किया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर मौजूद रहे।
टीम एबीएन, रांची। प्रकृति की गोद में बाबा दिशोम गुरुजी के चले जाने के बाद रामदास दा का इस तरह से चले जाने की पीड़ा मेरे लिए अत्यंत असहनीय है। यह जो शून्यता बनी है, इसकी भरपाई शायद ही कभी हो पायेगी। स्मृति शेष बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के नेतृत्व में लंबे समय तक चले झारखण्ड अलग राज्य आंदोलन में स्व रामदास दा का अहम योगदान था।
उनका व्यवहार काफी सरल और सहज था। एक क्रांतिकारी-आंदोलनकारी के साथ-साथ उनका सामाजिक सरोकार काफी व्यापक था। वे अपने सार्वजनिक जीवन में लोगों के दु:ख-दर्द और समस्याएं को दूर करने के लिए हमेशा खड़े रहते थे।
राज्य में शिक्षा व्यवस्था को उत्कृष्ट बनाने को लेकर भी वे सजग रहते थे। शिक्षा को और कैसे बेहतर बनाया जाये, राज्य के हमारे नौनिहालों को कैसे उत्कृष्ट शिक्षा मिले, इसे लेकर हमारी कई बार चर्चा भी हुई थी।
स्व रामदास दा सशरीर हमारे साथ नहीं हैं, लेकिन उनका व्यक्तित्व और कार्य सदैव सभी को उर्जा प्रदान करता रहेगा। मरांग बुरु दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिजनों को दु:ख की घड़ी सहन करने की शक्ति दे। इस दु:ख की घड़ी में पूरा झामुमो परिवार, शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है। महान आंदोलनकारी स्व रामदास दा अमर रहें! अमर रहें! अमर रहें!
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में रांची के श्रद्धानंद सेवाश्रम स्कूल रातू रोड से जुड़े तथाकथित शिक्षक उत्पीड़न प्रकरण को लेकर झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने गंभीरता दिखायी है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने आज इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों से जुड़ा कोई भी मामला हल्के में नहीं लिया जा सकता।
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