टीम एबीएन, रांची। जिले के अनगड़ा में नकली शराब बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस सिलसिले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। अनगड़ा थाना क्षेत्र में हुई कार्रवाई के बाद गिरफ्तार लोगों की निशानदेही पर पिठौरिया थाना क्षेत्र में भी कार्रवाई हुई, जहां से शराब बनाने के सामान और अन्य दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस की कार्रवाई जारी है।
अनगड़ा पुलिस ने थाना क्षेत्र के राजाडेरा में छापेमारी कर अवैध अंग्रेजी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। मौके पर से बड़ी संख्या में नकली शराब, स्प्रिट, ड्रम, खाली बोतल एवं शराब बनाने का कच्चा सामान बरामद हुआ है। इस मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों की निशानदेही पर रांची के पिठौरिया थाना क्षेत्र में भी छापामारी की गयी।
यहां से भी नकली शराब, स्प्रिट, बोतल, शराब बनाने का कच्चा सामान आदि बरामद किया। पुलिस को सूचना मिली कि अनगड़ा थाना क्षेत्र के राजाडेरा स्थित एक बंद पड़े निजी स्कूल में नकली शराब बनाने की फैक्ट्री संचालित है, सूचना मिलने पर अनगड़ा थाना प्रभारी हीरालाल साह के नेतृत्व में पुलिस ने वहां छापामारी की।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मानसून लगातार सक्रिय देखने को मिल रहा है। राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश ने कहर बरपाया है।
बारिश से हुई अलग-अलग घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 1 व्यक्ति लापता है। इसके अलावा कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र आज यानी 22 से 28 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान पहले दिन पूर्व सीएम गुरुजी शिबू सोरेन के निधन को लेकर सदन में शोक प्रकाश और अनुपूरक बजट पेश किया गया। इसके बाद कार्यवाही सोमवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। सदन में सरकार को विपक्ष के कई जन मुद्दों से दो चार होना पड़ेगा।
इसमें मुख्य रूप से बजेपी नेता सूर्या हांसदा का पुलिस इनकाउंटर, लचर विधि व्यवस्था सहित कई मुद्दे पर सरकार को जवाब देने में विपक्ष पसीना छुड़ा सकता है। वहीं, सत्ता पक्ष के द्वारा सदन में एसआईआर और लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह के द्वारा पेश 130 वां संविधान संशोधन बिल के खिलाफ हल्ला बोल सकता है।
जबकि सत्र को ले कर संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए सत्ता पक्ष तैयार है। पहले दिन ही चालू वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट लाने की तैयारी कर ली गयी है। पहले दिन प्रथम अनुपूरक विवरणी का उपस्थापन और शोक प्रकट सदन में होगा।
23 और 24 अगस्त को अवकाश रहेगा। 25 अगस्त को सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू होगी। कटौती प्रस्ताव की सूचनाएं 22 अगस्त को अपराह्न 4 बजे तक सचिवालय में जमा करायी जा सकती हैं। आवश्यकता पड़ने पर 28 अगस्त के बाद भी सत्र की अवधि बढ़ाई जा सकती है। उसके लिए अलग से कार्यक्रम जारी किया जायेगा।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, दुमका। जिले में एक दंपति की अपने ही घर में गला रेतकर हत्या कर दी गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बुधवार को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चोरकाटा गांव में नव गोपाल साहा (62) और उनकी पत्नी बिमू बाला साहा (58) अपने घर में मृत पाये गये।
स्थानीय लोगों के अनुसार, दंपति को मंगलवार शाम को देखा गया था। दुमका के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पीतांबर सिंह खेरवार ने बताया, उनका बेटा बुधवार रात आया और उसने घर का मुख्य द्वार बंद पाया। वह दूसरे दरवाजे से घर के अंदर गया और अपने माता-पिता को खून से लथपथ (मृत) पाया।
उन्होंने बताया कि साहा दंपति के बेटे ने पुलिस को घटना की सूचना दी और बुधवार रात करीब नौ बजे एक टीम मौके पर पहुंची। एसपी ने कहा, हमने अपराध विज्ञान प्रयोगशाला (रांची) की एक टीम को घटनास्थल का दौरा करने के लिए कहा है। फोरेंसिक टीम के दिन में आने की उम्मीद है। हम उनके निरीक्षण के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज देंगे।
खेरवार ने कहा कि पुलिस को संदेह है कि दंपति की हत्या में धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया होगा, लेकिन हत्याओं के पीछे के मकसद और इसमें शामिल लोगों का अभी पता नहीं चल पाया है। एसपी ने कहा, अपराध के मकसद या दंपति की हत्या में इस्तेमाल किये गये हथियारों के बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। हम फिलहाल सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रहे हैं और जल्द ही विस्तृत जानकारी देंगे।
स्थानीय लोगों का दावा है कि दंपति की हत्या मंगलवार देर रात या बुधवार सुबह की गयी होगी। मुफस्सिल के थाना प्रभारी सत्यम कुमार ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही हैं और वह अपराध के पीछे के मकसद के बारे में कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा, अभी तक परिवार के सदस्यों ने अपने घर से किसी भी सामान की चोरी की शिकायत नहीं की है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया है और यह 28 अगस्त तक चलेगा। सत्र के पहले दिन 4296 करोड़ 62 लाख रुपये का पहला अनुपूरक बजट पेश किया गया। इसके अलावा सदन में शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा और भारत रत्न देने की मांग भी उठी।
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने सदन में चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 4296 करोड़ 62 लाख रुपए से अधिक का प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया। सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड विधानसभा स्थित स्पीकर कक्ष में विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो का अभिनंदन किया।
इसके अलावा सत्र शुरू होने से पहले झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन, शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन आदि के निधन पर दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही सोमवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
विधानसभा परिसर में शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा और भारत रत्न देने की मांग भी उठी। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग की। उन्होंने कहा कि विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर भारत सरकार को भेजा जाए। साथ ही उन्होंने गुरुजी की संघर्ष गाथा और जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की।
पक्ष-विपक्ष के प्रमुख नेताओं ने दुख जताते हुए बताया कि शिबू सोरेन का विशाल व्यक्तित्व था। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आंखों में आंसू छलकने लगे। इस दौरान वो काफी भावुक नजर आये और रुमाल से आंसू पोंछते रहे।
उल्लेखनीय है कि झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र पहले 1 अगस्त से 7 अगस्त तक निर्धारित था और इसका शुभारंभ 1 अगस्त को हुआ भी था, लेकिन 4 अगस्त को दिशोम गुरु और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के कारण सत्र को तत्काल प्रभाव से अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा संचालित विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं को लेकर छात्रों के नाराजगी बढ़ती जा रही है। छात्र अपने मांगों को लेकर लगातार संघर्षरत हैं। इन विषयों को लेकर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा मुखर हैं। संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष व डूंमरी विधायक जयराम कुमार महतो अपने शिष्ट मंडली के साथ आज (शुक्रवार) आयोग पहुंचे। आयोग के सचिव सुधीर कुमार गुप्ता से विस्तार पूर्वक बातचीत हुआ एवं जानकारी साझा की।
सचिव को लिखित ज्ञापन सौंपते हुए त्वरित समाधान करने का हिदायत दिया। नर्मलाइजेशन फॉर्मूला, सहायक आचार्य डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद असफल, बायोमेट्रिक मिसमैच, दो वर्षीय बीएड कोर्स इत्यादि समस्या समाधान तथा लेडी सुपरवाइजर, पंचायत सचिव, पीजीटी, जूनियर इंजीनियर अन्य परीक्षाओं के रिक्त पदों का तत्काल अगली सूची जारी करने एवं दरोगा, सिपाही, स्पेशल ब्रांच, एक्साईज कांस्टेबल, वनरक्षी, कक्षपाल इत्यादि परीक्षाओं पर चर्चा-परिचर्चा करते हुए जारी परीक्षा कैलेंडर पालन करने और नयी विज्ञापन जारी करने इत्यादि मामले पर जानकारी दी गयी।
मीडिया वार्ता में संगठन के वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि हमारे संगठन युवाओं के मूल समस्या समाधान पर केंद्रित है। छात्रों के समस्या को लेकर हमारा संगठन लगातार प्रटिबद्ध है।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची के कांके अंचल के पूर्व अंचलाधिकारी जयकुमार राम का शुक्रवार को निधन हो गया। उनके निधन पर सहकर्मियों ने गहरा शोक जताया है।
टीम एबीएन, रांची। राजेंद्र इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज, रिम्सद् रांची में वरीय रेजिडेंट के लगभग 200 पद बीते तीन वर्षों से खाली पड़े हैं। संस्थान के पीजी कोर्स से उत्तीर्ण 102 छात्रों की नियुक्ति यदि समय पर की गई होती, तो न केवल स्थानीय डॉक्टरों को मौका मिलता, बल्कि रिम्स को भी अनुभवी चिकित्सकों की सेवाएं मिल पातीं।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इस दिशा में पहल की थी। विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि पिछली गवर्निंग बॉडी की बैठक में इन पदों को भरने के निर्देश दिये गये थे। विभाग की ओर से एक वर्ष पूर्व वरीय रेजिडेंट की नियुक्ति हेतु रोस्टर भी रिम्स को उपलब्ध कराया गया था, लेकिन अब तक संस्थान की ओर से कोई नियुक्ति नहीं की गयी।
अपर मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि हर वर्ष रिम्स से औसतन 176 पीजी छात्र उत्तीर्ण होते हैं। यदि इनमें से 20 प्रतिशत अर्थात 34 छात्र को हर साल वरीय रेजिडेंट के रूप में नियुक्त किया जाता, तो तीन सालों में संस्थान को 102 योग्य डॉक्टर मिलते और स्थानीय प्रतिभाओं को राज्य में ही सेवा का अवसर प्राप्त होता। दूसरी ओर एम्स देवघर ने इसी नियम के तहत वरीय रेजिडेंट की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली है, जबकि रिम्स अब भी पिछड़ रहा है।
रिम्स निदेशक ने एक शपथ पत्र में स्वीकार किया है कि आयुष्मान भारत योजना से प्राप्त 17 करोड़ और संस्थान की आंतरिक आय से अर्जित 25 करोड़ की राशि को फिक्स्ड डिपॉजिट में रखा गया है। जबकि यह राशि मरीजों को दवा, जांच और निशुल्क इलाज जैसी आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए थी।
हकीकत यह है कि रिम्स में आयुष्मान योजना के तहत न तो मरीजों को जांच की पर्याप्त सुविधा मिल रही है, न ही मुफ्त दवाएं। अत्यंत गरीब मरीजों को निजी लैब्स में महंगी जांचें करवानी पड़ रही हैं और दवाएं भी बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं।
रिम्स प्रशासन की लापरवाही और नियुक्ति प्रक्रिया में हो रही देरी से न केवल योग्य डॉक्टरों का नुकसान हो रहा है, बल्कि आम जनता को भी जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
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