टीम एबीएन, रांची। शिक्षक दिवस पर झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने रांची स्थित अपने सभागार में आज राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षा क्षेत्र में समर्पित 128 शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। राज्य के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा संचालित 50 घंटे के अनिवार्य कार्यक्रम कम्प्रेहेंसिव-निरंतर व्यावसायिक विकास के अंतर्गत ये शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक पूरा किये हैं।
शिक्षकों ने मॉड्यूल लेखन, डिजिटल प्रारूप विकास तथा आवासीय एवं गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। सम्मानित शिक्षकों को शॉल, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
इसके अतिरिक्त, दो शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था और उन्हें विशेष सम्मान दिया गया। रामगढ़ के पीएम श्री हाई स्कूल, मनुवा के सहायक शिक्षक सुरेंद्र प्रसाद गुप्ता और चतरा के अपग्रेडेड 2 हाई स्कूल, दावरी के सहायक शिक्षक मनोज कुमार चोबे को 25,000 रुपये की नकद राशि, शॉल, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।
टाटा कॉलेज कॉलोनी मिडिल स्कूल की शिक्षिका अनुपमा ने कहा, हम व्यस्त जीवन में अक्सर अपनी मेहनत को याद रखना भूल जाते हैं। ऐसे दिवस हमें खुशी के साथ-साथ नयी ऊर्जा और प्रेरणा देता है और इससे हम समर्पित भाव से कार्य करते हैं।
टीम एबीएन, रांची। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन, रांची शाखा ने रजत जयंती महोत्सव पर 7 से 13 सितंबर तक सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन महाराजा अग्रसेन भवन, अग्रसेन पथ में किया गया है।
इस आयोजन के उद्देश्य एवं तैयारियों से संबंधित जानकारी देने हेतु 6 सितंबर को दोपहर 2.30 बजे महाराजा अग्रसेन भवन में संवाददाता सम्मेलन रखा गया है। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी रीना सुरेखा (8825383669) ने दी।
टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग एवं श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि 7 सितंबर से स्नान दान भाद्रपद पूर्णिमा तिथि लगते ही पितृ पक्ष शुरू हो जायेगा।
7 सितंबर से 21 सितंबर तक चलने वाला पितृपक्ष हमें पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने का पवित्र अवसर प्रदान करता है इस काल में विधि पूर्वक तर्पण, पिंडदान, ब्राह्मणों और जीवों को भोजन दान तथा दक्षिणा देने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है, पितृदोष मिटता है और वंश में सुख, समृद्धि एवं आशीर्वाद की भी प्राप्ति होती है। इस अवधि तक दादा दादी, नाना नानी पक्ष के पूर्वजों का ध्यान स्मरण किया जायेगा।
उन्हें जल देकर तर्पण की कामना होगी पितृपक्ष शुरू होते हैं शुभ कार्यों की बेला थम जायेगी। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को पितरों को प्रसन्न और संतुष्ट करने वाला पर्व माना जाता है इस दिन उन पूर्वजों के सम्मान में श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु हर महीने की पूर्णिमा के दिन हुई थी। पितृपक्ष जिसे श्राद्ध के नाम से भी जाना जाता है।
माना जाता है कि मृतक पूर्वजों को समर्पित एक महत्वपूर्ण अवधि है यह वह समय होता है जब पूर्वजों की आत्माएं प्रसाद और प्रार्थनाओं के प्रति सबसे अधिक ग्रहणशील होती है श्राद्ध पक्ष वास्तव में पितरों को याद करके उनके प्रति श्रद्धा भाव प्रदर्शित करने का अवसर है पितरों का श्राद्ध करने से जन्म कुंडली में व्याप्त पितृ दोष से भी हमेशा के लिए छुटकारा मिलता है पितृपक्ष में पितरों संबंधित कार्य करने से व्यक्ति का जीवन खुशियों से भर जाता है।
श्राद्ध तर्पण करने से पितर प्रसन्न होते है और आशीर्वाद देते हैं। पितर दोष से मुक्ति के लिए इस पक्ष में श्राद्ध तर्पण करना होता है। किसी योग्य ब्राह्मण से श्राद्ध कर्म, पिंडदान तर्पण करवाना चाहिए। जिस दिन श्राद्ध हो उस दिन ब्राह्मणों को भोजन करवाना चाहिए, श्राद्ध कार्य में पूरी श्रद्धा से ब्राह्मणों को तो दान दक्षिणा देना चाहिए,साथ ही यदि किसी गरीब जरूरतमंद की सहायता भी आप कर सके तो बहुत पुण्य मिलता है।
इसके साथ-साथ ही गाय, कुत्ते, कौवे आदि पशु पक्षियों के लिए भोग का एक अंश जरुर डालना चाहिए। पितृपक्ष मे मृत्यु की तिथि के अनुसार श्राद्ध किया जाता है। अगर किसी मृत व्यक्ति की तिथि ज्ञात न हो तो ऐसी स्थिति मे अमावस्या तिथि पर श्राद्ध किया जाता है इस दिन सर्वपितृ श्राद्ध योग माना जाता है।
7 सितंबर को पितृपक्ष की शुरुआत एक चंद्र ग्रहण के साथ हो रही है जिसमें सूतक काल का पालन आवश्यक है और ग्रहण के दौरान श्राद्धकर्म अनुष्ठान नहीं किए जाते हैं।
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अभिव्यक्ति पितृपक्ष हमें हमारे पूर्वजों की भावनात्मक और आध्यात्मिक याद दिलाता है यह समय आत्मनिरीक्षण कृतज्ञता और पितृपुण्य की भावना से ओत-प्रोत होता है पारिवारिक धरोहरों संस्कारों और आशीर्वाद को बनाए रखने का यह माध्यम है इस दौरान किये गये शास्त्रीय कर्मों से कुल की समृद्धि के साथ-साथ वंश में पुण्य का संचय होता है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। पलामू जिला के मनातू थाना क्षेत्र अंतर्गत केदल जंगल में बुधवार की देर रात्रि में प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुती समिति टीएसपीसी के दस लाख ईनामी कमांडर शशिकांत गंझू के दस्ता के साथ पलामू पुलिस के अभियान एएसपी राकेश सिंह के टीम के साथ मुठभेड़ हो गयी। मुठभेड़ 20 से 25 मिनट चली।
इसमें नक्सलियों की गोली लगने से पलामू पुलिस के दो जवान संतन मेहता जो हैदरनगर थाना क्षेत्र के परता निवासी व सुनील राम सोवा बरेवा निवासी शहीद हो गये। वहीं रोहित कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसका ईलाज एमएमसीएच मेदिनीनगर में चल रहा है। चिकित्सक ने इसे खतरे से बाहर बताया।
यह घटना पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि दस लाख का ईनामी कमांडर शशिकांत गंझू करमा पर्व के अवसर पर अपने पैतृक गांव केदल में मौजूद है। इस सूचना पर अभियान एएसपी राकेश सिंह के नेतृत्व में दो टीमें गठित की गई जो बुधवार की रात्रि में सर्च आपरेशन शुरू की गई। पुलिस टीम बीती रात्रि बारह से एक बजे के बीच में शशिकांत गंझू के घर के करीब पहुंची कि नक्सलियों ने पुलिस को लक्ष्य करते हुए अंधाधूंध गोलीबारी शुरू कर दी।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलायी जिसमें नक्सलियों के गोली लगने व मारे जाने की खबर है। मुठभेड़ की घटना बीस से 25 मिटन चली। इसके बाद नक्सली भागने में सफल रहे। पुलिस ने घटनास्थल से घायल जवानों को लेकर मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज भर्ती कराया जहां चिकित्सकों ने दो जवानों को मृत घोषित कर दिया। एक जवान का ईलाज चल रहा है।
इसके बाद पुलिस ने केदल जंगल की घेराबंदी कर सर्च आपरेशन चला रही है। इधर घटना की सूचना पाते ही पलामू एसपी रीष्मा रमेसन, डीआईजी नौशाद आलम व अन्य पुलिस अधिकारी घटनास्थल पहुंचकर जायजा लिया। इसके बाद सदर अस्पताल पहुंचकर घायल जवान का ईलाज कराया।
वहीं मुठभेड़ में शहीद जवानों की सूचना पाकर झारखंड के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सीआरपीएफ के आईजी साकेत सिंह, आईजी अभियान माइक राज एस, आईजी एसटीएफ अनुप बिरथरे, आईजी पलामू राकेश भाष्कर, डीआइजी नौशाद आलम, डीसी समीरा एस, एसपी रीष्मा रमेसन व क्षेत्रीय विधायक आलोक चौरसिया व अन्य वरीय अधिकारियों ने पुलिस लाईन में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। बुधवार की दोपहर सोनारी में आभूषण शो रुम में डकैती का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि अपराधियों ने जमशेदपुर पुलिस को एक नया सरदर्द देते हुए गुरुवार की दोपहर बिष्टुपुर गुरुद्वारा रोड में एक व्यापारी से 30 लाख रुपये लूट कर फरार हो गये। अपराधरी सफेद रंग की इनोवा पर सवार थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बताया जाता हैं कि गुरुद्वारा बस्ती निवासी व्यापारी साकेत अग्रवाल अपनी स्कूटी से एचडीएफसी बैंक, बिष्टुपुर रुपये जमा करने जा रहे थे। उनके बैग में 30 लाख रुपये थे। जैसे ही साकेत बिष्टुपुर गुरुद्वारा के पास पहुंचे एक इनोवा कार ने उन्हें कैची मारी और उसमें सवार लोगों ने उसकी आंखों पर लाल मिर्ज स्प्रे कर दिया।
स्कूटी रुकते ही कार सवार रुपये भरा बैग छीन कर फरार हो गए। जब साकेत ने अपनी स्कूटी से उनका पीछा किया तो जाते-जाते उन्होंने हवाई फ यरिंग कर दी। साकेत अग्रवाल ने जब शोर मचाया तो वहां लोग जूट गये। सूचना मिलने पर बिष्टुपुर पुलिस भी पहुंची। पुलिस वहां के सीसीटीवी से विडियो फुटेज देख कर अपराधियों को चिन्हित करने का प्रयास कर रही है।
सूचना मिलने पर सिंहभूम चैम्बर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के संभावित अध्यक्ष मानव केडिया अपने साथियों संग पहुंचे और घटना स्थल पर पीड़ित व्यापारी से बात की। सिटी एसपी कुमार शिवाशीष भी पहुंचे और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।
टीम एबीएन, घाटशिला/ रांची। राजनीति में बहुप्रतीक्षित घाटशीला विधानसभा उपचुनाव को लेकर सस्पेंस खत्म हो गया है। पूर्व शिक्षा मंत्री स्व रामदास सोरेन के निधन से खाली हुई इस सीट पर उनके पुत्र सोमेश सोरेन चुनावी मैदान में उतरेंगे। सोमेश ने कहा कि पिता के अधूरे सपनों को पूरा करना उनका दायित्व है और घाटशिला की जनता हमेशा की तरह इस बार भी उनके साथ खड़ी होगी।
हालांकि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टिकट सोमेश को ही मिलेगा। इसकी वजह झामुमो की पुरानी परंपरा भी है। गिरीडीह उपचुनाव में स्व. जगरनाथ महतो की पत्नी बेबी देवी को टिकट देकर जीत दिलायी गयी थी। वहीं, बेरमो उपचुनाव में कांग्रेस ने स्व. राजेंद्र सिंह के पुत्र अनूप सिंह को प्रत्याशी बनाया और उन्होंने विजय हासिल की।
ऐसे में माना जा रहा है कि घाटशीला में भी यही परंपरा दोहराई जायेगी। इधर, भाजपा भी घाटशीला सीट को लेकर अपनी रणनीति तेज कर चुकी है। पिछले विधानसभा चुनाव में इस सीट से पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन ने भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था और उन्हें करीब 75 हजार वोट मिले थे। भाजपा नेतृत्व एक बार फिर बाबूलाल पर दांव खेलने की तैयारी में है।
कोल्हान क्षेत्र में चंपई सोरेन का प्रभाव गहरा रहा है, जिसे साधने की रणनीति भाजपा बना रही है। राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से घाटशीला उपचुनाव बेहद दिलचस्प होने जा रहा है। एक ओर झामुमो जहां भावनात्मक कार्ड के सहारे सोमेश सोरेन को उतार सकती है, वहीं भाजपा संगठन और क्षेत्रीय समीकरणों के दम पर बाबूलाल सोरेन को आगे कर कड़ी चुनौती देने की तैयारी में है। उपचुनाव की औपचारिक घोषणा होते ही दोनों दलों के बीच सियासी संग्राम और तेज हो जायेगा।
टीम एबीएन, रांची। रांची के कांके स्थित रिनपास अपनी स्थापना के 100 वर्ष मना रहा है। गुरुवार से शुरू हुई तीन दिवसीय शताब्दी दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ, स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप, स्थानीय विधायक सुरेश बैठा के साथ-साथ अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एके सिंह ने शिरकत की।
इस कार्यक्रम में रिनपास के 100 वर्षों के स्वर्णिम इतिहास को बेहद सुखद बताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि देश आजाद होने के पहले से यह संस्था आम लोगों की सेवा में समर्पित है। उन्होंने कहा कि पास में ही सीआईपी भी है जो 1918 से जनता की सेवा में है। सीआईपी भारत सरकार की और रिनपास को राज्य सरकार संचालित करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रिनपास का जो कार्यक्षेत्र है, वह ऐसा है जहां बहुत कम लोग इस बात के लिए तैयार होते होंगे कि किसी को रिनपास जाने की जरूरत पड़े। सीएम ने कहा कि 1925 में मानव मन:स्थिति कैसी होगी यह पता नहीं पर वर्तमान में मानव मन: स्थिति चिंता करने वाली है। ऐसे में आनेवाले दिनों में ऐसे संस्थान की महत्ता और बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि मैं पहली बार रिनपास आया हूं। आनेवाले समय में विस्तृत समीक्षा कर रिनपास को दुरुस्त करूंगा। कई लोग हमारे संपर्क में आये और जो भी मौजूदा व्यवस्था है। लोगों को रिनपास भेजा, उनकी सहायता रिनपास ने की अब और गंभीरता के साथ काम करना होगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 50 बच्चों का एडमिशन होना था लेकिन किस वजह से उसमें कमी आयी, उस कमी को दूर किया जायेगा। मानसिक समस्याएं बढ़ रही हैं तो इलाज के लिए नये-नये तरीकों का ईजाद भी हो रहे हैं। उन आधुनिक तकनीकों से रिनपास को लैस किया जायेगा, बहुत जल्द बदलाव दिखेगा। समाज के अंदर कई ऐसी स्थिति होती है, यह मैंने देखा है कि कैसे परिवार के लोगों को यहां छोड़ कर चले जाते हैं।
टीम एबीएन, रांची। आफिशियल निमंत्रण पर फोरम आफ सिविल पेंशनर्स एसोसिएशन झारखंड का एक प्रतिनिधिमंडल एम जेड खान के नेतृत्व में पेंशन अधिनियम में संशोधन तथा आठवें वेतन आयोग के गठन में हो रहे अप्रत्याशित विलंब को लेकर माननीय राज्यपाल, झारखंड सरकार से मिला तथा उन्हें पुन: ज्ञापन समर्पित किया।
वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए उनसे अनुरोध किया कि इसे डिपार्टमेंट आफ पर्सनल और ट्रेनिंग को अग्रसारित कर दिया जाये। राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इस पर उचित कार्रवाई की जायेगी।
प्रतिनिधिमंडल में पोस्टल से एम जेड खान, राज्य सचिव और साधन कुमार सिन्हा, राज्य अध्यक्ष तथा रेलवे से जगजीत सिंह बहल, चंचल कुमार सिंह, जोनल सेक्रेटरी एवं बीएसएनएल पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन से नरेश लाल शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने इस बात की चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस संशोधन के कारण 32 लाख से अधिक सिविल केंद्रीय पेंशनर्स को रिटायरमेंट की तिथि के आधार पर आठवें वेतन आयोग के लाभ से वंचित कर दिया जायेगा और ये संविधान के आर्टिकल 14 के समानता के अधिकार के विरुद्ध है।
पेंशनर्स समाज इस संशोधन को लेकर देश भर में आंदोलित एवं आक्रोशित है। हम सरकार से मांग करते हैं कि इस संशोधन को वापस लिया जाये। वार्ता सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई। उक्त जानकारी फोरम आॅफ सिविल पेंशनर्स एसोसिएशन, झारखंड रांची के एम जेड खान ने दी।
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