टीम एबीएन, रांची। डॉ संत शिरोमणी स्वामी सदानंद महाराज जी के सानिध्य में श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर पुंदाग राँची मे 259 वां श्री कृष्ण प्रणामी अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री राधा रानी जी का दिव्य आकर्षक आभूषणों से अलंकृत कर अलौकिक श्रृंगार किया गया।
तत्पश्चात महाप्रसाद का विधिवत भोग दोपहर 12 बजे मंदिर के पुजारी अरविंद कुमार पांडे द्वारा लगाई गई, महाप्रसाद मे मसालेदार वेजिटेबल खिचड़ी, गुलाब का शरबत का वितरण किया गया। मंदिर परिसर में उपस्थित 2 हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।तत्पश्चात भजन- संध्या में ट्रस्ट के भजन गायकों ने अपने मनमोहक सुमधुर भजनों श्रोताओं को खूब झुमाया।
श्री राधा कृष्ण के जयकारा से पूरा वातावरण कृष्णमय एवं भक्तिमय बन गया। तत्पश्चात सामूहिक रूप से महाआरती की गई। ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि श्री राधा कृष्ण मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा तथा 4 हजार से अधिक श्रद्धालुओं में दर्शन किये।
उन्होंने बताया कि मंदिर में प्रत्येक दिन दोपहर 12:30 बजे से 2 बजे तक वेजिटेबल खिचड़ी महाप्रसाद का वितरण किया जाता है जिसमें 400 से भी अधिक श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस अवसर पर डूंगरमल अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, मनोज कुमार चौधरी, पूरणमल सर्राफ, सुरेश अग्रवाल, नंदकिशोर चौधरी, संजय सर्राफ, सुरेश भगत, पवन पोद्दार, ज्ञान चंद्र शर्मा सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। रविवार को 21 पडहा माकांदु में गांव के पहान/प्रधान की अध्यक्षता में आवश्यक बैठक की गयी। जिसमें गांव के विभिन्न समस्या के संबंध मे विचार विमर्श किया।
बैठक को जिला राजी पडहा वेल लक्ष्मीनारायण भगत ने कहा कि आज के समय मे सामाजिक बैठक और गांव में आपसी समन्वय अति आवश्यक है तभी आदिवासी समाज शोषण, अत्याचार के खिलाफ आवाज बुलंद कर समाज को न्याय दिलाने में सहायक होगा।
वेल लक्ष्मीनारायण भगत ने कहा कि न्याय के लिए आदिवासी छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के साथ साथ कानून की जानकारी, पेसा कानून, पडहा व्यवस्था की जानकारी रखना अति आवश्यक है।
बैठक में जिला राजी पडहा मीडिया प्रमुख जगदीप भगत, भुखला उरांव, राजेंद्र उरांव, मुकेश, निरंजन, भिंसरिया उरांव, राजमुनी उरांव, मंगरा उरांव, सुखमनिया उरांव, अतवरिया उरांव आदि सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। श्री जैन श्वेतांबर संघ, रांची ने भगवान महावीर के जन्म कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में जैन श्वेतांबर मंदिर डोरंडा में 31 मार्च 26 को शोभायात्रा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर श्री भगवान महावीर का 2625वां जन्म कल्याणक महोत्सव दिनांक 31/03/2026 को है।
मौके पर मंगलवार को सुबह 8.30 बजे श्री जैन श्वेतांबर मंदिर डोरंडा से भगवान की शोभायात्रा धूमधाम गाजे बाजे के साथ निकलेगी, जो तुलसी चौक, मेकॉन चौक, हाइ कोर्ट होते हुए वापस 10.30 बजे मंदिर पहुंचेगी। तत्पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन सुबह 10:30 बजे से किया गया है ओर 1 बजे से स्वामी वात्सल्य का कार्यक्रम है।
श्री जैन श्वेतांबर संघ के साध्वी विशालमाला श्री जी आदि ठाना 3 के महावीर जयंती के दिन डोरंडा जैन मंदिर पधार सकते हैं। साध्वियां जी सिकंदराबाद से पद विहार करते हुए शिखर जी, मधुबन पारसनाथ की ओर विहार कर रहे हैं, इस दौरान रांची 1 से 2 दिन मे पहुंचेंगे, डोरंडा जैन मंदिर रांची में कुछ दिनों के लिए उनका प्रवास होगा।
भगवान महावीर जयंती के कार्यक्रम के अवसर पर रांची के वर्तमान मेयर श्रीमती रोशनी खलखो एवं पूर्व डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप मे भाग लेंगे।
श्री जैन श्वेतांबर संघ के संरक्षक संपत लाल रामपुरिया, अध्यक्ष सुभाष बोथरा, सचिव विमल दस्सानी, उपाध्यक्ष घेवर चंद नाहटा ने समाज के सभी लोगों को समय से पहुंच कर कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आग्रह किया गया है। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी सुरेश जैन ने दी।
टीम एबीएन, रांची। हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री संजय सर्राफ ने कहा है कि भगवान महावीर जयंती जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश और विश्व में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनायी जाती है।
यह पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को आता है। इस वर्ष यह पावन पर्व 30 मार्च को एवं कई स्थानों में 31 मार्च को मनाया जाएगा। जैन समाज के लिए यह दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन भगवान महावीर का अवतरण हुआ था, जिन्होंने मानवता को अहिंसा, सत्य और आत्मसंयम का अमूल्य संदेश दिया।
भगवान महावीर का जन्म 599 ईसा पूर्व बिहार वैशाली के कुंडल ग्राम में हुआ था। उनका बचपन का नाम वर्धमान था। राजसी जीवन में जन्म लेने के बावजूद उन्होंने 30 वर्ष की आयु में सांसारिक सुखों का त्याग कर कठोर तपस्या का मार्ग अपनाया। 12 वर्षों की कठिन साधना के बाद उन्हें कैवल्य ज्ञान (सर्वज्ञान) की प्राप्ति हुई और वे महावीर कहलाए।
उनके उपदेशों ने जैन धर्म को नई दिशा दी और समाज में नैतिकता एवं मानवता की स्थापना की। महावीर जयंती का मुख्य उद्देश्य भगवान महावीर के सिद्धांतों और उनके जीवन दर्शन को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने अहिंसा परमो धर्म: का जो संदेश दिया, वह आज के समय में और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है। उनका मानना था कि हर जीव में आत्मा होती है और किसी भी जीव को कष्ट पहुंचाना पाप है।
इसके साथ ही उन्होंने सत्य, अस्तेय (चोरी न करना), ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह जैसे पंच महाव्रतों का उपदेश दिया, जो मानव जीवन को संतुलित और शांतिपूर्ण बनाते हैं। इस दिन जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और शोभायात्राएं निकाली जाती हैं। भगवान महावीर की प्रतिमा को सजाकर नगर भ्रमण कराया जाता है और उनके उपदेशों का प्रचार-प्रसार किया जाता है।
भक्तजन दान-पुण्य, जीव दया और सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। गरीबों को भोजन, वस्त्र और दवाइयां वितरित की जाती हैं, जो इस पर्व की सामाजिक महत्ता को भी दर्शाता है। भगवान महावीर की गाथा केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर समानता, सहिष्णुता और प्रेम का संदेश दिया।
उनके विचार आज के आधुनिक समाज में शांति, सद्भाव और नैतिकता की स्थापना के लिए मार्गदर्शक हैं। अत: महावीर जयंती केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि और मानवता के उत्थान का पर्व है। यह हमें सिखाती है कि सच्चा धर्म वही है, जो दूसरों के प्रति करुणा, सहानुभूति और अहिंसा का भाव रखे। भगवान महावीर के सिद्धांतों को अपनाकर ही हम एक बेहतर और शांतिपूर्ण समाज की स्थापना कर सकते हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गोसाईंगांव/कोकराझार/असम/रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने असम में चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करते हुए कोकराझार ज़िले के गोसाईंगांव विधानसभा क्षेत्र में जेएमएम प्रत्याशी फ्रेडरिक्सन हांसदा के पक्ष में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।
इस जनसभा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे। हेमन्त सोरेन ने झारखण्ड की वीर परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ के आदिवासियों ने आज़ादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कभी गुलामी स्वीकार नहीं की। उन्होंने कहा कि अब झुकने का समय नहीं, बल्कि अधिकार लेने का समय है।
उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि आदिवासी और वंचित समाज के अधिकारों को घर-घर तक पहुँचाने का अभियान है। चुनाव के समय अपनाए जाने वाले हथकंडों से सावधान रहने की अपील करते हुए उन्होंने सभी से अपने बच्चों को शिक्षित करने पर बल दिया। उन्होंने शिक्षा को आज की सबसे बड़ी ताकत बताया।
हेमन्त सोरेन ने कहा कि असम के चाय बागान में काम करने वाले लोगों का देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में अहम योगदान है लेकिन यहां काम करने वाले लोगों को अबतक उनका हक अधिकार नहीं मिल पाया है । उन्हें वर्षों से सिर्फ आश्वासन दिया गया लेकिन वास्तविक अधिकार नहीं दिया गया। हम उस हक अधिकार के लिए आपके संघर्ष के साथ हैं।
अपने संबोधन में हेमन्त सोरेन ने कहा कि ये लोग चुनाव के समय आपके के खातों में पाँच सौ या हज़ार रुपये डालते हैं, और चुनाव के बाद सिरिंज लगाकर खून निकाल लेते हैं। ये लोग देने वाले नहीं, बल्कि लेने वाले हैं। जब तक इनका पेट और जेब नहीं भरता, तब तक ये कुछ नहीं देते। चुनाव के समय ये लोग जाल डालने का काम करते हैं और मतलब पूरा होने के बाद ये अपना वादा भूल जाते हैं।
झारखण्ड की शिक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज झारखण्ड में सरकारी स्कूलों की स्थिति ऐसी है कि निजी स्कूलों से बच्चों को उनके अभिभावक पढ़ा रहें हैं। सरकारी स्कूल में मौजूद नौ हजार सीटों के लिए चालीस हजार बच्चों ने परीक्षा दी। यह बेहतर शिक्षा व्यवस्था का परिणाम है। असम में भी ऐसी व्यवस्था हम लाना चाहते हैं।
हेमन्त सोरेन ने आरोप लगाया कि कुछ लोग पैसे के बल पर संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करते हैं और चुनाव के समय मंच से मीठी-मीठी बातें करते हैं, जबकि वे जमीनी सच्चाइयों से दूर रहते हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे मीठी बातें करने नहीं, बल्कि सच्चाई रखने आए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, प्रोफेसर और पत्रकार बनाना ही वास्तविक सशक्तिकरण है।
उन्होंने बताया कि झारखण्ड में आदिवासी युवाओं की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन करने का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार की व्यवस्था असम में भी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि वंचित समाज को समान अवसर मिल सके।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। शिव मंदिर, कृषि बाजार प्रांगण,एकलव्य नगर लोहरदगा में 28,3,2026, वि संवत 2083 के इस आयोजन में पटना से विश्व हिंदू परिषद के वीरेंद्र कुमार बिमल, आर्य समाज के आचार्य शरद , श्री सचिदानंद नंद लाल,प्रांत संघचालक, कृपा प्रसाद सिंह,वनवासी कल्याण केन्द्र के अ भा पूर्व उपाध्यक्ष, शिव शंकर सिंह , पंजाली योग ने लोगों का मार्गदर्शन किया।
लोहरदगा के एक नगर के इस सम्मेलन में प्रारंभ में हनुमान चालीस का पाठ, एवं गायत्री मंत्र का उच्चारण किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने के कार्यक्रमों में यह एक कार्यक्रम था। ज्ञातव्य है कि पूरे देश में ऐसे सम्मेलन बस्ती नगर एवं ग्रामों में आयोजित हो रहे हैं।
कार्यक्रम के आयोजन में संघ के देवेंद्र मंडल,सह जिला कार्यवाह, विनय कुमार, वरुण कुमार, दिनेश कुमार प्रजापति (बस्ती प्रमुख ) सुदामा सिंह, कृष्ण प्रसाद, राज कुमार राणा, श्री वर्मा जी, श्री गुप्ता आदि के अलावा शिव मंदिर समिति के महिला समिति का योगदान कार्यक्रम को सफल बनाने में रहा। मंच संचालन विनोद राम, शिक्षक,प्रेम नगर ने किया। कार्यक्रम की जानकारी कृपा प्रसाद सिंह, वनवासी कल्याण केन्द्र ने प्रेस को दिया ।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने झारखंड सरकार धनबाद डीसी, धनबाद नगर निगम, झरिया विधायक रागिनी सिंह को ट्वीट कर लिखा कि लोयाबाद वार्ड संख्या 8 अंतर्गत एकड़ा बासुदेवपुर कोलियरी के जंगलों में रेंमकी कंपनी के ठेकेदार द्वारा पूरे धनबाद नगर निगम क्षेत्र का कचरा अवैध रूप से गिराया जा रहा है।
इसके साथ ही प्लास्टिक सहित अन्य कचरे में आग लगा दी जाती है, जिससे क्षेत्र में भारी प्रदूषण फैल रहा है और स्थानीय लोग इसके शिकार हो रहे हैं। कि सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करने के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, बल्कि सारा कचरा एक साथ फेंका जा रहा है।
साथ ही कचरे का रीसाइक्लिंग भी नहीं किया जा रहा, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। जंगलों में रहने वाले जीव-जंतु और पक्षियों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है, अगर समय रहते इसपर कोई कार्यवाई नहीं होती है तो ऐसे ही भरी मात्रा में प्रदूषण फैलते रहेंगे और लोग प्रदूषण का शिकार होते रहेंगे।
टीम एबीएन, रांची। राजधानीवासियों को अगले 2 दिन पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ेगा। सप्लाई वाटर नहीं आने से 30 और 31 मार्च को लोगों को पानी को लिए कुछ वैकल्पिक इंतजाम करना पड़ेगा। दरअसल बहु बाजार से पटेल चौक तक बन रहे कनेक्टिंग सिरमटोली फ्लाईओवर निर्माण कार्य के कारण 30 और 31 मार्च को जलापूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी।
हटिया वाटर सप्लाई पाइपलाइन शटडाउन होने की वजह से निम्न इलाकों में पानी की सप्लाई बाधित रहेगी। ये इलाके – सिरमटोली, पीपी कम्पाउंड, कडरू, अशोकनगर, चर्च कोड, कर्बला चौक, कोंका रोड, इस्लाम नगर, नयाटोली,आजाद बस्ती, चुटिया, लोवाडीह, सामलौंग, कांटाटोली, मकचुंद टोली और डोरंडा हैं। जहां 30-31 मार्च को वाटर सप्लाई नहीं होगी।
दरअसल फ्लाईओवर रूट से गुजर रही मुख्य सप्लाई पाइपलाइन को हटाकर नई पाइपलाइन बिछाने का काम किया जाएगा। फ्लाईओवर निर्माण के तहत पेयजल विभाग की ओर से पाइपलाइन शिफ्टिंग का काम किया जायेगा। इस कार्य के चलते हजारों की आबादी सीधे प्रभावित होगी और लोगों को पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
बहुबाजार, पटेल चौक और आसपास के कई मोहल्लों को पानी का से जुझना पड़ेगा। जहां नियमित जलापूर्ति इन दो दिनों तक ठप रहेगी। जबकि रांची के बाकी इलाकों में पानी सप्लाई होगा। वहीं स्थानीय लोगों में इसे लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि बिना पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था के सप्लाई बंद करना आम जनता के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर देगा।
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