एबीएन न्यूज नेटवर्क हजारीबाग। हजारीबाग में हथियार और गोला-बारूद लेकर कथित तौर पर डकैती करने जा रहे 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि उनके पास से जब्त की गई वस्तुओं में दो पिस्टल और दो मोटरसाइकिल शामिल हैं। एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस शनिवार को कोर्रा थाना क्षेत्र के कैनरी हिल पहुंची। उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस को देखकर अपराधी भागने लगे और टीम ने उनका पीछा किया तथा 5 लोगों को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार लोगों ने कबूल किया कि वे कोर्रा में डकैती करने के लिए इकट्ठा हुए थे।
एसपी ने बताया कि पिछले सप्ताह पतरातू गांव में जन्मदिन की एक पार्टी में हुई डकैती में भी यह गिरोह शामिल था तथा वहां से मोबाइल फ़ोन, सोने के गहने और 90 हजार रुपये नकद लूटे गए थे। गिरफ्तार लोगों की पहचान धनी राम सोरेन उर्फ नेपाली (40), बलराम मुंडा (40), किशोर कुमार उर्फ बिहारी (28), तैयब अंसारी (28) और विकास कुमार (31) के रूप में हुई है। एसपी ने बताया कि धनी राम सोरेन और बलराम मुंडा 17 मामलों में वांछित थे।
टीम एबीएन, रांची। चौपाटी रेस्टोरेंट के मालिक की गोली मारकर हत्या करने वाले अपराधी की रांची पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ की घटना रविवार रात कांके थाना क्षेत्र के सुकुरहुटू स्थित आईटीबीपी कैंप के आसपास हुई है। पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में विजय नाग की हत्या करने के मुख्य आरोपी अभिषेक सिंह को गोली लगी है।
उल्लेखनीय है कि शनिवार की देर रात अभिषेक सिंह ने चौपाटी रेस्टोरेंट के मालिक विजय नाग की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसके बाद वह मौके से फरार हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी राकेश रंजन ने फरार हुए अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था।
एसएसपी द्वारा गठित टीम घटना में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि अभिषेक आइटीबीपी कैंप के आसपास छिपा है। सूचना के आधार पर पुलिस की टीम जैसे ही मौके पर पहुंची, अभिषेक ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस कार्रवाई में अभिषेक को गोली लगी है।
वहीं इस घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकाने पर लगातार ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।
उल्लेखनीय है कि पिछले 10 दिनों के अंतराल पर रांची पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में कुल पांच अपराधियों को गोली लगी है।
टीम एबीएन, रांची। दीपों का पर्व दीपावली में राजधानी रांची के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। पिछले कुछ दिनों से हुई लगातार बारिश के बाद फूलों की कीमतों में काफी इजाफा हुआ है, लेकिन त्योहार की खुशी में लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। सुबह से ही बाजारों में भीड़ लगी हुई है और श्रद्धालु माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के लिए फूल, माला और केला थंब की खरीदारी कर रहे हैं।
हर साल दीपावली के मौके पर रांची में लगभग 80 से 90 ट्रक गेंदा फूल की खपत होती है। इस बार भी मांग काफी अधिक है, लेकिन बारिश के कारण फूलों की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। खासकर पश्चिम बंगाल और कोलकाता के हावड़ा और बड़ा बाजार से मंगाए गए पीले और लाल गेंदा फूल, मोती फूल की माला, रजनीगंधा और कमल फूल की खेप में कुछ नुकसान हुआ है। थोक बाजार में 20 लड़ियों वाले गेंदा फूल की बोरी की कीमत अब 1100 से 1500 रुपये तक पहुंच गई है।
रांची के लालपुर, कचहरी चौक, अपर बाजार, कांटा टोली और रातू रोड इलाकों के फूल बाजारों में सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ उमड़ी हुई है। दुकानदारों का कहना है कि बारिश के कारण फूल थोड़े महंगे जरूर हुए हैं, लेकिन लोग पूजा की खुशी में खरीदारी में पीछे नहीं हट रहे हैं।
इधर, दीपावली पर केला थंब की मांग भी काफी बढ़ जाती है। यह खासकर दुकानों और घरों में शुभता के प्रतीक के रूप में लगाया जाता है। झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों जैसे नामकुम, ओरमांझी, बुंडू, सिल्ली और तुपुदाना से रांची में केला थंब लाए जा रहे हैं। स्थानीय उत्पादन ज्यादा होने की वजह से उनकी कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर हैं। बाजार में एक जोड़ी 300 से 500 रुपये में उपलब्ध है।
फूल और केला थंब के साथ ही आम्रपल्लव और अन्य पूजा सामग्रियों की भी खरीदारी जोरों पर है। व्यापारी बताते हैं कि दीपावली से दो दिन पहले तक बाजार सबसे ज्यादा व्यस्त रहता है। रांची के बाजारों में दीपावली की रौनक दिखाई दे रही है। दीपों और फूलों से सजे घरों और मंदिरों में हर कोई त्योहार की खुशियां मनाने को उत्सुक नजर आ रहा है।
टीम एबीएन रांची। आज दिनांक 21/10/2025 को तिरुलडीह गोलीकांड में शहीद हुए धन्नजय और अजीत महतो को शहादत स्थल पहुंचकर जेएलकेएम केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो सैकड़ों समर्थकों के साथ माल्यार्पण किया।
मौके पर देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि आज से ठीक 43 साल पहले 21 ऑक्टूबर 1982 को ज़ब झारखण्ड अलग राज्य आंदोलन और कोल्हान में जंगल बचाओ आंदोलन चरम पर था तब झारखंड अलग राज्य माँग के अलावा चांडिल, नीमडीह और ईचागढ़ प्रखंड को अकालग्रस्त घोषित करने एवं अन्य मांगों को लेकर इचागढ़ के तिरुलडीह अंचल के समक्ष शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर बिना चेतावनी के पुलिस द्वारा फायरिंग की गयी ।
जिसमें चांडिल कॉलेज के दो छात्र धनंजय महतो और अजीत महतो आंदोलन स्थल में पुलिस के गोली से शहीद हो गए। छात्र और ग्रामीण पुलिस का अवैध वसूली को बंद करा दिया था जिसके वजह से पुलिस आतंक फैलाना चाहती थी, आतंक इतना अधिक था कि फायरिंग के बाद भी 41 लोगों को गिरफ्तार कर 36 घंटे तक बिना खाना पीना के हिरासत में रखा था, हंगामा के बाद उन्हें छोड़ा गया।
इस घटना के बाद पुलिस का आतंक इतना था कि पोस्टमार्डम के बाद जमशेदपुर से दोनों छात्रों का शव तक गांव लाने तक कोई तैयार नहीं था बाद निर्मल महतो ख़ुद ट्रक से लाकर खुद मुखाग्नि दिया था। धनंजय महतो और अजीत महतो की शहादत ने पूरे झारखंड क्षेत्र को उद्वेलित कर दिया था। धनंजय के कुछ ही माह का एक बेटा उपेंद्र था तथा अजीत अविवाहित था। शहादत का लंबा समय बीत चुका।
अलग झारखंड राज्य का गठन भी हुआ। तिरुलडीह गोलीकांड पर राजनीति भी खूब हुई।गोलीकांड के बाद कर्पूरी ठाकुर, जार्ज फर्नाडिस, रामविलास पासवान, शिबू सोरेन जैसे नेताओं ने तिरूलडीह का दौरा किया था, गोलीकांड के खिलाफ आंदोलन भी हुआ था, घटना के बाद ग्रामीणों में इतना अधिक गुस्सा था कि उन्होंने कोई भी सरकारी सहायता लेने से इनकार कर दिया था।
पुण्यतिथि पर प्रत्येक साल कार्यक्रम भी होता है लेकिन आज तक इन दोनों को आधिकारिक रूप से शहीद का दर्जा नहीं मिलना सभी को खलता है क्योंकि तिरुलडीह गोलीकांड अलग झारखंड आंदोलन का हिस्सा था। मौके पर देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार से मांग किया कि झारखंड सरकार धनंजय महतो और अजीत महतो को झारखंड आंदोलनकारी का दर्जा दे।
एबीएन एडिटोरियल डेस्क। बिहार के चुनाव में इं.डि.या. गठबंधन में सीट शेयरिंग की कांग्रेस और राजद के बीच बिगड़ी स्थिति में गठबंधन के अंग झारखंड के झारखंड मुक्ति मोर्चा को सीट नहीं दिया गया। हेमंत सोरेन की पार्टी की बिहार में चुनाव लड़ने की इच्छा धरी की धरी रह गई और उसने चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा के साथ ही साथ गठबंधन से अलग होने की घोषणा कर दी।
11 नवंबर को घाटशिला का उपचुनाव है भारतीय जनता पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा के बीच आमने-सामने की लड़ाई है। 14 नवंबर को परिणाम के बाद हेमंत सोरेन को अपनी रणनीति स्पष्ट करनी ही पड़ेगी; क्योंकि जब वह महा गठबंधन का अंग नहीं है तो कांग्रेस और राजद के साथ झारखंड में सरकार चलाने का औचित्य बच ही नहीं जाता है। झामुमो को कांग्रेस और राजद के द्वारा एक प्रकार से बिहार के चुनाव में धोखा दिया गया है इसलिए झारखंड में भी गठबंधन तोड़ने का एकमात्र विकल्प बचता है।
कांग्रेस और राजद के विधायक क्या पाला बदलते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा में सम्मिलित हो जाएंगे? झारखंड मुक्ति मोर्चा क्या भाजपा के साथ गठबंधन बनाकर सरकार चलाएगी? हेमंत सोरेन के सामने मोटा-मोटी यही दो विकल्प है, उस स्थिति में जब उसने स्वयं को महा गठबंधन से अलग कर लिया है।
सूत्रों के अनुसार भाजपा के रणनीतिकार झारखंड मुक्ति मोर्चा से गठबंधन स्थापित करने के प्रयास में लगे हुए हैं। अगर ऐसा होता है तो डबल इंजन की सरकार से झारखंड को भी फायदा होगा तथा झारखंड मुक्ति मोर्चा भी निश्चिंत होकर सरकार चलाएगी। 14 नवंबर के बाद झारखंड की राजनीति किस करवट बैठती है यह देखना दिलचस्प होगा। (लेखक स्वतंत्र टिप्पणी कर हैं और यह उनके निजी विचार हैं।)
एबीएन सोशल डेस्क। छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी आज यानी रविवार को मनायी जा रही है। इस दिन लोग अपने घरों में दीपक जलाते हैं। आइये जानते हैं आज शाम दीपक जलाने का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।
इस बार नरक चतुर्दशी पर यम का दीपक का मुहूर्त शाम 05:50 बजे से 07:02 बजे तक का है। इस दिन रात में सरसों के तेल का दीपक घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर अवश्य जलायें। दीपक में लाल सूती बाती लगाएं और उसमें थोड़े से राई के दाने डालें।
ऐसा करने से घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और धन प्राप्ति में आ रही रुकावटें दूर होती हैं। इस दीपक को प्रज्ज्वलित करते समय ॐ श्री महालक्ष्म्यै नम: मंत्र का 11 बार जाप करें। उस मंत्र से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं, ऐसी भी मान्यता है कि यम दीपदान करने से व्यक्ति के जीवन में दीघार्यु, शांति और सौभाग्य का वास होता है।
इसके अलावा छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी के दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति, ब्राह्मण या भोजन की इच्छा रखने वाले व्यक्ति को चावल, गेहूं या मूंग दाल का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन श्रद्धा और निस्वार्थ भाव से अन्न का दान करता है, उसके जीवन से दरिद्रता और आर्थिक कष्ट समाप्त हो जाते हैं। साथ ही, घर-परिवार में अन्न, धन और सौभाग्य की वृद्धि होती है।
छोटी दिवाली की रात मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ अवसर होता है। इस दिन मां लक्ष्मी को चांदी का सिक्का या शुद्ध कौड़ी अर्पित करना अत्यंत फलदायी माना गया है। पूजा से पहले कौड़ी को दूध और गंगाजल से शुद्ध करें ताकि उसमें मौजूद सभी नकारात्मकता समाप्त हो जाए और वह शुभ ऊर्जा से भर जाए।
शुद्ध करने के बाद कौड़ी या चांदी का सिक्का अपने पूजा स्थल पर रखें और दीपावली की रात विधिवत लक्ष्मी पूजन के समय उसी सिक्के या कौड़ी की पूजा करें। पूजा के बाद इसे अपनी तिजोरी, कैश बॉक्स या पैसे रखने के स्थान पर सुरक्षित रखें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गोड्डा। जिले में दिवाली से पहले बड़ा हादसा हो गया है। यहां पानी की टंकी के ढह जाने से 2 मासूम बच्चों की मौत हो गयी जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गये हैं। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है।
मामला जिले के सुंदर पहाड़ी इलाके का है। बताया जा रहा है कि यहां पानी की टंकी अचानक ढह गई। इसकी चपेट में आने से 2 मासूम बच्चों की मौत हो गई जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गये हैं। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां सभी की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
वहीं, घटना के बाद मृतक बच्चों के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। बता दें कि कल यानी सोमवार को दीवाली का त्योहार मनाया जायेगा। दिवाली से ठीक 1 दिन पहले हुए इतने बड़े हादसे ने झकझोर कर रख दिया है। इलाके में मातम छा गया है। दीवाली की खुशियां मातम में बदल गयी हैं।
टीम एबीएन, रांची। प्रसिद्ध समाजसेवी, उद्योगपति एवं झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के विशिष्ट संरक्षक सदस्य रामचंद्र रूंगटा के आकस्मिक निधन पर झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने गहरा शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।
झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल एवं महामंत्री विनोद कुमार जैन ने शोक व्यक्त करते करते हुए कहा की स्वर्गीय रुंगटा का निधन अत्यंत दु:खद एवं हृदयविदारक है। उनका समाज, व्यापार और सेवा के क्षेत्र योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने सदैव समाज हित को सर्वोपरि रखते हुए अपनी कर्मभूमि को सेवा और संस्कारों से आलोकित किया। उनके निधन से समाज ने एक सच्चे मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत और करुणामय व्यक्तित्व को खो दिया है।
शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में भागचंद पोद्दार, ओम प्रकाश अग्रवाल, ललित कुमार पोद्दार, पवन कुमार पोद्दार, राजेंद्र केडिया, मनोज चौधरी, पवन शर्मा, संजय सर्राफ, कौशल कुमार राजगढ़िया, अनिल अग्रवाल, प्रमोद सारस्वत, सज्जन पाड़िया,निर्मल कुमार बुधिया, कमलेश संचेती, आदि शामिल है। उक्त जानकारी झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी।
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