टीम एबीएन, रांची। आज 22 नवंबर को रांची के प्रतिष्ठित न्यायिक संस्थान छोटा नागपुर लॉ कॉलेज में एम एम बनर्जी राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का दूसरा दिन रहा। इस प्रतियोगिता में भारत के 16 राज्यों से आई 32 टीमों ने न्यायालय के सामने अपने विधिक तर्क रखें।
आज प्रतियोगिता में न्यायालय का गठन झारखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्तागण, रोहन कश्यप, सैयद रमीज जफर, अमन कुमार, अर्पिता भारद्वाज, नेहा पांडे, दीक्षा द्विवेदी, प्रवीण चंद्र, निखिल रंजन, श्रेष्ठ मेहता, ईशान आशीष प्रत्यूषिता मेहा टुडू और शाहबाज अख्तर रहे।
माननीय न्यायाधीशों द्वारा चार टीमों का चयन सेमीफाइनल के राउंड के लिए किया गया है जिसमें से दो टीम फाइनल राउंड के लिए प्रवेश करेगी। कल 23 नवंबर को महाविद्यालय में सेमीफाइनल और फाइनल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
जिसमें झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश गण न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी, न्यायमूर्ति दीपक रोशन, पूर्व न्यायमूर्ति डॉक्टर एस एन पाठक, झारखंड अधिवक्ता परिषद के प्रेसिडेंट रितु कुमार और इसके साथ ही साथ जय प्रकाश (अतिरिक्त एडवोकेट जनरल) झारखंड राज्य उपस्थित रहेंगे। अतिथियों की गरिमामई उपस्थिति में फाइनल मैच की विजेता टीम को ट्रॉफी और धनराशि से सम्मानित किया जाएगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के 25वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि बदलाव कोई जादुई छड़ी नहीं है। राज्य की नीतियों और कानूनों को आमजनों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। सेवा का अधिकार कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसमें कई बिंदु जोड़े गये हैं। समय सीमा के अंदर काम को पूरा करना होगा। समय सीमा के अंद अगर पदाधिकारी काम नहीं करते हैं तो दंड का भी प्रावधान है।
इसका असर मील का पत्थर साबित होगा। म्यूटेशन, जमीन की मापी,चरित्र, जाति, मृत्यु, आय प्रमाण पत्र के लिए आज लोग धक्के खाते हैं। अब इसे टाइम बांट के अंदर पूरा करना होगा। बदलाव कोई जादुई छड़ी नहीं है। झारखंड को सोने की चिड़िया कहा जाता है। लेकिन यह साकार रुप में तभी दिखेगा जब सवा तीन करोड़ के चेहरे पर मुस्कान दिखेगा। इसमें बड़ी भूमिका विधायिका भी है। इसमें सभी का सकारात्मक भूमिका होनी चाहिए।
सीएम ने कहा कि आर्थिक, सामाजिक, बौद्धिक रूप से अगर मजबूत नहीं हैं तो ये संघर्ष लंबा हो सकता है। गाड़ी में पेट्रोल नहीं भरें तो एक कदम भी आगे नहीं चल सकती है। इसमें सभी का दायित्व बनता है। लोगों को आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक रूप से मजबूत करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है।
पहले चरण में आधी आबादी को मजबूत करने का संकल्प है। उत्कृष्ट विद्यालय खोला गया है। सेवा का अधिकार कार्यक्रम चलाया जा रहा है। कई सारे लोग ऐसे हैं, जो बहुत ही सकारात्मक काम करने वाले लोग हैं। ऐसा नहीं है कि सब कुछ उलट चल रहा हो। उन्होंने कहा कि राज सिन्हा 21वां उत्कृष्ट विधायक चुने गये हैं।
विशेश्वर खां को पहला उत्कृष्ट विधायक का सम्मान मिला था। चयन प्रक्रिया में पक्ष-विपक्ष के सम्मानित सदस्यों को ध्यान में रखकर उत्कृष्ट विधायक का चयन किया जाता है। कभी आसानी से चयन होता है तो कभी चिंतन मंथन से चुना जाता है।
टीम एबीएन, रांची। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शनिवार को कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का उद्देश्य जनकल्याण और राज्य का विकास होना चाहिए। उन्होंने विधायकों से यह भी आग्रह किया कि वे सुनिश्चित करें कि सरकारी योजनाओं का लाभ राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
रांची में झारखंड विधानसभा के रजत जयंती समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि मेरा मानना है कि टकराव नहीं, बल्कि स्वस्थ चर्चा से लोकतंत्र मजबूत होता है। सत्ता पक्ष और विपक्ष को जनकल्याण और राज्य के विकास के लक्ष्य को लेकर कार्य करना चाहिए।
झारखंड विधानसभा का गठन 22 नवंबर, 2000 को हुआ था। उन्होंने कहा कि विधानमंडल लोकतंत्र का मुख्य स्तंभ है। जनता द्वारा चुने गये विधायक न केवल राज्य में कानून निर्माण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि जनता और सरकार के बीच एक मजबूत सेतु का काम भी करते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि के तौर पर विधायक की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता के भरोसे को बनाये रखना है। जनता द्वारा दिया गया अधिकार सेवा का अवसर है, शक्ति का माध्यम नहीं। विधायकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि यह विशेष दिन हमारे लिए यह संकल्प लेने का अवसर है कि हम सभी मिलकर झारखंड को राजनीतिक रूप से मजबूत, आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सामाजिक रूप से समृद्ध बनायेंगे। मौके पर राज्यपाल ने धनबाद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के तीन बार के विधायक राज सिन्हा को श्रेष्ठ विधायक पुरस्कार भी प्रदान किया।
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद राज सिन्हा ने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं यहां श्रेष्ठ विधायक के रूप में उपस्थित रहूंगा। इस सम्मान के लिए मैं उन सभी का आभारी हूं जिन्होंने मुझे इसके योग्य समझा। मैं यह पुरस्कार धनबाद की जनता को समर्पित करता हूं। यह मुझे और कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा देगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है, लेकिन अभी भी गरीबी, कुपोषण और पिछड़ेपन से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने हर व्यक्ति को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से मजबूत बनाने का संकल्प लिया है।
इसी संकल्प के तहत राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और बेहतर शिक्षा के लिए स्कूल आफ एक्सीलेंस की शुरुआत की गयी है। राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष पर हमने सेवा का अधिकार कार्यक्रम भी शुरू किया है। ये कदम भविष्य में मील का पत्थर साबित होंगे।
समारोह के दौरान राष्ट्र के लिए शहीद हुए झारखंड के सैनिकों के परिजनों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों और राज्य को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गौरवान्वित करने वाले खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा आज अपनी स्थापना का रजत जयंती समारोह (25 वर्ष) मना रही है। राज्य गठन के बाद से विधानसभा ने 25 वर्षों की एक बड़ी यात्रा पूरी की है। इस विशेष अवसर पर रांची स्थित विधानसभा परिसर में एक भव्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है।
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, स्पीकर रबीन्द्र नाथ महतो, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित तमाम मंत्रियों और विधायकों की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में नक्सल अभियान में शहीद पुलिस कर्मियों और सैनिकों की पत्नी या अन्य आश्रितों तथा सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जायेगा।
शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। प्रसिद्ध गायक रूप कुमार राठौर अपनी प्रस्तुति देंगे। हास्य कवि डॉ दिनेश बावरा तथा हास्य कलाकार रवींद्र जानी भी उपस्थित लोगों को गुदगुदायेंगे।
इस समारोह में राज्य के पदक विजेता खिलाड़ियों, पूर्व विधानसभा अध्यक्षों और पूर्व विधायकों को भी समारोह में विशेष सम्मान दिया जायेगा। साथ ही उत्कृष्ट विधायक के रूप में राज सिन्हा तथा विधानसभा के छह उत्कृष्ट कर्मियों को भी सम्मानित किया जायेगा।
टीम एबीएन, रांची। बीते शुक्रवार से झारखंड में आपकी सरकार-आपके द्वार कार्यक्रम की शुरूआत हो चुकी है। इसके चलते आज हजारीबाग में आयोजित कैंप में लोगों की भारी भीड़ उमड़ती रही।
हजारीबाग जिले के कटकमदाग प्रखंड में पंचायत सचिवालय परिसर में विशेष कैंप आयोजित किया गया। सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ती रही और आवेदकों में उत्साह देखा गया। ग्रामीणों ने आवास योजना के लिए आवेदन भरा जबकि छात्राओं ने गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना का फॉर्म भरा।
वहीं, महिलाओं ने मंईयां सम्मान योजना के लिए आवेदन भरा। कैंप में स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया। स्वास्थ्य शिविर में लोगों की जांच की गयी। बता दें कि आपकी सरकार-आपके द्वार कार्यक्रम में ही नये लाभुक मंईयां योजना से जोड़े जा रहे हैं। लाभुक अपने जरूरी दस्तावेज के साथ आपकी सरकार, आपकी योजना, आपके द्वार कार्यक्रम के कैंप में पहुंच रहे हैं और वहीं दस्तावेजों की जांच के बाद आवेदन स्वीकृत किया जा रहा है।
मंईयां सम्मान योजना में आवेदन के लिए आवेदकों को आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी, बैंक पासबुक, स्व-सत्यापन फॉर्म, दो पासपोर्ट साइज फोटो देनी होगी। 18 से 50 वर्ष तक की महिलाओं को ही योजना का लाभ मिलेगा। सभी जिलों में कैंप लगाकर पात्र महिलाओं से आवेदन लिया जाएगा। कैंप में ही दस्तावेज की जांच और स्वीकृति दोनों की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
एबीएन कैरियर डेस्क। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में सीबीएसई सीओई पटना के तत्वावधान में 21 - 22 नवंबर को दो दिवसीय करियर काउंसेलिंग विषय पर शिक्षण क्षमता संवर्धन कार्यशाला संपन्न हो गया। सीबीएसई के दो संसाधक; आलोक कुमार पाठक तथा लिपिका पात्रा ने क्रियाकलाप आधारित प्रस्तुति दी, जिनमें 60 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सक्रियतापूर्वक भाग लिया।
पांच-पांच घंटे के दो दिवसीय कार्यशाला में करियर काउंसेलिंग विषय के विविध पहलुओं पर विस्तार से चर्चा-परिचर्चा की गयी। साथ ही प्रश्नोत्तरी, केस स्टडी, परियोजना, अभिनय सहित विविध गतिविधियों पर आधारित क्रियाकलाप आयोजित किये गये, जिनकी मदद से विषय को सुग्राह्य बनाया जा सका। निश्चय ही यह कार्यक्रम अध्यापक समुदाय के लिए लाभप्रद रहा, जिनकी मदद से विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाया जायेगा।
प्राचार्य डॉ तापस घोष ने दो दिवसीय कार्यशाला के सफल संचालन के लिए दोनों संसाधकों के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि करियर काउंसेलिंग विषय विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
आज के परिप्रेक्ष्य में विद्यार्थियों को रोजगार के विविध अवसरों की जानकारी देना तथा उन्हें उनकी रुचि तथा क्षमता के अनुसार रोजगार चयन करने में मदद करना भी उनके शिक्षकों का पुनीत कर्तव्य है। ऐसे सत्रों का नियमित आयोजन सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए अत्यंत लाभप्रद हैं। राष्ट्र गान के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।
एबीएन सेंट्रल डेस्क (मुम्बई)। गुजरात के आनंद जिले के एक साधारण परिवार में जन्मे गुलाब सलाट आज भारतीय सिनेमा के उभरते हुए एक्शन एक्टर के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। गरीबी, संघर्ष और असफलताओं के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनके जीवन की कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखता है, लेकिन हालात से हार मान लेता है।
गुलाब को अब तक कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं पुरस्कार अभिनंदन पत्र राष्ट्रीय एकता सन्मान महासोळा राज्यस्तरीय लोक सेवा गौरव अवार्ड दिल्ली बॉलीवुड सिने रिपोर्टर अवार्ड, नागपुर गौरव महाराष्ट्र अवार्ड, मुंबई जन गौरव कार्य दर्पण अवार्ड, वडोदरा सिने मीडिया अवार्ड, और वाइब्रेंट गुजराती फिल्म अवार्ड। ये सम्मान उनके कठिन परिश्रम और प्रतिभा की पहचान हैं।
गुलाब के पिता तम्मा भाई सलाट बेहद गरीब थे और उन्होंने अपना पूरा जीवन एक खाट-तंबू में बिताया। लेकिन उन्होंने अपने बेटे के सपनों को कभी मरने नहीं दिया। बचपन से ही गुलाब फिल्मों की दुनिया से आकर्षित थे। मात्र 8 साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता से कहा कि एक दिन वे फिल्मों में काम करेंगे।
पिता ने बेटे के सपनों के लिए दिन-रात मेहनत की और उन्हें ऑल इंडिया वाडो काई कराटे दो अकादमी में दाखिला दिलाया। यहीं से गुलाब ने अपने जीवन की दिशा तय की एक्शन और मार्शल आर्ट के जरिए फिल्मी दुनिया में नाम कमाना।
डांस और जिमनास्टिक में माहिर होने के लिए गुलाब हैदराबाद गए, जहां उन्होंने एक साल की डिग्री हासिल की। इसके बाद उनके पिता उन्हें लेकर मुंबई पहुंचे ताकि उन्हें फिल्म में काम मिल सके।
लेकिन किस्मत ने फिर परीक्षा ली — एक डायरेक्टर ने गुलाब के पिता से ₹15,000 ठग लिए और काम देने का वादा पूरा नहीं किया। निराश होकर पिता-पुत्र वापस आनंद लौट आए। कुछ समय बाद तम्मा भाई का निधन हो गया। यह गुलाब के जीवन का सबसे कठिन दौर था।
पिता की मृत्यु के बाद गुलाब ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कराटे सिखाना शुरू किया, छोटे-छोटे शो किए और डांस प्रस्तुतियों से जो भी कमा सकते थे, उससे घर चलाया। उनके परिवार में दो भाई और दो बहनें थीं, और मां की तबीयत भी बिगड़ती जा रही थी।
इन्हीं संघर्षों के बीच गुलाब ने निश्चय किया कि वे अपने पिता का नाम रोशन करेंगे। लगातार प्रयासों के बाद उन्हें टीवी सीरियल जय जय जग जननी दुर्गा मां जय बजरंगबली में काम करने का अवसर मिला। इसके बाद फिल्मों में भी उनका सफर शुरू हुआ।
गुलाब सलाट आज एक प्रशिक्षित एक्शन एक्टर हैं, जिन्होंने मार्शल आर्ट, कराटे, जिमनास्टिक, योगा, बॉडी स्टंट, ब्रेक डांस, लाठी, ननचाकू, तलवार, राइफल शूटिंग और फिल्मी अभिनय में महारत हासिल की है। उनका कहना है
मैं अपने पिता का नाम रोशन करने का सपना जल्द ही पूरा करूंगा। गुलाब सलाट की यह यात्रा न सिर्फ एक अभिनेता की कहानी है, बल्कि उस संघर्षशील भारतीय युवा की दास्तान है जो हालात से नहीं, बल्कि अपने हौसलों से लड़ता है। गुलाब सलाट मेहनत, लगन और आत्मविश्वास की जीवंत मिसाल
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) की टीम ने वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के साथ एक संयुक्त अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। टीम कार्रवाई करते हुए अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 80 करोड़ रुपये की अनुमानित कीमत का सांप का ज़हर बरामद किया है।
वन विभाग ने कुल 1 किलो 200 ग्राम सांप का ज़हर जब्त किया है, जिसे स्थानीय स्तर पर इकट्ठा किया गया था जिसे विदेश में तस्करी के लिए तैयार कर रखा गया था। इस बड़ी कार्रवाई में वन विभाग की टीम ने तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि सात अन्य को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के औरंगाबाद (देव) के रहने वाले मोहम्मद सिराज और मोहम्मद मिराज के साथ-साथ पलामू के हरिहरगंज के कौवाखोह निवासी राजू कुमार के रूप में हुई है। तस्करों के पास से पैंगोलिन का शल्क भी बरामद किया गया है जिसकी बाजार में कीमत लगभग 15 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। इस नेटवर्क के खिलाफ पिछले कई दिनों से वन विभाग की संयुक्त टीम के छापेमारी कर रही थी। और तीन दिन पहले आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
पीटीआर के उपनिदेशक प्रजेशकान्त जेना ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि यह ऑपरेशन गुप्त सूचना के आधार पर शुरू किया गया था, जहां पलामू इलाके में साँप के ज़हर के अवैध कारोबार की जानकारी मिली थी। उन्होंने यह भी बताया कि पकड़े गए तस्करों से यह पता लगाने के लिए लगातार पूछताछ की जा रही है कि यह ज़हर पलामू के इलाके से किन-किन अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक सप्लाई किया जाता था।
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