एबीएन न्यूज नेटवर्क, हुसैनाबाद पलामू। हुसैनाबाद नगर पंचायत क्षेत्र के दाता नगर के पास जपला-हैदरनगर मुख्य मार्ग पर स्थित सुशीला अकादमी स्कूल के पास बनाया गया ब्रेकर लोगों के लिए खतरा बन गया है।
सोमवार को रात्रि मे इसी खराब तरीके से बने ऊँचे ब्रेकर पर एक बाइक सवार दुर्घटनाग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि बाइक सवार बाल–बाल बच गया। लोगों के अनुसार इस स्थान पर बना ब्रेकर अत्यधिक ऊँचा है, जिसके कारण छोटे वाहनों से लेकर कई बाइक और ऑटो की चेसिस तक रगड़ खा जाती है।
ब्रेकर पर कई रगड़ के निशान भी साफ दिखाई दे रहे हैं, जो इसकी ऊँचाई और खराब निर्माण को दर्शाते हैं। सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि ब्रेकर के पास कोई सांकेतिक बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिससे वाहन चालक अचानक ब्रेकर पर चढ़ने की वजह से दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र पांच दिसंबर से शुरू होगा। इसमें कुल पांच कार्य दिवस होंगे। इसको लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सत्र के दौरान सरकार अपने कार्यों का रिपोर्ट कार्ड पेश करेगी। वहीं विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। सत्र के सफल संचालन के लिए स्पीकर रवींद्र नाथ महतो ने चार दिसंबर को सभी पार्टियों की बैठक बुलाई है।
शीतकालीन सत्र को लेकर राजनीतिक दलों के बैठकों का दौर जल्द शुरू होगा। चार दिसंबर को कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी। इसमें कांग्रेस प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष सहित पार्टी के विधायक शामिल होंगे।
इसी दिन महागठबंधन (झामुमो-कांग्रेस और राजद) की बैठक शाम साढ़े चार बजे से एटीआई में सीएम हेंमंत सोरेन की अध्यक्षता में होगी, जिसमें विपक्ष को करारा जवाब देने की रणनीति बनाई जाएगी। भाजपा विधायक दल की बैठक सात सितंबर को होगी, जिसमें सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति बनेगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में दिसंबर की शुरुआत होते ही कड़ाके की ठंड ने लोगों की रफ्तार पकड़ ली है। रांची, पलामू, लोहरदगा, खूंटी और लातेहार जैसे जिलों में बर्फीली हवाएं हड्डियां जमा रही हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, आज न्यूनतम तापमान 10-13 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि अधिकतम 24-27 डिग्री तक पहुंचा। जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां में न्यूनतम पारा 16 डिग्री तक दर्ज हुआ, लेकिन ठंडी हवाओं ने सुबह-शाम कंपकंपी बढ़ा दी। रांची के मैक्लुस्कीगंज और कांके में पारा 5 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से रातें और ज्यादा ठंडी होंगी।
पिछले 24 घंटे में चाईबासा का अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री रहा, जबकि गुमला का न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री दर्ज किया गया। दिन में हल्की गर्माहट महसूस हुई, लेकिन हवा की ठंडक ने स्वेटर पहनना लोगों की मजबूर कर दिया है।
रांची, कोडरमा, गढ़वा, लातेहार, गुमला और पलामू में न्यूनतम तापमान 10-11 डिग्री पर अटका रहा, जिससे इन इलाकों में ठंड का असर सबसे ज्यादा पड़ा। हिमालयी प्रभाव से राज्य में शुष्क मौसम बना हुआ है, कोई बारिश की संभावना नहीं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 4 व 5 दिसंबर को कई जिलों में शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है। जिन जगहों पर पारा 4 से 5 डिग्री तक पहुंचेगा, वहां पाला पड़ने की आशंका भी है। सुबह घना कोहरा और धुंध छाएगी, द्दश्यता बेहद कम हो जाएगी।
न्यूनतम तापमान 4-8 डिग्री तक गिर सकता है, तेज बर्फीली हवाएं चलेंगी। रांची सहित कई जिलों में अगले चार दिनों तक ठंड और कोहरे का दौर रहेगा। किसानों को फसलों को पाला और ठंड से बचाने की सलाह दी गई है।
एबीएन सोशल डेस्क। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर पुंदाग रांची में गीता जयंती का पावन पर्व अत्यंत हर्षोल्लास एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाया गया।प्रातःकाल भगवान श्री राधा- कृष्ण की मनमोहक मंगल आरती के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद मंदिर के पुजारी पंडित अरविंद पांडे ने वैदिक मंत्रोच्चारण एवं संपूर्ण विधि-विधान से विशेष पूजा- अनुष्ठान संपन्न कराया।
इस अवसर पर ठाकुरजी का भव्य एवं अलौकिक श्रृंगार विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।स्वर्ण-रजत आभूषणों, सुंदर पुष्प-मालाओं तथा विविध प्रकार के पारंपरिक परिधानों सेअलंकृत श्री राधा-कृष्ण को देख भक्त मंत्रमुग्ध हो उठे। पंडित अरविंद पांडे ने मेवा, फल, मिष्ठान्न एवं विविध प्रकार के व्यंजनों से ठाकुरजी को भोग अर्पित किया तथा गीता पाठ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए संपूर्ण अध्यायों का श्रद्धापूर्वक पाठ किया।
गीता जयंती के पावन अवसर पर भक्तों में विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा एवं भक्तिभाव देखने को मिला। भजन जागरण कार्यक्रम में भजन गायक मनीष सोनी एवं उनकी टीम ने श्रीकृष्ण-भक्ति से ओत-प्रोत कई मनमोहक भजनों की प्रस्तुति दी, जिनमें कर्म करो और प्रभु का कर लो ध्यान यह है गीता का ज्ञान..., श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम मीरा का भी श्याम राधा का भी श्याम..., व्रज में नंद की वंशी बाजे..., मोरे मन में बसो राधा-कृष्ण... जैसे भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया। भजन गायिका पूजा शर्मा एवं निधि शर्मा ने भी अपनी मधुर वाणी से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
श्रद्धालु भजनों की स्वर-लहरियों में डूबकर लगातार ताल–धुन में झूमते रहे।भजन-कीर्तन के पश्चात उपस्थित भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। ताजे फल, मेवे, स्वादिष्ट मिष्ठान्न एवं प्रसाद का सभी ने श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया। कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल तथा प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने गीता जयंती का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व विस्तारपूर्वक बताते हुए कहा कि गीता केवल एक धर्मग्रंथ ही नहीं, बल्कि जीवन का व्यवहारिक मार्गदर्शन और मानवता का संदेश देती है।
उन्होंने भक्तों से आग्रह किया कि गीता के उपदेशों को अपने दैनिक जीवन में अपनाकर समाज एवं राष्ट्रहित में योगदान दें। इस अवसर पर-डूंगरमल अग्रवाल, निर्मल जालान, राजेंद्र अग्रवाल, शिव भगवान अग्रवाल, मधुसूदन जाजोदिया, पूरणमल सर्राफ, संजय सर्राफ, सुरेश अग्रवाल, विशाल जालान, सुरेश भगत, मनीष जालान, सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष उपस्थित थे। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।
टीम एबीएन, रांची। आज वृन्दावन से पधारे भागवत किंकर श्री अनुराग कृष्ण शास्त्री (श्री कन्हैया) को मारवाड़ी ब्राह्मण सभा की ओर से सम्मानित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर हमें उनके द्वारा बताए गए सनातनी वचनों का श्रवण करने तथा उनके द्वारा संचालित गुरुकुल के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मारवाड़ी ब्राह्मण सभा के पूर्व अध्यक्ष श्री रवि शर्मा, मंत्री श्री किशन लाल शर्मा, महेंद्र शर्मा, नथमल शर्मा, भोपाली शर्मा,चेतन शर्मा , विनय (जुगु) जोशी, कमल शर्मा सहित सभी सम्मानित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
साथ ही, श्री श्याम बाल मंडल की ओर से भी श्री अनुराग कृष्ण शास्त्री का हार्दिक स्वागत किया गया, जिसमें मुख्य रूप से दिनेश शर्मा, रजनीकांत शर्मा, अंकिता अग्रवाल, अंकित माटोलिया, सूरज सोनी का विशेष सहयोग उल्लेखनीय रहा।
टीम एबीएन, रांची। इंडिया पैरालंपिक कमिटी ऑफ झारखंड के पूर्व मीडिया को- ऑर्डिनेटर सह झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि विश्व दिव्यांग विकलांगता दिवस हर वर्ष 3 दिसंबर को मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य समाज में विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों, उनके लिए अवसरों और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना है। इस दिवस की शुरूआत 1992 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा की गई थी।
इसके पीछे मुख्य उद्देश्य विकलांग व्यक्तियों के प्रति समाज का दृष्टिकोण बदलना और उन्हें समान अवसर प्रदान करना है, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता के साथ जीवन जी सकें। विकलांगता सिर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और संवेदनात्मक भी हो सकती है। विकलांगता का सामना करने वाले लोग किसी भी उम्र के हो सकते हैं और उनकी चुनौतियां अलग-अलग हो सकती हैं।
यह दिन इस बात को रेखांकित करता है कि विकलांगता के बावजूद एक व्यक्ति समाज में समान रूप से कार्य कर सकता है यदि उसे सही समर्थन और अवसर मिलें। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य विकलांग व्यक्तियों को जागरूक करना है कि वे किसी भी प्रकार के भेदभाव का सामना किए बिना समाज में पूरी तरह से भागीदार बन सकते हैं।
इसके तहत कई प्रकार की गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं, जैसे कि कार्यक्रम, संगोष्ठियाँ, कार्यशालाएँ और विभिन्न अभियानों का आयोजन किया जाता है, जिससे समाज में विकलांगता के प्रति जागरूकता बढ़ सके। इस दिन का महत्व इस बात में है कि यह पूरी दुनिया को याद दिलाता है कि यदि सुविधाएं सुगम हो और वातावरण अनुकूल, तो कोई भी व्यक्ति दिव्यांग नहीं बल्कि दिव्य बन सकता है।
भारत में दिव्यांग शब्द का उपयोग सम्मान पूर्वक किया जाता है जो उनकी विशेष क्षमताओं का प्रतीक है सरकार द्वारा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 सुगम्य भारत अभियान विशेष शिक्षा योजनाएं, रोजगार प्रोत्साहन और कौशल विकास कार्यक्रम जैसे अनेक कदम समाज को अधिक समावेशी दिशा में ले जा रहे हैं। दिव्यंगता के बावजूद इन व्यक्तियों ने विभिन्न क्षेत्रों में अपार सफलता प्राप्त की है।
चाहे वह खेल, कला, विज्ञान या अन्य कोई क्षेत्र हो, इन व्यक्तियों ने अपनी मेहनत, साहस और आत्मविश्वास के साथ समाज में अपनी पहचान बनाई है। खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले व्यक्ति विकलांगता के बावजूद युवाओं के प्रेरणा का स्रोत बने हैं। समाज में विकलांगता के प्रति बदलाव लाने के लिए कई सरकारें और गैर-सरकारी संगठन काम कर रहे हैं।
उनका लक्ष्य दिव्यांग व्यक्तियों के लिए न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक और भावनात्मक समर्थन भी प्रदान करना है। इसके अलावा सरकारी योजनाएं जैसे कि समावेशी शिक्षा, पैरा-स्पोर्ट्स और उद्यमिता के अवसर दिव्यांग व्यक्तियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कदम हैं।
समाज में समावेशिता को दिशा में कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों का सम्मान करना और उन्हें समान अवसर देना है ताकि वे जीवन के सभी पहलुओं में सक्रिय रूप से भाग ले सकें। विकलांगता का सामना करने वाले लोग हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं।
हमें उनकी कड़ी मेहनत, साहस और संघर्ष का सम्मान करना चाहिए और समाज में उनके लिए अवसरों को सुलभ बनाना चाहिए। 3 दिसंबर को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय विकलांगता दिवस हमें प्रेरित करता है कि हम दिव्यांगजन व्यक्तियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं और उन्हें समान अधिकार और सम्मान प्रदान करें।
टीम एबीएन, रांची। सनातन एकता मंच केंद्रीय कमेटी का बैठक आज दुर्गा स्थल नामकुम हाईटेंशन ग्राउंड मे हुआ। बैठक की अध्यक्षता मंच के केंद्रीय अध्यक्ष रोहित सनातनी ने किया।
मंच संचालन केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष समीर सिंह जी ने किया उन्होंने जानकारी दी कि बैठक मे 6 दिसंबर शौर्य दिवस के शुभ-अवसर पे भव्य महाआरती का आयोजन संगठन के द्वारा किया जाऐगा।
इस बैठक मे मुख्य रूप से धर्मेंद्र कुमार,विकाश कुमार सिन्हा,रंजीत कुमार, प्रदीप राणा,अनुराग कुमार,राज कुमार,संजय कुमार सिन्हा,राजेश कुमार,अभय सिंह,राजू सिंह उपस्थित हुए।
टीम एबीएन, रांची। आज परम पुज्य आचार्य भगवन १००८ श्री रामलाल जी महाराज सा की आज्ञानुवर्ती शासन दीपिका समिया श्री जी महाराज सा आदि ठाना 4 का आज रांची से विहार हुआ।
साध्वी जी आज हरमू से पद विहार करके पून्दाग पहुंचे, वहाँ से कल विहार करके नगड़ी होते हुए, गुमला जसपुर होते हुए कोरबा छत्तीसगढ़ कि ओर प्रस्थान करेंगे!
शासन दीपिका समिया श्री जी ने सभी श्रावकों को क्रोध, मान माया से स्वयं को बचकर रहने, साथ ही संयम से जीवन व्यतीत करने के बारे में बताया! आज के विहार में अध्यक्ष अशोक सुराणा के अलावा काफी संख्या में श्रावक और श्राविकाएं उपस्थित थे!
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