एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां भू-धंसान की घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गयी। देर रात तक चले रेस्क्यू आपरेशन के बाद मलबे से शवों को बाहर निकाला गया।
जिले के कतरास इलाके के सोनारडीह ओपी क्षेत्र के टंडाबार बस्ती में अचानक जमीन धंस गयी, जिससे एक घर पूरी तरह टूटकर गिर गया। इस हादसे में घर के अंदर मौजूद तीन लोग मलबे के नीचे दब गये। रेस्क्यू टीम ने देर रात करीब ढाई से तीन बजे तक अभियान चलाया और मलबे से तीनों के शव बाहर निकाले। मृतकों की पहचान मनोहर उरांव, उनकी बेटी गीता देवी और सरिता देवी के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय मनोहर उरांव और उनकी बेटी घर में थे। उसी समय सरिता देवी किसी काम से उनके घर आयी हुई थीं। तभी अचानक जमीन धंस गयी और तीनों को संभलने का मौका नहीं मिला। मनोहर उरांव की पत्नी छोटू देवी ने बताया कि वह घटना के समय घर पर नहीं थीं, बल्कि पड़ोस में गयी हुई थीं। जब हादसा हुआ, तब उनके पति, बेटी और सरिता देवी घर के अंदर ही थे।
सरिता देवी की बेटी ने भी बताया कि उनकी मां मनोहर उरांव के घर गयी थीं और उसी दौरान यह दुर्घटना हो गयी। काफी देर बाद रेस्क्यू आॅपरेशन शुरू हुआ और शवों को बाहर निकाला गया। घटना के बाद परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अगर समय पर बचाव कार्य शुरू होता, तो शायद तीनों की जान बचायी जा सकती थी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। जिले के गुदरी बाजार स्थित प्रसिद्ध बड़ा हनुमान मंदिर प्रांगण में मंगलवार संध्या 7 बजे भव्य महाआरती का आयोजन श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। महाआरती के दौरान पूरे मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार, घंटियों और भजन-कीर्तन की गूंज से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो उठा।
इस भव्य आयोजन की विशेषता यह रही कि महाआरती कन्याओं के पवित्र हाथों से संपन्न करायी गयी, जिसने कार्यक्रम को और भी भावनात्मक व आकर्षक बना दिया। इस अनूठी पहल की श्रद्धालुओं ने जमकर सराहना की। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया था, जिससे आयोजन की भव्यता देखते ही बन रही थी।
कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान हनुमान की आराधना कर पुण्य लाभ अर्जित किया। आयोजनकर्ता एवं भाजपा कार्यसमिति सदस्य उमेश कसकर ने बताया कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य समाज में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता को भी सुदृढ़ करना है। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मौके पर पूजा अग्रवाल, अंतरा कुमारी, प्रियंका साहू, परी कुमारी, वृष्टि कश्यप, गुंजन अग्रवाल, भावना अग्रवाल, अनिल कुमार गुप्ता, अशोक कसकर, सचिन कुमार साहू, सत्यम कुमार, उमेश सिंह, चंदन गोप सहित हजारों की संख्या में गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने प्रधानमंत्री, धनबाद डीसी, झरिया विधायक रागिनी सिंह को ट्वीट कर भू-धंसान की घटना की उच्च स्तरीय जांच और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने लिखा कि सोनारडीह ओपी क्षेत्र के टंडावारी बस्ती में मंगलवार को अचानक भू-धंसान की घटना घटी है, जिससे एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गयी।
आखिर भू-धंसान कैसे हुआ, क्या अवैध कोयला खनन का मामला है। इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग भी की गयी है। हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। अखिल भू-धंसान होने की वजह क्या है इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और जो भू-धंसान की वजह से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है।
कहीं न कहीं अवैध माइनिंग की वजह से ही आज सोनारडीह में भू-धंसान की घटना घटी है इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। आये दिन लगातार ऐसे घटना घट रही है लेकिन फिर भी अवैध उत्खन पर रोक नहीं लगाया जा रहा है। खुलेआम कई क्षेत्रों में चलाया जा रहा है अवैध कोयला खनन, इसलिए पीएम से आग्रह किया है कि आने वाले दिनों में ऐसी घटना न घटे, इसलिए अपने स्तर से संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। धनबाद के उपायुक्त से भी अनुरोध किया है कि इसकी उच्च स्तरीय जांच कराकर सच को सामने लाया जाये और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा भी दिया जाये।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्यभर में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रूख अपनाते हुए सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को 24 घंटे के भीतर अंगरक्षकों (बॉडीगार्ड) से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
पुलिस मुख्यालय से जारी निर्देश के अनुसार, सभी जिलों को यह जानकारी देनी होगी कि किन-किन विशिष्ट (वीआईपी), अति विशिष्ट (वीवीआईपी) और अन्य व्यक्तियों को सुरक्षा के तहत अंगरक्षक उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही प्रत्येक व्यक्ति को तैनात अंगरक्षकों की संख्या, उनकी तैनाती की अवधि और उनके पास उपलब्ध हथियारों का पूरा विवरण भी देना अनिवार्य किया गया है।
दरअसल, कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के गुर्गे राणा राहुल प्रताप को अंगरक्षक उपलब्ध कराये जाने के खुलासे के बाद पुलिस मुख्यालय हरकत में आया है। इस मामले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब यह जांच की जा रही है कि अपराधियों या उनके सहयोगियों को किन परिस्थितियों में सुरक्षा दी गयी और इसमें कहीं नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। इसी के आधार पर राज्यभर में वीआईपी सुरक्षा की व्यापक समीक्षा की जायेगी।
पुलिस मुख्यालय ने संकेत दिये हैं कि समीक्षा के बाद जरूरत के अनुसार अंगरक्षकों को हटाने, उनकी संख्या में कमी या वृद्धि करने, यहां तक कि तैनाती में बदलाव करने जैसे निर्णय भी लिये जा सकते हैं। इससे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाये जा रहे हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पश्चिमी सिंहभूम। जिले में जंगली हाथियों के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सोमवार रात मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बरकुंडिया गांव में एक हाथी के हमले में पुजारी महिला चांदो देवी (56) की मौत हो गयी, जबकि एक अन्य पुजारी गंभीर रूप से घायल हो गया।
चांदो देवी तांतनगर प्रखंड के कुम्बराम गांव की रहने वाली थीं और पूजा-पाठ का काम करती थीं। सोमवार रात वह बरकुंडिया गांव स्थित मंदिरनुमा झोपड़ी में भोजन करने के बाद सो रही थीं। इसी दौरान जंगल की ओर से आया हाथी झोपड़ी पर टूट पड़ा।
उसने चांदो देवी को अपनी सूंड से उठाकर पटक दिया, जिससे उनकी गंभीर चोटें आयीं। साथ में मौजूद पुजारी लखन कुदादा पर भी हाथी ने हमला किया, लेकिन वह झाड़ियों में छिपकर बच निकले। ग्रामीणों ने टॉर्च और मशाल की मदद से हाथी को खदेड़कर जंगल की ओर भेजा।
चांदो देवी और घायल लखन कुदादा को तुरंत सदर अस्पताल लाया गया। रास्ते में ही चांदो देवी की मौत हो गयी, जबकि लखन कुदादा का इलाज कउव में चल रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, तीनों मिलकर पूजा-पाठ का काम करते थे। घटना से गांव में डर का माहौल बन गया है। मंगलवार सुबह वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी को जंगल की ओर खदेड़ दिया।
विभाग ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। पिछले तीन महीनों में पश्चिमी सिंहभूम जिले में हाथियों के हमले से अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में सबसे ज्यादा हाथी इसी जिले में हैं, इसलिए मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
टीम एबीएन, रांची। नगर निगम ने संपत्ति कर संग्रण में रिकार्ड आंकड़ा दर्ज किया है। पिछले पांच वर्षों में यह राशि दोगुणी होकर 101 करोड़ आंकड़ा पार कर गया है। 2020-21 में जहां राजस्व संग्रहण 51.35 करोड़ दर्ज किया गया था, 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा 101.99 करोड़ जा पहुंचा है। निगम के अधिकारी इसे शहरी वित्तीय प्रबंधन एवं राजस्व सुदृढ़ीकरण को मुख्य कारक बताया है।
एक नयी उपलब्धि के रूप में 31 मार्च को नगर निगम का राजस्व संग्रहण 1.59 करोड़ हुआ है, जो विशेष अभियान का हिस्सा रहा। यह भी रांची नगर निगम की बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इसके अलावा 23 करोड़ का राजस्व आनलाइन माध्यम से निगम को प्राप्त हुआ। हालांकि राजस्व वृद्धि के अनुरूप अब आम नागरिकों की नगरीय सुविधा में दोगुणी वृद्धि निगम के दायित्व बोध के रूप में चुनौती के रूप में भी खड़ा है।
यहां मालूम हो कि रांची नगर निगम के प्रशासक सुशांत गौरव के नेतृत्व में पिछले 6 माह के दौरान राजस्व वृद्धि को मिशन मोड में लेते हुए कई सशक्त कदम उठाये गये। व्यापक डोर-टू-डोर सर्वे एवं सत्यापन, शहर के सभी वार्डों में विशेष अभियान चलाकर अज्ञात एवं छूटे हुए होल्डिंग्स की पहचान की गयी। संपत्तियों के भौतिक सत्यापन के माध्यम से टैक्स बेस को मजबूत किया गया।
वार्ड-स्तरीय लक्ष्य एवं दैनिक मॉनिटरिंग, प्रत्येक वार्ड के लिए स्पष्ट राजस्व लक्ष्य निर्धारित किये गये। दैनिक एवं साप्ताहिक समीक्षा के माध्यम से प्रगति की निरंतर निगरानी की गयी। कम प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में विशेष फोकस ड्राइव चलाये गये। डिजिटल प्रणाली को प्रभावी बनाया गया। बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई की गयी। इसके अलावा नागरिक सहभागिता और जागरुकता के साथ साथ फील्ड टीमों की सक्रियता एवं समन्वय को प्रभावी बनाया गया।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राष्ट्रीय मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के तहत डीडीटी छिड़काव के लिए 3,19,79,271 रुपये की राशि आवंटित की है।
इस कदम का उद्देश्य राज्य में मलेरिया के प्रसार को रोकना और नियंत्रण को मजबूत करना है। कुल स्वीकृत राशि में से 3,16,16,271 रुपये छिड़काव कार्य में लगे मजदूरों की मजदूरी पर खर्च किये जायेंगे। वहीं 3,63,000 रुपये परिवहन यानी गाड़ियों और ईंधन के लिए निर्धारित किये गये हैं।
यह राशि राज्य के कई जिलों में खर्च की जाएगी। इनमें पूर्वी सिंहभूम, रांची, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, सिमदेगा, लातेहार और गढ़वा शामिल हैं। इन जिलों में मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में डीडीटी का छिड़काव किया जायेगा।
सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए निर्देश दिया है कि मजदूरों को मजदूरी का भुगतान केवल उनके बैंक खातों में ही किया जाये। किसी भी स्थिति में नकद भुगतान या अवैध खर्च की अनुमति नहीं होगी।
टीम एबीएन, रांची। एलपीजी सिलेंडरों की कमी से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने आम जनता को राहत देने के लिए कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाये हैं। इसी क्रम में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में समाहरणालय ब्लॉक-ए स्थित सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी, जिसमें संबंधित विभागों और कोल कंपनियों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में जिले में एलपीजी सिलेंडरों की घटती उपलब्धता और उसके कारण आम नागरिकों, छोटे-बड़े होटल-रेस्तरां, ढाबा संचालकों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को हो रही परेशानियों पर विस्तार से चर्चा की गयी। प्रशासन ने माना कि गैस की कमी के कारण कोयले की मांग तेजी से बढ़ी है, ऐसे में इसकी नियमित और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना जरूरी हो गया है।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिला प्रशासन किसी भी स्थिति में आम जनता को परेशानी में नहीं पड़ने देगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कोयला एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक ईंधन के रूप में सामने आया है, इसलिए इसकी आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि कोयले की उपलब्धता न केवल पर्याप्त मात्रा में हो, बल्कि आम लोगों को उचित मूल्य पर और अच्छी गुणवत्ता के साथ मिले।
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