एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। कांग्रेस के दिग्गज नेता, पूर्व रामपुर मुखिया और समाजसेवी वीरकेसरी सिंह उर्फ टुन्नू सिंह की अंतिम यात्रा में गुरुवार को जनसैलाब उमड़ पड़ा। क्षेत्र के हजारों लोग अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने पहुंचे।
पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू भी नम आंखों के साथ उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए और मुक्ति धाम में पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम संस्कार के दौरान भावनात्मक माहौल रहा।
धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि वीरकेसरी सिंह न केवल कांग्रेस के मजबूत स्तंभ थे, बल्कि जन-जन के सच्चे हितैषी थे। सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका और सरल स्वभाव उन्हें आम जनता के बेहद करीब ले आया था।
उन्होंने कहा कि सिंह का जाना लोहरदगा की सामाजिक और राजनीतिक दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके योगदान और संघर्ष को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। मुक्ति धाम में मंत्रोच्चार के बीच उनकी अंत्येष्टि की गई।
अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि, कांग्रेस नेता, समाजसेवी और स्थानीय लोग शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में कहा कि वीरकेसरी सिंह ने अपने जीवन में हमेशा गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों की आवाज को मजबूती से उठाया। उनकी सेवाएं आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी। मौके पर विधायक प्रतिनिधि निशिथ जायसवाल, गुड्डू लाल नाथ शाहदेव सहित अन्य लोग मौजूद थे।
टीम एबीएन, रांची। 11 दिसंबर 2025 को रांची प्रेस क्लब में झारखंड निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर एक संगोष्ठी झारखंड कल, आज और कल विषय पर आयोजित की गयी। इस संगोष्ठी में महेश पोद्दार, पद्मश्री बलबीर दत्त, रवींद्र राय और महेश शर्मा ने मुख्य वक्ता के तौर पर अपने विचार व्यक्त किये।
पद्मश्री बलबीर दत्त ने कहा कि झारखंड बनने के बाद राजनीतिक दूरदर्शिता की कमी रही।
यही कारण रहा कि राज्य बनने के 25 सालों के बाद भी हम पिछड़े रहे। भविष्य के झारखंड के लिये राज्य के युवाओं को सही तरीके से निखारना होगा। यहां आदिवासी, स्थान, बाहरी भितरी, दिकु से हमें बाहर निकलना होगा। झारखंड बनाने में गैर आदिवासियों का भी बहुत बड़ा योगदान रहा है।
छत्तीसगढ़ में झारखंड से ज्यादा आदिवासी हैं, पर वहां आदिवासी गैर आदिवासी की समस्या नहीं। हालांकि 25 साल में झारखंड ने बहुत तरक्की किया है, पर एक बड़ी आबादी को आज तक झारखंड बनने का कोई लाभ नहीं मिला। हमें इस आबादी के लिये काम करना होगा। आज भी झारखंड में डायन बिसाही की सबसे ज्यादा घटनाएं होती हैं।
रवींद्र राय ने कहा कि गैर आदिवासियों के लिए एक मुश्किल राज्य है झारखंड। यह भविष्य के लिए राज्य को संकट में डाल सकता है। आरक्षण और नीतियों की यह खामी रही है आज हालात हैं कि झारखंड के दर्जन भर जिलों में गैर-आदिवासी मुखिया का चुनाव भी नहीं लड़ सकता। यह स्थिति एक आक्रोश पैदा करता है। जबकि यहां आवश्यकता है कि सभी के बीच मधुरता हो और सबों को उनका अधिकार मिले।
महेश पोद्दार ने कहा कि राज्य ब्रेन ड्रेन से गुजर रहा है और भविष्य अस्पष्ट सा है। राज्य से युवा निकल कर बाहर पढ़ लिख कर बस जा रहे हैं और उनके माता पिता या मजबूरीवश रहने वालों का राज्य बन गया है झारखंड। खनिज समृद्ध 25 साल बाद भी झारखंड लेबर सप्लाई वाला राज्य बन गया है। जहां पूरा विश्व नये सेक्टर और एनर्जी सेक्टर से काम कर रहा है।
महेश शर्मा ने कहा कि रिसोर्सेस के बाद भी झारखंड का पिछड़ना दुर्भाग्य की बात है। आस्ट्रेलिया भी झारखंड की आबादी इतना ही एक खनिज संपदा से संपन्न मुल्क है लेकिन वहां लोग संपन्न और विकसित हैं। झारखंड में हार्टिकल्चर की बहुत उम्मीद है जिसपर अब तक कम काम हुआ है।
सुनील सिंह बादल ने कहा कि व्यावसायी झारखंड में सिर्फ पैसा कमाने नहीं आते। यहां बड़े बड़े व्यावसायियों को भी उद्योग लगाने में परेशान किया गया, हमें इस मानसिकता से निकलने की जरूरत है कि उद्योगपति झारखंड को सिर्फ लूटने ही आते हैं। उद्योगों के लगने से रोजगार भी आते हैं।
सबने एक साथ झारखंड के भविष्य को लेकर चिंता भी व्यक्त की और कल के झारखंड के लिये काम करने की आवश्यकता बतायी। संगोष्ठी का संचालन सुनील सिंह बादल ने किया और धन्यवाद ज्ञापन मनोज कुमार शर्मा ने किया। संगोष्ठी में आदित्य मल्होत्रा, अमृतेश पाठक, संजय सर्राफ, एपी सिंह, मनोज कुमार, विभूति शरण, राजीव थेपड़ा, अशोक कुमार साह, मोनिका गुंजन व अन्य उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट रांची एवं स्वामी सदानंद प्रणामी चैरिटेबल ट्रस्ट (रजि.) दिल्ली शाखा के सयुंक्त तत्वावधान में ट्रस्ट के संस्थापक और संरक्षक स्वामी सदानंद जी महाराज के आशीर्वाद एवं आदेश से दो निर्धन जरूरतमंद कन्याओं संस्कृति पाठक एवं संम्भवी पाठक को कांके रोड स्थित गांधीनगर डीएवी स्कूल में कक्षा 10 में एडमिशन कराने हेतु संस्कृति पाठक को 26,230 रुपये एवं कुमारी सांभवी पाठक 8 क्लास में एडमिशन कराने के लिए 21,890 रुपये का चेक प्रदान किया।
स्कूल को एडमिशन का तथा छह माह का फीस, टोटल-48 हजार एक सौ बीस का चेक दिया गया। जिससे उनका पढ़ाई निरंतर सुचारु रूप से हो सके। ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि बालिका कुमारी संस्कृति पाठक और कुमारी सांभवी पाठक पिता स्व इंद्रेश कुमार पाठक माता पल्लवी पाठक शांतिनगर गांधी नगर कांके रोड के निवासी है।
विगत 6 वर्षों से गुरुजी सदानंद महाराज के सानिध्य में पढ़ाई का पूरा खर्च ट्रस्ट द्वारा दिया जा रहा है। ट्रस्ट द्वारा दोनों बालिकाओं का पूरी पढ़ाई का पूरा जिम्मा लिया गया है।
आज के सेवा के इस महान प्रकल्प मे ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष निर्मल जालान, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, सचिव मनोज कुमार चौधरी, पूरणमल सर्राफ, सज्जन पाड़िया, संजय सर्राफ के अलावे ट्रस्ट के कई सदस्य उपस्थित थे। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।
टीम एबीएन, रांची। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने साहिबगंज अवैध पत्थर उत्खनन मामले में सीबीआई जांच को जारी रखने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है।
मरांडी ने हेमंत सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा साहिबगंज में करीब 1500 करोड़ रुपए से भी ज्यादा के अवैध पत्थर खनन मामले में सीबीआई जांच का विरोध किये जाने के बावजूद उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई जांच को जारी रखने का स्पष्ट निर्देश दिया है और सरकार द्वारा अपराधियों को संरक्षण देने की प्रवृत्ति पर कड़ी आपत्ति भी दर्ज की है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हाइकोर्ट रांची द्वारा दिये गये सीबीआई जांच के आदेश को सही मानते हुए इसके विरुद्ध राज्य सराकर द्वारा सीबीआई जांच नहीं होने देने के लिए दायर एसलपी को खारिज कर दिया।
मरांडी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने चहेते पंकज मिश्रा, विष्णु यादव, राजेश यादव, बच्चू यादव, संजय यादव और सुभाष मंडल जैसे अपराधियों को बचाने की लाख कोशिश की। याचिकाकर्ता पर दबाव डालकर शिकायत वापस लेने का प्रयास भी किया गया, आम लोगों को डराया धमकाया गया, लेकिन मुख्यमंत्री यह भूल गये कि कोर्ट में उनकी धूर्तता नहीं चलने वाली।
कहा कि न्यायालय का यह निर्णय भ्रष्टाचारी हेमंत सरकार के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा और लोकतांत्रिक संस्थाओं में आम जनता का विश्वास भी मजबूत करेगा।
टीम एबीएन, रांची। जामताड़ा और देवघर जिलों में साइबर अपराधों में शामिल होने के आरोप में 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि सूचना के आधार पर पुलिस की एक टीम ने मंगलवार को जामताड़ा के हीरापुर में एक उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय के पास छापा मारा और आनलाइन धोखाधड़ी में लिप्त पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बताया कि उन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। बयान में कहा गया है कि उनके पास से 12 सिम कार्ड और नौ मोबाइल फोन बरामद किये गये हैं।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी वित्तीय लेनदेन की सुविधा देने वाले ऐप के जरिए लोगों की निजी एवं गोपनीय जानकारी हासिल करते थे और फिर आनलाइन माध्यम से उन्हें ठगते थे। वे यह धोखाधड़ी मुख्य रूप से ओडिशा, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और झारखंड में करते थे।
पुलिस के बयान के अनुसार, गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में से एक व्यक्ति के खिलाफ फरवरी 2024 में भी साइबर अपराधों का आरोप लगाया गया था। पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) राजा मित्रा ने बताया कि पड़ोसी देवघर जिले में एक अन्य अभियान के दौरान पुलिस ने साइबर अपराधों में संलिप्तता के आरोप में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर सारथ पुलिस थाने की एक टीम ने सोमवार को पूर्णिकरहैया के पास छापा मारा और चार अपराधियों को गिरफ्तार किया। मित्रा ने बताया कि छापेमारी के दौरान चार मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड जब्त किये गये। उन्होंने बताया कि इनमें से एक व्यक्ति साइबर अपराध के एक मामले में पहले से आरोपी था।
टीम एबीएन, रांची। गुमला और गढ़वा जिलों में बीते मंगलवार को अलग-अलग घटनाओं में तीन लोग जलाशयों में डूब गये। पुलिस ने यह जानकारी दी। गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र के पतराटोली गांव में 37 वर्षीय एक महिला कुएं में डूब गयी।
घाघरा थाना प्रभारी पुनीत मिंज ने कहा कि बाल्टी के जरिए पानी निकालने के दौरान फिसलकर कुएं में गिरने से वह डूब गयी। शव को पोस्टमार्टम के बाद उसके परिवार को सौंप दिया गया है। अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया है।
वहीं, एक अन्य घटना में गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र के परशुखाड़ गांव में 45 वर्षीय एक व्यक्ति तालाब में डूब गया जिसकी पहचान प्रमोद कोरवा के रूप में हुई। चिनिया थाना प्रभारी अमित कुमार ने कहा कि 26 घंटे के तलाशी अभियान के बाद शव को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के बाद उसके परिवार के सदस्यों को सौंप दिया गया।
तीसरी घटना में, गढ़वा पुलिस थाना के अधिकार क्षेत्र के तहत जोबरिया गांव में 45 वर्षीय एक व्यक्ति एक निर्माणाधीन शौचालय के टैंक में गिरने के बाद डूब गया जिसकी पहचान धर्मेंद्र बिंद के रूप में हुई। गढ़वा थाना प्रभारी सुनील तिवारी ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में इस बार रिकॉर्ड तोड़ सर्दी पड़ रही है। बर्फीली सर्द हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। चाय की दुकानों और अलाव के आसपास भीड़ बढ़ गयी है। वहीं, जमशेदपुर में तापमान में गिरावट दर्ज की गयी है जिससे यहां 10 से नीचे तापमान गिर गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, तापमान में गिरावट का यह दौर फिलहाल जारी रहेगा। अगले एक सप्ताह तक न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री सेल्सियस के दायरे में रहने का अनुमान है, जबकि अधिकतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तरी-पश्चिमी हवा के कारण ठंड में और इजाफा होगा। शहर में कड़ाके की ठंड बनी रह सकती है। बच्चों पर खास ध्यान रखने की जरूरत है।
मौसम विभाग के अनुसार, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गयी है। उन्होंने कहा कि सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनना, ठंडी हवा से बचना, पौष्टिक गर्म पेय पदार्थों का सेवन करना स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद जरूरी है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के द्वारा आज पदयात्रा संपन्न करते हुए विधानसभा के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया गया। आज बूटी मोड़ से प्रारंभ कर विधानसभा मैदान तक छात्र पहुंचे। पूर्व निर्धारित रूट में शहिद महापुरुषों को माल्यार्पण करते हुए एवं झारखंड सरकार होश में आओ... छात्र एकता जिंदाबाद... जय झारखंड... के नारो साथ गूंजते हुए पदयात्री विधानसभा मैदान तक पहुंचे।
प्रशासनिक सामंजस्य के बाद भी ट्रैफिक यातायात में थोड़ी कठिनाई देखने को मिली। संगठन के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि सरकार को राज्य की युवाओं के प्रति गंभीरता होनी चाहिए। छात्रों के लिए छात्रवृत्ति संजीवनी की तरह होती है।
वहीं संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष सह डुमरी विधायक जयराम महतो भी आंदोलनकारी व छात्रों के हौसला अफजाई करने के लिए धरना-स्थल पर पहुंचे। और सरकार को आड़े हाथ लेते हुए खुब गरजे। पक्ष-विपक्ष के राजनीतिक षड्यंत्र का गंभीर शिकार राज्य के युवाओं के होने की बात कही।
आज के धरना प्रदर्शन के दौरान देवेंद्रनाथ महतो, मोतीलाल महतो, दीपक रवानी, फुलेश्वर बैठा, संजय महतो, अखलाख अंसारी, बेबी महतो, मनोज यादव आदि संगठन के पदाधिकारी व हजारों अभिभावक, छात्र मौजूद रहे।
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