एबीएन न्यूज नेटवर्क, हजारीबाग। जिले की राजनीति एक बार फिर तीखे आरोप-प्रत्यारोप के दौर में पहुंच गयी है। विष्णुगढ़ की नृशंस हत्या की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि अब इस पर सियासी बयानबाजी ने माहौल और गर्म कर दिया है। हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने कांग्रेस नेत्री अम्बा प्रसाद पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें हताशा प्रसाद तक कह डाला।
शनिवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदीप प्रसाद ने कहा कि विष्णुगढ़ की घटना को राजनीतिक रंग देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हत्या जैसे जघन्य अपराध को किसी पार्टी से जोड़ना गलत है। हत्यारा सिर्फ हत्यारा होता है, उसका कोई राजनीतिक धर्म नहीं होता, उन्होंने कहा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अम्बा प्रसाद इस मामले में आरोपी भीम राम को बचाने की कोशिश कर रही हैं।
प्रदीप प्रसाद ने आगे कहा कि सत्ता से बाहर रहने के बाद मात्र एक साल में अम्बा प्रसाद की सोच प्रभावित हो गई है। उन्होंने उनके परिवार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके पिता पहले जेल जा चुके हैं और तथाकथित टाइगर ग्रुप चलाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव हारने के बाद उनकी कथित वसूली बंद हो गयी है, जिससे वे अब बौखलायी हुई हैं।
ज्ञात हो कि विष्णुगढ़ में अंधविश्वास के नाम पर एक महिला ने अपने प्रेमी भीम राम, भगतिन के साथ मिलकर एक नृशंस हत्या को अंजाम दिया था। इस मामले में भीम राम का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है। अब सवाल यह है कि क्या इस संवेदनशील मामले में न्याय की दिशा में कदम बढ़ेंगे या फिर यह सियासी बयानबाजी के शोर में दबकर रह जायेगा।
टीम एबीएन, खूंटी/ रांची। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन (सीआपीएफ), रांची और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), रांची के संयुक्त तत्वावधान में आज खूंटी जिले के सरीदकेल गांव में एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस एक दिवसीय कार्यक्रम के दौरान दो मुख्य जनकल्याणकारी गतिविधियों का सफल संचालन किया गया, जिनमें प्रमुख हैं :
इस अवसर पर संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच और महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना ही इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य है। आईआईएम रांची और चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक कार्यों के माध्यम से हाशिये पर रहने वाले समुदायों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शिविर में स्थानीय ग्रामीणों की भारी भागीदारी देखी गई, जिन्होंने इस पहल की सराहना की।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजनीति में इन दिनों उठापटक के बीच, जेडीयू विधायक सरयू राय ने बड़ा राजनीतिक बयान देकर हलचल मचा दी है। उन्होंने दावा किया है कि हेमंत सोरेन बिना कांग्रेस और भाजपा के भी राज्य में स्थिर सरकार चला सकते हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के बीच रिश्तों में खटास की खबरें सामने आ रही हैं।
धनबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान सरयू राय ने कहा कि अगर हेमंत सोरेन राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखायें, तो वे खुद उन्हें बिना शर्त बाहरी समर्थन देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने इसे एक वैकल्पिक और मजबूत राजनीतिक विकल्प बताया।
राय ने विधानसभा का गणित समझाते हुए कहा कि जेएमएम के 34 विधायक, राष्ट्रीय जनता दल के 4, वाम दलों के 2 और जयराम महतो का 1 वोट मिलाकर बहुमत का आंकड़ा 41 पूरा किया जा सकता है। ऐसे में कांग्रेस या भाजपा की जरूरत नहीं पड़ेगी।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी गठबंधन धर्म का सही तरीके से पालन नहीं करती और केवल अपने हित के अनुसार फैसले लेती है। बिहार और असम चुनाव का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने सहयोगियों को अपेक्षित सम्मान नहीं दिया। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान सहयोगी दलों के खिलाफ बयानबाजी कर बाद में साथ आ जाना जनता के भरोसे को कमजोर करता है।
वहीं, इस बयान पर भाजपा ने इसे सरयू राय की निजी राय बताया है, जबकि कांग्रेस ने इसे मुंगेरीलाल के हसीन सपने करार दिया है। कुल मिलाकर, राय के इस बयान ने झारखंड की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।
टीम एबीएन, रांची। मारवाड़ी युवा मंच रांची शाखा के संयुक्त तत्वावधान में श्री राणी सती मंदिर कमेटी के सहयोग से 5 अप्रैल (रविवार) को प्रात: 10:30 बजे से श्री हनुमान बक्स पोद्दार सत्संग भवन, राणी सती मंदिर परिसर रातू रोड में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
मंच के अध्यक्ष विकास अग्रवाल ने कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। किसी जरूरतमंद को समय पर रक्त उपलब्ध होना उसके जीवन को बचा सकता है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पुनीत कार्य में अपनी सहभागिता निभायें।
वहीं मंच के सचिव मुकेश शर्मा ने बताया कि मारवाड़ी युवा मंच हमेशा सामाजिक सेवा के कार्यों में अग्रणी रहा है। रक्तदान शिविर के माध्यम से हम जरूरतमंद मरीजों की सहायता करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आगे आकर रक्तदान करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के रक्तदान प्रभारी सुमित अग्रवाल एवं विष्णु अग्रवाल तथा सह संयोजक युवा निशांत मोदी ने बताया कि शिविर में रक्तदाताओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गयी हैं और अधिक से अधिक लोगों से रक्तदान कर मानवता की सेवा में योगदान देने की अपील की है।
प्रवक्ता अमित शर्मा ने मंच की ओर से सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं शहरवासियों से इस महादान में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आग्रह किया गया है। उक्त जानकारी संघ के प्रवक्ता अमित शर्मा ने दी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। झारखंड की सियासत से उठी आवाज अब असम के चुनावी मैदान में गूंजने लगी है। लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने असम पहुंचते ही भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। कांग्रेस के स्टार प्रचारक और लोहरदगा से सांसद भगत ने अपने तूफानी दौरे की शुरूआत आक्रामक अंदाज में की। सुखदेव भगत आगामी 7 अप्रैल तक असम के विभिन्न हिस्सों में लगातार जनसभाएं और जनसंपर्क अभियान चलायेंगे।
उनका खास फोकस आदिवासी बहुल इलाकों पर है, जहां कांग्रेस आदिवासी मतदाताओं को साधने की बड़ी रणनीति पर काम कर रही है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्वास सरमा पर सीधा निशाना साधते हुए भगत ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि झारखंड से दशकों पहले असम के चाय बागानों में गये लाखों आदिवासी आज भी अपनी पहचान और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन आदिवासियों को आज तक न तो अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिला और न ही संविधान प्रदत्त अधिकारों का लाभ। सुखदेव भगत ने स्पष्ट किया कि इस बार कांग्रेस आदिवासी अधिकारों को चुनाव का केंद्रीय मुद्दा बनायेगी। चाय बागानों में काम करने वाले आदिवासियों को उनका हक दिलाने के लिए कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेगी।
अपने तीखे अंदाज में भगत ने भाजपा सरकार से सवाल किया कि आखिर कब तक आदिवासियों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जायेगा? यह सिर्फ राजनीति नहीं, सामाजिक न्याय का सवाल है। सुखदेव भगत का यह दौरा असम की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है।
आदिवासी वोट बैंक को लेकर कांग्रेस की यह सक्रियता चुनावी समीकरण बदलने की क्षमता रखती है। आने वाले दिनों में आदिवासी अधिकारों का मुद्दा असम की सियासत के केंद्र में रहने वाला है। असम में चुनावी जंग अब सिर्फ सत्ता की नहीं, बल्कि अधिकार और पहचान की लड़ाई बनती जा रही है—जहां आदिवासी मुद्दा सबसे बड़ा राजनीतिक हथियार बनकर उभर रहा है।
टीम एबीएन, रांची। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रहे तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। इसका असर अब आम यात्री की जेब पर पड़ने लगा है। विमानन कंपनी इंडिगो ने घरेलू उड़ानों के लिए फ्यूल चार्ज (ईंधन शुल्क) बढ़ा दिया है। इसका सबसे ज्यादा असर रांची के भगवान बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ानों पर दिख रहा है।
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, मिडिल ईस्ट की स्थिति के कारण एयर टर्बाइन फ्यूल की कीमतें बढ़ गई हैं। इंडिगो ने इस खर्च को पूरा करने के लिए टिकट पर अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लगाया है। छोटे और मीडियम शहरों के लोग, जो हवाई सफर पर निर्भर हैं, अब इस बढ़ोतरी से सीधे प्रभावित हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इंडिगो का यह फैसला अन्य एयरलाइंस को भी किराये बढ़ाने के लिए प्रेरित कर सकता है। अगर मिडिल ईस्ट का संकट जल्द नहीं सुलझा, तो हवाई सफर आम आदमी के लिए और महंगा और मुश्किल हो सकता है।
टीम एबीएन, रांची। प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस का निधन हो गया है। वे 3 अप्रैल की सुबह चार बजे बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में निधन हो गया। उनका शव अब रिम्स भेजा गया है।
प्रशांत बोस की उम्र 75 वर्ष से अधिक थी। वे पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे और नक्सली संगठन में किशन दा के नाम से जाने जाते थे। पहले वे माओवादी कम्यूनिस्ट सेंटर आफ इंडिया (एमसीसीआई) के प्रमुख थे। 2004 में एमसीसीआई और पिपुल्स वार (पीडब्ल्यू) के विलय के बाद वे भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य बने।
प्रशांत बोस संगठन की केंद्रीय समिति और पोलित ब्यूरो के महत्वपूर्ण सदस्य थे और महासचिव नंबला केशव राव के बाद नंबर 2 नेता माने जाते थे। 12 नवंबर 2021 को सरायकेला-खरसावां जिले से उनकी पत्नी शीला मरांडी के साथ गिरफ्तारी हुई थी। उस समय उन पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
टीम एबीएन, रांची। चतुर्थ राजकीय गणतंत्र मेला महोत्सव 2026 में रांची और उत्तर प्रदेश के कवियों ने धूम मचायी। कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री दीपिका पांडे, एसपी मुकेश कुमार, एसडीएम बैद्यनाथ उरांव के हाथों दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन राकेश रमण रार ने किया। सरस्वती वंदना डॉक्टर रजनी शर्मा चंदा ने किया। हास्य रस, वीर रस, श्रृंगार रस और माटी की खुशबू से पूरा काव्य पाठ सराबोर रहा।
कविताओं का आनंद मेला परिसर में उपस्थित हजारों लोगों ने लिया। काव्य पाठ का शुभारंभ सरोज झा झारखंडी के गजलों से हुआ। अमन प्रियदर्शी ने हास्य रस में तुम्हारे डिम्पल के सहारे हम दिन गुजार रहें, भले हो हमें पिंपल मगर तुम्हें निहार रहें पढ़ कर युवा वर्ग का दिल जीत लिया। ओज से भरपूर चंदन प्रजापति ने मां भारती के लाल हैं रक्त विजय के भूखे हैं, हम वही भगत सिंह की बोई हुई बंदूकें हैं।
सुना कर मंच से ऊर्जा का संचार किया। डॉ रजनी शर्मा चंदा ने गांव की सोंधी खुशबू को गीतों के माध्यम से प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। संतोष समर ने मां के लिए समर्पित भावों को सुना कर मंच को भावुक कर दिया। वहीं जानदार संचालन कर रहे राकेश रमण ने दो ताली के बीच जो खाली है वह खाली ही बजाइये सुनाकर लोगों को खूब प्रोत्साहित किया।
बिरसा की भूमि पर उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध कवि अजय अंजाम ने इस गणतंत्र महोत्सव में महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक की वीरगाथा को गोड्डा वासियों को सुनाया और खूब तालियां बटोरी। उन्होंने कहा कि स्वाभिमान की, दीपशिखा को शान बनाकर बैठे हैं, देशधर्म की हुंकारों को गान बनाकर बैठे हैं, झारखंड की मिट्टी को ही चंदन कहने वाले हम बिरसा मुंडा को मन में भगवान बनाकर बैठे हैं। राकेश रमण ने कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम स्थल पर गोड्डा के डीसी सहित अनेकों अधिकारियों ने इस काव्य सम्मेलन का आनंद लिया। अंत में सभी साहित्यकारों को जिला प्रशासन के अधिकारियों ने सम्मानित किया।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse