लोहरदगा। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा प्रदेश मंत्री अजातशत्रु के द्वारा स्वर्गीय ब्रजेश्वर सिंह ट्रस्ट के माध्यम से एंबुलेंस मुहैया कराई गई। इससे कोरोना से पीड़ित गरीब तबके के मरीजों को विशेष सेवा प्रदान की जाएगी। जिसका विधिवत उद्घाटन मिशन चौक स्थित आवासीय परिसर में की गई। मौके पर अजातशत्रु ने कहा कि इस वैश्विक महामारी की जंग किसी एक व्यक्ति की नहीं है। इसमें हमें साथ मिलकर लड़ना होगा। इसी मंत्र के साथ में भारतीय जनता पार्टी एवं उनकी इकाई युवा मोर्चा निरंतर कार्य कर रही है। लोहरदगा युवा मोर्चा भी एक साथ कदम से कदम मिलाकर लड़ाई को आसान बनाने में सहयोग कर रही है। कोई भी सहयोग हमें प्रेरणा देती है, लोग एक दूसरे को देख कर ही प्रेरित होते हैं। इसलिए हमें और जागरूकता लाने की जरूरत है। उद्घाटन के मौके पर अजय पंकज, पशुपतिनाथ पारस, सजल कुमार, डॉ मृत्युंजय चक्रवर्ती, मिथुन तमेडा, सुधांशु कुमार आदि लोग उपस्थित रहे।
हजारीबाग। कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने राज्य व जिले में कई लोगों की जान ले ली है। कोरोना संक्रमण के कारण स्थितियां लगातार गंभीर होती जा रही हैं। संक्रमण के इस हालात में डाक्टर, नर्स, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मीडियाकर्मी भी लगातार काम कर रहे हैं। कई मीडियाकर्मियों ने कोरोना महामारी की इस दूसरी लहर में अपनी जान गवां दी है। जबकि कई पत्रकार हास्पिटल में आक्सीजन और वेंटिलेटर्स के सहारे जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। वहीं प्रखंडों में कई पत्रकार होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे हैं। फ्रंटलाइन पर काम करने वाले 60 से ज्यादा पत्रकार कोरोना की चपेट में हैं। राज्य के अलग-अलग हिस्से में 25 से ज्यादा पत्रकारों की मौत हो चुकी है। कई पत्रकारों के परिवारों की माली हालत ठीक नहीं है। ऊपर से घर के मुखिया के निधन के बाद इन पत्रकारों के परिजन व बच्चों की देखरेख कैसे होगी इसपर राज्य सरकार के साथ-साथ राज्य व जिले के प्रेस क्लबों को संवेदनशील होने की आवश्यकता है। पत्रकारों को भी होती है सहारे की जरूरत : कोरोना वारियर्स का दर्जा मिलने से पत्रकार व उनके परिवार को एक सहारा मिल जाता। किसी पत्रकार के मौत के बाद उनके परिजन को सरकार द्वारा आर्थिक मदद मिल जाती। लेकिन झारखंड में अभी तक पत्रकारों को कोरोना वारियर्स का दर्जा नहीं मिल पाया है। एक डाटा के अनुसार पूरे देश में झारखंड ऐसा राज्य है जहां कोरोना से मरने वाले पत्रकारों की संख्या सबसे ज्यादा है। उसके बावजूद भी कोरोना वारियर्स का दर्जा नहीं दिया जाना बहूत खलता है। जबकि कई राज्यों ने पत्रकारों को कोरोना वारियर्स का दर्जा दे दिया है। जिसमें मध्य प्रदेश, बंगाल, पंजाब, हरियाणा सहित कई राज्य हैं। देखा जाय तो अगर दूसरी लहर आने के बाद राज्य के पत्रकारों को फ्रंटलाइन वॉरियर्स की मान्यता दे गयी होती और प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण हो गया होता तो शायद इन पत्रकारों को कोरोना महामारी की चपेट में आने से रोका जा सकता था। अभी भी वक्त है सरकार ठोस निर्णय ले और पत्रकारों को कोरोना वारियर्स का दर्जा दे।
दुमका। बासुकीनाथ निवासी शहीद बीएसएफ जवान मनजीत झा की सोमवार को बासुकीनाथ में अंतिम यात्रा निकली। अंतिम यात्रा में शामिल हर आंखें नम दिखी। सूबे के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने शहीद जवान की अंतिम यात्रा में कंधा दिया। अंतिम यात्रा में मनजीत अमर रहे, भारत माता की जय आदि नारे का जयघोष लोग लगाते रहे। शहीद जवान मनीजत को राज्यकीय सम्मान के साथ गार्ड आॅफ आॅनर दिया गया। इसके बाद उनके परिजनों ने मनजीत को मुखागनी दिया। यहां बता दें कि 14 मई को डिय्टी के दौरान मनजीत की ह्दयगति रूक जाने से निधन हो गया था। मनजीत जम्मू-काशमीर के उड़ी में पदस्थापित थे। रविवार को शव हवाई मार्ग से रांची पहुंची। जहां राजकीय सम्मान के साथ शव को सलामी देकर उनके पैतृक आवास बासुकीनाथ शव को लाया गया। सूबे के मंत्री बादल पत्रलेख स्वयं पार्थिव शरीर के वाहनों को स्कॉट कर दुमका पहुंचे। जहां अंतिम यात्रा में शामिल हुए। पैतृक गांव में शहीद जवान मनजीत झा पंच तत्व में विलिन हो गये। परिजनों और आस-पास में मातम का महौल छाया हुआ है।
एबीएन डेस्क। 18+ वालों को वैक्सीनेशन के लिए मंगलवार को वैक्सीन की पहली खेप रांची पहुंची. 12 मई से सभी जिलों में वैक्सीन भेजी जाएगी। 14 मई से 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण शुरू हो जाएगा. पहली खेप में एक लाख कोविशील्ड और एक लाख 34 हजार 400 कोवैक्सीन झारखंड को दी गई है। झारखंड में 1.57 करोड़ की आबादी 18 से 44 के बीच की है। कोविशील्ड 300 और कोवैक्सीन 400 रुपए प्रति डोज खरीद रही सरकार झारखंड सरकार ने लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए 50 लाख डोज का ऑर्डर दिया है। कोविशील्ड के 25 लाख और कोवैक्सीन के 25 लाख डोज ऑर्डर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के लोगों के लिए निःशुल्क वैक्सीनेशन की घोषणा की है और इसके लिए सरकार अपने स्तर पर वैक्सीन खरीद रही है. राज्य सरकार कोविशील्ड 300 रुपये प्रति डोज और कोवैक्सीन 400 रुपए प्रति डोज खरीद रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पहले 6 जिलों में टीकाकरण शुरू होना था लेकिन फिर सरकार ने सभी 24 जिलों में टीकाकरण शुरू करने का निर्णय लिया. सभी जिलों में कोरोना संक्रमण की स्थिति के हिसाब से 5 से 10 हजार वैक्सीन भेजे जाएंगे. रांची, बोकारो, देवघर, धनबाद जैसे जिलों में 10-10 हजार वैक्सीन अलॉट किया गया है। चतरा, दुमका, सिमडेगा, सरायकेला जैसे जिलों में 5-5 हजार वैक्सीन अलॉट किया जाएगा।
रांची: वैक्सीन के लिए इंतजार कर रहे 18-44 उम्र वर्ग के लोगों का टीकाकरण 14 मई से शुरू होगा. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने इसकी औपचारिक घोषणा करते हुए कहा कि आगामी 14 मई से 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी. लोगों को वैक्सीनेशन के लिए कोई शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है, राज्य सरकार नि:शुल्क वैक्सीनेशन का कार्य कर रही है. 14 मई से जैसे-जैसे वैक्सीन की उपलब्धता होगी, लोगों को हम वैक्सीन लगाएंगे. विधायकों और सांसदों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मीटिंग में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि वैक्सीनेशन के प्रति कोई भ्रम अथवा असमंजस की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है. कोरोना का टीका पूरी तरह सुरक्षित और कारगर है, यह संदेश लोगों के बीच अधिक से अधिक जाना चाहिए. हम सभी के जीवन की सुरक्षा कवच के रूप में वैक्सीन अहम होगी. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि कोरोना संक्रमण के पहली लहर से ही राज्य सरकार आरटीपीसीआर जांच मशीन बढ़ाने को लेकर गंभीर रही है. कोविड-19 के दूसरी लहर में संक्रमितों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. यही कारण है कि जांच रिपोर्ट आने में थोड़ा विलंब हो रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द लोगों को मिल सके, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा आरटीपीसीआर जांच के लिए कोबास कंपनी को दो मशीनों का ऑर्डर दिया गया है. यह मशीन जून माह के अंत तक राज्य में स्थापित की जा सकेगी.
लातेहारः जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र के बालू गांव में डैम में डूबने से एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत हो गई. तीनों बच्चे भाई थे. मृतकों में पंकज प्रजापति, चंदन प्रजापति और रूपेश प्रजापति शामिल हैं. पंकज और चंदन बालू गांव के रहने वाले राजेश प्रजापति के पुत्र है. वहीं, रुपेश संतोष प्रजापति का बेटा है | मिली जानकारी के अनुसार तीनों बच्चे रविवार को घर से बिना किसी को बताए डैम में नहाने चले गए थे. इसी दौरान बच्चे मछली पकड़ने लगे. अचानक पंकज प्रजापति डैम में डूबने लगा. डूबते बच्चे को बचाने के दौरान अन्य दोनों बच्चे भी गहरे पानी में चले गए यहां ये डूब गए. थोड़ी देर में तीनों बच्चों की मौत हो गई |
जमशेदपुर। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी नाकामी छिपाने के लिए दिन-रात केंद्र की मोदी सरकार को कोसते रहते हैं। सरकार चलाना उनके बस की बात नहीं है। केंद्र हेमंत सरकार को पूरा सहयोग कर रहा है। इसके बावजूद हेमंत सोरेन पीएम के खिलाफ गैर मर्यादित टिप्पणी करते हैं। वह पूरी तरह अक्षम साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज झारखंड में जो भी स्वास्थ्य सेवाओं में थोड़ा बहुत सुधार दिख रहा है, वह उनकी डबल इंजन सरकार के 5 साल के कार्यों का परिणाम है। राज्य में 3 नए मेडिकल कॉलेज, 108 एंबुलेंस सेवाएं आज निर्णायक साबित हो रही हैं। बड़ी संख्या में नर्स व पारा मेडिकल स्टॉफ की भर्ती हमारी सरकार ने की। उन्हीं की सेवा से लोगों को राहत मिल रही है। हेमंत को बस राजनीति चमकाने की चिंता : रघुवर दास ने कहा कि रामगढ़ में जिस इंजीनियरिंग कॉलेज में कोविड सेंटर की शुरुआत की है, वह इंजीनियरिंग कॉलेज भी हमारे शासनकाल में ही खोला गया था। पलामू, हजारीबाग और जमशेदपुर में पांच-पांच सौ बेड के अस्पताल बन रहा है। देवघर में एम्स का निर्माण अंतिम चरण में है। ये सब कार्य उनकी सरकार ने पिछले 5 सालों में किया था। रघुवर ने कहा कि अभी यह पूछने का तो समय नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री जब इतना आरोप लगाते हैं तो उन्हें जरूर बताना चाहिए कि पिछले 2 वर्षों में उन्होंने राज्य के लिए क्या किया है। चिकित्सा क्षेत्र तो क्या किसी भी क्षेत्र में हेमंत उपलब्धियां क्या हैं। हेमंत सरकार के कारण राज्य के 300 बच्चे मेडिकल की पढ़ाई में शामिल होने से वंचित हो गये। लेकिन उन्हें किसी की चिंता नहीं है, केवल अपनी राजनीति चमकाना पसंद है। केंद्र ने कई योजनाओं में 75 फीसदी तक किया सहयोग : रघुवर ने कहा कि वेंटिलेटर के बिना लोग मर रहे हैं और जो वेंटिलेटर भारत सरकार ने भेजा वे पड़े-पड़े धूल फांक रहे हैं। अब राज्य सरकार उन्हें भाड़े में लगाकर कमाई का साधन बनाने में लगी हुई है। ऐसी सरकार की नाकामी के कारण राज्य में संक्रमण बढ़ रहा है, लोगों की मृत्यु हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए मोदी सरकार पूरी इमानदारी से काम कर रही है। पिछले दिनों रिम्स में बनाए गए 450 बेड के जिस कोविड सेंटर का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने किया है, उसमें भी भारत सरकार ने 75% राशि का सहयोग किया है। इसी प्रकार टेस्टिंग किट में भी भारत सरकार 75% सहयोग कर रही है। ऑक्सीजन प्लांट लगाने सहयोग भारत सरकार द्वारा किया जा रहा है। गरीबों के भोजन के लिए प्रधानमंत्री ने फिर से 2 महीने तक मुफ्त राशन देने की शुरुआत कर दी है। झारखंड को पिछले चार माह के अंदर आपदा प्रबंधन के तहत 200 करोड़ से अधिक की राशि भारत सरकार द्वारा दी गयी है।
झारखंड में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. इसकी रोकथाम के लिए राज्य सरकार लगातार पहल कर रही है. सभी जगहों पर कोविड-19 गाइडलाइन का पालन कराने के लिए जिला प्रशासन की टीम दिन रात मेहनत कर रही है. पिछले 24 घंटे में झारखंड में कोरोना के 4,738 नए मामले पाए गए. रविवार को झारखंड में कोरोना से 115 लोगों की जान चली गई. अब राज्य में संक्रमित मरीजों की संख्या 58,519 हो गई है. रविवार को रांची में 913 मरीज, जमशेदपुर में 652 मरीज, हजारीबाग में 346 मरीज, पलामू में 248 मरीज, बोकारो में 312, दुमका में 17, गढ़वा में 121, गिरिडीह में 155 मरीज, गोड्डा में 115, गुमला में 159 मरीज, कोडरमा में 221, देवघर में 163 मरीज, लातेहार में 157 मरीज, रामगढ़ में 197 मरीज, चाईबासा में 183 मरीज, धनबाद में 136 मरीज, खूंटी में 109 मरीज मिले हैं. 115 मरीजों की मौत
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