झारखंड

View All
Published / 2021-06-25 12:01:47
आपातकाल में हुआ था जनता के अधिकारों का हनन : बीडी राम

मेदिनीनगर। भारतीय इतिहास में आज का दिन (25 जून) काला धब्बा के रूप में जाना जाता है। वर्ष 1975 में आज ही के दिन कांग्रेस ने राजनीतिक स्वार्थों के लिए आपातकाल की घोषणा की थी, जो भारत के महान लोकतंत्र पर काला धब्बा है। उक्त बातें पलामू सांसद विष्णुदयाल राम ने कही। सांसद ने कहा कि 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक यानी 21 महीने की अवधि में भारत में आपातकाल घोषित था। स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह सबसे विवादास्पद और अलोकतांत्रिक काल था। जिसके अंतर्गत चुनाव स्थगित किए गए तथा नागरिक अधिकारों का हनन किया गया। राजनीतिक विरोधियों को कैद कर लिया गया था और प्रेस पर प्रतिबंध लगा दिया गया था एवं बड़े पैमाने पर पुरूष नसबंदी अभियान चलाया गया था। जिससे आम जनता काफी आहत हुयी थी। जनता के द्वारा आपातकाल के विरूद्ध सत्याग्रह चलाया गया था। सांसद श्री राम ने कहा कि आपातकाल लागू होते ही आंतरिक सुरक्षा कानून (मीसा) के तहत राजनीतिक विरोधियों जय प्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, जॉर्ज फर्नांडिस आदि को गिरफ्तार किया गया था। आपातकाल के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को प्रतिबंधित कर दिया गया, हजारों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया तथा भीषण यातनाएं दी गयी। श्री राम ने कहा कि कांग्रेस द्वारा जनता पर थोपा गया काला कानून का विरोध पूरे देश में चरम सीमा पहुंच गया जिसके फलस्वरूप पहली बार देश में गैर कांग्रेसी सरकार मोरारजी देसाई के नेतृत्व में बनी। श्री राम ने सत्याग्रहियों को नमन करते हुए कहा कि जिन्होंने भीषण यातनाएं सहने के बाद भी आपातकाल का विरोध किया और लोकतांत्रिक मूल्यों की आस्था को संजोकर रखा, उनके आदर्श आज भी प्रासंगिक है।

Published / 2021-06-24 12:35:18
रांची एयरपोर्ट पर ट्रैफिकिंग कर जम्मू-कश्मीर ले जा रहे 19 बच्चों का रेस्क्यू, सीआइएसएफ ने बचाया

रांची। ह्यूमन ट्रैफिकिंग कर राजधानी के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से जम्मू ले जा रहे 19 नाबालिग बच्चों को एयरपोर्ट प्रशासन की सूझबूझ से बचाया गया। दरअसल, गुरुवार को एयरपोर्ट पर 19 बच्चों को काम दिलाने के नाम पर दिल्ली होते हुए जम्मू ले जाया जा रहा था लेकिन जैसे ही सभी बच्चे एयरपोर्ट पहुंचे वहां पर सीआइएसएफ की टीम को जांच के दौरान यह शक हुआ कि सभी बच्चे नाबालिग हैं और उन्हें बहला-फुसलाकर बाहर ले जाया जा रहा है। सीआइएसफ के डिप्टी कमांडेंट ने जानकारी देते हुए बताया कि इंस्पेक्टर पीएल ठाकुर को डिपार्चर गेट पर जैसे ही शक हुआ उन्होंने सभी बच्चों की प्रोफाइलिंग और आइडी चेक की, जिससे शक बढ़ता गया और फिर यह पता चला कि सभी बच्चों को बहला-फुसलाकर बाहर ले जाया जा रहा था और उसमें ज्यादातर बच्चे नाबालिग थे। वहीं पूरे मामले में राजू गंझु नाम के एक दलाल को गिरफ्तार किया गया है, जिससे पूछताछ जारी है। वहीं रेस्क्यू में पकड़े गये सभी बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सौंप दिया गया है। साथ में ह्यूमन ट्रैफिकिंग की टीम भी पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

Published / 2021-06-24 12:30:12
चाईबासा : पीएलएफआइ एरिया कमांडर समेत 8 उग्रवादी धराये, कई हथियार जब्त

रांची। पुलिस को पश्चिम सिंहभूम में उग्रवादियों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने पीएलएफआई के एरिया कमांडर सुमन सिंह उर्फ सुमन सिंह गंझू समेत 8 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उग्रवादियों के पास से दो देसी कट्टा, 8 एमएम का 7 गोली, 12 बोर का 3 गोली, एक रायफल, 9 मोबाइल फोन, सात सिम कार्ड, वर्दी तथा पीएलएफआई के पर्चे समेत कई सामान जब्तस किये हैं। पुलिस ने जिन गिरफ्तार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है उनमें सुमन सिंह, रमाय बोयपाई, देवी सिंह गंझू, दशरथ सिंह, गुरुचरण खंडाईत, लखन बोदरा, मंगल सिंह ओड़ेया और शनिका पूर्ति शामिल हैं।

Published / 2021-06-22 15:00:23
गढ़वा में बनेगा सिंथेटिक फुटबॉल ग्राउंड

गढ़वा। गढ़वा विधायक झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेष कुमार ठाकुर के पहल पर गढ़वा के विकास में एक और कड़ी जुड़ गया है। जिला मुख्यालय स्थित बालिका मध्य विद्यालय के मैदान में सिंथेटिक फुटबॉल ग्राउंड का निर्माण किया जायेगा। मंत्री श्री ठाकुर के अधियाचना पर झारखंड सरकार ने इसकी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके लिए मंत्री ने झारखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण, पर्यटन, कला, संस्कृृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री को पत्र पे्रषित कर गढ़वा के बालिका मध्य विद्यालय के मैदान में सिंथेटिक फुटबॉल ग्राउंड निर्माण कराने की मांग की थी। इस मामले में कार्रवाई करते हुए झारखंड सरकार के अपर सचिव सुनील कुमार सिन्हा ने गढ़वा उपायुक्त को पत्र पे्रषित कर ग्राउंड निर्माण के लिए उक्त सरकारी चिह्नित भूमि की भौतिक प्रकृति के अनुरूप नये अनुसूचित दर पर सक्षम वास्तुकार से तैयार सक्षम प्राधिकार द्वारा तकनीकी स्वीकृति प्रदत प्राक्कलन सहित प्रस्ताव विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। इस संबंध में मंत्री श्री ठाकुर ने विभागीय मंत्री को प्रेषित पत्र में कहा था कि गढ़वा जिला में फूटबॉल काफी लोकप्रिय खेल है। ग्रामीण क्षेत्रों में फुटबॉल के सीजन में खेल का आयोजन किया जाता है। जिले के करीब आधा दर्जन से अधिक प्रखंड आदिम जनजाति एवं जनजाति बहुल है। इन क्षेत्रों में फुटबॉल विशेष रूप से लोकप्रिय है। इस ग्राउंड के निर्माण से यहां के प्रतिभा को प्रोत्साहित करने एवं निखारने का अवसर प्रदान होगा।

Published / 2021-06-22 14:40:13
देवघर : सात साइबर अपराधी गिरफ्तार

देवघर। जिला पुलिस की ओर से चलाये जा रहे साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान में सोमवार को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिला के सारवां थाना इलाके के सुरसुरा और मारगोमुंडा थाना इलाके के बांसजोरा से सात साइबर अपराधियों को शिकंजे में लिया गया है। देवघर एसपी धनंजय कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कुल 7 साइबर अपराधियों को गिरफतार किया गया। सभी अपराधी लॉटरी के नाम पर प्राइज, फर्जी बैंक अधिकारी और कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों में फंसाकर केवायसी के नाम पर ओटीपी प्राप्त कर कई डिजिटल तकनीक के माध्यम से पैसे ठगी का काम करते थे। सभी के पास से 14 मोबाइल फोन, 20 सिमकार्ड, 22 एटीएम कार्ड और नकद 5 हजार रुपया बरामद किया गया है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार साइबर अपराधियों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है और मिली इनपुट के आधार पर छापेमारी कर रही है। वहीं बताया जा रहा है कि गिरफ्तार 7 साइबर अपराधियों में तीन साइबर अपराधी रियासत, मुमताज और सराफराज आपस में तीनों भाई हैं, ये सभी मिलकर साइबर अपराध को अंजाम देते थे।

Published / 2021-06-18 14:57:37
3 जोनल कमांडर, 1 एरिया कमांडर समेत 20 नक्सली पकड़ने में सफल रही गिरिडीह पुलिस

रांची। गिरिडीह पुलिस नक्सल गतिविधि की रोकथाम को लेकर लगातार अभियान चला रही है। जिसका परिणाम है कि पिछले एक वर्ष में आधा दर्जन से ज्यादा इनामी नक्सली समेत 20 नक्सलियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। गिरिडीह एसपी अमित रेणु के नेतृत्व में चलाये गए अभियान में जिला को यह बड़ी उपलब्धि मिली। इस दौरान गिरिडीह पुलिस ने 10 लाख के इनामी जोनल कमांडर प्रशांत मांझी उर्फ छोटका, प्रभा दी उर्फ प्रभा सोरेन और सुधीर किस्कु उर्फ सुलेमान हांसदा को गिरफ्तार किया है। इतना ही नहीं पुलिस ने 2 लाख की एरिया कमांडर सरिता उर्फ कौशल्या उर्फ रमा खुखरा को भी पकड़ा है। इसके अलावा 5 लाख के इनामी नक्सली नुनूचंद्र महतो उर्फ नुनूलाल को आत्मसमर्पण कराने में सफलता हासिल की। गिरिडीह एसपी अमित रेणु के नेतृत्व में जिला पुलिस ने नक्सलियों के पास से कई अत्याधुनिक हथियार भी जप्त किए है। जिसमें एके-47, एके-47 की जिंदा गोली 195 पीस, दो मैगजीन, रेग्युलर कार्बाइन दो पीस, चार मैगजीन, 72 पीस जिंदा गोली, एम-16 राइफल एक पीस, एसएलआर राइफल दो, मैगजीन चार पीस, गोली-135 पीस, इंसास राइफल दो, मैगजीन एक पीस, गोली-50 पीस, थ्री नॉट थ्री राइफल एक पीस, मैगजीन एक पीस, 315 राइफल एक पीस, इलेक्ट्रिक डेटोनेटर एक हजार पीस और जिलेटिन रड पांच पीस शामिल है। 12 जुलाई 2020 को गिरिडीह एसपी अमित रेणु को गुप्त सूचना मिली। इसके बाद अभियान चलाया गया और एक लाख के इनामी नक्सली संगठन के दस्ता सदस्य तुफान दा उर्फ किशोर चन्द किस्कू को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। 23 जुलाई 2020 को गम्हरा जंगल से दो लाख के इनामी नक्सली कौशल्या उर्फ रमा उर्फ सुनिता को गिरफ्तार किया गया। इससे पूर्व सूचना मिली थी कि नक्सली संगठन बैठक कर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के फिराक में है। जिसके बाद एसपी अमित रेणु स्वंय टीम का नेतृत्व करते हुए जंगल में छापेमारी अभियान चलाये थे। 7 सितंबर 2020 कसे पीरटांड थाना इलाके में सर्च अभियान चलाया गया था। जिसमें लेढ़वा गांव के समीप जंगल क्षेत्र से एक लाख के इनामी नक्सली संगठन सदस्य मनोज राय उर्फ राजेश राय को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पीरटांड थाना अंतर्गत मंजिरा एवं बनासो जंगल में गुप्त सूचना मिली की नक्सली दस्ता भ्रमणशील है। जिसके बाद इलाके में अभियान चलाया गया। गिरिडीह एसपी अमित रेणु स्वंय टीम का नेतृत्व कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने तीन जोनल कमांडर प्रशांत मांझी उर्फ छोटका, प्रभा दी उर्फ प्रभा सोरेन, सुधीर किस्को उर्फ सुलेमान, रंजीत टुडू, छोटूलाल हांसदा और उज्जवल गंझू को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। 1 जून 2021 को गिरिडीह एसपी अमित रेणु की सूझबूझ से पांच लाख के इनामी नक्सली नुनूचंद महतो उर्फ नुनूलाल ने आत्मसर्मपण किया है। झारखंड सरकार के आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर नक्सली ने सरेंडर किया है।

Published / 2021-06-15 09:31:34
झारखण्ड : अनलॉक-3 में शॉपिंग मॉल और डिपार्टमेंटल स्टोर खोलने की इजाजत

रांची। राज्य में एक अनलॉक की प्रक्रिया जारी है। 16 जून को अनलॉक-2 की अवधि खत्म हो जायेगी। सरकार ने अनलॉक-3 की घोषणा कर दी है। इसके तहत राज्य में कुछ और भी छूट दी गयी है। प्रोजेक्ट भवन में जारी आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में फैसला लिया गया कि अब सभी जिलों में सभी दुकानें शाम 4 बजे तक खुल सकेंगी। इसके अलावे शॉपिंग माल और Departmental स्टोर भी खुल सकेंगे। बैठक में सीएम हेमंत सोरेन, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, सीएस सुखदेव सिंह सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। 4 बजे तक खुलेंगे सभी ऑफिस : सरकार के नये फैसले के मुताबिक अब सभी सरकारी एवं निजी कार्यालयों में 50% मानव संसाधन की उपस्थिति हो सकेगी। 4 बजे अपराह्न तक ऑफिस खुल सकेंगे। शनिवार की शाम 4 बजे से सोमवार के सुबह 6 बजे तक सभी दुकानें (सब्जी-फल-किराना की दुकान सहित) बंद रहेंगी। स्वास्थ्य सेवा से संबंधित प्रतिष्ठान और दूध के स्टोर खुले रहेंगे। शेष पाबंदी पूर्व की तरह जारी रहेंगी। और क्या है नियम : सिनेमा हॉल, क्लब, बार, banquet हॉल, मल्टीप्लेक्स, बंद रहेंगे। स्टेडियम, gymnasium, स्विमिंग पूल और पार्क बंद रहेंगे। समस्त शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे पर लाभुकों को घर पर खाद्य सामग्री उपलब्ध करायी जायेगी। 5 व्यक्ति से अधिक के इकठ्ठा होने पर प्रतिबंध रहेगा। विवाह में अधिकतम 11 व्यक्ति शामिल हो सकते हैं और अंतिम संस्कार में अधिकतम 20 व्यक्ति। धार्मिक स्थल श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे। जुलूस पर रोक जारी रहेगी. बस परिवहन पर रोक जारी रहेगी। राज्य के द्वारा कराने वाली परीक्षा स्थगित रहेंगी। मेला और प्रदर्शनी पर रोक जारी रहेगी। निजी वाहन से एक जिले से दूसरे जिले जाने के लिए, दूसरे राज्य से झारखंड आने के लिए या झारखंड से दूसरे राज्य जाने के लिए ई पास आवश्यक होगा। कुछ अपवाद को छोड़कर दूसरे राज्य से झारखंड आने वाले को 7 दिन का होम quarantine अनिवार्य होगा।नसार्वजानिक स्थान पर मास्क पहनना और सामजिक दूरी बनाए रखना अनिवार्य है। आदेश के उल्लंघन की स्थिति में आपदा प्रबंधन अधिनियम की सुसंगत धारा अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर कार्यवाही की जायेगी।

Published / 2021-06-14 17:32:11
नौ महीने बाद शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो पहुंचे झारखण्ड, सीएम हेमन्त ने की आगवानी

रांची। झारखंड के मंत्री जगरनाथ महतो सोमवार शाम को नौ माह बाद चार्टर्ड प्लेन से रांची पहुंच गए। जगरनाथ महतो को डॉक्टरों की निगरानी में रांची लाया गया। यहां सीएम हेमंत सोरेन ने उनका स्वागत किया। इसके बाद महतो रांची एयरपोर्ट से सीधे डोरंडा स्थित अपने आवास के लिए रवाना हो गए। इस दौरान उन्होंने हाथ हिलाकर पत्रकारों और लोगों का अभिवादन किया। इससे पहले कोरोना संक्रमण के बाद चेन्नई के एमजीएम अस्पताल में इलाज करा रहे मंत्री जगरनाथ महतो ने इससे पहले अपने चिकित्सकों से मुलाकात की। इस दौरान शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने चेन्नई के MGM hospital के चिकित्सकों और अन्य स्टाफ को धन्यवाद दिया। अपने विधानसभा क्षेत्र में टाइगर (TIGER)के नाम से मशहूर शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि MGM hospital के चिकित्सकों ने जिस तरह से उनका इलाज किया और स्टाफ ने जिस तरह से उनकी देखभाल की उसके लिए इन्हें धन्यवाद देता हूं। मंत्री ने की अस्पताल की तारीफ मंत्री जगरनाथ महतो ने यह भी कहा कि अस्पताल में इलाज और सुविधाएं झारखंड में सुपरहिट हुई हैं। नतीजतन झारखंड के दूसरे लोग भी यहां इलाज के लिए आने लगे हैं। अस्पताल में उनके साथ व्यवहार ने दिल जीत लिया। एयर एंबुलेंस से ले जाया गया था चेन्नई : पिछले साल 28 सितंबर 2020 को शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की तबीयत खराब हो गई थी। इसके बाद उनको रांची रिम्स में भर्ती कराया गया था। फेफड़ों में संक्रमण की वजह से तीन दिन बाद उन्हें मेडिका (medica) में भर्ती कराया गया। इस बीच उनकी कोरोना जांच की गई जो पॉजिटिव आई। करीब एक महीने तक रांची में उनका इलाज चला। स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर 19 अक्टूबर को उन्हें एयर एंबुलेंस के जरिये रांची से चेन्नई लाया गया। चेन्नई में उन्हें एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। 28 अक्टूबर को अस्पताल की तरफ से एक मेडिकल बुलेटिन जारी किया गया था, जिसमें उनके फेफड़ों में कोई सुधार नहीं दिखा, तब डॉक्टर्स ने लंग्स ट्रांसप्लांट करने का निर्णय लिया। 10 नवंबर को जगरनाथ महतो का लंग्स ट्रांसप्लांट किया गया। 11 जनवरी को उन्हें आईसीयू से जनरल वॉर्ड में शिफ्ट किया गया था। अभी उनका लंग्स 100 प्रतिशत काम कर रहा है। करीब 8 महीने के बाद वो चेन्नई से कोरोना को हराकर झारखंड लौट रहे हैं। इस खबर से झारखंड के उनके चाहने वालों और समर्थकों में खुशी है। मंत्री जगरनाथ महतो का परिचय जगरनाथ महतो ने मैट्रिक तक शिक्षा हासिल की है। उन्होंने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1990 में की। उन्होंने तत्कालीन विधायक शिवा महतो के सहयोगी के रूप में राजनीति शुरू की। उन्होंने पहली बार 2000 में समता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन वे चुनाव हार गए थे। इसके बाद 2005 में जेएमएम में इन्हें डुमरी से अपना प्रत्याशी बनाया। उसके बाद से लगातार चौथी बार डुमरी से विधायक बने।

Page 1625 of 1651

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

Tranding

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse