झारखंड में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. इसकी रोकथाम के लिए राज्य सरकार लगातार पहल कर रही है. सभी जगहों पर कोविड-19 गाइडलाइन का पालन कराने के लिए जिला प्रशासन की टीम दिन रात मेहनत कर रही है. पिछले 24 घंटे में झारखंड में कोरोना के 4,738 नए मामले पाए गए. रविवार को झारखंड में कोरोना से 115 लोगों की जान चली गई. अब राज्य में संक्रमित मरीजों की संख्या 58,519 हो गई है. रविवार को रांची में 913 मरीज, जमशेदपुर में 652 मरीज, हजारीबाग में 346 मरीज, पलामू में 248 मरीज, बोकारो में 312, दुमका में 17, गढ़वा में 121, गिरिडीह में 155 मरीज, गोड्डा में 115, गुमला में 159 मरीज, कोडरमा में 221, देवघर में 163 मरीज, लातेहार में 157 मरीज, रामगढ़ में 197 मरीज, चाईबासा में 183 मरीज, धनबाद में 136 मरीज, खूंटी में 109 मरीज मिले हैं. 115 मरीजों की मौत
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोविड-19 का पहला टीका गुरुवार को लगवा लिया है। उन्होंने टीका लेते हुए सभी को संक्रमण से बचने के लिए कोरोना वैक्सीन लगवाने की अपील की। सीएम के अलावा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का ने भी कोविड-19 टीके की पहली डोज ली। सदर अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वैक्सीन को लेकर जारी भ्रांतियों को खारिज करते हुए राज्यवासियों से अपील की कि कोरोना का यह टीका सुरक्षित और असरदार है। यह कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर सुरक्षा कवच का काम करता है। लोगों से मेरा आग्रह है कि वे कोविड-19 का टीका जरूर लगवाएं और दूसरों को भी टीका लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि 18 साल से ज्यादा उम्र के सभी लोगों का नि:शुल्क टीकाकरण कराने का सरकार ने निर्णय लिया है। आपके सहयोग से ही टीकाकरण अभियान को सफल बनाया जा सकता है। मौके पर सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार ने मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव को टीकाकरण का प्रमाण पत्र सौंपा।
सतबरवा पलामू। शादी के दूसरे दिन ही एक दूल्हा ने घर से कुछ दूर जाकर पेड़ में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे उसके घर में खुशी का माहौल मातम में बदल गया। लोग इस घटना में हतप्रभ थे। समाचार के अनुसार शादी कर घर आये 27 वर्षीय पिंटु गुप्ता ने आत्महत्या कर ली। घटना बुधवार की रात्रि की है। बताया जाता है कि सतबरवा निवासी सुरेश साहू का बड़ा पुत्र पिंटू गुप्ता की शादी गत मंगलवार को हुई थी। बुधवार को चौठारी पूजा की रश्म पूरी हुई थी। चौठारी के दुसरे दिन बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने सुबह टहलने के क्रम में सतबरवा थाना के पीछे करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर महुआ के पेड़ से लटकता हुआ एक शव को देखा। यह खबर आग की तरह पूरे सतबरवा में फैल गई। लोग शव को देखने घटनास्थल पर पहुंचने लगे जहां सतबरवा निवासी पिंटू गुप्ता के रूप में शव की पहचान की गई। इसकी सूचना ग्रामीणों ने सतबरवा थाना पुलिस को दिया। सूचना पाते ही सतबरवा पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को पेड़ से नीचे उतार कर पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीराय मेमोरियल मेडिकल एंड कॉलेज मेदिनीनगर भेज दिया है। घटना के संबंध में थाना प्रभारी कर्मपाल नाग ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। बहुत जल्द मामले की खुलासा हो जाएगी। ऐसे उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया में आत्म हत्या हो सकता है। इधर घर वालों का रो रोकर बुरा हाल हो गया है।
रांची। उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में ग्लेशियर टूटने की वजह से सीमा सड़क संगठन, बीआरओ में काम करने वाले झारखंड के 15 श्रमिकों की मौत हो गयी थी। राज्य सरकार की पहल इन सभी श्रमिकों का पार्थिव शरीर आज उत्तराखंड से रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर पहुंचा। जहां झारखंड सरकार की ओर से कृषिमंत्री बादल ने एयरपोर्ट पहुंचकर सभी मृतकों के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे भी मौजूद थे। कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल ने कहा की पूरा देश और विश्व एक तरफ कोरोना महामारी की लड़ाई लड़ रहा है,वहीं झारखंड में भी कोरोना का कहर जारी है, और इस बीच झारखंड के लोगों की मृत्यु उत्तराखंड में हो जाने से पूरे राज्य का माहौल गमगीन हो गया है। कृषिमंत्री ने कहा कि सरकार इस दुख की घड़ी में मृतक के परिजनों के साथ हैं, उन्होंने ईश्वर से कामना की, कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और इस दुख की घड़ी में परिजनों को दुख सहने की शक्ति दे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सह राज्य के वित्त तथा खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ0 रामेश्वर उरांव ने भी मुख्यमंत्री से बातचीत कर चमोली हादसे के शिकार मृतकों के आश्रितों को मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया है।
चैनपुर। चैनपुर थाना क्षेत्र के अपर शंख जलाशय परियोजना के दाईं मुख्य नहर में कार्य कर रहे संवेदक तासिम खान के साइड पर मंगलवार को दिनदहाड़े 40 से 50 जेजेएमपी के हथियारबंद दस्ता ने जमकर उत्पात मचाया। कार्य में लगे पोकलेन मशीन, जेसीबी मशीन व दो हाईवा में जमकर तोड़फोड़ किया। इतना ही नहीं चालकों की पिटाई भी की गई। गंभीर रूप से घायल दो ड्राइवर को इलाज के लिए गुमला भेज दिया गया है। वहीं चार लोगों को आंशिक चोट है। इधर घटना की जानकारी मिलने के बाद चैनपुर थाना प्रभारी अमित कुमार चौधरी व डुमरी थाना प्रभारी मनीष कुमार ने संयुक्त रुप से टीम गठित कर नौगाई डैम मुख्य नहर पहुंचे और क्षतिग्रस्त किए गए वाहनों को सुरक्षा के बीच चैनपुर लाया गया। चैनपुर थाना प्रभारी अमित चौधरी के अनुसार इस मामले की लिखित शिकायत संवेदक ने अभी तक थाना में नहीं दिया है। जानकारी के अनुसार इस घटना को अंजाम देने के पीछे लेवी मुख्य कारण बताया जा रहा है। तोड़ फोड़ किए जाने वाले वाहनों में एक पोकलेन एक जेसीबी मशीन व दो हाईवा शामिल हैं। संवेदक के कर्मियों ने मारपीट में जख्मी लोगों के नाम को बताने से इनकार किया। बता दें कि 3 माह पूर्व जल संसाधन विभाग चैनपुर वन से लगभग 10 करोड़ों का निविदा निकाला गया था। जो कई श्रेणियों में बांटा गया था। कई संवेदक कार्य लेकर काम शुरू किया है।
घाघरा। घाघरा थाना क्षेत्र के ईचा केराझरिया नदी के किनारे धोबी घाट पर 17 वर्षीय नाबालिक छात्रा बिमला कुमारी की गला रेत कर हत्या कर दी गयी। बिमला लोहरदगा कॉलेज में इंटर की छात्रा थी। घटना बुधवार की अहले सुबह करीब पांच बजे उस समय अंजाम दिया गया जब वह अपने गांव झखरा से करीब पांच सौ गज की दूरी पर बारी में लगे फसल का पटवन करने गयी थी। पटवन करने वह प्राय: रोज दिन जाती थी। जिसका फायदा उठा अज्ञात अपराधियों ने घात लगा उसे मार डाला। शव के करीब 50 फिट की दूरी पर मृतका का दुपट्टा पड़ा था। जहां हत्यारो ने पहले उसपर वार किया और वहां से बिमला भागी भी लेकिन हत्यारे उसे पुन: पकड़ गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। चोटिल हो भागने के क्रम में जमीन पर खून के छींटे पड़े थे। जिससे ज्ञात होता है कि पहली दफा हमला करने के बाद वह बच निकलना चाहती थी। बता दें कि घटना के दो दिन पूर्व से बिमला घर में अकेले रह रही थी। बिमला के पिता घुंजा बैठा एवं चाचा जरकु बैठा के बीच होली से पूर्व पैसे लेनदेन को लेकर मारपीट हुई थी। जिस मामले में बिमला के पिता घुंजा, भाई बाबूलाल जेल में है जबकि मां फूलो देवी फरार है। हालांकि बिमला की भाभी उसके साथ रहा करती थी। लेकिन दो तीन दिन पूर्व एक शादी समारोह में अपने मायके गयी हुई थी और घटना के दिन वह घर पर अकेली थी। घटना की सूचना मिलने पर एसडीपीओ मनीष चंद्र लाल, पुलिस निरीक्षक लोहरदगा, थाना प्रभारी कुंदन कुमार, कौशलेंद्र कुमार घटना स्थल पहुंच शव को कब्जे में ले लिया। दोनों थाना क्षेत्र के मुहाना में हुई हत्या : हत्या की घटना घाघरा व सेन्हा थाना क्षेत्र के मुहाने पर हुई है। मात्र 10 फिट में सेन्हा थाना पड़ता है। जिस स्थान पर शव पड़ा था वह घाघरा थाना क्षेत्र के ईचा में पड़ता है और 10 फिट का नदी केराझरिया दोनों थाना क्षेत्र को बांटती है। मृतका बिमला का घर सेन्हा थाना क्षेत्र के झखरा में पड़ता है जबकि उसका खेत बारी जहां वह पटवन करने गयी थी वह घाघरा थाना क्षेत्र के ईचा में पड़ता है। जिसे चांगो झरिया के नाम से जाना जाता है। उसी खेत में लगे फसल का पटवन करने बिमला गयी थी। जहां उसकी हत्या कर दी गयी। मृतका के अंतिम संस्कार को लेकर ग्रामीण दिखे परेशान : इधर लड़की की हत्या के बाद उसका अंतिम संस्कार कैसे होगा इसकी चिंता क्षेत्र के ग्रामीणों को सता रही थी। मृतका का पिता और उसके भाई जेल में है जबकि उसकी मां फरार है। घर पर कोई नहीं होने से अंतिम संस्कार को लेकर लोग परेशान दिखे।
रांची। झारखंड में मंगलवार को 6020 नये कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं, जबकि 131 मरीजों की बीते 24 घंटे में मौत हुई है। इस बीच 4247 मरीज ठीक भी हुए हैं, जिससे राज्य में कोरोना संक्रमण के एक्टिव केस 51252 हो गये हैं। इधर, रांची में 61 मरीजों की मौत हुई है जबकि 1574 नये कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। मंगलवार को 769 मरीज डिस्चार्ज भी हुए हैं जिससे एक्टिव मरीजों की संख्या 17036 हो गयी है।
रांची। सीसीएल गांधीनगर हॉस्पिटल में एक मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों और साथ आये लोगों ने महिला डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों से मारपीट की। उन्होंने लगभग आधे घंटे तक जबर्दस्त बवाल किया। बाद में गोंदा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। इस घटना से गुस्साये डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी उद्वेलित हैं। वे हॉस्पिटल में सीआईएसएफ की तैनाती की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस पैनमडेमिक में भी तमाम डॉक्टर्स और स्वास्थ्यकर्मी जी-जान लगाकर सुबह से देर रात ओवरटाइम ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन इसके बदले अगर उनपर रोज हमले होंगे, तो काम करना संभव नहीं होगा। वे इस मामले में सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से हस्तक्षेप की गुहार लगा रहे हैं।बताया गया है कि सीएमपीडीआई के एक कर्मी अरुण कुमार को सांस लेने की दिक्कत के चलते हॉस्पिटल लाया गया था। डॉक्टरों ने उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट दिया था। इस बीच उनकी स्थिति बिगड़ गयी और उन्होंने सुबह करीब साढ़े नौ बजे अंतिम सांस ली। मरीज की मौत के बाद उनके परिजन और साथ आये लोगों ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक डॉ संगीता मुंडले को हमले में चोटें आयी हैं।अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की गयी। गुस्साये लोगों ने हॉस्पिटल परिसर में तोड़-फोड़ भी की। हंगामे की वजह से पूरे हॉस्पिटल में अफरा-तफरी मच गयी। मॉर्निंग शिफ्ट में आये तमाम डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी काम छोड़कर बाहर आ गये। बाद में गोंदा थाने की पुलिस पहुंची। मारपीट के आरोप में दो लोगों को हिरासत में लिये जाने की सूचना है। बता दें कि लगभग 10 दिन पहले भी एक डॉक्टर के साथ मारपीट की घटना हुई थी। इस मामले में भी प्रबंधन की ओर से कोई कार्रवाई न होने से डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों में आक्रोश है। उनका कहना है कि हॉस्पिटल में सीआईएसएफ की तैनाती नहीं होती है और उनकी सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं मिलती है, तो वो काम करने की स्थिति में नहीं होंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से इस मामले में सीधे हस्तक्षेप की गुहार लगायी है। उनका कहना है कि वे हर रोज तय ड्यूटी से कई घंटे ज्यादा हॉस्पिटल में सेवा दे रहे हैं। हॉस्पिटल में क्षमता से ज्यादा मरीज भर्ती हैं। कोशिश हो रही है कि उपलब्ध संसाधनों के बीच बेहतर से बेहतर सेवा दी जाये, लेकिन अगर डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ रोज मारपीट और बदसलूकी होगी तो वे कैसे काम कर पायेंगे।
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