बेरमो /बोकारो थर्मल। गिरीडीह के डुमरी से गिरफ्तार माओवादी जयराम बेसरा की सूचना पर अमेरिकन राइफल की तलाश में पुलिस और सीआरपीएफ बुधवार को ऊपरघाट के कडरूखुट्टा गांव पहुंची। हालांकि यहां से पुलिस को हथियार बरामद नहीं हुआ। माओवादी जयराम बेसरा के सूचना पर कडरूखुट्टा के कथित मृत नक्सली सोनाराम मांझी के घर की तलाशी ली गयी। सूचना थी कि पारसनाथ पहाड़ से माओवादियों ने कडरूखुट्टा गांव में अमेरिकन राइफल सहित भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक साम्रगी रखी है। लेकिन कडरूखुट्टा गांव के कथित मृत नक्सली सोनाराम मांझी के घर से कुछ भी बरामद नहीं हुआ। गिरीडीह की सीआरपीएफ व पुलिस ने सोनाराम मांझी के घर की तलाशी करने के उपरांत उसके बारी (खेत) को भी कुदाल से खोदकर खोजा गया। सीआरपीएफ को यह भी सूचना था कि सोनाराम मांझी के खेत में गड्ढा कर माओवादियों ने अमेरिकल राइफल सहित भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री छुपाकर रखा है। खेत में घंटों मशक्कत के बाद भी सीआरपीएफ को संभावित हथियार बरामद नहीं हुआ। लगभग पांच घंटे तक मृत कथित नक्सली सोनाराम मांझी के घर और बारी (खेत) में तलाश अभियान चला। इस अभियान में गिरीडीह, गोमिया, नावाडीह सीआरपीएफ के अलावे निमियांघाट, डुमरी और पेंक-नारायणुपर के थाना प्रभारी सुधांशू श्रीवास्तव सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। 3 मार्च 2018 को माओवादियों ने सोनाराम की गोलीमार कर दी थी हत्या : पेंक पंचायत के कडरूखुट्टा निवासी 40 वर्षीय सोनाराम मांझी को 2-3 मार्च की रात माओवादियों ने घर से अगवा कर मुंहफरवा मुख्य सड़क में मुखबिरी के आरोप में हत्या कर शव को फेंक दिया था। माओवादियों ने घटनास्थल पर पोस्टर छोड़ घटना की जिम्मेवारी भी लिए थे। कौन है नक्सली जयराम बेसरा : पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार नक्सली जयराम बेसरा बारूंदी सुरंग विशेषज्ञ माना जाता है। 15 लाख के इनामी माओवादी कृष्णा हांसदा के दस्ते का सक्रिय सदस्य है। पुलिस ने 12 मार्च को किलो के बारूदी सुरंग के साथ डुमरी के राजभिट्टा गांव से गिरफ्तार किया था। सुधांशू श्रीवास्तव, थाना प्रभारी, पेंक-नारायणपुर : कडरूखुट्टा के नक्सली सोनाराम मांझी के घर माओवादियों ने हथियार सहित विस्फोटक साम्रगी छुपा कर रखने की सूचना गिरीडीह सीआरपीएफ और पुलिस को मिली थी, उसी आलोक में छापामारी की गयी, लेकिन वहां ऐसा कुछ नहीं मिला।
जमशेदपुर। सांसद विद्युत वरण महतो ने आज एनएच-33 के पारडीह से बालीगुमा तक ऐलिवेटेड करिडोर के मामले को लेकर केंद्रीय राजमार्ग एवं सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी से मुलाकात की और इस संबंध में अग्रेतर कार्रवाई करने का आग्रह किया। गुरुवार की बैठक में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गत 12 फरवरी को हुए बैठक के संदर्भ में चर्चा की और झारखंड के एन एच ए आई के मुख्य महाप्रबंधक से इस प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं को जाना। इसके पश्चात उन्होंने आज इस प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी। अब पारडीह से बालिगुमा तक एलिवेटेड करिडोर का निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। उल्लेखनीय है कि गत दिनों एनएच-33 को लेकर और उस में आने वाली विभिन्न प्रकार की बाधाओं एवं समस्याओं के संबंध में सांसद विद्युत वरण महतो ने केंद्रीय मंत्री से इसका निराकरण करने का आग्रह किया था। साथ ही यह भी कहा था कि जमशेदपुर को जामनगर होने से बचाया जाए। बैठक में झारखंड के एनएचएआई के सीजीएम आदित्य प्रकाश की उपस्थिति में पूरे प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान विभिन्न प्रकार के तकनीकी पक्षों का सीजीएम के द्वारा निराकरण किया गया। अब एनएच-33 पर 243 किमी से लेकर 248.5 किमी तक एलिवेटेड करिडोर का निर्माण होगा। साथ ही यह भी कहा गया कि एलिवेटेड करिडोर का डिजाइन का काम एलएनटी के माध्यम से कराया जाएगा। सांसद ने श्री गडकरी से यह भी आग्रह किया कि एलिवेटेड करिडोर यदि फोरलेन के बजाय सिक्स लेन का बनाया जाए तो यह ज्यादा सार्थक होगा। इस पर श्री गडकरी ने मुख्य महाप्रबंधक को निर्देश दिया कि आने वाले 30 से 50 वर्षों के ट्राफिक को ध्यान में रखकर इस के डिजाइन को तैयार करना है। बैठक के दौरान ही मुख्य महाप्रबंधक को यह भी निर्देश दिया गया कि वर्तमान में जो काम चल रहा है इस काम को 10 से 12 दिनों में प्रारंभ करते हुए यथाशीघ्र पूर्ण करना है। उल्लेखनीय है कि अब एन एच के निर्माण से सर्विस रोड सहित विभिन्न प्रकार के यूटिलिटी सर्विसेज के लिए जो समस्याएं आ रही थी अब उसका पूर्ण रूप से निदान हो जाएगा और जमशेदपुर को एक बड़ा राहत यातायात के संबंध में प्राप्त होगा। सांसद ने जमशेदपुर वासियों को इतनी बड़ी सौगात देने के लिए केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी को बहुत-बहुत धन्यवाद दिया है एवं उनके प्रति अपना आभार प्रकट किया है। इसके साथ ही साथ उन्होंने एनएचएआई के उन तमाम पदाधिकारियों एवं प्रोजेक्ट डाईरेक्टर को भी साधुवाद दिया है जिन्होंने इस संबंध में काफी मेहनत कर प्रस्ताव तैयार किया और साथ ही साथ विभिन्न तकनीकी पहलुओं समस्याओं का का निराकरण करते हुए अपना प्रस्ताव केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा। सांसद ने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को भी बधाई दिया जिन्होंने जनता के मांग पर अपनी संवेदनशीलता लगातार बरकरार रखी। बैठक के दौरान उनके साथ कोडरमा की सांसद अन्नपूर्णा देवी भी थीं।
जमशेदपुर। झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने राजभवन, रांची में जनजातीय समुदाय के महान व्यक्तित्वों पर लिखित पुस्तक ‘शिखर को छूते ट्राइबल्स भाग 2’ का विमोचन किया। जमशेदपुर के लेखक संदीप मुरारका द्वारा लिखित इस पुस्तक में वैसे 19 आदिवासी व्यक्तित्वों की संक्षिप्त जीवनियाँ हैं, जिनको पद्म पुरस्कार प्राप्त हुए एवं कुछ स्वतंत्रता सेनानी जो देश के इतिहास में भूला से दिए गए। देश भर की अनकही गाथाओं के इस संकलन में पंडवानी लोक गीत-नाट्य की पहली महिला कलाकार पद्म विभूषण तीजन बाई, छत्तीसगढ़, अंतरराष्टÑीय महिला मुक्केबाज एवं राज्यसभा सांसद पद्म विभूषण एम सी मैरी कम, मणिपुर, नागालैंड की लक्ष्मीबाई पद्म भूषण रानी गाईदिन्ल्यू , जैविक खेती की प्रसारक पद्मश्री ‘सीड मदर’ राहिबाई सोमा पोपरे, महाराष्टÑ, डायरो गायक पद्मश्री भीखुदान गोविंद भाई गढ़वी, गुजरात, पार्श्वगायिका पद्मश्री दिवालीबेन पुंजभाई भील, गुजरात, अप्रितम गीतकार ‘भगत बापू’ पद्मश्री कवि दुला भाया काग, गुजरात, लोक साहित्यकार पद्मश्री बेनीचंद्र जमाटिया, त्रिपुरा, कन्नड़ भाषा के विख्यात फिल्मी गीतकार पद्मश्री डा डोड्डारंगे गौड़ा, कर्नाटक, लोक गायिका पद्मश्री सुकरी बोंमागौड़ा, कर्नाटक, युवा एथलीट खिलाड़ी पद्मश्री विकास शिवे गौड़ा, कर्नाटक, अंतरराष्टÑीय धनुर्धर पद्मश्री लिम्बाराम अहरी, राजस्थान, अंग्रेजी भाषा की एथनोग्राफर पद्मश्री प्रो तेमसुला आओ, असम, विख्यात पत्रकार पद्मश्री ड ममंग दई, अरुणाचल प्रदेश, लोक गीतकार पद्मश्री रेन सोनम शेरिंग लेपचा, सिक्किम, विख्यात भारतीय फुटबलर पद्मश्री बाइचुंग भूटिया, सिक्किम, सिक्किम की मदर टेरेसा पद्मश्री किपू शेरिंग लेपचा, सिक्किम की भाषाओं के उत्थान हेतू प्रयत्नशील पद्मश्री नोर्देन शेरिंग भूटिया, लोक गायिका पद्मश्री हिलदामित लेपचा की प्रेरक कथाएं शामिल है। साथ ही भारत के पहले स्वतंत्रता सेनानी बाबा तिलका मांझी, गुमनाम शहीद तेलंगा खड़िया, टंट्या भील एवं कोमराम भीम की गाथा भी शामिल है। इनमें पद्म भूषण रानी गाईदिन्ल्यू का अध्याय जमशेदपुर के वरिष्ठ पत्रकार विरेन्द्र कुमार ओझा ने लिखा है़ पुस्तक की प्रस्तावना डा रामदयाल मुण्डा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान राँची के निदेशक आईएएस रणेन्द्र कुमार ने लिखी है। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी जी का मानना है कि हमारे देश का इतिहास राजा महाराजाओं एवं शासकों के इर्दगिर्द घूमता रहा है किन्तु इस देश के निर्माण व विकास में जननायकों की भूमिका अति महत्वपूर्ण रही है7 इतिहास की पूँजी को संजोए रखना और उसमें गाथाओं को जोड़ते रहना बेहद जरूरी है। भारत की अखंडता व एकता को बरकरार रखते हुए विकास की ऊंचाइयों को छूने के लिए जनसामान्य के पराक्रम व पुरुषार्थ की गाथाएं प्रेरणा प्रदान करती हैं। आज आवश्यकता है कि ऐसे महान व्यक्तित्वों पर यूनिवर्सिटियों में शोध हो। संदीप मुरारका द्वारा रचित पुस्तक ‘शिखर को छूते ट्राइबल्स भाग 2’ ऐसे ही जनजातीय नायकों को समर्पित है। संदीप मुरारका की पूर्व में दो पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है - शिखर को छूते ट्राइबल्स भाग 1 एवं बिखरे सिक्के। राजभवन में आयोजित विमोचन समारोह में माननीय राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू, राज्यपाल के प्रधान सचिव शैलेश कुमार, कैट के राष्टÑीय सचिव सुरेश सोन्थालिया, फेडरेशन झारखंड चैम्बर आॅफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष प्रवीण जैन छाबड़ा, झारखण्ड प्रान्तीय मारवाड़ी युवा मंच के पूर्व प्रमंडलीय उपाध्यक्ष मंटू अग्रवाल, चाईबासा के दिव्यांश गोयल एवं पुस्तक के लेखक संदीप मुरारका उपस्थित थे।
भवनाथपुर। एफसीआई गोदाम से गुरुवार को पीडीएस दुकानदार को मार्च माह का गेहूं सड़ा हुआ मिलने पर दुकानदार ने लेने से इन्कार कर दिया। जिसकी सूचना मिलते ही विधायक प्रतिनिधि सुनील सिंह, मंडल अध्यक्ष सोना किशोर यादव कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। जहां ट्रैक्टर पर लदा हुआ सड़ा गेहूं देखकर आग बबूला होते हुए जमकर बवाल काटा। भवनाथपुर एफसीआई गोदाम हमेशा से राशन सड़ने के मामले में सुर्खियों में रहा है। गुरुवार को मकरी पंचायत के बरवाबांध डीलर शेरबहादुर राम पीडीएस दुकान के लिए गेहूं लेने आये थे। गेहंू मार्च माह का अंत्योदय व पीएच का लोड किया जा रहा था। इसी क्रम में सड़ा हुआ गेहूं देखकर भड़कते हुए लेने से इंकार कर दिया। इसकी सूचना विधायक प्रतिनिधि सुनील सिंह व मंडल अध्यक्ष सोनाकिशोर यादव को मिली। गोदाम पर देखा तो ट्रैक्टर पर सड़ा हुआ गेहूं लदा था। उक्त लोगों ने जमकर बवाल किया। इस दौरान डोर स्टेप डिलीवरी का संवेदक भी नहीं था। वहा पुछे जाने पर गेहंू किसके आदेश से दिया जा रहा था किसी ने नहीं बताया। मौके पर झगराखांड निवासी सत्यनारायण पाठक थे। उन्होंने बताया गोदाम की चाभी गोदाम मैनेजर सह कर्मचारी रमेश पाण्डेय ने दी थी। यह कहते हुए कि राशन वितरण के लिए ताला खोल दीजिएगा। एक सप्ताह पूर्व गोदाम का चार्ज लिए रमेश पाण्डेय ने कहा यह हमारे समय का राशन नहीं है। सहायक अरूनेश कुमार पहले चार्ज में थे उन्हीं के समय का राशन है। विधायक प्रतिनिधि सुनील सिंह, मंडल अध्यक्ष सोनाकिशोर यादव ने कहा गोदाम के प्रभार में जो हो रहा वो लोग गरीबों का निवाला गटक कर मालामाल होते रहे हैं और गरीबों को सड़ा गला अनाज देते हैं। उन्होने उपायुक्त व जिला आपूर्ति पदाधिकारी से शिकायत करने की बात कही। एफसीआई गोदाम से डीलर के दुकान तक राशन पहुंचाने के लिए सरकार ने डोर स्टेप डिलीवरी के माध्यम से संवेदक नियुक्त किया है। भवनाथपुर के लिए मेराल के अजय गुप्ता है। लेकिन राशन लोड करते समय डोर स्टेप का कोई हि आदमी नहीं था। डीलर स्वयं राशन ले जा रहे थे। उल्लेखनीय है कि गोदाम का प्रभारी पूर्व में सहायक अरूनेश कुमार को मिला था लेकिन पिछले महीने उनके स्थानांतरण के बाद अंचल कर्मचारी रमेश पाण्डेय को मिला है। तत्कालीन बीडीओ गुलाम समदानी के कार्यकाल में 50 क्विंटल चावल सड़ा था। इतना ही नहीं 100 क्विंटल चावल तीन चार वर्ष पूर्व अरूनेश के रिजन में सड़ा था। 50 से अधिक बोड़ा सड़ा था जिसे अधिकारियों कि मिलिभगत से रफा दफा किया गया था। यदि मामले की जांच की जाए तो अभी भी चिनी सड़ा मिलने की संभावना है। बीडीओ सह एमओ रविन्द्र कुमार से संपर्क करने की कोशिश की परंतु मोबाईल बंद मिला।
गुमला। सिसई प्रखंड के लरंगों व घाघरा प्रखंड के नवडीहा के ग्रामीणों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर कोयल नदी लरंगों व बालाखटंगा से बालू के उठाव पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ही नदी के दो छोर पर दोनों गांव बसे हुए हैं। लरंगों सीमा के नदी के खाता नंबर 162 व प्लॉट नंबर एक में बालाखटंगा सीमा पर खाता नंबर 38 प्लॉट नंबर 568 एवं 569 है। जिसका कभी सीमांकन नहीं किया गया। दोनों गांवों के लोग अपनी आवश्यकता के अनुरूप नदी के पानी का प्रयोग करते रहे हैं। वर्तमान में जेएसएमडीसी कंपनी के द्वारा लरंगों क्षेत्र में बालू उठाव का लीज लिया गया है। जबकि बालू उठाव का कार्य बालाखटंगा क्षेत्र से कंपनी अवैध रूप से कर रही है। नदी के बिना सीमांकन के ही बालू का अवैध उठाव किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कोयल नदी में 20 करोड की लागत से पुल निर्माण व जलापूर्ति के लिए दो इंटक वेल का निर्माण किया जा रहा है। बालू के अवैध उठाव से पुल के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया है जबकि इंटक वेल पर पानी नहीं रह पाएगा। पूर्व में भी बालू के अवैध उठाव के कारण लरंगों नदी में बना पुल क्षतिग्रस्त हो चुका है। ग्रामीणों ने कहा कि स्थानीय प्रशासन बालू उठाव में लगे कंपनी के पक्ष में अपनी राय देती है और कानून कार्रवाई की धमकी ग्रामीणों को देती है। ग्रामीणों ने उपायुक्त से तत्काल कोयल नदी में दिये गये लीज को खत्म करने की मांग की। इस अवसर पर मुखिया सुफल उरांव, मुखिया संध्या कुमारी, मंगरू उरांव, नीलम कुजूर, ललिता कुजूर, रोजनील कुजूर, संगीता देवी, सुरपित देवी, सुकरो देवी सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।
मेदिनीनगर। रंगमंच के स्टेज पर अपनी दमदार आवाज से खेलने वाले रजनीकांत इन दिनों लाइट, कैमरा, एक्शन के साथ प्ले कर रहे हैं। पलामू जिला के मेदिनीनगर के रहने वाले रजनीकांत सिंह की न्यू रिलीज सीरियल मौका-ए-वारदात नेशनल चैनल पर आने वाली है। एंड टीवी पर शुरू हुए मौका-ए-वारदात के कई एपिसोड में रजनी एक नेगेटिव किरदार में नजर आएंगे। टीम मासूम के साथ जुड़कर रंगमंच से अपनी अभिनय यात्रा शुरू करने वाले रजनीकांत अब अपना कैरियर इसी फील्ड में बनाना चाहते हैं। यही वजह है कि 2012 में थियेटर आर्टिस्ट के रूप में उभरे रजनीकांत ने चंद समय में ही दूरदर्शन, टेली फिल्म, शार्ट मूवी से होते हुए भोजपुरी, हिन्दी और साउथ की फिल्मों में भी अपनी दखल दे चुके हैं। रजनी को नेगेटिव किरदार में काम करना पसंद है। इसी तरह के रोल में वे खुद को फिट पाते हैं। 2017 से लगातार वे कैमरे के सामने नजर आ रहें है। इन दिनों कई वेब सीरीज के साथ हिन्दी और भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त रजनीकांत बताते हैं कि पलामू उनकी जन्मभूमि के साथ कर्मभूमि भी है। वे कहते हैं जीवन एक रंगमंच की तरह ही है। जहाँ कई किरदार से आपका सामना होता है। मेहनत और प्रतिभा अगर व्यक्ति में हो तो कुछ भी आड़े नहीं आता है। इसी सोच के साथ रजनीकांत खुद को तैयार कर रहें हैं।
रांची। एलिस सेटेलाइट एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी स्थापना के 5 वर्ष पूरे किये। 5 साल में संस्थान ने देश में 75 से अधिक केंद्रों की स्थापना की है। इन केंद्रों के माध्यम से संस्थान ने सैकड़ों सिविल सर्विस के अभ्यर्थियों को यूपीएससी की तैयारी कराई है। इस अवसर पर पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 18 साल पहले जब इस संस्थान ने देश के भावी शिक्षकों को तैयार करने की योजना बनाई थी। तब शायद इसकी सफलता को लेकर इसके संस्थापकों को भी इतनी बड़ी सफलता का अनुमान नहीं था। संस्थान के इस गौरवशाली इतिहास में लगभग 3000 अभ्यर्थी सिविल सेवा परीक्षा में सफल होकर देश के प्रति कोने में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। संस्थान में चार बार अखिल भारतीय बैंक में सर्वोच्च स्थान की प्राप्त किए युवाओं ने देश का सम्मान बढ़ाया है। वर्ष 2016 में शालीमार प्लेस दिल्ली में देशभर में कमरे में गुणवत्तापूर्ण सिविल सेवा कोचिंग प्रदान करने के उद्देश्य दूरस्थ शिक्षा सेटेलाइट प्रारंभ किया था। तकनीक के माध्यम से दिल्ली से कक्षाओं का सीधा प्रसारण किया जाता है और प्रतिभाशाली सिविल सेवा में सफलता प्राप्त करते हैं। इस अवसर पर दिल्ली के मुख्य कार्यकारी निदेशक मनीष गौतम ने कहा कि इससे जुड़े अभ्यर्थियों के लिए तैयार किया जाता है। साथ ही उनके बेहतर भविष्य को गढ़ने पर भी ध्यान दिया जाता है। एलिस से जुड़े अभ्यर्थियों को न केवल सिविल सेवा परीक्षा के लिए तैयार किया जाता है बल्कि उनके संपूर्ण व्यक्तित्व रूपांतरण पर भी ध्यान दिया जाता है, जिससे वे जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर सकें। श्री मनीष के गौतम ने लक्ष्य को हासिल करने की 3 सीढ़ियां बताते हुए कहा कि डिजायर, डेडीकेशन और डिटरमिनेशन। ये तीन मूल मंत्र जिसने भी ग्रहण किया उसने जीवन में नित नई ऊंचाइयों को छुआ है। मनीष के गौतम जी सेठ के सभी कर्मचारियों और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सभी को धन्यवाद दिया।
मेदिनीनगर। महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की ओर से डायन प्रथा उन्मूलन जागरूकता सेमिनार का आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर स्मृति भवन में किया गया। जिला समाज कल्याण कार्यालय के द्वारा आयोजित कार्यक्रम का उदघाटन उपायुक्त शशिरंजन, पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार और डीडीसी शेखर जमुआर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर उपायुक्त ने कहा कि डायन प्रथा एक अंधविश्वास है जो समाज के लिए अभिशाप है। यह एक ऐसी कुप्रथा है जिससे पूरा राज्य प्रभावित है। अंधविश्वास का शिकार पूरा समाज हो रहा है। डायन प्रथा को सामाजिक जागरूकता से समाप्त किया जा सकता है। एसपी संजीव कुमार ने कहा कि अक्सर केस सुलझाने के सिलसिले में विभिन्न स्थानों पर जाना पड़ता है। लोग कमजोर अथवा असहाय महिलाओं को डायन बताकर उन्हें प्रताड़ित करते हैं। इस कुप्रथा के कारण कई बार स्थिति भयावह हो जाती है, लोगों की जान भी चली जाती है। उन्होंने बताया कि इन सभी घटनाओं में किसी ना किसी का स्वार्थ छुपा रहता है। हमें जरूरत है वैसे लोगों को चिन्हित करने की जो अपने स्वार्थ में सामने वाले को डायन बता कर उनका और उनके परिवार का उत्पीड़न कर रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल महिला प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार एवं पूरा सिस्टम इस कुप्रथा को समाज से हटाने में जुटा हुआ है हमें जरूरत है आप सभी अपने घर, गांव तथा प्रखंड के लोगों को जागरूक करें। डीडीसी ने कहा कि विकास के इस दौर में डायन- बिसाही जैसे मामलों को भी खत्म करने की चुनौती है। कार्यक्रम के दौरान तेजस्विनी परियोजना की बालिकाओं ने डायन-बिसाही विषय पर नाटक की प्रस्तुति कर लोगों को इस विषय के बारे में जागरूक किया। बताते चलें कि जिले को डायन प्रथा जैसे अंधविश्वास से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से जिले में जागरूकता रथ को भी रवाना किया गया था। कार्यक्रम में प्रभा देवी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान, स्नेहलता, सभी सीडीपीओ सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
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