रांची। जिले के नामकुम थाना क्षेत्र के खरसीदाग इलाके में सोमवार को प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआइ के बीच मुठभेड़ हुई। जानकारी के अनुसार मुठभेड़ के बाद सर्च अभियान में एरिया कमांडर कुंवर उरांव उर्फ जयनाथ सहित छह उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार उग्रवादियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। इनके पास से हथियार भी बरामद किये गये हैं। पकड़े गए उग्रवादी हत्या, आगजनी और लेवी वसूली की घटना में शामिल रहे हैं। इलाके में सर्च अभियान जारी है। एसएसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि पीएलएफआई का एरिया कमांडर कुंवर अपने अन्य सहयोगियों के साथ नामकुम थाना क्षेत्र स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क के पास एक अर्धनिर्मित मकान में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा है। सूचना के आधार पर एसएसपी के निर्देश पर एसएसपी की स्पेशल क्यूआरटी टीम ने अभियान चलाया। इस दौरान दोनों ओर से फायरिंग भी हुई। पुलिस को देकह सभी उग्रवादी भागने लगे जिसके बाद पुलिस टीम ने खदेड़कर कुंवर सहित छह उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। रांची के खरसीदाग ओपी क्षेत्र के बायोडायवर्सिटी पार्क के पीछे पुलिस और उग्रवादियों के बीच सोमवार को मुठभेड़ हो गई। इस बीच पीएलएफआई का एरिया कमांडर कुंवर गोप उर्फ जयदीप उर्फ जैना समेत आधा दर्जन उग्रवादी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। बताया जा रहा है कि एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा को गुप्त सूचना मिली थी कि पीएलएफआई उग्रवादी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए खरसीदाग में जुटे हैं। एसएसपी के निर्देश पर ग्रामीण एसपी नौशाद आलम ने स्पेशल टीम का गठन किया। टीम ने नामकुम थाना क्षेत्र के भुसूर स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क के पीछे एक अर्धनिर्मित मकान को घेरा। इसकी जानकारी मिलते ही एरिया कमांडर कुंवर अपने साथियों के साथ भागने लगा। इस दौरान फायरिंग शुरू हो गई। पुलिस की टीम ने खदेड़कर एरिया कमांडर समेत आधा दर्जन उग्रवादियों को धर-दबोचा। इन उग्रवादियों के पास से पुलिस ने हथियार, मोबाइल व कैश भी बरामद की है। बताया जा रहा है कि एरिया कमांडर अपने साथियों के साथ रंगदारी वसूलने के लिए जुटा था। इसकी जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार हाल में दर्जनों लोगों से रंगदारी की मांग की गई थी। इनमें जिन कारोबारियों ने रंगदारी की रकम नहीं दी, उनके खिलाफ किसी घटना को अंजाम देने की योजना बन रही थी। इसकी गुप्त सूचना पुलिस को मिलने के बाद खरसीदाग ओपी इलाके के बायोडायवर्सिटी पार्क के पीछे स्थित एक अर्धनिर्मित मकान में छापेमारी की गई। जहां सभी मिलकर बैठक कर रहे थे। कुंवर उरांव हाल में ही जेल से छूटा है। वह पुनई उरांव के साथ इलाके में सक्रिय रह रहा था। पुनई के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद पूरे इलाके में संगठन का विस्तार कर रहा था। वर्ष 2019 में एरिया कमांडर कुंवर को दबोचा गया था। कुंवर के साथ नगड़ी के गडग़ांव निवासी मंगरा उरांव और खूंटी आजाद नगर निवासी तौसीफ अनवर भी पकड़ा गया था। कुंवर उर्फ जैना ने नगड़ी इलाके में कोल साइडिंग करने वाले बाबू खान की हत्या की थी। बाबू से कुंवर ने लेवी मांगी थी। इसपर उसने देने से मना कर दिया था। इसी वजह से उसे मौत के घाट उतार दिया था। 23 नवंबर 2012 को लापुंग में सम्राट गिरोह के दिलीप साहू की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस समय वह संगठन में नया जुड़ा था। वर्चस्व के लिए उसने साहू को रास्ते से हटा दिया था। 12 अक्टूबर को लापुंग में ही सुकरा उरांव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसकी हत्या कर पर्चा छोड़ा था, जिसमें हत्या की जिम्मेदारी ली थी। इधर, जेल से छूटकर फिर संगठन के लिए सक्रिय हो गया था। संगठन के लिए लगातार लेवी वसूल रहा था।
हजारीबाग। शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में कोरोना काल में आक्सीजन सिलेंडर चोरी मामले में कार्रवाई करते हुए झारखंड ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन समिति के अभियान निदेशक ने मेडिकल कॉलेज में कार्यरत जिला लेखा प्रबंधक भोला शंकर गुप्ता की सेवा समाप्त करते हुए उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई आक्सीजन सिलेंडर चोरी मामले में उपायुक्त द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आलोक में की गई है। अभियान निदेशक के पत्रांक 1608 एमडी दिनांक 7. 6. 2021 को निर्गत पत्र के आलोक में यह कार्यवाही की गई है। क्या है मामला : शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में कोरोना काल में 183 आक्सीजन सिलेंडर गायब हो गए थे। जिस संबंध में अस्पताल उपाधीक्षक के लिखित आवेदन पर सदर थाने में वार्डबॉय सुरेंद्र यादव पर नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था। बाद में इस मामले में सदर अस्पताल का चालक विनीत यादव और आउटसोर्सिंग कंपनी एमजे सोलंकी के चालक अभिजीत को भी जेल भेजा गया था। डीसी द्वारा गठित जांच टीम ने इस मामले में लापरवाही और अनियमितता का मामला पाते हुए जिला लेखा प्रबंधक भोला शंकर गुप्ता भंडार पाल शंभू और लेखापाल रवि रंजन कुमार के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गयी थी। इस मामले में पूर्व में ही भंडार पाल का निलंबन करते हुए सिमडेगा भेज दिया गया है। अब जिला लेखा प्रबंधक को सेवा मुक्त कर दिया गया है।
सिसई। प्रखंड के भदौली पंचायत भवन में सोमवार को कोविड वैक्सीनेशन निरीक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद सुदर्शन भगत उपस्थित थे। इस दौरान सांसद सुदर्शन भगत ने प्रखंड में चल रही वैक्सीनेशन संतोष जाहिर करते हुए कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कोरोना महामारी को सुनामी का संज्ञान देते हुए कहा कि कोरोना सुनामी में अनगिनत लोगों को हमने खोया है। इस महामारी से बचने के लिए देश के वैज्ञानिकों ने दिन रात मेहनत कर सुरक्षित व विश्वसनीय कोविड वैक्सीन बनाया है। जो कोरोना से बचाव का एक मात्र उपाय है। देश में वैक्सीनेशन कार्यक्रम को चंद लोगों की औच्छी मानसिकता और निम्न दर्जे की राजनितिक प्रोपगेंडा चलाकर ग्रामीण क्षेत्र के भोले भाले जनता को भ्रमित किया जा रहा है। जनता अफवाहों पर ध्यान न दें और निसंकोच होकर वैक्सीन लें। सांसद ने प्रखंड के अधिकारियों को वैक्सीन पर भ्रम, अफवाह व अनावश्यक दुष्प्रचार फैलाने वाले असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर कोविड गाइडलाइन व आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बीडीओ प्रवीण कुमार ने क्षेत्र में चल रही वैक्सीनेशन कार्यक्रम व वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने क्षेत्र के बोंडो, छारदा, पुसो, घाघरा, नगर व ओल्मुंडा पंचायत में लोगों में फैले अफवाह के कारण वैक्सीनेशन की धीमी गति पर विशेष ध्यान देने की जरूरत व सहयोग की बात कही। वहीं शिविर में कुल 50 लोगों को पहला टीका दिया गया। मौके पर जिप अध्यक्ष किरण बाड़ा, बीडीओ प्रवीण कुमार, सीओ अरुणिमा एक्का, चिकित्सा प्रभारी डॉ नमिता लकड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष अनूप चंद्र अधिकारी, निरंजन सिंह,अनिल साहू, लक्ष्मी नारायण यादव, लालमोहन साहू, अमन यादव, तेजनारायण सिंह, आकाश लाल,बसन्त यादव, संजय महतो नंदू सिंह, छोटेलाल ताम्रकार, मकीन अंसारी, अनिल साहू, सत्यनारायण भगत, मोहन मुंडा, हेमा गुप्ता, मुखिया रेणु कुमारी, सुगिया देवी, नर्मदा कुमारी निर्मला देवी, पूनम देवी सहित स्वास्थ्य, प्रखंड, अंचल कर्मी व अनेक भाजपा कार्यकर्त्ता उपस्थित थे।
बोकारो। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को चास बोकारो की विद्युत समस्या के निदान हेतु बोकारो विधायक बिरंची नारायण कोविड गाइड लाइन के पालन करते हुए उपायुक्त बोकारो कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना पर बैठे। ज्ञात हो कि चास के विद्युत समस्या के निदान हेतु बोकारो विधायक बिरंची नारायण की पहल पर रघुवर दास के नेतृत्व में एनडीए सरकार में तीन विद्युत सब स्टेशन फुदनीडीह, नारायणपुर व पिंडराजोरा बन कर तैयार हैं। वर्तमान सरकार के इसे चालू नहीं करने से चास बोकारो में विद्युत संकट गहरा गया। इसी को लेकर धरना स्थल पर बोकारो विधायक बिरंची नारायण कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए अकेले धरना पर सुबह 11 बजे से बैठे। विधायक फुदनीडीह सब स्टेशन व जैनामोड़ पावर ग्रिड चालू करने के लिए झारखंड विधानसभा में बराबर उठाते रहे हैं। सरकार ने 10 माह पूर्व चालू करने का आश्वासन दिया था। लेकिन आज तक समस्या का समाधान न हो पाने से बिजली की स्थिति बदतर है। बोकारो विधायक के समर्थन में सभी अपने-अपने घरों से सोशल मीडिया के माध्यम से समर्थन किया।
ओरमांझी। प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीण वैक्सीनेशन सेंटर पर वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। लेकिन व्यवस्था की कमी के कारण कई ग्रामीणों को वैक्सीनेशन लिए बिना लौटना पड़ रहा है। सिर्फ जागरूकता से कोरोना वैक्सीनेशन की लक्ष्य पूरा नही को हो सकती है। इसके लिए उचित व्यवस्था भी उपलब्ध कराना होगा। एक ओर वैक्सीनेशन लगाने व जागरूकता के लिए एनाउंस कर बुलवाया जाता है। दूसरी ओर जब लोग पहुंचते हैं, तो उन्हे वैक्सीन नही मिलता है। कभी वैक्सीन की कमी तो कभी नेट फेल की समस्या, कभी वैक्सीनेशन कर्मी ही नही पहुंचते। इस लेकर क्षेत्र की जनता में व्यवस्था के प्रति निराशा है। ओरमांझी के पूर्व मुखिया दीपक बड़ाईक ने बताया ओरमांझी पंचायत सचिवालय में वैक्सीनेशन के लिए आने वाले लोगों को पिछले दो दिन से बिना वैक्सीन लिए ही लौटना पड़ रहा है। वहीं चकला मुखिया बीना देवी ने कहा ग्रामीण क्षेत्र के कई लोगों के पास न स्मार्ट मोबाईल है और न ही गांव में नेटवर्क है। स्लॉट बूकिंग की समस्या के कारण भी ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का वैक्सीनेषन नही हो पा रहा है। वहीं वैक्सीनेशन टीम के लोगों का कहना है जो लोग स्लॉट बूकिंग कराते हैं। कई वैसे लोग भी नही पहुंचते है। जनाता को हो रही असुविधा की शिकायत मिलने पर पूर्व सांसद रामटहल चौधरी व उपप्रमुख जयगोविंद उर्फ लालू साहू ने बीडीओ कुमार अभिनव स्वरूप से प्रखंड के ओरमांझी, चकला, कुच्चू व एसएस हाई स्कूल में प्रत्येक दिन वैक्सीनेशन लगाने की व्यवस्था करने व हो रही समस्या को दूर करने को कहा। बीडीओ ने भी जल्द समस्या का समाधान करने व बताए स्थान में प्रत्येक दिन व प्रत्येक पंचायत में भी वैक्सीन कैंप लगवा टिकाकरण में तेजी लाने की का आश्वासन दिया है। मौके पर विधायक प्रतिनिधि प्रेमनाथ मुंडा व तुलसी खरवार भी उपस्थित थे।
ओरमांझी। प्रखंड के किसानों के लिए 10 हैक्टर धान बीज पहुंचा है। यह धान सभी किसान को 50 प्रतिशत अनुदान पर मिलेगें। इसके प्रचार प्रशार के लिए सोमवार को प्रखंड मुख्यालय से एक कृषि जागरूकता रथ रवाना किया गया। झारखंड सरकार के कृषि पशुपालन एंव सहकारिता विभाग के कृषि जागरूकता रथ को प्रमुख बुधराम बेदिया व विधायक प्रतिनिधि प्रेमनाथ मुंडा ने हरी झंडी दिखा विदा किया गया । मौके पर उपस्थित बीडीओ कुमार अभिनव स्वरूप ने कई लाभुक किसानों को अनुदानित दर पर धान बीज दिया और कहा प्रखंड मुख्यालय से रवाना हुई कृषि जागरूकता रथ प्रखंड के सभी पंचायत के गांव-गांव में जाकर किसानों को सरकारी योजनाओें की जानकरी देगी। वहीं बीटीएम मुनी कुजूर ने बताया कि ओरमांझी प्रखंड के किसान अनुदानित दर पर धान बीज प्राप्त कर सके इसके लिए कृषि जागरूकता रथ में आवेदन जमा करने की सुविधा है। आवेदन भरने वालों को मौके पर ही फार्म भरा जाएगा। जिसे लेकर किसान लैंप्स व फैक्स में आकर धान प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावे धान प्राप्ती के लिए बीटीएम, एटीएम, जनसेवक को भी किसान आवेदन कर सकते हैं। वहीं सीओ विजय केरकेट्टा ने अपील की है कि बारिश से नुकसान होने व अन्य अपदा का मुआवजा के लिए पीड़ित अंचल कार्यालय में आवेदन दें, सभी को मुआवजा दिया जाएगा। मौके पर जेएसएलपीएस प्रखंड समन्वयक मुकेश सिन्हा, कृशक संघ के अध्यक्ष भानु प्रताप, रामचंद्र महतो, रूपेश कुमार महतो, करमु बैठा, जगेश्वर महतो, पूजा कुमारी, सीता देवी सहित प्रखंड कर्मी व कई किसान उपस्थित थे।
एबीएन डेस्क, रांची। रांची का प्रेस क्लब इन दिनों सुर्खियों में है। जिसपर कभी वसूली तो कभी अय्यासी का अड्डा होने का आरोप भी लगाया जा रहा है। हालांकि एबीएन न्यूज़ 24 की टीम ने जब इस बवाल का सच जानने की कोशिश की तो माजरा कुछ और निकला। प्रेस क्लब की कमेटी के एक सदस्य ने बताया कि द रांची प्रेस क्लब एक हजार पत्रकारों की संस्था है। प्रेस क्लब के अस्पताल संचालक, पैसे की उगाही जैसी खबरें गांडीव अखबार में प्रकाशित हुई हैं। गांडीव ने 4 जून के अंक में प्रेस क्लब में चल रहे अस्पताल के इंतजाम व वसूली की खबर प्रकाशित की। बताया गया कि अस्पताल में वैंटिलेटर या आईसीयू जैसी सुविधाएं नहीं हैं। यहां स्पष्ट करना चाहूंगा कि अप्रैल महीनें में अस्पतालों में बेड, आक्सीजन की कमी थी। ऑक्सीजन वाले बेड नहीं मिलने से कई लोग मरे। दूसरी लहर में मरने वालों में 30 पत्रकार थे।ऐसे में क्लब के सदस्यों का भारी दबाव था कि प्रेस क्लब में कोविड सेंटर खोला गया। सरकार से पत्राचार के बाद क्लब को पत्रकारों के लिए सुविधाएं नहीं मिली। ऐसे में एनजीओ मिशन ब्लू फाउंडेशन इस दिशा में सामने आया। पत्रकार व उनके परिजनों को बेड की कमी के कारण जान न गवानी पड़े व हेल्थ सपोर्ट सिस्टम के तौर पर हम काम करें, इसके लिए 40 ऑक्सीजन युक्त बेड तैयार किया गया। 11 मई को क्लब के सदस्य सुनील सिंह की मौत के बावजूद विषम परिस्थितयों में 12 मई को अस्पताल खोला गया। 4 जून की खबर में जिक्र था कि अस्पताल में कोई मरीज नहीं था, जाहिर है जब रिम्स और सदर जैसे अस्पतालों में मरीज नहीं जा रहे, कोविड की लहर कमजोर पड़ चुकी है तब प्रेस क्लब में भला मरीज कैसे रहते। क्या संपादक जी चाहते हैं कि पत्रकार साथी बीमार रहते और अस्पताल में पड़े रहते। वसूली पर अखबार से मांगा गया जबाव, लेकिन जवाब नहीं : गांडीव ने खबर प्रकाशित की है कि प्रेस क्लब अस्पताल के नाम पर वसूली हो रही है। लेकिन अबतक एक ऐसा शख्स नहीं आया, जिसने ये कहा हो कि प्रेस क्लब को किसी ने पैसे दिए या प्रेस क्लब के अस्पताल के नाम पर किसी से ठगी की गई हो। आम लोगों पाठकों और पत्रकारों से ही अपील है कि अगर उन्हें कोई व्यक्ति या संस्था मिले जिससे क्लब ने उगाही की हो, तो उसकी जानकारी क्लब के अध्यक्ष या सचिव जरूर दें। अखबार से भी प्रेस क्लब ने ये जानकारी मांगी थी, लेकिन वसूली के संबंध में अखबार ने कोई तथ्य उपलब्ध नहीं कराया। अखबार के संपादक ने पंकज सोनी के एकाउंट में एक संस्था के द्वारा पैसे डालने संबंधी एक मैसेज उपलब्ध कराया है, जाहिर है एनजीओ ने चेक के जरिए पैसे लिए हैं, लेकिन प्रेस क्लब को वसूली संबंधी साक्ष्य चाहिए जो अखबार या उसके संपादक मुहैया नहीं करा रहे। अब बात कमरे में रासलीला के प्रचार की : प्रेस क्लब के द्वारा 3 कमरे डाक्टरों व मेडिकल स्टाफ के इस्तेमाल के लिए दिए गए थे। अस्पताल के एमडी व उनके साथ की स्टाफ एक कमरे में थे। क्लब के कैंटीन संचालक कृष्ण गोपाल तिवारी ने इसकी सूचना क्लब के कैंटीन ग्रुप में दी थी। इस सूचना पर क्लब के कोषाध्यक्ष जयशंकर मौके पर पहुंचे।लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्होंने कुछ आपत्तिजनक नहीं पाया, इसकी सूचना भी उन्होंने कमेटी के ग्रुप में दी। ये प्रोपोगेंडा क्यों : प्रेस क्लब की दूसरी कमेटी मे कई युवा साथी है, कोविड में संक्रमित होने के बाद भी साथियों ने पूरे जज्बे से अपनी सक्रियता दिखायी। 30 पत्रकारों की मौत के बाद पत्रकारों को फ्रंट लाइन वारियर घोषित करने को लेकर क्लब आंदोलन कर रहा था। जाहिर है आंदोलन को तोड़ने वाली शक्तियां भी यहां सक्रिय थीं। विभिषण, जयचंद और मीरजाफर हमारे बीच ही हैं। कहां से आए पैसे : कोविड के दूसरे लहर के बाद बेरमो विधायक अनूप सिंह ने मृत पत्रकारों के परिजनों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जरिए 5 लाख की डीडी सौंपी थी। 1.50 लाख रुपये की मदद असर संस्था ने की थी, वहीं 51 हजार का चेक रांची के समाजसेवी मुनचुन राय ने क्लब को सौंपा था। अगर ये वसूली है तो क्लब ने वसूली की।
एबीएन डेस्क, रांची। द रांची प्रेस क्लब आपदा के हर अवसर पर पत्रकार साथियों के साथ खड़ा है। 4 जून को एक सांध्य दैनिक में प्रेस क्लब में कोविड अस्पताल चला रहे मिशन ब्लू फाउंडेशन के द्वारा उगाही के संबंध में खबर प्रकाशित हुई है। क्लब ने मिशन ब्लू फाउंडेशन के साथ एग्रीमेंट कर कोविड अस्पताल अस्थायी तौर पर खोला था। मिशन ब्लू फाउंडेशन की गतिविधियों को सांध्य दैनिक में संदिग्ध बताया गया है। फाउंडेशन या उसके संचालक पंकज सोनी ने क्लब के नाम पर कोई फंड लिया है तो यह न सिर्फ अनैतिक है, बल्कि गैरकानूनी भी है। पंकज सोनी ने खबर में प्रेस क्लब पर भी उगाही का आरोप लगाते हुए एक विधायक से पांच लाख, एक ठेकेदार से दो लाख व एक समाजसेवी से पचास हजार देने की बात कही है। पंकज सोनी का यह बयान प्रेस क्लब ही नहीं बल्कि पत्रकार विरादरी का अपमान है। प्रेस क्लब पंकज सोनी के ऐसे किसी भी दावे का खंडन करता है। कोरोना काल में प्रेस क्लब को जो फंड आए है, उसके बारे में सारी चीजें पब्लिक प्लेटफार्म पर है। विधायक जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह ने अपने निजी कोष से पांच लाख रुपये मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रेस क्लब को मृत पत्रकारों के परिवार के सहायतार्थ सौंपने को दिया था। इससे संबंधित डीडी सीएम हाउस ने प्रेस क्लब के सहसचिव जावेद अख्तर और सुनील गुप्ता को सौंपा था। इस फंड को कोरोना काल में मृत पत्रकार साथियों के आश्रितों में बराबर विभाजित कर बांटा जाना है। क्लब के साथ संबंद्ध संस्था असर के द्वारा भी डेढ़ लाख रुपये का चेक पत्रकारों के सहायतार्थ प्रदान किया गया था, वहीं शहर के समाजसेवी मुनचुन राय ने भी 50 हजार की सहायता चेक के जरिए क्लब को दी थी।अस्पताल पर खर्च के लिए 25 हजार की राशि भी न्यूज 11 के अरूप चटर्जी से मिली थी। ये सारी राशि क्लब के कार्पस फंड खाते में जमा है। क्लब ने भी किसी अन्य व्यक्ति या संस्था से कोई राशि नहीं ली। क्लब ने पंकज सोनी के बयान को काफी अमर्यादित व अपमानजनक माना है। क्लब के द्वारा इस मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।द रांची प्रेस क्लब आपदा के हर अवसर पर पत्रकार साथियों के साथ खड़ा है। उक्त जानकारी द रांची प्रेस क्लब के सचिव अखिलेश सिंह ने एक बयान जारी कर दी है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse