एबीएन डेस्क। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र का चौथे दिन भी सदन के बाहर विपक्षी दलों नमाज के लिए आवंटित कमरे को लेकर प्रदर्शन किया और आदेश को रद्द करने की मांग की। आवंटित कमरे का मुद्दा लगातार तूल पकड़ रहा है और इसको लेकर भाजपा ने विधानसभा घेराव का आह्वान किया है। नमाज के लिए आवंटित कमरे को लेकर चल रहे हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है। आदेश रद्द किया जाए या अलग से प्रार्थना के लिए कमरा आवंटित करें : विपक्ष के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने कहा कि पहले सरकारें तुष्टिकरण की राजनीति करती थी लेकिन क्या अब विधानसभा भी इस्लामिक तुष्टिकरण करने लगी है। यह बहुत ही दुखद है. विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है और लोकतंत्र के मंदिर में धर्म विशेष को लेकर विधानसभा अध्यक्ष का लगाव होगा तो यह बहुत ही दुखद है। भाजपा की मांग है कि नमाज पढ़ने के लिए जो कमरा आवंटित किया गया है। उसे रद्द किया जाए या फिर अलग से एक कमरा प्रार्थना करने के लिए भी आवंटित किया जाए। इसी मांग को लेकर भाजपा के हजारों कार्यकर्ता विधानसभा घेराव करेंग।
रांची। झारखंड में मनरेगा में हुई 52 करोड़ की लूट का मामला विधानसभा में भी बुधवार को उठा। इस लूट की खबर पर विधायक अमित कुमार मंडल ने सदन में अपनी आवाज उठायी और सरकार से यह जानना चाहा कि क्या राज्यभर में मनरेगा के तहत कार्यों में सोशल ऑडिट के जरिए 51 करोड़ से अधिक की वित्तीय अनियमितता का मामला उजागर हुआ है? सरकार ने भी अपने जवाब में इसे सही माना है और उत्तर हां में दिया है। विभागीय ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम की ओर से सदन में जो जवाब आया है, उसमें झारखंड में वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 तथा 2020-21 में सामाजिक अंकेक्षण इकाई द्वारा मनरेगा योजनाओं के सामाजिक अंकेक्षण के दौरान क्रमशः 16.46 करोड़ रुपये, 19.07 करोड़ रुपये,13.53 करोड़ रुपये एवं 0.23 करोड़ रुपये यानी कुल 51.32 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता पायी गयी है। विधायक अमित मंडल के सवाल पर विभागीय मंत्री ने कहा गड़बड़ी करने वाले दोषियों पर सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी और अभियान चलाकर राशि की वसूली भी कराने का आदेश दिया गया है। उन्होंने बताया कि गड़बड़ी उजागर होने के बाद अब तक 2.82 करोड़ रुपये की वसूली की गयी है। विधायक अमित मंडल के सवाल पर ग्रामीण विकास मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि पलामू में 6.37 करोड़, गढ़वा में 5.93 करोड़, रामगढ़ में 4.93 करोड़ रुपये, हजारीबाग में 2.42 करोड़ रुपये, रांची में 2.17 करोड़ रुपये, चतरा में 1.46 करोड़ रुपये, गोड्डा में 2.88 करोड़ रुपये, दुमका में 2.36 करोड़ रुपये, गिरिडीह में 4.03 करोड़ रुपये, साहेबगंज में 2.87 करोड़ रुपये, पश्चिम सिंहभूम में 3.12 करोड़, बोकारो में 1.28 करोड़ रुपये, जामताड़ा में 1.04 करोड़ रुपये, देवघर में 1.04 करोड़ रुपये, कोडरमा में 0.61 करोड़ रुपये तथा पाकुड़ में 1.66 करोड़ की वित्तीय अनियमितता के मामले सामजिक अंकेक्षण में सामने आये हैं। मंत्री ने कहा गड़बड़ी करने वाले दोषियों पर सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी और अभियान चलाकर राशि की वसूली भी कराने का आदेश दिया गया है। राज्य में अब तक 654 लोगों पर जुर्माना, 487 लोगों को चेतावनी, 11 लोगों पर एफआईआर, 2 लोगों के निलंबन तथा 29 की बर्खास्तगी की तैयारी हुई है। ऐसे की गयी गड़बड़ी : मनरेगा मद से बड़े पैमाने पर फर्जी भुगतान, सामग्री का वितरण न किये जाने, योजना का कार्य पूर्ण किये बगैर राशि भुगतान के जरिए गड़बडी हुई।
रांची। बुधवार को भारतीय किसान संघ राज्यभर के उपायुक्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन सौंपेगा, जिसके माध्यम से किसानों को उनकी उपज की लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य सुनिश्चित कराने की मांग की जायेगी। उक्त जानकारी संघ के प्रदेश प्रवक्ता सह भारतीय एग्रो इकोनॉमिक्स रिसर्च के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश कुमार सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान संघ ने 11 अगस्त 2021 को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसपर प्रधानमंत्री कार्यालय से पत्र के संदर्भ में कोई भी जवाब नहीं आना निराशाजनक रहा। पीएम से आग्रह किया गया था कि केंद्र सरकार अलग-अलग प्रकार की कई योजनाएं चला रही हैं, परंतु मुख्य विषय जो किसानों में अशांति का कारण बना हुआ है, वह ह ैकिसानों को उनकी उपज का लागत आधारित लाभकारी मूल्य नहीं मिलना। न्यूनतम समर्थन मूल्य तय होने के बावजूद मंडियों में किसानों की उपज उससे कम मूल्य पर बिकती हैं। कृषि उत्पादों के मूल्य को हमेशा नियंत्रित रखा गया जिससे स्वतंत्र बाजार व्यवस्था विकसित नहीं हो सकी और अब कृषि आदान तो महंगी होते जा रहे हैं। परंतु न्यूनतम समर्थन मूल्य बहुत पीछे छूट गया है। किसानों को आदान पूर्तिकर्ता, उनकी उपज का व्यापार करनेवाले तथा उद्योग चलाने वाले सभी तो फल फूल रहे हैं। संपन्न हो रहे हैं, लेकिन स्वयं किसान कर्जदार व गरीब से और गरीब होता जा रहा है। देश के सभी कृषि वैज्ञानिक/ संस्थान केवल उत्पादन बढ़ाने में लगे हैं। अब समय आ गया है कि किसान की आय बढ़ाने या लागत घटाने पर भी प्राथमिकता से कार्य किया जाना चाहिए। बाजार भाव एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य में प्रति क्विंटल से सैकड़ों रुपए का अंतर है। न्यूनतम समर्थन मूल्य का केवल एक दो प्रांतों को ही लाभ मिल पाता है और शेष देशभर के किसान वंचित रह जाते हैं ऐसे में कोई तो समाधान जरूरी हो ही जाता है अत: निम्न बिंदुओं पर सकारात्मक कार्रवाई कर किसानों को आर्थिक संकट से निकाला जाए। 1. किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के बजाय लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य देना होगा। 2. एक बार घोषित मूल्य के बाद उसके आदानों में होनेवाली महंगाई का भुगतान के समय समायोजन करते हुए महंगाई के अनुपात में वास्तविक मूल्य चुकाना होगा। 3. घोषित मूल्य पर किसान की उपज का बेचना सुनिश्चित हो, फिर चाहे वह मंडी में बेचे, चाहे मंडी के बाहर या फिर चाहे सरकार खरीदे, लेकिन घोषित मूल्य से कम मूल्य पर क्रय-विक्रय को अपराध मानना होगा। यह सब केवल और केवल तभी संभव है जब इस बाबत कठोर कानून बनेगा, ऐसे में लागत आधारित Ñलाभकारी मूल्य की गारंटी कानून बनाया जाए। भारत का किसान अपने राष्ट्रीय दायित्व को भी भली-भांति समझता है, इसीलिए इस ज्ञापन के माध्यम से सरकार को आगाह किया जाता है कि संदर्भित पत्र दिनांक 11 अगस्त 2021 पर सकारात्मक कार्यवाही की अपेक्षा से किसानों ने 31 अगस्त तक इंतजार किया। लेकिन खेद है कि इसपर कोई जवाब नहीं आया। ऐसे में भारतीय किसान संघ द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार 8 सितंबर 2021 को हम जिला खूंटी प्रांत झारखंड के समस्त किसान एक दिवसीय धरना में भाग लेते हुए पुन: सकारात्मक कदम उठाने की अपील करेंगे। यदि 10 दिन में कोई आमंत्रण सूचना प्राप्त नहीं हुई तो भारतीय किसान संघ खेती छोड़ सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा।
रांची। मंगलवार को रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री व इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष केएन त्रिपाठी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि झारखंड सरकार के विधानसभा स्पीकर ने गलत नोटिफिकेशन जारी किया है जिसमें नमाज पढ़ने के लिए एक अलग कमरा आवंटित किया गया है। उनको नोटिफिकेशन जारी करना चाहिए था कि सभी धर्मों के लिए, अध्यात्म के लिए एक कमरा आवंटित किया जाता है। झारखंड राज्य में दुर्भाग्य की बात है कि यहां की राजनीतिक संस्कृति खराब हो गयी है। पिछले 20 वर्षों से यह देखता आ रहा हूं कि जब से झारखंड अलग राज्य बना है तब से चार दिन का विधानसभा सत्र बुला लिया जाता है। इन चार दिनों में विधायक विधानसभा को नाच गाना करके रामलीला मैदान बना देते हैं। यह बहुत ही आपत्तिजनक है। राज्य की जनता माननीय विधायकों के पास समस्या लेकर जाती है। कई शिक्षकों की समस्या, पुलिस की समस्या, पुल की समस्या, बिजली की समस्या अकारण राज्य की जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। राज्य की जनता सोचती है कि उनकी समस्याओं/बातों को सरकार के सामने उठाएंगे और उसका समाधान होगा। सरकार को कम से कम एक महीने का सत्र रखना चाहिए। राजनीतिक कल्चर के चलते प्रजातंत्र खराब हो गया है। मौका क्या मिला कि भाजपा ने विधानसभा को नाच गाना का मंडप बना दिया। विधानसभा को हर बार चार दिन के सत्र में डुग्गी ड्रामा करके सत्र को भंग कर दिया जायेगा। विपक्ष भी नहीं चाहेगी कि जनता के प्रश्न को उठाएं और सरकार भी नहीं चाहेगी कि हम प्रश्नों का जवाब दें, तो फिर जनता की समस्याओं का समाधान कैसे होगा। सोमवार को मैं विधानसभा गया तो वहां की परिस्थितियों को देखा। नाच गाना हो रहा था। मामले को घंटा दो घंटा विरोध करके राज्य के संज्ञान में लाया जा सकता है। विरोध के बाद पूरे सत्र चार दिन भी नहीं चले तो फिर क्या होगा? अगर एक साल में चार दिन भी जनता की समस्याओं को नहीं उठा सकते तो इस विधानसभा का मतलब क्या है? जब विधायकों को उनके विचार पांच साल के लिए ही नहीं जाते, वो विचार देते ही नहीं हैं तो फिर उन विचारों पर समाधान कैसे होगा? जरुरत ही क्या है इस विधानसभा का? इस चुनाव, विधायकों का खर्चा, अरबों रुपए खर्च किए जाने का क्या मतलब है? हमें लगता है कि राज्य का सिस्टम (राजनीतिक कल्चर/संस्कृति) को दुरुस्त करने की जरूरत है। मैं विधानसभा स्पीकर से मांग करता हूं कि नोटिफिकेशन को संशोधित कर वह जो कमरा आवंटित किया गया है उस कमरे को हर व्यक्ति के लिए खोला जाए क्योंकि सरकारी संपत्ति/सरकारी भवनों का उपयोग सबके लिए समान रूप से किया जाना चाहिए और मैं भाजपा से मांग करता हूं कि कम से कम अगले दो दिन 08 और 09 सितंबर को जनता के हित में सवालों को पूछें।
रांची। झारखंड विधानसभा में नमाज के लिए अलग कक्ष आवंटित करने के मसले पर विवाद जारी है। विधानसभा के सत्र के तीसरे दिन भी सदन में सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच तकरार हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायकों ने स्पीकर को जय श्रीराम अध्यक्ष जी कहा। इसपर नाराज होकर स्पीकर रवीन्द्र नाथ महतो ने कहा कि आसन का मजाक मत उड़ाइये, मैं भी इंसान हूं। मेरा भी दिल दुखता है। स्पीकर ने कहा कि और भी किसी देवता का नाम लेना है तो ले लीजिए। इसपर भाजपा विधायक भानुप्रताप शाही ने कहा कि देवताओं का नाम लेने में आसन को दिक्कत क्या है? इससे पहले नमाज कक्ष आवंटन के विरोध में भाजपा विधायकों ने विधानसभा में हनुमान चालीसा का पाठ किया। सदन में भाजपाइयों ने जोरदार हंगामा किया। हनुमान चालीसा पाठ के दौरान भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इस मुद्दे का विरोध रुकने वाला नहीं है। जब तक सरकार यह फैसला वापस नहीं ले लेती है, तब तक विरोध जारी रहेगा। विरोध के मद्देनजर 12.30 तक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है। विधायक सीपी सिंह ने कहा कि अध्यक्ष जी, आप सदन में सर्वमान्य हैं। लेकिन जब आप एक आंख में काजल और एक आंख में सुरमा लगाते हैं, तो हम विधायकों को भी तकलीफ होती है। सीपी सिंह ने याद दिलाया कि कार्यमंत्रणा में तय मुद्दे अगर सदन में नहीं आते तो यह बहुत ही तकलीफदेह है। झामुमो के वरिष्ठ विधायक स्टीफन मरांडी ने कहा कि मैं देख रहा हूं कि स्पीकर अपने आसन पर दो बार खड़े हो चुके हैं। प्रदर्शन कर रहे विधायकों को चाहिए कि जब स्पीकर खड़े हों तो वह वेल से वापस आकर अपनी सीट पर आ जाएं। इसपर भाजपा के विधायकों ने कहा कि आसन के ऊपर जूता फेंकने वाले लोग आचरण नहीं सिखाएं।
हजारीबाग। एसीबी हजारीबाग की टीम ने मांडू बीडीओ विनय कुमार को रिश्वत लेते किया गिरफ्तार किया है। मंझला चुंबा निवासी उपेंद्र सिंह की शिकायत पर एसीबी की टीम ने कार्रवाई की है। मुर्गी शेड के नाम पर बीडीओ 45 हजार रूपए बतौर रिश्वत ले रहे थे, जिसकी शिकायत उपेंद्र सिंह एसीबी से की थी। एसीबी टीम ने बीडीओ विनय कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया है। एसीबी की टीम उनसे पूछताछ कर रही है।
सिमरिया, चतरा। सोमवार को सिमरिया के शिक्षक प्रशिक्षण मैदान में विहिप का 57वां स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ में भारत माता और भगवान श्रीराम जी की तस्वीर पर पुष्पांजलि की गयी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बजरंग दल प्रांत अखाड़ा प्रमुख संजय चौबे उपस्थित हुए। उन्होंने विहिप व बजरंग दल की स्थापना और उपलब्धि को बताया, जिसमें विहिप की स्थापना 29 अगस्त 1964 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन हुई थी तथा श्रीराम मंदिर निर्माण और गौ हत्या, लव जिहाद, धर्मांतरण पर रोक तथा विश्व हिंदू परिषद की आज तक की मुख्य उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। कार्यक्रम में विहिप प्रचार प्रसार विभाग सुधीर कुमार स्नेही, जिला संयोजक बजरंग दल अंकित पांडेय, विहिप सिमरिया प्रखंड उपाध्यक्ष राजन विश्वकर्मा, मंत्री राजू प्रजापति, बजरंग दल संयोजक राहुल कुमार, सहसंयोजक तरुण कुमार, गौरक्षा प्रमुख आकाश ठाकुर, सुरक्षा प्रमुख उमेश यादव, विद्यार्थी प्रमुख दुर्गेश कुमार, प्रचार-प्रसार राजेश कुमार, सत्संग प्रमुख बिट्टू विश्वकर्मा, भजपा प्रदेश युवा मंत्री अमित कुमार, डेविड कुमार और प्रखंड कार्यकारणी सदस्य सह बजरंगी लोग उपस्थित थे।
मेदिनीनगर। पलामू पुलिस ने रमकंडा थाना क्षेत्र के जंगल से दो नर कंकाल को बरामद की है। यह दोनों नर कंकाल को पुलिस ने नावा बाजार थाना क्षेत्र के कंडा घाटी से दो लोगों को अपहरण किया गया था। जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। पुलिस इस कंकाल को इन्हीं दो अप्रिहत व्यक्ति के कंकाल होने का दावा कर रही है। 25 मई 2021 को नवा बाजार थाना क्षेत्र के कंडा घाटी में छत्तीसगढ़ राज्य के अंबिकापुर से बिहार जा रहे मिथिलेश प्रसाद उम्र 68 वर्ष एवं उनकी पत्नी रीता देवी अपने घर दागी बिगहा औरंगाबाद जा रहे थे । जिन्हें अज्ञात अपराधियों ने कंडाघाटी से रात्रि में ही अपहरण कर लिया था। पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा ने प्रेस वार्ता कर बताया कि अपहृत व्यक्ति मिथिलेश प्रसाद एवं कार चालक सरवन प्रजापति को अपहरणकर्ताओं ने कार को ओवरटेक कर रोक दिया। एवं बहस करने के बाद दोनों व्यक्ति को अपने साथ दूसरी कार में बैठा कर ले गए। जबकि मिथिलेश प्रसाद की पत्नी रीता देवी को उसी कार्य में छोड़ दिया। जब काफी देर हो गई तो रीता देवी ने कुछ दूर पर स्थित एक होटल वालों से अपनी मदद ली। और इसकी सूचना नावा बाजार थाना को दी ।जिस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छानबीन शुरू किया। जो कहीं पता नहीं चला एसपी श्री सिन्हा ने बताया कि प्रशिक्षु आईपीएस के विजय शंकर एवं विश्रामपुर एसडीपीओ सुरजीत कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। जो लगातार अनुसंधान कार्य को जारी रखा। उन्होंने कहा कि तकनीकी सहयोग एवं गुप्त सूचना के आधार पर पूछताछ के लिए दो लोगों को हिरासत में लिया गया। यह दोनों व्यक्ति पूर्व में इस प्रकार के कांडों में शामिल रहे हैं। इसलिए इन दोनों के साथ कड़ाई से पूछताछ की गई तो इन लोगों ने कंडा घाटी में अपहरण काड मे शामिल होने की बात को स्वीकार करते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए पुलिस को अपहरण कांड में शामिल अन्य सभी लोगों का नाम व पता बचाया। जिसके आधार पर पुलिस ने कुल 4 लोगों को गिरफ्तार की है। एसपी ने बताया कि इस अपहरण कांड का मास्टरमाइंड गढ़वा जिला के रमकंडा थाना क्षेत्र के ग्राम पुनदागा निवासी सीताराम यादव का पुत्र प्रेमनाथ यादव है, जो कि झारखंड पुलिस में जिला बल देवघर में कार्यरत है। इसके अलावे इसका ममेरा भाई अजय यादव एवं चचेरा भाई अमरेश यादव के अलावे चैनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बूढ़ीबीर टोला बेलवाधाम निवासी इदरीस अंसारी के पुत्र शफीक अंसारी एवं इसी गांव के रहने वाले रतन चंद्रवंशी के पुत्र ओमप्रकाश चंद्रवंशी शामिल है। उन्होंने कहा कि यह गीरोह बीते कई महीनों से पलामू गढ़वा जिला क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए कई लूट कांडो का अंजाम दिया है। जिसका पुलिस सघनता पूर्वक जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि कंडाघाटी लूट कांड में सफीक प्रेमनाथ का दाहिना हाथ है। जो हथियार व गोली का सप्लाई करता था। तथा प्रेम नाथ के द्वारा बताए गए अनुसार काम करता था। जबकि ओम प्रकाश अपहरण किए गए व्यक्तियों को सुरक्षा देता था। अजय यादव एवं अमरेश यादव दोनों अपहरण किए गए व्यक्तियों को खाना खिलाता एवं फिरौती की रकम लेने में प्रेम नाथ यादव के साथ रह कर साथ देता था। साथ ही हत्या कर शव को छुपाने का काम करता था। एसपी श्री सिन्हा ने बताया कि रमकंडा थाना क्षेत्र के जंगली क्षेत्र से पत्थर के पहाड़ के बीच में सरवन प्रजापति का कंकाल बरामद किया गया जबकि इस से 400 मीटर दूर पर स्थित एक छोटी सी नालानुमा नदी के किनारे से मिथिलेश प्रसाद का कंकाल बरामद किया गया।शव को दफना दिया गया था। पुलिस ने गड्ढा खोदकर दोनों कंकाल को निकाली है। वहां से कपड़ा, जूता भी बरामद किया गया। अपहरणकर्ताओं ने मिथिलेश प्रसाद के परिजनों से लगातार दूसरे दूसरे सिम से फोन कर फिरौती की मांग करते थे। वह भी लूटी हुई मोबाइल से ही आवाज बदल बदल कर फिरौती की रकम मांगते थे। अपहरणकर्ताओं ने मिथिलेश प्रसाद के परिजनों को फोन कर रामानुजगंज छत्तीसगढ़ बुलाया। उसके बाद रात होने का बहाना बनाकर पलामू जिला के हरिहरगंज थाना क्षेत्र में आने को बोला। साथ ही यह निर्देश दिया। कि सड़क किनारे एक बाइक खड़ी रहेगी जिसमें लाल रंग का कपड़ा बांधा हुआ होगा। पैसा उसी में रख देना है उन लोगों के बताए अनुसार परिजन हरिहरगंज थाना क्षेत्र में जाने लगे तो अपहरणकर्ताओं ने बाइक से दूर अंधेरे में छिपकर टॉर्च का रोशनी मार्कर पैसा रखने का इशारा किया। इधर, पुलिस परिजनों के मोबाइल नंबर को लगातार सर्च कर रही थी। अपहरणकर्ता जिस जिस मोबाइल नंबर से बात करते थे ।वह जांच में फर्जी निकलता था। पता चलता की यह मोबाइल लूट की है। एसपी ने बताया कि इन लोगों द्वारा चैनपुर, भंडारिया, रमकंडा, नावाबाजार, रेहला समेत कई क्षेत्रों में अपहरण, लुट काड की घटनाओं को अंजाम दिया गया ।प्रेस वार्ता में एसडीपीओ सुरजीत कुमार, चैनपुर थाना प्रभारी उदय कुमार गुप्ता, हरिहरगंज थाना प्रभारी सुदामा कुमार दास, नावा बाजार थाना प्रभारी लालजी यादव, रामगढ़ थाना प्रभारी प्रभात रंजन राय, समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
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