एबीएन सेंट्रल डेस्क। असम और पश्चिम बंगाल में जारी विधानसभा चुनावों ने झारखंड सरकार का फोकस राज्य से बाहर कर दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई मंत्री, विधायक और सत्ताधारी दल के नेता इन दिनों चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। इसका सीधा असर झारखंड के प्रशासनिक और विकास कार्यों पर पड़ता दिखाई दे रहा है। हालांकि, आज शाम चार बजे तक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के झारखंड लौटने की संभावना है।
राज्य के मंत्रालय और विभागों में इन दिनों सुस्ती का माहौल है। कई महत्वपूर्ण विकास योजनाएं फाइलों में अटकी पड़ी हैं, जबकि अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। आम लोगों का कहना है कि जब सरकार के प्रमुख चेहरे ही राज्य में मौजूद नहीं हैं, तो कामकाज की रफ्तार धीमी पड़ना स्वाभाविक है। मंत्रालय का दृश्य भी कुछ हद तक वीरान नजर आ रहा है।
जानकारी के अनुसार, विधायक कल्पना सोरेन सहित झामुमो के कई नेता असम में डेरा डाले हुए हैं। वहीं कांग्रेस कोटे के मंत्री पश्चिम बंगाल और असम के चाय बागानों में चुनाव प्रचार में जुटे हैं। सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता तो दिख रही है, लेकिन राज्य के भीतर प्रशासनिक सक्रियता कमजोर पड़ती नजर आ रही है।
इस स्थिति से आम जनता खासी परेशान है। विभिन्न जिलों से अपने काम के लिए रांची पहुंचे लोगों को बिना काम कराए ही लौटना पड़ रहा है। लोगों में नाराजगी है कि सरकार को पहले राज्य के विकास और प्रशासन को प्राथमिकता देनी चाहिए, उसके बाद अन्य राज्यों के चुनाव में सक्रिय होना चाहिए। कुल मिलाकर, चुनावी व्यस्तता के बीच झारखंड में शासन-प्रशासन की रफ्तार धीमी पड़ गई है, जिसका सीधा असर आम जनता के दैनिक जीवन और जरूरी कार्यों पर पड़ रहा है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि रेलवे डीआरएम ने धनबाद के सम्मानित महापौर संजीव सिंह और झरिया विधायक रागिनी सिंह का जो अपमान किया है, उसकी घोर निंदा की है।
उनका कहना है कि लोकमान्य तिलक टर्मिनल्स के शुभारंभ के कार्यक्रम में पहले मेयर संजीव सिंह और झरिया विधायक रागिनी सिंह को रेलवे ने आमंत्रण दिया और फिर अचानक मना कर दिया, जो सरासर उनका अपमान है। आखिर किसके दबाव में कार्यक्रम से एक घंटा पहले पोस्टर से नाम हटाया गया और आमंत्रण को रद कर दिया गया।
कहीं न कहीं धनबाद सांसद ढुल्लू महतो ने रेलवे डीआरएम पर दबाव बनवाकर अचानक आमंत्रण रद करवाया; क्योंकि धनबाद के महापौर संजीव सिंह की लोकप्रियता से वे घबरा गये हैं। लगता है सांसद का बीपी बढ़ गया है, तभी ऐसी अपमानजनक हरकत को अपना रहे हैं। ऐसा करना शोभनीय नहीं है, लेकिन संजीव सिंह की लोकप्रियता को कोई नहीं रोक सकता।
वे धनबाद की जनता के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे और जनता की सेवा में हमेशा तत्पर रहते हैं। रेलवे के अधिकारी ये भूल रहे हैं महापौर जिले के प्रथम नागरिक हैं। उनका सम्मान सांसद से ज्यादा है। इसकी हम घोर निंदा करते हैं। साथ ही धनबाद के सम्मानित महापौर संजीव सिंह और झरिया विधायक रागिनी सिंह का अपमान करने वाले रेलवे डीआरएम पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, हुसैनाबाद। नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत जपला-हैदरनगर मुख्य सड़क पर भट्ठी मुहल्ला के समीप हड़ही नदी पर स्थित पुल की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। पुल की ऊपरी सतह टूट गयी है और उसमें से नुकीली लोहे की सरिया बाहर निकल आयी है, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। यह सड़क इलाके की प्रमुख और व्यस्त मार्गों में से एक है, जहां दिनभर छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही बनी रहती है।
ऐसे में पुल की यह स्थिति लोगों के लिए गंभीर खतरा बन गई है। मिली जानकारी के अनुसार, कई वाहन चालक पुल के ऊपरी सतह पर सड़क के बीच बने गड्ढे व निकली नुकिली सरिया से दुर्घटनाएं होते-होते बचे हैं। रात्रि मे बाहर निकली सरिया स्पष्ट दिखाई नहीं देती हैं।
ऐसे में दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। लोगो का कहना है कि यदि समय रहते पुल की मरम्मत नहीं कराई गई, तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता हैं, स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और नगर पंचायत प्रशासन से अविलंब पुल की मरम्मत कराने की मांग की है।
टीम एबीएन, रांची। आज श्री कृष्ण लोक प्रशासन संस्थान, रांची में दिशा जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में संजय सेठ, सांसद रांची लोकसभा क्षेत्र सह रक्षा राज्य मंत्री, भारत सरकार सह अध्यक्ष जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) रांची, शिल्पी नेहा तिर्की, मंत्री कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग झारखंड सरकार, कालीचरण मुंडा, सांसद खूंटी लोक सभा सह अध्यक्ष दिशा, डॉ महुआ माजी, नवीन जायसवाल, विधायक हटिया विधानसभा क्षेत्र, विधायक सिल्ली विधानसभा क्षेत्र, अमित महतो, रोशनी खलखो, महापौर रांची, वरीय पुलिस अधीक्षक रांची, राकेश रंजन, सुशांत गौरव नगर आयुक्त रांची नगर निगम, उप विकास आयुक्त रांची, सौरभ भुवनिया, वन प्रमंडल पदाधिकारी रांची, श्रीकांत और जिला के सभी वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में जिले के केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति, समन्वय तथा प्रभावी अनुश्रवण पर विस्तृत चर्चा हुई। सदस्यों ने जिला में केंद्र सरकार के योजनाओं को और गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिये। केंद्र सरकारा की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, गुणवत्ता नियंत्रण, समयबद्ध पूर्णता और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर दिया गया।
टीम एबीएन, रांची। आज क्षेत्रीय कार्यालय रांची में एक विदाई समारोह का आयोजन किया गया जिसमें वर्तमान क्षेत्रीय निदेशक राजीव रंजन को विदाई दी गयी। रंजन का तबादला झारसुगुड़ा कर दिया गया है। इसी कार्यक्रम के अंतर्गत शिवेंद्र कुमार ने क्षेत्रीय निर्देशक के रूप में कार्यभार संभाला है।
इस कार्यक्रम में सभी अधिकारियों के अलावा संध्या, दिन कर्मचारी राज्य बीमा निगम मेडिकल कॉलेज, सिर्फ पिंटू सिंह सांसद प्रतिनिधि, रमेश कुमार पांडे विधायक प्रतिनिधि, साधु यादव, ट्रक ओनर एसोसिएशंस, अशोक मल्होत्रा अध्यक्ष झारखंड चैंबर आफ कॉमर्स उपस्थित थे।
सभी के द्वारा क्षेत्रीय निदेशक राजीव रंजन के तबादले को एक महत्वपूर्ण क्षति के तौर पर बताया गया और बताया गया किन-किन नेतृत्व में सभी श्रमिकों का कार्य बहुत आसानी से होता था। साथ ही इस मंच संचालन से अभिषेक कुमार सहायक नगर ने किया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर, (पलामू)। राष्ट्रीय साधन सप्ताह के तहत आज प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय भवन में सामूहिक चर्चा का आयोजन किया गया। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, भारत सरकार, कर्मयोगी भारत के सहयोग तथा झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक, सुधार तथा राजभाषा विभाग के निर्देश पर आयोजित साधना सप्ताह में कार्यालय के पदाधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।
आयुक्त के सचिव-सह-साधन सप्ताह क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष बिजय वर्मा एवं सदस्य सामाजिक सुरक्षा पलामू प्रमंडल के उपनिदेशक पीयूष ने आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफार्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रम के संबंध में चर्चा करते हुए अबतक पूर्ण किए गए पाठ्यक्रमों की समीक्षा की।
इन पाठ्यक्रमों में मुख्य रूप से शामिल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी से परिचय, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मूल बातें सीखना अनुप्रयोग और नैतिकता, गवर्नेंस सस्टेनेबिलिटी थ्रू इंडियन नॉलेज सिस्टम, कार्यस्थल पर साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के साथ नवाचार एक डिजाइन सोच दृष्टिकोण, वित्तीय धोखाधड़ी-डिजिटल अरेस्ट स्कैम से बचाव आदि पर सामूहिक चर्चा की गयी।
आयुक्त के सचिव-सह-साधना सप्ताह क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष बिजय वर्मा ने साधना सप्ताह के उद्देश्यों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि विभिन्न सेवा के पदाधिकारी एवं कर्मचारियों में निरंतर सीखने और क्षमता विकास की संस्कृति को सुदृढ़ करना इसका मुख्य उद्देश्य है।
उन्होंने विभिन्न पदाधिकारी एवं कर्मचारियों से साधना सप्ताह के दौरान आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफार्म पर उपलब्ध विषयों पर अबतक सीखेने की जानकारी भी ली। आयुक्त के सचिव-सह-साधना सप्ताह क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष बिजय वर्मा एवं सदस्य पीयूष ने आधुनिक तकनीक के उपयोग, उसकी चुनौतियों तथा उससे जुड़े सुरक्षा पहलुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।
कार्यक्रम के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सकारात्मक उपयोग पर विशेष जोर देते हुए बताया गया कि एआई आज कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और त्वरित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। साथ ही, इसके दुरुपयोग की संभावनाओं से भी अवगत कराते हुए सही और गलत के बीच स्पष्ट अंतर समझने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
परिचर्चा में कार्यस्थल पर साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न उदाहरण प्रस्तुत किये गये। डिजिटल अरेस्टिंग जैसे नये साइबर अपराधों के तरीकों की जानकारी देते हुए अधिकारियों एवं कर्मियों को सतर्क रहने तथा समय रहते उचित बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गयी। साइबर फ्रॉड से बचाव हेतु आधुनिक तकनीकों और सतर्कता के महत्व को रेखांकित किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि तकनीक का सही ज्ञान न केवल कार्य क्षमता को बढ़ाता है, बल्कि व्यक्ति को अधिक दक्ष भी बनाता है। सभी को साधना सप्ताह के तहत आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफार्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रम के विषय को गंभीरता से सीखने, समझने तथा संबंधित पोर्टल पर उपलब्ध प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी दक्षता को और निखारने की सलाह दी गयी।
उन्होंने यह भी कहा कि सीखने और ज्ञान प्राप्त करने की कोई समयसीमा एवं आयु सीमा नहीं होती। निरंतर सीखने की प्रवृत्ति ही व्यक्ति को श्रेष्ठ बनाती है। एआई और अन्य डिजिटल तकनीकों का सही उपयोग हमारे लिए वरदान साबित हो सकता है, जबकि गलत उपयोग इसे अभिशाप में बदल सकता है।
अंत में यह संदेश दिया गया कि हर तकनीक के दो पहलू होते हैं : अच्छाई और बुराई। हम सभी का दायित्व है कि हम अच्छाइयों को अपनाते हुए तकनीक का सदुपयोग करें और एक सशक्त, सुरक्षित एवं प्रगतिशील कार्यसंस्कृति का निर्माण करें।
परिचर्चा में प्रशाखा पदाधिकारी राजेश कुमार गुप्ता, सहायक प्रशाखा पदाधिकारी मनीष कुमार, विकास कुमार सिंह, सचिन मीणा, प्रशांत कुमार, साकेत कुमार चौबे एवं रणधीर कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी बिजय कुमार ठाकुर, एसएमपीओ अमनदीप कुजूर, देवेश वर्मा, कनीय सचिवालय सहायक सोनू कुमार एवं अविनाश राज, राहुल कुमार आदि उपस्थित रहे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो को आज न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। रिम्स-2 जमीन बचाओ आंदोलन से जुड़े मामले में दर्ज केस में उन्होंने आज व्यवहार न्यायालय, रांची में सशरीर उपस्थित होकर जमानत याचिका दाखिल की, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया।
उनके वरीय अधिवक्ता सष्टी रंजन महतो ने बताया कि कांके थाना कांड संख्या- 228/25 के तहत देवेंद्र नाथ महतो के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था। माननीय न्यायालय की मिथिलेश कुमार सिंह के पीठ ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद उन्हें एंटीसिपेटरी बेल प्रदान की है।
जमानत मिलने के बाद मीडिया वार्ता में देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि आदिवासी-मूलवासी की जमीन संरक्षण आंदोलन जारी रहेगा। सरकार आंदोलन से डर गई है। दबाने का प्रयास कर रही है, हमारा संघर्ष जारी रहेगा। गौरतलब है कि बीते 24 अगस्त 2025 को कांके अंचल अंतर्गत मौजा नगड़ी में प्रस्तावित रिम्स-2 परियोजना के विरोध में आंदोलन किया गया था।
इस दौरान रैयत-ग्रामीणों के समर्थन में देवेंद्र नाथ महतो उपस्थित थे, जिसके बाद कांके थाना में उनके खिलाफ भारतीय दंड विधान के तहत मामला दर्ज किया गया था। उसी मामले में आज उन्हें माननीय न्यायालय रांची से जमानत मिली है।
टीम एबीएन, रांची। राहे प्रखंड के सताकी ग्राम निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक एवं सिल्ली विधानसभा क्षेत्र से पूर्व भाजपा प्रत्याशी पशुपति महतो (93) के निधन पर कुरमाली भाषा परिषद् ने गहरा दु:ख व्यक्त किया है। कुरमाली भाषा परिषद् के अध्यक्ष डॉ राजाराम महतो ने बताया कि पशुपति महतो आदर्श हाई स्कूल पतराहातू के प्रधानाध्यापक थे। एक वर्ष के लिए इनका स्थानांतरण अनुग्रह नारायण उच्च विद्यालय पिलीद में हो गया था, जहां से 1995 में सेवानिवृत्त हो गये थे।
वे एक शिक्षा प्रेमी और समाजसेवी भी थे। डॉ महतो ने बताया कि वे सादा जीवन और उच्च विचारों के लिए हमेशा याद किये जायेंगे। उनका निधन 1 अप्रैल को हो गया, उनके निधन से पूरे पंच परगना क्षेत्र में शोक की लहर है। उन्होंने बताया कि पशुपति बाबू का निधन कुरमाली भाषा परिषद् के लिए व्यक्तिगत क्षति है। पशुपति बाबू अपनी धर्म पत्नी और तीन पुत्रियों का भरा पूरा परिवार छोड़ गये।
उनके निधन पर शोक व्यक्त करने वालों में गोवर्धन मेहता, डॉ एच एन सिंह, विंग कमांडर ज्ञानेश्वर सिंह, प्रो पंचानन महतो, प्रो नीना महतो, जयंती महतो, आरती कुमारी, डॉ गीता महतो, नीरज कुमार महतो, प्रवर कुमार महतो, अधिवक्ता मृत्युंजय प्रसाद, गीता महतो, गोविन्द गोपाल मेहता, मोतीलाल महतो, के पी महतो, आदि ने गहरा दु:ख व्यक्त किया है।
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