एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। बाघमारा क्षेत्र के जमुनिया नदी के पास अवैध कोयला खनन पर प्रशासन की कार्रवाई के बाद भी कोयला माफिया बाज नहीं आ रहे हैं। जहां एक ओर नदी किनारे चल रहे अवैध मुहानों को बंद कर दिया गया।
वहीं दूसरी ओर महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर आदिवासी बस्ती के समीप अवैध कोयला डिपो संचालित किया जा रहा है। जमुनिया नदी के महज कुछ दूरी पर आदिवासी बस्ती के पास खुलेआम बड़े पैमाने पर कोयले का कारोबार जारी है। दिन-रात ट्रकों और छोटे वाहनों के जरिए कोयला की तस्करी की जा रही है।
इस मामले को लेकर अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर झारखंड के मुख्यमंत्री, झारखंड पुलिस, विधायक रागिनी सिंह एवं सीआईएसएफ को ट्वीट करते हुए जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने अपने ट्वीट में आरोप लगाया कि कोयला माफिया ईमानदार थाना प्रभारी की आंखों में धूल झोंककर अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं, जिससे थाना प्रभारी की छवि धूमिल हो रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि धनबाद के एसएसपी लगातार अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। इसके बावजूद कोयला तस्कर बेखौफ होकर अवैध कोयला कारोबार को अंजाम दे रहे हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गोड्डा। जिले के महगामा में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कई विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने पंचायतों के समग्र विकास को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहरायी और कहा कि गांवों के विकास में तेजी लायी जा रही है।
मंत्री ने बताया कि बीते एक वर्ष में केंद्र सरकार से पंचायतों के लिए 52 से 65 लाख रुपये तक की राशि स्वीकृत करायी गयी है। उन्होंने कहा कि पहले सीमित बजट के कारण कई योजनाएं अटकी रहती थीं, लेकिन अब बढ़े हुए फंड से छोटे-बड़े सभी विकास कार्य तेजी से पूरे हो रहे हैं और वर्षों से लंबित योजनाओं को भी पूरा किया जा रहा है।
दीपिका पांडेय सिंह ने मनरेगा योजना को लेकर चिंता जतायी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और ऐसे हालात बनाये जा रहे हैं कि मजदूर खुद काम मांगने में हिचकिचायें। इसके बावजूद राज्य सरकार मजदूरों के बकाया भुगतान के लिए केंद्र सरकार से लगातार प्रयास कर रही है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि मनरेगा केंद्र सरकार की योजना है, लेकिन मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें कोई कमी नहीं आने दी जायेगी। मंत्री ने स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाया कि क्षेत्र की सभी जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाये जा रहे हैं।
मंत्री ने बताया कि जर्जर सड़कों के निर्माण और मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम हो सके और कनेक्टिविटी मजबूत हो। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर समग्र और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर बेहतर हो सके।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, सरायकेला-खरसावां। जिले के कुकड़ू प्रखंड के सापारुम गांव में एक जंगली हाथी अचानक गांव में घुस कर एक व्यक्ति को मार डाला। गांव में अचानक एक हाथी घुस गया, लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही हाथी ने हमला कर दिया। इस दौरान गांव के रहने वाले राधा तंतुबाई (55) उसकी चपेट में आ गये।
घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास के लोग कुछ कर भी नहीं पाये। हादसे के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर में चीख-पुकार मच गयी। गांव के लोग भी सदमे में हैं। हर कोई इस दर्दनाक घटना से सहमा हुआ है।
घटना के बाद सापारुम गांव और आसपास के इलाकों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में जंगली हाथियों का आना लगातार बढ़ता जा रहा है। लोग खेत जाने से भी डर रहे हैं और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हाथियों के बढ़ते खतरे को लेकर पहले से कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हाथियों के आतंक को रोकने के लिए ठोस कदम उठाये जायें। साथ ही निगरानी बढ़ाने और समय पर चेतावनी देने की व्यवस्था की जाये, ताकि आगे ऐसी घटनाएं न हों।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। कतरास क्षेत्र स्थित खरखरी कोलियरी अंतर्गत बाबूडीह जंगल इन दिनों अवैध कोयला खनन का बड़ा अड्डा बन गया है। यहां खुलेआम पोकलेन मशीन के जरिए कोयले की लूट की जा रही है, दिनदहाड़े अवैध कारोबार चल रहा है।
कोयला माफिया बेखौफ होकर बड़े पैमाने पर अवैध खनन कर रहे हैं। इससे सरकार और राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है। इन कोयला माफियाओं के कारण कतरास के थाना प्रभारी की छवि भी धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं धनबाद के ईमानदार एसएसपी और उपायुक्त जैसे अधिकारियों की साख को भी कोयला माफिया धूमिल करने में लगे हैं। हालांकि, एसएसपी लगातार अवैध कारोबार पर रोक लगाने के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कुछ माफिया प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर अपने अवैध कोयला कारोबार को अंजाम दे रहे हैं।
इसी मामले को लेकर अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर के माध्यम से प्रधानमंत्री, कोयला मंत्री, झरिया विधायक रागिनी सिंह, विधायक जयराम महतो, झारखंड पुलिस, धनबाद पुलिस और CISF को ट्वीट कर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। सेवा भारती लोहरदगा के द्वारा अप्पर बाजार स्थित चुन्नीलाल उच्च विद्यालय परिसर में लगातार 200 वॉं सप्ताह से चल रहे निशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा शिविर कल दिनांक:- 12/04/2026 दिन रविवार को सुबह- 7:30 से 8:30 बजे तक स्वास्थ्य शिविर लगाये जाएंगे।
जिसमें हीमोग्लोबिन, यूरिक एसिड,ब्लड ग्रुप, शुगर, बी.पी, वजन, ऑक्सीजन लेवल, हार्डबीट आदि जांच के अलावा, डॉ. कुमुद अग्रवाल के द्वारा चेकअप करते हुए स्वास्थ्य संबंधित परामर्श भी देंगे। आप समय पर शिविर में आकर अपना स्वास्थ चेकअप करा सकते हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड मैथिली मंच राँची के सदस्यों ने विद्यापति दलान हरमू से पैदल चलकर मेन रोड पहुंच कर वहाँ पर अवस्थित महाकवि विद्यापति के मूर्ति पर सामूहिक रूप से माल्यार्पण किया।
तदुपरांत विद्यापति दलान पर साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम तीन सत्र -उद्घाटन सत्र, साहित्यिक परिचर्चा एवं कवि गोष्ठी के रुप में हुआ।उद्घाटन सत्र का शुभारंभ विद्या नाथ झा विदित, डा.परवेज हसन,प्रमोद कुमार झा, अतिथियों एवं मंच के अध्यक्ष बिनय कुमार झा महासचिव जयंत कुमार झा ,अरूण कुमार झा द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलन एवं विद्यापति के चित्र पर पुष्पांजलि से हुआ।
साथ ही पंडित शतीस कुमार मिश्र ने मंगल मंत्र स्वस्ति वाचन तथा शंख ध्वनि से वातावरण को भक्तिमय कर दिया। पुनः मिथिला परंपरानुसार भगवती बंदना जय जय भैरवि असुर भयाउनि एवं राष्ट्रगान जन गण मन का सामूह गान हुआ। अतिथियों को पाग-दोपटा देकर स्वागत किया गया।
साथ ही अध्यक्ष बिनय कुमार झा ने अतिथियों उपस्थित समस्त लोगों का स्वागत किया। तदुपरांत उद्घाटनकर्ता डा.परवेज हसन ने मुख्य रूप से माता जानकी के शक्ति, शौर्य, धैर्य, शहनशीलता, अनुशासन एवं मर्यादित जीवन की चर्चा करते हुए अनेक अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला।
साहित्यिक परिचर्चा में बोकारो से आयी शैलजा झा ने नारी शक्ति पर केंद्रित अनेक जानकारी दी। बोकारो से ही आए शंभूनाथ झा ने मैथिली नाट्य कला पर प्रकाश डाला। प्रमोद कुमार झा ने माता सीता के सर्वगुण संपन्नता का जिक्र करते हुए अनेक चारित्रिक चमत्कारिक जानकारी साझा की। डा.नरेन्द्र झा ने अनेक उद्धरणों द्वारा माता सीता के अनेक रूप का अविश्वसनीय परंतु सच्ची बातों का जिक्र किया।
हितनाथ झा ने कालिदास हमरे गामक छला मिथिला के उच्चैठ आ उज्जैन के एतिहासिक संबंध में एवं मैथिली भाषा साहित्य तथा संस्कृति पर इतिहास पर आधारित ढ़ेरों प्रामाणिक तथ्यों का जिक्र करते हुए श्रोताओं को विस्तृत जानकारी दी अंत में विद्या नाथ झा विदित ने मिथिलाक सामाजिक, सांस्कृतिक, वैश्विक गरिमाक आधारशिला जानकी विषय पर केन्द्रित अपने उद्वोधन में धरती पर विष्णु प्रिय महीना बैशाख में माता जानकी का प्राकट्य होना अपने आप में आध्यात्मिक तथ्यों को प्रमाणित करता है।
विदेह राजा जनक की पुत्री के रूप में अवतरित होना महज संयोग नहीं अपितु अनेक पुराणों में बर्णित तथ्यों का अक्षरसः सत्यता को प्रतिपादित करता है। इसके साथ ही अनेकों प्रामाणिक तथ्यों का जिक्र करते हुए परिचर्चा को सार्थक कर दिया। त्रेतायुग में मिथिला भूमि पूण्य क्षेत्र के रूप में जाना जाता था ईसलिए ही माता जानकी ने अपने लिए मिथिला भूमि परज प्रकट हुई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आयीं डा.महुआ माजी ने अपने उद्वोधन में माता जानकी के शक्ति चरित्रों को स्मरण करते हुए कयी गूढ़ रहस्यों का जिक्र किया और कहा माता जानकी आज भी प्रासंगिक हैं अनुकरणीय हैं।आज युवती बहनें उनके आदर्शों पर चलेंगी तो समाज बदल जाएगा।
उन्होंने बंगला एवं मैथिली भाषा एवं संस्कृति की समानता का जिक्र करते हुए बतायीं कि महाकवि विद्यापति का छाप गुरु रविन्द्र नाथ टैगोर पर भी पड़ा है जो उनकी रचनाओं में साफ झलकता है। उन्होंने कहा कि जब जब राजनीति लड़खड़ाने लगती है तब तब साहित्यकार उन्हें थामने सामने आ जाते हैं।
मंच के संरक्षक अरूण कुमार झा के आग्रह पर साहित्य अकादमी, ललित कला अकादमी तथा संगीत एवं नाट्य कला अकादमी के गठन हेतु झारखंड सरकार से कैबिनेट में पारित हो चुका है। सुस्वादु भोजनोपरांत कवि गोष्ठी आरंभ हुआ जिसकी अध्यक्षता सिया राम झा सरस एवं मंच संचालन बदरीनाथ झा ने की।
नन्द किशोर महतो ने अतिथियों का स्वगात किया। गोष्ठी की शुरुआत अंजू झा ने नारी समर्पण के प्रति मूर्ति एवं चुल्हा के हुई। युवा कवि प्रणव प्रियदर्शी ने गांव ओर शहर वास्तविक स्थिति को दर्शाते कविता प्रस्तुत कर बाहबाही लूट लिया। डा. आकांक्षा चौधरी नेनपन सीता के शिव के पिनाक उठौवति --मधु रानी ने एक सुंदर कबिता सुनाई। जयंती मिश्र ने कविता में जीवन दर्शन प्रस्तुति तथा आधुनिक वैश्विक स्थिति का सटीक चित्रण देखा गया एवं वसंत ऋतु का सुंदर वर्णन किया।
रेनू झा पति वियोग पर गेय गीत पूनम बर्मा ने ककर दोष कविता इतिहास को दर्शाते सरोज झा झारखंडी ने कविता में मिथिला दर्शन करा दिया।हिन्दी के जाने-माने कवि गीतकार कुमार विजयेंद्र ने गजल आसमानो पै सितारों के कयी ठिकाने निकले, हर सांस परेशान है लेकिन कभी कभी आंखों में आसमान है लेकिन कभी कभी--भोजपुरी कविता ओकरा अंखिया में सपना हिलोर मारेला --तबे सुगवा पिंजरवा प ठोर मारेला पटना चेतना समिति से पधारे उमेश मिश्र ने मैथिली हो जन जन की भाषा--आदि कविता मनमोह लिया। कविता झा ने आउ बैसू हमरा लग सुंदर कविता पाठ की।
रुणा रश्मि ने समसामयिक कविता युद्धक विभीषिका ने वैश्विक स्थिति का सटीक चित्रण जम्मू से आए राष्ट्रीय स्तर के कवि कमलेश भट्ट ने गजल सभी का प्यार पाना चाहती है -- मैं हिन्दू हूं मैं मुस्लिम हूं --सहित कुछ गजल प्रस्तुत कर श्रोताओं का दिल जीत लिया। शैलजा झा ने स्त्री धन एवंथ विद्रोह करब स्वभाव नहि मधुबनी से आए महान कवि आनंद मोहन झा ने कहवाक लूरि चाही, सभ उंच नीच चेखि क कहवाक लूरि चाही --बेहाल जनता नेहाल सत्ता ई लोक तंत्रक हाल देखू आत्मेश्वर झा हमर गाम कविता जैसे वर्तमान ग्रामीण परिवेश को जीवंत कर दिया।
दिवाकर झा ने चलू गाम मे घर बनाबी गांव में घर निर्माण की प्रक्रिया कविता में सराहनीय रहा। ककरो कनमा ककरो पौआ ककरो भेटय सेरक सेर आदि समसामयिक समस्या मूलक वर्तमान राजनीति पर चोट करती कविता से लोग बाग हो गये। कौशल किशोर झा ने सुंदर कविता डा.कृष्ण मोहन झा गेय गीत माता सीता को समर्पित कविता से श्रोताओं का मन मोह लिया।
अध्यक्ष सिया राम झा सरस ने सरस गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को झूमने पर विवश कर दिया।प्रेम चन्द्र झा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
11एवं 12अप्रैल को हरमू मैदान में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम में समस्त समाज से सपरिवार भाग लेने का आग्रह के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड मैथिली मंच राँची के सदस्यों ने विद्यापति दलान हरमू से पैदल चलकर मेन रोड पहुंच कर वहाँ पर अवस्थित महाकवि विद्यापति के मूर्ति पर सामूहिक रूप से माल्यार्पण किया।
तदुपरांत विद्यापति दलान पर साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम तीन सत्र -उद्घाटन सत्र, साहित्यिक परिचर्चा एवं कवि गोष्ठी के रुप में हुआ।उद्घाटन सत्र का शुभारंभ विद्या नाथ झा विदित, डा.परवेज हसन,प्रमोद कुमार झा, अतिथियों एवं मंच के अध्यक्ष बिनय कुमार झा महासचिव जयंत कुमार झा ,अरूण कुमार झा द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलन एवं विद्यापति के चित्र पर पुष्पांजलि से हुआ।
साथ ही पंडित शतीस कुमार मिश्र ने मंगल मंत्र स्वस्ति वाचन तथा शंख ध्वनि से वातावरण को भक्तिमय कर दिया। पुनः मिथिला परंपरानुसार भगवती बंदना जय जय भैरवि असुर भयाउनि एवं राष्ट्रगान जन गण मन का सामूह गान हुआ। अतिथियों को पाग-दोपटा देकर स्वागत किया गया।
साथ ही अध्यक्ष बिनय कुमार झा ने अतिथियों उपस्थित समस्त लोगों का स्वागत किया। तदुपरांत उद्घाटनकर्ता डा.परवेज हसन ने मुख्य रूप से माता जानकी के शक्ति, शौर्य, धैर्य, शहनशीलता, अनुशासन एवं मर्यादित जीवन की चर्चा करते हुए अनेक अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला।
साहित्यिक परिचर्चा में बोकारो से आयी शैलजा झा ने नारी शक्ति पर केंद्रित अनेक जानकारी दी। बोकारो से ही आए शंभूनाथ झा ने मैथिली नाट्य कला पर प्रकाश डाला। प्रमोद कुमार झा ने माता सीता के सर्वगुण संपन्नता का जिक्र करते हुए अनेक चारित्रिक चमत्कारिक जानकारी साझा की। डा.नरेन्द्र झा ने अनेक उद्धरणों द्वारा माता सीता के अनेक रूप का अविश्वसनीय परंतु सच्ची बातों का जिक्र किया।
हितनाथ झा ने कालिदास हमरे गामक छला मिथिला के उच्चैठ आ उज्जैन के एतिहासिक संबंध में एवं मैथिली भाषा साहित्य तथा संस्कृति पर इतिहास पर आधारित ढ़ेरों प्रामाणिक तथ्यों का जिक्र करते हुए श्रोताओं को विस्तृत जानकारी दी अंत में विद्या नाथ झा विदित ने मिथिलाक सामाजिक, सांस्कृतिक, वैश्विक गरिमाक आधारशिला जानकी विषय पर केन्द्रित अपने उद्वोधन में धरती पर विष्णु प्रिय महीना बैशाख में माता जानकी का प्राकट्य होना अपने आप में आध्यात्मिक तथ्यों को प्रमाणित करता है।
विदेह राजा जनक की पुत्री के रूप में अवतरित होना महज संयोग नहीं अपितु अनेक पुराणों में बर्णित तथ्यों का अक्षरसः सत्यता को प्रतिपादित करता है। इसके साथ ही अनेकों प्रामाणिक तथ्यों का जिक्र करते हुए परिचर्चा को सार्थक कर दिया। त्रेतायुग में मिथिला भूमि पूण्य क्षेत्र के रूप में जाना जाता था ईसलिए ही माता जानकी ने अपने लिए मिथिला भूमि परज प्रकट हुई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आयीं डा.महुआ माजी ने अपने उद्वोधन में माता जानकी के शक्ति चरित्रों को स्मरण करते हुए कयी गूढ़ रहस्यों का जिक्र किया और कहा माता जानकी आज भी प्रासंगिक हैं अनुकरणीय हैं।आज युवती बहनें उनके आदर्शों पर चलेंगी तो समाज बदल जाएगा।
उन्होंने बंगला एवं मैथिली भाषा एवं संस्कृति की समानता का जिक्र करते हुए बतायीं कि महाकवि विद्यापति का छाप गुरु रविन्द्र नाथ टैगोर पर भी पड़ा है जो उनकी रचनाओं में साफ झलकता है। उन्होंने कहा कि जब जब राजनीति लड़खड़ाने लगती है तब तब साहित्यकार उन्हें थामने सामने आ जाते हैं।
मंच के संरक्षक अरूण कुमार झा के आग्रह पर साहित्य अकादमी, ललित कला अकादमी तथा संगीत एवं नाट्य कला अकादमी के गठन हेतु झारखंड सरकार से कैबिनेट में पारित हो चुका है। सुस्वादु भोजनोपरांत कवि गोष्ठी आरंभ हुआ जिसकी अध्यक्षता सिया राम झा सरस एवं मंच संचालन बदरीनाथ झा ने की।
नन्द किशोर महतो ने अतिथियों का स्वगात किया। गोष्ठी की शुरुआत अंजू झा ने नारी समर्पण के प्रति मूर्ति एवं चुल्हा के हुई। युवा कवि प्रणव प्रियदर्शी ने गांव ओर शहर वास्तविक स्थिति को दर्शाते कविता प्रस्तुत कर बाहबाही लूट लिया। डा. आकांक्षा चौधरी नेनपन सीता के शिव के पिनाक उठौवति --मधु रानी ने एक सुंदर कबिता सुनाई। जयंती मिश्र ने कविता में जीवन दर्शन प्रस्तुति तथा आधुनिक वैश्विक स्थिति का सटीक चित्रण देखा गया एवं वसंत ऋतु का सुंदर वर्णन किया।
रेनू झा पति वियोग पर गेय गीत पूनम बर्मा ने ककर दोष कविता इतिहास को दर्शाते सरोज झा झारखंडी ने कविता में मिथिला दर्शन करा दिया।हिन्दी के जाने-माने कवि गीतकार कुमार विजयेंद्र ने गजल आसमानो पै सितारों के कयी ठिकाने निकले, हर सांस परेशान है लेकिन कभी कभी आंखों में आसमान है लेकिन कभी कभी--भोजपुरी कविता ओकरा अंखिया में सपना हिलोर मारेला --तबे सुगवा पिंजरवा प ठोर मारेला पटना चेतना समिति से पधारे उमेश मिश्र ने मैथिली हो जन जन की भाषा--आदि कविता मनमोह लिया। कविता झा ने आउ बैसू हमरा लग सुंदर कविता पाठ की।
रुणा रश्मि ने समसामयिक कविता युद्धक विभीषिका ने वैश्विक स्थिति का सटीक चित्रण जम्मू से आए राष्ट्रीय स्तर के कवि कमलेश भट्ट ने गजल सभी का प्यार पाना चाहती है -- मैं हिन्दू हूं मैं मुस्लिम हूं --सहित कुछ गजल प्रस्तुत कर श्रोताओं का दिल जीत लिया। शैलजा झा ने स्त्री धन एवंथ विद्रोह करब स्वभाव नहि मधुबनी से आए महान कवि आनंद मोहन झा ने कहवाक लूरि चाही, सभ उंच नीच चेखि क कहवाक लूरि चाही --बेहाल जनता नेहाल सत्ता ई लोक तंत्रक हाल देखू आत्मेश्वर झा हमर गाम कविता जैसे वर्तमान ग्रामीण परिवेश को जीवंत कर दिया।
दिवाकर झा ने चलू गाम मे घर बनाबी गांव में घर निर्माण की प्रक्रिया कविता में सराहनीय रहा। ककरो कनमा ककरो पौआ ककरो भेटय सेरक सेर आदि समसामयिक समस्या मूलक वर्तमान राजनीति पर चोट करती कविता से लोग बाग हो गये। कौशल किशोर झा ने सुंदर कविता डा.कृष्ण मोहन झा गेय गीत माता सीता को समर्पित कविता से श्रोताओं का मन मोह लिया।
अध्यक्ष सिया राम झा सरस ने सरस गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को झूमने पर विवश कर दिया।प्रेम चन्द्र झा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
11एवं 12अप्रैल को हरमू मैदान में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम में समस्त समाज से सपरिवार भाग लेने का आग्रह के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। आज दिनांक 10/4/26 को वार्ड संख्या 1 में भव्य सामूहिक विवाह भवन बनाने की माँग को लेकर छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष सोनू शर्मा ने धनबाद नगर निगम के माननीय महापौर को दिया गया माँग पत्र।
सोनू शर्मा ने कहा कि धनबाद बाबू डीह में निर्मित विवाह भवन की तर्ज पर वार्ड 1 में विवाह भवन बनने से वार्ड 1 से वार्ड 5 की जनता को सीधा लाभ मिलेगा।
माननीय महापौर संजीव सिंह ने अस्वस्त किया धनबाद नगर निगम की जनता का सदेव ऋणी रहूँगा उनकी सेवा निरंतर जारी रहेगी साथ में कुलदीप सिंह, अजय सिंह, मो मिराज, संजीव पांडे आदि उपस्थित थे।
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