एबीएन न्यूज नेटवर्क, हजारीबाग। जिले के बरही में भी ईरान एवं अमेरिका इजरायल युद्ध का प्रभाव अब देखने को मिल रही है। बरही एवं आसपास में कॉमर्शियल गैस की सप्लाई पूरी तरह बंद हो गया है। जिसके कारण बरही औद्योगिक प्रक्षेत्र में संचालित एक दर्जन से अधिक लौह इस्पात एवं अन्य फैक्ट्रियां बंद होने के कगार पर है। जिसका प्रतिकूल प्रभाव रोजगार, उत्पादन तथा कंस्ट्रक्शन पर पड़ सकता है।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बरही औद्योगिक प्रक्षेत्र में एक दर्जन से अधिक फैक्ट्रियां एवं अन्य संस्थान को संचालित करने में कमर्शियल गैस की जरूरत पड़ती है। लेकिन इसे नियमित संचालित करने के लिए जरूरी कमर्शियल गैस की सप्लाई नहीं हो रही है। जिससे काफी परेशानी हो रही है।
यदि सप्लाई अविलंब चालू नहीं होता है तो कभी भी रोजगार देने वाली फैक्ट्रियां बंद हो जायेगी। जिसका सीधा प्रभाव उत्पादन रोजगार एवं राजस्व पर पड़ेगा। बरही औद्योगिक प्रक्षेत्र में संचालित फैक्ट्रियों से संबंध संगठन मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पीके गर्ग ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से कॉमर्शियल गैस की सप्लाई बंद कर दी गयी है। जबकि फैक्ट्री संचालन में कॉमर्शियल गैस की जरूरत होती है।
यदि अविलंब सप्लाई शुरू नहीं की गयी तो हमलोगों को फैक्ट्रियों को बंद करना पड़ेगा। वहीं फैक्ट्री संचालक रवि गारोडीया ने बताया कि ईरान अमेरिका इजरायल युद्ध के कारण कमर्शियल गैस की सप्लाई बंद कर दिया गया है। जिसके वजह से फैक्ट्री का कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। यदि कॉमर्शियल गैस के कारण फैक्ट्री संचालन में परेशानी या बंद करनी पड़ी तो यह सरकार के लिए अच्छी बात नहीं होगी। फैक्ट्री बंद होने से रोजगार प्रभावित होगी, दाम बढ़ेंगे। कई परेशानियां आयेंगी। इसलिए पंजीकृत सभी फैक्ट्री के लिए अविलंब कमर्शियल गैस की सप्लाई शुरू करनी चाहिए।
बरही में तिरुपति भारत गैस वितरक के संचालक उमेश ठाकुर ने बताया कि ईरान एवं अमेरिका इजरायल युद्ध के कारण पूरी तरह से कमर्शियल आपूर्ति बंद कर दी गयी है। इस वजह से फैक्ट्रियों में भी कमर्शियल गैस की सप्लाई नहीं हो पा रही है। जैसे ही सप्लाई शुरू होगी। वैसे ही पूर्व की भांति सप्लाई शुरू कर दी जायेगी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गोड्डा। जिले से एक खौफनाक वारदात की खबर सामने आई है। यहां मंगलवार की सुबह जादू-टोने के शक में एक ही परिवार के तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया। इस तिहरे हत्याकांड के बाद से पूरे क्षेत्र में सनसनी और दहशत का माहौल है। मिली जानकारी के अनुसार, गोड्डा जिले के देवदांड में मंगलवार तड़के खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया है। मृतकों की पहचान दरबारी मुर्मू, जीतराम मुर्मू और मकु बासकी के रुप में हुई हैं।
आरोप है कि गांव के ही कुछ लोगों को इस परिवार पर लंबे समय से जादू-टोना करने का संदेह था। इसी सनक में हमलावरों ने धारदार हथियारों के साथ पीड़ित के घर पर धावा बोल दिया। हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दिये। परिवार के तीनों सदस्यों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गये। घटना के बाद ग्रामीणों के बीच अफरा-तफरी मच गयी। सूचना मिलते ही देवदाद थाना पुलिस दलबल के साथ घटना स्थल पर पहुंची। पुलिस ने खून से लथपथ तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया और फॉरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाये जा रहे हैं। पुलिस ने गांव के कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस घटना की गंभीरता से जांच कर रही है।
टीम एबीएन, रांची। रांची की पॉश कॉलोनियों में शामिल पुंदाग ओपी क्षेत्र स्थित सेल सिटी मंगलवार की दोपहर अचानक हुए जोरदार धमाके से दहल उठी। ब्लॉक ए-1 के एक फ्लैट में रसोई गैस सिलेंडर फटने से तेज धमाका हुआ, जिसकी गूंज पूरी सोसाइटी में सुनाई दी। धमाके के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकलकर इधर-उधर भागने लगे।
बताया जा रहा है कि घटना दोपहर के समय हुई, जब पहली मंजिल पर स्थित फ्लैट में अचानक सिलेंडर ब्लास्ट हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के फ्लैट्स की खिड़कियां और दरवाजे तक हिल गये। कुछ देर के लिए लोग समझ ही नहीं पाए कि आखिर हुआ क्या है।
ब्लास्ट के तुरंत बाद फ्लैट से आग की ऊंची-ऊंची लपटें निकलने लगीं और कुछ ही मिनटों में पूरा घर आग की चपेट में आ गया। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि आग और धुएं का गुबार काफी भयावह था। जिससे आसपास के लोग दहशत में आ गये।
धमाके की आवाज सुनते ही सोसाइटी के सुरक्षाकर्मी और निवासी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने की कोशिश की। कई लोगों ने अपने स्तर से आग बुझाने का प्रयास भी किया, लेकिन लपटों की तीव्रता के कारण वे सफल नहीं हो सके।
टीम एबीएन, रांची। राज्य में चल रहा बजट सत्र अपने समापन की ओर है। इस दौरान डुमरी के विधायक जयराम कुमार महतो ने सदन में स्थानीयता, भू-संरक्षण, जाति सूचीबद्धता एवं रोजगार जैसे महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। इसके साथ ही उन्होंने बढ़ती अफसरशाही और प्रशासनिक मनमानी के खिलाफ भी आवाज बुलंद की।
इसी क्रम में विधायक श्री महतो ने ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका सिंह पांडे को पत्र लिखकर धनबाद मनरेगा संविदा नियुक्ति प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है। अपने पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि स्वीकृत अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव करते हुए दक्षता-परीक्षा में समान अवसर प्रदान नहीं किया गया, जो कि न्यायसंगत चयन प्रक्रिया के विरुद्ध है।
मौके पर मौजूद उनके संगठन के वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने जानकारी देते हुए बताया कि अभ्यर्थियों द्वारा पूर्व में दर्ज की गई आधिकारिक आपत्तियों के साथ कई बार उपायुक्त एवं उप विकास आयुक्त के समक्ष अपने तथ्यों प्रस्तुत की गयी थीं।
इसके अतिरिक्त विभागीय कार्यालय द्वारा जारी सकारात्मक विशेष सुझाव-पत्र भी उपायुक्त, धनबाद को भेजा गया था। इसके बावजूद अनदेखी करते हुए मनमाने तरीके से नियुक्ति परीक्षा आयोजित करा ली गयी।
उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण से छात्रों एवं अभिभावकों में गहरी नाराजगी व्याप्त है तथा वे निष्पक्ष जांच और न्यायसंगत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पत्र प्राप्ति के उपरांत विभागीय मंत्री ने अफसर शाही के खिलाफ रोष व्यक्त किया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। केंद्रीय बजट सत्र के दौरान लोकसभा में रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों (डिमांड फोर ग्रांट) पर हुई चर्चा में लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने कांग्रेस की ओर से भाग लेते हुए केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय पर जमकर हमला बोला।
उन्होंने झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए गुमला में नयी रेलवे लाइन के निर्माण की जोरदार मांग उठायी। संसद में अपने संबोधन के दौरान भगत ने कहा कि झारखंड, खासकर गुमला जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र को अब तक रेलवे कनेक्टिविटी से वंचित रखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने याद दिलाया कि गुमला, 1971 के भारत-पाक युद्ध के परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक्का की जन्मस्थली है, फिर भी यह जिला आज तक रेलवे नेटवर्क से नहीं जुड़ पाया है। भगत ने गुमला की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए अंजनी धाम (भगवान हनुमान का जन्मस्थल), टांगीनाथ धाम (भगवान शिव का प्राचीन धाम) और आदिवासियों के महत्वपूर्ण सिरसीता नाले जैसे आस्था के केंद्र स्थलों का जिक्र किया।
साथ ही उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र बॉक्साइट जैसे खनिज संसाधनों से भरपूर है, लेकिन आधारभूत ढांचे के अभाव में विकास बाधित है। रेल बजट पर कटाक्ष करते हुए सांसद ने केंद्र सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा कि सरकार ने रेलवे में बड़ा बजट आवंटित किया है, लेकिन हालत ऐसी है जैसे दुकान में बिक्री तो बहुत हो, मगर मालिक के पास बचत शून्य हो।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार की सुपरफास्ट एक्सप्रेस में घोषणाएं तेज दौड़ रही हैं, लेकिन ट्रेन अभी भी प्लेटफॉर्म पर खड़ी है। सुखदेव भगत ने रेल मंत्री से मांग की कि गुमला में नई रेलवे लाइन के निर्माण को प्राथमिकता दी जाए, ताकि क्षेत्र का समग्र विकास हो सके और पर्यटन, रोजगार तथा व्यापार को बढ़ावा मिले।
इसके अलावा उन्होंने आम यात्रियों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि छात्रों, खिलाड़ियों और वरिष्ठ नागरिकों को रेल यात्रा में दी जाने वाली छूट को फिर से लागू या सुदृढ़ किया जाना चाहिए, जिससे आम जनता को राहत मिल सके। सांसद के इस आक्रामक और तथ्यपूर्ण वक्तव्य ने संसद में झारखंड के विकास और उपेक्षा के मुद्दे को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।
टीम एबीएन, रांची। असम में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी ने चुनाव में सक्रिय भागीदारी का फैसला करते हुए प्रचार अभियान को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। हालांकि पार्टी असम में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, इस संबंध में अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
झामुमो ने सोमवार को असम विधानसभा चुनाव के लिए 20 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है। इस सूची में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन को प्रमुख रूप से शामिल किया गया है।
दोनों नेता असम के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार का नेतृत्व करेंगे और पार्टी की नीतियों तथा कार्यक्रमों को जनता तक पहुंचाएंगे। पार्टी के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि स्टार प्रचारकों की सूची में कई वरिष्ठ नेता और विधायक भी शामिल किए गए हैं।
इनमें डॉ. सरफराज अहमद, जोबा माझी, अभिषेक प्रसाद, पंकज मिश्रा, दीपक बिरुवा, चमरा लिंडा, योगेंद्र प्रसाद, विजय हांसदा, डॉ. महुआ माजी, हफीजुल हसन, सुखराम उरांव, भूषण तिर्की, जिगा सुशरण होरो, विकास मुंडा, एम.टी. राजा, आलोक सोरेन और डॉ. लुईस मरांडी जैसे नेता शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ये सभी स्टार प्रचारक केंद्रीय नेतृत्व के साथ मिलकर असम के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार करेंगे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। जिले में एक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से दो लड़कों की मौत हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह घटना शनिवार शाम सुंदरनगर थाना क्षेत्र के कुदादा इलाके में घटी।
सुंदरनगर थाना प्रभारी अजीत मुंडा ने बताया कि मृतकों की पहचान दुर्गा हेमब्रम और मार्शल सोरेन के रूप में हुई है, जिनकी आयु 13-14 वर्ष के बीच थी। खबरों के मुताबिक, गुस्साए स्थानीय लोगों ने ट्रक में तोड़फोड़ की और चालक को बंधक बना लिया, जिसे रविवार सुबह पुलिस के हस्तक्षेप के बाद छोड़ा गया।
लोगों ने मृतकों के परिजनों के लिए उचित मुआवजे की मांग को लेकर सड़क अवरुद्ध कर दी जिससे कुदादा में यातायात प्रभावित हुआ। अधिकारी ने बताया कि मुआवजे पर चर्चा के बाद रविवार को पूर्वाह्न करीब 11.30 बजे लोग सड़क से हट गये।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। आगामी असम विधानसभा चुनाव को लेकर ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी (एआईसीसी) ने अपनी चुनावी रणनीति तेज कर दी है। इसी कड़ी में झारखंड के लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र से सांसद सुखदेव भगत को असम में कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में व्यापक प्रचार अभियान चलाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कांग्रेस नेतृत्व का यह फैसला सांसद सुखदेव भगत के नेतृत्व कौशल, संगठनात्मक अनुभव और पार्टी के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव का लाभ असम में पार्टी को चुनावी मैदान में मिलेगा और कार्यकर्ताओं के बीच नई ऊर्जा का संचार होगा। गौरतलब है कि सांसद सुखदेव भगत को इससे पहले भी कई अहम संगठनात्मक जिम्मेदारियां दी जा चुकी हैं।
उन्हें कांग्रेस पार्लियामेंटरी पार्टी (सीपीपी) की ओर से पांच राज्यों की राज्य कमेटी का संयोजक बनाया गया था। इसके अलावा संगठन सृजन अभियान के तहत पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश का राष्ट्रीय ऑब्जर्वर भी नियुक्त किया था।इन सभी जिम्मेदारियों को उन्होंने सफलतापूर्वक निभाते हुए संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभायी।
वर्तमान में भी सांसद भगत झारखंड में कांग्रेस के मीडिया और सोशल मीडिया गतिविधियों के ऑब्जर्वर के रूप में सक्रिय हैं और पार्टी की रणनीति को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में लगे हुए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि असम विधानसभा चुनाव में सुखदेव भगत को कांग्रेस के प्रचार अभियान की जिम्मेदारी सौंपना से न केवल चुनावी अभियान को धार मिलेगी बल्कि संगठनात्मक स्तर पर भी कांग्रेस को मजबूती मिल सकती है।
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