टीम एबीएन, झुमरी तिलैया। कोडरमा जिला क्रिकेट एसोसिएशन के तत्वाधान में खेले जा रहे जगदीश यादव मेमोरियल इंटर स्कूल क्रिकेट टूर्नामेंट में गुरुवार को चंदवारा स्थित पुलिस लाइन मैदान में सेक्रेड हार्ट स्कूल और कौंडिण्या पब्लिक स्कूल के बीच मैच खेला गया। सेक्रेड हार्ट स्कूल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 38.5 ओवर में 10 विकेट खोकर 399 रन का विशाल स्कोर बनाए। जिसमें प्रियेश ने 134 रन, अमन ने 70 रन और सागर कुमार 29 रनो का योगदान दिया।
गेंदबाजी करते हुए कौंडिण्य पब्लिक स्कूल की ओर से सागर कुमार 3, अनमोल गौतम 2 और फरहान कुरैशी ने 2 विकेट लिये। बाद में बल्लेबाजी करने उतरी कौंडिन्या पब्लिक स्कूल की टीम 11.2ओवर में 43 रन बनाकर ढेर हो गई। कौंडिण्या की ओर से फरहान कुरैशी ने 10 रन का योगदान दिया। गेंदबाजी करते हुए सैक्रेड हार्ट स्कूल की ओर से विपिन ने 8 और शौकत अली ने 2 विकेट चटकाए। मैन आफ द मैच सैक्रेड हार्ट स्कूल के बिपिन कुमार को कोडरमा डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारी राकेश पांडेय और आलोक पांडेय ने संयुक्त रूप से दिया।
मैच में अंपायर आभास मुखर्जी और आशीष यादव और स्कोरर रवि यादव थे। मौके पर केडीसीए के सचिव दिनेश सिंह, आलोक पांडे, कोडरमा कबड्डी संघ के सचिव धर्मेंद्र सिंह, सुमन कुमार, स्कूल टूनार्मेंट के चेयरमैन सुरेंद्र प्रसाद, कुंदन राणा, रवि यादव, टाटा टिस्कन के विशाल यादव, टाटा मोटर्स के अविनाश कुमार, घड़ी डिटर्जेंट के मोहम्मद इदरीश सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद थे।
टीम एबीएन, कोडरमा। राम लखन सिंह यादव इंटर कॉलेज के प्रतिनिधिमंडल में गुरुवार को कोडरमा उपायुक्त आदित्य रंजन को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है कि राम लखन सिंह यादव कॉलेज में मैट्रिक और इंटर परीक्षा का सेंटर तो बनाया गया है, किंतु केंद्राधीक्षक के रूप में सीएचएस स्कूल के शिक्षक को बनाया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि या तो केंद्रधीक्षक राम लखन सिंह यादव कॉलेज के प्राचार्य को बनाया जाए या नहीं तो सेंटर कैंसिल कर दिया जाए। बता दें कि जैक बोर्ड द्वारा आयोजित मैट्रिक और इंटर की परीक्षा को लेकर राम लखन सिंह यादव इंटर कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, किंतु सेंटर सुपरिटेंडेंट सी एच प्लस टू हाई स्कूल के प्राचार्य को बनाया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि शुरू से ही यहां सेंटर रहा है और केंद्राधीक्षक के रूप में भी यहीं के शिक्षक रहे हैं। इससे परीक्षा के सफल संचालन में आसानी होती है।
प्रतिनिधिमंडल में प्राचार्य डॉ जितेंद्र बहादुर, उप प्राचार्य प्रोफेसर कमलेश कुमार कमल, प्रोफेसर आरके गुप्ता, डॉ.प्यारे लाल यादव और प्रोफेसर चंदन सिंह के नाम शामिल हैं। जबकि ज्ञापन में उषा, अभिषेक रंजन, विजय कुमार यादव, ललन कुमार यादव, रामचंद्र यादव, बालेश्वर महतो, कमलेश्वर प्रसाद यादव, रामेश्वर यादव, राजेश कुमार यादव और विशेश्वर यादव के भी हस्ताक्षर हैं।
टीम एबीएन, कोडरमा। सिविल सर्जन कार्यालय, सभागार में जिला में कार्यरत चिकित्सा पदाधिकारियों को इ-संजीवनी (टेलीमेडिसिन) से संबंधित एक दिवसीय प्रशिक्षण सिविल सर्जन, कोडरमा डॉ अनिल कुमार के अध्यक्षता में संपन्न हुआ। जिसमें टेलीमेडिसिन के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की गई।
वहीं सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण सुदूरवर्ती क्षेत्र में रह रहे लोगों को टेलिकंसल्टेशन के माध्यम से बेहतर चिकित्सकीय स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध कराना, जिससे ग्रामीण अपने निकटवर्ती स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जिला एवं फकटर, अककटर के चिकित्सकों से मुफ्त उपचार का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने सभी चिकित्सकों को निर्देशित किया कि वे अपने रोस्टर के अनुसार आनलाइन हो कर अधिक से अधिक लोगों का उपचार करें।
वहीं जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी सह एनसीडी सेल के नोडल पदाधिकारी डॉ रमण कुमार नें कहा कि यह उतना ही प्रभावी है जितना एक टेलीफोन के जरिये चिकित्सा संबंधी किसी समस्या पर रोगी और स्वास्थ्य विशेषज्ञ आपस में बात करते हैं, साथ ही उन्होंने कहा कि ई-संजीवनी ओपीडी की संख्या को अधिक से अधिक बढ़ाने को कहा।
वहीं प्रशिक्षक के रूप में राज्य से आये टीम ने ई-संजीवनी के संदर्भ में विस्तृत जानकरी साझा करते हुये टेलिकंसल्टेशन की पुरी प्रक्रिया को लाइव टेलिकंसल्टेशन करके दिखाया गया। मौके पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक एवं जिला कार्यक्रम सहायक के द्वारा सभी चिकित्सकों से आग्रह किया गया कि सभी आॅनलाइन हो कर टेलिकंसल्टेशन करें जिसकी सप्ताहिक समीक्षा जिला नोडल आॅफिसर से की जायेगी।
कार्यक्रम के प्रशिक्षक शिव शंकर कुमार, अशोक तिग्गा के साथ ही डॉक्टर सुनील कुमार यादव, डॉक्टर नीरज कुमार साह, डॉक्टर कुलदीप कुमार, डॉ अनुज कुमार सिन्हा, डॉ सुनील कुमार, डॉ मयूरी सिन्हा, डॉ सत्यनारायण भगत, डॉ प्रशांत उपाध्याय, डॉ सौरभ रविकांत सिंह, डॉ आशीष राज, डॉ अजय कुमार रवि, डॉ विपिन कुमार, सत्येंद्र कुमार सिन्हा, अशोक कुमार यादव, डॉ राजेश कुमार दुबे एनसीडी कार्यालय के प्रदीप कुमार, दीपेश कुमार, सिद्धान्त ओहदार आदि उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। सीबीएसई द्वारा आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षा, सत्र 2022-23 को ध्यान में रखते हुए एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल पुंदाग में शिक्षक एवं अभिभावक संगोष्ठी हुई। जिसमें बच्चों के बेहतर परीक्षा परिणाम हेतु विषयवार विस्तृत रूप से चर्चा हुई। इस परिचर्चा में विज्ञान, वाणिज्य एवं कला संकाय शिक्षक, विद्यार्थियों के अभिभावक तथा प्राचार्य ने भाग लिया।
विषय शिक्षकों ने परीक्षा के मद्देनजर अभिभावकों को महत्वपूर्ण सुझाव दिये। विज्ञान संकाय शिक्षकों ने विद्यार्थियों को विषय की मूलभूत अवधारणा को समझकर अभ्यास करने पर बल दिया। वाणिज्य संकाय शिक्षकों ने पाठों को गहराई से समझकर अभ्यास करने की सलाह दी। कला संकाय शिक्षकों ने पाठों के गहन अध्ययन पर जोर दिया। सभी शिक्षकों ने समय प्रबंधन के साथ सैंपल पेपर्स से अभ्यास करने को उपयोगी बताया।
उन्होंने बच्चों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि वे हर प्रकार से बच्चों को मार्गदर्शन देते रहेंगे। बच्चे ईमानदारी से प्रयास करते रहें एवं कोई भी शंका हो तो शिक्षक से अवश्य सलाह लें। मौके पर विद्यालय के प्राचार्य ने अभिभावकों से बच्चों की हर तरह की गतिविधियो पर नजर रखने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने बच्चों के लिए पौष्टिक आहार, पर्याप्त नींद एवं उनके सम्यकआचरण हेतु नसीहत भी दिया।
उन्होंने कहा कि ये विद्यार्थी ही देश की वास्तविक धरोहर हैं, इन्हें विकास करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। शिक्षक तथा अभिभावक विद्यार्थियों तो तनाव मुक्त माहौल प्रदान करें तथा प्रोत्साहन देते रहें। विद्यालय की इस पहल को सभी अभिभावकों ने सराहनीय प्रयास बताया एवं खुले हृदय से प्रशंसा की। मौके पर विद्यालय के विज्ञान, वाणिज्य एवं कला संकाय सभी विषयों के शिक्षक उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। गुरुवार को सेवा भारती, रांची ने अनगड़ा प्रखंड के सुदूर ग्राम डुमर टोली, जिरकी, कोयनारडीह, जोन्हा में 150 कंबल वितरण किया। सेवा भारती के माध्यम से प्रति वर्ष ठंड से राहत के लिए अभावग्रस्त, वंचित, असहाय वृद्ध ग्रामीणों को कंबल प्रदान किया जाता है।
कंबल वितरण कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा भारती के गुरूशरण प्रसाद ने ग्रामीण बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि दुर्व्यसन जैसी आदतों को छोड़कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाना चाहिए। अपनी सनातन संस्कृति और सरना धर्म के संस्कार से जुड़े रहना है। किसी दूसरे मत, पंथ के बहकावे से सदैव दूर रहना है।
सेवा भारती हर दु:ख,तकलीफ में ग्रामीणों की सेवा में समर्पित हैं। ग्राम विकास को लेकर आगामी 29 जनवरी को सेवा भारती सेवा धाम, गुड़ीडीह में स्वास्थ्य शिविर,किसान मेला,दौड़ का आयोजन कर रही है। मौके पर समाजसेवी मिथिलेश पाण्डेय, शुभेंदु भट्ट, श्रद्धानंद पाठक, जितेन्द्र कुमार, जयमाला देवी आदि उपस्थित रहे।
टीम एबीएन, रांची। रांची जिला संतमत समिति के द्वारा आज महर्षि मेंही आश्रम में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया आगामी 21/ 22 जनवरी 2023 को रांची जिला संतमत समिति के तत्वावधान में 34 वार्षिक अधिवेशन महर्षि मेंही आश्रम चुटिया में आयोजित की गई है। इस वार्षिक अधिवेशन में भागलपुर कुप्पाघाट महर्षि मेंही आश्रम के पूज्य स्वामी प्रमोद जी महाराज, पूज्य स्वामी निर्मलानंद जी महाराज, पूज्य स्वामी विवेकानंद जी महाराज, पूज्य स्वामी परमानंद जी महाराज, एवं अन्य साधु महात्माओं का प्रवचन होगा। 21 तारीख को प्रात:कालीन स्तुति एवं ग्रंथ पाठ के साथ प्रारंभ होगा। दूसरी पाली में संध्या 3 बजे से भजन एवं महापुरुषों का प्रवचन संपन्न होगा।
पूज्य स्वामी निर्मल आनंद जी ने कहा कि संतमत सत्संग से यह बताया जाता है कि मनुष्य जीवन की सार्थकता भौतिकता में ही नहीं, अपितु आध्यात्मिकता को सफल बनाने से होता है। हमारे लिए सभी संत पूजनीय हैं। हमें उन के आदेश परिवेश में रहकर आपसी प्रेम एवं सौहार्द को बनाए रख समाज देश एवं जगत के कल्याण के लिए सदा प्रयत्नशील रहना चाहिए।
समिति के संरक्षक योगेंद्र प्रसाद पोद्दार ने संत सद्गुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज एवं महर्षि संत सेवी जी महाराज का संक्षिप्त परिचय कराया। बताया कि अधिवेशन की पूरी तैयारी कर ली गई है। उन्होंने रांची निवासियों से इस अधिवेशन में भाग लेने एवं साधु महात्माओं के अमृतमय प्रवचन का लाभ लेने की अपील की।
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में राज्य में संचालित जल जीवन मिशन (हर घर नल-जल योजना) एवं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के कार्य प्रगति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी उपस्थित रहे
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय स्थित सभागार में राज्य में संचालित जल जीवन मिशन (हर घर नल-जल योजना) एवं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के कार्य प्रगति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी उपस्थित रहे। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के गठन के पूर्व तक झारखंड में केवल 3.45 लाख (05%) घरों में नल से जल उपलब्ध हो पाया था। सरकार के पिछले 3 वर्षों में 14.12 लाख परिवारों को हर घर नल से जल के तहत आच्छादित किया जा चुका है। यानी अब तक लगभग राज्य के 17.57 लाख (28.73%) ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड राज्य के 630 गांव 105 ग्राम पंचायत तथा एक प्रखंड को शत-प्रतिशत हर घर नल से जल के साथ आच्छादित किया जा चुका है। झारखंड राज्य में सर्वाधिक सौर ऊर्जा आधारित जल प्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। विभाग द्वारा सौर ऊर्जा को जल प्रदाय योजना में प्रमुखता दी गई है जिससे राज्य को लगभग 500 से 600 करोड़ रुपये की बचत होगी एवं उसी प्रमाण में ऊर्जा संरक्षण भी किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग राज्य में जलवायु के अनुकूल जल के बुनियादी ढांचे को विकसित करने का प्रयास कर रही है इस संबंध में विभाग द्वारा कई योजनाएं एवं कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। ऐसे क्षेत्र जहां जल गुणवत्ता की समस्या सामने आई है उनके लिए भी रणनीतियां बनाकर उपयुक्त व्यवस्था की जा रही है।
कार्यशैली में बदलाव लाने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने बैठक में उपस्थित सभी वरीय अधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े विभिन्न जिलों के उपायुक्तों को जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में अभी आप सभी ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत जी के बातों को सुना है। उम्मीद करते हैं कि आप सभी इनके द्वारा प्वाइंट आउट किए गए मुद्दों पर हर हाल में सुधार लाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक परिवारों तक शुद्ध पेयजल उपलब्धता तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत (ओडीएफ) की परिकल्पना को हर हाल में पूरा करना है।
इन सभी कार्यों में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतनी है तथा निर्धारित समय से कार्यों को पूरा करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पदाधिकारी कार्यशैली में बदलाव लाते हुए जल जीवन मिशन के तहत (हर घर नल जल) योजना एवं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत (ओडीएफ) के तेज कार्यान्वयन के लिए केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर मिशन मोड में कार्यों को पूरा करें। बैठक में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत को आश्वस्त किया कि वर्ष 2024 तक हर हाल में जल जीवन मिशन के तहत (हर घर नल जल योजना) के कार्य को पूरा कर लिया जाएगा।
स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने सभी पदाधिकारियों से कहा कि प्रत्येक परिवार को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने अनुभवी पदाधिकारी और अनुभवी नेतृत्वकतार्ओं के बावजूद अगर हम लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं करा पा पाएं तो यह दुर्भाग्य की बात होगी। हम सभी लोग अपनी जिम्मेदारी को बखूबी समझें और जिम्मेदारी को पूरा भी करें। झारखंड में सभी को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी हमारी सरकार दे रही है। यहां के मजदूर, किसान, जरूरतमंद सहित सभी वर्गों को शुद्ध पेयजल के लिए कोई वित्तीय भार न उठाना पड़े का पूरा ख्याल रखा गया है। मुख्यमंत्री ने जिलों के उपायुक्तों से कहा कि सभी स्कूलों एवं सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर गुणवत्तापूर्ण पानी की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाएं। सभी स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर क्वालिटी वाटर की उपलब्धता रिपोर्ट जल्द राज्य सरकार को सौपें। मुख्यमंत्री ने बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत से सहयोग की अपेक्षा रखी। साथ ही मुख्यमंत्री ने टेंडर प्रीमियम के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।
जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फायदेमंद रहा
मौके पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने विभिन्न जिलों के उपायुक्तों से कहा कि जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की कार्य योजनाओं में तेजी लाएं। आपके प्रयास से दोनों कार्यक्रमों के मिशन को ससमय पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, पंचायती राज तथा ग्रामीण विकास विभाग समन्वय बनाकर कार्य करेंगे तो आंकड़ों में अवश्य सुधार दिखेगा। उन्होंने कहा कि राज्य के वैसे गांव जहां जल स्रोत नहीं है या शुद्ध जल स्रोत पर्याप्त नहीं है वैसे ग्रामीण क्षेत्रों को इन योजनाओं का लाभ दिया जाना सुनिश्चित करें। जल जीवन सर्वेक्षण भी इस कार्य में मददगार साबित होगा। राज्य के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध कराने के मुहिम में प्रयास को और तेज करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य के सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण पानी की सुविधा उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें। केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए आवश्यक वित्तीय सहयोग राज्यों को प्रदान किया जा रहा है। इन कार्यों के सुचारू संचालन के लिए झारखंड को भी धनराशि मिलती रहेगी। फंड की कोई कमी नही होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि तेज गति से प्रयास किए जाएं तो दिसंबर माह 2023 ओडीएफ लक्ष्य को पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश के सामान्य जीवन में परिवर्तन लाने के उद्देश्य से जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की शुरूआत हुई थी। ये दोनों योजनाएं आम जनता के लिए इतने फायदेमंद साबित होंगे इसका अंदाजा किसी को नहीं था।
शुद्ध जल एवं स्वच्छता प्रत्येक व्यक्ति के जीवन से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण पहलू
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने कहा कि शुद्ध जल एवं स्वच्छता प्रत्येक व्यक्ति के जीवन से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण पहलू है। शुद्ध जल एवं स्वच्छता से लोग बीमारियों से बच रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक बचत भी हो रही है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन में ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष बल दिया गया है और इस दिशा में मुख्य रूप से ध्यान केन्द्रित किया जाना चाहिए। मुझे पता है कि झारखंड में भौगोलिक चुनौतियां हैं परंतु इन चुनौतियों के बावजूद आपसी समन्वय बनाकर कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने राज्य सरकार द्वारा संचालित सोलर नीति की सराहना की।
कार्यक्रम में ये भी रहे उपस्थित
बैठक में राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री श्री मिथिलेश कुमार ठाकुर, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की सचिव श्रीमती विनी महाजन, मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव श्री एल० ख्यानगते, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, वित्त विभाग के प्रधान सचिव श्री अजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार चौबे, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव श्री मनीष रंजन, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार, महिला, बाल विकास विभाग के सचिव श्री कृपानंद झा सहित संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रामगढ़/ रांची। जोशीमठ में जो हालात हैं उसे देखकर सभी की रूंह कांप उठी है। वहां के रहने वाले लोगों के आशियाने उनसे छीन गए हैं। वहीं, झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू में जोशीमठ जैसे हालात पैदा होने की संभावना जताई जा रही है।
दरअसल, जोशीमठ में जो हुआ उसके बाद अब दुनिया भर में पहाड़ों पर किये गये निर्माण की नए सिरे से पड़ताल की जा रही है कि कहीं पहाड़ों की कठोरता और उनके स्वरूप में बदलाव तो नहीं आ रहा।
ऐसे में पतरातू की पड़ताल जरूरी है क्योंकि पतरातू घाटी के पहाड़ करोड़ों साल पुराने हैं और यह ग्रेनाइट चट्टानों से बने हैं, लेकिन समय के साथ ग्रेनाइट चट्टानों से बने यह पहाड़ मिट्टी में तब्दील होते जा रहे हैं। पतरातू घाटी के चट्टानों को करीब से देखने से ये मिट्टी में तब्दील होते हुए आसानी से दिखेंगे। हाथों से रगड़ने पर भी यह तेजी से गिरने लगते हैं। वहीं, इस सभी को देख पत्थरों को जाली में बांधकर लगा दिया गया है ताकि बारिश के दिनों में चट्टान गिरने की स्थिति में पत्थरों के बने यह बाड़े गिरते चट्टानों को रोक सकें।
पतरातु घाटी के पहाड़ करोड़ों साल पुराने हैं : पर्यावरण एक्सपर्ट नितीश प्रियदर्शी बताते हैं कि ग्रेनाइट चट्टानों से बने पतरातु घाटी के पहाड़ करोड़ों साल पुराने हैं और अब समय के साथ चट्टानों का अपरदन भी तेजी पर है। लिहाजा समय रहते इन पहाड़ों को बचाना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि पतरातू घाटी के नीचे नलकारी नदी के पास भूस्खलन के प्रमाण भी मिलते हैं।
पर्यावरणविद नितीश प्रियदर्शी की कहना है कि सिर्फ पतरातू घाटी ही नहीं बल्कि रांची का पहाड़ी मंदिर और आसपास जितनी भी पहाड़ियां हैं, उनपर निर्माण और मानव हस्तक्षेप बंद होना चाहिए, नहीं तो यह पहाड़ कभी भी बड़े खतरे का कारण बन सकते हैं।
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